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Friday, 25 April 2025

वलाई में जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल, ग्रामीणों की सुनी समस्याएं

                       

डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने गुरुवार को पंचायत समिति साबला की ग्राम पंचायत वलाई में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वलाई में आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिला कलेक्टर सिंह ने ग्रामीणों की एक-एक कर उनकी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार जल्द से जल्द उनका समाधान करने के निर्देश दिए। रात्रि चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री लाडो प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, एकल नारी पेंशन योजना और दिव्यांग पेंशन योजना प्रमुख थीं। कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, रसद विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने आमजन से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया और उन्हें भविष्य में लक्ष्य निर्धारित कर अध्ययन करने तथा अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

चौपाल में ग्रामीणों ने चारागाह भूमि बेचने, जल जीवन मिशन के तहत मानदेय न मिलने, राजस्व गांव बनाने, जमीन से अतिक्रमण हटाने, बेणेश्वर को ग्राम साकर खाईया ग्राम पंचायत वलाई में शामिल करने, ग्राम पंचायत वलाई में डूगरी फलां को आबादी क्षेत्र घोषित करवाने, आम रास्ते से अतिक्रमण हटवाने, श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटित करवाने, चारागाह सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल निर्माण करवाने, लाइट लगवाने, अमृत सरोवर तालाब बनवाने, सामुदायिक शौचालय बनवाने, ट्रांसफार्मर लगवाने, सिंचाई हेतु लिफ्ट लगवाने, सोलर एवं विद्युत लिफ्ट लगवाने, पेयजल के लिए हेडपंप लगवाने, सड़क निर्माण करवाने और घाणी मोड़ में पानी का बोरवेल लगवाने जैसी विभिन्न समस्याएं रखीं।

इस अवसर पर वलाई ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाडिया, उपखंड अधिकारी बाबूलाल जाट, टीएडी उपायुक्त डॉ सत्यप्रकाश कस्वा, तहसीलदार नारायण लाल, ग्राम विकास अधिकारी वालसिंह राणा सहित जिले के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/dungarpur-news/news-district-collector-night-chaupal-in-valai-listened-to-the-problems-of-the-villagers-news-hindi-1-717873-KKN.html

Wednesday, 23 April 2025

जिला कलेक्टर सिंह ने वणोरी चौपाल में सुनीं जन समस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

 

डूंगरपुर। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने मंगलवार को पंचायत समिति सागवाड़ा की ग्राम पंचायत वणोरी में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर ही संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को इन परिवेदनाओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने अपनी-अपनी समस्याओं को बारी-बारी से जिला कलेक्टर के समक्ष रखा। जिला कलेक्टर सिंह ने प्रत्येक परिवादी की बात को तसल्ली से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्राम पंचायत और जिला स्तर पर संभव समस्याओं का तत्काल समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं, उच्च स्तर पर निस्तारित होने वाली परिवेदनाओं पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। चौपाल में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही प्राप्त परिवेदनाओं के निस्तारण से संबंधित अद्यतन जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी, जिससे ग्रामीण इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। रात्रि चौपाल में जिला कलेक्टर सिंह ने गर्मी के मौसम में सुचारू विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों पर तुरंत प्रतिक्रिया दें, फोन उठाएं और समस्या के कारण तथा उसके समाधान की संभावित समय-सीमा की जानकारी शिकायतकर्ता को अवश्य दें। उन्होंने गर्भवती और धात्री महिलाओं में खून की कमी की समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एनीमिया मुक्ति अभियान की जानकारी दी और सभी से जागरूक होकर इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने रास्ता खोलो अभियान, शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का अभिनंदन कर उनका हौसला बढ़ाया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश धाकड़ ने रात्रि चौपाल के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डाला। चौपाल में अतिरिक्त जिला कलेक्टर दिनेश धाकड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, उपखंड अधिकारी सागवाड़ा बाबूलाल जाट, तहसीलदार गोगाराम, सरपंच वंदना माल, उपाधीक्षक रूपसिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

चौपाल में चारागाह भूमि पर वर्षों से बने मकानों को आबादी में परिवर्तित कर पट्टे जारी करने, पटवार मंडल ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थापित करने, जल जीवन मिशन योजना के तहत हडमाला को लाभान्वित करने, हडमाला से कॉलोनी और वाडियों के डूंगरा सागवाड़ा जाने वाले रास्ते का सीसी सड़क निर्माण, हडमाला से हाउसिंग बोर्ड और लिंबाडिया फलां तक सीसी सड़क निर्माण, हडमाला से जावरा फला होते हुए नाहरपुरा मोड गौरेश्वर में रोड तक सीसी सड़क निर्माण, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोधपुर में नए कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और पुस्तकालय का निर्माण, शौचालय निर्माण, रेलवे में डीएलसी रेट उचित दर से दिलवाने, मुख्य सड़क पर पुल की चौड़ाई बढ़ाने और ट्रांसफार्मर बंटवारे जैसे विभिन्न मुद्दों पर ग्रामीणों ने अपनी परिवेदनाएं रखीं, जिन पर जिला कलक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/dungarpur-news/news-district-collector-singh-heard-public-problems-in-vanori-chaupal-gave-instructions-for-immediate-resolution-news-hindi-1-717378-KKN.html

Thursday, 2 January 2025

सीमलवाड़ा-चीखली औद्योगिक क्षेत्र के लिए चारागाह भूमि चुनी, सरकार ने मना कर दिया

दो साल पहले सरकार की घोषणा, लेकिन जमीन के पेंच से आदेश कागजों में दौड़ रहे

डूंगरपुर| जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उपखंड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाने की घोषणा 2022 में की गई थी। इनके लिए जमीन आवंटन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए चारागाह भूमि आवंटन पर रोक लगी हुई है। इस वजह से डूंगरपुर जिले में चार उपखंड मुख्यालय पर प्रस्तावित नए रीको की फाइल ही अटक गई है। जिले के सीमलवाड़ा व चीखली में चारागाह भूमि की फाइन जयपुर तक पहुंची है, लेकिन अब वहां से आगे नहीं बढ़ पाई है। गलियाकोट में जमीन नहीं मिल पाई है। साबला में भी मामला अटका हुआ है।

बिछीवाड़ा में पिछले 30 साल से जमीन का मुआवजा नहीं दे पाए इसलिए न तो उद्योग पनप रहे और न ही रोजगार के लिए कोई काम हो रहा है। सीमलवाड़ा की भादर ग्राम पंचायत में रीको के लिए 10 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई। यह जमीन चारागाह निकली। इस पर कलेक्टर के जरिए प्रस्ताव बना कर रेवन्यू बोर्ड में भेजा। चीखली की जमीन भी चारागाह निकली। जनहित में चारागाह भूमि रीको को आवंटित नहीं की जा सकती है। रीको को यदि औद्योगिक विकास के लिए जमीन की आवश्यकता हो तो कृषि भूमि को रीको ने सीमलवाड़ा समेत अन्य जगह के लिए रीको एरिया बनाने के लिए प्रस्ताव बना कर जयपुर भेज रखे हैं। पिछले एक साल से चारागाह भूमि में अटकने के बाद से नई जमीन तलाशने पर कोई काम ही नहीं हुआ है। लघु उद्योग भारती के चित्तौड़ प्रांत संयुक्त सचिव पवन जैन का कहना है कि रीको एरिया विकसित करने के लिए मिलकर प्रयास करना होगा, जनप्रतिनिधि और अधिकारी को रुचि लेनी होगी तो रीको एरिया विकसित होने की संभावना बढ़ जाएगी। जिले के पांच उपखंड कार्यालय में रीको एरिया बनाने के प्लान के तहत मात्र आसपुर उपखंड में ही जमीन मिल पाई है। वहां पर 24 करके हेक्टेयर जमीन को चिन्हित करके बाद अलग अलग साइन के तक 60 से अधिक भूखंड का अलॉटमेंट हो चुका है।

करीब 24 हैक्टेयर में इसकी पूरी प्लानिंग की गई। इसमें 250 स्क्वायर मीटर से लेकर अधिक के प्लाट है। इसमें लॉटरी के जरिये प्लाट निकाले गए। समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण यहां पर युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। हालांकि रामा आसपुर को लेकर अब रीको ने प्लाट की रजिस्ट्री कराना भी कर दिया है पर अभी तक कोई रोजगार नहीं खड़ा करा पाएगी वही लोगो अप्रोच रोड को लेकर मांग कर रहे है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/pasture-land-was-chosen-for-simalwara-chikhli-industrial-area-government-refused-134227350.html

Friday, 27 December 2024

चरागाह भूमि पर दबंगों का अतिक्रमण, नहीं हुई सुनवाई तो कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सुजातलाई में चरागाह भूमि पर दबंगों ने अतिक्रमण कर रखा है. मामले को लेकर आज ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात की और ज्ञापन भी सौंपा

राजस्थान के डूंगरपुर जिले की सुजातलाई पंचायत में दबंगों द्वारा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण से परेशान ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय से कोई सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने अतिक्रमण को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है.

सुजातलाई पंचायत के पूर्व सरपंच पूंजीलाल भगोरा के नेतृत्व में ग्रामीण आज कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस मौके पर पूर्व सरपंच पूंजीलाल ने बताया कि अतिक्रमी जीवा पुत्र श्रवण बंजारा द्वारा चारागाह और बिलानाम भूमि पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण किया किया जा रहा है, सूचना पर पटवारी ने भी नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए थे, जिसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है. पूर्व में भी ग्रामीणों ने कई बार अतिक्रमण हटाने ज्ञापन दिए हैं. 

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में नवीन ग्राम पंचायत सूजा तलाई बनी है. ग्राम पंचायत क्षेत्र में सीनियर स्कूल, सरकारी भवन बनाने भूमि नहीं है. ऐसे में चारागाह और बिलानाम भूमि को आरक्षित रखना बेहद जरूरी है, लेकिन पिछले तीन साल से अतिक्रमियों की बुरी नजर इस भूमि पर पड़ी है और अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है. अतिक्रमी द्वारा पक्का निर्माण के साथ साथ ट्यूबवेल भी खुदवा दिया है. पिछले तीन सालों से ग्रामीण इस अतिक्रमी से परेशान और बेबस नजर आ रहे हैं. ग्रामीणों ने पूर्व में कई बार अतिक्रमण हटाने ज्ञापन सौंपे, लेकिन महज खानापूर्ति कार्रवाई से लगातार अतिक्रमी के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं. ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है.

मूल ऑनलाइन लेख - https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/dungarpur/dungarpur-news-villagers-complained-to-the-collector-about-the-encroachment-of-bullies-on-pasture-land/2577437

Thursday, 26 December 2024

सुजातलाई में चरागाह भूमि पर दबंगों का अतिक्रमण: तहसील में सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत


चरागाह भूमि पर अतिक्रमण से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की है।

सीमलवाड़ा क्षेत्र के सुजातलाई पंचायत में दबंगों की ओर से चरागाह भूमि पर अतिक्रमण से परेशान ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में कोई सुनवाई नहीं होने पर कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई है।

सुजातलाई पंचायत के पूर्व सरपंच पूंजीलाल भगोरा के नेतृत्व में ग्रामीण गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। पूर्व सरपंच पूंजीलाल ने बताया कि अतिक्रमी जीवा पुत्र श्रवण बंजारा की ओर से चारागाह ओर बिलानाम भूमि पर अतिक्रमण कर पक्का निर्माण किया जा रहा है। सूचना पर पटवारी ने भी नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए थे, जिसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। पूर्व में भी ग्रामीणों ने कई बार अतिक्रमण हटाने ज्ञापन दिए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में नवीन ग्राम पंचायत सूजातलाई बनी है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में सीनियर स्कूल, सरकारी भवन बनाने के लिए भूमि नहीं है। ऐसे में चारागाह ओर बिलानाम भूमि को आरक्षित रखना बेहद जरूरी है, लेकिन पिछले 3 साल से अतिक्रमियों की बुरी नजर इस भूमि पर पड़ी है। अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। अतिक्रमी की ओर से पक्के निर्माण के साथ साथ ट्यूबवेल भी खुदवा दिया है।

तीन सालों से ग्रामीण इस अतिक्रमी से परेशान ओर बेबस नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में कई बार अतिक्रमण हटाने ज्ञापन सौंपे, लेकिन महज खानापूर्ति कार्रवाई से लगातार अतिक्रमी के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/encroachment-by-bullies-on-pasture-land-in-sujatlai-villagers-complain-to-collector-over-no-hearing-in-tehsil-134186953.html


Friday, 18 October 2024

अवैध खनन को लेकर 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज: लीज पर ली गई जमीन से क्वार्ट्ज पत्थर चुरा कर ले जाने का था मामला

आसपुर थाना क्षेत्र के भेवडी स्थित एक कंपनी की ओर से लीज पर ली गई जमीन से क्वार्ट्ज पत्थर चुरा कर ले जाने के आरोप में ग्राम पंचायत के सरपंच सहित पांच व्यक्तियों के खिलाफ गुरुवार को आसपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

थानाधिकारी तेज सिंह संधु ने बताया कि स्टोन कम्पनी के कल्याणपुर जिला नीमकाथाना निवासी विजय सिंह पुत्र वीरेंद्र कुमार जाट ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसकी कम्पनी ने भेवडी में लीज पर जमीन ले रखी है। जहां से 14 अक्टूबर की रात को वालसिंह, प्रताप सिंह, सरपंच गंगाराम रामलाल, केशव पाटीदार तथा शंकर शर्मा जमीन से अवैध तरीके से क्वार्ट्ज पत्थर का खनन चालू कर दिया और कुछ माल चुरा कर ले गए है। जिस। पर मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच डीएसपी कर रहे है ।

यह था मामला

आसपुर उपखंड में ग्राम पंचायत भेवड़ी के उमावि के पास सैकड़ों बीघा भूमि ग्राम पंचायत को चारागाह भूमि आवंटित है। जिस भूमि से अवैध खनन के लिए एक पक्ष ने ठेकेदार को 80 लाख में पत्थर निकालने के लिए ठेका दे दिया। जब ठेकेदार अपनी मशीनरी लगाकर पत्थर निकालने चालू कर दिए तब दूसरा पक्ष मौके पर आ पहुंचा और मशीनरी को बंद करवा दी। साथ ही कहा कि यह ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि है। इस पर ठेकेदार ने कहा कि इस चारागाह भूमि का 80 लाख में सौदा किया और 2 लाख रुपए एडवांस भी दे दिए। इस पर दूसरा पक्ष भड़क गया ,हाथापाई की नौबत आ गई थी। ठेकेदार ने मामला बढ़ता देख मौके से जेसीबी हटा ली और इधर आसपुर पुलिस जाप्ता ,पटवारी मौके पर पहुंचे। रात को ठेकेदार की जेसीबी आसपुर थाने में रखवा दी गई थी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/aspur/news/case-filed-against-5-people-for-illegal-mining-133824263.html

Tuesday, 15 October 2024

चारागाह भूमि पर खनन का विरोध: ग्रामीणों ने रुकवाया खनन, शिकायत पर पटवारी, पुलिस जाप्ता पहुंचा


आसपुर उपखंड की ग्राम पंचायत भेवड़ी के उच्च माध्यमिक स्कूल के पास स्थित चारागाह भूमि पर खनन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया और खनन बंद करवाया। इधर सरपंच ने बताया कि इस चारागाह भूमि पर खनन की कोई जानकारी नहीं है। मामला बढ़ता देख ठेकेदार ने जेसीबी हटा ली।

226 करोड़ की हुई थी नीलामी

ग्राम पंचायत भेवडी की इस 26 बीघा चरगाह भूमि के लिए 226 करोड़ की नीलामी की गई थी। इस भूमि के बदले उतनी ही जमीन पास की पंचायत पर देनी थी। लेकिन जमीन नहीं देने के कारण ग्राम पंचायत ने एनओसी नहीं दी। जिस पर मामला अटक गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के एक पक्ष ने दूसरे ठेकेदार से मिली भगत कर चुपके से 80 लाख में सौदा कर दिया और दो लाख रुपए ले लिए।

हम कार्रवाई करेंगे-सरपंच

भेवड़ी सरपंच गंगाराम ने कहा कि पूर्व में इस भूमि की नीलामी हुई थी। लेकिन पंचायत द्वारा एनओसी नहीं देने से निरस्त हो गई थी। अभी किसने खुदाई की, किसने करवाई कोई जानकारी नहीं है। हम कार्रवाई करेंगे।

आसपुर एसडीएम योगेंद्र कुमार वैष्णव ने कहा कि यदि चारागाह भूमि पर अवैध खनन हुआ है तो गलत है। मैं पटवारी को भेज रहा हूं। भेवड़ी हल्का पटवारी गौरव पाटीदार ने कहा कि एसडीएम साहब का फोन आया था। मैं मौके पर गया था। आज मौका पंचनामा बनाकर एसडीएम को दूंगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/aspur/news/opposition-to-mining-on-pasture-land-133808654.html

Tuesday, 20 August 2024

जिला कलक्टर ने राजस्व अधिकारियों की ली बैठक, न्यून प्रगति वाले इंडिकेटर्स पर फोकस करने के निर्देश

डूंगरपुर। जिला कलक्टर अंकित कुमार सिंह शुक्रवार को ईडीपी सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा करते हुए न्यून प्रगति वाले इंडिकेटर्स पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपखंड वार भूमि रूपांतरण, आवंटन, आपत्तियां, निस्तारण के बारें में जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील स्तर पर महीने में दो बार समीक्षा बैठकों का आयोजन करने तथा जिन क्षेत्रों में कम प्रगति है उन पर विशेष प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिन ब्लॉक में लंबित प्रकरण है, उनमें शिविर लगाकर अभियान चलाते हुए निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएफएसए योजना अंतर्गत पंजीयन में कुछ श्रेणियों में प्रोसेसिंग पोर्टल प्रारंभ होने तथा पूर्व में प्राप्त आवेदनों का पहले निस्तारण करने के निर्देशानुसार श्रेणी वार आवेदनों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।

बैठक में मोबाइल टावर प्रगति, भूमि आवंटन निलंबित प्रकरण, संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरण, नामांतरण प्रकरण, गैर खातेदारी से खातेदारी के प्रकरण, राजस्व प्रकरणों का निस्तारण, भूमि संपरिवर्तन एवं भूमि आवंटन के प्रकरण, चारागाह एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के प्रकरण, राजस्थान काश्तकार अधिनियम के तहत प्रकरण, लाइट्स पोर्टल पर लंबित प्रकरण, शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण की स्थिति, आंतरिक लेखा जांच दल के निरीक्षण प्रतिवेदन, सीमा ज्ञान, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, खाद्य सुरक्षा संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर उपखंड वार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करते हुए अगली बैठक से पूर्व रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर कुलराज मीणा, समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी -कर्मचारी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.m.khaskhabar.com//news.php/news-district-collector-held-a-meeting-of-revenue-officers-instructed-to-focus-on-indicators-with-low-progress-news-hindi-1-664153-KKN.html?short_url=news-district-collector-held-a-meeting-of-revenue-officers-instructed-to-focus-on-indicators-with-low-progress-news-hindi-1-664153-KKN

Thursday, 25 May 2023

चारागाह जमीन व स्कूल के लिए आवंटित जमीन पर अतिक्रमणकारियों की नजर

डूंगरपुर। आसपुर अनुमंडल क्षेत्र के ग्राम पंचायत कटिसौर में ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि व विद्यालय के लिए आवंटित भूमि पर अतिक्रमणकारियों की नजर है। दोनों जमीनों पर ईंट-पत्थर डालकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। कटिसौर ग्राम पंचायत के पास आसपुर सागवाड़ा मुख्य मार्ग पर सिलरिया घाटी में पशु चराने के लिए चारागाह भूमि है। जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा पौधारोपण, नाली व अन्य विकास कार्य कराया गया है। पंचायत द्वारा नरेगा के तहत लाखों रुपए खर्च कर हर साल इस जमीन पर पौधारोपण व जल संचयन के कार्य भी किए जाते रहे हैं, लेकिन पिछले पंद्रह दिनों से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ईंटें लगाकर अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व में मंदिर निर्माण के लिए निर्माण सामग्री डालकर ग्राम पंचायत द्वारा आवंटित इस चरागाह भूमि पर एक समाज द्वारा कब्जा करने का प्रयास करने पर ग्राम पंचायत द्वारा कार्य रोक दिया गया था। निर्माण सामग्री हटाई गई।

 मूल ऑनलाइन लेख - https://jantaserishta.com/national/encroachers-keep-an-eye-on-the-land-allotted-for-pasture-land-and-school-2372083


Sunday, 21 May 2023

आसपुर में अतिक्रमियों के हौंसले बुलंद: सरकारी जमीन और स्कूल के खेल मैदान पर डाले ईंट, पत्थर

आसपुर उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कतिसौर में ग्राम पंचायत की चारागाह जमीन व स्कूल के लिए आवंटित जमीन पर अतिक्रमणकारियों की नजर है। दोनों जमीनों पर पत्थर, ईट डालकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

कतिसौर ग्राम पंचायत को आसपुर सागवाड़ा मुख्य सड़क पर सिल्यारिया घाटी में पशुओं के चरने के लिए चारागाह भूमि है। जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा पौधारोपण, नाली व अन्य विकास किए गए है। इस जमीन पर पंचायत द्वारा नरेगा के लाखों रुपए खर्च कर प्रति वर्ष पौधारोपण व जल ग्रहण के कार्य भी करवाए गए है, लेकिन विगत पंद्रह दिन पूर्व अज्ञात व्यक्ति द्वारा ईट डालकर अतिक्रमण करने के प्रयास किए जा रहे है।

ग्राम पंचायत की इस चारागाह आवंटित भूमि पर एक समाज द्वारा पूर्व में मंदिर निर्माण के लिए निर्माण सामग्री डाल कर अतिक्रमण करने के प्रयास के बाद ग्राम पंचायत द्वारा काम को रुकवा दिया गया था। निर्माण सामग्री हटा ली गई थी।

स्कूल मैदान पर भी हुआ अतिक्रमण

सरकार द्वारा बालकों के शारीरिक विकास के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए मैदान के लिए राशि स्वीकृत कर मैदानों का रूप संवारा जा रहा है। कतिसौर के खेल मैदान को करीब बीस वर्ष से सुध नहीं ली गई। जिसके चलते हाल में पूरे मैदान में बबूल उग आए है। वहीं, इस स्कूल के मैदान पर पत्थर, ईट डालकर अतिक्रमण कर लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि अतिक्रमण हटवाने के लए हटवाने को लेकर एमएलए, तहसीलदार तक को जानकारी दी गई परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई ।

कमलेश त्रिवेदी वीडीओ ग्राम पंचायत कतिसौर ने बताया कि वैसे जहां ईट डालकर अतिक्रमण किया है वो चरागाह जमीन है। वैसे मैं अभी हड़ताल पर हूं। आने के बाद पटवारी से सीमांकन करवाता हूं। अतिक्रमण को हटाया जाएगा। ​​​​​​​

कतिसौर उमावि​​​​​​​ पीईईओ ​​​​​​​रतनजी प्रजापत ​​​​​​​ने बताया- इस मैदान को लेकर नवंबर में एमएलए साहब ने तहसीलदार जी को कहा था। अभी महंगाई राहत शिविर में प्रार्थना पत्र दे रहा था, पर पटवारी जी ने कहा कि ये मामला मेरे ध्यान में है। एक दिन समय निकाल कर सीमांकन कर लूंगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/aspur/news/bricks-and-stones-thrown-on-government-land-and-school-playground-131317477.html

Friday, 21 April 2023

ग्राम पंचायत पाडला हांडलिया का मामला: चारागाह जमीन पर अतिक्रमण के मकसद से परेशान करने का आरोप

ग्राम पंचायत पाडला हांडलिया की चारागाह जमीन पर अतिक्रमण की नीयत से व्यक्ति विशेष द्वारा पशु चराने वाले लोगों को परेशान करने की शिकायत हुई है। इसे लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम और एसपी आदि अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। इसमें बताया कि नाथू पुत्र भेमा द्वारा पटवार हल्का ठाकरड़ा के खसरा नंबर 83 किस्म चारागाह जमीन पर मंदिर की आड में लोगों व पशुओं को आने से रोका जा रहा है।

यहां 68 बीघा जमीन पर ग्रामवासी अपने पशु चराने के लिए जाते हैं तो नाथू आए दिन ग्राम वासियों को परेशान करता रहता है तथा झूठे मुकदमे कर फंसा देने की धमकी देता है। ज्ञापन में बताया कि पूर्व में भी कार्यालय न्यायालय तहसीलदार सागवाड़ा में प्रकरण चल रहा था।

इसमें उक्त अतिक्रमण जमीन चारागाह के रख रखाव का अधिकार ग्राम पंचायत को दिया व चारागाह भूमि में मंदिर की भूमि छोड़कर शेष भूमि से नाथू रोत को बेदखल करने का आदेश किया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा न्यायालय के आदेश से उक्त जमीन का अधिकार प्राप्त कर लिया है।

फिर भी नाथू द्वारा ग्रामीणों को व ग्राम पंचायत को आए दिन अपनी जमीन बताकर डराया धमकाया जा रहा है। इस दौरान उपसरपंच भूपेंद्र सिंह, वार्ड पंच दिनेश डामोर, जीवा कटारा, लाली कटारा, नानजी रोत, वेलजी रोत, उर्मिला अहारी, डूंगर रोत, तेज सिंह राठौड़, गुमान सिंह, नटवर सिंह, खेमजी पाटीदार, प्रभु रोत, लकमा रोत, हकरा कटारा, अर्जुन रोत, भीखा डामोर ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/sagwara/news/allegations-of-disturbing-for-the-purpose-of-encroachment-on-pasture-land-131184868.html

Thursday, 22 December 2022

मांग: चारागाह भूमि पर किए निर्माणाें काे हटवाने की मांग

ग्राम पंचायत पाडला हांडलिया की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर पाडला हांडलिया की सरपंच तुलसी देवी समेत कई ग्रामीणों ने तहसीलदार रमेश चंद्र वडेरा को हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र देकर अतिक्रमण एवं निर्माण कार्य रूकवाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव पाडला हांडलिया की चारागाह भूमि नंदौड गांव की सीमा से लगती है। सीमा पर नंदौड निवासी व्यक्ति का आवासीय मकान है।

उसी आवासीय मकान की आड में वह सीमा का उल्लंघन कर मौजा पाडला हांडलिया की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करने जा रहा है। पूर्व में दो बाद ऐसा कर चुका है उसे रोका गया था कि भविष्य में सीमा का उल्लंघन नहीं करेगा। परंतु वह बैखोफ भूमि का अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहा है और रोकने पर गाली गलौच व मारपीट पर उतारू है। पंचायत ने भी नियमानुसार नोटिस दिया था। प्रार्थनापत्र में बताया कि तहसीलदार के आदेशानुसार पटवारी को मौका जांच कर रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था। मौजा नंदौड एवं पाडला हांडलिया के बीच दोनों गांवों के मौतबिरान के रूबरू ठाकरड़ा व नंदौड के पटवारी मौके पर पहुंचे पर वहां वर्तमान में फसल होने व मुस्तक़िल बिंदु नहीं मिलने से मौके का सीमांकन नहीं हो पाया।

कथित अतिक्रमणकारी को पटवारी व अन्य ग्रामीणों द्वारा समझाने के बाद भी चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। वहां पान का गल्ला लगा दिया है। साथ ही लकडी के खम्भे खड़े कर वहां पर पशु बांध रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/sagwara/news/demand-to-remove-constructions-made-on-pasture-land-130707124.html

Wednesday, 28 September 2022

सरकारी जमीनों पर अतिक्रमणों को लेकर कलेक्टर सख्त: अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश, बोले- अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं


डूंगरपुर में कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव ने मंगलवार सरकारी और चारागाह जमीन पर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमियों के खिलाफ सख्त नजर आए। कलेक्टर ने सभी राज्य अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला परिषद सभागार में कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक हुई। एडीएम हेमेंद्र नागर समेत सभी एसडीएम व तहसीलदार मौजूद रहे। कलेक्टर ने सबसे पहले राजस्व से जुड़े केस और उनकी प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. यादव ने सभी एसडीएम को उनके क्षेत्र में चारागाह व सार्वजनिक जमीन पर हो रहे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रशासन गांवों के संग अभियान की प्रगति की रिपोर्ट की जानकारी ली और पेंडिंग केस को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को गैर खातेदारी से खातेदारी के लंबित प्रकरणों को जल्द निस्तारित करने के लिए कहा। कलेक्टर डॉ. यादव ने उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के भी निर्देश दिए।

महात्मा गांधी जयंती पर होंगे कई कार्यक्रम

राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव ने महात्मा गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर से विभिन्न कार्यक्रम करवाने के निर्देश भी दिए है। 2 अक्टूबर को पंचायतों में चिरंजीवी ग्राम वार्ड सभा करवाने के निर्देश दिए। चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना व चिरंजीवी सड़क दुर्घटना योजना की जानकारी आमजन को देने के लिए निर्देश दिए हैं। 3 अक्टूबर को महात्मा गांधी सामाजिक चेतना विषय पर संगोष्ठी, 4 अक्टूबर को स्कूलों में गांधी दर्शन भाषण प्रतियोगिता, 5 अक्टूबर को गांधी के सपनों का भारत चित्रकला प्रतियोगिता, 7 अक्टूबर को उपखंड स्तर पर मैराथन दौड़ करवाने के भी निर्देश दिए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/instructions-given-for-action-against-trespassers-said-encroachment-is-not-tolerated-under-any-circumstances-130370168.html

Monday, 19 September 2022

अतिक्रमण का मामला: वीरपुर में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप

जिले के बिलड़ी ग्राम पंचायत के वीरपुर गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने का मामला सामने आया है। गांव के कलेक्टर काे मामले से अवगत कराया है। गांव के 6 लाेगाें की तरफ से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया जाता है। सांठ गांठ कर अवैध रुप से पेनल्टी भी शुरू करवा दी है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वीरपुर निवासी जयंति, धनराज, छगन, माेगजी व बालकृष्ण ने कलेक्टर काे शिकायत रिपाेर्ट देकर बताया कि वीरपुर में स्कूल के पास चारागाह भूमि है। स्कूल के पीछे तथा स्कूल के आसपास चारागाह भूमि पर गांव के गाैतम, रमेश, कांति, पूंजा, रामा, पेमा ने जबरन कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया है। आराेप लगाया है कि चारागाह भूमि के लिए अन्य लोगों से रुपया पैसा हड़प कर विक्रय कर कब्जा करवा रहे हैं इसलिए इसे हटवाना जरूरी है।

चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने कर्मचारियों से मिलकर सांठगांठ कर अवैध रूप से पेनल्टी भी चालू करवा दी है। वहीं, ग्राम पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठाएं। इस दाैरान जयंतीलाल, पप्पू ननोमा, करण सिंह, मोगा, लालचंद, शांतिलाल, दिनेश, मुकेश, सुनील, मगन, संजय, राजेश, बालकृष्ण, कमलेश, लक्ष्मण, विशाल, विनोद, धनराज समेत अन्य ने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन दिया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/alleged-encroachment-on-pasture-land-in-virpur-130324910.html

Sunday, 31 July 2022

डीएम बोले:मेवाड़ा बांध की नहरों की सफाई रखो, चारागाह विकास के कार्य करो

डूंगरपुर



कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने शनिवार को पंचायत समिति बिछीवाड़ा की ग्राम पंचायत मेवाड़ा का निरीक्षण करते हुए ग्राम विकास अधिकारी पूरणमल को मेवाड़ा बांध की नहरों की सफाई रखने, चारागाह विकास के कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पंचायत में चल रहे नरेगा कार्यों की भी जानकारी ली।

कलेक्टर ने राजस्व गांव, चारागाह विकास एवं मेवाड़ा बांध की नहराें की सफाई के बारे में जानकारी ली। इस पर ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि नरेगा में एक साईड पर 30 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। एक्टिव श्रमिक 765 है।

उनकी पंचायत क्षेत्र में राजस्व गांव मेवाड़ा, वाट डा एवं कानपुर है। आदर्श तालाब का जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। सरपंच लक्ष्मण अहारी ने बताया कि नहरों की सफाई कराई गई थी लेकिन बारिश में मिट्टी गिरने से बंद हो गई है।

चारागाह विकास, पेड़ लगाने व वाटिका निर्माण करने के बारे में भी जानकारी दी। ग्राम वासी कमलेश द्विवेदी, सरपंच अहारी व महेश यादव ने रोडवेज बस संचालित कराने की मांग की। कलेक्टर ने रोडवेज बस के रूट की जानकारी कलेक्टर कार्यालय भिजवाने की कहा।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/keep-the-canals-of-mewara-dam-clean-do-pasture-development-work-130125831.html

Sunday, 17 July 2022

राजस्व मंत्री ने कहा:खेल मैदान और स्कूल के लिए चारागाह भूमि दे सकते हैं

 डूंगरपुर

राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने राजस्व विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक जिला परिषद के ईडीपी सभागार में ली। बैठक के दाैरान पेराफेरी का मुद्दा छाया रहा, विधायक ने गांवाें काे पेराफेरी से मुक्त करने की मांग उठाई। विधायक ने कहा कि गरीबाें की जमीन ले लेंगे ताे कहां जाएंगे। इन लाेगाें का राेजगार का साधन और कुछ नहीं है, खेती के भराेसे चल रहे हैं।

प्रधान देवराम राेत ने कहा कि इन जमीनाें पर कुछ भू माफिया नजर गड़ाए हुए है। विधायक ने कहा कि प्रशासन गांवाें के संग शिविर ताे लगे, लेकिन कई पंचायताें में अब तक पट्टे नहीं बांटे गए। एडीएम हेमेन्द्र नागर ने बताया कि प्रशासन गांवों के संग शिविर में पटवारियों की हड़ताल होने से कुछ पंचायतों में शिविरों का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस पर विशेष शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान करने के बारे में बताया।

बैठक में अनुसूचित जाति आयाेग के राज्यमंत्री डॉ शंकर यादव, बंजर भूमि विकास बोर्ड के चेयरमैन संदीप चौधरी, विधायक गणेश घोगरा, कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, एसपी राशि डोगरा, एडीएम हेमेन्द्र नागर, सीईओ दीपेन्दर सिंह राठौड़ मौजूद रहे।

बैठक में राजस्व मंत्री ने बकाया नामांतरण, सम्पर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरण, खातों का शुद्धिकरण, गैर खातेदार से खातेदारी, आपसी सहमति, मंजरों ढाणियों के नवीन राजस्व ग्राम के प्रस्ताव, कृषि भूमि व सहखातेदारों, सीमाज्ञान, पत्थर घडी प्रकरण, आबादी विस्तार भूमि आवंटन एवं नामांतरण संबंधी प्रकरण के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि आपसी सहमति के खातों का विभाजन के 5600 प्रकरण प्राप्त हुए थे। उसमें से तीन हजार 820 प्रकरणों का संधारण कर दिया है। नवीन राजस्व ग्राम के 48 प्रकरण प्राप्त हुए है। बैठक में राजस्व मंत्री ने नामांतरण संबंधी प्रकरणों की जानकारी ली।

एडीएम हेमेंद्र नागर व एलआर तहसीलदार मोकम सिंह ने बताया कि नामांतरण संबंधी प्रकरणों का संधारण तीस दिन ग्राम पंचायत में, आठ दिन पटवारी के पास एवं सात दिन गिरदावर के पास प्रकरण रहते है, इसकी जांच की जाकर 45 दिन में संधारित कर दिए जाते हैं। राजस्व मंत्री ने पटवारी के पदो के बारे में जानकारी ली।

इस पर एडीएम ने बताया कि 147 पटवारी आए है। उसमें से 130 ने उपस्थिति दे दी है। इनका प्रशिक्षण डूंगरपुर में करवाया जाएगा। प्रशिक्षण को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। राजस्व मंत्री ने 5 वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरण के निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री ने चारागाह भूमियों पर जो कब्जा है ओर खेती कर रहे हैं ओर पात्रता रखता है, उनकी सूची बनाकर नामांतरण के बारे में जानकारी ली। इस पर एडीएम ने बताया कि तहसीलदारों से सर्वे कराकर पात्र व्यक्तियों की सूची मंगवाने की कार्यवाही निष्पादित कर ली गई है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि खेल मैदान, स्कूल आदि के लिये चारागाह भूमि दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कार्यो के लिये चरागाह भूमि देने का प्रावधान नहीं है। बैठक में राज्यमंत्री डॉ. शंकर यादव ने भी पेराफेरी की भूमि के पट्टे दिलाए जाने की मांग की।

इस पर राजस्व मंत्री ने पेराफेरी में आने वाले ग्राम पंचायतों के बारे में जानकारी ली। बैठक में बंजर भूमि विकास बोर्ड के चेयरमेन संदीप चौधरी ने जलग्रहण व चरागाह के बारे में जानकारी ली। जलग्रहण वाटरशेड के अधीक्षण अभियंता गणेशलाल रोत ने बताया कि जलग्रहण संग्रहण, चारागाह विकास एवं एकीकरण जलग्रहण के बारे में जानकारी दी।

बैठक में जिला प्रमुख सूर्या अहारी, उप जिला प्रमुख सुरता परमार, नगरपालिका सागवाड़ा अध्यक्ष नरेन्द्र खोड़निया, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जयंतिलाल साद माैजूद रहे।

पटवारियों ने परिवेदनाओं को लेकर सौंपा ज्ञापन : राजस्थान पटवार संघ जिला इकाई की ओर से शनिवार को राजस्व मंत्री के डूंगरपुर आगमन पर विभिन्न परिवेदनाओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि मु़ख्यमंत्री ने पिछले वर्ष 2021-2022 के बजट घोषणा अनुसार डूंगरपुर जिले में 2 तहसील तथा 2 उपतहसीलों का सृजन किया।

इस वर्ष 2022 -2023 में 1 और नवीन तहसील का सृजन किया। इससे यहां की जनता के साथ-साथ राजस्व कर्मचारी वर्ग में खुशी है। जिले में पटवार मण्डलों तथा भू-अभिलेख निरीक्षकों के नवीन पदों का भी सृजन हुआ है। परन्तु आज तक उक्त नवीन पदों की वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से सरकार की मंशानुसार जनता को अभी तक वास्तविक लाभ नहीं मिला पा रहा है।

इसलिए जल्द उक्त घोषणानुसार नवीन पदों पर वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। पटवार मण्डल व भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त का 1:3 आनुपातिक गठन की स्वीकृति दी जाए। वर्तमान में नामातंकरण खोलने पटवारियों को तहसील में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/can-provide-pasture-land-for-sports-ground-and-school-130065367.html

Saturday, 16 July 2022

राजस्व मंत्री के सामने विधायक का फूटा गुस्सा, लोगों की जमीन हड़पने पर दी आंदोलन की चेतावनी

July 16, 2022


Dungarpur: प्रदेश के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने डूंगरपुर जिले के दौरे के दौरान शनिवार  सर्किट हाउस में जनसुनवाई की. इस दौरान लोगों के साथ ही कांग्रेस के नेता और विधायकों ने भी राजस्व से जुड़ी अपनी समस्याएं खुलकर रखी. जनसुनवाई में विधायक गणेश घोघरा ने एक बार फिर सरकारी अफसरों पर नाकामी के आरोप लगाते हुए कहा की, डूंगरपुर नगर परिषद के पेराफेरी में 7 गांवों के लोगों की जमीन हड़पी जा रही है. इसे रोका नहीं गया तो कांकरी डूंगरी से भी बड़ा आंदोलन होगा. 

प्रदेश के राजस्व मंत्री रामलाल जाट आज डूंगरपुर जिले के दौरे पर है. डूंगरपुर सर्किट हाउस पहुंचने पर मंत्री रामलाल जाट व उनके साथ आये बंजर भूमि बोर्ड के अध्यक्ष संदीप चौधरी का कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. वही इसके बाद राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई की . जनसुनवाई में डूंगरपुर विधायक और यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा के साथ डूंगरपुर नगर परिषद से लगती हुई कुशालमगरी, भाटपुर, बिलड़ी समेत 7 पंचायतों के सरपंच और लोग पहुंचे. विधायक ने सुरपुर पंचायत में प्रशासन गांवों के संग शिविर में लोगो को पट्टे नही मिलने की समस्या का जिक्र करते हुए कहा की अफसरों की मनमानी से लोग परेशान है. लोगो को आज तक पट्टे नही मिले है. सरकारी अफसर गहलोत और कांग्रेस की योजनाओं को फेल करने में लगे है. 

विधायक ने कहा की डूंगरपुर नगर परिषद क्षेत्र के सभी 7 गांवों की 2500 बीघा से ज्यादा जमीन  जा रही है. जबकि वे लोग बरसो से अपना घर बनाकर रह रहे है. खेतीबाड़ी कर रहे है. लेकिन मास्टर प्लान के नाम पर उनकी जमीन हड़पी जा रही है. इसे तुरंत रोका जाए नही तो कांकरी डूंगरी से भी बड़ा आंदोलन होगा. इसी पर कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने सागवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में भी पेराफेरी गांवों के लोगो की इसी तरह की समस्या बताई. मंत्री रामलाल जाट ने कहा की बरसो से काबिज या खेतीबाड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को सरकार नहीं हटाएगी. सभी लोगो को उनकी जमीन का हक मिलेगा. इसके बाद जो जमीन बचेगी उसी को नगर परिषद को दी जाएगी. मास्टर प्लान में सड़के, नाली जैसी सुविधाओ को लोगो को कैसे दिया जाए. इसी के प्रयास किए जा रहे है.

Reporter: Akhilesh Sharma

http://aranaadsamachar.in/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF/

Thursday, 30 June 2022

निरीक्षण कार्यक्रम: रीको में भूखंडों की होगी जांच, कमर्शियल या व्यक्तिगत उपयोग मिलने पर होगी कार्रवाई

औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए रीको में प्रदान भूखंडों की जांच की जाएगी। भूखंड का उपयोग कमर्शियल या व्यक्तिगत उपयोग करते पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी। साथ उद्योग स्थापना के लिए जिला उद्योग केन्द्र की ओर से प्रदान किए ऋणों की भी जांच की जाएगी।

जिसमें ऋण की राशि का उपयोग कहां किया गया है, इसका निरीक्षण करने के साथ ही जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर ऋण लेने वाले के खिलाफ कार्यवाही होगी। इस तरह के निर्देश मंगलवार को एडीएम हेमेन्द्र नागर ने जिला कलेक्टर सभाकक्ष में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए हैं।

एडीएम ने रीको एरिया में चले रहे उद्योगों के बारे में समय-समय पर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। रीको में जो भूमि प्रदान की गई है, उसका उपयोग उद्योग में ही किया जाए। जिले के रीको क्षेत्र में आवंटित उपखण्डों के बारे में जानकारी ली।

इस पर रीको प्रबंधक अजय विश्वकर्मा ने बताया कि गलियाकोट, सागवाड़ा, बिछीवाड़ा, साबला, आसपुर, चिखली, सीमलवाड़ा एवं डूंगरपुर में रीको एरिया है। इसमें गलियाकोट, सीमलवाड़ा, सागवाड़ा, साबला में रीको की जमीन पर उद्योग स्थापित की प्रक्रिया जारी है।

सीमलवाड़ा के भादर में रीको के लिए चयनित भूमि चारागाह के होने से स्वीकृति नहीं मिली है एवं सागवाड़ा में जयपुर से कमेटी आकर स्वीकृति जारी करने के बारे में जानकारी दी। जिला उद्योग अधिकारी हितेश कुमार जोशी से व्यवसाय के लिए दिए जाने वाली ऋण के बारे में जानकारी ली।

ऋण का उपयोग जिस व्यवसाय के लिए लिया है, उसके अनुरूप व्यवसाय संचालित होने के बारे में मॉनिटरिंग करने की कहा। उन्होंने पुराने ऋण प्राप्त करने वाले व्यवसायी के अलावा नए ऋणी की जानकारी लेते हुए निरीक्षण करने के निर्देश दिए। एडीएम ने मुख्य सचिव के माध्यम से की जाने वाली समीक्षा में फ्लैगशिप योजनाओं की जानकार ली।

इस पर जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के 2022-23 में 201 लक्ष्य प्राप्त हुए है, जिसमें 68 आवेदन बैंकों को प्रेषित कर दिए है। 54 आवेदन स्वीकृत कर 215.48 लाख रुपए की राशि बैंकों द्वारा स्वीकृत की गई है। बैठक में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता आरआर खटीक, अनिल कुमार आमेटा, रोहित मेहता, राकेश नाहर एवं श्रम विभाग के वरिष्ठ सहायक कमलाशंकर मीणा मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/plots-will-be-investigated-in-rico-action-will-be-taken-on-getting-commercial-or-personal-use-129993072.html


Sunday, 24 April 2022

अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है सागवाड़ा:गांवों में क्वार्ट्ज पत्थर का अवैध खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ अब एफआईआर की तैयारी

डूंगरपुर

अवैध खनन को रोकने के लिए खनन विभाग पर बने दबाव के बाद विभाग ने अब एफआईआर की तैयारी कर ली है। हालांकि अभी सिर्फ झाखरी में ही विभाग ने कार्यवाही की है जबकि बड़े स्तर पर कराड़ा में धडल्ले से क्वार्ट्ज पत्थर का अवैध खनन हो रहा है। सागवाड़ा क्वार्ट्ज पत्थर के अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है। जिसमें राजस्व, पुलिस, माइनिंग और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से सारा खेल हो रहा है। झाखरी पंचायत में चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध खनन और पकड़ी गई मशीनों को लेकर विभाग एफआईआर करेगा।

खनन विभाग पकड़े गए वाहनों के नंबरों के अाधार पर इनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है।इससे पहले सागवाड़ा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर सभी ने आंखें मूंद रखी थी। खनन विभाग अपने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो दिन की कार्रवाई में मशीनरी जब्त कर 10 लाख तक का जुर्माना वसूल लिया है। इधर, खनन माफिया के पास उपलब्ध दूसरी बड़ी और छोटी मशीनरी से फिर से रात के अंधेरे में सैकड़ों टन क्वाट्र्ज का खनन कर गुजरात बेचना शुरू है।

चारागाह भूमि का मालिक पंचायतीराज विभाग चारागाह जमीन का असली मालिक पंचायतीराज विभाग होता है। जिसमें सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और विकास अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। जो अपने क्षेत्र की चारागाह जमीन को खुद-बुर्द करने पर एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार रखता है। इधर, पंचायती राज विभाग ने तो अभी तक कोई स्पष्टीकरण कर भी नही मांगा है। जहां एक ओर वैध खनन के लिए ग्राम पंचायत से एनओसी जारी होती है। इससे ग्राम पंचायत को राजस्व लाभ मिलता है। वहीं चारागाह जमीन पर अवैध खनन से लाखों के राजस्व नुकसान झेलना पड़ता है।

रोज 80 से 100 डंपर निकल रहे : पट्टाधारी माइंसों के पास खनन क्षेत्र में इतना पत्थर नहीं है जितना रोज निकल रहा है। इसी लिये चारागाह और अन्य भूमि से खनन कर पत्थर निकाले जा रहे है। इस क्षेत्र से रोजाना 80 से 100 डंपर निकल रहे है। शनिवार को भी माविता के पास क्वार्ट्ज से भरा डंपर पलट गया। जानकारी बताते है कि माइंस धारक के पास जारी हुए क्षेत्र में कोई क्वाट्र्ज का एरिया नहीं बचा है। इसके बावजूद रोज 100 से अधिक डम्पर या ट्रक भरकर क्वाट्र्ज निकल रहा है। इसकी रोज रॉयल्टी, ई-रवन्ना भरी जाती है। वहीं खनन पट्टाधारी क्षेत्र में कोई खनन नहीं हुआ है। 

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/banswara/dungarpur/news/now-preparation-of-fir-against-mafia-doing-illegal-mining-of-quartz-stone-in-villages-129708944.html