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Tuesday, 16 September 2025

Jhunjhunu News: केड पंचायत की 144 हेक्टेयर चारागाह भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त

अतिक्रमियों को 7 दिन की मोहलत, नहीं हटाया तो बुलडोजर चलेगा

गुढ़ागौड़जी/झुंझुनूं, झुंझुनूं जिले की केड ग्राम पंचायत की 144 हेक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक्शन मोड अपनाया है।

हाईकोर्ट और सरकार के आदेश पर कार्रवाई

यह कार्रवाई राजस्थान उच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री के निर्देश पर की जा रही है। पंचायत के अंतर्गत राजस्व ग्राम केड में 17.18 हेक्टेयर, नंगली निर्बाण में 21.38 हेक्टेयर, खटकड़ में 92.45 हेक्टेयर और कीरपुरा में 2.44 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया है।

अतिक्रमियों को मिली मोहलत

15 सितम्बर को जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल में अतिक्रमियों ने समय की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने के लिए 7 दिन की मोहलत दी है। तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो प्रशासन पुलिस जाब्ते के साथ बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगा और खर्चा भी अतिक्रमियों से वसूलेगा।

जनहित याचिका से शुरू हुई पहल    

यह मामला समाजसेवी सुभाष कश्यप की पहल पर शुरू हुआ। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका संख्या 10819/2018 दाखिल की थी। इसके बाद सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ में वाद दर्ज कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया।

सरकार के स्तर पर गंभीरता

पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने 22 जुलाई 2025 को सभी पंचायतों को चारागाह समितियों को क्रियाशील करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। वहीं समाजसेवी कश्यप ने मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर इस भूमि को गौ अभ्यारण घोषित करने की मांग भी रखी थी।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई

अभियान में लापरवाही बरतने वाले ग्राम विकास अधिकारी व संबंधित कर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

अतिक्रमण का हाल

चारागाह भूमि पर पक्के मकान, दुकानें, नलकूप और अवैध खेती तक हो रही है। आरोप है कि इलाके में मवेशियों की चोरी में भी कुछ अतिक्रमियों का हाथ हो सकता है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://shekhawatilive.com/jhunjhunu/khed-gram-panchayat-jhunjhunu-grazing-land-encroachment/cid18057821.htm

Friday, 4 July 2025

झुंझुनूं के आबूसर में चारागाह की जमीन से हटाया अतिक्रमण:लोकायुक्त के आदेश पर प्रशासन सक्रिय; JCB से गिराई दीवार

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

झुंझुनूं जिले की आबूसर ग्राम पंचायत क्षेत्र की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई लोकायुक्त के निर्देश के पालन में की गई। शुक्रवार सुबह तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम, पुलिस जाप्ते और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
3 गांवों में कार्रवाई

कार्रवाई पंचायत के तीन गांवों- अणगासर, दुर्जनपुरा और आबूसर में एक साथ चली। ग्रामीण कई कई साल से इन गांवों की चारागाह भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह भूमि पर अस्थायी निर्माण, चारदीवारियां और निजी उपयोग के निर्माण कर रखे थे, जिससे मवेशियों के लिए चराई की जगह नहीं बची थी।

एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। लोकायुक्त ने झुंझुनूं जिला प्रशासन से विस्तृत स्पष्टीकरण रिपोर्ट तलब की थी। जवाब के दौरान स्पष्ट हुआ कि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके थे, लेकिन अमल नहीं हो पाया। इसके बाद लोकायुक्त के आदेश पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाया जाने लगा।

लोकायुक्त के आदेश पर प्रशासन सक्रिय
रिहायशी मकान नहीं तोड़ रहे

तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि कार्रवाई के दौरान केवल चारागाह भूमि पर बने अवैध कब्जों को ही हटाया जा रहा है। रिहायशी मकानों को नहीं छेड़ा जा रहा है। फोकस सिर्फ चारदीवारियों, टीनशेड, गोदाम या अस्थायी निर्माण पर है जो सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे।

कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही है और मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात है ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। प्रशासन ने पहले से ही कब्जाधारियों को नोटिस देकर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी, लेकिन बहुत से लोगों ने अनदेखी की। अब प्रशासनिक टीम सख्ती से कार्रवाई को अंजाम दे रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/action-to-remove-encroachment-from-pasture-land-135370856.html


Saturday, 22 February 2025

केड ग्राम पंचायत की एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि जल्दी ही होगी अतिक्रमण मुक्त


मुख्यमंत्री के आदेश से जिला प्रशासन आया एक्शन मोड़ में

सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर झुंझुनूं के पास 14 दिसम्बर 2022 से दर्ज था प्रकरण

सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने जिला कलेक्टर को दर्ज करवाया था प्रकरण

जिला कलेक्टर द्वारा कार्यवाही को गति दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दो बार भेंट कर सुभाष कश्यप ने अतिक्रमण मुक्त कार्यवाही बाबत किया था आग्रह

20 फरवरी को कश्यप ने मुख्यमंत्री को पुनः स्मरण पत्र देकर कार्यवाही का किया था आग्रह

21 फरवरी को जिला कलेक्टर झुंझुनूं ने केड ग्राम पंचायत के राजस्व गाँव खटकड़, कीरपुरा, केड व नंगली निर्बाण में प्रशासन को भेज कर सर्वे करवाना आरम्भ किया

अतिक्रमण मुक्त होने के पश्चात चारागाह भूमि को वन्य जीव एवम गौ अभ्यारण्य बनाने की है माँग

झुंझुनूं, झुंझुनूं जिले की गुढ़ागौड़जी तहसील अंतर्गत केड पटवार मण्डल अंतर्गत राजस्व ग्राम खटकड़ की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1166, 1173, 1176,1183, 1184, 1187, 1190,1199,1207/179 व 676, राजस्व ग्राम नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1228, 1229, 1231, 1238, 1239,1242,1245,1295,1305,1361,1441 राजस्व ग्राम कीरपुरा की चारागाह भूमि खसरा संख्या 562, 568, 569 एवम राजस्व ग्राम केड की चारागाह भूमि खसरा संख्या 550/15 एवम 9 इत्यादि का सर्वे कर अतिक्रमण को चिन्हित करने की कार्यवाही 21 फरवरी शुक्रवार से आरम्भ की गई। सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिनांक 30 जनवरी 2019 को जन हित याचिका संख्या 10819/2018 जगदीश प्रसाद मीणा राजस्थान एवम अन्य में निर्णय पारित कर सार्वजनिक भूमि संरक्षण हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रकोष्ठ गठित कर प्राप्त प्रकरणों में अविलम्ब अतिक्रमण मुक्त करवाने का आदेश दिया है । उक्त निर्णय के आधार पर कश्यप ने अध्यक्ष सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ झुंझुनूं के अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर केड, खटकड़, कीरपुरा व नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर उक्त भूमि पर वन्य जीव जंतुओं के संरक्षण हेतु गौ अभ्यारण बनाने की मांग की थी । सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही अमल में न लाने से क्षुब्ध हो कर कश्यप ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 21 नवम्बर 2024 को कार्यवाही करने का आग्रह किया था, मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 25 नवम्बर को अपने आदेश क्रमांक मु.म.-उ स(एमके)/कले.झुन./झुन/24/73165 भेज कर झुंझुनूं जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया था । उक्त आदेश पर शिथिलता के चलते कश्यप ने गुरुवार 20 फ़रवरी को पुनः मुख्यमंत्री से भेंट कर कार्यवाही का आग्रह किया था, सवेंदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया । जिसकी पालना में शुक्रवार को स्थानीय पटवारी, गिरदावर आदि चारागाह भूमि में अतिक्रमणों को चिन्हित कर रहे है।

सामाजिक कार्यकर्ता कश्यप ने अपने पत्र में सरकार को बताया कि एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण पशु पक्षियों का आश्रय स्थल छीन गया है, नीलगाय, खरगोश, शियार, जंगली बिल्ली, तीतर, मोर, गौरया, बेसहारा गौवंश, नन्दी, बेसहारा पशु पक्षियों एवम पालतू भेड़, बकरी, ऊँट इत्यादि के लिए उक्त चारागाह भूमि के साथ साथ नदी पेटा एवम राजकीय बंजड भूमि पर अतिक्रमण हो जाने से इन जीव जंतुओं के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है तथा वानिकी एवम पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बिगड़ गया है, असंख्य पशु पक्षियों के लिए भोजन व पानी का संकट खड़ा हो गया है वही पास ही में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में रह रहे एक हजार से अधिक बेसहारा गौवंश के लिए भी भूमि नही रही है । कश्यप ने उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा कर जीव जंतुओं हेतु अभ्यारण बनाने की मांग की है।
मूल ऑनलाइन लेख: - https://shekhawatilive.com/jhunjhunu/more-than-one-thousand-bighas-of-pasture-land-of-ked-gram-panchayat-will-soon-be-free-from-encroachment.html/

Friday, 27 December 2024

गंदे पानी की निकासी के स्थाई समाधान की मांग

झुंझुनूं | आम रास्ते पर भरे गंदे पानी के स्थाई समाधान की मांग को लेकर सोमवार को समसपुर गांव के लोगों ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। समसपुर गांव में गंदा पानी चारागाह भूमि में जाता था। प्रशासन ने इस चारागाह भूमि का 13.79 हैक्टेयर भूमि मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित कर दी गई। इससे पानी निकासी ठप हो गई। एक दर्जन से अधिक गांवों का रास्ता ठप हो गया। लोगों के घरों के सामने पानी भरा हुआ है।

ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज कैंपस के पूर्व में खाली पड़ी जमीन में 0.5 हैक्टेयर भूमि आबंटित कर कच्चा तालाब बनाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व सरपंच रोहित चौधरी, पूर्व पंच फूलचंद चाहर, कैप्टन सत्यवीर चाहर, महिपाल फोगाट, जयपाल फोगाट, सुभाष चाहर, जगदीश डूडी, सांवलराम, रामनिवास, जुगलाल, मुकेश शर्मा, अजय शर्मा, आदेश, प्रेमचंद, अजय मांजू आदि थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/demand-for-permanent-solution-for-drainage-of-dirty-water-134211700.html


Thursday, 10 October 2024

बुहाना बणी में अवैध निर्माणों पर चल सकता हैं बुलडोजर, प्रशासन ने नोटिस किए जारी

झुंझुनूं जिले में बुहाना की गैर मुमकिन बणी और चारागाह भूमि पर बने करीब 486 से ज्यादा मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। इसलिए अवैध कब्जा कर घर बनाने वालों को इन दिनों बेघर होने का डर सता रहा है।


राजस्थान के झुंझुनूं जिले में बुहाना की गैर मुमकिन बणी और चारागाह भूमि पर बने करीब 486 से ज्यादा मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। इसलिए अवैध कब्जा कर घर बनाने वालों को इन दिनों बेघर होने का डर सता रहा है। पिछले तीन-चार दशक में बुहाना बणी की चारागाह और गोचर भूमी की जमीन पर अवैध रुप से सैकड़ों मकान बन गए।

हाईकोर्ट में शिकायत के बाद प्रशासन अतिक्रमण ढहाने की तैयारी कर रहा है। तहसील प्रशासन के पटवारियों द्वारा बुहाना बणी में किए गए अवैध कब्जे व अवैध निर्माणों को चिह्नित कर मकानों के आगे नंबर लगा दिए हैं। तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 486 अवैध कब्जे होना पाया गया हैं। प्रशासन इनकी सूची तैयार कर 91 के तहत नोटिस जारी किए थे।

ग्रामीणों का कहना है कि 50 साल से वे यहां रह रहे हैं, अब इनको अतिक्रमण बताना उनके साथ अन्याय है। जिनको नोटिस जारी किए गए हैं वह लोग तहसील कार्यालय पहुंचे और अपने कागजात दिखाए तथा उन्हें राहत देने की मांग की। बुहाना बणी में सरकारी कर्मचारी, प्रभावीशाली लोगों के भी मकान बताए जा रहे हैं।

बता दें कि बुहाना के याचिकाकर्ता की ओर से बुहाना बणी पर किए अतिक्रमण के संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसपर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल (पीएलपीसी) में सुनवाई करने के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन एक्शन मंड में नजर आ रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/jhunjhunu/jhunjhunu-news-bulldozers-can-be-used-on-illegal-constructions-in-buhana-bani/2467677

 





Monday, 2 September 2024

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का किया निरीक्षण: अधिकारियों को हर पंचायत में मॉडल चारागाह बनाने के दिए निर्देश


झुंझुनू जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल सोमवार को बुहाना ब्लॉक के दौरे पर रही। उन्होंने नरेगा कार्यों का दौरा किया। साथ ही वर्षा जल संग्रहण इकाइयों के बारे में भी जानकारी ली।

उन्होंने बड़बड़, भीर्र, जयसिंहपुरा, बुहाना, सुल्तान अहीरान व अमरसर के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण इकाइयों, नरेगा कार्यों व वृक्षारोपण साइट्स का निरीक्षण किया।

बड़बड़ में उन्होंने फलदार वृक्षारोपण कार्य, मॉडल चारागाह निर्माण कार्य, आदर्श अमृत सरोवर, वर्षा जल संग्रहण के लिए बनाए गए कुंड व फॉर्म पौंड का निरीक्षण किया ।

इस दौरान कलेक्टर ने बड़बड़ में 7.5 हेक्टेयर में निर्मित मॉडल चारागाह भूमि पर औषधीय पौधें, धामन व स्टाइलों हैमेटा घास लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने करनाना जोहड़ में मॉडल तालाब के निर्माण कार्य का जायजा लिया। साथ ही अमरसर गांव के किसान रणजीत सिंह, सुवेसिंह व कृष्ण सिंह के खेतों में मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना के तहत बनाए गए टाकों का निरीक्षण कर किसानों से पानी के उपयोग के बारे में जानकारी ली।

जयसिंहपुरा गांव में कलेक्टर ने चारागाह विकास कार्यों व वृक्षारोपण कार्यों का निरीक्षण किया। मंडीवाली माता के पास 5 हेक्टेयर चारागाह भूमि में 2 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं। जिनमें 130 अंजीर के पेड़ देखकर कलेक्टर ने सभी से पौधारोपण अभियान में शामिल होने के लिए कहा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हर पंचायत में एक मॉडल चारागाह निर्मित करने के निर्देश दिए। बुहाना व भीर्र मे कलक्टर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत निर्मित वर्षा जल संग्रहण इकाइयों का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने बड़बड़ की महिला किसान कबूला देवी के द्वारा वर्षा जल से तैयार किये गए पौधों का निरीक्षण किया। कबूला देवी ने 40 से अधिक वैरायटी के 300 पौधे लगाए हैं ।

बुहाना व भीर्र मे निरीक्षण के दौरान कलेक्टर में किसानों से संवाद कर वर्षा जल के संग्रहण व सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जल ग्रहण के अधीक्षण अभियंता कृष्ण कुमार, अधिशासी अभियंता मनोज गौड़, सहायक अभियंता मनोज खालिया, अतिरिक्त विकास अधिकारी अशोक कुमार सहित संबंधित अधिकारी व मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/the-collector-reached-the-rural-areas-133579260.html

Sunday, 21 July 2024

Jhunjhunu News: राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर और तहसीलदार के बीच विवाद


India News Rajasthan (इंडिया न्यूज़), Jhunjhunu News: कलेक्टर सभास्थल में हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में चारागाह भूमि पर अतिचार के विरुद्ध धारा 91 में दर्ज कार्रवाई के बिंदु पर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल व तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी के बीच बात विवाद हो गया। इसके बाद कलेक्टर बैठक छोड़कर चली गईं। तहसीलदार द्वारा कलेक्टर के साथ अभद्रता किए जाने की बात सामने आ रही है। बैठक में मौजूद राजस्व अधिकारियों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र कलेक्टर को देकर तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर और तहसीलदार के बीच बात विवाद

अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल द्वारा अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की जा रही थी। इसी सिलसिले में चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध धारा 91 के बिंदु पर तहसीलदार द्वारा कार्रवाई कम करने की बात सामने आई। कलेक्टर के सवाल पर तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पंचायतें करती हैं, यह तहसीलदार का काम नहीं है। इस बात को लेकर कलेक्टर और तहसीलदार के बीच बात विवाद हो गया और अभद्रता के चलते कलेक्टर बैठक छोड़कर चली गईं।

अधिकारियों ने पत्र लिखकर कलेक्टर को सौंपा

राजस्व अधिकारियों ने एक पत्र लिखकर कलेक्टर को सौंपा है। झुंझुनू तहसीलदार की बैठक में कलेक्टर के सवाल पर जो अशोभनीय व्यवहार किया गया, वह पद की गरिमा के विरुद्ध है, इसलिए तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://rajasthan.indianews.in/rajasthan/jhunjhunu-news-dispute-between-collector-and-tehsildar-in-the-meeting-of-revenue-officers/

Thursday, 18 July 2024

अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के बिंदु पर कलेक्टर व तहसीलदार के बीच बढ़ा विवाद

भूमि अलॉटमेंट के कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश

राजस्व अधिकारियों की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण के विरुद्ध धारा 91 में दर्ज कर कार्रवाई करने के बिंदु पर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल व झुंझुनूं तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी के बीच वाद-विवाद हो गया।

बैठक में तहसीलदार की ओर से अभद्रता किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कलेक्टर ने बैठक को बीच में ही छोड़ दिया और चली गई। बैठक में मौजूद राजस्व अधिकारियों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र कलेक्टर को देकर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जानकारी के अनुसार राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही थी। इस दौरान चारागाह की जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध धारा 91 में मामले दर्ज कर कार्रवाई का बिंदु में झुंझुनूं तहसील द्वारा कम कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई तो इस बारे में तहसीलदार से पूछा। इस पर तहसीलदार सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि चारागाह जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पंचायतें करती हैं। यह तहसीलदारों का काम नहीं है। इस बात को लेकर दोनों में वाद-विवाद हो गया। तहसीलदार द्वारा जिस लहजे में जवाब दिया गया उससे कलेक्टर नाराज हो गई और वे बैठक को बीच में ही छोड़कर चली गई। इसके बाद एडीएम व अन्य राजस्व अधिकारियों ने तहसीलदार को समझाया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को पत्र सौंपा।

जिसमें लिखा कि राजस्व अधिकारियों की बैठक में झुंझुनूं तहसीलदार द्वारा कलेक्टर के सवाल पर अतार्किक उत्तर दिए और अशोभनीय व्यवहार किया। जो पद की गरिमा के विरुद्ध है। इसलिए इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मांग पत्र पर एडीएम रामरतन सौंकरिया सहित बैठक में उपस्थित पांच एसडीएम व अन्य राजस्व अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। बैठक में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने सभी राजस्व अधिकारियों को बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि का चिन्हीकरण व अलॉटमेंट जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का संबंधित अधिकारी मिशन मोड पर लेकर निस्तारण करने, पांच से दस साल के मामलों की नियमित सुनवाई करने व बकाया तामिलों में गति लाने, एलआर एक्ट के तहत विचाराधीन मामलों के निस्तारण में प्रगति लाने, अधीनस्थ कार्यालय का नियमित निरीक्षण करने, संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों का समय पर निस्तारण करने, भू-रुपांतरण व गैर खातेदारी मामलों का जल्द निस्तारण करने, सीमाज्ञान, भू-रुपांतरण सहित ऑनलाइन सेवाओं का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए कहा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/dispute-escalated-between-the-collector-and-the-tehsildar-on-the-point-of-action-against-encroachment-133353868.html

Tuesday, 11 June 2024

जिला कलेक्टर ने रात्रि चौपाल में सुनी ग्रामीणों की जनसमस्याएं

मौके पर हुआ समाधान : नयाबास में खुलेगी उचित मूल्य की दुकान, क्यामसर गांव में टैंकर से होगी जलापूर्ति

झुंझुनूं : जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने, समझने और समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार को धनुरी गांव के उच्च माध्यमिक विद्यालय में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। रात्रि चौपाल में पेयजल, रास्तों के प्रकरण, अतिक्रमण, बिजली, सड़क और अन्य समस्याओं से संबंधित 18 परिवाद आए। जिला कलक्टर ने समस्याओं के नियमानुसार समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए और गांव वालों को आश्वासन दिया की प्रशासन सभी की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनकी 

समस्याओं का नियमानुसार समाधान किया जाएगा।

धनुरी गांव के लोगों ने कलेक्टर को परिवाद दिया कि गांव के ग्रामीण बैंक को अन्यत्र स्थानांतरण नहीं किया जाए इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही राजस्व अधिकारियों को ग्राम पंचायत को भूमि देने के निर्देश दिए । पेयजल समस्याओं की सुनवाई के दौरान कलेक्टर ने पीएचईडी के अधिकारियों से धनुरी गांव में बनी टंकी के बारे में जानकारी ली तो संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले एक महीने में सभी कार्य पूर्ण गांव की सप्लाई चालू कर दी जाएगी ।

मौके पर ही हुआ इन समस्याओं का समाधान
– रात्रि चौपाल में नयाबास के लोगों ने कलेक्टर से उचित मूल्य की दुकान गांव में लगाने के मांग की जिस पर कलेक्टर ने मौके पर ही जिला रसद अधिकारी को निर्देश दिए। इस पर रसद अधिकारी ने ग्रामीणों को बताया कि नयाबस में अस्थाई उचित मूल्य की दुकान लगाई जाएगी वहीं अगस्त महीने का राशन नयाबास में ही वितरित किया जाएगा ।

– क्यामसर गांव के लोगों ने बताया कि उनके कई घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है । इस पर कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए जलदाय विभाग को निर्देश दिए की आज से ही टैंकर चलाए जाएं एवं पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ।

धनुरी गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत को लेकर कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चार दिन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

इस दौरान जिला परिषद सीईओ अंबालाल मीणा, मलसीसर एसडीएम सहित जिला स्तरीय अधिकारी व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे ।

मूल ऑनलाइन लेख - https://janmanasshekhawati.com/news/78314

Monday, 27 May 2024

चारागाह से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम दूसरी बार बैरंग लौटी: ग्राम सेवक अचानक छुट्टी पर, तहसीलदार से कहा- मैं अवकाश पर हूं

 

झुंझुनूं में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम को बैरंग लौटना पडा। टीम बुधवार को सुबह जिले की आबूसर पंचायत के दुर्जनपुरा, अणगासर व आबूसर गांव में चारागाह भूमि से जाप्ते के साथ अतिक्रमण हटाने गई थी। लेकिन ग्राम सेवक छुट्टी पर होने के कारण करीब 4 घंटे के बाद टीम वापस लौट गई।

इससे पहले भी करीब चार महीने पहले 18 फरवरी को टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। लेकिन ग्रामसेवक व सरपंच के द्वारा सहयोग नही करने पर टीम वापस लौट गई। पंचायत प्रशासन की ओर से टीम को ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए गए और किसी तरह के अन्य संसाधन ही मुहैया कराए गए।

तहसीलदार से कहा- मैं छुट्‌टी पर हूं

इस बार भी यह हुआ जैसे ही ग्राम सेवक को पता चला वे छुट्टी पर चले गए। टीम को संसाधन उपलब्ध नही कराए गए। मौके से तहसीलदार ने ग्राम विकास अधिकारी से फोन पर बात की गई तो जवाब मिला- मैं छुट्टी पर हूं। उन्होंने एसडीएम और विकास अधिकारी को सूचित किया।

उन्होंने बताया कि आबूसर दुर्जनपुरा और अणगासर गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश है। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व टीम गई थी। पिछली बार ग्राम सेवक बिना बताए छुट्टी पर चले गए थे, संसाधन उपलब्ध नहीं कराए थे। आज भी वही हुआ, जैसे ही जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे तो ग्राम सेवक फिर से छुट्टी पर मिले।

एडिशनल वीडीओ नहीं जुटा पाया संसाधन

इसके बाद एसडीएम और वीडीओ को मामले की जानकारी दी। उपखण्ड अधिकारी एडीशनल वीडीओ को मौके पर भेजा, लेकिन वो भी संसाधन की व्यवस्था नही कर पाए। जबकि कार्रवाई से पहले से सूचित किया गया था। लिखित में आदेश था।

उन्होंने बताया कि बार बार संसाधन के अभाव और पंचायत की इच्छा शक्ति के अभाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि चारागाह भूमि ग्राम पंचायत के संरक्षण में होती है। कानून के द्वारा उन्हें शक्तियां दी गई है। उसका निर्वहन पंचायत के द्वारा नही किया जा रहा है।

बहुत गैर जिम्मेदार रवैया ग्राम पंचायत के द्वारा बरता जा रहा है। बार बार बैरंग लौटने से शासन - प्रशासन की छवि खराब हो रही है। फिर से रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

तहसीलदार बोले- नोटिस दिया था

तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि पिछली बार ग्राम सेवक को सीईओ और वीडीओ के द्वारा नोटिस दिया गया था। उन्होंने क्या स्पष्टीकरण दिया ये तो उन्हें ही पता है। लेकिन नोटिस दिया था ये मेरी जानकारी में है। अब ग्राम सेवक में किसी का भय है या ग्रामीणां को दवाब ये तो वही पता सकते है।

वे अचानक से अवकाश पर चले जाते है, पिछली बार भी ऐसा ही किया था। जैसे ही संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे कार्रवाई करेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/the-team-returned-empty-handed-for-the-second-time-133092110.html


Thursday, 2 May 2024

अलसीसर की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया

अलसीसरकी चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करने की तैयारी कर रहे एक व्यक्ति को शनिवार को पाबंद कर दिया गया। एसडीएम अनिता धतरवाल ने अतिक्रमण हटा कर सामान जब्त कर लिया। जानकारी के अनुसार अलसीसर के प्रहलाद नायक ने पंचायत समिति के पास चारागाह भूमि पर ताबूत लगाकर कब्जा कर रखा था। वह वहां पर निर्माण कार्य करने की तैयारी कर रहा था। वार्ड के लोगों ने तहसील में शिकायत दर्ज कराई। शनिवार सुबह जब एसडीएम अनिता धतरवाल मौके पर पहुंची तो काम को बंद करा दिया। गिरदावर को मामले की जांच कर सामान जब्त करने के लिए कहा। गिरदावर सांवरमल मीणा ने बताया कि प्रहलाद पुत्र चुन्नीलाल नायक ने खसरा नम्बर 676 में 150 वर्गगज जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था। बाद वहां पड़े सीमेंट के 150 ताबूत को जब्तकर आगे की कार्रवाई तक पाबंद किया। उधर, प्रहलाद नायक का कहना था कि उसके पास 1975 में बीडीओ द्वारा जारी किया गया पट्‌टा है। पट्‌टे का आज तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।

अलसीसर की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करते हुए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-malsisar-news-054013-2266908-nor.html/

Tuesday, 13 February 2024

ग्रामीण बोले: रवां बांध को बचाने के लिए निरस्त करो लीज

 

                                                         खेतड़ी . उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देते रवां गांव के ग्रामीण ।

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : आज़ाद अहमद खान

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के रवां पंचायत के ग्रामीणों ने मंगलवार को आवंटित लीज को निरस्त करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है। इस दौरान उन्होंने लीज निरस्त नहीं होने पर लीजो का संचालन नहीं होने देने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों की ओर से एसडीएम जयसिंह चौधरी को दिए ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार की ओर से रंवा पंचायत के खातीपुरा में खनन को लेकर लीजो का आवंटन किया गया है।

सरकार की ओर से जिस पहाड़ लीज आवंटित की है वह खातीपुरा के पहाड़ चारागाह के लिए है। यह पहाड़ बांध के उत्तर पश्चिम दिशा में बांध की पाल का काम करते हैं। यह चारागाह पहाड़ बांध के जल भराव का हिस्सा है। बांध के भराव क्षेत्र, चारागाह व पहाड़ की सच्चाई को छिपाकर गलत तरीके से इन लीजो का आवंटन किया गया है। जिससे आगामी समय में ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मामले को कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो ग्रामीण लीजो का संचालन नहीं होने देंगे तथा बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ सकता है। इस दौरान एसडीएम जय सिंह चौधरी ने जल्द ही मामले की जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

इस मौके पर राम सिंह अवाना, रामकिशन अवाना, नरोत्तम जांगिड़, सुल्तान सिंह, मुंशीलाल, रामोतार, मोहर सिंह, दाता राम, राजकुमार, महेंद्र कुमार, अनिल कुमार, शीशराम, राजू, रविंद्र, छत्रपाल सिंह, सत्यनारायण, सुरेश कुमार, अनिल कुमार सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://janmanasshekhawati.com/news/55739

Friday, 19 January 2024

सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने नहीं किया सहयोग! अतिक्रमण हटाए बिना लौटा प्रशासन

झुंझुनूं से लगती आबूसर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी व गांव के सरपंच द्वारा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं करने के चलते करीब 3 घंटे इंतजार के बाद राजस्व टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा.

झुंझुनूं से लगती आबसर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी व गांव के सरपंच द्वारा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं करने के चलते करीब 3 घंटे इंतजार के बाद राजस्व टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा. राजस्व टीम झुंझुनूं तहसीलदार सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आबूसर पंचायत के अणगासर, आबूसर व दुर्जनपुरा गावों में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई थी. लेकिन पंचायत प्रशासन की ओर से टीम को ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए गए और किसी तरह के अन्य संसाधन ही मुहैया कराए गए.
अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं 
 
गौरतलब है कि परिवादी ख्यालीराम द्वारा लोकायुक्त के यहां की गई शिकायत के बाद जिला कलेक्टर व झुंझुनूं एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम चारागाह से अतिक्रमण हटाने के लिए आबूसर ग्राम पंचायत पहुंच गई थी. एएओ राजेश बजाड ने बताया कि आबूसर पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी दिलीप कुमार को पत्र और दूरभाष पर जानकारी देने के बावजूद भी उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाया. ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सरपंच ने अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं किया. अतिक्रमण हटाने में ग्राम पंचायत का सहयोग नहीं मिलने से राजस्व टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही लौट गई.

प्रशासन को वापस लौटना पड़ा 
राजस्थान में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन ने  अतिक्रमण हटाने तथा अवैध खनन को लेकर सख्त है. पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लेकिन झुंझुनूं से लगती आबूसर ग्राम पंचायत में एक ऐसी घटना सामने आई है. जहां पर भूमि से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन को वापस बीना कोई कार्रवाई करे लौट गई. दरअसल प्रशासन जब कार्रवाई करने गई तो वहां के पंचायत प्रशासन ने ना तो ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए. जानकारी के मुताबिक पहले से जानकारी होने के बावजूद भी पंचायत सरपंच ने अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं किया. 

मूल ऑनलाइन लेख - https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/jhunjhunu/administration-returned-without-removing-encroachment-in-jhunjhunu/2067994

Jhunjhunu: सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने नहीं किया सहयोग! अतिक्रमण हटाए बिना लौटा प्रशासन

 Jan 19, 2024, 07:42 PM

झुंझुनूं से लगती आबूसर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी व गांव के सरपंच द्वारा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं करने के चलते करीब 3 घंटे इंतजार के बाद राजस्व टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा.


Jhunjhunu news: झुंझुनूं से लगती आबूसर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी व गांव के सरपंच द्वारा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं करने के चलते करीब 3 घंटे इंतजार के बाद राजस्व टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा. राजस्व टीम झुंझुनूं तहसीलदार सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आबूसर पंचायत के अणगासर, आबूसर व दुर्जनपुरा गावों में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई थी. लेकिन पंचायत प्रशासन की ओर से टीम को ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए गए और किसी तरह के अन्य संसाधन ही मुहैया कराए गए.

अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं 

 गौरतलब है कि परिवादी ख्यालीराम द्वारा लोकायुक्त के यहां की गई शिकायत के बाद जिला कलेक्टर व झुंझुनूं एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम चारागाह से अतिक्रमण हटाने के लिए आबूसर ग्राम पंचायत पहुंच गई थी. एएओ राजेश बजाड ने बताया कि आबूसर पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी दिलीप कुमार को पत्र और दूरभाष पर जानकारी देने के बावजूद भी उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाया. ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सरपंच ने अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं किया. अतिक्रमण हटाने में ग्राम पंचायत का सहयोग नहीं मिलने से राजस्व टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही लौट गई.

प्रशासन को वापस लौटना पड़ा 

राजस्थान में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन ने  अतिक्रमण हटाने तथा अवैध खनन को लकर सख्त है. पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लेकिन झुंझुनूं से लगती आबूसर ग्राम पंचायत में एक ऐसी घटना सामने आई है. जहां पर भूमि से अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन को वापस बीना कोई कार्रवाई करे लौट गई. दरअसल प्रशान जब कार्रवाई करने गई तो वहां के पंचायत प्रशासन ने ना तो ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए. जानकारी के मुताबिक पहले से जानकारी होने के बावजूद भी पंचायत सरपंच ने अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं किया.

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Tuesday, 16 January 2024

ग्रामसेवक व सरपंच ने नहीं किया सहयोग इसलिए अतिक्रमण हटाए बिना लौटी टीम

 तीन गांवों की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम बैरंग लौटी

ग्राम विकास अधिकारी व गांव के सरपंच द्वारा चारागाह भूमिसे अतिक्रमण हटाने में सहयोग नहीं करने के चलते करीब 3 घंटे इंतजार के बाद राजस्व टीम को बैरंग ही लौटना पड़ा। यह टीम गुरुवार को तहसीलदार सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जिले की आबूसर पंचायत के अणगासर, आबूसर व दुर्जनपुरा गावों में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई थी।

लेकिन पंचायत प्रशासन की ओर से टीम को ना तो जेसीबी उपलब्ध व मजदूर उपलब्ध कराए गए और किसी तरह के अन्य संसाधन ही मुहैया कराए गए। गौरतलब है कि एक परिवादी ख्यालीराम द्वारा लोकायुक्त के यहां की गई शिकायत के बाद जिला कलेक्टरव एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम गुरुवार सुबह 10 बजे ही वहां पहुंच गई थी। तहसीलदारने बताया कि आबूसर पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी दिलीप कुमार को पत्र और दूरभाष पर जानकारी देने के बावजूद भी उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई संसाधन उपलब्ध नहीं करवाया।

मौके से ग्राम विकासअधिकारी से फोन पर बात की गई तो जवाब मिला- मैं छुट्टी पर हूं,जेसीबी व मजदूरों की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। पंचायत में कनिष्ट सहायक मंजू कुमारी ने आबूसर सरपंच से फोन पर बात की तो उन्होंने भी सहयोग नहीं किया। इसके बाद यह टीम बिना अतिक्रमण हटाए ही लौट आई।
आबूसर पंचायत भवन में संसाधनों का इंतजार करती टीम।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/gramsevak-and-sarpanch-did-not-cooperate-hence-the-team-returned-without-removing-the-encroachment-132463765.html

Wednesday, 12 July 2023

चारागाह भूमि पर पौधारोपण के लिए मांगी अनुमति, अतिक्रमण हटाने की मांग भी की

बड़वासी में स्थित कलवानिया में चारागाह भूमि में पौधारोपण के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी गई है। इस बारे में प्रदीप शर्मा ने एसडीएम से अनुमति मांगी है। एसडीएम को भेजे गए पत्र के अनुसार चारागाह भूमि में वृक्ष धीरे-धीरे समाप्त हो गए है। इसलिए इस चारागाह भूमि पर पौधारोपण करवाकर तारबंदी की अनुमति दी जाए, ताकि हरियाली बढ़े। कुछ दिनों पहले तारबंदी के लिए पत्थर लगाए गए थे, लेकिन अज्ञात व्यक्तियों ने इन पत्थरों को उखाड़कर फेंक दिया। एसडीएम ने इस बारे में बीडीओ से रिपोर्ट मांगी है। उधर, कलवानिया के लोगों ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/nawalgarh/news/permission-sought-for-plantation-on-pasture-land-also-demanded-removal-of-encroachment-131526738.html


Monday, 21 November 2022

चारागाह भूमि से तीन माह में अतिक्रमण हटाए कलेक्टर

जयपुर, 21 नवंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने झुंझुनूं की सूरजगढ तहसील के ग्राम फरहत की चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित पीएलपीसी को तीन माह का समय दिया है। वहीं अदालत ने याचिकाकर्ता को कहा है कि वह इस संबंध में अपनी आपत्ति पीएलपीसी के समक्ष पेश करे। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश भगवानी देवी की याचिका पर दिए।

याचिका में अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा ने अदालत को बताया कि फरहत गांव की सात हैक्टर चारागाह भूमि पर गांव के प्रभावशाली लोगों ने कब्जा करने के बाद निर्माण कर लिया है। यदि अन्य लोग इस भूमि पर गलती से भी प्रवेश कर जाए तो अतिक्रमी उन्हें मारने पर उतारू हो जाते हैं। याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण को हटाने ने लिए स्थानीय प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अतिक्रमी रसूखदार होने के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को कहा है।


हिन्दुस्थान समाचार/पारीक/संदीप 

https://www.hindusthansamachar.in/Encyc/2022/11/21/Collector-removed-encroachment-from-pasture-land.php

Saturday, 9 April 2022

चारागाह को मैरिज गार्डन के रूप में करें विकसित:बंजर व चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक, भूमि विकास के लिए आए अनूठे सुझाव

झुुंझुनूं

जिला ​परिषद में आज जिला स्तरीय बंजर व चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक हुई। जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि ने अध्यक्षता की। जिसमें गांवों में स्थित चारागाह भूमि के विकास को लेकर चर्चा की गई। बैठक में प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष व नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा ने इसके लिए काफी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उन्होंने कहा कि बिना ग्रामीणों के सहयोग के किसी भी गांव में चारागाह जमीन का विकास नहीं हो सकेगा। इसलिए गांव स्तर पर समितियां बनाई जाएं और उनमें गांव के युवा विकास मंडलों को भी जोड़ा जाए। इसके बाद इन जमीनों का कई तरह से विकास किया जा सकता है। नरेगा की पंचफल योजना से जोड़कर हम इसमें फल लगा सकते हैं। खेल ग्राउंड तैयार कर सकते हैं। या फिर ग्रामीणों का सहयोग मिले तो गांवों में मैरिज गार्डन भी विकसित किया जा सकता है।

इस मौके पर जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सबसे पहले जो चारागाह जमीनें अतिक्रमण से मुक्त है। उनका विकास करें। ताकि उन्हें भविष्य में होने वाले अतिक्रमणों से बचाया जा सके। इसके बाद जिन जमीनों पर अतिक्रमण हो रखा है। उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि आज सभी प्रधानों, बीडीओ की मौजूदगी में यह दूसरी बैठक हुई है। हम लगातार ऐसी जमीनों को चिह्नित कर उनके विकास के लिए अलग-अलग प्लानिंग तैयार कर रहे हैं। आने वाले समय में ये चारागाह भूमि ​गांव के विकास और खासकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

जिला परिषद सीईओ जवाहर चौधरी ने बताया कि सभी 11 पंचायत समितियों की 337 ग्राम पंचायतों से हमें चारागाह जमीनों के बारे में जानकारी आ गई है। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले मनरेगा के तहत इन जमीनों के विकास का प्लान तैयार कर लिया जाए। ताकि इनका विकास हो सके। बैठक में झुंझुनूं प्रधान पुष्पा चाहर, बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, अलसीसर प्रधान घासीराम पूनियां, डीएफओ आरके हुड्डा, केवीके के डॉ. दयानंदसिंह समेत कई एनजीओ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sikar/jhunjhunu/news/barren-and-pasture-land-development-committee-meeting-unique-suggestions-for-land-development-129630542.html

Friday, 8 April 2022

बंजर और चारागाह भूमियों के आएंगे अच्छे दिन, विकास समिति की हुई बैठक

 


Jhunjhunu: 

झुंझुनूं जिला ​परिषद में आज जिला स्तरीय बंजर और चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि की अध्यक्षता में हुई. जिसमें गांवों में स्थित चारागाह भूमि के विकास को लेकर चर्चा की गई. बैठक में प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष व नवलगढ़ प्रधान दिनेश सुंडा ने इसके लिए काफी महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि बिना ग्रामीणों के सहयोग के किसी भी गांव में चारागाह जमीन का विकास नहीं हो सकेगा. इसलिए गांव स्तर पर समितियां बनाई जाए और उनमें गांव के युवा विकास मंडलों को भी जोड़ा जाए. इसके बाद इन जमीनों का कई तरह से विकास किया जा सकता है. 

नरेगा की पंचफल योजना से जोड़कर हम इसमें फल लगा सकते हैं. खेल ग्राउंड तैयार कर सकते हैं या फिर ग्रामीणों का सहयोग मिले तो गांवों में मैरिज गार्डन भी विकसित किया जा सकता है. इस मौके पर जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सबसे पहले जो चारागाह जमीनें अतिक्रमण से मुक्त है. उनका विकास करें ताकि उन्हें भविष्य में होने वाले अतिक्रमणों से बचाया जा सके. इसके बाद जिन जमीनों पर अतिक्रमण हो रखा है. उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जा सके.

उन्होंने बताया कि आज सभी प्रधानों, बीडीओ की मौजूदगी में यह दूसरी बैठक हुई है. हम लगातार ऐसी जमीनों को चिह्नित कर उनके विकास के लिए अलग—अलग प्लानिंग तैयार कर रहे हैं. आने वाले समय में ये चारागाह भूमियां ​गांव के विकास और खासकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. जिला परिषद सीईओ जवाहर चौधरी ने बताया कि सभी 11 पंचायत समितियों की 337 ग्राम पंचायतों से हमें चारागाह जमीनों के बारे में जानकारी आ गई है. हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले मनरेगा के तहत इन जमीनों के विकास का प्लान तैयार कर लिया जाए ताकि इनका विकास हो सके. बैठक में झुंझुनूं प्रधान पुष्पा चाहर, बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, अलसीसर प्रधान घासीराम पूनियां, डीएफओ आरके हुड्डा, केवीके के डॉ. दयानंदसिंह समेत कई एनजीओ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे.


Report: Sandeep Kedia

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