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Monday, 17 February 2025

मियाड़ा की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

 बारां| मियाड़ा निवासी हंसराज यादव ने मियाड़ा तहसील स्थित चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में हंसराज यादव ने बताया कि बारां तहसील के मियाड़ा गांव में चरागाह भूमि स्थित है। करीब 25-30 बीघा भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। कब्जा करीब 15 वर्षों से चला आ रहा है। दबंगों ने चारागाह भूमि पर अवैध रूप से एक बोरवेल भी कर रखा है और बिजली कनेक्शन ले रखा है। कब्जा हटाने की मांग को लेकर पूर्व में नायब तहसीलदार उप तहसील कोयला को ज्ञापन दिया था। मामले में कार्रवाई नहीं की गई।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/demand-to-remove-encroachment-from-miyadas-pasture-land-134486842.html


Tuesday, 3 December 2024

चारागाह भूमि जल्द मुक्त करवाओ

मांगरोल। रकसपुरियाके ग्रामीणों ने एसडीओ को ज्ञापन देकर चारागाह को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर रास्ता खुलासा करवाने की मांग की है। ग्रामीण लोकेश मीणा, राजाराम, दुर्गाशंकर ने बताया कि रकसपुरिया में स्थित चरागाह भूमि सहित खेतों पर जाने वाले मुख्य रास्ते पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर काश्त कर रखी है। इससे खेतों तक जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-mangrol-news-054004-2261290-nor.html

Saturday, 30 November 2024

प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई, चार गांवों में हटाया अतिक्रमण

जिला कलक्टर के निर्देश पर उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत की मौजूदगी में शुक्रवार को क्षेत्र के चार जगह मऊ, रावलजावल, मूंडला व पाड़लिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

जिला कलक्टर के निर्देश पर उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत की मौजूदगी में शुक्रवार को क्षेत्र के चार जगह मऊ, रावलजावल, मूंडला व पाड़लिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

चार घंटे चली कार्रवाई, मऊ, रावलजावल, मूंडला व पाडलिया में पहुंची टीम मांगरोल। 

जिला कलक्टर के निर्देश पर उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत की मौजूदगी में शुक्रवार को क्षेत्र के चार जगह मऊ, रावलजावल, मूंडला व पाड़लिया में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। टीम रावलजावल गांव पहुंची। वहां उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिए आरक्षित खसरा नम्बर 581 की 0.16 हैक्टेयर भूमि के अतिक्रमण हटाने के बाद भूमि चिकित्सा विभाग को सुपुर्द की गई। इसके बाद छत्रपुरा पंचायत के मूंडला गांव में खसरा नम्बर 545 की सिवायचक भूमि पर दो मंजिला पक्की दुकान को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त किया गया। इसके बाद बोहत पंचायत के पाड़लिया में खेतों पर जाने के पुराने रास्ते का अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटाने की चार घंटे चली कार्यवाही के दौरान पुलिस उप अधीक्षक श्योजीराम मीणा, मांगरोल थानाधिकारी, सीसवाली थानाधिकारी बाबूलाल, तहसीलदार शंभूदयाल मित्तल, भू अभिलेख निरीक्षक मोहम्मद सादिक, नरेश कुमार पटवारी, अरिहंत जैन संबंधित हल्कों के पटवारी व 40 पुलिस जवान मौजूद रहे।

पीला पंजा चला तो मिनटों में ढहा दिया कमरा मऊ।

गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान जेसीबी की मदद से कब्जे हटाए गए। जानकारी के अनुसार उपखंड अधिकारी अंजना सहरावत की मौजूदगी में प्रशासन ने दोपहर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसबल मौजूद रहा।

पुलिसबल रहा मौजूद

मय पुलिस बल के साथ शुरू हुई। प्रशासन के लवाजमे ने जेसीबी की मदद से भूराजस्व नियम की धारा 91 के तहत कार्रवाई की। इस दौरान खसरा 1020 की सिवाय चक भूमि में बने टीनशेड कमरेनुमा मकान को ढहा दिया गया। इसमें पशुओं के लिए भूसा भरा था। भूसाघर को देखते ही देखते कुछ मिनटों में ही ढहा दिया गया। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई लगभग पौन घंटे तक चली। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए बारां से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था।

सिवायचक जमीन पर किया था कब्जा

मौके पर मौजूद तहसीलदार शंभूदयाल मित्तल ने बताया कि मऊ गांव के किसान सीताराम मीना ने पौने चार बीघा सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। इस पर उसने कच्चा मकान बना रखा था। शिकायत मिलने पर उपखंड अधिकारी के आदेश पर प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

जमीन का सीमांकन

अतिक्रमण हटाने के साथ ही प्रशासन ने मौके पर मौजूद सरकारी भूमि का सीमाज्ञान करके सरकारी भूमि को रेखांकित भी कर दिया है। दूसरी तरफ प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अतिक्रमण के आरोपी किसान सीताराम के पुत्र अशोक मीना ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की जो यह कार्रवाई की है, वह गलत है। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तो समूचे गांव में हो रहा है। लेकिन प्रशासन हमारा ही अतिक्रमण हटाया गया है, जो न्यायोचित नहीं है।

इधर, ब्रजनगर से भी रास्ते का किया खुलासा किशनगंज।

ग्राम ब्रजनगर में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस के संयुक्त सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस अभियान में अभय राज ङ्क्षसह, तहसीलदार किशनगंज, गणेश खंगार, नायब तहसीलदार नाहरगढ़, अशरफ अली, भू-अभिलेख निरीक्षक रेलावन, इमरान खान, पटवारी रामगढ़, सावित्री सहरिया, पटवारी ब्रजनगर, तथा थानाधिकारी, पुलिस थाना किशनगंज मय जाप्ता उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत ब्रजनगर के सरपंच ने भी सहयोग प्रदान किया। तहसीलदार ने बताया की कार्यवाही के दौरान पाया गया कि यह मार्ग मात्र सात-आठ फीट चौड़ा था, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली के आवागमन में ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यह सडक़ चारागाह भूमि से होकर गुजरती है। सीमांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस रास्ते को 30 फीट चौड़ा किया गया। ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध करवाई गई तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से अतिक्रमण में आ रहे पत्थरों, बाढ़, और झाडिय़ों को हटाया गया। इसके पश्चात मार्ग को पूर्ण रूप से खुलवाकर ग्रामीणों के लिए सुगम बनाया गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/baran-news/action-against-encroachment-19192311

Monday, 11 November 2024

अवैध खनन ने नदियों को किया छलनी, नष्ट कर दिए तटबंध

जिले की नदियों के आसपास, नदियों के पेटे में दिनदहाड़े अवैध खनन जारी है। ऐसे में इन नदियों का न केवल स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है।


जिले की नदियों के आसपास, नदियों के पेटे में दिनदहाड़े अवैध खनन जारी है। ऐसे में इन नदियों का न केवल स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है।

माफिया ने बिगाड़ दी सूरत, जगह-जगह दिख रहे खनन के घाव
बारां। जिले की नदियां लगातार हो रहे अवैध खनन से कराह रही हैं। इससे न केवल उनका प्राकृतिक बहाव मार्ग, स्वरूप बिगड़ रहा है। बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। कालीसिंध, पार्वती और परवन नदी के हाल भी बेहाल हैं। पत्थर के लगातार खनन से इनमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। रेत और मिट्टी के लालच में नदियों के तटों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया गया है। इससे तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रदेश में खास अहमियत रखता है। पहला तो यह कि यहां पर प्रदेश के सबसे घने वनक्षेत्र हैं। दूसरा यह जिला प्रदेश का इकलौता जिला है, जहां सबसे अधिक नदियां बहती हैं। जिले में कालीङ्क्षसध, पार्वती, परवन जैसी बड़ी नदियों के अलावा कई छोटी-छोटी नदियां हैं। ऐसे में खनन की बात करना अहम हो जाता है। जिले की नदियों के आसपास, नदियों के पेटे में दिनदहाड़े अवैध खनन जारी है। ऐसे में इन नदियों का न केवल स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो रहा है। खनन माफिया जिले में हर नदी में आसानी से नजर आ जाते हैं।

अंधेरी नदी : नहीं लग पा रहा खनन पर अंकुश
कवाई। मोठपुर क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन चरम पर है। माफिया ने यहां डूंगरियों एवं पहाड़ों को खोदकर सुरंगें बना दी हैं। यहां दिन रात लोग पहाड़ों को खोदकर बजरी निकालने में लगे हैं। इसका कुछ खनन माफिया स्टॉक भी करके रखते है एवं मोटे मुनाफे में बेच देते हैं। बजरी परिवहन कस्बे के मुख्य चौराहों से भी हर पल होता रहता है। समूचे क्षेत्र में बजरी निकालने वालों ने जान जोखिम में जगह- जगह डालकर चारागाह की भूमियों पर गहरी कराइयों में खड़े होकर बजरी निकालते है।

खटफाड़ नदी : अवैध खनन से गहरे जानलेवा गड्ढे हो गए
जलवाड़ा । वन विभाग की उदासीनता से वन भूमि व नदियों में विगत कई वर्षो से हो रहे अवैध खनन से गहरे जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। प्राकृतिक वन सम्पदा को भी गहरा नुकसान पहुंचा है। नाका के खेरंका क्लोजर, गढ़ुली, हांका की चांच सहित पीलिया क्लोजर में अरसे से हो रहे बजरी के अवैध खनन से आठ से दस बीघा वन भूमि नष्ट हो गई है। बजरी खनन से आठ से दस फीट तक गहरे गड्ढे हो गए है। इनमें कभी भी हादसा हो सकता है।

कालीसिंध नदी : दिनभर रहता है ट्रैक्टर ट्रॉलियों का जमावड़ा
पलायथा । क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन से कालीसिंध नदी का स्वरूप ही बदल गया है। सामान्यत: जहां नहाने के लिए पुराने रियासतकालीन पुल पर लोग मौजूद रहते थे। वहां अब अवैध खननकर्ताओं के ट्रैक्टर ट्रालियों की भरमार रहने लगी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के किनारे स्थित इस नदी पर पुल पर यातायात करते वाहन चालक रुककर इसे देखकर अचंभित हो जाते हैं। इस फोरलेन सडक़ पर कारों से गुजरते उच्च अधिकारियों और राजनेताओं द्वारा भी यहां नावों को पानी में उतारकर काली रेत का व्यापार प्रतिबंधित होने के बावजूद भी बदस्तूर जारी है।

पार्वती नदी : बजरी जमा करने के चलते गड्ढे बन गए
किशनगंज। पार्वती नदी पर भी खनन माफिया का हमला जारी है। माफिया ने खनन कर नदी की सूरत बिगाड़ दी है। यहां पर जगह-जगह खनन से बने गड्ढे किसी घाव की तरह नजर आते हैं। आए दिन यहां पर कई मजदूर रेते व पत्थर निकालते नजर आ जाते हैं। इस दौरान यहां ट्रैक्टर ट्रॉलियों का भी जमावड़ा लगा रहता है। नदी के बीचों बीच जगह-जगह माफियाओं द्वारा बजरी जमा करने के चलते गड्ढे बन गए हैं।

अवैध खनन पर कार्रवाई करते हैं। जहां से भी शिकायत मिलती है, कार्रवाई होती है। जब भी लगता है, ज्यादा शिकायत है तो वहां जाने की कोशिश करते हैं तथा खनन को रुकवाने का प्रयास किया जाता है।
भंवरलाल लबाना, एमई, खनन विभाग, बारां

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/baran-news/illigal-mining-in-barran-district-19139422


Saturday, 9 November 2024

पीपल्दा के किसान छीतरलाल के खेत पर पहुंचे अधिकारी: रास्ता देने के लिए किया मौका मुआयना, कलेक्टर ने दिए थे जल्द कार्रवाई के आदेश

 

बारां कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देशानुसार शनिवार को बारां एसडीएम और तहसीलदार ने पीपल्दा गांव के किसान छीतरलाल कुम्हार के खेत पर पहुंचकर उनकी समस्या का समाधान करने के लिए मौके का मुआयना किया।

किसान छीतरलाल के खेत पर पहुंचने के रास्ते के अवरुद्ध होने का मामला जिला कलेक्टर के संज्ञान में आते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई कर परिवादी को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए थे।

एसडीएम अभिमन्यु कुंतल और तहसीलदार दशरथ मीणा की ओर से किए गए निरीक्षण में पाया गया कि प्रार्थी के खसरा नंबर 89, 84, 85, 83 में कोई रिकॉर्डेड रास्ता मौजूद नहीं है। छीतरलाल चारागाह भूमि से आवागमन करता है। वर्तमान में चारागाह भूमि का अतिक्रमण भी हटवा दिया गया है। इसके अलावा, फरियादी किसान को आगे के रास्ते में कुछ खातेदारों की निजी जमीन के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते आपसी सामंजस्य से पहले जो आवागमन होता था, वह अब संभव नहीं हो पा रहा है। साथ ही, परिवादी की मांग के अनुसार उसके खेत के पीछे से गुज़र रहे नाले से रास्ता देना नियमानुसार उचित नहीं पाया गया। बारिश के मौसम में नाला उफान पर होता है और ऐसी स्थिति में वहां से गुजरने पर जान माल को क्षति पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है।

परिस्थिति देखते हुए अधिकारियों ने प्रार्थी को यह सुझाव दिया कि उन्हें सक्षम न्यायालय में दावा प्रस्तुत कर राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 251 (ए) के तहत कानूनी रूप से रास्ते की मांग करनी चाहिए। यह उपाय प्रार्थी की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान कर सकता है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/officials-reached-the-farm-of-pipalda-farmer-chhitarlal-baran-rajasthan-133872097.html


Thursday, 26 September 2024

फतेहपुर में 15 सालों से हो रहा अतिक्रमण हटाया


बारां। शहर के समीप फतेहपुर कस्बे में बेस कीमती सरकारी भवन व भूमि सहित चारागाह जमीन पर पिछले 15 सालों से हो रहे कब्जे को हटाया गया। जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरण फतेहपुर की चारागाह भूमि एवं सरकारी भवनों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बुधवार को तहसीलदार के आदेश पर पुलिस जाब्ते के साथ भू अभिलेख निरीक्षक मोहम्मद सिराज व अरुण गुप्ता पटवारी अंसार हुसैन, अजय कुमार की टीम ने पंचायत के कर्मचारियों को साथ लेकर कस्बे के मेन चौराहे पर स्थित तिलम संघ के पुराने गोदाम जिसे फतेहपुर सहकारी समिति को हस्तांतरित किया हुआ था।

जहां भवन सहित समिति की खाली पड़ी जमीन पर टिन टप्पर व पान की गुमटी लगाकर लंबे समय से कब्जा कर रखा था। इसको हटवाया गया। फतेहपुर भू अभिलेख निरीक्षक मोहम्मद सिराज ने बताया कि सहकारी गोदाम व उसकी जमीन पर लंबे समय से कब्जा किया हुआ था। जिसकी शिकायत ग्रामीण बार-बार कर रहे थे। बुधवार को उसे हटाकर स्ट्रक्चर को समिति के सुपुर्द किया। पटवारी अंसार हुसैन ने बताया कि चारागाह पर अभी फसल खड़ी है। इसलिए पैमाइश संभव नहीं है, बाद में इसे भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की पालना रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/encroachment-going-on-for-15-years-in-fatehpur-removed-133701972.html

Saturday, 17 August 2024

पद के दुरुपयोग प्रकरण में एसीबी बारां ने कोर्ट में पेश किया चालान

बारां। एसीबी बारां की ओर से पद के दुरुपयोग के 7 साल पुराने मामले में एसीबी कोर्ट में चालान पेश किया है। एएसपी गोपाल सिंह कानावत ने बताया कि 8 सितंबर 2014 को एसीबी चौकी बारां पर परिवादी बंमूलियां कलां निवासी सत्यनारायण गुर्जर ने परिवाद पेश किया था। जिसमें बताया था कि ग्राम बंमूलियां कलां तहसील अंता के खसरा नं. 667 जो कि सरकारी कुआं व उसके पास की सरकारी भूमि चारागाह को बंमूलियां कलां के तेजकरण पुत्र केसरीलाल गुर्जर ने अपने भाई बंशीलाल व तत्कालीन पटवारी संदीप गोचर के साथ मिलकर नेशनल हाइवे की ओर से दी जाने वाली रकम हड़पने के लालच में अपने नाम करवाकर सरकार के साथ धोखा व राजकोष का गबन किया है।

जिस पर एसीबी की ओर से परिवाद दर्ज कर जांच शुरू की गई। परिवाद की जांच रिपोर्ट पर 9 जून 2015 को प्रकरण दर्ज हुआ। मामले की जांच की गई तो संपूर्ण नियमन प्रक्रिया नियमानुसार नहीं होने पर तत्कालीन तहसीलदार अंता चौथमल, तत्कालीन कानूनगो रामप्रताप एवं तत्कालीन पटवारी पटवार हल्का बंबूलिया कलां संदीप गोचर से आरोपी तेजकरण ने मिलीभगत कर पूर्व से निर्मित कुएं एवं कुएं पर बने पुराने चबूतरे का भारत सरकार से 80 हजार 784 रुपए का अनुचित लाभ (मुआवजा) प्राप्त किया। खसरा नंबर 667 में स्थित सरकारी कुआं का आरोपी तेजकरण के पक्ष में नियमन की संपूर्ण प्रक्रिया भूमि अवाप्ति के संबंध में भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन के बाद की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/acb-baran-presented-challan-in-court-in-case-of-misuse-of-office-131704924.html

Saturday, 10 August 2024

महापंचायत ने चारागाह भूमि आवंटन निरस्त करने की उठाई मांग


शहर के मांगरोल रोड़ पर पिछले दिनों से चरागाह भूमि का आवंटन निरस्त कराने की मांग को लेकर बुधवार को किसान महापंचायत समेत कई संगठनों ने प्रताप चौक पर बारां कलेक्टर का पुतला जलाया। चरागाह बचाओ संघर्ष समिति ने नगर परिषद बारां के सामने नगर परिषद क्षेत्र के मांगरोल रोड किनारे चरागाह भूमि के आंवटन को रद्द कराने एवं यहां चल रहे निर्माण कार्य को रूकवाने की मांग को लेकर दूसरे दिन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा।

धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मांगरोल रोड किनारे 3 किमी के दायरे में बार-बार चरागाह भूमि को आंवटित करने की निंदा की। किसान महापंचायत प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन की ओर से मांगरोल रोड स्टेट हाइवे व किसानों के खेतों की मेढों के बीच स्थित चरागाह भूमि ही करीब 3 किमी दायरे में अब तक 6 जगह आवंटन कर दी है।

जिसमें एक जगह पर भवन निर्माण नहीं किया है। जिसके चलते अब इन आंवटन को निरस्त करने की मांग की है। किसान महापंचायत प्रदेश संयोजक सिंह ने बताया कि धरने के दौरान कलेक्टर की ओर से चरागाह भूमि को लेकर रहे रवैये पर नाराज होकर किसान महापंचायत समेत आदि संगठनों ने प्रताप चौक पर कलेक्टर का पुतला जलाया। इस दौरान नरेंन्द्र सुमन, देवराज सुमन, महावीर नामा, कांतिचंद शर्मा, दीपांशु गेरा, हेमंत सुमन, राजेंद्र सुमन, पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल, बद्रीप्रसाद मेघवाल, राकेश जैन, भीमराज मीणा, घनश्याम मीणा, सौरभ भार्गव, मनोज शर्मा जिलाध्यक्ष नागरिक गौ सेवा समिति, छीतर सिंह हाडा, पराग वारा, नंदकुमार गौतम, मयंक शर्मा आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/mahapanchayat-raised-demand-for-cancellation-of-pasture-land-allocation-131679872.html

Tuesday, 11 June 2024

रास्ते व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

बोहत। कस्बे में स्थित मुक्तिधाम के पास से मनरेगा के तहत किसानों के लिए काजड़ा क्षेत्र के खेतों तक कृषि संसाधन ले जाने के लिए सुगम रास्ते का निर्माण करवाया गया था। कस्बे के ही एक प्रभावशाली व्यक्ति ने इस रास्ते को पूरी तहत-नहस कर दिया है तथा एक अन्य व्यक्ति ने पास में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। जिससे काजड़ा क्षेत्र के किसानों को खेतों तक कृषि संसाधन व मवेशियों को ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। खेतों के रास्ते व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा अतिक्रमियों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर बुधवार को क्षेत्र के किसानों ने स्थानीय ग्राम पंचायत सहित मांगरोल जाकर तह‌सीलदार, बीडीओ को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र मालव, छोटूलाल मालव, हेमराज मालव, लक्ष्मीचंद मालव, टीकमचंद मालव, भूपेंद्र मालव, लोकेश मालव सहित काजड़ा क्षेत्र के कई किसान शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/bahot/news/demand-to-remove-encroachment-from-road-and-pasture-land-133160049.html

Tuesday, 28 May 2024

कलमंडा तालाब में मिट्टी का अवैध खनन रुके, चारागाह अतिक्रमण मुक्त करवाएं

समीपवर्ती कलमंडा में बुधवार रात को संभागीय आयुक्त उर्मिला राजोरिया ने रात्रि चौपाल कर लोगों से संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा बताई समस्याओं का मौके पर समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। जनसुनवाई में 31 परिवाद मिले। स्वास्थ्य व्यवस्था, पानी और बिजली सप्लाई संबंधित समस्याओं के परिवाद पर तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

संभागीय आयुक्त राजोरिया व कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने रात्रि चौपाल में जनसुनवाई के दौरान चिकित्सा, पानी, बिजली सप्लाई, नए भवन की स्वीकृति, अवैध मिट्टी खनन पर आवश्यक कार्रवाई, प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने समेत आदि को लेकर सुनवाई की।

रात्रि चौपाल के दौरान जनसुनवाई में गांव के तालाब पर अवैध खनन को रोकने, चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने, नालियों की सफाई, तालाब का गहरीकरण, ईट-भट्टे के प्रदूषण को रोकने, खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़वाने, पुराने बस स्टैंड में पीने के पानी की व्यवस्था, कलमंडा से तलावडा जाने वाले रास्ते की मरम्मत, रास्ता विवाद एवं उप स्वास्थ्य केंद्र कलमंडा के लिए भूमि आवंटन करने समेत कुल 31 मामलों की सुनवाई की। संभागीय आयुक्त ने जनसुनवाई के दौरान मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। डिस्कॉम को फाल्ट समय पर सही करने के दिए निर्देश रात्रि चौपाल के दौरान संभागीय आयुक्त ने डिस्कॉम के अधिकारियों से बिजली सप्लाई को सही बनाए रखने के लिए पूरी तरह सजग रहकर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी बिजली फाल्ट हो उसको समय पर ठीक करें। ढीले और झूलते हुए तारों को समय पर ठीक किया जाए ताकि किसी तरह की दुर्घटना घटित नहीं हो।

चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए की अत्यधिक गर्मी को देखते हुए अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू बनाए रखें। लोगों को गर्मी से बचाव के बारे में समय-समय पर जानकारी दे। अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां की उपलब्धता बनाए रखें। रात्रि चौपाल में एडीएम दिवांशु शर्मा, डीएसओ रजत विजयवर्गीय, तहसीलदार महेंद्र यादवेंदु, विकास अधिकारी राहुल बैरवा समेत आदि मौजूद रहे। गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश संभागीय आयुक्त ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यधिक गर्मी पड़ रही है, कई जगह पानी की समस्या की बात भी सामने आ रही है। अधिकारी समस्या की जानकारी मिलते ही उसी समय उसके समाधान के पुख्ता प्रयास शुरू कर दें और समय पर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी इसको सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें, जहां कहीं टैंकरों से पानी आपूर्ति की जानी जरूरी हो, अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि जहां कहीं टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही हो यह जरूर देखें की सही स्थान पर आपूर्ति सुनिश्चित हो। जहां कहीं पेयजल पाइपलाइन लीकेज हो उसको समय पर ठीक कर दिया जाए, हैंड पंप खराब हो उसको सही कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी निरंतर फील्ड में जाएं और कार्य की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/stop-illegal-mining-of-soil-in-kalamanda-pond-free-pastures-from-encroachment-133099072.html

Friday, 3 May 2024

राजस्थान के इस जिले में अवैध खनन व परिवहन जोरों पर, आंख मूंदकर बैठे जिम्मेदार

राजस्थान के बारां जिले के कवाई कस्बे सहित क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का कारोबार चरम पर है। खनन माफिया चरागाह भूमि सहित नदी नालों में जेसीबी से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर टैक्टर ट्रॉली की सहायता से परिवहन करने में लगे हुए हैं।कवाई कस्बे सहित क्षेत्र में इन दिनों अवैध खनन का कारोबार चरम पर है। खनन माफिया चरागाह भूमि सहित नदी नालों में जेसीबी से बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर टैक्टर ट्रॉली की सहायता से परिवहन करने में लगे हुए हैं। ऐसे में जब भी ग्रामीणों द्वारा पुलिस को इस बात की सूचना दी जाती है तो खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई करने का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई नहीं कर पल्ला झाड़ लेती है।

दो दिन पहले अंबेडकर जयंती के अवसर शोभायात्रा के दौरान पुलिस द्वारा कस्बे के खानपुर रोड से एक ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त किया गया था। जिसमें बजरी भरी हुई थी, लेकिन उस पर सिर्फ कागजात के अभाव कि फोरी कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। ऐसे में खनन माफिया बजरी का स्टॉक करने में लगे हुए हैं।

थाने के समीप कर रहे जमीन खुदाई

थाने से महज 4 किलोमीटर दूर थाना क्षेत्र के ग्राम लोलाखेड़ी के समीप सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध खनन कर वहां की भूमि को जगह-जगह से खोखला कर दिया। सालपुरा निवासी अतर खान ने बताया कि कुछ दिनों पहले खेडली गद्दियान के समिप चरागाह भूमि पर जेसीबी चला कर रात्रि के दौरान अवैध खनन किया जा रहा था। जिसकी सूचना पुलिस में भी दी थी, लेकिन समय पर पुलिस नहीं पहुंची। कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में कई बजरी व पत्थर के स्टाक पड़े हुए हैं। जहां से 24 घंटे सड़कों पर होकर इनका परिवहन किया जा रहा था। जिसकी सूचना पुलिस सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी दी जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती।

इसी तरह वन विभाग की भूमि पर भी भारी मात्रा में अवैध खनन का कारोबार जोर शोर से चल रहा। बजरी व पत्थर की भरी ट्रोलियां सरेआम निकलते हुए देखी जा सकती है। जिनको खनन माफिया नेट लगाकर ढक लेते हैं। थाने से महज 2 किलोमीटर दूर अदानी पावर प्लांट और रेलवे लाइन के बीच स्थित वन विभाग की भूमि पर चट्टाने तोड़कर दिन-रात यहां से पत्थर का खनन किया जा रहा है। इस पत्थर को कस्बे में लाकर बेच रहे हैं।

दिनरात निकाल रहे बजरी

अमृत खेड़ी सालपुर के बीच होकर निकल रही लेसी नदी में भी इन दिनों 24 घंटे बजरी का खनन जारी है। सालपुर वासियों द्वारा इसका विरोध भी किया जाता है, लेकिन जिम्मेदार उनकी सुनवाई नहीं कर रहे। सालपुर गांव निवासी एक युवक ने कुछ दिनों पहले खनन का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया था।

इनका कहना
वर्तमान में राजस्थान में कही की भी लीज चालू नहीं है। रॉयल्टी पूरी तरह बंद है।
– अंशुमन कार्यदेशक खनिज विभाग बांरा

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/baran-news/rajasthan-baran-district-illegal-mining-and-transportation-responsible-by-turning-a-blind-eye-mining-mafia-pasture-land-18665202

Saturday, 27 April 2024

भारतीय किसान संघ ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

छीपाबड़ौद| भारतीय किसान संघ ने लहसुन मंडी से अवैध ट्रॉलियों से हो रही परेशानी व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि लहसुन मंडी में अवैध एवं लावारिस खाली ट्रॉलियां खड़ी रहती हैं। जिससे किसानों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लहसुन मंडी में 2000 रुपए लेकर ट्रॉलियां हटाते हैं।

वहां बाहर से आए किसानों से लड़ाई-झगड़ा करते हैं। किसान संघ ने लावारिस ट्रॉलियों को मंडी से हटाने तथा क्षेत्र की चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में रामनाथ मालव, हीरालाल नागर, रामस्वरूप मालव, भीमराज चौधरी, कैलाश मालव, देवकिशन खाती, सत्यनारायण, रवि प्रकाश, कृष्ण मुरारी, टीकमचंद मालव, जगदीश मालव, प्रदीप सेन आदि शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/bharatiya-kisan-sangh-submitted-a-memorandum-to-the-tehsildar-132950139.html

Thursday, 4 April 2024

बैंगना से चारागाह से अतिक्रमण हटाओ

बारां शहरके समीप बैंगना निवासी महिला ने आम रास्ते पर चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने को लेकर मंगलवार को मिनी सचिवालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई है। बैंंगना निवासी सुनीता ने कलेक्टर को कि शिकायत में बताया कि गांव में चारागाह भूमि पर प्रभावशाली लोगो के द्वारा अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमण के चलते मुख्य रास्ते में आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। महिला ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए जल्द मुख्य रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।


मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/rajasthan/baran/news/raj-oth-mat-latest-baran-news-023503-2475149-nor.html

Tuesday, 20 February 2024

चारागाह, वन और पंचायत की भूमि पर बढ़ता जा रहा अतिक्रमण, जिम्मेदार मौन

कस्बे सहित ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों सहित संबंधित विभाग की अनदेखी के कारण दिनोंदिन अतिक्रमियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कस्बे के सार्वजनिक स्थल हो या चारागाह भूमि, वन भूमि, ग्राम पंचायत की भूमि, सरकार की ओर से आवंटित भूमि पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

कस्बे के छीपाबड़ौद रोड पर उपतहसील के पास स्थित सरकारी भूमि, चरागाह भूमि, वन भूमि और पावर हाउस के पास की भूमि पर अतिक्रमियों ने कई सालों से पत्थर डाल अतिक्रमण कर रखा है। बोरखेड़ी रोड पर खाळ के पास की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर कई लोग बाड़े व टपरियां बना रहे हैं। जिसकी जानकारी होने के बाद भी उच्चाधिकारी, हलका पटवारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी नजर अंदाज कर रहे हैं। जिससे कस्बेवासियों सहित ग्रामीणों में रोष है। कस्बे में स्थित खाळ, सार्वजनिक स्थल, सरकारी भूमि, चारागाह भूमि आदि अवैध कब्जों में तब्दील होती जा रही है।
कस्बे के छीपाबड़ौद रोड, अकलेरा रोड, नया बस स्टैंड परिसर, फूलबड़ौद रोड, मेला मैदान आदि पर अतिक्रमण हो रहा है। कस्बेवासियों की मांग है कि सरकारी जमीन, चारागाह भूमि आदि पर हो रहे अतिक्रमणों को हटाया जाए। गांवों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की समस्या नई नहीं है। वन भूमि के साथ ही चारागाह एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर भी प्रभावशाली लोग काबिज हैं। कई जगह सरकारी भूमि पर फसल लहलहा रही है तो कई जगह भवन भी बन गए हैं। गांवों में पंचायत भूमि पर अतिक्रमण को लेकर राज्य सरकार सख्ती के मूड में है।

राज्य सरकार ने सरपंचों को अतिक्रमण हटाने के लिए पंचायतीराज कानून से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करने को कहा है। साथ ही चेताया कि पंचायत से अतिक्रमण नहीं हटने पर सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर पंचायतीराज विभाग ने आदेश भी जारी किए हैं। आदेश के बाद जिला स्तर से भी सरपंचों से 
अतिक्रमण को लेकर सूचनाएं मांगी जाने लगी हैं। विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने आदेश में कहा है कि पंचायत के स्वामित्व की आबादी व खातेदारी भूमि पर कुछ लोग अतिक्रमण कर रहे हैं। पंचायत इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। ऐसे में बेशकीमती सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

यह कहा आदेश में विभागीय आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत की सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण का पता लगाने के लिए हर वर्ष जनवरी व जुलाई माह में सर्वे किया जाए। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन पंचों की समिति बनाई जाएगी। वहीं ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आबादी क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण का ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चारागाह भूमि पर ग्राम पंचायत का स्वामित्व होता है, चाहे तो वह भी कार्रवाई कर सकती है। - योगेंद्र त्रिवेदी, नायब तहसीलदार अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। विभागीय जांच के बाद दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/hanawada-shahji/news/increasing-encroachment-on-pasture-forest-and-panchayat-land-responsible-silence-132623815.html

Saturday, 10 February 2024

चारागाह भूमि पर कब्जा, दर-दर भटकने को मजबूर गौवंश

पेड़ पौधे काटकर उगा रहे फसलें, भू-माफिया लाखों की कर रहे कमाई

सीसवाली कस्बे मे मवेशियों को विचरण करने के लिए आवंटन की गई चारागाह भूमि धीरे-धीरे खेतों में तब्दील होने लग गई।

सीसवाली। सीसवाली उपतहसील क्षेत्र में चारागाह भूमि मौजूद है लेकिन उस पर दबंग लोगों ने सैकड़ों बीघा भूमि पर कब्जा करके फसलें उगा रखी है। जिससे गौवंश दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे है। वहीं कई भूमाफियाओं ने बडे पैमाने पर जगह रोककर प्लानिग काटकर लाखों रुपए कमा रहे है। प्रशासन हर नोटिस देकर इतिश्री कर लेता है। चारागाह भूमि पर साल दर साल भू-माफिया चारागाह भूमि के पेड पौधे काट कर समतल करके फसले उगा रहे है। वहीं उस भूमि पर अवैध पत्थर या अन्य मेटेरियल डाल कर ओर चार दिवारी करके अतिक्रमण करने में नहीं चूक रहे है जबकी प्रशासन को सब मालूम होने के बाबजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। पूर्व मे बारां जिला कलक्टर ने चारागाह भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिया गया था। इसके बावजूद भी सीसवाली कस्बे में हो रहे चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के लिए पंचायत प्रशासन द्वारा सख्त रवैया क्यों नहीं अपनाया गया। पंचायत द्वारा केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर इतिश्री कर दिया गया था। वहीं चारागाह भूमि मे भूमाफियाओं द्वारा अपना कब्जा जमाकर फसले पैदा की जा रही है।

चारागाह भूमि खेतों में होने लगी तब्दील

सीसवाली कस्बे मे मवेशियों को विचरण करने के लिए आवंटन की गई चारागाह भूमि धीरे-धीरे खेतों में तब्दील होने लग गई। सीसवाली कस्बे में हजारों बीघा चारागाह भूमि पर कभी घने पेड़ थे। जिनको काटकर समतल मैदान कर दिए गए और वहां पर अपना अधिकार जमा कर उन्ही मैदानों में अब सिंचाई युक्त खेत बनाकर फसले उगाकर लाखों रुपए की कमाई कर रहे ऐसे भूमाफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर पंचायत विभाग व राजस्व विभाग द्वारा उक्त चारागाह जमीन को अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ राजस्व विभाग द्वारा

उगाकर लाखों रुपए की कमाई कर रहे ऐसे भूमाफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर पंचायत विभाग व राजस्व विभाग द्वारा उक्त चारागाह जमीन को अवैध रूप से कब्जा करने वालों के खिलाफ राजस्व विभाग द्वारा धारा 91 का नोटिस जारी कर नाममात्र का जुर्माना कर दिये जाते हैं। जिससे भू-माफियाओं पर किसी प्रकार का असर नही होता।

चारागाह भूमि पर पक्के रोड बने

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करके रहने वाले लोगो के लिए पंचायत प्रशासन द्वारा चारागाह भूमि पर पक्के रोड बना रखे है। बिजली पानी की लाईने बिछा डाली है। प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुआ है। प्लानिंग काट कर बेचे जा रहे है प्लाटकालूपुरा अन्ता रोड पर भूमाफियाओ द्वारा बडे बडे बाडे रोककर प्लानिंग काट कर लाखो रुपए में प्लाट बेचे जा रही है वही लोग प्लाट खरीद कर पक्के मकान बनाने में नहीं चूक रहे है।

भू-माफिया एवं अवैध खननकर्ता पौधों को कर रहे नष्ट

एक तरफ सरकार पौधारोपण कर आक्सीजन की अत्यधिक मात्रा में उत्पादन करना चाहते है तो वहीं दूसरी ओर जंगल को बचाने में लगी हुई है। पंचायत विभाग द्वारा हर वर्ष नरेगा के तहत लाखो रुपए के पौधारोपण व सुरक्षा खाई खोदी जाती है लेकिन भूमाफियाओं एवं अवैध खननकर्ताओं द्वारा मिट्टी खनन के दौरान पौधों को नष्ट कर दिया जाता है। ऐसा वहीं लोग कर रहे हैं जिन्हें प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है या फिर राजनीति संरक्षण प्राप्त है। अब इसको राजस्व विभाग या पंचायत प्रशासन की लाचारी समझे या फिर लापरवाही संबंधित विभाग व जिम्मेदार प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं।

मवेशी हो गए बेसहारा

अपने घर के सदस्य के रूप मे पालने वाले जानवरों को पशुपालक ही आवारा कहने लगे है। खेतों की मेढ रही नहीं। चारागाह अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया पशुओं का दुध निकालकर पशुपालक सड़कों पर विचरण करने के लिए छोड देते है। वहीं सड़कों पर बैठे रहने वाले जानवर व वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते है। आखिरकार प्रशासन चारागाह की भूमि पर काबिज इन दंबगों पर कार्यवाही की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। जबकि सरकार द्वारा पशुओं को विचरण करने के लिए चारागाह के अंतर्गत भूमि आवंटन की गई थी लेकिन चारागाह की जमीन पर दबंगाई भूमाफिया द्वारा पशुओं को विचरण करने वाली चारागाह भूमि पर कब्जा कर एवं फसल उपजाऊ कर लाखों रुपए अपनी जेब में रख कर पशुओं को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। जिससे रोड पर चलने वाले वाहनों से मवेशी व वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है।

सीसवाली में तीन गोशालाएं संचालित है। सैंकड़ो बीघा जमीन चारागाह भूमि है। जिस पर भी कस्बे के दबंग लोगों द्वारा अपना कब्जा करके फसले उगा रहे है। गौमाता दर-दर भटकने को मजबूर है। दिनभर सड़कों पर विचरण करके कागज, गत्ता, पॉलिथीन, खाकर अपना पेट भर रही है।

लोगों का हौसला इतना बुलंद है कि कुछ लोगों ने तो चारागाह भूमि को ही अपना अधिकार मान कर बड़े-बड़े व्यावसायिक मकान व भाड़े बना लिए। वहीं प्लाट काटकर बेचा जा रहा है। प्रशासन इन भूमाफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।
- सत्यनारायण सोनी, स्थानीय निवासी।

भारतीय किसान संघ ने गत 26 अगस्त 2015 से 2023 तक लगातार ग्राम पंचायत प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन और राज्य प्रशासन व समस्त राजस्थान सरकार में बैठे अधिकारियों को चारागाह व आम रास्तों की समस्याओं को शिविरों व कार्यालयों में ज्ञापन दिया। वही कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। अधिकारों से मिले लेकिन नतीजे का नाम शून्य रहा। कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
- चौथमल नागर, जिला सहमंत्री, भारतीय किसान संघ।

अभी मेरे पास चारागाह भूमि की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसी बात है तो कस्बा पटवारी को अवगत करवाकर सर्वे रिपोर्ट बनवाकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ धारा 91 की कार्यवाही की जाएगी। वहीं चारागाह भूमि को मुक्त करवाया जाएगा।
मंजूर अली दिवान, तहसीलदार, मांगरोल।

मूल ऑनलाइन लेख - https://dainiknavajyoti.com/article/69425/encroachment-of-pasture-land--cattle-forced-to-wander-from-door-to-door

Tuesday, 9 January 2024

सैंकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर लहलहा रहे फसलें खूब कमाई कर रहे दबंग, चारा पानी के लिए तरस रहे पशु

 

डिकमानी ग्राम पंचायत के अंतर्गत रातई खुर्द ग्राम में लगभग 421 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। जिसके चलते गांव के ग्राम पंचायत के क्षेत्र के पशु भूखे मर रहे हैं।

शाहाबाद। शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में हजारों बीघा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करके लाखों की कमाई करके दबंग लोग मुनाफा कमा रहे है। सरकार द्वारा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ ग्राम पंचायत को कार्यवाही करने का अधिकार है। इसके लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च करके बोर्ड भी लगाए गए परंतु अतिक्रमियों ने चारागाह भूमि पर लगे बोर्डों को काटकर फेंक दिया और बेखौफ खेती कर रहे हैं। हरगोविंद निवासी रातई खुर्द ने बताया कि डिकमानी ग्राम पंचायत के अंतर्गत रातई खुर्द ग्राम में लगभग 421 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। जिसके चलते गांव के ग्राम पंचायत के क्षेत्र के पशु भूखे मर रहे हैं। उक्त चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए मैने उच्च न्यायालय जयपुर में केस भी लगाया है। जिसमें न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया है उक्त चारागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाए जाएं। मेरे द्वारा पूर्व में कई बार चरागाह भूमि को लेकर सरकारी कार्मिकों को अवगत कराया गया है परंतु अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद है। लापरवाही के चलते दबंग लोग कब्जा कर लेते हैं और जानवर हाइवे पर मौत का शिकार हो रहे हैं। जहां सरकार द्वारा गौ संवर्धन एवं पशुधन को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाई जाती है एवं लोन आदि भी पशुधन को बढ़ावा देने के लिए दिए जाते हैं परंतु जो भूमि पशुओं के लिए सरकार द्वारा आरक्षित की जाती है। उस भूमि पर पशुओं के लिए वितरण करने के लिए चारण करने के लिए जगह होती है। जिसमें पशुचन गाय, भैंस, बकरी सभी अपनी उदर पूर्ति कर सकें और पशुधन को बढ़ावा मिल सके और गाय को चारा पानी की व्यवस्था हो सके। प्रशासन से चरागाह भूमि से शीघ्र अतिक्रमण हटाने की मांग करते है।

पशुओं के आने-जाने के रास्ते हुए बंद
वहीं वह जगह जहां से परंपरागत रास्ते बने हुए थे। जिनके सहारे पशु चरागाह में पहुंचा करते थे। उन रास्तों को बंद कर दिया गया। जिससे पशुओं को मजबूरी बस हाइवे किनारे इधर उधर भटकना पड़ता है और दुर्घटनाएं भी ऐसे में हो जाती हैं। चरागाह भूमि की रिपोर्ट जिला कलक्टर को भेजी जा चुरकी है।

चरागाह भूमि को सुरक्षित रखने के लिए लगाए थे बोर्ड
शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में लाखों रुपए का बजट धनराशि खर्च करके चरागाह भूमि को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड लगाए गए थे। जिन पर लाखों रूपए खर्च हुए। उन चरागाह भूमि होने के लगे बोर्ड को उखाड़ के फेंक दिया। इनमें चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने के निर्देश लिखे हुए थे। बोर्ड काटकर फेंक जाने के बाद भी कोई कार्यवाही अतिक्रमण के खिलाफ नहीं की गई।

लाखों रुपए की होती है पैदावार
वहीं पशुओं के हिस्से की भूमि पर खेती करके प्रभावशाली लोग अतिक्रमण करने वाले लाखों रुपए की पैदावार ले रहे हैं और गौवशों के भूखे मरने की नौबत आ रही है।

ग्राम रातई में लगभग 421 बीघा भूमि चरागाह की है। उक्त भूमि पर से अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए। - हरगोविंद मेहता, रातई खुर्द निवासी

रातई खुर्द चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में तहसीलदार शाहाबाद एवं नायब तहसीलदार केलवाड़ा द्वारा जिला कलक्टर को पुलिस जाब्ता आदि के लिए लिखा जा चुका है। चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर निष्पक्षता से कार्यवाही की जाएगी।
राहुल कुमार मल्होत्रा, उपखंड अधिकार, शाहाबाद 

मूल ऑनलाइन लेख - https://dainiknavajyoti.com/article/34676/crops-encroaching-on-hundreds-of-bighas-of-pasture-land

Thursday, 14 December 2023

सरकारी भवन, चरागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग

बारां

बारां| फतेहपुर के ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्टर को ज्ञापन देकर चरागाह और सरकारी भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। 

ज्ञापन में धनराज सोन, राधाकिशन, रमेशचंद्र लोकेश, राधेश्याम, धर्मेंद्र आदि ने बताया कि फतेहपुर में सैकड़ों बीघा चरागाह, पटवार घर, मवेशी अस्पताल, स्कूल आदि सरकारी भवनों पर कब्जा है। चरागाह पर अतिक्रमियों के काबिज होने से मवेशी भटक रहे हैं।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/demand-to-remove-encroachment-from-government-building-and-pastureland-132287310.html

Monday, 27 November 2023

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए

अंता। तामखेड़ाके ग्रामीणों ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने तथा चारागाह भूमि पर एनटीपीसी की ओर से बनवाई जा रही सीसी रोड के कार्य को रोकने के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि तामखेड़ा गांव में 300-400 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रण हो रहा है। इस भूमि पर कई लोगों ने निर्माण कर कब्जा जमा लिया है। इससे मवेशियों के सामने चारे की समस्या गई है। इसी चारागाह भूमि पर एनटीपीसी की ओर से सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। सड़क निर्माण कार्य को रोका जाए। ज्ञापन देने वालों में महावीर मीणा, नरेंद्र मीणा, विनोद राठी, नरेंद्र नागर शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/news/raj-oth-mat-latest-anta-news-023003-1009934-nor.html

Sunday, 19 November 2023

चरागाह भूमि पर बो दी सरसों, ग्रामीणों की शिकायत

नाहरगढ़। कस्बे के बारां रोड़ पर स्थित सोनीपुरा टापरा पर स्थित चरागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रस्तावित गौशाला समिति के कार्य कर्ता ओं कस्बेवासियों ने उपतहसील में नायब तहसीलदार रामस्वरूप शर्मा ग्राम पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है। प्रस्तावित गौशाला समिति के कार्यकर्ताओं सहित कस्बेवासियों ने बताया कि सोनीपुरा टापरा पर स्थित चारागाह भूमि से लगभग एक साल पूर्व किशनगंज तहसीलदार की ओर से अतिक्रमण हटाया गया था। चारागाह भूमि को संरक्षित करने के लिए ग्राम पंचायत को निर्देश दिया था। इसके बाद कस्बेवासियों ने भी उसे संरक्षित करने के लिए वहां पर प्रस्तावित गौशाला के लिए प्रयास शुरु कर दिए। ग्राम पंचायत की ओर से भी स्वीकृति देकर प्रस्ताव भिजवाया गया, लेकिन पिछले कुछ दिनों से अतिक्रमी चारागाह भूमि पर जबरन अतिक्रमण करने में लगे हुए है। नायब तहसीलदार रामस्वरूप शर्मा ने मौके पर पहुंच कर अतिक्रमण नहीं करने के लिए समझाइश भी की थी। अतिक्रमण हटाने के लिए कस्बेवासी पूर्व में भी ज्ञापन दे चुके है।, लेकिन फिर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को फिर से ज्ञापन देकर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने और उसे मवेशियों के लिए संरक्षित करने की मांग की है। कस्बेवासियों ने कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/news/raj-oth-mat-latest-baran-news-022503-1343769-nor.html