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Sunday, 2 June 2024

सरकारी चारागाह भूमि व जिलिया की नाडी से अतिक्रमण हटाया, सहमति से हुई कार्रवाई


ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी सहित अधिकारियों ने किया सीमाज्ञान

भास्कर न्यूज। जिलिया सरकारी चारागाह भूमि पर जमे अतिक्रमण पर विभागीय करवाई करके जेसीबी की सहायता से अतिक्रमण हटाया गया। विभागीय अधिकारी आरआई सहदेव सिंह, पटवारी मंजू चौधरी, चारणवास पटवारी सुमन जाखड़, आनंदपुरा पटवारी मंजू खोवाल, परेवड़ी पटवारी महीपाल की टीम ने कार्य को ग्रामीणों की मौजूदगी शांतिपूर्ण करवाया गया।

ग्राम विकास अधिकारी पोकर राम ढाका ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार ग्राम पंचायत की सभी नाड़ी तालाब की भूमि का सीमा ज्ञान किया गया । जहा पर खेत पड़ोसियों का कब्जा था। उनके खिलाफ तहसीलदार महेंद्र मुंड के आदेशानुसार करवाई करते हुए पड़ोसियों की सहमति से ग्रामीणों की मौजूदगी में जेसीबी मशीन चलाकर मेड को हटाया गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चारागाह भूमि व नाड़ी तालाब को पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त करवाने को लेकर आदेश जारी किए थे।

जिसको लेकर ग्राम पंचायत में अभियान चलाकर सोमवार को मिनक्या नाडी की चारों तरफ की मेड को हटाया गया। पटवारी मंजू चौधरी ने बताया कि इस नाड़ी की करीबन दो से ढाई बीघा जमीन कब्जा मुक्त करवाई गई। ग्राम पंचायत की ओर भी नाडियों में सीमा ज्ञान करवाया गया है जहां पर कब्जा कर रखा उसको भी हटाया जाएगा।

इस मौके पर सरपंच गिरधारी राम बावरी, आर आई सहदेव सिंह, ग्रामीण तुलछाराम, झूमरमल सेन, मोहनराम, भवानीसिंह, श्रवण सिंह, रामपाल माली, मेट बुधाराम जड़ावटा, लालाराम मेघवाल, नानू राम जड़ावटा, गणेश सेन आदि ग्रामीण जन मौजूद रहे। जिलिया.कस्बे की नाडी में अतिक्रमण हटाते लोग।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/nawa/news/encroachment-removed-from-government-pasture-land-and-districts-nadi-action-taken-with-consent-133118780.html

Saturday, 1 June 2024

नाडी और चारागाह को बचाते हुए सड़क निकालने की मांग, लोगों ने दिया ज्ञापन

इधर... भू माफिया कर रहे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, पक्के मकान भी बना लिए

नागौर नाडी, पायतन व चारागाह को बचाते हुए गोगेलाव रिंग रोड को निकालने को लेकर गोगेलाव पंचायत की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि गांव अमरपुरा से गोगेलाव तक रिंग रोड एनएच 62 का काम चल रहा है। जिसको गोगेलाव गांव की अमृत सरोवर नाडी, पायतन व चारागाह की भूमि में से निकाला जा रहा है। इसके लिए खंभे, पोल व पत्थर लगाए जा रहे है। इस प्रकार रिंग रोड बनेगी तो नाडी का भौैतिक स्वरूप खत्म हो जाएगा।

नाडी में चारागाह अंगोर की ओर से आने वाले पानी की आवक बंद हो जाएगी। इसलिए गोगेलाव रिंग रोड एनएच 62 से नाडी पायतन व चारागाह को बचाते हुए अन्य स्थान से निकाली जाने की मांग की। इस दौरान पूर्व सरपंच पुखराज जांगू, खेराज प्रजापत, भंवर प्रजापत, सरपंच प्रियंका कंवर सहित अन्य मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार इलाके में और भी जगहों पर अतिक्रमण किए जा रहे है। अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जाए ताकि समस्या का समाधान हो सके।

इस अवसर पर ग्रामीणों ने कार्रवाई करने की मांग की है। मेड़तासिटी| मेड़ता प्रशासन के ढूल-मूल रवैये के कारण मेड़ता शहरी क्षेत्र में अंगोर, तालाब, राजस्व भूमि पर भू-माफियों का शिकंजा कसता जा रहा है। शहर में लंबे समय से भू-माफिया सक्रिय है। भू-माफिया आए दिन कोई ना कोई सरकारी जमीन हड़पकर उस पर खुद व अपने चहेते के माध्यम से निर्माण कराकर सरकारी जमीन पर कब्जा जमा लेते हैं। अभी तक भू-माफियाओं ने करोड़ों रूपए सरकारी जमीन हड़प कर राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया है। शहर के जागरुक नागरिकों ने अधिकारियों को कई बार अवगत भी कराया है। इसके बावजूद भी अधिकारी भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। मेड़ता पालिका क्षेत्र में शहर के चारों तरफ तालाब, अंगोर, राजस्व जमीन आई हुए है।

भू-माफियों की नजर ऐसी जमीन पर निरंतर बनी रहती है। भू-माफिया अधिकारियों से सांठ-गांठ कर सरकारी जमीन को हड़प लेते हैं। अब्दुल रहमान प्रकरण के बाद अंगोर, तालाब, गोचर की जमीन पर पट्टे जारी नहीं हो सकतें। मेड़ता नागौर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित मेला मैदान के सामने पूर्व में जसवंत सागर लंबे-चौड़े भूभाग पर फैला हुआ था। शहर के कुछ मौहल्लों का गंदा एवं बरसात का पानी इसी नाले में एकत्रित हुआ करता था। भू-माफिया यहां कब्जा जमाने के लिए शनिवार व रविवार के अवकाश की ताक में रहते है। माणकपुर से लालाप के बीच बन रही ढाणियों को जोड़ने वाली सड़क के लिए ठेकेदार ने तालाब के अंगोर को खोदना शुरू कर दिया।

जिस पर लोगों ने विरोध जताया। उल्लेखनीय है कि इस अंगोर भूमि से एक स्टेट हाइवे व दो सड़कें गुजारी जा रही है। जिसके चलते पूरी भूमि को तीन चार जगहों से बांट दिया है। ऐसे में तालाब में पानी की आवक पर असर पड़ेगा। जिससे लोगों को भी समस्या उत्पन्न होगी। नागौर. माणकपुर से लालाप के बीच अंगोर भूमि को खोदा हुआ।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/demand-to-build-a-road-while-protecting-the-river-and-pasture-people-submitted-a-memorandum-133105378.html

Thursday, 4 August 2022

अतिक्रमण:चारागाह और आम रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने की मांग

नागौर

चारागाह व आम रास्ते पर किए अतिक्रमण को हटवाने की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन दिया। सोमणा के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सोमणा की राजकीय चारागाह भूमि पर अतिक्रमियों ने अतिक्रमण कर बिल्डिंग बना रखी है व बस स्टैंड से गांव की तरफ जाने वाली सड़क पर रैम्प बनाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है।

अतिक्रमियों के रैम्प बनाने से सड़क की तरफ आने वाला पानी भी इकट्ठा हो रहा है, जिसमें से होकर गांव के बच्चों को स्कूल भी जाना पड़ता है व अन्य दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। पानी इकट्ठा होने से छोटे बच्चों का पैर फिसलने से जनहानि भी हो सकती है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/demand-for-removal-of-encroachment-on-pasture-and-common-road-130144309.html

Monday, 1 August 2022

बैठक का आयोजन:बजट की घोषणाओं के लंबित प्रकरणों सहित अन्य मामलों में दिए गए निर्देश

 नागाैर

राज्य के राजस्व मंत्री रामलाल जाट की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री जाट ने सभी अधिकारियों को विभिन्न स्तर पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण का निचले स्तर पर निस्तारण महत्वपूर्ण है, आमजन का अपने कार्यों के लिए भटकना बेहद पीड़ादायक होता है इसलिए सभी अधिकारी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ विभिन्न राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करें। उन्होंने अधिकारियों को रास्ता खोलने के प्रकरणों में नियत समय में मौका दिखवाकर प्रकरण निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया।

उन्होंने विरासत के खाते खोलने में तुरंत कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार आपसी समन्वय से कार्य कर आमजन को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस दौरान राजस्व मंत्री ने म्यूटेशन, रास्ता खोलने के प्रकरण, बजट घोषणाओं के लम्बित प्रकरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की ओर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

वहीं बंजर भूमि व चारागाह विकास बोर्ड के अध्यक्ष संदीप सिंह चौधरी ने जिले की समस्त तहसीलों में स्थित बंजर व चारागाह भूमि की समीक्षा करते हुए पंचायत समिति व ग्राम पंचायत स्तर पर बंजर भूमि व चारागाह विकास समितियों के गठन व इनके कार्यकलापों पर चर्चा की।

इस दौरान उन्होंने त्रि-स्तरीय समितियों द्वारा चिन्हित बंजर व चारागाह भूमि पर अतिक्रमणों की वर्तमान स्थिति व इन भूमियों को अतिक्रमण मुक्त करने के संबंध में आ रही बाधाओं को दूर करने व जिले में चालू वित्तीय वर्ष में चारागाह विकास के लिए स्वीकृत कार्य व चारागाह विकास के लिए प्रस्तावित कार्य की योजना बनाकर जिले में चिन्हित बंजर व चारागाह भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

इस अवसर पर बीसूका उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत, जायल विधायक मंजू मेघवाल, डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, राजस्व अपील अधिकारी रिछपाल सिंह बुरड़क, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दलीप कुमार सहित जिले के राजस्व कार्यों से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/instructions-given-in-other-matters-including-pending-budget-announcements-130126569.html

Sunday, 31 July 2022

आमजन का अपने कार्यों के लिए भटकना बेहद पीड़ादायक होता है - जाट

राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने ली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक

नागौर

Published: July 31, 2022 

नागौर. 'किसी भी प्रकरण का निचले स्तर पर निस्तारण महत्वपूर्ण है, आमजन का अपने कार्यों के लिए भटकना बेहद पीड़ादायक होता है, इसलिए सभी अधिकारी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ विभिन्न राजस्व प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करें और जिन मामलों में स्वयं प्रशासन की ओर पहल की जाकर निस्तारण किया जाना है तो वो भी किया जाना चाहिए।' यह बात राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने शनिवार को यहां कलक्ट्रेट में राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही। राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को रास्ता खोलने के प्रकरणों में नियत समय में मौका दिखवाकर प्रकरण निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया।


राजस्व मंत्री जाट ने सभी अधिकारियों को विभिन्न स्तर पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से किसी भी प्रकरण में लिया गया, तुरंत एक्शन आमजन का व्यवस्थाओं के प्रति भरोसा बढ़ाता है। उन्होंने विरासत के खाते खोलने में तुरंत कारवाई करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार आपसी समन्वय से कार्य कर आमजन को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस दौरान राजस्व मंत्री ने म्यूटेशन, रास्ता खोलने के प्रकरण, बजट घोषणाओं के लम्बित प्रकरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बंजर एवं चरागाह भूमि पर लगाए तैलीय पौधे - चौधरी

बंजर भूमि एवं चरागाह विकास बोर्ड के अध्यक्ष संदीप सिंह चौधरी ने जिले की समस्त तहसीलों में स्थित बंजर एवं चरागाह भूमि की जानकारी लेते हुए पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समितियों के गठन एवं इनके कार्यकलापों पर चर्चा की। उन्होंने त्रि-स्तरीय समितियों की ओर से चिह्नित बंजर एवं चारागाह भूमि पर अतिक्रमणों की वर्तमान स्थिति एवं इन भूमियों को अतिक्रमण मुक्त करने के संबंध में आ रही बाधाओं को दूर करने एवं जिले में चालू वित्तीय वर्ष में चारागाह विकास के लिए स्वीकृत कार्य एवं चारागाह विकास के लिए प्रस्तावित कार्य की योजना बनाकर जिले में चिह्नित बंजर एवं चरागाह भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य संबंधित विभागों के अभिसरण से रतनजोत, करंज, महुआ एवं अन्य तैलीय पौधों का पौधारोपण कर निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

ये रहे उपस्थित

बैठक में बीसूका उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत, जायल विधायक मंजू मेघवाल, डेगाना विधायक विजयपाल मिर्धा, जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, एडीएम मोहनलाल खटनावलिया, राजस्व अपील अधिकारी रिछपाल सिंह बुरड़क, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप कुमार सहित जिले के राजस्व कार्यों से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

Shyam Choudhary

https://www.patrika.com/nagaur-news/it-is-very-painful-for-the-common-man-to-wander-for-his-work-jat-7684445/

Thursday, 14 April 2022

बंजर व चारागाह भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त - चौधरी

बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड अध्यक्ष संदीप चौधरी का नागौर दौरा

नागौर


नागौर. राज्य सरकार के बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड अध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार आगामी दिनों में नीति लाएगी, जिसके बाद कोई भी व्यक्ति बंजर व चारागाह भूमि एक इंच भी कम नहीं कर सकेगा, चाहे वह सरपंच हो, कलक्टर हो या फिर राज्य सरकार हो। बंजर एवं चारागाह की जितनी भूमि का अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग किया जाएगा, उतनी भूमि दूसरी जगह देनी होगी। यह बात बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड अध्यक्ष संदीप चौधरी ने कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कही।



Barren and pasture land will be encroachment free - Chaudhary


अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस पर तेजाजी के दर्शन करने के बाद नागौर में पत्रकारों से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि राजस्थान में 27 प्रतिशत बंजर भूमि है। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश की बंजर व चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं। जहां भी अतिक्रमण है, वहां जिला कलक्टर के माध्यम से खाली करवाने की कार्रवाई चल रही है। चौधरी ने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।
https://www.patrika.com/nagaur-news/barren-and-pasture-land-will-be-encroachment-free-chaudhary-7465829/

केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना:बंजर व चारागाह भूमि में से कोई एक इंच भी कम नहीं कर सकता, होगी कार्रवाई : चौधरी

नागौर

बंजर व चारागाह भूमि चाहे किसी गांव की हो, उसे कोई एक इंच कम नहीं कर सकता। चाहे फिर वो सरपंच हो या फिर वहां का कलेक्टर या फिर राज्य सरकार ही क्यों न हो। अगर जमीन को किसी तरीके से उपयोग में लेता है तो उसे जमीन के बदले जमीन देनी होगी। ये राज्य मंत्री (बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग) संदीप सिंह चौधरी ने नागौर दौरे के दौरान कही।

पिछले सालों में किसान डेढ़ साल तक दिल्ली को घेरे रहे, आंदोलन के तहत 1200 किसान शहीद हो गए। प्रदेश की पिछली वसुंधरा सरकार ने भी गुर्जर भाईयों पर अत्याचार किया था। राज्य मंत्री चौधरी ने बताया कि वे नागौर आने से पहले खरनाल स्थित मंदिर में दर्शन करने गए।

कांग्रेस कार्यालय में चौधरी का किया स्वागत :
राज्य मंत्री (बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग) संदीप सिंह चौधरी के कांग्रेस कार्यालय पहुंचने पर कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। चौधरी को माला व साफा पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर महासचिव मोतीलाल चंदेल, ओम प्रकाश सेन पूर्व प्रधान, ब्लॉक अध्यक्ष दिलफराज खान, राधेश्याम सांगवा व हनुमान बांगड़ा सहित अन्य उपस्थित थे।



https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/no-one-can-reduce-an-inch-from-barren-and-pasture-land-action-will-be-taken-chaudhary-129658029.html

Wednesday, 23 February 2022

In Jalsu Nanak with 51 tractors, 150 bighas of land will be ploughed, Bajra & Rijka will be sown for the fodder of cows.

Animals will no longer be without fodder

Degana | In Jalsu Nanak a unique initiative of the villagers has come to the fore for the destitute cows of the cowshed. On Saturday the entire village gathered on the ground outside the village to arrange fodder for 600 cows. Villagers arrived with their tractors and started ploughing 150 bighas of land with 51 tractors. After this Bajra, Rijka will be grown for fodder & this land will be irrigated with a tube well. So that fodder can be made available to the destitute cows throughout the year. At around 12 noon on Saturday, the villagers reached to plough the land with their tractors. By leveling the barren land the land was made suitable for sowing bajra and rijka grass. Sowing will be done here in the next few days. After this irrigation will be done with tubewell. In this way, fodder will start growing on 150 bighas of grazing land. Villagers say that this will solve the problem of fodder for the cows forever. Under the chairmanship of sarpanch Kailash Mahiya villager Ankit Mahiya, Shekhar and others were present.

Will build pastures by fencing at a cost of 5 lakh

During this Sarpanch, Kailash Mahiya told that the villagers had taken a collective decision to grow fodder for the destitute cows. Accordingly, everyone reached with their respective tractors. Ploughing is being done here with 51 tractors. Now in the coming days by collecting weekly donations the villagers will also get the fencing for this grazing land done at a cost of 5 lakhs. So that no one can encroach on this land.



Sunday, 20 February 2022

600 गायों के चारे के लिए पहल:गांव वालों ने 51 ट्रेक्टरों से जोत दी 150 बीघा गोचर जमीन, सिंचाई कर चारा उगाएंगे

नागौर

नागौर जिले के जालसू नानक गांव में गोशाला के बेसहारा गोवंश के लिए ग्रामीणों की अनोखी पहल सामने आई। यहां 600 गायों के साल भर के चारे के इंतजाम के लिए शनिवार को पूरा गांव जुट गया। गांव के बाहर गोचर जमीन पर ग्रामीण अपने-अपने ट्रेक्टर लेकर पहुंचे और 51 ट्रेक्टरों से 150 बीघा गोचर जमीन पर जुताई शुरू कर दी।

गांव के सरपंच कैलाश माहिया ने कहा कि जमीन जोतने के बाद ट्यूबवेल से सिंचाई कर इस जमीन पर चारे के लिए बाजरा रिजका उगाया जाएगा। ताकि साल भर बेसहारा गोवंश को चारा उपलब्ध हो सके।

एक साथ चले 50 से ज्यादा ट्रेक्टर
शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीण अपने-अपने ट्रेक्टरों से जमीन की जुताई करने पहुंच गए। बंजर जमीन को समतल कर उन्होंने बाजरा रिजका घास की बुवाई के लायक बना दिया। अगले कुछ दिन में यहां बुवाई कर दी जाएगी। इसके बाद ट्यूबवेल से सिंचाई की जायेगी। इस तरह गोचर की 150 बीघा भूमि पर चारा उगना शुरू हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गायों के लिए चारे का हमेशा के लिए समाधान हो जाएगा। इस नेक काम में श्रमदान करने के लिए दूसरे गांवों से भी लोग यहां पहुंचे।

गोवंश की सेवा के लिए जाना जाता है नागौर।
गोवंश की सेवा के लिए जाना जाता है नागौर।

5 लाख की लागत से तारबंदी कर चारागाह बनाएंगे
सरपंच कैलाश माहिया आने बताया कि गोशाला में अमावस्या को होने वाली बैठक में सामूहिक फैसला लिया था कि बेसहारा गायों के लिए ग्रामीण मिलजुल कर चारा उगाएंगे। उसी के अनुसार सभी अपने-अपने ट्रेक्टर लेकर पहुंचे। यहां 51 ट्रेक्टरों से जुताई की गई है। अब आगामी दिनों में सामूहिक रुप से चंदा जुटाकर ग्रामीण इस गोचर जमीन की 5 लाख की लागत से तारबंदी भी कराएंगे। ताकि कोई भी इस जमीन पर अतिक्रमण न कर पाए।

मारवाड़ की रवायत
नागौरी गोवंश विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके पीछे सामाजिक ताना-बाना, मान्यताएं और रवायतें हैं। मारवाड़ में हर गांव में गोवंश के लिए जमीन छोड़ी जाती है। इस जमीन पर पूरा गांव श्रमदान कर गायों के लिए चारा उगाता है। जोधपुर दरबार के समय से यह परंपरा चली आ रही है। रेवेन्यू रिकॉर्ड में यह जमीन गोचर ही दर्ज होती है। अमावस्या के दिन गोशाला में गांव की मीटिंग होती है। गोसेवक इस इस मीटिंग में शामिल होते हैं और गायों की सेवा में नए काम के सुझाव का आदान-प्रदान होता है। इसके बाद काम तय होने के बाद पूरा गांव श्रमदान में जुट जाता है। चारे की कटाई के समय भी पूरा गांव उत्सव की तरह श्रमदान में जुटता है। गांव के डीजे खेतों तक पहुंचाए जाते हैं। महिलाएं बच्चे बूढे़ सभी गायों के लिए चारा काटते हैं। गीत संगीत पर नाचते थिरकते गोसेवा में पूरा गांव जुटता है।

चारागाह में श्रमदान के लिए पूरा गांव जुटा।
चारागाह में श्रमदान के लिए पूरा गांव जुटा।

इन्होंने किया सहयोग
सरपंच कैलाश महिया की अध्यक्षता में ग्रामीण अंकित, शेखर, भूराराम, शिवराम, लिखमाराम, शिवराम, चतराराम, भंवराराम, हनुमानराम, नाथूराम, प्रभुराम महिया, जगदीश, पीराराम ,राजूराम, जीयाराम, पप्पूराम, रामसुख भादू, रविन्द्र भादू, रिछपाल, भंवराराम भादू, जस्साराम, शेखर भादू, राजू, सेवाराम, नैनाराम, अणदाराम, संजय कुमार, छोटूराम, मुन्नाराम, मुकेश, रिछपाल, शिवपाल, सुरेश, महेंद्र फौजी, कमल मेहरा, सांवता राम व बुद्धराम सहित गांव के हर घर से कोई न कोई श्रमदान के लिए मौजूद रहा।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/villagers-plowed-150-bighas-of-land-with-51-tractors-would-irrigate-and-grow-fodder-129418313.html

Thursday, 25 November 2021

Nagour अतिक्रमण मामलों की सुनवाई पीएलपीसी में करने के निर्देश

 By City DeskWed, 24 Nov 2021



राजस्थान न्यूज़ डेस्क सार्वजनिक भूमि सहित नदी, नाले, तालाब और जाेहड़ की जमीनों पर हो रखे अतिक्रमण के मामलों काे हाईकोर्ट ने कलेक्टर को पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल में सुनवाई करने के आदेश दिए। कोर्ट ने यह आदेश पीएचईडी कॉलोनी निवासी हरिराम की तरफ से लगाई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

याचिकाकर्ता की ओर से शहर में सार्वजनिक भूमि पर किए अतिक्रमण के संबंध में याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विजय बिश्नोई व अनोप कुमार ने 30 जनवरी 2019 काे जगदीश प्रसाद मीणा व अन्य बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान की जनहित याचिका पर दिए फैसले को ध्यान में दिलाते हुए याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत को दूर करने के लिए पीएलपीसी नागौर से संपर्क करने का निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर को सेल में ऐसे मामलों को सुनते हुए नागौर शहर की सार्वजनिक भूमि पर किए अतिक्रमण को हटाने के लिए याचिकाकर्ता की शिकायत पर निष्पक्ष रूप से विचार करने और यदि सही पाए जाते है तो शिकायत मिलने की तारीख से तीन माह की अवधि के भीतर कलेक्टर उचित कार्रवाई करने का निर्देश देंगे।

नागौर न्यूज़ डेस्क  


https://samacharnama.com/city/nagaur/instructions-to-hear-nagour-encroachment-cases-in-plpc/cid5812959.htm


Wednesday, 24 November 2021

हाईकोर्ट का आदेश:अतिक्रमण मामलों की सुनवाई पीएलपीसी में करने के निर्देश

नागौर 

सार्वजनिक भूमि सहित नदी, नाले, तालाब और जाेहड़ की जमीनों पर हो रखे अतिक्रमण के मामलों काे हाईकोर्ट ने कलेक्टर को पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल में सुनवाई करने के आदेश दिए। कोर्ट ने यह आदेश पीएचईडी कॉलोनी निवासी हरिराम की तरफ से लगाई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से शहर में सार्वजनिक भूमि पर किए अतिक्रमण के संबंध में याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विजय बिश्नोई व अनोप कुमार ने 30 जनवरी 2019 काे जगदीश प्रसाद मीणा व अन्य बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान की जनहित याचिका पर दिए फैसले को ध्यान में दिलाते हुए याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत को दूर करने के लिए पीएलपीसी नागौर से संपर्क करने का निर्देश दिए। 

साथ ही कलेक्टर को सेल में ऐसे मामलों को सुनते हुए नागौर शहर की सार्वजनिक भूमि पर किए अतिक्रमण को हटाने के लिए याचिकाकर्ता की शिकायत पर निष्पक्ष रूप से विचार करने और यदि सही पाए जाते है तो शिकायत मिलने की तारीख से तीन माह की अवधि के भीतर कलेक्टर उचित कार्रवाई करने का निर्देश देंगे। 

शिकायत : बिना परमिशन बनाई 5-6 मंजिला इमारतें हनुमान बाग निवासी रामजस भाटी ने 7 अप्रैल 2021 कलेक्टर को दी शिकायत में बताया कि हनुमान बाग स्थित शिव मंदिर के पास रामनिवास व राधाकिशन माली द्वारा नगर परिषद के अधिकारियों से मिलीभगत करके 5 से 6 मंजिला इमारतें अवैध तरीके से बना ली। इस मौके पर न तो पार्किंग की व्यवस्था है, न ही नक्शा के अनुसार इमारतों का निर्माण हुआ। इमारतों में किराये पर रहने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्क की जमीन में छोड़ रास्ता अवरूद्ध कर रहे हैं। परिषद के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया, मगर काेई कार्रवाई नहीं हुई। 

खंडपीठ का यह था आदेश : हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 30 जनवरी 2019 काे एक आदेश दिया था। जगदीश प्रसाद मीणा के मुद्दे पर खंडपीठ ने माना कि ऐसे मामले बहुतायत में हाेते हैं और राज्य सरकार काे ऐसा मैकेनिज्म तैयार करना चाहिए जिससे स्थानीय स्तर पर ही ऐसे मामलों की पूरी तरह जांच होकर उचित कार्रवाई की जाए। इसके लिए हर जिले में जिला कलेक्टर की निगरानी एवं अध्यक्षता में एक पीएलपीसी के गठन का निर्देश दिया था।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/nagaur/news/instructions-to-hear-encroachment-cases-in-plpc-129145508.html

Thursday, 18 November 2021

वरिष्ठ न्यायाधीश विजय विश्नोई व न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ की खंडपीठ का निर्णय : पीएलसी में प्रतिवेदन पेश करने के साथ कलक्टर जांच कर तीन महीने में हटाए अतिक्रमण

 Thursday, November 18, 2021 

नागौर में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को लेकर दायर याचिका का निस्तारण

जोधपुर ।राजस्थान उच्च न्यायालय ने नागौर में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिएकि याचिकाकर्ता पीएलपीसी के समक्ष प्रतिवेदन पेश करे और कलक्टर नागौर उसकी जांच करवा शिकायत उचित हो तो तीन माह में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाए। वरिष्ठ न्यायाधीश विजय विश्नोई  न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ की खंडपीठ के समक्ष नागौर के हरिराम की ओर से एक जनहित याचिका पेश की गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता फाल्गुन बुच ने बतायानागौर में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा हैं लेकिन प्रशासन की ओर से कार्यवाही नही करने पर याचिका पेश की गई।

 

न्यायालय में एएजी सुनील बेनीवाल ने कहाकि ऐसे मामलो को लेकर राज्य में पूर्व में ही जिला स्तर पर पीएलपीसी का गठन हो रखा हैंजिसके अध्यक्ष जिला कलक्टर होते है। न्यायालय ने याचिका को निस्तारित करते हुए निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायत को लेकर पीएलपीसी के समक्ष प्रतिवेदन पेश करे। पीएलपीसी के अध्यक्ष कलक्टर नागौर शिकायत की निष्पक्ष जांच करें और उचित एवं सही होने पर तीन माह के अंदरअंदर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाए।


https://www.dainiknavajyoti.net/jodhpur/Decision-of-the-division-bench-of-Senior-Justice-Vijay-Vishnoi-and-Justice-Anoop-Kumar-Dhand--After-presenting-the-report-in-the-PLC--the-Collector-investigated-and-removed-the-encroachments-in-three-months-.html