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Thursday, 24 July 2025

भीलवाड़ा में चारागाह भूमि में अवैध खनन का आरोप:पहले तहसीलदार को हटाया, अब SDM को किया गया APO


भीलवाड़ा में सुरास ग्राम में चारागाह भूमि पर अवैध खनन

भीलवाड़ा में सुरास ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों ने डांग (चारागाह भूमि) में जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा खनिज लीज की आड़ में चारागाह भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाए। जिला कलेक्टर को सुरास ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत पर मांडल के उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने निर्देश देते हुए निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मौके पर भेज जांच के लिए भेजा।

इस पर तहसीलदार सुमन गुर्जर द्वारा मौका रिपोर्ट तैयार कर उपखंड अधिकारी को सौंपी गई। रिपोर्ट में पाया गया कि कंपनी को कुल 43.1921 हेक्टेयर भूमि लीज पर आराजी संख्या 2096/1 स्वीकृत थी, लेकिन इसके अतिरिक्त लगभग 4.7677 हेक्टेयर आरक्षित चारागाह भूमि आराजी संख्या 2096 तथा आराजी संख्या 1105 किस्म रास्ता पर भी खनन गतिविधियां पाई गईं।

वैध लीज के अनुरूप कार्य नहीं हुआ

रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित स्थल पर न तो खनिज विभाग के मानक चिन्ह मौजूद थे और न ही वहां वैध लीज के अनुरूप कार्य हो रहा था। चारागाह भूमि में अवैध खनन स्पष्ट रूप से पाया गया। आरोप है कि जब उपखंड अधिकारी शर्मा ने इस अवैधता पर कार्रवाई आरंभ की, तो उन पर कई स्तरों से दबाव बनाए जाने लगे।

आरोप यह भी है कि जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा चारागाह भूमि को भी अपने लीज क्षेत्र में शामिल करवाने के लिए एक फाइल उपखंड कार्यालय में प्रस्तुत की गई थी, जिसे स्वीकृत करवाने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था। इसी दौरान छुट्टी के दिन रविवार 20 जुलाई की देर शाम को कार्मिक विभाग ने उनका एपीओ आदेश जारी कर दिया।

जांच के बाद पहले तहसीलदार को हटाया और अब एसडीएम को

मामले में पूर्व में मौके पर जांच करने गई निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मांडल से हटा कर कोटड़ी लगा दिया गया। अब मांडल एसडीएम सीएल शर्मा को एपीओ किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश ने यह स्पष्ट कारण नहीं है कि अधिकारी को किस कारण हटाया गया है।

जानकारी के अनुसार- चारागाह भूमि और पेटा काश्त भूमि पर अवैध खनन का एक मामला वर्ष 2012-13 में भी ग्रामीणों ने उठाया था। तभी भी रिपोर्ट में अवैध खनन पाया गया था।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/jindals-illegal-mining-in-pasture-land-135518405.html


Thursday, 19 June 2025

डिग्गी में 2 हजार बीघा चरागाह जमीन पर अवैध खनन:अतिक्रमण भी किया, मवेशी चराने में हो रही परेशानी, प्रशासन मौन

डिग्गी कस्बे में चरागाह जमीन पर अवैध खनन से जगह जगह खाइयो पड गई।
डिग्गी उप तहसील मुख्यालय में दो हजार बीघा से ज्यादा चरागाह भूमि पर भू माफियाओं की नजर बनी हुई है। कुरथल रोड के पास समेत कस्बे के आस पास करीब आधी जमीन पर लोगों ने अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण कर लिया है, वहीं खाली जमीन पर जेसीबी मशीनें चल रही हैं। बिना किसी रोक-टोक के ये लोग इस जमीन से धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन कर रोजाना के हजारों रुपये कमा रहे हैं। इसके चलते मवेशियों के लिए चारे का संकट आ गया है साथ ही सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस चरागाह भूमि पर जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं। प्रशासन इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है।

सबसे ज्यादा अवैध खनन डिग्गी के कुरथल रोड के पास चरागाह जमीन पर है। वहां रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, डंपरों में जेसीबी से मिट्टी भरकर लोगों को बैच रहे हैं। स्थानीय निवासी नोरत गुर्जर ने बताया कि यहां दिन-दहाड़े डंपर और ट्रैक्टर मिट्टी भरकर ले जाते हैं। माफिया खाली गोचर भूमि से जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी निकालते हैं और बाज़ार में बेचते हैं। एक डंपर मिट्टी की कीमत 2000 से 2500 रुपए तक है, जबकि एक ट्रैक्टर मिट्टी 600 से 800 रुपए में बेची जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध खनन वर्षों से जारी है और इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व और स्थानीय प्रशासन इस पर आंख मूंदे बैठे हैं या भू माफियाओं से मिलीभगत में हैं। हर दिन कई ट्रैक्टर-डंपर मिट्टी भरकर निकल जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में तहसीलदार बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

इन स्थानों पर चरागाह जमीन

डिग्गी क्षेत्र में कुल 2100 बीघा भूमि गोचर (चरागाह) के लिए आरक्षित है, जिसमें 1357.18 बीघा डिग्गी में, 333 बीघा प्रतापपुरा और 398.4 बीघा भवानीपुरा में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी स्थानों पर अधिकांश जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इनका कहना है कि प्रशासन को बार-बार सूचित करने और आंदोलन करने के बाद भी कोई अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि कार्रवाई को लेकर कई बार ज्ञापन देने, प्रदर्शन करने और यहां तक कि हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। डिग्गी निवासी रामनारायण मीणा बताते हैं कि वर्ष 2022 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सिर्फ 13-14 सौ बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन वह भी दोबारा कब्जे में आ गई। ग्रामीणों ने संभागीय आयुक्त से लेकर तहसील कार्यालय तक शिकायतें कीं। 15 सितंबर 2022 को ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया, तो कभी तहसील कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे, लेकिन हालात जस के तस हैं।

मेरे पास शिकायत आएगी तो दिखवाया जाएगा

डिग्गी के नायब तहसीलदार हंसराज चौधरी ने बताया कि मेरे पास चारागाह जमीन पर अतिक्रमण करने या मिट्टी खोदने की कोई शिकायत नहीं आई है। इस तरह की कोई शिकायत आती हैं तो मामले को दिखवाया जाएगा।

इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/tonk/news/illegal-mining-on-two-thousand-pasture-lands-in-diggi-135268573.html

Monday, 24 March 2025

चारागाह भूमि पर माइनिंग से ग्रामीणों में रोष:बेखबर जिम्मेदारों को शिकायत का इंतजार, बोले-जांच करवाएंगे

 

बिजौलिया में मकरेडी पंचायत के आंट गांव में अवैध खनन की समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक नदी और चारागाह भूमि पर माफिया लंबे समय से अवैध खनन कर रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

नदी का स्वरूप बिगड़ा, चारागाह खत्म होने से गौवंश पर संकट

अवैध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे जल स्रोतों पर संकट गहरा रहा है। चारागाह भूमि नष्ट होने से गौवंश के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। भू-माफिया की मनमानी से गांव में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों को मिल रही धमकियां, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इस अवैध गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। इससे गांव में डर का माहौल बन गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि खनन माफिया पर लगाम लगाई जा सके।

प्रशासन का आश्वासन – जांच के बाद होगी कार्रवाई

माइनिंग विभाग के फोरमैन गिरिराज मीणा ने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

तहसीलदार बोले-शिकायत की जांच की जाएगी

तहसीलदार ललित डिडवानिया ने बताया कि कार्यालय में पिछले तीन दिनों की छुट्टियां थीं, लेकिन अब अवैध खनन की शिकायतों की जांच की जाएगी। यदि चारागाह क्षेत्र और नदी-नालों के पास अवैध खनन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/villagers-angry-over-mining-on-pasture-land-134699441.html

Tuesday, 21 February 2023

चरागाह भूमि से मिट्टी खुदवा रहा ठेकेदार, क्षेत्र के लोगों ने की प्रभावी कार्रवाई की मांग

 Published: February 21, 2023

कवाई. 

निकटवर्ती मोठपुर ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर एक सड़क के ठेकेदार की ओर से दिन-रात जेसीबी से अवैध खनन कर लाखों के राजस्व का चूना लगा दिया है। यह ठेकेदार बालू खाळ से मोठपुर तक निर्माणाधीन सीसी सड़क का निर्माण कर रहा है। सड़क पर बिछाने के लिए ठेकेदार बिना अनुमति अवैध खनन कर मिट्टी खोद ली है। जिससे वहां तालाब बन गया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने ठेकेदार के खिलाफ एक पखवाड़े पूर्व उपखंड अधिकारी सहित तहसीलदार को ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। ठेकेदार की ओर से खुदवाई गई जमीन के निकट ही मनरेगा का कार्य भी चल रहा है। शिकायत के बाद कुछ दिन तो खनन बंद रखा, लेकिन मंगलवार को फिर से ठेकेदार की जेसीबी वहां खनन कर डंपर भरती नजर आई। जिस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताकर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और खनन का कार्य रुकवाया। पंचायत समिति सदस्य वीरभान बंजारा मोठपुर निवासी चिंटू शर्मा सहित करीब दर्जन भर लोगों ने करीब 15- 20 दिन पहले अटरू पहुंचकर उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने व सरकार के राजस्व में हुए नुकसान की पूर्ति करने को लेकर ज्ञापन सौंपा था। अटरू तहसीलदार योगेंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को ग्रामीणों की शिकायत पर मोड पर पुलिस को सूचना कर अवैध खनन रुकवाया था और वहां से जेसीबी और डंपर को भगा दिया था। अब जल्द ही ठेकेदार के खिलाफ मिट्टी चोरी का मुकदमा मोडपुर थाने में दर्ज करवाया जाएगा।


By Ghanshyam Dadhich

https://www.patrika.com/baran-news/contractor-excavating-soil-from-pasture-land-people-of-the-area-deman-8058776/


Friday, 30 December 2022

चरागाह भूमि में किया जा रहा अवैध बजरी खनन, पुलिस के आने पर भागे माफिया


बूंदी। 

बूंदी शहर से निकलने वाले स्टेट हाइवे-34 के सिटी रोड पर चरागाह भूमि से बजरी का खनन किया जा रहा है. इस संबंध में गुरुवार को पुलिस के आने पर अवैध खनन करने वाले जेसीबी व दो ट्रैक्टर ट्रॉली उठा ले गए. बजरंग दल के जिला संयोजक लक्की चोपड़ा ने बताया कि गुरुवार को शहर की सड़क पर कच्ची सड़क के पास चारागाह भूमि में अवैध बजरी खनन की जानकारी पर जाने के बाद चरागाह में जेसीबी से खनन कर ट्रैक्टर ट्राली में बजरी भरी जा रही थी. 

इसकी सूचना एसडीएम व तहसीलदार को दी गई। बाद में एसडीएम के निर्देश पर एएसआई लादूसिंह मई जाब्ता आए। पुलिस जीप को देख अवैध खनन कर रहे लोग जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग गए। पुलिस ने पीछा भी किया, लेकिन जेसीबी व ट्रैक्टर ट्राली को खनिक खेतों के रास्ते उठा ले गए। एएसआई लाडूसिंह ने बताया कि चारागाह में अवैध खनन की सूचना मिली थी, पुलिस की गाड़ी को देख खनिक भाग गये. तहसीलदार के निर्देश पर नायब तहसीलदार रामदेव खरेड़िया ने जायजा लिया. नायब तहसीलदार ने बताया कि चारागाह की जमीन में अवैध खनन के निशान मिले हैं. चारागाह की सुरक्षा व निगरानी के लिए नगर पालिका से सहयोग मांगा जाएगा।


https://jantaserishta.com/local/rajasthan/illegal-gravel-mining-being-done-in-pasture-land-mafia-fled-on-arrival-of-police-1880366

Friday, 7 October 2022

खनन के विरोध में चारागाह बचाओ संघर्ष समिति का धरना, सांसद सुमेधानंद सरस्वती रहे मौजूद

ग्रामीणों ने कहा कि खनन के पास आबादी बसी हुई है साथ ही मांग की की जल्द से जल्द चारागाह भूमि पर अवैध तरीके से दिए गए पट्टों को निरस्त करवाया जाए और जल्द से जल्द चारागाह भूमि को खनन मुक्त कराएं

Written By- Ashok Singh Shekhawat

Last Updated: Oct 06, 2022


Neemkathan News : राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के टोडा में नीमकाथाना सड़क मार्ग पर स्थित चारागाह भूमि पर खनन के विरोध में चरागाह बचाओ संघर्ष समिति का धरना लगातार जारी है. धरने स्थल पर सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती भी पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया.

ग्रामीणों ने कहा कि खनन के पास आबादी बसी हुई है साथ ही मांग की की जल्द से जल्द चारागाह भूमि पर अवैध तरीके से दिए गए पट्टों को निरस्त करवाया जाए और जल्द से जल्द चारागाह भूमि को खनन मुक्त कराएं और बताया कि यहा से बिना रवना के मिट्टी पत्थरों के डंपर चरागाह भूमि से बिना रवाना के निकल रहे हैं.

हो रहे इस खनन के चारों ओर चारागाह भूमि है और जहां पर खनन हो रहा है,  भूमि भी राजस्व रिकॉर्ड में आज भी चारागाह भूमि दर्ज है, साथ ही प्रशासन से ग्रामीणों ने मांग की है कि इस चारागाह भूमि की सही से जांच कर चारागाह भूमि से निकल रहे खनन कर्ताओं के डंपरों को जल्द से जल्द रोका जाए.

इस मौके पर सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि सीकर जिला कलेक्टर से बात कर कार्यवाही करवाने का आश्वासन दिया. इस मौके पर पूर्व पाटन प्रधान संतोष गुर्जर ,पाटन प्रधान सुवालाल सैनी ,पूरण सिंह ,जयमल गुर्जर ,रोहतास वर्मा, सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे.

https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/sikar/protest-against-mining-save-pasture-struggle-committee-mp-sumedhanand-saraswati-was-present-neemkathan/1382657

Sunday, 25 September 2022

अवैध खनन का मुद्दा:विधायक ने विधानसभा में उठाया अवैध खनन का मुद्दा तो तहसीलदार पहुंचे नापतौल करने, कार्रवाई की

भवानी मंडी

डग विधायक कालूराम मेघवाल ने शुक्रवार को क्षेत्र के नेहरावद और आरोलिया में अवैध खनन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारी यहां पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इसीलिए अवैध खनन वाले धड़ल्ले से चारागाह भूमि काट रहे हैं। इधर, यह मामला विधानसभा में उठने पर शनिवार को पचपहाड़ तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी मौके पर पहुंचे।

यहां पर चारागाह भूमि से पत्थरों के स्टाक को हटवाया और कई जगह नापतोल किए। इसमें कई जगह अवैध खनन सामने आया है, लेकिन इसकी रिपोर्ट रविवार तक बनाई जाएगी। प्रशासन ने आरोलिया व नेहरावद गांव में नापतोल किया जो देर शाम तक चलता रहा। अब रविवार को इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार होगी जो उच्चाधिकारियों काे भेजी जाएगी।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/bhawani-mandi/news/mla-raised-the-issue-of-illegal-mining-in-the-assembly-then-tehsildar-reached-to-measure-took-action-130359000.html

Wednesday, 14 September 2022

चारागाह भूमि में खनन करने का टोडा ग्रामवासियों ने किया विरोध

ByRameshwar Lal

Sep 13, 2022 




पूर्व में भी इसी भूमि पर खनन को लेकर हुआ था भारी विरोध

पाटन,(निंस)। नीमकाथाना के टोडा ग्राम पंचायत में नीमकाथाना टोडा सड़क मार्ग से मात्र 20 मीटर की दूरी पर चारागाह भूमि पर खनन कार्य चल रहा है।इस खनन कार्य का ग्राम वासी शुरू से ही विरोध करते आए है। मिली जानकारी अनुसार 2008 में खनन मालिकों और ग्रामवासियों में चारागाह भूमि खसरा नंबर 225, 231 और 232 पर खनन कार्य करने को लेकर संघर्ष हुआ था। जिसका मामला भी कोतवाली सदर के दर्ज हुआ था। 2008 से लेकर अभी तक 14 साल से उक्त जगह कोई खनन कार्य नही किया गया था। लेकिन कुछ दिनों से खनन मालिक असामाजिक तत्वों का डेरा वहां डाल कर खनन कार्य चालू कर रहे है। जिससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त चारागाह भूमि में ग्रामीणों के श्मशान और माता का मंदिर भी स्थापित है। 

टोडा पोलिस चौकी के लिए भी उक्त चारागाह भूमि में ही जमीन आवंटित की गई है। मंगलवार को टोडा ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देकर उक्त खनन कार्य तुरंत बंद करवाने मांग की है। ग्रामीणों ने बताया की ग्रामवासियों द्वारा पुन विरोध किए जाने पर खनन माफियाओं के बदमाशों के साथ झड़प हो सकती है और कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। ग्रामवासीयों ने माइनिंग इंजिनियर सीकर से भी मिलकर उक्त समस्या से अवगत करवाया है। ज्ञापन देने वालों में करतार सिंह टोडा, सीताराम यादव सरपंच, पुरण सिंह, माल सिंह, हरिसिंह, जयमल गुर्जर, लक्ष्मण सिंह, हनुमान गुर्जर, रोहिताश वर्मा, महताब सिंह, दान सिंह, शेर सिंह, जीतू सिंह, केसर सिंह, कबूल सिंह, सतवीर वर्मा, माडूराम वर्मा, कप्तान सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

https://jaipurtimes.org/rajasthan/sikar/toda-villagers-protest-against-mining-in-pasture-land/


Sunday, 11 September 2022

Illegal mining: खनन के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण

 सीकर/टोडा. इलाके में चारागाह भूमि पर हो रहे खनन के खिलाफ ग्रामीण फिर से लामबंद होने लगे हैं। ग्रामीणों ने शनिवार को जीणमाता मंदिर पर बैठक कर पलासाला के पास चारागाह भूमि पर खनन बंद करवाने को लेकर आंदोलन करने का फैसला किया है। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जमकर हो रहे खनन पर आक्रोश जताते हुए खान संचालक से फोन पर वार्ता भी की। इसके बाद खनन को बंद करने के लिए ग्रामीणों ने विधायक व प्रशासन को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। बैठक में कांग्रेस नेता कैलाशचंद जोशी, रामावतार जोशी सुरेश सारस्वत, हरि सिंह तंवर, रमेश चंद कुमावत, राजेंद्र बबेरवाल, बाबू खां, माल सिंह तंवर, मंगेज सिंह तंवर, भाजपा नेता सीताराम यादव, पूरण सिंह तंवर, मदनलाल शर्मा, प्रभु सिंह, करतार सिंह, फूलचंद गुर्जर, शंकरलाल शर्मा, जैमल गुर्जर, हनुमान गुर्जर आदि मौजूद रहे।

Illegal mining: खनन के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण
Illegal mining: खनन के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण

धरना हटते ही खनन

चारागाह भूमि पर स्वीकृत खानों को निरस्त करवाने के लिए ग्रामीणों ने दो अक्टूबर 2015 को धरना शुरू किया था। धरना करीब पांच साल तक जारी रहा। 22 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगते ही धरना हटाना पड़ा। हाल ही में खान संचालकों ने फिर से चारागाह भूमि पर अवैध खनन शुरू कर दिया।

कई सालों से विरोध

चारागाह भूमि पर अवैध खानों को निरस्त करवाने के लिए ग्रामीणों का कई सालों से विरोध चल रहा है। चारागाह भूमि पर खनन को रोकने के लिए ग्रामीणों ने बैठक की थी। बैठक में चारागाह भूमि को बचाने का निर्णय लिया गया।


https://www.patrika.com/sikar-news/villagers-united-against-mining-7763364/

Sunday, 31 July 2022

पुलिस की बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, मासी नदी के पास बने बजरी स्टॉक किए नष्ट

फागी पुलिस ने बजरी माफिया और परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान चला रखा है. रेनवाल मांझी और फागी थाना पुलिस ने सयुंक्त अभियान चलाकर दाबिश में मासी नदी के समीप चारागाह भूमि पर बजरी के तीन बड़े स्टॉक को नष्ट कर यहां से बजरी को नदी में डलवाया है.

Written By  Zee Rajasthan Web Team

Updated: Jul 30, 2022 


Dudu: फागी पुलिस ने बजरी माफिया और परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान चला रखा है. रेनवाल मांझी और फागी थाना पुलिस ने सयुंक्त अभियान चलाकर दाबिश में मासी नदी के समीप चारागाह भूमि पर बजरी के तीन बड़े स्टॉक को नष्ट कर यहां से बजरी को नदी में डलवाया है.

पुलिस ने बजरी मफिया और परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है. दूदू इलाके में जहां पुलिस ने अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए दो-तीन पहले ही बजरी के स्टॉक नष्ट कराए. वहीं बजरी खनन और परिवहन का केन्द्र मानें जानें वाले ग्राम डाबिच में मांसी नदी के समीप चरागाह भूमि में बजरी के तीन बड़े स्टॉक नष्ट कर यहां से बजरी को नदी में डलवाया गया. 

जानकारी के मुताबिक दूदू और फागी इलाके में पुलिस अब तक करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की बजरी नष्ट करा चुकी है. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मनीष अग्रवाल और एएसपी दिनेश शर्मा के निर्देशन में सीओ अशोक चौहान के नेतृत्व में फागी थानाधिकारी भंवर लाल वैष्णव, रेनवाल मांजी थानाधिकारी हवासिंह, एएसआई सुभाष सामोता और आरएसी के जवानों और पुलिस के अतिरिक्त जाब्ते के साथ प्रात: 10 बजे ग्राम डाबिच में पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस के ग्राम डाबिच पहुंचते ही बजरी माफिया फरार हो गए.

चरागाह भूमि में अवैध भंडारण
पुलिस की टीम बजरी के स्टॉक की तलाश करते हुए मांसी नदी के पास जंगल में चरागाह भूमि पर पहुंची, जहां बबूलों के बीच तीन जगह भारी मात्रा में बजरी के स्टॉक लगे मिले. पुलिस ने दो जेसीबी और चार ट्रैक्टरों की मदद से शाम 6 बजे तक बजरी को नदी में डालने का कार्य जारी रखा. 

गौरतलब है कि बरसात के मौसम में ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ डम्पर या अन्य ट्रक बजरी भरने नदी में नहीं पहुंच पाते हैं, जिसके चलते बजरी माफिया बजरी का स्टॉक चरागाह भूमि में कर लिया था, जहां से अवैध बजरी का परिवहन कर ले जाया जा रहा था. सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को बजरी के स्टॉक से करीब 150 वाहन बजरी को नष्ट किया गया है.

Amit Yadav

https://zeenews.india.com/hindi/india/rajasthan/jaipur/police-action-against-the-gravel-mafia-destroyed-the-gravel-stock-built-near-the-masi-river/1280671



Friday, 29 July 2022

बनास नदी में अवैध खनन, बोर्ड अध्यक्ष ने लिखा पत्र

टोंक

Published: July 29, 2022 08:47:08 pm

बनास नदी में अवैध खनन, बोर्ड अध्यक्ष ने लिखा पत्र

जुलाई-अगस्त में लीज पर भी नहीं होगा खनन

देवली की मिली थी शिकायतें

टोंक. देवली उपखण्ड में दी गई लीज और अन्य अवैध खनन की मिली शिकायत के बाद बंजर भूमि एवं चरागाह विकास बोर्ड के अध्यक्ष संदीप सिंह चौधरी ने जिला कलक्टर टोंक को पत्र लिखा है। इसमें कहा कि मुख्यमंत्री ने गत दिनों खनिज विभाग व चरागाह समेत अन्य विभागों की बैठक ली थी।


इसमें कहा था कि मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त में खनन बंद कर दिया जाए। बजरी की आपूर्ति पूर्व में किए गए भंडारण से ही की जाए, लेकिन देवली क्षेत्र में बनास नदी में खनन की शिकायतें मिल रही थी। संदीप ने बताया कि देवली क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि बनास नदी देवली में इन दिनों बजरी का खनन किया जा रहा है।

चरागाह व बंजर भूमि पर भी अवैध खनन किया जा रहा है। जबकि यह मुख्यमंत्री के आदेश के विपरीत है। ऐसे में उन्होंने जिला कलक्टर को पत्र लिखा है कि वे अवैध खनन पर अंकुश लगाए। बनास नदी में जुलाई और अगस्त माह में किसी भी प्रकार खनन नहीं हो। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी शिकायत मिलती है तो मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। साथ ही जयपुर से टीम बनास नदी में पहुंचेगी।

5 साल बाद शुरू हुआ है खनन
टोंक जिले से गुजर रही बनास नदी में बजरी की लीज पर सुप्रीम कोर्ट ने 16 नवम्बर 2017 में रोक लगा दी थी। इसके करीब 5 साल बाद देवली ब्लॉक में फिर से खनन शुरू हुआ था। ग्रामीणों की शिकायत है कि बनास नदी में पानी आने के बावजूद बजरी का खनन जारी है। जबकि इस पर रोक है।

करोड़ों वसूल चुके राजस्व
सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाई गई रोक के बाद खनिज विभाग अवैध खनन से जुड़े वाहनों को पकड़ कर अब तक करोड़ों का जुर्माना वसूल चुकी है। इसके बावजूद अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश नहीं लग पाया। जिले में करीब 110 किलोमीटर होकर निकल रही बनास नदी किसानों के लिए बढ़ा जल स्रोत है। इसके साथ ही खनिज विभाग के लिए आय का स्रोत भी है।

Jalaluddin khan

https://www.patrika.com/author/jalaluddin-singh-khan-6124/





Tuesday, 26 April 2022

अवैध बजरी खनन:बनास के चरागाह में अवैध बजरी खनन को लेकर भिड़े दो गुट

बौंली

 क्षेत्र के हथड़ोली पंचायत के हरियाणा कि झोपड़या गांव में पिछले दिनों से बनास नदी के चरागाह में बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा हैं। चरागाह में अवैध बजरी खनन ओर निर्गमन के रास्तों के बदले लिए जाने वाले रुपए के बंटवारे को लेकर गांव के दो गुट आपस में झगड़ रहे थे। ट्रैक्टरों में बनास से बजरी भराई के रुपए की लेनदेन को लेकर गांव वाले और लोडर चलाने वाले परिवारों के लोगों में गाली गलोच ओर धक्का मुक्की हो गई। लड़ाई में गांव के लोग भी बनास में पहुंच गए। वहीं दूसरे गुट के लोगों ने एक दर्जन से अधिक युवकों को नदी में बुलवा लिया, जिससे नदी में दोनों गुटों के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

दोनों गुटों में बड़ा विवाद होने से पहले गांव के लोगों ने पुलिस मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम सहित थानाधिकारी बौंली, पुलिस उपाधीक्षक बामनवास को पूरे मामले से अवगत करवाते हए विवाद की सूचना दी गई। बौंली पुलिस ने घटना स्थल बनास नदी चरागाह से लोगों की भीड़ को खदेड़ा और विवाद को शांत कराया। पुलिस ने दोनों गुटों के पांच पांच लोगों को बुलवाकर मामले की जानकारी लेते हए बनास नदी चरागाह सहित नदी क्षेत्र से खनन करने पर कारवाई की बात कही अौर दोनों गुटों को बनास में खनन नही करने तथा वाहनों से रास्ता एवं भराई के रुपए नहीं लेने के लिए समझाइस की।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/bonli/news/two-groups-clashed-over-illegal-gravel-mining-in-banas-pasture-129711971.html

Sunday, 24 April 2022

अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है सागवाड़ा:गांवों में क्वार्ट्ज पत्थर का अवैध खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ अब एफआईआर की तैयारी

डूंगरपुर

अवैध खनन को रोकने के लिए खनन विभाग पर बने दबाव के बाद विभाग ने अब एफआईआर की तैयारी कर ली है। हालांकि अभी सिर्फ झाखरी में ही विभाग ने कार्यवाही की है जबकि बड़े स्तर पर कराड़ा में धडल्ले से क्वार्ट्ज पत्थर का अवैध खनन हो रहा है। सागवाड़ा क्वार्ट्ज पत्थर के अवैध खनन का गढ़ बनता जा रहा है। जिसमें राजस्व, पुलिस, माइनिंग और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से सारा खेल हो रहा है। झाखरी पंचायत में चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध खनन और पकड़ी गई मशीनों को लेकर विभाग एफआईआर करेगा।

खनन विभाग पकड़े गए वाहनों के नंबरों के अाधार पर इनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है।इससे पहले सागवाड़ा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर सभी ने आंखें मूंद रखी थी। खनन विभाग अपने राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो दिन की कार्रवाई में मशीनरी जब्त कर 10 लाख तक का जुर्माना वसूल लिया है। इधर, खनन माफिया के पास उपलब्ध दूसरी बड़ी और छोटी मशीनरी से फिर से रात के अंधेरे में सैकड़ों टन क्वाट्र्ज का खनन कर गुजरात बेचना शुरू है।

चारागाह भूमि का मालिक पंचायतीराज विभाग चारागाह जमीन का असली मालिक पंचायतीराज विभाग होता है। जिसमें सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और विकास अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। जो अपने क्षेत्र की चारागाह जमीन को खुद-बुर्द करने पर एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार रखता है। इधर, पंचायती राज विभाग ने तो अभी तक कोई स्पष्टीकरण कर भी नही मांगा है। जहां एक ओर वैध खनन के लिए ग्राम पंचायत से एनओसी जारी होती है। इससे ग्राम पंचायत को राजस्व लाभ मिलता है। वहीं चारागाह जमीन पर अवैध खनन से लाखों के राजस्व नुकसान झेलना पड़ता है।

रोज 80 से 100 डंपर निकल रहे : पट्टाधारी माइंसों के पास खनन क्षेत्र में इतना पत्थर नहीं है जितना रोज निकल रहा है। इसी लिये चारागाह और अन्य भूमि से खनन कर पत्थर निकाले जा रहे है। इस क्षेत्र से रोजाना 80 से 100 डंपर निकल रहे है। शनिवार को भी माविता के पास क्वार्ट्ज से भरा डंपर पलट गया। जानकारी बताते है कि माइंस धारक के पास जारी हुए क्षेत्र में कोई क्वाट्र्ज का एरिया नहीं बचा है। इसके बावजूद रोज 100 से अधिक डम्पर या ट्रक भरकर क्वाट्र्ज निकल रहा है। इसकी रोज रॉयल्टी, ई-रवन्ना भरी जाती है। वहीं खनन पट्टाधारी क्षेत्र में कोई खनन नहीं हुआ है। 

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/banswara/dungarpur/news/now-preparation-of-fir-against-mafia-doing-illegal-mining-of-quartz-stone-in-villages-129708944.html

Tuesday, 19 April 2022

चारागाह में खनिज पट्टों के विरोध में पशुपालक लामबंद

तहसीलदार को जिला कलक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

अजमेर

Published: April 17, 2022


अजमेर. निकटवर्ती ग्राम अमरपुरा स्थित खसरा नं. 905 / 792, 900 / 170 में ई-ऑक्शन खनिज प्लॉट को डेलिनियेशन का आसपास के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है। इसे लेकर तहसीलदार को जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। पशुपालकों तथा जनप्रतिनिधियों ने अपनी मांग को लेकर अजमेर डेयरी अध्यक्ष् रामचन्द्र चौधरी से भी मुलाकात की।
ajmer
ग्रामीणों ने बताया कि डेलिनियशन प्लॉट ग्राम रीछमाल देवास तहसील बिजयनगर खसरा न. 905/792, 900/170, चारागाह सरकारी भूमि है। जिसमें मवेशी चरते हैं तथा उक्त खसरा न. 900 / 170 में शिवजी का मन्दिर है व खसरा न. 905 / 792 में हनुमान जी का मन्दिर है। जो पूजा व आस्था का केन्द्र है। यहां खनिज प्लॉट का आंवटन होने पर मवेशियों को चराने व मंदिर आने-जाने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पडेगा । ब्लॉस्टिंग आदि से मंदिर को नुकसान व मवेशियों, ग्रामीणों के साथ दुर्घटना की आशंका है। ज्ञापन देने वालो में ग्राम पंचायत शिवनगर व समस्त ग्रामवासीगण अमरपुरा, ग्राम पंचायत शिवनगर पं.स. मसूदा शामिल थे।
https://www.patrika.com/ajmer-news/veterinarians-mobilized-against-mineral-leases-in-the-pasture-7473133/

Saturday, 16 April 2022

खनन माफियाओं के हौसले बुलंद, चारागाह भूमि को खोदा

झालावाड़ जिले के पिडावा क्षेत्र में इन दिनों खनन माफियाओं के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे हैं. खनन माफियाओं ने गोचर भूमि पर अवैध खनन कर भारी मात्रा में ग्रेवल निकाली है.

Tuesday, 5 April 2022

अवैध खनन से चारागाह की भूमि हुई छलनी, बुलडोजर जब्त

 बूंदी

नैनवां. उपखंण्ड के गुढ़ादेवजी ग्राम पंचायत की चरागाह भूमि पर अवैध खनन रूक नहीं पा रहा। सोमवार को पटवारी ने भूमि पर चल रहे अवैध खनन को रुकवाया। तहसीलदार ने नैनवां थाना पुलिस को मौके पर भिजवाकर खनन कर रहे बुलडोजर को जब्त करवाया।

गुढ़ादेवजी पंचायत की चरागाह भूमि पर कई दिनों से अवैध खनन चलने से मवेशियों की चराई के लिए आरक्षित भूमि छलनी कर डाली। चरागाह भूमि ग्राम पंचायत की होने के बाद भी पंचायत द्वारा अवैध खनन को रोका नहीं जा रहा। सोमवार को फिर बुलडोजर चरागाह भूमि पर अवैध खनन करने की सूचना पर गुढ़ादेवजी की पटवारी ममता मीणा ने मौके पर पहुंचकर अवैध खनन को रुकवाया। पटवारी ने बताया कि ग्रामीणों ने चरागाह भूमि पर अवैध खनन की सूचना पर मौके पर पहुंची तो एक बुलडोजर से अवैध खनन किया जा रहा था। तीन-चार ट्रैक्टर भी खड़े थे। चालक ट्रैक्टर लेकर भाग गए। बुलडोजर को जाने नहीं दिया। मामले की तहसीलदार को जानकारी दी। तहसीलदार ने पुलिस को मौके पर भेजा। नैनवां थाने के एएसआई जयङ्क्षसह मीणा मौके पहुंचे। बुलडोजर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस बुलडोजर को नैनवां थाने पर ले आई।

कार्रवाई की जाएगी

नैनवां थाने के एएसआई जयङ्क्षसह मीणा ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर मौके पर पहुंचकर बुलडोजर को थाने पर लेकर आए है। तहसीलदार या पटवारी की रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मौका रिपोर्ट मांगी है

तहसीलदार कैलाशचन्द मीणा का कहना है कि पटवारी से मौका रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई के लिए मौका रिपोर्ट थाना प्रभारी को भेजी जाएगी।

By Narendra Agarwal


https://patrika.com/bundi-news/bundi-news-bundi-rajasthan-news-illegal-mining-pasture-bulldozer-7444862/

Sunday, 13 March 2022

Land heritage in danger – In Geo heritage Ramgarh Crater hundreds of trees are being cut and outside illegal mining is in full swing

Heritage, on the target of mafia – Country’s 3rd biggest Ramgadh crater is far away from conservation work and there is no arrangement for security

Public representatives and officials are not serious regarding the protection and security of the Ramgarh crater which has given recognition to Bara in the country and worldwide. The situation is that hundreds of trees located at the center of the Ramgarh crater have been cut. Illegal mining of stones and sand is being done from the mountains and rivers of the crater. Geo heritage is far from conservation work and there is no arrangement for its protection.

Ramgarh crater a natural geographical Located 40 kilometers away from the district headquarters was given recognition by the earth impact database Society of Canada and international organizations that recognizes so world creators in August 2020. This is the country’s 3rd  and Rajasthan 1st  crater. Bhaskar team surveyed the Ramgarh crater and Parikrama marg. After a few kilometers, the parikrama route was unpaved a large number of tractors trolleys were engaged every day in the mining of sand and stone from the hill and kool river of the crater. They are also putting piles adjacent to the hills. Hundreds of trees have been cut. More or less similar conditions also exist within the crater. Hundreds of trees have been cut in the forest adjacent to the Ramgarh Mata Ji marg. the forest is being cut and cleared continuously because there is no one to stop.

Statements were passed on bringing foreign tourists and their security

Many foreign researchers reached Ramgarh now. Seeing the situation on the spot, it seems that the public representatives and officials are only limited to giving statements regarding protection and security. Lakhs of devotees reach here on every major occasion from Navratri to New Year. Apart from these foreign researchers also come regarding the crater.

This is the specialty – States first crater of 3.2Km diameter, Bara gets recognition

The ring-like structure is present in Ramgarh, it has a diameter of 3.2 kilometers and is present at 200 meters height. Due to this Bara was recognized in the country & the world. GSI has given a place on the Ecotourism website, due to which there is a huge potential for tourism here.

Conservation of heritage is also being ignored

Mini Khajuraho Bhaddevra is situated here. Among the temple group, only one temple is in perfect condition. Claims & promises were made for its protection, but no attention has been paid. Ancient stones with engravings have been used to build new walls. There is a temple of apurta Krishnai Mataji on the hill. Pushkar Lake in the middle & ancient fort is on both sides of the hill which attracts tourists.

The case of illegal mining & felling of the trees in the Ramgarh crater is not in my notice. If this is being done then it is wrong. By showing this strict action will be taken against the culprits.

Kiran Berwa, Pradhan, Panchayat Samiti Kishanganj

The case of illegal mining of stones & cutting of the trees in the Ramgarh crater hill area is not in my notice. If this is happening then it is absolutely wrong. Action will be taken after taking information from the officials of the department.

Gaurav Mittal, SDM Kishanganj




Tight arrangements should be made for the security of Ramgarh crater, the administration should ensure action against the Mafia

Nature, forest, wildlife, and heritage lovers expressed concern, cutting & mining should be completely curbed

Bara |Expressing displeasure over the cutting of trees and illegal mining outside Ramgarh crater the first heritage of the state located in Kishanganj tehsil forest and environment and heritage lovers have demanded strict action from the administration. They have demanded to take effective steps for the protection of the World Heritage site. A large number of trees have been cut on the road leading to the inner firing range in the Ramgarh crater. A large number of trees have also been felled on the road leading to the Kool river outside. There are heaps of sand here. After the illegal case of mining and felling of trees came to light in the Ramgarh area the forest department has issued a preliminary report mentioning that less than 10 trees should be cut on the spot. While hundreds of trees have been cut on the spot. Kishanganj Ranger Bhupendra Singh Hada told that the forest department personnel had been sent to the spot. A tree was found chopped in front of Bhanddevra apart from this trees are also being cut in other places so on a spot investigation will be done.

 

The Ramgarh crater is said to be protected in the Baran district, where the famous Bhanddevra and Mataji temple is located on the mountain. It is a centre of faith for thousands of people. It is favorable for those who looted the natural resources. The administration is not serious about conservation.

Brijesh Vijayvargiya, State Vice President, National water community and convenor Tiger Mitra

Ramgarh is full of natural beauty. Here Mata Mandir is the remains of Jain civilization. If mining cutting is happening then it is shameful for the administration and forest department. The environmentalist team will soon visit.

Ramgarh, Rajendra Jain, Save freedom Movement, Kota

If the administration keeps on ignoring, then all the environmental voluntary organizations that help the administration in times of trouble can stand against them. The experts are also silent, everyone will have to bear the brunt of this. Preserve nature.

Archana Rajawat, Member water fraternity

Ramgarh is the heritage of Baran. Playing with it will not be tolerated. Public awareness will be done by circumambulating the Ramgarh crater. If archaeologists & environmentalists have to protest they will do so .

Mukesh Suman, Smriti Van Samiti, Baran

Administration & public representatives of baran should preserve the Ramgarh heritage. The careless should be made accountable.

Yagyadutt Hada, Gayatri pariwar, Aashram Bekhada

The report of felling of trees has been received in, Ramgarh in which the number of trees is less than 10. The actual report will be summoned from the spot. Effective action will be taken to stop the felling.

V Chetan Kumar, Deputy Conservator of Forests




Wednesday, 9 March 2022

अवैध खनन पर कार्रवाई 9 वाहन जब्त, 4 गिरफ्तार: 300 बीघा चारागाह भूमि से 500 टन प्रतिदिन फेल्सपार खोद रहे थे माफिया

 राजसमंद

केलवा पुलिस ने रविवार रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 वाहन जब्त किए और 4 खनन माफियाओं को गिरफ्तार किया है। खनन माफिया रात के अंधेरे में आमेट उपखंड़ के जैतपुरा चारागह भूमि से अवैध खनन कर रहे थे। प्रतिदिन 500 टन फेल्सपार निकाला जा रहा था। अवैध खनन से सरकार को लाखों रुपए के राजस्व नुकसान हो रहा था। साथ ही वन्यजीव भी जंगल छोड़ आबादी क्षेत्र में आने लगे थे। खनन माफियाओं को खौफ होने के कारण ग्रामीण भी इनका विरोध नहीं कर रहे थे। उच्च क्वालिटी का पत्थर होने के कारण 1500 से 2 हजार रुपए टन से बेचा जाता है।

केलवा थाना अधिकारी प्रवीण जुगतावत ने बताया कि जेतपुरा में अवैध खनन होने की जानकारी मिली थी। अवैध खनन की जगह पुलिस के जवान को निगरानी के लिए लगा दिया। इस पर रात के अंधेरे में खनन करने पहुंचे लोगों से वैध कागज होने के बारे में पूछताछ की गई। अवैध रुप से खनन करना पाए जाने पर 2 जेसीबी, 3 डंपर, 2 टैक्टर और 2 बाइक को जब्त किया गया। पुलिस ने आगलगांव निवासी दिनेश पुत्र धनराज गुर्जर, जेतपुरा निवासी प्रकाश पुत्र रतनलाल जाट, आगलगांव निवासी कन्हैयालाल पुत्र किशनलाल गुर्जर और धांयला निवासी धर्मेंद्र पुत्र सोहनलाल भील को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी वाहन चालक है, पुलिस अवैध खनन करने वालों के बारे में इनसे पूछताछ कर रही है।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/udaipur/rajsamand/news/mafia-was-digging-500-tonnes-per-day-feldspar-from-300-bigha-pasture-land-129479048.html

Wednesday, 23 February 2022

चारागाह व सरकारी भूमि पर मिट्टी का अवैध खनन:राजस्व विभाग की टीम ने एलएनटी मशीन जब्त की, ठेकेदार को किया पाबंद

सवाई माधोपुर


सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र में पिछले एक साल से कई जगह अवैध खनन किया जा रहा है। तालाब और चरागाह भूमि पर नियमों के विपरीत खुदाई इतनी कर दी कि जमीन से पानी भी निकल आया है। ऐसे में जगह-जगह बने गहरी खाई से दुर्घटना का अंदेशा है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य में भी ठेकेदार ने कई जगहों पर अवैध रूप से चारागाह व सरकारी भूमि पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है। बिलोपा गांव के ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने बिलोपा में अवैध खुदाई के मामले में एक एलएनटी मशीन जब्त की है। तहसीलदार प्रीति मीणा ने बताया कि तालाब में 2 मीटर अधिक गहराई की खुदाई किए जाने के बाद एलएनटी मशीन को जब्त किया गया है। ठेकेदार को भी खुदाई नहीं करने को लेकर पाबंद किया गया है। इस दौरान उनके साथ मौके पर पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/sawai-madhopur/news/revenue-department-team-confiscated-lnt-machine-the-contractor-was-banned-129427554.html