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Sunday, 26 October 2025

मांडल क्षेत्र में चारागाह पर अवैध मिट्टी खनन का मामला:ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, कार्रवाई की मांग

 

मांडल तहसील के हिसनिया सहित कई गांवों में चारागाह भूमि पर अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस अवैध खनन का विरोध किया, लेकिन खनन माफिया ने उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए काम जारी रखा।

इसके बाद शनिवार शाम को आक्रोशित ग्रामीणों ने मांडल तहसीलदार उत्तम जांगिड़ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

तहसीलदार उत्तम जांगिड़ ने ग्रामीणों से ज्ञापन मिलने के बाद आश्वासन देते हुए कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम शीघ्र ही मौके पर भेजी जाएगी। अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित माफियाओं को पाबंद किया जाएगा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं और वे सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/mandal/news/case-of-illegal-soil-mining-on-pasture-land-in-mandal-area-136258049.html

Friday, 10 October 2025

दौसा की ग्राम पंचायतों में विकसित होंगे चारागाह:कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए रोल मॉडल बनाने के निर्देश

 

दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने चारागाह विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

दौसा कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने शुक्रवार को लवाण पंचायत समिति क्षेत्र में चरागाह विकास कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए। ग्राम पंचायत नांगल गोविंद में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत नवाचार करते हुए 8.58 लाख रुपए की स्वीकृति से किए गए चारागाह विकास कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि यह ग्राम पंचायत वर्तमान परिदृश्य में पौधारोपण कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रही है, जो जिले में एक रोल मॉडल की तरह है।

मनरेगा अधिशासी अभियंता सीताराम मीणा ने चरागाह विकास कार्य के संबंध में बताया कि यहां चरागाह की 8 बीघा भूमि में नेपियर घास व 1 बीघा धामण घास, 1200 फलदार पौधे, 2000 मोरिंगा के पौधे, 500 छायादार पौधे इस वर्ष में लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा चरागाह में पूर्व के वर्षों में भी लगभग 6000 पौधे लगाये जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि चारागाह की गुणवत्ता में सुधार होने से पेड़ों की पत्तियां व छाया पशुओं के लिए उपयोगी होगी। साथ ही, पेड़ों से भूमि की नमी बनी रहेगी, जिससे पशुओं के लिए बेहतर घास तैयार होगी। फलदार पौधों से ग्राम पंचायत की निजी आय बढ़ेगी।

यहां चरागाह विकास के तहत मानसून के दौरान आंवला, जामुन, आम, बैर, अमरूद एवं अन्य छायादार-फलदार पौधे लगाए गए थे। इन पौधों की पुख्ता सुरक्षा, देखभाल एवं अच्छी वृद्धि देखकर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के प्रयास की सराहना की। साथ ही, उन्होंने ऐसे कार्यों का विस्तार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्राम पंचायत की निजी आय का स्रोत विकसित हो सके।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/pastures-of-dausas-gram-panchayats-will-be-developed-136139010.html

Wednesday, 16 July 2025

राजस्थान: सुविचार अभियान फूलिया कलां क्षेत्र की बैठक संपन्न, 19 गांव में चरागाह विकसित करने की बनी योजना

 

संक्षेप

राजस्थान: सुविचार अभियान (सुरभि  विहार चारागाह रक्षण अभियान) के तहत एसडी फाउंडेशन, अपना संस्थान, एफईएस एवं गोयल ग्रामीण विकास संस्थान के सामूहिक तत्वाधान में फूलिया कलां

विस्तार

राजस्थान: सुविचार अभियान (सुरभि  विहार चारागाह रक्षण अभियान) के तहत एसडी फाउंडेशन, अपना संस्थान, एफईएस एवं गोयल ग्रामीण विकास संस्थान के सामूहिक तत्वाधान में फूलिया कलां क्षेत्र के चारागाह को विकसित करने के लिए बैठक ग्राम पंचायत राज्यास के पंचायत भवन में आयोजित हुई। शाहपुरा क्षेत्र के  प्रभारी शिवराज सोनी ने बताया कि बैठक में आठ गांवों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस बैठक में सुविचार अभियान के विभाग सहसंयोजक सूर्य प्रकाश शर्मा ने ग्राम विकास के लिये चारागाह विकास को आधार बताया। उन्होंने कहा कि गांव में चारागाह विकास होगा तो पशुधन समृद्ध होगा। सुविचार अभियान के समन्वयक  महेश नवहाल ने कहा कि चारागाह विकास गांव की संपूर्ण इकोलॉजी को ही बदल सकता है। भीलवाड़ा क्षेत्र में हर पंचायत में चरागाह की भूमि अवस्थित है। इस चरागाह को विकसित करना अपने क्षेत्र में जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण को भी बढ़ावा देगा। 

चरागाह में जैव विविधता समृद्ध करने के लिए विविध प्रकार के स्थानीय प्रजाति के वृक्ष लगाए जाएंगे। इस पर ट्रेंच और एनीकट, चेक डैम आदि का निर्माण जल संरक्षण को भी बढ़ावा देगा और विकसित होने के पश्चात गांव के आसपास की पारिस्थितिकी तंत्र को ही बदला जा सकता है। एफईएस के  सुरेश पाराशर ने कहा कि गांव में निजी जमीन के अलावा शामलाती भूमि का विकास करना गांव की समृद्धि का कारक हो सकता है। बैठक में सुविचार अभियान के जिला संयोजक गुदड़ मल गुर्जर, सहसंयोजक परमेश्वर प्रसाद कुमावत, एफईएस के कुलदीप नागर ने भी विचार रखें। बैठक में देवकिशन जोशी, शिवकुमार सोनी, हेमराज कुमावत, जगदीश प्रजापत, सोनाथ गुर्जर, सालगराम कुमावत, छोटू लाल बेरवा, भंवरलाल कुमावत सहित गांव के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में 19 गांव की सूची बनाई गई जिनमें चारागाह विकास की दिशा में काम करने का लक्ष्य लिया गया। इन गांवों में चारागाह दर्शन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसे गांव के प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के चारागाह को देखकर विकास का लक्ष्य ले सकेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://ncrsamacharlive.in/latest/rajasthan-suvichar-abhiyan-phuliya-kalan-area-meeting-concluded-plan-made-to-develop-pastures-in-19-villages

Saturday, 12 July 2025

दो जिलों के चारागाहों में वन विभाग उगाएगा घास:बबूल की झाड़ियां हटाकर 2.10 करोड़ से वन विभाग 4375 बीघा जमीन पर विकसित कर रहा है चारागाह

 वन विभाग बाड़मेर व बालोतरा जिले में पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली बबूल व कीकर की झाड़ियों को हटाते हुए 4375 बीघा जमीन पर 2 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से चारागाह विकसित कर रहा है। जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है जब शुष्क वन अनुसंधान संस्थान आफरी जोधपुर की रिपोर्ट के आधार पर बबूल हटाने के साथ घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं।

विभाग की ओर से पशुपालकों को ग्राम समितियों की निर्धारित कीमत पर एक साल बाद घास उपलब्ध करवाई जाएगी।बहुतायत से उगने वाले विलायती बबूल व कीकर को हटाते हुए वन विभाग कुमट, रोहिड़ा, बेर, खेजड़ी, गूंदा, गूंदी, जाल सहित चौड़ी पत्ती व कांटेदार पौधे लगा रहा है, जो यहां के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल हैं।आफरी के वैज्ञानिकों का कहना है कि विलायती बबूल व कीकर जिन स्थानों पर पनपते हैं, वहां अन्य वनस्पति नहीं पनपती।

ऐसे में हमारे परंपरागत घास के मैदान नष्ट हो रहे हैं। विभाग की ओर से बारिश के शुरू होने के साथ सेवण, धामण और करड़ घास के चारागाह विकसित किए जा रहे हैं।अब जिले में पशुओं के लिए घास की कमी नहीं होगी। विभाग का दावा है कि अब पशुपालकों को चारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।बाड़मेर व बालोतरा जिले की चौहटन रेंज, शिव, बायतु, बालोतरा व सिवाना रेंज में करीब एक साल बाद पशुपालकों को घास उपलब्ध होगी।

मूल ऑनलाइन लेख- https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/barmer/news/the-forest-department-is-developing-pastures-on-4375-bighas-of-land-by-removing-acacia-bushes-at-a-cost-of-rs-210-crore-135419991.html


Tuesday, 8 July 2025

लूनी की पुकार: प्रदूषण की पीड़ा से कराह रही, यह मात्र एक नदी नहीं, समूचे रेगिस्तान की आत्मा का संकट है: पश्चिमी राजस्थान की सांस्कृतिक धड़कन और जीवनधारा लूणी नदी आज स्वयं जीवन के लिए तरस रही है।


बालोतरा जिले के डोली अराबा क्षेत्र के खेतों और भूमि पर भरा रसायनयुक्त प्रदूषित पानी।

योगेंद्र सेन, बाड़मेर।

पश्चिमी राजस्थान की सांस्कृतिक धड़कन और जीवनधारा लूणी नदी आज स्वयं जीवन के लिए तरस रही है। जो कभी गांवों को सींचती थी, चारागाहों को जीवन देती थी, वही नदी अब प्रदूषण की पीड़ा से कराह रही है। यह मात्र एक नदी का नहीं, बल्कि समूचे रेगिस्तान की आत्मा का संकट है।

पिछले कुछ दशकों में औद्योगिक इकाइयों ने इस धारा को ऐसा विष दिया कि उसकी पारंपरिक शुद्धता ही नष्ट हो गई। जहरीला रासायनिक अपशिष्ट खेतों की हरियाली निगल गया। हजारों किसान रोजगार और ज़मीन दोनों से बेदखल हो गए। लूणी के किनारे की वो उपजाऊ भूमि, जहां कभी अन्न के खेत लहराते थे, आज बंजर और वीरान पड़ी है। गांव खाली हो रहे हैं, लोग पलायन को विवश हैं।यह संकट केवल पर्यावरणीय नहीं है, यह हमारी सांस्कृतिक स्मृति और पारंपरिक जीवनशैली पर भी गहरा आघात है।

ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा बालोतरा के पादरू में की गई घोषणा-जैसे सूखे होंठों को ताजगी मिल गई हो। प्रस्ताव है कि जोधपुर से कच्छ के रण तक एक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जोधपुर, पाली, बालोतरा, जसोल और बिठूजा से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट को ड्रेन सिस्टम के माध्यम से कच्छ की खाड़ी तक ले जाया जाएगा।

यह योजना, केवल एक बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि मरुस्थल के पुनर्जीवन की कथा का प्रारंभ हो सकती है। लूणी में फिर से सांसें लौट सकती हैं। खेतों में हरियाली लौटेगी, गांवों में चहल-पहल बढ़ेगी, पलायन रुकेगा। उद्योगों को नियमन के साथ राहत मिलेगी, जिससे आर्थिक स्थायित्व और निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा।

और सबसे बड़ी बात-लूणी को नया जीवन मिलेगा। यह नदी केवल जल की नहीं, बल्कि लोकजीवन, लोकगाथा, लोकआस्था और पहचान की वाहक है। लेकिन यह सपना तभी साकार होगा जब सरकार, प्रशासन और उद्योग जगत एक लक्ष्य, एक निष्ठा और एक दृष्टि से कार्य करें। योजना की डीपीआर को त्वरित स्वीकृति, जमीन अधिग्रहण में पारदर्शिता और क्रियान्वयन की सघन निगरानी अत्यंत आवश्यक होगी।

यह केवल एक ड्रेनेज प्रोजेक्ट नहीं, रेगिस्तान की उम्मीदों की पाइपलाइन है। यह प्रदूषण से मुक्ति का ही नहीं, भविष्य को सुरक्षित रखने का मार्ग है। सरकार को चाहिए कि इसे केवल बजट की फाइलों तक सीमित न रखे, बल्कि इसे रेगिस्तान की आत्मा को बचाने का जन-अभियान बनाए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/barmer-news/the-call-of-luni-waning-in-the-pain-of-pollution-it-is-not-just-a-river-it-is-the-crisis-of-the-soul-of-the-entire-desert-19758847

Wednesday, 25 June 2025

बाली के बेड़ा में सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण:10 हजार पशुओं के चारागाह पर संकट, पशुपालकों ने सौंपा ज्ञापन


बाली के ग्राम पंचायत बेड़ा में सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। जिसे लेकर पशुपालकों ने नायब तहसीलदार फतेह सिंह को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

पशुपालकों का कहना है कि ग्राम पंचायत बेड़ा के अधीन सिवाय चक भूमि खसरा नंबर 38 में फिर से अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने बताया कि बेड़ा में करीब दस हजार पशु हैं। इनमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट शामिल हैं। यहां के निवासियों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के चरने के लिए ये भूमि बेहद जरूरी है। अतिक्रमण की वजह से पशुओं को चरने की जगह नहीं मिल पा रही है।

पहले भी इस जमीन पर अतिक्रमण हुआ था। तब प्रशासन ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कार्रवाई कर इसे हटवाया था। अब फिर से अतिक्रमण होने से पशुपालक परेशान हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि बेड़ा में सभी सिवाय चक भूमि से पट्टा नंबर 91 को निरस्त किया जाए।

पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/bali/news/encroachment-on-chak-land-except-in-balis-beda-135308925.html

Saturday, 14 June 2025

सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया:खानपुर मीना में चारागाह और करेरुआ में आम रास्ते की भूमि से हटाया अतिक्रमण

बाड़ी उपखंड प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांवों में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया। ग्रामवासियों की बार-बार शिकायतों के बाद प्रशासन ने चारागाह व आम रास्ते की भूमि को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।

खानपुर मीणा गांव में खसरा नंबर 102, 114 और 115 की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिल रही थी। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से अवैध निर्माण हटाए। इस टीम में भू अभिलेख निरीक्षक हरवेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह और पटवारी नवीन कुमार, गिर्राज सिंह, महावीर सिंह शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी और अवैध निर्माण हटाने का कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

आम रास्ते की भूमि पर दूसरी कार्रवाई

दूसरी कार्रवाई करेरूआ गांव में की गई, जहां खसरा नंबर 622 की आम रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। भू अभिलेख निरीक्षक पिंकी मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पटवारी मनीषा चंदेलवाल, मनीष मित्तल और देवेंद्र मीणा ने मौके पर मौजूद रहकर कब्जा हटवाया। इस दौरान लोगों को सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई।

जनसुनवाई व चौपाल से निकला समाधान का रास्ता

बाड़ी तहसीलदार उत्तमचंद बंसल ने बताया कि ग्रामीणों ने मासिक जनसुनवाई, रात्रि चौपाल और संपर्क पोर्टल के माध्यम से अतिक्रमण की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर अभियान चलाया गया है। गर्मी के इस मौसम में भी प्रशासनिक टीम लगातार अभियान जारी रखे हुए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/government-land-freed-from-encroachment-135233403.html

Saturday, 3 May 2025

कालोहार में दबंगों ने काटे पेड़, चारागाह पर बना दी सड़क

  • ग्रामीणों का आरोप: प्रशासन की मिलीभगत से रात में हो रहा निर्माण, कानूनी कार्रवाई की मांग की 

पशुओं को चारे का संकट होगा उत्पन्न... ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क निर्माण से न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा होगा, बल्कि आसपास के गांवों के पशुओं को चारा देने के लिए जो चारागाह और बीहड़ का इस्तेमाल किया जाता है, वह भी नष्ट हो जाएगा। इनमें से कुछ लोग पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस में कई मामले दर्ज हैं।

ग्रामीण बोले: पर्यावरण को भी होगा नुकसान... ग्रामीणों का कहना है कि कि इन दबंगों के द्वारा यह निर्माण कार्य अवैध रूप से किया जा रहा है और इससे न केवल उनका आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि यह जमीन केवल खेती-बाड़ी के लिए है और इसका कोई भी गैरकानूनी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

भास्कर न्यूज। भरतपुर तहसील भुसावर के कालोहार गांव में कुछ दबंगों द्वारा कृषि भूमि पर जबरन अवैध सड़क निर्माण किया जा रहा है। इस मामले में निर्देश गुर्जर समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मामला आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि उन्होंने हाल ही में खसरा नंबर 113 में स्थित कृषि भूमि खरीदी थी, जो कि पहले से ही एक चारागाह और बीहड़ क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी।

यह भूमि उन्होंने एक रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिए खरीदी थी, जो 15 अप्रैल 2025 को हुआ था। वे कहते हैं कि जब से उन्होंने भूमि का कब्जा लिया है, कुछ दबंग लोग अवैध रूप से सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं। इन दबंगों ने न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा करने की कोशिश की बल्कि इसके लिए भारी वाहन भी इस्तेमाल किए हैं। 16 अप्रैल को इन दबंगों ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उनकी भूमि पर मोरम डाला और कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।

यह सब कार्य उनके बिना किसी अनुमति के किया गया। दबंग इस भूमि पर अवैध रूप से एक पक्की सड़क बनाना चाहते हैं जो उनकी कृषि भूमि को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और उच्चाधिकारियों से गुहार लगाएंगे।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/in-kalohar-the-bullies-cut-down-trees-and-built-a-road-on-the-pasture-134954463.html

Thursday, 1 May 2025

चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग

दौसा|ग्राम श्यालावास में चारागाह पर अतिक्रमण की शिकायत लोगों ने प्रशासन से की है। लोगों ने बताया कि अतिक्रमण से रास्ता बंद है। इस संबंध में कई बार 181 पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अतिक्रमण के चलते रास्ता बंद होने से कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।


Sunday, 16 March 2025

बनियाना में रात्रि चौपाल में चारागाह से अतिक्रमण हटाने के डीएम ने दिए निर्देश

दौसा (ग्रामीण). रात्रिचौपाल में समस्याएं सुनते विधायक कलेक्टर।

भास्कर न्यूज| दौसा (ग्रामीण)

बनियानाग्राम पंचायत पर आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारी कर्मचारी तालमेल के साथ विकास कार्यों का पूर्ण ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में व्याप्त बिजली पानी की समस्या का अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराएं। उन्होंने खराब हैंडपंपों की शिकायत पर सहायक अभियंता को टीम भेेजकर ठीक कराने के निर्देश दिए। वहीं बिजली निगम के एक्सईएन को दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत कनेक्शनों से वंचितों को तुरंत कनेक्शन करने को कहा। रामसिंह गुर्जर, सीताराम गुर्जर, रामजीलाल योगी ने पशुओं मे फैल रही बीमारीयों के बारे में शिकायत कर पशु चिकित्सकों की टीम बुलाने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार का कोताही नहीं बरती जाए। जनसुनवाई में भवनहीन लोगों ने पट्टे जारी कराने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को भूमि को आबादी में परिवर्तन करने के प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। वहीं चरागाह से अतिक्रमण के लिए तहसीलदार को मामले की जांचकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला श्रम कल्याण अधिकारी को शुभ शक्ति योजना के लाभाथियों को शीघ्र भुगतान कर अन्य योजनाओं में भी लाभाविन्त करने की बात कही। सीएमएचओ को पी.आर. मीणा को मौसमी बीमारियों के बारे में विशेष सर्तकता बरतने, जिला रसद अधिकारी को राशन वितरण समय पर सुनिश्चत कराने, विकास अधिकारी लवाण हरीसिंह चारण को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं बनाए आवासों की जांचकर भुगतान करने, स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत निर्माण कराए शौचालयों की जांचकर तुरत भुगतान कराने के निद्रेश दिए बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पा सिंह को आंगनबाडी केंद्रों पर पोषाहार वितरण कराने के निर्देश दिए।

100 वर्षीय सुरजन खंडेलवाल ने शौचालय निर्माण कराने के लिए कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर कलेक्टर ने मौके पर ही विकास अधिकारी हरिसिंह चारण से स्वीकृति जारी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

विधायकने की 15 लाख की घोषणा

विधायकशंकर शर्मा ने पानी की समस्या के लिए तीन हैंडपंप 15 लाख रुपए विधायक कोटे से दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने जनसुनवाई करते हुए कहा कि क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं का प्राथमिकता के आधार पर बिना भेदभाव विकास कार्य कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के साथ कर्मचारियों का भी दायित्व है कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आमजन तक लाभ पहुचाएं। इस दौरान एसीईईओ सुरेंद्र सिंह, एसडीएम संतोष गोयल, सीएमएचओ, उपनिदेशक राकेश अटल, सरपंच सीमा बैरवा, सचिव लज्जाराम, सहित अनेकों अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-dau-mat-latest-dausa-news-025503-442105-nor.html

Saturday, 22 February 2025

केड ग्राम पंचायत की एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि जल्दी ही होगी अतिक्रमण मुक्त


मुख्यमंत्री के आदेश से जिला प्रशासन आया एक्शन मोड़ में

सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर झुंझुनूं के पास 14 दिसम्बर 2022 से दर्ज था प्रकरण

सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने जिला कलेक्टर को दर्ज करवाया था प्रकरण

जिला कलेक्टर द्वारा कार्यवाही को गति दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दो बार भेंट कर सुभाष कश्यप ने अतिक्रमण मुक्त कार्यवाही बाबत किया था आग्रह

20 फरवरी को कश्यप ने मुख्यमंत्री को पुनः स्मरण पत्र देकर कार्यवाही का किया था आग्रह

21 फरवरी को जिला कलेक्टर झुंझुनूं ने केड ग्राम पंचायत के राजस्व गाँव खटकड़, कीरपुरा, केड व नंगली निर्बाण में प्रशासन को भेज कर सर्वे करवाना आरम्भ किया

अतिक्रमण मुक्त होने के पश्चात चारागाह भूमि को वन्य जीव एवम गौ अभ्यारण्य बनाने की है माँग

झुंझुनूं, झुंझुनूं जिले की गुढ़ागौड़जी तहसील अंतर्गत केड पटवार मण्डल अंतर्गत राजस्व ग्राम खटकड़ की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1166, 1173, 1176,1183, 1184, 1187, 1190,1199,1207/179 व 676, राजस्व ग्राम नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1228, 1229, 1231, 1238, 1239,1242,1245,1295,1305,1361,1441 राजस्व ग्राम कीरपुरा की चारागाह भूमि खसरा संख्या 562, 568, 569 एवम राजस्व ग्राम केड की चारागाह भूमि खसरा संख्या 550/15 एवम 9 इत्यादि का सर्वे कर अतिक्रमण को चिन्हित करने की कार्यवाही 21 फरवरी शुक्रवार से आरम्भ की गई। सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिनांक 30 जनवरी 2019 को जन हित याचिका संख्या 10819/2018 जगदीश प्रसाद मीणा राजस्थान एवम अन्य में निर्णय पारित कर सार्वजनिक भूमि संरक्षण हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रकोष्ठ गठित कर प्राप्त प्रकरणों में अविलम्ब अतिक्रमण मुक्त करवाने का आदेश दिया है । उक्त निर्णय के आधार पर कश्यप ने अध्यक्ष सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ झुंझुनूं के अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर केड, खटकड़, कीरपुरा व नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर उक्त भूमि पर वन्य जीव जंतुओं के संरक्षण हेतु गौ अभ्यारण बनाने की मांग की थी । सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही अमल में न लाने से क्षुब्ध हो कर कश्यप ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 21 नवम्बर 2024 को कार्यवाही करने का आग्रह किया था, मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 25 नवम्बर को अपने आदेश क्रमांक मु.म.-उ स(एमके)/कले.झुन./झुन/24/73165 भेज कर झुंझुनूं जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया था । उक्त आदेश पर शिथिलता के चलते कश्यप ने गुरुवार 20 फ़रवरी को पुनः मुख्यमंत्री से भेंट कर कार्यवाही का आग्रह किया था, सवेंदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया । जिसकी पालना में शुक्रवार को स्थानीय पटवारी, गिरदावर आदि चारागाह भूमि में अतिक्रमणों को चिन्हित कर रहे है।

सामाजिक कार्यकर्ता कश्यप ने अपने पत्र में सरकार को बताया कि एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण पशु पक्षियों का आश्रय स्थल छीन गया है, नीलगाय, खरगोश, शियार, जंगली बिल्ली, तीतर, मोर, गौरया, बेसहारा गौवंश, नन्दी, बेसहारा पशु पक्षियों एवम पालतू भेड़, बकरी, ऊँट इत्यादि के लिए उक्त चारागाह भूमि के साथ साथ नदी पेटा एवम राजकीय बंजड भूमि पर अतिक्रमण हो जाने से इन जीव जंतुओं के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है तथा वानिकी एवम पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बिगड़ गया है, असंख्य पशु पक्षियों के लिए भोजन व पानी का संकट खड़ा हो गया है वही पास ही में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में रह रहे एक हजार से अधिक बेसहारा गौवंश के लिए भी भूमि नही रही है । कश्यप ने उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा कर जीव जंतुओं हेतु अभ्यारण बनाने की मांग की है।
मूल ऑनलाइन लेख: - https://shekhawatilive.com/jhunjhunu/more-than-one-thousand-bighas-of-pasture-land-of-ked-gram-panchayat-will-soon-be-free-from-encroachment.html/

Monday, 3 February 2025

ग्रामीणों की जीवन रेखा है चारागाह समितियां मजबूत हों, अतिक्रमण हटे


भास्कर न्यूज| बूंदी

ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कार्यक्रम हुआ। एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा की ओर से नैनवां रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में शामलात भूमि की पुनर्स्थापना, चारागाह संरक्षण पर सेमिनार रखी। इसमें ग्रामीण समुदायों का एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यक्रम हुआ।

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) बीआर जाट और पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह मुख्य अतिथि रहे। एफईएस संस्था के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि बीआर जाट ने कहा कि चारागाह ग्रामीणों की जीवन रेखा है और इनके संरक्षण, विकास के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चारागाह विकास समितियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को वर्षभर पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान चारागाह विकास में बेहतर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों हिंडौली की सथूर, पेच की बावड़ी, नैनवां की दुगारी, केशवरायपाटन ब्लॉक से बड़ाखेड़ा, गुढ़ा गांव, बूंदी ब्लॉक से नमाना, अजेता, तालेड़ा ब्लॉक से डाबी, बुधपुरा, गोपालपुरा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों एफईएस संस्था से रीजनल कोऑर्डिनेटर कैलाश शर्मा, द नाहर संस्था बूंदी सचिव संजय खान, पीपल फॉर एनीमल्स संस्था से बिट्ठल सनाढ्य, हेल्प इन रिस्क संस्थान, बूंदी सचिव मनोज कुमार, सदस्य लाइकुद्दीन पठान, युवा सेवा साथी संस्थान प्रदेशाध्यक्ष विकास पांचाल, सदस्य तुलसीराम सैनी, प्रेम समृद्धि फाउंडेशन अध्यक्ष पदम जैन, आईटीसी-एफईएस संस्थान से अनिल जैन, सुरेश वैष्णव, मंजू शर्मा ने भाग लिया।

ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य पर सम्मानित किया

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/pastures-are-the-lifeline-of-the-villagers-committees-should-be-strengthened-encroachment-should-be-removed-134404494.html

Sunday, 2 February 2025

गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

 गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

कहा— चारागाह की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को खाली कराकर हरे चारे की बुवाई करायी जाय

तेजस टूडे ब्यूरो

संदीप सिंह

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में जनपद स्तरीय निराश्रित गोवंश की समीक्षा बैठक हुई जहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 प्रदीप कुमार ने बताया कि जनपद में 59 अस्थायी गौशाला है जिनमें 12397 गोवंश, 6 वृहद गो-संरक्षण केन्द्र जिनमें 1623 गोवंश, 5 कान्हा गौशला जिनमें 1132 गोवंश, 8 कांजी हाउस जिनमें 303 गोवंश संरक्षित किये गये है तथा 5 पंजीकृत गौशाला में 185 गोवंश संरक्षित है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अन्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 2065 के सापेक्ष कुल 2254 गोवंश कृषकों/पशुपालकों को सुपुर्द किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन 4 वृहद संरक्षण केन्द्र क्रमशः अमांवा (विकास खण्ड लालगंज), नरायनपुर (लक्ष्मणपुर), पहाड़पुर (लालगंज) व ढिंगौसी (रामपुर संग्रामगढ़) है जिनमें से अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र का निर्माण पूर्ण हो गया है लेकिन अभी तक हैण्डओवर नहीं हुआ है जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 15 दिन के अन्दर अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र को हैण्डओवर किया जाय तथा अन्य निर्माणाधीन वृहद संरक्षण केन्द्रों को गुणवत्तायुक्त ढंग से पूर्ण कराया जाये।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन तहसील/विकास खण्डों में वृहद गो-संरक्षण केन्द्र का निर्माण नहीं कराया गया है, वह तत्काल भूमि का चिन्हांकन/सीमांकन कराते हुये निर्माण कार्य कराना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित समस्त गांजी हाउस को माडल रूप में विकसित करें। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त तहसीलों/विकास खण्डों/नगर पंचायतों में कैटल कैचर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

बैठक में जिलाधिकारी ने अस्थायी गौशाला, वृहद गो-संरक्षण केन्द्र, कान्हा गौशाला, कांजी हाउस की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक विकास खण्डों में कम से कम 4-4 अस्थायी गोवंश आश्रय होना आवश्यक है जिन ब्लाकों में 4 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल नहीं है, वहां पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की संख्या बढ़ायी जाय।

जिलाधिकारी ने कान्हा गौशाला के सम्बन्ध में मुख्य राजस्व अधिकारी से कहा कि जिन नगर पंचायतों में कान्हा गौशाला का निर्माण नहीं कराया गया है, वहां तत्काल भूमि का चिन्हांकन करते हुये कान्हा गौशाला का निर्माण कार्य कराया जाय। निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित गोवंश आश्रय स्थलों में मनरेगा योजना द्वारा बायोफेन्सिंग का कार्य पूर्ण कराया जाये। निराश्रित गोवंश की समीक्षा में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग न करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देशित किया कि अगली बैठक में बिन्दुवार पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित हो। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जिन चारागाहों की जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है, उसे खाली कराने के लिये सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार कर चारागाह की जमीनों को खाली करायें तथा वहां पर हरे चारे की बुवाई करायी जाये।

उन्होंने कहा कि चारागाह की जमीनों पर यदि किसी गरीब की झोपड़ी है तो जब तक उसके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था न करा दी जाये तब तक उसे न हटाया जाये इसका विशेष ध्यान दें। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि चारागाहों की जमीनों के मिट्टी की जांच करायी जाय जिससे पता चल सके कि किस हरे चारे की बुवाई की जा सकती है और उसके अनुरूप ही जई, नेपियर, सरसो आदि की बुवाई करायी जाये। गौशालाओं के लिये जनसहयोग भी लिया जाये जिसके लिये बड़े व्यापारियों, समाजसेवियों की सूची बनाकर उसकी बैठक करायी जाये तथा गाय के महत्व के बारे में बताया जाय।

खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गाइडलाइन के अनुसार अपने क्षेत्र की गौशालाओं का प्रत्येक माह निरीक्षण अवश्य करें। गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाये, क्षमता से अधिक गोवंशों को गो आश्रय स्थलों में न रखा जाये, इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन गौशालाओं में गोवंश कम है, वहां पर अधिक गोवंश वाली गौशालाओं से गोवंशों को लाकर रखा जाय। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने कार्यों एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं लगन के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव सहित खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://tejastoday.com/cows-should-be-protected-in-cow-sheds-only-as-per-the-prescribed-capacity-dm/


Friday, 31 January 2025

ग्रामीण समुदायों के लिए क्षमतावर्धन कार्यक्रम:चारागाह विकास पर विशेष फोकस, अतिक्रमण रोकने पर जोर

                            उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारागाह विकास समिति सदस्यों को​किया सम्मानित।

बूंदी में शुक्रवार को महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नैनवां रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शामलात भूमि की पुनर्स्थापना और चारागाह विकास को लेकर ग्रामीण समुदायों का क्षमतावर्धन करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.आर. जाट ने चारागाहों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चारागाह ग्रामीणों की जीवन रेखा हैं और इनके विकास के लिए हर गांव में विशेष समितियां गठित की जा रही हैं। उन्होंने चारागाहों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल, जंगल और चारागाह पर सभी का समान अधिकार है।

बूंदी के पूर्व राज परिवार के सदस्य और नाहर फाउंडेशन के संरक्षक वंशवर्धन सिंह ने चारागाह विकास समितियों के कार्यों की सराहना करते हुए इन्हें और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चारागाह संरक्षण के प्रावधानों और लाभों के बारे में ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने की वकालत की।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारागाह विकास समिति सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर एफईएस संस्था के रीजनल कोऑर्डिनेटर कैलाश शर्मा, नाहर फाउंडेशन के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राजावत, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और ग्राम पंचायतों के चारागाह विकास समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/capacity-building-programmes-for-rural-communities-bundi-rajasthan-134390227.html


Thursday, 30 January 2025

285 बीघा चरागाह भूमि से हटाए अतिक्रमण

राजाखेड़ा| बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते 285 बीघा चारागाह जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अतिक्रमणकारियों ने इस जमीन पर अवैध रूप से सरसों की फसल बो रखी थी जिसको प्रशासन ने जेसीबी मशीन नष्ट कराया है। मरैना नायब तहसीलदार हरिओम शर्मा ने बताया कि राजाखेड़ा उपखंड के दिहोली थाना क्षेत्र के गांव पुरा पतिराम में अतिक्रमणकारियों ने सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध रूप से फसल बोकर उस पर अतिक्रमण कर लिया था जिसको लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से शिकायत की थी। इस पर टीम बनाकर कार्रवाई की गई।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/rajakhera/news/encroachment-removed-from-285-bigha-grazing-land-134379096.html
 

Wednesday, 29 January 2025

चारागाह विकास के लिए बूंदी में अनूठी पहल: शामलात जागरूकता रथयात्रा शुरू, 9 गांवों में नुक्कड़ नाटक; कठपुतली से देंगे जानकारी

चारागाह विकास के लिए शामलात जागरूकता रथयात्रा शुरू।

बूंदी में चारागाह विकास और जागरूकता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। जिला प्रमुख श्रीमती चन्द्रावती कंवर ने मंगलवार को जिला परिषद परिसर से तीन दिवसीय शामलात जागरूकता शोध रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा के अनुसार, यह रथयात्रा महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा कल की पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य बंजर और चारागाह भूमि के विकास के बारे में लोगों को जागरूक करना है। यह अभियान 28 से 30 जनवरी तक चलेगा।

रथयात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है

पहले दिन सथूर, पेच की बावड़ी और फुलेता में, दूसरे दिन आंतरदा, गुढा, अरनेठा में, और अंतिम दिन लक्ष्मीपुरा, रामगंज और हट्टीपुरा में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता फैलाने के लिए कठपुतली नृत्य और नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही आईईसी सामग्री का वितरण भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.आर. जाट, एक्सईएन प्रियव्रत सिंह, लेखाधिकारी रविन्द्र कुमार जिंदल, एईएन खुशाल मीणा, एफईएस संस्था से कैलाश शर्मा और मंजू शर्मा तथा पीएफए संस्था से विट्ठल सनाढ्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/unique-initiative-in-bundi-for-pasture-development-bundi-rajasthan-134370568.html

153 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा छाया रहा

सैंपऊ। बाड़ीपंचायत समिति की ग्राम पंचायत अजीतपुर के गांव खेड़ा में राज्य सरकार के निर्देश पर उपखंडाधिकारी गोवर्धन लाल मीणा द्वारा गुरुवार को जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की सड़क, बिजली, पानी की ढेरों शिकायतों के साथ वर्षों से बंद पड़े गांव के प्राथमिक विद्यालय को चालू करवाने एवं खाद्य सुरक्षा के अंतर्गत राशन डीलर द्वारा पिछले चार माह से राशन नहीं दिए जाने जैसी शिकायत करते हुए सुनवाई नहीं होने के गंभीर आरोप लगाए।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामखेड़ा के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज 153 बीघा 12 विस्वा चारागाह भूमि पर गुजरपुरा के लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किए जाने का मुद्दा छाया रहा। इस संबंध में उपखंडाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए बाड़ी तहसीलदार एवं अजीतपुर ग्राम पंचायत के सरपंच जितेंद्र जाटव चारागाह भूमि पर फसल की बुवाई करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये। जिन लोगों के द्वारा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर फसल बोई गई है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-bari-news-023004-495569-nor.html

Rajasthan : खनन क्षेत्र में नए आयाम: ऑक्शन माइंस के संचालन को मिलेगा गति

Highlights

 टी. रविकान्त ने मंगलवार को प्रदेश के एलओआई धारकों से वर्चुअली सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिस तरह से मेजर मिनरल माइंस के ऑक्शन में राजस्थान समूचे देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है

जयपुर । प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम  टी.रविकान्त ने कहा है कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा राज्य में खनन सेक्टर को अधिक विकसित कर इसके माध्यम से अधिकतम रोजगार संवर्धन के लिए कृत संकल्पित हैं। इसी कारण राज्य सरकार का ऑक्शन मिनरल ब्लॉक्स को जल्द से जल्द ऑपरेशनलाईज कराने पर खास फोकस है और इसके लिए संबंधित एलओआई धारकों से सीधा संवाद कायम कर सहयोग व समन्वय बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा किएलओआई धारकों को विभिन्न स्तरों पर आ रही समस्याओं को इंगित करने की विभागीय पोर्टल पर सुविधा दी जाएगी और उसके निराकरण प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
टी. रविकान्त ने मंगलवार को प्रदेश के एलओआई धारकों से वर्चुअली सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिस तरह से मेजर मिनरल माइंस के ऑक्शन में राजस्थान समूचे देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है।
उसी गति से अब ऑक्शन मिनरल ब्लॉक्स को आवश्यक अनुमतियों व स्वीकृतियों में आ रही बाधाओं को दूर कर निर्धारित समय सीमा में ऑपरेशनलाईज करवाया जाए ताकि खनन कार्य आरंभ होने के साथ ही रोजगार व राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।
      
रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ऑक्शन माइंस को ऑपरेशनलाईज करवने के प्रति गंभीर है और इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति का गठन किया गया है।
जिसमें एसपी, वन, खान विभाग आदि के प्रतिनिधियों के साथ ही पर्यावरण से जुड़े एनजीओ और क्षेत्र के 4 लीज/क्वारी लाइसेंसधारकों को सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग के माइनिंग व सहायक माइनिंग इंजीनियरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऑक्शन एलओआई धारकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर आवश्यक सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करें।
       
प्रमुख सचिव  रविकान्त ने वर्चुअल बैठक के दौरान एलओआई धारकों द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं की जिलेवार सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि राज्य सरकार स्तर से भी समन्वय, आवश्यक सहयोग व निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर एलओआई द्वारा की जाने वालीे समस्या या सुझाव संबंधित एमई/एएमई को भी डीएमजीओएमएस सिस्टम से उपलब्ध होगा और उस स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर निदेशक माइंस स्तर व राज्य सरकार स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी।
     
निदेशक, माइंस,  भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल के माध्यम से संबंधित विभागों से समन्वय बनाया जा रहा है। अब जिला स्तर पर भी खनन विकास कमेटी बनने से अनुमतियों-स्वीकृतियों के कार्य में गति आयेगी। उन्होंने एलओआई धारकों से समय पर माइनिंग प्लान सबमिट करने, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और विभाग से समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। सभी एलओआईधारकों के प्रतिनिधियों से वन टू वन संवाद कायम करते हुए विस्तार से जानकारी ली गई और आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
       
वर्चुअल चर्चा के दौरान माइनिंग प्लान प्रस्तुत करने, चारागाह भूमि की एनओसी प्राप्त करने, पर्यावरण स्वीकृति, जिला कलक्टर स्तर पर जनसुनवाई सहित विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर एलओआई धारकों को स्वीकृतियां व अनुमतियां जारी कराने का संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
       
बैठक में पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल के प्रभारी  प्रताप मीणा, ओएसडी  कृष्ण शर्मा, एडीएम  एमपी मीणा,  पीआर आमेटा, एसएमई  जय गुरुबख्सानी,  एनएस शक्तावत सहित वरिष्ठ अधिकारियों व एक दर्जन से अधिक एलओआईधारकों ने हिस्सा लिया।
मूल ऑनलाइन लेख - https://thinq360.com/new-dimensions-in-mining-sector-operation-of-auction-mines-will-gain-momentum

Tuesday, 28 January 2025

लाहडोद में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग: ग्रामीणों ने तहसील घेराव की चेतावनी दी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 

हरसौली तहसील के लाहडोद गांव में चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने तीसरी बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सात दिन में कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह भूमि पर कुछ असामाजिक तत्वों ने अवैध कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। इससे न केवल खेतों के रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं, बल्कि आने-जाने वाले लोगों को धमकाया और मारपीट तक की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति, जो राजस्थान पुलिस में कार्यरत है, अपनी नौकरी का दुरुपयोग करते हुए लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है। उनके परिवार द्वारा राहगीरों से अभद्र व्यवहार, मारपीट और एससी/एसटी एक्ट व अन्य गंभीर मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि 29 नवंबर और 19 दिसंबर को भी कलेक्टर सहित एसडीएम, विकास अधिकारी, प्रधान, और तहसीलदार को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

ज्ञापन में नामजद आरोपियों लक्ष्मीनारायण पुत्र सुगनिया, कर्मफूल पुत्र सुगनिया और उनके परिवार पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे तहसील परिसर में धरना देकर प्रदर्शन करेंगे। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोटकासिम एसडीएम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/khairthal/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-in-lahadod-134258995.html


400 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: 28 लोगों द्वारा सरकारी चारागाह भूमि पर दीवार बना कर किया अतिक्रमण, 2 दिन चलेगा अभियान


बेगूं के गांव बंदे का राजपुरा में बुधवार को दूसरे दिन भी चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चली। जेसीबी मशीन से पत्थर की दीवार हटाई। करीब 400 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 2 दिन और चलेगी। पंचायत मेघपुरा के गांव बंदे का राजपुरा में 28 लोगों द्वारा सरकारी चारागाह भूमि पर पत्थर की दीवार बना कर अतिक्रमण कर रखा था।

ग्रामीणों की शिकायत पर बेगूं तहसीलदार विवेक गरासिया के आदेश पर नायब तहसीलदार विष्णु यादव और पटवारी मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। मंगलवार और बुधवार को 2 जेसीबी मशीन,4 ट्रैक्टर लगाकर पत्थर की दीवार हटाई और पत्थर जब्त किए गए।‌

400 बीघा भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त

बताया गया कि गांव बंदे का राजपुरा में 400 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 2 दिन और चलेगी। लगातार 4 दिन में 400 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी। जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। अतिक्रमण हटाते वक्त रेवेन्यू इंस्पेक्टर श्याम सिंह, पटवारी अशोक सुथार, रवि शंकर, रामगोपाल धाकड़, मितेश सैनी आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/action-to-remove-encroachment-from-400-bigha-pasture-land-134258615.html