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Thursday, 13 November 2025

देवमगरी की चरागाह भूमि में किए जा रहे खनन को ग्रामीणों ने रुकवाया

भास्कर न्यूज | मसूदा

ग्राम देवमगरी की चारागाह भूमि में किए जा रहे खनन को मौके पर जाकर ग्रामीणों ने रुकवाया। जानकारी के अनुसार देवमगरी में स्थित चरागाह भूमि पर कुछ व्यक्ति जेसीबी लेकर खनन कार्य करने लगे।

इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिलने पर ग्रामीणों ने खनन कर्ताओं से जानकारी चाही तो उन्होंने प्रतिष्ठित नेताओं के नाम से लीज होने की जानकारी दी, लेकिन ग्राम वासियों के विरोध के चलते खनन कार्य को बंद कर दिया गया। ग्राम वासियों का कहना है कि यह चारागाह भूमि हमारे जानवरों के चरने के लिए है लेकिन इसमें पत्थर होने से आए दिन खनन कर्ताओं द्वारा आकर खनन किया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि लीज हो जाने पर भी ग्रामवासी किसी हालत में खनन नहीं करने देंगे। मौके पर सांवरलाल गुर्जर, समाजसेवी रामदेव, रामराज गुर्जर, रामलाल गुर्जर, प्रभु लाल गुर्जर आदि ने मौके पर जाकर खनन को बंद करवाया। इस संदर्भ में पटवारी गणेश गुर्जर से जानकारी जाने पर बताया कि इस संदर्भ में किसी को लीज आवंटन होने की जानकारी नहीं है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/masuda/news/villagers-stopped-mining-in-the-pasture-land-of-devmagri-136403118.html

Wednesday, 12 November 2025

हरित क्रांति के लिए लीज धारक को लगाने थे 18 हजार पेड़, उसने चारागाह से उखाड़ कर फेंके 70 से ज्यादा पेड़


भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा

आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में बजरी खनन करने वाली लीज कम्पनी को हरित क्रांति लाने के 18000 पेड़ लगाने थे। उसने लगाने की जगह पर चारागाह भूमि से खेजड़ी, नीम व बबूल के 70 से ज्यादा पेड़ जड़ सहित उखाड़ दिए। इन उखाड़े हुए पेड़ों से उसने नदी में आने-जाने के लिए नए मार्ग का निर्माण किया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण राजस्थान की ओर से जारी पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) के अनुसार लीज धारक मेसर्स महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को चारागाह 25 हैक्टेयर जमीन पर 51 लाख रुपए की लागत से 18000 पेड़ लगाने थे।

पेड़ों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाने चाहिए थे। लीज धारक को चारागाह में देशी बबूल, शीशम, बांस, खजूर, गुलर, करंज, अर्जुन, जामुन, झाड़ियां, संभालू या शिवारी, कचनार, अरंडी आदि के पेड़ पौधे लगाने थे। पेड़ पौधों को पंचायत की ओर दी गई जमीन और आने-जाने वाले रास्ते के दोनों और लगाया जाना था। साथ ही घास भी लगाई जानी थी। लीज धारक ने मौके पर एक भी पेड़ नहीं लगाया। लेकिन नदी के मार्ग बनाने के लिए उसने खेजड़ी, नीम व बबूल के पेड़ जड़ समेत उखाड़ दिए। ग्रामीणों के अनुसार लीज धारक ने चारागाह से खेजड़ी और नीम के बीस-बीस और तीस बबूल के पेड़ों को जड़ समेत उखाड़ दिया। बनास नदी से बजरी भरकर ले जाता ट्रैक्टर।

टीपी प्वॉइंट तक जाने के लिए चारागाह में मोरम डालकर बनाई सड़क: आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में जाने को लिए चारागाह पर कई रास्ते बना दी गए हैं। यहां पर बड़े-बड़े वाहन डम्पर, एलएनटी, जेसीबी, टैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन निकल रहे हैं। चारागाह दो भागोें में बंटा हुआ है। इसमें से गांव में आने-जाने के लिए सड़क निकल रही है। मुख्य सड़क के एक ओर बीस हैक्टेयर और दूसरी ओर पांच हैक्टेयर जमीन पर चारागाह है। पांच हैक्टेयर जमीन पर लीज धारक ने इलेक्ट्रिक कांटा (टीपी प्वाइंट) लगा रखा है। इस टीपी प्वाइंट तक जाने के लिए उसने चारागाह में ही मोरम डालकर सड़क का निर्माण कर दिया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/the-lease-holder-was-supposed-to-plant-18000-trees-for-the-green-revolution-but-he-uprooted-and-threw-away-more-than-70-trees-from-the-pasture-136396134.html


Tuesday, 11 November 2025

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर हुआ मंथन


-राज्य वित्त आयोग की कार्यशाला सम्पन्न भरतपुर। भरतपुर संभाग की पंचायती राज संस्थाओं के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण विकास, योजनाओं, नवीन आय स्रोतों, नवाचारों और सुझावों पर मंथन के उद्देश्य से मंगलवार को नगर निगम सभागार में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्ववित्त पोषित योजनाओं और जनसहभागिता आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु सूचना सहायक कार्मिकों की नियुक्ति, निजी संपत्तियों के रखरखाव के लिए पृथक मद सृजित करने और सामुदायिक भवनों, सुलभ शौचालयों, नालियों की सफाई एवं ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा कर ग्राम पंचायतों को मॉडल पंचायतों के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। धौलपुर जिले में डिजिटल लाइब्रेरी संचालन जैसे नवाचारों का व्यापक प्रचार करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आर्थिक सुदृढ़ता से ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, जिससे आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, सड़क, नाली एवं स्वच्छता बेहतर रूप में मिलेंगी। करौली जिले में मदन मोहन जी मंदिर मेले के विकास एवं आय स्त्रोतों के विस्तार की योजना बनाने तथा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए।

सम्भागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु निर्धारित 2 प्रतिशत निधि में वृद्धि की अनुशंसा की जाएगी। उन्होंने भरतपुर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलों को पृथक फंड प्रावधान देने की बात कही। साथ ही जल संसाधन सुधार, तालाबों, नालों, बावड़ियों और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष अनुदान देने का सुझाव दिया। आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को अपना स्वयं का बजट तैयार करने और व्यय योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यशालाओं की जानकारी दी और कहा कि सभी पंचायतें प्रश्नावलियों से संबंधित सूचना आयोग की वेबसाइट पर भेजें।

कार्यशाला में आए प्रमुख सुझाव

भरतपुर के सीईओ मृदुल सिंह ने नए डीग जिले में आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए अतिरिक्त अनुदान, डीग जिला परिषद के लिए सभागार निर्माण, पंचायत संपत्तियों के रखरखाव और आय वृद्धि उपायों पर बल दिया। करौली जिले के सीईओ ने सिवायचक भूमि, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रशासनिक एडीएम और एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठन, मत्स्य पालन को आय स्रोत के रूप में बढ़ावा देने, तकनीकी कार्मिकों की नियुक्ति, और आपदा प्रबंधन व रखरखाव कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड प्रावधान की अनुशंसा की। सवाई माधोपुर सीईओ ने पंचायती राज के विकास कार्यों के लिये आने वाली राशि की बेहतर तरीके से मॉनिटंिरंग की जा सके इसके लिये लेखा कार्मिकों की उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

बैठक में जिला प्रमुख सवाई माधोपुर सुदामा मीणा, संभाग के सभी प्रधान , धौलपुर सीईओ निवृत्ति सोमनाथ, सवाईमाधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया, करौली सीईओ शिवचरण मीणा, एसीईओ रेखा रानी, ब्लॉक विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-discussion-on-making-panchayati-raj-institutions-self-reliant-and-empowered-news-hindi-1-767052-KKN.html

मकसूदनपुरा में 120 बीघा चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण:जिला कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, गिरदावर धर्म सिंह रहे मौजूद

मलारना डूंगर उपखंड की मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत में 120 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई हुई।

उप जिला कलेक्टर और तहसीलदार मलारना डूंगर के आदेशानुसार गिरदावर धर्मसिंह गुर्जर, रूपसिंह मीणा, पटवारी प्रेमराज गुर्जर और नीरज शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

मलारना स्टेशन चौकी इंचार्ज कमलेश शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासक पति मोहरसिंह गुर्जर की उपस्थिति में चार जेसीबी मशीनों की मदद से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 150 बीघा अन्य भूमि को भी आगामी आदेशों पर अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। स्थानीय लोगों ने कुल 300 बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sawai-madhopur/malarna-doongar/news/encroachment-removed-from-120-bigha-pasture-land-in-maksudanpura-136393678.html




Sunday, 2 November 2025

महवा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों ने विधायक से की शिकायत, बोले-तहसीलदार के बेदखली आदेश के बावजूद निर्माण जारी


महवा उपखंड क्षेत्र के पाड़ली गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने विधायक राजेंद्र मीना से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा बेदखली के आदेश जारी होने के बावजूद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण जारी है, जिससे उनमें आक्रोश है।

ग्रामीण खोहरा मुल्ला स्थित जनसुनवाई केंद्र पहुंचे और विधायक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पाड़ली गांव में करीब 2 बीघा चारागाह भूमि पर कुछ लोग कच्चा और पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रहे हैं। पहले अस्थायी झोपड़ियां बनाई गईं, अब पुख्ता निर्माण कर चारागाह को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि इस मामले में पूर्व में तहसीलदार ने अतिक्रमियों को चारागाह भूमि से बेदखल करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति से ग्रामीणों और अतिक्रमणकारियों के बीच विवाद की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक राजेंद्र मीना ने एसडीएम मनीषा रेशम और तहसीलदार महवा को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण पर किए जा रहे निर्माण को तुरंत रोका जाए और चारागाह भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/mahwa/news/encroachment-on-pasture-land-in-mahwa-136317626.html

Wednesday, 29 October 2025

हिंडौली में चारागाह भूमि से अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश:उपखंड अधिकारी ने कहा- प्रभावित किसानों की समस्या को दे प्राथमिकता

 

हिण्डौली में उपखंड अधिकारी शिवराज मीणा की अध्यक्षता में उपखंड कार्यालय में साप्ताहिक ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं की प्रगति और आमजन की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अतिक्रमणों की समीक्षा

उपखंड अधिकारी मीणा ने तहसीलदार हिण्डौली और पंचायत समिति विकास अधिकारी से सिवायचक और चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों की समीक्षा की। उन्होंने इन अतिक्रमणों को तत्काल चिह्नित करने और उन्हें स्थायी स्वरूप लेने से रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

अतिक्रमणों को चिह्नित करने के निर्देश

इसके साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अतिक्रमित भूमि पर विद्युत कनेक्शन जारी करने से पहले भूमि का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। बैठक में पंचायत समिति के विकास अधिकारी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा करने तथा लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा योजना के 1100 से अधिक लंबित आवेदनों की गहन जांच कर रिपोर्ट जल्द भेजने को भी कहा गया।

किसानों को राहत देने को बताया प्राथमिकता

उपखंड अधिकारी मीणा ने आपदा प्रबंधन (एसडीआरएफ) के लंबित मामलों, डी आईएमएस पोर्टल पर सहायता से जुड़े प्रकरणों और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की स्थिति पर भी जानकारी ली। उन्होंने हाल ही में हुई वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए कृषि विभाग को प्रभावित किसानों के फसल बीमा दावे और राज्य सरकार से राहत सहायता के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

राजस्व, पंचायतीराज, कृषि और अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में आगामी बूंदी उत्सव 2025 के सफल आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान तहसीलदार रतनलाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/hindoli/news/to-mark-encroachment-from-siwaychak-pasture-land-in-hindauli-136282602.html

केलाकाबास में चारागाह भूमि से अतिक्रमण चला पीला पंजा:चारागाह भूमि पर बने कच्चे-पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया

 

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में शिकायत के बाद प्रशासन ने बुधवार 29 अक्टूबर को आंधी तहसील के केलाकाबास ग्राम पंचायत स्थित चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर के नेतृत्व में की गई। ग्राम पंचायत केलाकाबास की चारागाह भूमि पर कई वर्षों से कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे किए गए थे।

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन को बार-बार दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंततः ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

इस दौरान लगभग दो जेसीबी मशीनों और कई ट्रैक्टरों की मदद से चारागाह भूमि पर बने कच्चे-पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायसर थाना प्रभारी हरदयाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर तैनात रहे। आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर ने बताया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश और मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान के बाद की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे उसके मूल स्वरूप में लाना है।

ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम काफी समय से लंबित था और अब उम्मीद है कि चारागाह भूमि का उपयोग पशुओं के हित में किया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सरकारी भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान आंधी नायब तहसीलदार श्रवण कुमार मीणा, रायसर गिरधावर पूजा मीणा, बहलोड़ पटवारी दीनदयाल मीणा, रायसर चंदा बुनकर, माथासुला पटवारी कालूराम मीणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी बाबूलाल मीणा, वीडीओ देशराज बैरवा, आंधी टीआरडी बीरबल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/aandhi/news/yellow-claw-moves-to-encroach-pasture-land-in-kelakabas-136282864.html

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग:मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादड़ी तहसील के ग्राम भाटखेड़ा, पंचायत गागरोल के ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को तुरंत हटाने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव की चारागाह (चरनोट) भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इन कब्जाधारियों ने न केवल भूमि पर निर्माण कर लिया है, बल्कि उसे दूसरों को बेच भी रहे हैं।जब ग्रामीण अपने पशुओं को चराने के लिए चारागाह पर ले जाते हैं, तो कब्जाधारी उन्हें भगा देते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौच और मारपीट की धमकियां दी जाती हैं, जिससे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार सरपंच, सचिव और पटवारी को शिकायतें दी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने 6 अक्टूबर 2025 को भी जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को ज्ञापन दिया था, मगर कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। आज दोपहर 4 बजे जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि मौके पर जांच कर चारागाह भूमि को मुक्त करवाया जाए। साथ ही, कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ग्रामवासियों को राहत प्रदान की जाए।

ज्ञापन देने वालों में किशोर पाटीदार, रामनिवास, मुकेश शर्मा, दिलखुश, शिवलाल, दीपक, बाबूलाल पाटीदार, टिकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pratapgarh/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-136283839.html

Tuesday, 28 October 2025

खटवा गांव में चारागाह भूमि पर जेसीबी चलने से भड़के ग्रामीण — गौसेवकों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग


लालसोट । उपखंड क्षेत्र के खटवा गांव में यज्ञशाला के पास स्थित चारागाह भूमि पर जेसीबी चलाकर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए जाने से ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से गौमाता के चारा-पानी के लिए उपयोग में ली जाती रही है, लेकिन अब कुछ लोगों ने अवैध रूप से इस भूमि को क्षतिग्रस्त कर दिया है। गौसेवा स्थल पर जेसीबी चलने से भड़के ग्रामीण: गौसेवकों ने बताया कि यह चारागाह भूमि हमेशा से खाली रही है और लंबी वायरस (कोविड काल) के दौरान इस भूमि को गौमाता के संरक्षण स्थल के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उस समय गौसेवक प्रतिदिन गायों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था करते थे।उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कुछ भू-माफिया तत्वों ने इस भूमि पर जेसीबी चलाकर गहरे गड्ढे खोद दिए, जिससे भूमि बर्बाद हो गई और अब वहां पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।

ऑनलाइन शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई:

ग्रामवासियों ने बताया कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की गई।इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या तोड़फोड़ असहनीय है।

माली महासभा के पदाधिकारियों और गौसेवकों ने किया विरोध प्रदर्शन:

मौके पर माली महासभा लालसोट के महासचिव कांजी सैनी, नानूराम, कमलेश भाई, आशाराम सैनी, जीतू सैनी, धनुष राज, गोतम सैनी सहित अन्य गौसेवक और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गौसेवकों की मांग — चारागाह भूमि का सीमांकन और संरक्षण:

गौसेवकों ने कहा कि चारागाह भूमि सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि गौसेवा की आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस भूमि का सीमांकन कर बाड़बंदी करवाई जाए, ताकि भविष्य में कोई इस पवित्र स्थल को नुकसान न पहुंचा सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे गांव स्तर पर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करेंगे।गौसेवकों ने कहा कि यह लड़ाई केवल चारागाह भूमि की नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा और संरक्षण की भावना की रक्षा के लिए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/dausa-news/news-villagers-in-khatwa-village-are-enraged-by-the-use-of-a-jcb-on-pasture-land%E2%80%94cow-protectors-are-angry-demanding-strict-action-from-the-administration-news-hindi-1-763237-KKN.html

मैनपुरी में चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई:उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पहल, नगला देवी में तहसील प्रशासन की कार्रवाई

 

मौके पर मौजूद पुलिस व लोग।

तहसील प्रशासन ने उपजिलाधिकारी संध्या शर्मा के निर्देश पर नगला देवी ग्राम पंचायत में चारागाह की 85 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई सोमवार देर शाम तक चली।

ग्राम पंचायत नगला देवी में गौशाला के पास कुल 150 बीघा भूमि भू-अभिलेखों में चारागाह के रूप में दर्ज है। इसमें से लगभग 115 बीघा जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। राजस्व विभाग द्वारा पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद फिर से कब्जा कर लिया जाता था।

नायब तहसीलदार अजय कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम और भारी पुलिस बल ट्रैक्टरों के साथ नगला देवी गौशाला के पास पहुंचा। अतिक्रमणकारियों में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।

भूलेख निरीक्षक रामप्रसाद सैनी ने लेखपाल राज कपूर वर्मा, अरविंद कुमार, कौशलेंद्र सिंह, सचिन कुमार और नवनीत मौर्य को खाता संख्या 01,111,093 की पैमाइश करने का निर्देश दिया। शाम 6 बजे तक चली नाप-जोख के बाद लगभग 85 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अवैध कब्जेधारियों द्वारा बनाई गई मेड़ों को जुतवाकर भूमि को एक चक का रूप दिया गया।

अवैध कब्जाधारकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया, तो उनके खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर जुर्माना वसूला जाएगा। इस अभियान में मुख्य आरक्षी कीरतपाल सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन पुलिसकर्मी शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/uttar-pradesh/mainpuri/bewar/news/grazing-land-in-mainpuri-was-freed-from-encroachment-136276663.html


Saturday, 25 October 2025

सुनेल और सामरिया में ग्रामीण सेवा शिविर:गौ चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, विहिप ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन


सुनेल और सामरिया ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में ग्रामीणों ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाया और कई पट्टे व प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इसी दौरान, ग्रामीणों, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने गौ चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर तहसीलदार और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे।

सुनेल ग्राम पंचायत के अंबेडकर भवन, सलोतिया रोड पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों और संगठनों ने सुनेल तहसीलदार अजहर बेग को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि सुनेल ग्राम पंचायत में लगभग 355 बीघा गौ चारागाह भूमि है, जिस पर दबंग लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे बेसहारा गोवंशों के चरने के लिए जगह नहीं बची है।

गोवंशों पर अत्याचार का भी जिक्र किया

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि गोवंशों पर अत्याचार के मामले भी सामने आए हैं, जिनमें उन्हें धारदार हथियारों या लाठी-डंडों से घायल किया जाता है। सुनेल नगर में एक गोशाला है, जिसमें लगभग 450 गोवंशों का संधारण होता है, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।

जय श्री कृष्ण गौशाला समिति सुनेल के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि गोशाला अपनी क्षमता के अनुरूप गोवंशों का संधारण कर रही है, लेकिन अतिक्रमण के कारण उन्हें चराने के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने गौ चारागाह भूमि को मुक्त करने का आह्वान किया।

ग्राम विकास अधिकारी सुनेल, सुरेश कुमार जैन ने भी तहसीलदार को चारागाह भूमि की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और संबंधित विभाग को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इधर, ग्राम पंचायत सामरिया में भी चारागाह भूमि को मुक्त कराने और अवैध खनन रोकने के संबंध में एसडीएम दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/sunel/news/rural-service-camps-in-sunel-and-samaria-136253014.html

Thursday, 23 October 2025

दौसा के चरागाह भूमि आवंटन के विरोध में धरना जारी:मशाल जुलूस और काली दीपावली से जताया नाराजगी, आवंटन को रद्द करने की मांग

दौसा के कुतकपुर गांव में ग्रामीणों का एक माह से धरना प्रदर्शन जारी है।

दौसा के महवा उपखंड क्षेत्र के कुतकपुर गांव में चरागाह भूमि को बिजली जीएसएस के लिए आवंटित करने के विरोध में ग्रामीणों का धरना पिछले एक माह से जारी है। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

मशाल जुलूस और काली दीपावली से जताया विरोध

पिछले दिनों ग्रामीणों ने मशाल जुलूस निकालकर नारेबाजी की थी और काली दीपावली मनाकर प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब तक आवंटन रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्राम सभा की सहमति के बिना आवंटन का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने ग्राम सभा की सहमति के बिना चारागाह भूमि को बिजली जीएसएस के लिए आवंटित कर दिया। जबकि नियमानुसार ग्राम सभा की सहमति जरूरी होती है। इस आवंटन से किसानों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में जब तक भूमि का आवंटन रद्द नहीं होगा, तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

संघर्ष समिति की मांग

मामले को लेकर 5 दिन पहले ग्रामीणों ने मशाल जुलूस निकाला था। जुलूस गांव से शुरू होकर हिंडौन रोड़ से होते हुए विधायक सेवा केंद्र तक पहुंचा, जहां से वापस चरागाह भूमि पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में शामिल युवाओं ने चरागाह आवंटन को रद्द करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। यहां के लोगों की मुख्य मांग है कि चरागाह आवंटन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

धरने में शामिल ग्रामीण

धरने में एडवोकेट भंवर सिंह, शीशराम पटेल, चतरे पटेल, गिलाहड़ी पटेल, रामभान गुर्जर, रणजीत बैंसला, विजय सिंह पटेल, बच्चू सिंह और गोविंद पटेल समेत 33 पंच-पटेल लगातार भाग ले रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/protest-in-dausa-for-a-month-136235625.html

Friday, 17 October 2025

बालौती में चरागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

भास्कर न्यूज| सपोटरा

ग्राम पंचायत बालौती में चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को बुधवार को तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस दल के साथ अतिक्रमण हटाया गया।

कार्यवाहक एसडीएम व तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत बालौती की चारागाह भूमि खसरा नं. 617,618,632 और 1178 में कई लोगों ने अतिक्रमण कर फसल बो रखी है। जिसको राजस्व टीम के साथ सीमाज्ञान कराकर पुलिस थाना सपोटरा व कुडगांव के जवानों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया।

दूसरी ओर सीमाओं पर ग्राम पंचायत के सहयोग से जेसीबी चलाकर दो फिट गहरी नाली खुदवाई गई। इधर,ग्राम विकास अधिकारी को बालौती की अतिक्रमण मुक्त चारागाह भूमि के संरक्षण करने एवं भविष्य में अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए निर्देशित किया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/sapotara/news/encroachment-removed-from-pasture-land-in-balauti-136181570.html

Thursday, 16 October 2025

खिलचीपुर में चारागाह भूमि से हरे पेड़ों की कटाई:पशु चारे पर भी संकट, पटवारी बोले- रोक लगाई कार्रवाई करेंगे

 

बालघाट तहसील के खिलचीपुर गांव में चारागाह भूमि से हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग 200 बीघा चारागाह भूमि है, जिस पर कीकर के वृक्ष हैं। गांव के ही कुछ लोगों ने पेड़ों की कटाई की। सरकारी भूमि में बिना प्रशासन की अनुमति के पेड़ों की कटाई से पशु चारे पर भी संकट पैदा हो गया है।

हरे पेड़ों की कटाई रोकने की मांग

ग्रामीण संतराम, तेज सिंह और रामदयाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है। इस बारे में प्रशासन को अवगत करवाया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को शिकायत भेजकर हरे पेड़ों की कटाई रुकवाने की मांग की है।

गुरुवार को ग्रामीणों को जंगल में पेड़ कटाई की सूचना मिली, जिस पर कई लोग मौके पर पहुंचे और विरोध व्यक्त किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चारागाह भूमि पर हो रही पेड़ों की कटाई को तुरंत रुकवाकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

पटवारी बोले- पेड़ों की कटाई बंद करवा दी गई

हल्का पटवारी राजेश मीणा ने बताया कि ग्रामीणों के माध्यम से चारागाह भूमि पर पेड़ों की कटाई की जानकारी मिली थी। तहसीलदार के निर्देश पर मौके पर जाकर पेड़ों की कटाई बंद करवा दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/balghat/news/cutting-of-green-trees-from-pasture-land-in-khilchipur-136188077.html


200 बीघा चारागाह भूमि से हटाया अवैध अतिक्रमण:आसींद के बानास गांव में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर भूमि मुक्त कराई

आसींद क्षेत्र की रघुनाथपुरा पंचायत के बानास गांव में 200 बीघा चारागाह भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया।

आसींद क्षेत्र की रघुनाथपुरा पंचायत के बानास गांव में बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 बीघा चारागाह भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। ग्रामीणों की लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया।

प्रशासन ने अवैध रूप से किए गए निर्माणों और कब्जों पर बुलडोजर चलाकर भूमि को खाली कराया। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करते हैं।जानकारी के अनुसार, बानास गांव में चारागाह भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो गए थे, जिससे पशुओं के लिए आरक्षित यह भूमि लगातार सिकुड़ रही थी।

200 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद प्रशासन ने दोबारा कब्जा न करने की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने इस संबंध में लगातार उच्च अधिकारियों से शिकायतें की थीं। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की ओर से पटवारी, गिरदावल और ग्राम विकास अधिकारी सहित अन्य राजस्वकर्मी मौजूद थे, जिन्होंने सीमांकन के अनुसार कब्जों को हटवाया।

लगभग 200 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में इस भूमि पर कोई नया कब्जा न हो। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए सख्त कदम जारी रहेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/200-bigha-pasture-land-in-banas-village-of-asind-136177832.html


Wednesday, 15 October 2025

किशनगंज में चारागाह भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त:कृषि मंडी और GSS के आसपास किया सीमा ज्ञान


किशनगंज में अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। नाहरगढ़ में चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने सीमा ज्ञान की कार्रवाई शुरू कर दी है। कई संगठनों और ग्रामवासियों की मांग पर ग्राम पंचायत ने यह कदम उठाया है।

बता दें ग्राम पंचायत कृषि मंडी और GSS के आसपास की चारागाह भूमि का सीमा ज्ञान करवा रहा है। पटवारी ने तहसीलदार के मौखिक आदेश पर कार्रवाई पूरी कर ग्राम पंचायत को रिपोर्ट सौंप दी है।

सीमा ज्ञान के बाद हटेगा अतिक्रमण

ग्राम विकास अधिकारी जगदीश चंद सहरिया ने बताया कि सीमा ज्ञान के बाद अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पुलिस बल के लिए प्रशासन से अनुरोध किया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/kishangarh/news/kishanganjs-pasture-land-will-be-encroachment-free-136178400.html

एसडीएम के बुलडोजर से 382 बीघा चरागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त:पिड़ावा उपखण्ड के सिरपोई गांव में चला बुलडोजर

पिड़ावा उपखण्ड के सिरपोई गांव में 382 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) दिनेश कुमार मीणा के निर्देश पर राजस्व, ग्राम पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जों को ध्वस्त किया।

यह कार्रवाई ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को दिए गए एक आवेदन के बाद की गई। सिरपोई में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम मीणा को 382 बीघा चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण की जानकारी दी थी। एसडीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सात दिन के भीतर सीमा ज्ञान करवाकर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था।

एसडीएम दिनेश कुमार मीणा के आदेश पर तहसीलदार अजहर बैग के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने चारागाह की जमीन पर बने सभी अस्थाई और स्थायी अतिक्रमणों को बुलडोजर की मदद से हटा दिया।

एसडीएम मीणा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चारागाह, खेल मैदान, तालाब और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी करने और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की इस सख्ती से ग्रामीणों में यह संदेश गया है कि अब किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी भूमि की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी अतिक्रमण की सूचना तत्काल दें।

इस कार्रवाई के लिए गठित टीम में कानूनगो नवल किशोर, पटवारी दिनेश कुमार गुर्जर, देवीलाल नागर, प्रियंका सैनी, प्रशासक हेमंत कुमार मेहर, ग्राम विकास अधिकारी सुन्दर लाल जाट और पुलिस हैडकोनिस्टेबल गौतम सहित आधा दर्जन संतरी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/sunel/news/sdms-bulldozer-frees-382-bigha-pasture-land-from-encroachment-136178363.html

प्रशासन ने नगर फोर्ट में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया:तहसीलदार बोले-भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं

नगर फोर्ट में प्रशासन ने खसरा नंबर 2396 स्थित चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटा दिया है। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत क्षेत्र में की गई।

जानकारी के मुताबिक, राजा मुचकन्देश्वर मंदिर के पीछे स्थित इस सरकारी भूमि पर कुछ दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने खंभे और तार जाली लगाकर कब्जा कर लिया था।

मामले का संज्ञान लेते हुए नगर फोर्ट के तहसीलदार रामधन मीना ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस बल की सहायता से अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत नगर फोर्ट ने आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए, और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

तहसीलदार मीना ने बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/tonk/nagarfort/news/the-administration-removed-encroachment-from-pasture-land-in-nagar-fort-136180035.html

Tuesday, 14 October 2025

बांध बारैठा में 68 बीघा चारागाह भूमि पर कब्जा

 भास्कर न्यूज | भरतपुर

बयाना उपखंड की ग्राम पंचायत बंध बरेठा की 68 बीघा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे के विरोध में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलक्टर कमर चौधरी, संभागीय आयुक्त, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि वर्षों से गांव के पशुओं के चराने के लिए उपयोग में लाई जा रही है। इसी स्थान पर ग्रामवासी भैरो बाबा की पूजा-अर्चना भी करते हैं, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पास के गांव मडपुरिया के कुछ लोग इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका इस भूमि से कोई संबंध नहीं है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण रोकने की कार्रवाई करे और चारागाह भूमि को मूल स्वरूप में सुरक्षित रखे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर पशुओं के चरने और धार्मिक गतिविधियों के लिए इस भूमि की सुरक्षा की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/occupation-of-68-bigha-pasture-land-in-bandh-baraitha-136165832.html

आंधी तहसील में चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटा:भावनी गांव में प्रशासन से चलाया जेसीबी, ग्रामीणों ने की थी शिकायत


आंधी तहसील के ग्राम पंचायत भावनी में चरागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को तहसील प्रशासन ने हटा दिया है। यह कार्रवाई तहसीलदार प्रांजल कंवर के नेतृत्व में की गई।

ग्रामीणों की शिकायत पर हुई कार्रवाई

गांव भावनी के खसरा नंबर 52 पर स्थित चरागाह भूमि पर बार-बार अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार प्रांजल कंवर के साथ पटवारी नंदकिशोर शर्मा और रंगलाल मीणा सहित अन्य तहसील कर्मी मौके पर मौजूद थे। अतिक्रमण को जेसीबी से हटाया गया।

प्रशासन ने अतिक्रमियों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी है। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/aandhi/news/encroachment-removed-from-pasture-land-in-andhi-tehsil-136169716.html