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Wednesday, 29 October 2025

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग:मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रतापगढ़ जिले की छोटीसादड़ी तहसील के ग्राम भाटखेड़ा, पंचायत गागरोल के ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को तुरंत हटाने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव की चारागाह (चरनोट) भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इन कब्जाधारियों ने न केवल भूमि पर निर्माण कर लिया है, बल्कि उसे दूसरों को बेच भी रहे हैं।जब ग्रामीण अपने पशुओं को चराने के लिए चारागाह पर ले जाते हैं, तो कब्जाधारी उन्हें भगा देते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौच और मारपीट की धमकियां दी जाती हैं, जिससे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार सरपंच, सचिव और पटवारी को शिकायतें दी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने 6 अक्टूबर 2025 को भी जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ को ज्ञापन दिया था, मगर कार्रवाई न होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। आज दोपहर 4 बजे जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि मौके पर जांच कर चारागाह भूमि को मुक्त करवाया जाए। साथ ही, कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ग्रामवासियों को राहत प्रदान की जाए।

ज्ञापन देने वालों में किशोर पाटीदार, रामनिवास, मुकेश शर्मा, दिलखुश, शिवलाल, दीपक, बाबूलाल पाटीदार, टिकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pratapgarh/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-136283839.html

Sunday, 2 February 2025

गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

 गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

कहा— चारागाह की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को खाली कराकर हरे चारे की बुवाई करायी जाय

तेजस टूडे ब्यूरो

संदीप सिंह

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में जनपद स्तरीय निराश्रित गोवंश की समीक्षा बैठक हुई जहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 प्रदीप कुमार ने बताया कि जनपद में 59 अस्थायी गौशाला है जिनमें 12397 गोवंश, 6 वृहद गो-संरक्षण केन्द्र जिनमें 1623 गोवंश, 5 कान्हा गौशला जिनमें 1132 गोवंश, 8 कांजी हाउस जिनमें 303 गोवंश संरक्षित किये गये है तथा 5 पंजीकृत गौशाला में 185 गोवंश संरक्षित है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अन्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 2065 के सापेक्ष कुल 2254 गोवंश कृषकों/पशुपालकों को सुपुर्द किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन 4 वृहद संरक्षण केन्द्र क्रमशः अमांवा (विकास खण्ड लालगंज), नरायनपुर (लक्ष्मणपुर), पहाड़पुर (लालगंज) व ढिंगौसी (रामपुर संग्रामगढ़) है जिनमें से अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र का निर्माण पूर्ण हो गया है लेकिन अभी तक हैण्डओवर नहीं हुआ है जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 15 दिन के अन्दर अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र को हैण्डओवर किया जाय तथा अन्य निर्माणाधीन वृहद संरक्षण केन्द्रों को गुणवत्तायुक्त ढंग से पूर्ण कराया जाये।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन तहसील/विकास खण्डों में वृहद गो-संरक्षण केन्द्र का निर्माण नहीं कराया गया है, वह तत्काल भूमि का चिन्हांकन/सीमांकन कराते हुये निर्माण कार्य कराना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित समस्त गांजी हाउस को माडल रूप में विकसित करें। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त तहसीलों/विकास खण्डों/नगर पंचायतों में कैटल कैचर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

बैठक में जिलाधिकारी ने अस्थायी गौशाला, वृहद गो-संरक्षण केन्द्र, कान्हा गौशाला, कांजी हाउस की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक विकास खण्डों में कम से कम 4-4 अस्थायी गोवंश आश्रय होना आवश्यक है जिन ब्लाकों में 4 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल नहीं है, वहां पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की संख्या बढ़ायी जाय।

जिलाधिकारी ने कान्हा गौशाला के सम्बन्ध में मुख्य राजस्व अधिकारी से कहा कि जिन नगर पंचायतों में कान्हा गौशाला का निर्माण नहीं कराया गया है, वहां तत्काल भूमि का चिन्हांकन करते हुये कान्हा गौशाला का निर्माण कार्य कराया जाय। निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित गोवंश आश्रय स्थलों में मनरेगा योजना द्वारा बायोफेन्सिंग का कार्य पूर्ण कराया जाये। निराश्रित गोवंश की समीक्षा में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग न करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देशित किया कि अगली बैठक में बिन्दुवार पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित हो। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जिन चारागाहों की जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है, उसे खाली कराने के लिये सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार कर चारागाह की जमीनों को खाली करायें तथा वहां पर हरे चारे की बुवाई करायी जाये।

उन्होंने कहा कि चारागाह की जमीनों पर यदि किसी गरीब की झोपड़ी है तो जब तक उसके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था न करा दी जाये तब तक उसे न हटाया जाये इसका विशेष ध्यान दें। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि चारागाहों की जमीनों के मिट्टी की जांच करायी जाय जिससे पता चल सके कि किस हरे चारे की बुवाई की जा सकती है और उसके अनुरूप ही जई, नेपियर, सरसो आदि की बुवाई करायी जाये। गौशालाओं के लिये जनसहयोग भी लिया जाये जिसके लिये बड़े व्यापारियों, समाजसेवियों की सूची बनाकर उसकी बैठक करायी जाये तथा गाय के महत्व के बारे में बताया जाय।

खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गाइडलाइन के अनुसार अपने क्षेत्र की गौशालाओं का प्रत्येक माह निरीक्षण अवश्य करें। गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाये, क्षमता से अधिक गोवंशों को गो आश्रय स्थलों में न रखा जाये, इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन गौशालाओं में गोवंश कम है, वहां पर अधिक गोवंश वाली गौशालाओं से गोवंशों को लाकर रखा जाय। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने कार्यों एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं लगन के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव सहित खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://tejastoday.com/cows-should-be-protected-in-cow-sheds-only-as-per-the-prescribed-capacity-dm/


Saturday, 30 November 2024

असावता में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग: ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर किया प्रदर्शन, कलेक्टर के नाम एडीसी को सौंपा ज्ञापन



प्रतापगढ़ जिले के असावता गांव के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर मिनी सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसराम को ज्ञापन सौंपा। ग्राम पंचायत ने भी अतिक्रमण हटाने के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर को पत्र दिया।

असावता निवासी कैलाश चंद्र और नितेश ने बताया कि नारायण खेड़ा निवासी गजेंद्र सिंह राजपूत ने पिछले 8 वर्षों से गांव की चरनोट भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। यह भूमि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पास बालाजी का मंदिर स्थित है, जहां श्रद्धालु रोजाना दर्शन करने आते हैं।

ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मिनी सचिवालय पहुंचे और एडीसी को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों के अनुसार, गजेंद्र सिंह और उसका परिवार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी दी जाती हैं। यह व्यक्ति आदतन शराबी है और गांव के लोगों के साथ आए दिन लड़ाई-झगड़े करता है।

गुरुवार को गजेंद्र सिंह ने गांव के कुछ लड़कों के साथ मारपीट की। जब ग्रामीण समझाने गए, तो उन्हें भी गालियां दी गईं। इस घटना से परेशान होकर ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मिनी सचिवालय पहुंचे और ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

ग्राम पंचायत की ओर से भी अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपा गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर गांव के लोगों को राहत प्रदान करे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई कर दोषियों को दंडित किया जाए और चारागाह भूमि को पुनः मुक्त कराया जाए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pratapgarh/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-in-asavata-134043445.html

Thursday, 16 February 2023

चरागाह पर अतिक्रमण के खिलाफ वजपुरा के लोगों ने दिया ज्ञापन

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ वजपुरा के ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण का विरोध किया. ज्ञापन में बताया गया कि वजपुरा अंतर्गत राजस्व ग्राम राठौड़ के सेमलिया में मांडवी ग्राम पंचायत से लगी चारागाह भूमि पर कब्जा कर लिया गया है. ग्रामीणों की मांग है कि इसे हटाकर आरक्षित कर दिया जाए। खनिया, बबरू, रामा, भूपेंद्रसिंह, लालूराम, बाबूलाल आदि ने बताया कि मांडवी ग्राम पंचायत की सीमा से सटे चारागाह की जमीन पर भूमाफिया व प्रभावशाली लोग लगातार कब्जा कर रहे हैं. इसमें देवा पुत्र हीराल जोगी निवासी आक्याखेड़ा अवैध निर्माण कर रहा है। ग्रामीणों की ओर से कुछ बोलने पर उन्हें धमकाया भी जाता है। ग्राम पंचायत व राजस्व विभाग के कर्मचारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। उक्त भूमि को गौशाला एवं सार्वजनिक पुस्तकालय के निर्माण हेतु आरक्षित किया जाए। ग्राम पंचायत एवं विभाग को आदेश प्राप्त कर तत्काल प्रभाव से भूमि के चारों ओर खाई बनाकर सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में इस भूमि पर कोई कब्जा न कर सके।

मूल ऑनलाइन लेख - https://jantaserishta.com/local/rajasthan/people-of-vajpura-gave-memorandum-against-encroachment-on-pasture-2039825

मंत्री बोले, किस्म परिवर्तन के बिना चारागाह भूमि पर जारी नहींं होंंगे पट्टे

 जयपुर

Published: Feb 16, 2023

Submitted by: Rahul Singh

राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज भूमि में किस्म का परिवर्तन हुए बिना पट्टे जारी नहीं किए जा सकते हैं।



राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज भूमि में किस्म का परिवर्तन हुए बिना पट्टे जारी नहीं किए जा सकते हैं। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने गुरूवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में ये घोषणा कीं धारीवाल ने प्रश्नकाल के दौरान अपने जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास कच्‍ची बस्‍ती में चारागाह भूमि पर पट्टों के आवेदन वर्तमान में लम्बित हैं, क्योंकि नियमानुसार इस भूमि पर पट्टे जारी नहीं कर सकते हैं।

इससे पहले स्वायत्त शासन मंत्री ने विधायक रामलाल मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास सर्वेशुदा कच्‍ची बस्‍ती है, जबकि तिलक नगर कृषि/आबादी भूमि पर स्थित कॉलोनी है। उन्होंने बताया कि बगवास कच्‍ची बस्‍ती में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे के लिए कच्‍ची बस्‍ती के कुल 571 आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। इसमें आबादी भूमि के 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41 निरस्त कर दिए गए और 48 को पट्टे जारी किए। इसी प्रकार चारागाह भूमि के 185 आवेदन तथा रीको भूमि के 297 आवेदन प्राप्त हुए, जो प्रक्रियाधीन है।

उन्होंने कहा कि आबादी भूमि पर निजी खातेदारी, नाला, सार्वजनिक निर्माण विभाग की भूमि एवं एक से अधिक आवेदन होने से 41 आवेदन निरस्‍त किए गए हैं। राजस्‍व रिकार्ड में चारागाह भूमि की किस्‍म परिवर्तित होने एवं रीको से एनओसी प्राप्‍त होने पर पट्टे जारी किए जा सकेंगे। धारीवाल ने बताया कि तिलक नगर में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे के लिए कुल 21 आवेदन प्राप्‍त हुये हैं, जिनमें से 19 प्रकरण निस्‍तारित किए जा चुके हैं और शेष दो प्रकरण आवेदक की ओर से राशि जमा नहीं कराने के कारण लम्बित है।

https://www.patrika.com/jaipur-news/leases-will-not-be-issued-on-pasture-land-without-variety-change-8047783/



Wednesday, 15 February 2023

अतिक्रमण: चरागाह पर अतिक्रमण के विरोध में वजपुरा के लोगों ने दिया ज्ञापन

वजपुरा के ग्रामवासियों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर अतिक्रमण का विरोध जताया। ज्ञापन में बताया कि वजपुरा के अन्तर्गत राजस्व गांव राठौड़ों का सेमलिया में ग्राम पंचायत मांडवी से सटी हुई चरागाह भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों ने इसे हटवाने एवं आरक्षित करवाने की मांग की। खानिया, बाबरू, रामा, भूपेन्द्रसिंह, लालूराम, बाबूलाल आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत मांडवी की सीमा से सटी हुई चरागाह भूमि पर भूमाफिया एवं रसूखदार लोग लगातार कब्जा कर रहे हैं। इसमें देवा पुत्र हीराल जोगी निवासी आक्याखेड़ा अवैध निर्माण कर रहा है।

ग्रामवासियों की और से कुछ बोलने पर उनको भी धमकाया जाता है। ग्राम पंचायत एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों को बार बार अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उक्त जमीन से कब्जे को हटवाया जाए। उक्त जमीन को गाेशाला एवं सार्वजनिक पुस्तकालय निर्माण के लिए आरक्षित की जाए। ग्राम पंचायत एवं विभाग को आदेशित करवाकर तुंरत प्रभाव से जमीन के चारों तरफ खाई लगाकर सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में इस जमीन पर कोई कब्जा नहीं करे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pratapgarh/news/people-of-vajpura-gave-memorandum-against-encroachment-on-grazing-land-130927156.html

Monday, 4 July 2022

चारागाह भूमि व रास्ते से प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण

छोटीसादड़ी। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने चारागाह व रास्ते की भूमि से तहसीलदार को आदेश देकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार के आदेश पर भूअभिलेख निरीक्षक कमलेश मेनारिया, पटवारी कैलाश मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी अशोक प्रकाश मीणा सोमवार को बरकटी गांव पहुंचे। अतिक्रमित भूमि से कब्जा हटाने की कार्यवाही के बाद ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की। उसके बाद इसी प्रकार इसी गांव के रास्ते पर भी अतिक्रमण की शिकायत पर भू अभिलेख निरीक्षक कमलेश मेनारिया द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। ग्रामीणों को पैदल जाने मे भी दिक्कत हो रही है। इस पर कार्यवाही के लिए रास्ते की नपती कर, किए गए अतिक्रमण को मौके पर ही जेसीबी से खाई डलवा कर चौड़ा किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/pratapgarh-rajasthan-news/administration-removed-encroachment-from-pasture-land-and-road-in-bark-7632714

Wednesday, 2 February 2022

अतिक्रमण:चारागाह भूमि पर भूमाफिया कर रहे निर्माण, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

 लसानी

लसानी के समीपवर्ती ग्राम पंचायत सोहनगढ़ का मामला

समीपवर्ती ग्राम पंचायत सोहनगढ़ में भूमाफिया चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर उसका नियमन करवाना चाहते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को प्रार्थना पत्र देकर अवगत करवाया, लेकिन अब तक उक्त चारागाह भूमि को मुक्त कराने के लिए किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

ज्ञापन में बताया कि वार्ड पंच महेंद्र सिंह गहलोत द्वारा पूर्व में भी पंचायत एवं विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र लिखकर अवगत करवाया गया, जिसमें खसरा संख्या 116, 117 जो कि चारागाह भूमि है। इस पर भूमाफिया ने कब्जा कर रखा है और बिना किसी स्वीकृति के धड़ल्ले से पक्का निर्माण कर रहे हैं।

खसरा संख्या 116 जो कि राजकीय आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहनगढ़ के खेल मैदान के लिए आवंटित है। उक्त चारागाह भूमि पर पीडब्ल्यूडी द्वारा विधायक मद से 40.35 लाख का कार्य प्रगति पर था। अतिक्रमियों ने ठेकेदार को डरा-धमकाकर काम रुकवा दिया। पूर्व में कलेक्टर, तहसीलदार, सरपंच, सचिव को प्रार्थना पत्र देने पर कार्रवाई के तौर पर 3 माह में पटवारी ने मात्र मौका पर्चा ही बनाया। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/udaipur/pratapgarh/news/land-mafia-is-doing-construction-on-pasture-land-villagers-submitted-memorandum-129360087.html