Thursday, 9 October 2025

जैसलमेर: परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण और भूमि रिकार्ड में इंद्राज

जैसलमेर. जिला प्रशासन ने परंपरागत जल स्रोतों जैसे ओरण, आगोर, तालाब, नदी-नाला और नाड़ी की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की कवायद की जा रही है।

जैसलमेर. जिला प्रशासन ने परंपरागत जल स्रोतों जैसे ओरण, आगोर, तालाब, नदी-नाला और नाड़ी की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की कवायद की जा रही है। इस कार्य में उपखंड अधिकारियों की निगरानी में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, पटवारी और भू-अभिलेख निरीक्षक की संयुक्त टीमें सर्वेक्षण कर रही हैं। सर्वेक्षण के दौरान तहसील जैसलमेर के ग्राम सुल्तानपुरा, चूंधी, गणेशदास की ढाणी, अमरनगर, अमरसागर, माणपिया, कुलधर, मुंदरड़ी, रामकुण्डा, जीयाई, किशनघाट, मूलसागर, बडाबाग, धउवा, भोजासर, विजयनगर, गोरेरा, डलासर, पडिहारी, पिथला, लिदरवा, छत्रैल, रूपसी, मोकलाल, लीला पारेवर, जायण, जैसलमेर यूआइटी क्षेत्र, नगरपरिषद क्षेत्र, डाबला, जोधा, धनुवा, खींवसर, सेलल, मोती किलों की ढाणी, कंडियाला, बरमसर, हांसुआ, जोगा, पिपरला, पोलजी की डेयरी, हसन का गांव, भींया, भू, दरबारी का गांव, सडिया, सोरों की ढाणी और हमीरा क्षेत्र की लगभग सत्तर हजार बीघा भूमि शामिल है। जिला प्रशासन ने इन परंपरागत जल स्रोतों और चारागाह जैसी प्राकृतिक संपदाओं को विधिवत राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर भविष्य में अतिक्रमण और अवैध उपयोग से बचाने की ठोस कार्रवाई की है। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित निरीक्षण करें, अतिक्रमण हटाएं और भूमि को मूल स्वरूप में पुनः स्थापित करें।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/jaisalmer-news/jaisalmer-conservation-of-traditional-water-sources-and-inclusion-in-land-records-20012476


34 अतिक्रमियों को एक-एक माह की सजा

 भास्कर न्यूज | भवानीमंडी                    

चारागाह भूमियों पर अतिक्रमियों को विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में कार्रवाई कर ग्राम पंचायत कुंडीखेड़ा के धारा-91 के अन्तर्गत नोटिस से तलब किया। मौके पर ही पटवार मंडल कुंडीखेड़ा के 31 तथा पटवार मंडल मांडवी के 3 कुल 34 अतिक्रमियों को जिन्होंने चरागाह की 138.10 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर फसलें काश्त कर रखी थी। उन्हें तहसीलदार अब्दुल हफीज ने एक-एक माह के सिविल कारावास व जुर्माने से दण्डित किया है। तहसीलदार ने बताया कि अगर अतिक्रमियों द्वारा कब्जा नहीं छोड़ा जाता है तो एलआरएक्ट की धारा 91(6) के तहत तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इस दौरान अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी अर्पित जैन, पटवारी अर्शिल खान मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/bhawani-mandi/news/34-trespassers-sentenced-to-one-month-each-136123319.html

Wednesday, 8 October 2025

जिला प्रशासन ने जल-स्रोतों एवं ओरण का शुरू किया सर्वे

जैसलमेर जिले में जल-स्रोतों, ओरण, आगोर, तालाब और नदी-नाला सहित उनके कैचमेंट क्षेत्रों का राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य तेजी से जारी है।

जैसलमेर जिले में जल-स्रोतों, ओरण, आगोर, तालाब और नदी-नाला सहित उनके कैचमेंट क्षेत्रों का राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य तेजी से जारी है। उपखंड अधिकारियों की निगरानी में सहायक और कनिष्ठ अभियंता जल संसाधन, पटवारी और भू-अभिलेख निरीक्षक संयुक्त रूप से फील्ड सर्वे कर रहे हैं। राजस्व अभिलेखों में परंपरागत जल स्रोतों और चारागाह जैसी प्राकृतिक संपदाओं को विधिवत दर्ज कर सुरक्षित करने की कार्रवाई मिशन मोड में आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि भविष्य में अतिक्रमण या अवैध उपयोग की कोई संभावना न रहे।

फील्ड में उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अमले की विशेष टीमें मौके का निरीक्षण कर सीमांकन और अभिलेखों में प्रविष्टि कर रही हैं। इस पहल से न केवल जल संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की पारंपरिक जल संरचनाओं और जैव विविधता के संरक्षण में भी नई ऊर्जा का संचार होगा।.सर्वे कार्य में लगभग 37 ग्राम पंचायतों के साथ नगरपरिषद और नगर विकास न्यास क्षेत्र के 10 गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में भी पारंपरिक जल स्रोतों का निरीक्षण और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य अंतिम चरण में है।

जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ओरण, आगोर और अन्य जल-स्रोतों की स्थिति का नियमित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाया जाए और भूमि को मूल स्वरूप में पुनः स्थापित किया जाए। ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बुजुर्गों के साथ सलाह-मशवरा कर सही भूमि एवं जल स्रोतों के संरक्षण की ठोस कार्रवाई की जा रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/jaisalmer-news/the-district-administration-started-the-survey-of-water-sources-and-forests-20009482


कुतकपुर में चरागाह आवंटन रद्द करने की मांग:ग्रामीणों का धरना जारी, बोले- बिना ग्राम सभा की सहमति के जमीन आवंटित की


महवा के ग्राम कुतकपुर में बुधवार को चामुंडा माता मंदिर पर ग्रामीणों का धरना 18वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण चारागाह भूमि के आवंटन का विरोध कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला कलेक्टर ने ग्राम सभा की सहमति के बिना चारागाह भूमि को जीएसएस (ग्राम सेवा सहकारी समिति) के लिए आवंटित कर दिया है। उनका कहना है कि इस आवंटन से किसानों और पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीण इस आवंटन को रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

बुधवार को चारागाह बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ एडवोकेट भंवर सिंह, शीशराम पटेल, चतरे पटेल, गिलाहड़ी पटेल, रामभान गुर्जर, रणजीत बैंसला, विजय सिंह पटेल, बच्चू सिंह और गोविंद पटेल सहित कई अन्य लोग धरने पर मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/mahwa/news/demand-for-cancellation-of-pasture-allotment-in-kutakpur-136122079.html

रामचंद्रपुरा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

फागी उपखण्ड के राजस्व ग्राम रामचंद्रपुरा में चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर उपखण्ड अधिकारी ने एक टीम गठित की, जिसने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को चिह्नित किया।

यह मामला रामचंद्रपुरा के खसरा नंबर 208/3, 210 और 221/33 से संबंधित है, जहां कुल 231 बीघा चारागाह भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों ने 4 अक्टूबर को किशोरपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में शिविर प्रभारी फागी तहसीलदार जीवनराम शर्मा को लिखित शिकायत दी थी।

शिकायत मिलने के बाद फागी उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक टीम का गठन किया। इस टीम में गिरदावर, पटवारी और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी शामिल थे।

आज गिरदावर वीरमदेव खटीक और पटवारी शोज़ीराम शर्मा मौके पर पहुंचे। गिरदावर खटीक ने बताया कि कुल 231 बीघा चारागाह भूमि में से लगभग 50 बीघा पर अस्थायी अतिक्रमण पाया गया है।

अतिक्रमण को चिह्नित कर लिया गया है और भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार पशुओं के लिए चारागाह भूमि चिह्नित कर उनके संरक्षण का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर भूमाफिया इन जमीनों पर तारबंदी कर कब्जा कर खेती कर रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/fagi/news/encroachment-on-pasture-land-in-ramchandrapura-136121575.html

Monday, 6 October 2025

ओरण-गोचर संरक्षण की मांग को लेकर स्कूलों में पढ़ाई का किया बहिष्कार

ओरण और गोचर भूमियों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने सहित अन्य मांगों को लेकर टीम ओरण की ओर से किए जा रहे आन्दोलन के तहत सोमवार को जिले के कई गांवों में विद्यार्थियों ने अध्ययन कार्य का एक दिवसीय बहिष्कार किया और ग्रामीणों के साथ मिल कर स्कूल भवनों के बाहर नारेबाजी की।

अध्ययन कार्य का बहिष्कार करते विद्यार्थी। फोटो- पत्रिका

ओरण और गोचर भूमियों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने सहित अन्य मांगों को लेकर टीम ओरण की ओर से किए जा रहे आन्दोलन के तहत सोमवार को जिले के कई गांवों में विद्यार्थियों ने अध्ययन कार्य का एक दिवसीय बहिष्कार किया और ग्रामीणों के साथ मिल कर स्कूल भवनों के बाहर नारेबाजी की। उनकी ओर से संबंधित संस्था प्रधान को ओरण, गोचर, तालाब, आगोर, कुएं, बावड़ी, नाडी, चारागाहों को राजस्व रिकार्ड में दर्ज करवाने का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला मुख्यालय स्थित एसबीके कॉलेज के बाहर भी छात्रों ने ओरण मामले को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया और नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार सोमवार को जिले के पोछीणा, लूणार, मसूरिया, मेहराजोत, खुहड़ी, भाडली, कोहरा, जोगा, नवल सिंह का गांव, नेतसी, जैरात, पारेवर, मोकला, मोहनगढ़, मोढ़ा, पारेवर, सेउवा, राघवा, छोड़, सांखला, उत्तमनगर, सेलता, भोपा, हेमा, मोतीकिला, पारेवर, रायमला, सेतरावा, घंटियाली, सांवता, देग, भोपा गांवों के विद्यालयों में विद्यार्थियों ने पढ़ाई का बहिष्कार किया। वे अपने घरों से स्कूल तो पहुंचे लेकिन पढ़ाई के लिए भीतर नहीं गए। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक महेश कुमार बिस्सा ने बताया कि कई गांवों में स्कूलों में अध्ययन कार्य का बहिष्कार किए जाने की जानकारी मिली है। इस संबंध में सभी सीबीइइओ से तथ्यात्मक जानकारी मांगी गई है। जिससे पता चल सके कि किस-किस स्कूल में अध्ययन कार्य का बहिष्कार किया गया।

16 को शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

दूसरी ओर कलेक्ट्रेट के सामने मांगों को लेकर ओरण टीम का धरना सोमवार को 22वें दिन भी जारी रहा। टीम ओरण के सुमेरसिंह सांवता ने बताया कि जब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक धरना जारी रहेगा। इस बीच ओरण टीम आगामी 16 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी में जुट गई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि गत दिनों निकाली गई जनाक्रोश रैली से कहीं अधिक लोग 16 तारीख को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होकर शासन और प्रशासन के सामने इस मुद्दे की तीव्रता को प्रदर्शित करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर गांवों में जनसम्पर्क भी शुरू कर दिया गया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/jaisalmer-news/boycotted-school-education-demanding-protection-of-forest-and-pasture-land-20003820


Sunday, 5 October 2025

कुतकपुर में ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे:चरागाह भूमि को बिना सहमति ग्राम सेवा सहकारी समिति को आवंटित करने का विरोध


महवा के कुतकपुर में ग्रामीणों की जमीन बिना सहमति के ग्राम सेवा सहकारी समिति को देने को लेकर विरोध जारी है। ग्रामीण पिछले 12 दिनों से चामुंडा माता मंदिर पर धरने पर बैठे है। ग्रामीणों ने आवंटन रद्द करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा उनकी चारागाह भूमि को जीएसएस (ग्राम सेवा सहकारी समिति) के लिए बिना सहमति के आवंटित कर दी गई है। जिसका सभी लोग विरोध कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग इस आवंटन को रद्द करना है।

अपनी मांग को लेकर ग्रामीण 12 दिनों से चामुंडा माता मंदिर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। रविवार को 'चारागाह बचाओ संघर्ष समिति' के नेतृत्व में 33 लोग धरने में शामिल हुए। इनमें शीशराम पटेल, चतरे पटेल, गिलाहड़ी पटेल, रामभान गुर्जर, रणजीत बैंसला, विजय सिंह पटेल, बच्चू सिंह और गोविंद पटेल जैसे प्रमुख ग्रामीण शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/mahwa/news/villagers-sit-on-indefinite-strike-in-kutakpur-136097051.html