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Wednesday, 30 July 2025

राजस्थान के गांवों में बनेगी समितियां, चारागाह जमीन से हटेगा दबंगों का अतिक्रमण; पंचायत राज ने दिए निर्देश

 राजस्थान के गांवों में चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले की अब खैर नहीं है।

                        Photo- Patrika Network

राजस्थान के गांवों में चारागाह की जमीन पर कई साल से अतिक्रमण करने वाले दबंगों की अब खैर नहीं है। सरकार ऐसे अतिक्रमण हटाएगी। इसके लिए कागजों में पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। अब इसे धरातल पर उतारा जाएगा। अतिक्रमण हटने से जमीन बचेगी। साथ ही जीवों के लिए चारे व पानी की व्यवस्था हो सकेगी। अभी चारागाह पर अतिक्रमण होने से जीव संकट में है। वे भोजन व पानी की तलाश में शहरों में आ रहे हैं।

पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और संबंधित समितियों को सक्रिय करें। विभाग के उपायुक्त एवं उपशासन सचिव प्रथम इंद्रजीत सिंह ने आदेश में बताया है कि कई ग्राम पंचायतें अभी भी चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है।

समितियों का गठन अनिवार्य
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अनुसार, हर ग्राम पंचायत में चरागाह विकास के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन करना अनिवार्य है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित वार्ड पंच करेगा, जबकि चार सदस्य ग्राम सभा की ओर से निर्वाचित किए जाएंगे। यह समिति चरागाह भूमि के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण रोकने के लिए उत्तरदायी होगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/jhunjhunu-news/committees-will-be-formed-in-villages-of-rajasthan-encroachment-by-bullies-will-be-removed-19821799

Tuesday, 8 July 2025

किशनगढ़ के गांवों को मिलेगी खेलों की नई पहचान:मनरेगा के तहत बनेंगे खेल संकुल, चारागाह और बंजर जमीन पर बन सकेगा खेल मैदान

ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें फिट और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में अब किशनगढ़ के गांवों में बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। सरकार की ओर से मनरेगा योजना के तहत अब ग्राम पंचायतों में खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब स्थानीय स्तर पर जमीन की उपलब्धता के आधार पर कार्य प्रारंभ होगा।

पंचायत समिति किशनगढ़ के अधिकारियों के अनुसार गांवों में पड़ी खाली चारागाह, बंजर या गैर उपयोगी जमीन का उपयोग खेल मैदानों के विकास में किया जाएगा। इससे न केवल भूमि का सही उपयोग होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी खेल गतिविधियों में भाग लेने का स्थायी मंच मिलेगा। ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के लिए अब मनरेगा योजना का उपयोग केवल श्रम आधारित कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तहत किशनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में आधुनिक खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) बनाए जाएंगे। सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के तहत अब प्रत्येक पंचायत में उपलब्ध जमीन के अनुसार खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे गांवों में वर्षों से खाली पड़ी चारागाह और बंजर भूमि अब खेल गतिविधियों से गुलजार होगी।

सरकार की मंशा है कि खेल संकुल के माध्यम से गांव के युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित किया जाए ताकि वे फिट रहें, अनुशासित जीवन अपनाएं और भविष्य में खेलों को कॅरियर के रूप में भी देख सकें। पंचायत समिति अधिकारियों के अनुसार यह योजना ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सामने लाने में भी मददगार साबित होगी।

तय किया गया है कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध भूमि के आकार के अनुसार खेल गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। पंचायत क्षेत्र में एक एकड़ से कम भूमि उपलब्ध है, तो वहां ओपन जिम, हाई जंप व लॉन्ग जंप की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एक से डेढ़ एकड़ जमीन होने पर बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट बन सकेंगे, वहीं डेढ़ से तीन एकड़ जमीन वाले क्षेत्रों में फुटबॉल और हॉकी मैदान विकसित होंगे। पंचायत के पास तीन एकड़ से अधिक भूमि है तो वहां पूर्ण आकार का क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा।

बीडीओ रेखा मीणा ने बताया कि खेल संकुलों के सुचारू संचालन और देखरेख के लिए सरकार ने त्रिस्तरीय समिति प्रणाली की भी घोषणा की है। जिला स्तर पर जिलाधीश, जिला खेल अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्य होगा, जबकि ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिससे खेल मैदानों का रखरखाव और नियमित गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।

अब तक मनरेगा योजना मुख्य रूप से जल संरक्षण, सड़क निर्माण और मजदूरी आधारित कार्यों के लिए जानी जाती थी, लेकिन खेलों को इससे जोड़ना सरकार के नवाचार की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख- https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/kishangarh/news/kishangarh-villages-will-get-a-new-identity-for-sports-135398812.html

Tuesday, 22 April 2025

पीपल्दा, रामनगर की 200 बीघा चरागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

 दो दर्जन अतिक्रमियों के कब्जे वाली 200 बीघा चरागाह जमीन पर हो रहे पत्थर के कोट को दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया।

दो दर्जन अतिक्रमियों के कब्जे वाली 200 बीघा चरागाह जमीन पर हो रहे पत्थर के कोट को दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया।

प्रशासन का चला पीला पंजा, जमीन को कब्जे से मुक्त कराया

भंवरगढ़. क्षेत्र की पंचायत घट्टी के पीपल्दा, रामनगर गांव के समीप स्थित चारागाह भूमि पर लंबे समय बाद प्रशासन का अतिक्रमण पर सोमवार को पीला पंजा चला। इस दौरान क्षेत्र की घट्टी ग्राम पंचायत के पीपल्दा, रामनगर गांव की लगभग 200 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। तहसीलदार अभय राज ङ्क्षसह के निर्देशन में रेलावन नायब तहसीलदार रामस्वरूप पंकज की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान गांव सहित अन्य गांवों के दो दर्जन अतिक्रमियों के कब्जे वाली 200 बीघा चरागाह जमीन पर हो रहे पत्थर के कोट को दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया।

ग्रामीणों ने की थी कब्जे की शिकायत

नायब तहसीलदार रामस्वरूप पंकज ने बताया कि दोनों गांव के ग्रामीणों ने यहां चरागाह व वनभूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन तहसील प्रशासन व जिला प्रशासन को अवगत कराया था। पूर्व में भी गत वर्ष इस जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था, अतिक्रमी वापस आ जमे थे। सोमवार को तहसीलदार अभय राज के निर्देश पर दो जेसीबी मशीन से ग्राम पंचायत प्रशासन की मौजूदगी में लगभग 200 बीघा से भी अधिक जमीन पर हो रही पत्थर की चारदीवार को धराशायी किया गया। पत्थर कोट की नीलामी के निर्देश ग्राम पंचायत प्रशासन को दिए गए हैं। इसकी नीलामी पंचायत समिति किशनगंज द्वारा की जाएगी। कार्यवाही के दौरान तहसीलदार अभय राज ङ्क्षसह ने भी मौके पर पहुंच जायजा लिया इस दौरान कानूनगो प्रवीण कुमार राठौर, सुभाष विजय, हल्का पटवारी रवीना सहरिया, पूनम सहरिया, प्रशासक सरपंच राजाराम अहेड़ी, ग्राम विकास अधिकारी राम लाल सहरिया सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा।

पीपल्दा, रामनगर, गांव की चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को गत वर्ष भी तहसील प्रशासन ने हटवाया था। ङ्क्षकतु अतिकर्मियों ने वापस अतिक्रमण कर लिया था। सोमवार को अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया गया है। साथ ही इसकी पुनरावृति न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए हैं। अगर इसकी पुनरावृत्ति होती है तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख https://www.patrika.com/baran-news/encroachment-removed-from-200-bigha-grazing-land-of-pipalda-ramnagar-19547022-