राजस्थान के गांवों में चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले की अब खैर नहीं है।
This blog is aimed at documenting the initiatives undertaken for the conservation of the pastures by communities across Rajasthan as well as efforts by Government of Rajasthan and Civil Society Organisations across the State. Foundation for Ecological Security works in partnership with the Wasteland and Pasture Land Development Board for conservation of the commons. For views and comments write to rajasthanpastures@gmail.com
Wednesday, 30 July 2025
राजस्थान के गांवों में बनेगी समितियां, चारागाह जमीन से हटेगा दबंगों का अतिक्रमण; पंचायत राज ने दिए निर्देश
Tuesday, 8 July 2025
किशनगढ़ के गांवों को मिलेगी खेलों की नई पहचान:मनरेगा के तहत बनेंगे खेल संकुल, चारागाह और बंजर जमीन पर बन सकेगा खेल मैदान
ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें फिट और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में अब किशनगढ़ के गांवों में बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। सरकार की ओर से मनरेगा योजना के तहत अब ग्राम पंचायतों में खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब स्थानीय स्तर पर जमीन की उपलब्धता के आधार पर कार्य प्रारंभ होगा।
पंचायत समिति किशनगढ़ के अधिकारियों के अनुसार गांवों में पड़ी खाली चारागाह, बंजर या गैर उपयोगी जमीन का उपयोग खेल मैदानों के विकास में किया जाएगा। इससे न केवल भूमि का सही उपयोग होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी खेल गतिविधियों में भाग लेने का स्थायी मंच मिलेगा। ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने के लिए अब मनरेगा योजना का उपयोग केवल श्रम आधारित कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तहत किशनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में आधुनिक खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) बनाए जाएंगे। सरकार द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के तहत अब प्रत्येक पंचायत में उपलब्ध जमीन के अनुसार खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे गांवों में वर्षों से खाली पड़ी चारागाह और बंजर भूमि अब खेल गतिविधियों से गुलजार होगी।
सरकार की मंशा है कि खेल संकुल के माध्यम से गांव के युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित किया जाए ताकि वे फिट रहें, अनुशासित जीवन अपनाएं और भविष्य में खेलों को कॅरियर के रूप में भी देख सकें। पंचायत समिति अधिकारियों के अनुसार यह योजना ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सामने लाने में भी मददगार साबित होगी।
तय किया गया है कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध भूमि के आकार के अनुसार खेल गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। पंचायत क्षेत्र में एक एकड़ से कम भूमि उपलब्ध है, तो वहां ओपन जिम, हाई जंप व लॉन्ग जंप की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एक से डेढ़ एकड़ जमीन होने पर बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट बन सकेंगे, वहीं डेढ़ से तीन एकड़ जमीन वाले क्षेत्रों में फुटबॉल और हॉकी मैदान विकसित होंगे। पंचायत के पास तीन एकड़ से अधिक भूमि है तो वहां पूर्ण आकार का क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा।
बीडीओ रेखा मीणा ने बताया कि खेल संकुलों के सुचारू संचालन और देखरेख के लिए सरकार ने त्रिस्तरीय समिति प्रणाली की भी घोषणा की है। जिला स्तर पर जिलाधीश, जिला खेल अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्य होगा, जबकि ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिससे खेल मैदानों का रखरखाव और नियमित गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।
अब तक मनरेगा योजना मुख्य रूप से जल संरक्षण, सड़क निर्माण और मजदूरी आधारित कार्यों के लिए जानी जाती थी, लेकिन खेलों को इससे जोड़ना सरकार के नवाचार की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।
मूल ऑनलाइन लेख- https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/kishangarh/news/kishangarh-villages-will-get-a-new-identity-for-sports-135398812.html
Tuesday, 22 April 2025
पीपल्दा, रामनगर की 200 बीघा चरागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण
दो दर्जन अतिक्रमियों के कब्जे वाली 200 बीघा चरागाह जमीन पर हो रहे पत्थर के कोट को दो जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया।
मूल ऑनलाइन लेख https://www.patrika.com/baran-news/encroachment-removed-from-200-bigha-grazing-land-of-pipalda-ramnagar-19547022-
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Jailsamer News: जिला प्रशासन ने उपखण्ड अधिकारियों की निगरानी में जल संसाधन विभाग के अभियंता, पटवारी और भू-अभिलेख निरीक्षकों की संयुक्त टीमे...
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By: Vijay | 2026-08-05 जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) तहसील के अंतर्गत बरोदा पटवार मंडल के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित सार्वजनिक चरागाह भूमि...
