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Monday, 26 May 2025

मानपुरा में भू-माफिया कर रहे गोचर जमीन पर कब्जा:ग्रामीणों ने जताई नाराजगी-कार्रवाई की मांग, कहा- परंपरागत चारागाह भूमि संकट में आई

 गोपालनगर में अतिक्रमियों ने बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर लिया है, जिसकी ग्रामीणों ने शिकायत की है।

चित्तौड़गढ़ के पास स्थित ग्राम पंचायत मानपुरा में एक बार फिर गोचर भूमि (गौ-चरण की जमीन) पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया लगातार इस जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे गांव की परंपरागत चारागाह भूमि संकट में आ गई है।

यह मामला खसरा नंबर 913 की जमीन से जुड़ा है, जो लगभग 10.300 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। यह जमीन सालों से गायों और अन्य पशुओं के चरने के लिए आरक्षित है। लेकिन अब कुछ लोगों ने इस पर अवैध रूप से कब्जा करना शुरू कर दिया है।

गोपालनगर निवासी गोपाल कुमावत ने बताया कि यह जमीन पूरी तरह से गौचर के लिए है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इस पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए ताकि भविष्य में कोई और भू-माफिया इस तरह की हरकत न कर सके।

एक अन्य ग्रामीण राकेश ने बताया कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि कुछ राजनैतिक प्रभाव वाले लोग भी इस जमीन पर कब्जा करने में लगे हुए हैं। चारागाह की जमीन पर कब्जा करना न केवल गलत है, बल्कि इससे पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। गांव की परंपरा और पर्यावरण दोनों पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

जब इस संबंध में मानपुरा ग्राम पंचायत के सचिव निलेश कुमार सोनगरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास इस संबंध में कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ग्रामीण शिकायत करता है तो पहले मामले की जांच करवाई जाएगी और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है धीरे धीरे सभी गौ चरनोट जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है।
पंचायत सचिव ने आगे बताया कि वे इस संबंध में संबंधित पटवारी कन्हैयालाल जाट को भी सूचित करेंगे ताकि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें। अगर मौके पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और मौके पर जाकर जांच करे। साथ ही, ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आने वाले समय में कोई और व्यक्ति या समूह सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।

मानपुरा गांव की यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि अभी भी कई ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भू-माफियाओं के निशाने पर हैं, जिनकी रक्षा के लिए प्रशासन को सख्त और तत्पर रहना होगा।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/news/case-of-encroachment-on-gauchar-land-in-manpura-village-135107143.html

Tuesday, 28 January 2025

400 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई: 28 लोगों द्वारा सरकारी चारागाह भूमि पर दीवार बना कर किया अतिक्रमण, 2 दिन चलेगा अभियान


बेगूं के गांव बंदे का राजपुरा में बुधवार को दूसरे दिन भी चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चली। जेसीबी मशीन से पत्थर की दीवार हटाई। करीब 400 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 2 दिन और चलेगी। पंचायत मेघपुरा के गांव बंदे का राजपुरा में 28 लोगों द्वारा सरकारी चारागाह भूमि पर पत्थर की दीवार बना कर अतिक्रमण कर रखा था।

ग्रामीणों की शिकायत पर बेगूं तहसीलदार विवेक गरासिया के आदेश पर नायब तहसीलदार विष्णु यादव और पटवारी मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। मंगलवार और बुधवार को 2 जेसीबी मशीन,4 ट्रैक्टर लगाकर पत्थर की दीवार हटाई और पत्थर जब्त किए गए।‌

400 बीघा भूमि होगी अतिक्रमण मुक्त

बताया गया कि गांव बंदे का राजपुरा में 400 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 2 दिन और चलेगी। लगातार 4 दिन में 400 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी। जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। अतिक्रमण हटाते वक्त रेवेन्यू इंस्पेक्टर श्याम सिंह, पटवारी अशोक सुथार, रवि शंकर, रामगोपाल धाकड़, मितेश सैनी आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/action-to-remove-encroachment-from-400-bigha-pasture-land-134258615.html

Tuesday, 14 January 2025

हाईवे 27 पर अवैध ढाबे पर चली जेसीबी: माडना गांव की चारागाह भूमि से हटाया 5 साल पुराना अतिक्रमण, पंचायत को सौंपा सामान


चित्तौड़गढ़ के बेगूं क्षेत्र में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईवे 27 पर स्थित एक अवैध ढाबे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। यह ढाबा माडना गांव की सरकारी चारागाह भूमि पर पिछले 5 वर्षों से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।

श्री देव भोजनालय के नाम से संचालित इस ढाबे के मालिक डूंगर रेबारी के विरुद्ध कार्रवाई तहसीलदार विवेक गरासिया के आदेश पर की गई। नायब तहसीलदार विष्णु यादव के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में ढाबे का कच्चा-पक्का निर्माण तोड़ा। ग्रामीणों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई, क्योंकि हाईवे किनारे स्थित इस ढाबे पर खड़े होने वाले वाहनों से दुर्घटना का खतरा बना रहता था।

कार्रवाई के दौरान ढाबे से हटाए गए टीन शेड और अन्य सामान को ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर पंचायत को सौंप दिया गया। मौके पर बेगूं थाने के एएसआई रमेश चंद्र वैष्णव और प्यारे लाल के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा रेवेन्यू इंस्पेक्टर जितेन्द्र सुराणा, कैलाश चन्द्र और वीडीओ नारायण राठौर भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/jcb-runs-on-illegal-dhaba-on-highway-27-134292359.html

Monday, 13 January 2025

बेगूं में किसानों की भूमि से हटाई चारदीवारी: पटवारी की कार्रवाई से नाराज किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 3 दिन का दिया अल्टीमेटम



बेगूं क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई ने किसानों को नाराज कर दिया है। गांव बंदा का राजपुरा में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के नाम पर पटवारी ने खातेदार किसानों की वैध भूमि से पत्थर की चारदीवारी हटा दी। सोमवार को आक्रोशित किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

मामला मेघपुरा पंचायत का है, जहां 7-8 जनवरी को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। गांव में आराजी संख्या 311 से 320 तक कुल 77.23 हेक्टेयर चारागाह भूमि है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर फसल बो रखी है। लेकिन पटवारी अशोक सुथार ने चारागाह की बजाय 8-10 खातेदार किसानों की वैध भूमि से जेसीबी से चारदीवारी के पत्थर हटा दिए और उन्हें जब्त कर लिया।

किसानों का आरोप है कि अब इन पत्थरों को नीलाम किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम मनस्वी नरेश से पटवारी के खिलाफ कार्रवाई, पत्थर वापसी और नीलामी रोकने की मांग की है। साथ ही चारागाह से बिना भेदभाव सभी अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई। किसानों ने 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है कि अगर पत्थर वापस नहीं मिले और पटवारी को नहीं हटाया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।

एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है। ज्ञापन देने वालों में हजारी लाल, भवानी लाल, राधेश्याम, काशी राम, मोडीराम, प्रकाश, पन्ना लाल समेत कई किसान शामिल थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/boundary-wall-removed-from-farmers-land-in-begu-134287692.html

Saturday, 11 January 2025

राजस्थान में भू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सालों में कब्जे में रहे 500 बीघा जमीन पर चल रहा बुलडोजर

राजस्थान में भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई जारी है. शुक्रवार को राजस्थान के दो अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने भू-माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 बीघे पर कायम कब्जे को हटाने का अभियान शुरू किया।

राजस्थान में अभियान चलाकर हटाया जा रहा अतिक्रमण

राजस्थान के अलग-अलग जिलों चारागाह सहित अन्य सरकारी जमीनों पर सालों से भू-माफियाओं को कब्जा है. इस कब्जे के खिलाफ बीते कुछ दिनों से प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को राजस्थान के दो अलग-अलग जिलों में करीब 500 बीघा जमीन पर सालों से चल रहे कब्जे को हटाने की कवायद शुरू हुई. जेसीबी, ट्रैक्टर और पुलिस टीम के साथ पहुंचे स्थानीय प्रशासन ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और धौलपुर में भू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की।

चित्तौड़गढ़ के बेगूं में 400 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा
मिली जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं क्षेत्र के बन्दे का राजपुर गांव में चारागाह की चार सौ बीघा जमीन पर 28 अतिक्रमियों द्वारा कई सालों से किए गए कब्जों को बेगू उपखण्ड अधिकारी के आदेश पर हटाया जा रहा हैं। कार्यवाही लगातार जारी हैं अब तक सवा सौ बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया हैं।

मेघपुरा पटवार हल्के में है जमीन पर अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार बेगूं उपखंड क्षेत्र के मेघपुरा पटवार हल्के के बन्दे का राजपुर में पिछले कई सालों से 28 अतिक्रमियों ने चारागाह की चार सौ बीघा जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत उपखण्ड अधिकारी मनस्वी नरेश से की। इस पर उपखंड अधिकारी ने तहसीलदार को चार सौ बीघा चारागाह  भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

सवा सौ बीघा जमीन से हटा अवैध कब्जा
तीन दिन तक 400 बीघा में से करीब सवा सौ बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमियों ने पत्थर की दीवारें बना दी उन्हें हटाने के लिए दो जेसीबी और एक पोकलैंड लगाई गई हैं। वहीं अतिक्रमण जमीन से बोई गई फसलों को अतिक्रमी खुद चारे के लिए काट कर ले जा रहे हैं। जेसीबी व पोकलैंड मशीन से हटाए जा रहे पत्थरों को ग्राम पंचायत को सुपुर्द किए जा रहे हैं। चार सौ बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए आगामी तीन-चार दिन तक यह कार्यवाही जारी रहेगी।

धौलपुर के बाड़ी में 100 बीघा जमीन से हटा कब्जा
दूसरी ओर धौलपुर में बाड़ी राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उपखंड के गांव बटेश्वर कला में सौ बीघा से अधिक चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। भू माफियाओं द्वारा सरकारी जमीन पर खेती की जा रही थी। जिसे ट्रैक्टर एवं पीला पंजा चला कर नेस्तनाबूद कर दिया है।

बटेश्वर कला गांव में भू-माफियाओं ने कर रखा था कब्जा
बाड़ी तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल ने बताया 2 जनवरी 2025 को जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को एक परिवाद प्राप्त हुआ था। शिकायतकर्ता रघुवर दयाल मीणा निवासी कुहावनी ने शिकायत में बताया कि बटेश्वर कला गांव में भूमाफियाओं ने 100 बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर लिया है।

कलेक्टर श्रीनिधी बीटी ने दिए थे निर्देश
आरोपियों द्वारा गत लंबे समय से सरकारी जमीन पर खेती की जा रही है. कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए। तहसीलदार ने बताया पटवारी और गिरदावर की टीम बनाकर बटेश्वर कला गांव चारागाह भूमि को चिन्हित करने के लिए भेजी गई। भू माफियाओं द्वारा 100 बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर सरसों और गेहूं की फसल की बुवाई कर रखी थी। चारागाह भूमि को चिन्हित कर शुक्रवार को पुलिस इमदाद को साथ लेकर कार्रवाई को अंजाम दिया है।

सरसो-गेहूं की फसल को हटाया गया
भू-माफियाओं के कब्जे से चारागाह भूमि को मुक्त कराकर ट्रैक्टर एवं बुलडोजर के सहयोग से सरसों और गेंहू की फसल को खुर्दबुर्द कर दिया है। चारागाह भूमि को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। स्थानीय पंचायत एवं पटवारी को जमीन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उधर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से भू माफियाओं में हड़कंप मच गया। कुछ आरोपियों द्वारा मौके पर पहुंचने की कोशिश भी की गई थी. लेकिन पुलिस बल को देख भू माफिया बेरंग लौट गए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://rajasthan.ndtv.in/rajasthan-news/major-action-taken-against-land-mafia-in-chittorgarh-and-dholpur-of-rajasthan-illegal-encroachment-removed-from-500-bigha-land-7445046

Monday, 30 December 2024

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, भुरकिया कलां के ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन



चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी उपखण्ड क्षेत्र के भुरकिया कलां गांव में चारागाह भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण करने के मामले में ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप चारागाह भूमि से अतिशीघ्र अतिक्रमण हटाने की मांग की हैं। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया गया कि भुरकिया कलां गांव की खाता संख्या 207 आराजियात चारागाह भूमि के नाम से दर्ज हैं। इस चारागाह भूमि पर गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण कर रखा हैं। ग्रामीणों द्वारा समझाईश करने पर अतिक्रमी लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। नरेगा में जो सरकार द्वारा तलाई की दीवार बनवायी गई जिसको भी असामाजिक लोगों द्वारा तोड़कर अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा हैं। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की हैं। इस दौरान भुरकिया कलां गांव के महेंद्र सिंह प्रभु भोई, सुरेश मेघवाल, देवी लाल, कालू सिंह, चेन राम भोई, बगड़ी राम खारोल, माधव लाल, शांति लाल, उदय लाल, दलपत सिंह, दुर्गा सिंह, पूरण माली, हीरा लाल, लालू राम, कालू सिंह, नारायण लाल आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://mycirclenews.com/archives/16519


Thursday, 26 December 2024

बड़ी सादड़ी में अतिक्रमण हटाया: हाईकोर्ट के आदेश पर 36 हेक्टेयर चारागाह भूमि को किया अतिक्रमण मुक्त

 

राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर बड़ीसादड़ी के पन्डेडा गांव में से बड़ी कार्यवाही करते हुए तहसीलदार पुलिस कर्मियों ग्रामपंचायत की संयुक्त कार्यवाही में गांव में चारागाह और अन्य किस्म की 36 हेक्टेयर सरकारी भूमि से जेसीबी चलाकर गुरुवार को अतिक्रमण हटाया गया।

तहसीलदार पंकज कलसुआ ने बताया-राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेश व निर्देश पर ग्राम पंचायत पन्डेडा में स्थित आराजी नमंबर 612, 670, 676, 733,402 पर जेसीबी चलाकर अवैध रूप से किया गया निर्माण ध्वस्त किया गया। इसमे गोपीलाल घर और टीनशेड, मांगीलाल पुत्र मेघा मीणा और मांगीलाल पुत्र रामा की झोमपड़िया व चारागाह भूमि पर फसल व रोड़ी व बाड़ हटाई गई ।

अतिक्रमण हटाओ अभियान में भू अभिलेख निरीक्षक चन्द्रप्रकाश और पटवारी महिपाल सिंह राठौड़, शौकीन धाकड़, ग्राम विकस अधिकारी संजय कुमार मुस्तैद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bari-sadri/news/encroachment-removed-in-badi-sadri-134191965.html

Saturday, 14 December 2024

चरागाह भूमि पर बना दी पक्की दुकानें, शिकायत बेअसर

भास्कर न्यूज | भैंसरोडगढ़ भैंसरोडगढ़ पंचायत समिति के गोपालपुरा गांव में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर आराजी नंबर 429 में पक्की दुकानों का निर्माण करने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों के विरुद्ध दुकानों का निर्माण पिछले 5-6 माह पूर्व गांव के एक जनप्रतिनिधि ने कराया। गोपालपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय के इस मसले की शिकायत पर भी अब तक एक्शन नहीं हुआ।

गोपालपुरा के ग्रामीण बताते हैं कि सरपंच प्रभुलाल ने गोचर भूमि पर 6 दुकानों का निर्माण कर डाला। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि के पद का दुरुपयोग कर चारागाह पर अवैध निर्माण करने की तहसीलदार, जिला कलेक्टर से लेकर पंचायतीराज मंत्री तक शिकायत दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में दूसरों के लिए तो नियम बताते है, लेकिन सरपंच ने खुद नियमों की परवाह नहीं की। इस प्रकरण में स्थानीय निवासी हेमराज मेवाड़ा समेत कई ग्रामीणों ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई। नियम कहते हैं कि अधिकार क्षेत्र की भूमि पर स्वयं द्वारा कब्जा करना धारा 38 की कार्यवाही के अन्तर्गत भी आता है, किन्तु जिम्मेदार मौन है। गोपालपुरा में चरागाह भूमि पर दुकानों को बना देने का मसला अभी जानकारी में आया है। इस मामले को दिखवाएंगे। -ग्यारसीलाल मीणा, विकास अधिकारी, पंचायत समिति, भैंसरोडगढ़ गोपालपुरा गांव में चरागाह भूमि पर दुकानों का निर्माण करने का मामला आने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर जांच कर मौका रिपोर्ट पेश कर दी थी। -बनवारीलाल शर्मा, पटवारी, पटवार हल्का गोपालपुरा चरागाह भूमि को खुर्दबुर्द करने की शिकायत मिलने पर रावतभाटा तहसीलदार ने हल्का पटवारी को भेजा।

जिस पर 14 जुलाई को पटवारी ने रिपोर्ट प्रस्तुत की कि गोपालपुरा के आराजी नंबर 429 रकबा 0.70 हैक्टेयर चरागाह भूमि पर तीन पक्की दुकानें एवं बाड़ा बनाकर अतिक्रमण किया है। उस समय चरागाह भूमि की देखरेख ग्राम पंचायत द्वारा किए जाने से तहसीलदार ने कार्यवाही के लिए 18 जुलाई को सीईओ जिला परिषद को पत्र प्रेषित लिखा था। इस मामले में ग्राम पंचायत गोपालपुरा के ग्राम विकास अधिकारी रोहित मीणा से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bainsrorgarh/news/permanent-shops-were-built-on-pasture-land-complaint-was-ineffective-134121943.html

Saturday, 30 November 2024

नागाणी के ग्रामीणों और एनटीसी बस्तीवासियों ने सामूहिक विरोध जताया, दीवार का काम रोका

जावराखुर्द में वन विभाग कर रहा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण

कोटा मार्ग स्थित जावराखुर्द के ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह वन विभाग की निर्माणाधीन दीवार का विरोध किया।

ग्रामीण रामप्रसाद ने बताया कि वन विभाग सामूहिक हित की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रहा है। वन विभाग के जमीन के निशान जहां बने हैं, उससे 500 मीटर आगे दीवार बना रहा है। जिसका ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर विरोध जताया है। इस पर पटवारी और गिरदावर पहुंचे। उन्होंने भी वन विभाग के कर्मचारी को कहा कि वह अपनी सीमा में निर्माण करें। मुकंदरा नेशनल पार्क के कोलीपुरा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र के अधिकारियों का कहना था कि नए सेटलमेंट रिकॉर्ड के हिसाब से हम निर्माण करा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जहां पुराने निशान बने हैं, वहीं तक वन विभाग की जमीन है।

अब गांव की चारागाह जमीन को वन विभाग अपनी बता रहा है। इनके अतिरिक्त मुकंदरा नेशनल पार्क के बाउंड्री कार्य का नागाणी गांव के ग्रामीणों और एनटीसी बस्तीवासियों ने भी विरोध किया है। जहां पर निर्माण किया जा रहा है, वहां सार्वजनिक हित की जमीन शामिल है। नागाणी गांव में तो मुक्तिधाम की जमीन को भी वन विभाग ने अपने अधीन करने की तैयारी कर ली है।

मुकंदरा नेशनल पार्क की जमीन का रेवेन्यू विभाग और वन विभाग की सर्वे टीम ज्वॉइंट निरीक्षण करेगी। जहां हमारी जमीन होगी, वहीं हम दीवार बनाएंगे। उसके अलावा दीवार नहीं बनाई जाएगी। रिकॉर्ड दोनों विभाग की ओर से देखे जाएंगे। एस मुत्थु, डीसीएफ, मुकंदरा नेशनल पार्क कोटा

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/rawatbhata/news/nagani-villagers-and-ntc-slum-dwellers-staged-a-collective-protest-stopped-the-wall-work-134042247.html


Thursday, 28 November 2024

200 बीघा भूमि पर चली जेसीबी: सुवणिया गांव की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया, कुछ लोगों ने बना डाले थे अवैध बाड़े


बेगूं क्षेत्र के गांव सुवाणिया में बुधवार को प्रशासन द्वारा 200 बीघा चारागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटवाया।‌ पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीन चली और करीब 8 साल पहले का अवैध कब्जा हटाकर सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई।

गांव सुवाणिया के ग्रामीणों ने एसडीएम मनस्वी नरेश को ज्ञापन देकर इस गांव की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मौके पर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। 200 बीघा चारागाह सरकारी भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए 2 जेसीबी मशीन और 4 ट्रैक्टर ट्राली लगाए गए। लोगों द्वारा पत्थरों की चारदीवारी बनाकर अतिक्रमण किया उसे जेसीबी से ध्वस्त किया। पत्थरों को ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पंचायत को सुपुर्द किया गया।

61 अवैध बाड़े हटाए

बताया गया कि सुवाणिया गांव की चारागाह भूमि पर इसी गांव के कुछ लोगों द्वारा 61 अलग-अलग बाड़े बना डाले। अपने मकानों के पीछे बाड़े बनाकर पत्थरों की चारदीवारी कर अवैध कब्जा किया गया था। साल 2017 में इस बाड़ों का अतिक्रमण हटा दिया गया लेकिन लोगों ने फिर से कब्जे कर लिए। समस्त ग्रामीणों की मांग पर चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई।‌

यह टीम रही मौजूद

नायब तहसीलदार विष्णु यादव के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने की टीम में रेवेन्यू इंस्पेक्टर जितेंद्र सुराणा, कैलाश चंद्र शर्मा, पटवारी रघुवीर सिंह गुर्जर, धर्म सिंह गुर्जर, संतोष गुर्जर, जीवराज सिंह, लक्ष्मण राम, वीडीओ नारायण राठौर, बेगूं थाने के एएसआई सुरेन्द्र सिंह, प्यारेलाल, बृज लता आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/jcb-operated-on-200-bigha-land-134027770.html


Saturday, 23 November 2024

चारागाह भूमि से युकेलिप्टिस पेड़ हटवाने की मांग: नया पौधारोपण करवाने को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन


कपासन क्षेत्र के गांव कल्याणपुरा की चारागाह भूमि से पुराने युकेलिप्टिस के पेड़ हटवा कर नया पौधारोपण करवाने की मांग एसडीएम से की गई हैं। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम राजेश सुहालका को ज्ञापन सौंपा हैं।

ज्ञापन में बताया-मुंगाना ग्राम पंचायत के गांव कल्याणपुरा की चारागाह भूमि (डांग) पर युकेलिप्टिस के पौधे जो कि करीब 40 साल पूर्व से लगे हुए है। जो काफी पुराने हो गये है। युकेलिप्टिस द्वारा पानी ज्यादा सोखने से हमारे गांव का जलस्तर भी नीचे गहरा चला गया है। युकेलिप्टिस पौधे के नीचे घास भी नहीं उगती है। जिसे हमारे गांव के पशुओं के चरने की भी समस्या उत्पन्न हो रही है। युकेलिप्टिस के कारण आस पास के कुंओं में भी जल स्तर सुख गया है।

इन पौधों के स्थान पर ग्राम पंचायत द्वारा पंचफल मनरेगा योजना के तहत 1000 नए छायादार भीम, शिशम आदि पौधे लगावाये जा रहे है। उनकी सुरक्षा के लिए जिला परिषद मद से चारदीवारी और विधायक मद से तार फेसिंग का काम प्रगति पर है। किसानों की समस्या व पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा उचित कार्य किया जा रहा है। कुछ लोग इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे है। जिन्हें पाबंद करवाया जाए।

इस चारागाह पुराने पौधों को हटाकर नये छायादार नीम, शिशम आदि पौधों का प्लांटेशन (PLP) लगवाया जा रहा है। एसडीएम से पुराने पोधे हटाकर नये पौधे लगवाये जाने के लिए सहयोग प्रदान करवाने का आग्रह किया गया हैं। इस अवसर पर सरपंच संघ अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि कैलाश चंद्र अहीर सहित बड़ी संख्या में लोगों मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/kapasan/news/demand-to-remove-eucalyptus-trees-from-pasture-land-134000831.html

Thursday, 12 September 2024

पट्टे जारी करने, चारागाह को आबादी में करवाने की मांग

गंगरार | कालबेलिया परिवार ने एसडीएम को ज्ञापन देकर अपने घरों के पट्टे जारी करवाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि गंगरार ग्राम पंचायत के जलकी का खेड़ा के घुमंतु कालबेलिया जाति के परिवार वर्षों से जलकी का खेड़ा में निवास कर रहे हैं, लेकिन जिस जगह पर वह निवास कर रहे हैं, वह चारागाह भूमि की किस्म हैं। आबादी भूमि नहीं होने के कारण ग्राम पंचायत पट्टे जारी नहीं कर पा रही हैं।

वही पट्टे नहीं होने के कारण व जमीन आबादी भूमि नहीं होने के कारण कालबेलिया जाति के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। कालबेलिया जाति के लोगों ने चारागाह भूमि को आबादी भूमि में दर्ज करवा पट्टे जारी करवाने की मांग की हैं। जलकी का खेड़ा के विष्णु, लेहरूलाल, मांगीलाल, देवीलाल, दिनेश, सुरेश, कालुलाल, पन्ना लाल, रतन लाल सहित कालबेलिया जाति के समाजजन उपस्थित थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/ganrar/news/demand-to-issue-lease-and-get-pasture-land-converted-into-inhabited-area-133622468.html

Thursday, 15 August 2024

गोचर भूमि पर ग्रामीणों ने पौधरोपण


बांसी। ग्राम दौलतपुरा के ग्रामीणों ने गोचर भूमि पर पौधरोपण कर सुरक्षा का संकल्प लिया। दुगारी की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण जारी है। इसको लेकर दोलतपुरा के ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर कब्जे में ली गई भूमि पर पौधरोपण किया।

पौधों की सुरक्षा के लिए कांटे की बाड़ लगाई। रामलाल मीणा, मायाराम मीणा, मन्ना मीणा, भैरुनाथ, शंकर मीणा, रामफूल मीणा, राजाराम, नारायण नाथ, हरिराम योगी, प्रकाश मीणा, सरवन मीणा, प्रभुलाल मीणा, गीताराम मीणा, फोरूलाल मीणा, सीताराम मीणा, गोपी मीणा, कालू मीणा शामिल रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bansi/news/villagers-planted-saplings-on-pasture-land-133486322.html

Wednesday, 10 July 2024

पुनावली गांव मे 200 बीघा चारागाह भूमि पर पौधारोपण: 25 हजार पौधे लगाए जाएंगे, पूरे बड़ी सादड़ी में 1 लाख 11 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य



बड़ी सादड़ी के पुनावली गांव मे 200 बीघा चारागाह भूमि पर पौधारोपण अभियान की शुरुआत की गई। इस चारागाह में 25 हजार पौधे लगाए जाएंगे। एसडीएम कल्पित शिवरान के नेतृत्व में इस अभियान की शुरुआत की गई।

पौधारोपण के ब्लॉक प्रभारी भगवत सिंह शक्तावत ने हरित एप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी को पौधे लगाने और उनकी परवरिश करने का संकल्प दिलाया। एसडीएम कल्पित शिवरान ने हरित एप डाउनलोड कर पौधा रोपण कर उसके साथ फोटो और सेल्फी खींच कर जिला प्रशासन से प्रमाण पत्र लेने की अपील की। पुनावली स्कूल के सभी छात्र छात्राओं ने भी पौधारोपण किया।

इस अवसर पर ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा विभाग ब्लॉक बड़ी सादड़ी में लगभग 65 हजार पौधे लगाने का लक्ष लिया है। विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल मीणा ने कहा कि पंचायत राज विभाग की ओर से 28 हजार पौधे लगाने की जानकारी देते हुए कहा कि पेड़ो को बचाना भी हमारा धर्म है। इस चारागाह भूमि पर 25 हजार लगाए जाएंगे। बड़ी सादड़ी उपखण्ड क्षेत्र में एक लाख ग्यारह हजार एक सौ पौधे इस मानसूनी सीजन में लगाने का लक्ष्य एसडीएम कल्पित शिवरान के नेतृत्व में रखा है।

इस अवसर पर विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल मीणा, ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत चोबिसा, सहायक अभियंता अजमेर विद्युत वितरण निगम से अजय सिंह, पशुपालन से डॉ राजु बिनके, अतिरिक्त विकास अधिकारी मदन लोहार समेत सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश डांगी, पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी नारायन लाल पुरोहित, गिदावल ग्राम विकास अधिकारी श्याम सुन्दर, ग्रामीण और स्टूडेंट मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bari-sadri/news/plantation-on-200-bigha-pasture-land-in-punavali-village-133310038.html

Saturday, 6 July 2024

पंचफल में अभियान के तहत रोपे 600 पौधे


भैंसरोडगढ़ । ग्राम पंचायत जावदा क्षेत्र में देवस्थान के पास स्थित चारागाह भूमि पंचफल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत रविवार को पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पंचफल में 5 बीघा चारागाह भूमि में अभियान के तहत हुए पौधरोपण कार्यक्रम में सरपंच कुलदीप सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों और स्टाफ ने शीशम नीम, समेत अन्य छायादार पौधे रोपे।

इस दौरान सभी को पौधों की सुरक्षा का संकल्प दिलाया गया। बाद में सभी ने पौधों को पानी भी दिलाया। प्रांगण में विभिन्न प्रकार के 600 पौधे रोपे गए। इस मौके पर जावदा सरपंच कुलदीप सिंह राठौड़, रोजगार सहायक महेश विजयवर्गीय, मेट मुकेश धाकड़, राधेश्याम हजूरी समेत वार्डपंच और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bainsrorgarh/news/600-saplings-planted-under-the-campaign-in-panchphal-133286549.html

Thursday, 27 June 2024

चरागाह पर अतिक्रमण, पीएलपीसी में दर्ज हो मामला

भूपालसागर | उपखंड की पारी ग्राम पंचायत के राजस्व गांव पारी का खेड़ा (बलानो का खेड़ा) में स्थित चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने को लेकर उपखण्ड अधिकारी पुनीत कुमार गेलड़ा को चरागाह विकास समिति ने सार्वजनिक भूमि संरक्षण सेल (पीएलपीसी) में मामला दर्ज करने और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि पारी का खेड़ा में रिकॉर्ड के अनुसार खाता संख्या 217 में 13.39 हेक्टेयर चरागाह भूमि है।

इसपर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। 2019 से उपखण्ड अधिकारी भूपालसागर को रिपोर्ट देते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान चरागाह विकास समिति अध्यक्ष पप्पू लाल गुर्जर, सदस्य मदन लाल गुर्जर, भैरू लाल गाडरी आदि उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने कहा कि अब जल्द कार्रवाई नहीं होगी तो उपखण्ड कार्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bhopalsagar/news/encroachment-on-pasture-land-case-should-be-registered-in-plpc-133243401.html

Sunday, 16 June 2024

चारागाह भूमि व खेतों में आने-जाने के रास्ते में वन विभाग की बाउंड्री बनाने का विरोध जताया


चारागाह भूमि व खेतों में आने-जाने के रास्ते में वन विभाग की बाउंड्री बनाने का ग्रामीणों ने विरोध जताया है। मंडेसरा पंचायत के सभी ग्रामीणों ने भीम चौराहे पर एकत्रित होकर आक्रोश जताते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर व एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में बताया गया ग्राम पंचायत मंडेसरा में स्थित भीम चौराहे से खालगांव बस स्टैंड के बीच वन विभाग के अधीन जमीन काफी समय से खाली पड़ी हुई है, जिसमें आसपास के पशु चरते हैं। आसपास के खेतों में जाने के लिए एक मात्र रास्ता है, जिसके द्वारा साधन खेतों में पहुंच पाते है। सभी किसान व स्थानीय निवासी खेती व पशुपालन कर अपने व अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गांववालों के सामने एक बड़ी विकट समस्या खड़ी हो चुकी है। वन विभाग ने साथ गांव के बाहर बाउंड्रीवॉल बनवाना प्रारंभ कर दिया है। जिससे उस बाउंड्रीवॉल के कारण हमारे पालतू मवेशी व खेतो में आना जाना बाधित हो जाएगा। जिससे गांव वालों को काफी नुकसान सहन करना पड़ेगा। जिस जमीन पर वन विभाग बाउंड्री वॉल बनवा रहा है, उस जमीन पर गांव के पशु चारा चरने के लिए जाते हैं। वहीं इस जमीन पर लगभग 11 गांव के बच्चे क्रिकेट व अन्य खेलकूद में हिस्सा लेते हैं। समय समय पर पौधरोपण भी करते हैं।

इस चारदीवारी की वजह से सैकड़ों की तादाद में गांव के सभी गरीब किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सभी गांव डूब क्षेत्र के विस्थापित लोग हैं, जो जैसे तैसे मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था कर अपना जीवनयापन कर रहे है। सभी ग्रामीण वनसंपदा, वन्यजीव एवं वन रक्षा के लिए हम व हमारे गांव हमेशा सहयोग में आगे रहते हैं और भविष्य में भी वन्यजीव, वन्यसंपदा एवं वनरक्षा के लिए हम आगे रहेंगे। इस भूमि का उपयोग मात्र पशुओं के चरने मात्र के लिए करेंगे, किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण हम गावों के लोगों द्वारा अभी या भविष्य में नहीं किया जाएगा।

बाउंड्रीवाल को तुरंत रुकवाया जाए, जिससे हम ग्रामीण वासियों के जीवन पर कोई गलत प्रभाव न पड़े। ज्ञापन देने में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ममता गुर्जर, राधेश्याम भालेर, कालू लादी, शंभु भालेर, देवराज तामड़, बंशीलाल धाकड़, देबीलाल हेला, ईश्वर गुर्जर, केसरीलाल, शंभुलाल गुर्जर, नंदलाल, हेमराज, देवा मेघवाल, हरलाल, कमलेश राठौर, रमेश गुर्जर, सीताराम गुर्जर, राहुल भालेर, कैलाश गुर्जर, कंवरलाल पोखर, रामलाल, नारायण, तेजू भील, रामफूल लादी, उदयलाल गुर्जर, बालचंद धाकड़, हजारीलाल गुर्जर, रामलाल गुर्जर, प्रभु गुर्जर, सुरेश हड़ावा, नंदलाल तंवर, लक्ष्मण तामड़, उकार लादी, मोती लादी, रामदयाल गुर्जर, धर्मराज खटाना, धर्मराज भालेर, राजू भालेर, देवीलाल सेन, छीतर मुंडी, देवराज कसाना, चंपालाल, अमरालाल और ग्रामीण शामिल रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/rawatbhata/news/opposed-the-construction-of-boundary-by-the-forest-department-on-the-way-to-pasture-land-and-farms-133185670.html

Saturday, 11 May 2024

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से रोष: ग्रामीणों ने दिया एसडीएम को ज्ञापन, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी


बेगूं क्षेत्र के गांव बंदा का राजपुरा की करीब 300 बीघा सरकारी चारागाह पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की।

गांव बंदा का राजपुरा के ग्रामीणों ने एसडीएम मनस्वी नरेश को ज्ञापन देकर अतिक्रमण को हटाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि मेघपुरा पंचायत के गांव बंदा का राजपुरा में करीब 300 बीघा भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर पत्थर की चारदीवारी करके कब्जा किया जा रहा है। जिससे मवेशियों के लिए चराई की जगह नष्ट हो रही है। ग्रामीणों ने इस मामले में 6 महिने पहले बेगूं तहसीलदार को भी ज्ञापन दिया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अतिक्रमण नहीं हटा तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान काशी राम धाकड़, भवानी लाल, शांति लाल, भेरुलाल, जगदीश और प्यार चंद समेत अन्य लोग मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/anger-over-encroachment-on-pasture-land-133014020.html

Wednesday, 14 February 2024

अवैध कब्जे में प्रदूषण को लेकर नाराज ग्रामीण फैक्ट्री को ताला जड़ किया विरोध प्रदर्शन

 

ठाकुर कुमार सालवी, चित्तौड़गढ़. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के उपखंड गंगरार के  जोजराे का खेड़ा टोल प्लाजा के पास स्थित मानोमय टैक्स इंडिया लिमिटेड के द्वारा ग्रामदानी गांव सूरत सिंह जी का खेड़ा की चरागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर रोड बनाने व फैक्ट्री संचालक से आए दिन हो रहे वायु व जल प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार प्रातः काल फैक्ट्री के बाहर पहुंच कर लोगों ने ताला लगा दिया. और श्रमिकों को अंदर व बाहर नहीं आने जाने दिया सूचना पर थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री का गेट का ताला खुलवा कर रात्रि शिफ्ट के श्रमिकों को बाहर निकाल जबकि सुबह की शिफ्ट में काम पर जाने वाले श्रमिकों को अंदर प्रवेश कराया. लेकिन सूरज सिंह जी का खेड़ा व जोजरो का खेड़ा के सैकड़ो ग्रामीण फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करते हुए बैठ गए इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस जाप्ता  मौके पर तैनात रहा. आपसी समझाइए का दौर चलता रहा दोपहर बाद ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन प्रस्तुत किया. जिसमें अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया की फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ग्राम दानी सूरज सिंह जी का खेड़ा की चारागाह भूमि पर अवैध रूप से पक्का रोड निर्माण कर रखा है जो सूरज सिंह जी ग्रामदानी गांव में आता है. जबकि उक्त फैक्ट्री का रास्ता जोजरो का खेड़ा गांव की तरफ खुलता है. फैक्ट्री द्वारा जोजरों का खेड़ा की आराजी संख्या 636 बात 5 क्षेत्रफल 0.41 सेक्टर जो कि विद्यालय खेल मैदान के लिए आरक्षित है पर भी अवैध रूप से कब्जा कर ऑफिस व कॉलोनी बना रखी है. उक्त फैक्ट्री द्वारा खतरनाक केमिकल युक्त दूषित पानी जमीन के अंदर सुखे बोरवेल में डाला जा रहा है जिससे आसपास के क्षेत्र का पानी भी दूषित होकर पीने योग्य नहीं रहा.  फैक्ट्री द्वारा छोड़ी जाने वाली जहरीली गैस व धुएं के कारण भी काफी प्रदूषण हो रहा है जिससे आसपास के लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. लोगों को सांस की बीमारी व खुजली से भी परेशानी हो रही है, साथ ही  गांव के मवेशियों पर भी इसका काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है जिससे मवेशियों ने दूध देना भी बंद कर दिया है. चिमनी से छोड़े गए धुएं से फसल खराब हो रही है साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा सूरज सिंह जी का खेड़ा ग्राम दानी गांव की भूमि पर अवैध रूप से पार्किंग भी बना रखी है. जिससे गांव लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है. इधर फैक्ट्री प्रबंधन के प्रोपराइटर योगेश लड्ढा का कहना है कि उक्त फैक्ट्री विगत 15 वर्षों से संचालित है अगर हमारे द्वारा कहीं भी किसी भी प्रकार की अनियमिता  है तो प्रशासन इसकी जांच करे . उन्होंने कहा कि वास्तविकता में तो सरकार बदलने के साथ ही पुरानी सरकार के अनुबंध ठेकेदारों को बदलकर नई सरकार के कार्यकर्ताओं को किसी ने किसी रूप में से काम लेना है काफी लोगों को हमने काम दिया भी है लेकिन हर एक व्यक्ति को एडजस्ट करना मुश्किल है. वास्तविकता में तो दुखता सिर है बताते पेट में दर्द है.

ज्ञापन प्रस्तुत करने वालों में सरपंच प्रतिनिधि गीता देवी भील,जगदीश बंजारा, हिम्मत सिंह चौहान, भेरूलाल अहीर, राधेश्याम अहीर, रामेश्वर लाल अहीर,शिवराज सिंह, लादू लाल गाडरी ,रणजीत सिंह, राधेश्याम अहीर, सीताराम अहीर आदि ने मौके पर ग्राम दानी पटवारी हेमराज अहीर को भी बुलवाकर रास्ते में ग्राम दानी की चरागाह भूमि की भी जानकारी ली. जिस पर रास्ते की पक्की रोड में फैक्ट्री के अंदर तक ऑफिस व कॉलोनी अवैध रूप से बनी हुई बताया है. साथ ही क्षेत्रीय अधिकारी सचिव जगदीश चंद्र शर्मा ने भी जानकारी देते हुए बताया कि उक्त भूमि व रास्ते के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई है .ओर यह सड़क वास्तव में अवैध रूप से ग्राम दानी की भूमि पर बनाया जाना बताया गया है.

वहीं दूसरी ओर ग्रामीण लोग एकत्रित होकर उपखंड मुख्यालय पहुंचे एवं उपखंड अधिकारी मनस्वी नरेश को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्या से अवगत कराया और कहा कि फैक्ट्री प्रबंधक द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार न देकर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है एवं स्थानीय लोगों की हाजिरी भी पूरी नहीं भरी जाती है. यही नहीं फैक्ट्री से केमिकल युक्त पानी बाहर छोड़ा जा रहा है जिससे आमजन में भयंकर बीमारियां फैल रही है. बड़ी तादाद में मवेशियों की मौत हो चुकी है. फैक्ट्री द्वारा ग्रामदानी भूमि पर सड़क निर्माण कार्य करवाया गया जिसका उसे दौरान ग्रामीण लोगों ने जमकर विरोध किया था.

इस अवसर पर जगदीश चंद्र बंजारा, सीताराम अहीर, कैलाश अहीर,रणजीत सिंह,भगवान लाल, राधेश्याम अहीर, हिम्मत सिंह, कालू लाल,सुनील कुमार, हीरालाल, शिवराज सिंह, नंदलाल भील,नारायण लाल,शंकर लाल, कैलाश, शांतिलाल, देवीलाल बंजारा,राजकुमार अहीर, रतनलाल, कैलाश चंद्र,नारायण लाल,भगवान लाल, बबलू लाल,प्रकाश सहित बड़ी तादाद में ग्रामीण लोग उपस्थित थे.

मूल ऑनलाइन लेख  - https://www.palpalindia.com/2024/02/14/Rajasthan-Chittorgarh-pasture-land-illegal-occupation-pollution-villagers-angry-protest-Manomoy-Tax-India-Limited-Gangrar-Jojra-Ka-Kheda-Toll-Plaza-news-in-hindi.html

Friday, 26 January 2024

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग: बेगूं में ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा-झूठे केसों में फंसा रहे

 

बेगूं क्षेत्र के गांव राजगढ़ कहार के ग्रामीणों ने सोमवार को दिन में 2 बजे बेगूं एसडीएम सी.एल. शर्मा को चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग का ज्ञापन सौंपा। स्कूल के पास चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त किए जाने और अतिक्रमण करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।

पंचायत मेघपुरा के सरपंच ओंकार लाल धाकड़ के नेतृत्व में गांव राजगढ़ तालाब के ग्रामीणों ने एसडीएम सी.एल. शर्मा को ज्ञापन दिया। बड़ी संख्या में गांव के पुरुष और महिलाएं भी मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव के रहने वाले मदनलाल, लाभचंद,राजू कहार द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजगढ़ स्कूल के पास चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। साल 2017 में ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने इस अतिक्रमण को हटा दिया था। इन लोगों ने फिर से जमीन पर अतिक्रमण कर पानी की ट्यूबवेल लगा दी और बिजली कनेक्शन ले लिया। बार- बार ग्रामीणों ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।

स्कूल के पूर्व शिक्षक के साथ की मारपीट

ग्रामीणों ने बताया कि 3 दिन पहले राजगढ़ स्कूल के पूर्व शिक्षक परमेश्वर सनाढ्य द्वारा अतिक्रमण करने वाले लोगों को उलाहना देने पहुंचे तो मदनलाल, लाभचंद और परिजनों द्वारा मारपीट की गई। जिसमें परमेश्वर सनाढ्य का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया और गले पर चोट लगी। इस पर उन्हे इलाज के लिए भीलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया गया कि अतिक्रमण के आरोपी गांव वालों को झूठे मामलों में फंसा रहे है। जिनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएं। एसडीएम सी एल शर्मा ने ग्रामीणों को मामले की जांच कर कार्रवाई का विश्वास दिलाया।

यह लोग रहे मौजूद

एसडीएम को ज्ञापन देते वक्त मेघपुरा पंचायत सरपंच ओंकार लाल धाकड़, पूर्व सरपंच भंवरलाल धाकड़, डोराई पंचायत सरपंच प्रतिनिधि लाभचंद धाकड़, एडवोकेट राकेश ओझा, गांव राजगढ़ के गणपत कहार, प्रेमचंद, धन्ना लाल, मुकेश, शिवलाल, तुलसी राम कहार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-132512702.html