Saturday, 19 July 2025

Chittorgarh

 

Community Members from Chiksi village of Chittorgarh district submitted letter/Gyapan to Collector, SSP & Tehsildar for removal of encroachment from Pastureland, Pathwari Chouk and Devsthan Bhumi.

Friday, 4 July 2025

सलोतिया में 176 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया


सुनेल| सलोतिया ग्राम पंचायत मेंपं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े में गुरुवार को शिविर प्रभारी तहसीलदार अजहर बेग को ग्राम पंचायत ने चारागाह भूमि को मुक्त करने के लिएलिखित में प्रार्थना पत्र पेश किया। इस पर तुरंत संज्ञान लेकर सावल मशीन से 176 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया और ग्राम पंचायत को सौंप दी। वहीं शिविर में शिविर मेंकाश्तकारों कि कृषि भूमि केनामांतरण, रास्तों का खुलासा एवं 3 सहमति बंटवारे कर कुल 11 काश्तकारों को लाभान्वित किया।शिविर में विकास अधिकारी संजय शर्मा, प्रशासक इंद्रसिंह सिसोदिया, ग्राम विकास अधिकारी रामगोपाल नागर, कानूनगो रियाज खान, परसराम धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/sunel/news/encroachment-removed-from-176-bigha-grazing-land-in-salotia-135367007.html

झुंझुनूं के आबूसर में चारागाह की जमीन से हटाया अतिक्रमण:लोकायुक्त के आदेश पर प्रशासन सक्रिय; JCB से गिराई दीवार

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

झुंझुनूं जिले की आबूसर ग्राम पंचायत क्षेत्र की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई लोकायुक्त के निर्देश के पालन में की गई। शुक्रवार सुबह तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम, पुलिस जाप्ते और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
3 गांवों में कार्रवाई

कार्रवाई पंचायत के तीन गांवों- अणगासर, दुर्जनपुरा और आबूसर में एक साथ चली। ग्रामीण कई कई साल से इन गांवों की चारागाह भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह भूमि पर अस्थायी निर्माण, चारदीवारियां और निजी उपयोग के निर्माण कर रखे थे, जिससे मवेशियों के लिए चराई की जगह नहीं बची थी।

एक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। लोकायुक्त ने झुंझुनूं जिला प्रशासन से विस्तृत स्पष्टीकरण रिपोर्ट तलब की थी। जवाब के दौरान स्पष्ट हुआ कि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके थे, लेकिन अमल नहीं हो पाया। इसके बाद लोकायुक्त के आदेश पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाया जाने लगा।

लोकायुक्त के आदेश पर प्रशासन सक्रिय
रिहायशी मकान नहीं तोड़ रहे

तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि कार्रवाई के दौरान केवल चारागाह भूमि पर बने अवैध कब्जों को ही हटाया जा रहा है। रिहायशी मकानों को नहीं छेड़ा जा रहा है। फोकस सिर्फ चारदीवारियों, टीनशेड, गोदाम या अस्थायी निर्माण पर है जो सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए थे।

कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही है और मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात है ताकि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। प्रशासन ने पहले से ही कब्जाधारियों को नोटिस देकर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी, लेकिन बहुत से लोगों ने अनदेखी की। अब प्रशासनिक टीम सख्ती से कार्रवाई को अंजाम दे रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhunjhunu/news/action-to-remove-encroachment-from-pasture-land-135370856.html


Thursday, 3 July 2025

रीझवास में 108 बीघा चारागाह भूमि को किया अतिक्रमण मुक्त कलेक्टर के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने की कार्रवाई

सूरौठ।स्मार्ट हलचल|गांव रीझवास में गुरुवार को तहसील प्रशासन ने करीब 108 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की। करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के निर्देश पर गांव रीझवास पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने चारागाह भूमि का सीमा ज्ञान किया तथा जेसीबी से खुदाई करवा कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।

पिछले दिनों गोचर मुक्त संघर्ष समिति रीझवास के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर गांव की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की थी। कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को सूरौठ तहसीलदार संजीव धाकड़, शेरपुर नायब तहसीलदार हरिशंकर शर्मा, गिरदावर लक्ष्मी नारायण शर्मा, रूमाली बाई मीणा, रामकेश भागौड, पटवारी श्याम सिंह सोलंकी, दिनेश बारोलिया, पंकज जाटव, अमित डागुर, रघुनाथ जाटव, विजयपाल सहित कई राजस्व कर्मी जेसीबी लेकर गांव रीझवास पहुंचे तथा गांव की करीब 108 बीघा चारागाह भूमि का सीमा ज्ञान किया। तहसील प्रशासन ने जेसीबी से चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया। सीमा ज्ञान एवं अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई के दौरान काफी भीड़ मौजूद रही। कार्रवाई के अवसर पर 50 से अधिक पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। तहसीलदार संजीव धाकड़ ने बताया कि गांव रीझवास में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ पूर्व में भी धारा 91 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई थी।अब कलेक्टर के निर्देश पर चारागाह भूमि का सीमा ज्ञान करवा कर अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण मुक्त चारागाह भूमि को विकास एवं संरक्षण के लिए ग्राम पंचायत बाईजट्ट को सुपुर्द किया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://smarthalchal.com/grazing-land-freed-from-encroachment/


Wednesday, 2 July 2025

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के कार्यों का किया निरीक्षणबंजार चारागाह भूमि हुई विकसित

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के कार्यों का किया निरीक्षण

बंजार चारागाह भूमि हुई विकसित

अजमेर दिनांक 2 जुलाई 2025 जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के प्रथम चरण अंतर्गत ग्राम पंचायत टिकवाड़ा पंचायत समिति किशनगढ़ में संपादित किए गए जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के कार्यों का निरीक्षण किया जिसमें जल संरक्षण एवं संग्रहण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करते हुए जिसमें पक्का चेक डैम, सामुदायिक टांका निर्माण, पार्कोलेशन टैंक, नाला बैंक स्टेबलाइजेशन तथा नवाचार के रूप में बनाए जा रहे रिचार्ज शाफ्ट के कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिलीप जादवानी ने निरीक्षण के दौरान उक्त समस्त गतिविधियों की उपयोगिता एवं भराव क्षमता लागत तथा भविष्य में होने वाले लाभ के विषय में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर को अवगत कराया। जय सिंह रावत अधिशासी अभियंता पंचायत समिति किशनगढ़ द्वारा ग्राम पंचायत में पांच हेक्टर भूमि जो गत 1 वर्ष पूर्व बंजर पड़ी थी उस भूमि पर कराए गए चारागाह विकास कार्य के संदर्भ में जानकारी दी गई। राम प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर द्वारा जल संग्रहण एवं जल संरक्षण के विकास कार्यों का अवलोकन करते हुए बताया कि यह कार्य वर्षा ऋतु में पानी की हर बूंद बचाना हर ग्रामवासी को इस बारे में सोचना होगा और अधिक से अधिक जल संरक्षण ढांचों का निर्माण सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं भामाशाहों के माध्यम से करने होंगे जिससे वर्षा ऋतु का जल व्यर्थ न बहे, ताकि आने वाली पीढियो के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। शलभ टंडन ए एन ने बताया कि ग्राम पंचायत टिकवाड़ा में ग्राम वासियों के सहयोग से बंजर एवं अनुपयोगी पांच हेक्टर की भूमि को चारागाह विकसित करने हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 जल ग्रहण घटक योजना अंतर्गत विकसित किया जा रहा है जिसमें चारागाह भूमि पर विलायती बबूल को मशीन की मदद से पूरी भूमि की सफाई की गई उसके बाद 2000 खड़े पौधारोपण हेतु खोदे गए, मानसून पूर्व 1400 वानिकी छायादार वृक्ष एवं 6000 फलदार पौधे लगाए गए, पौधों की सुरक्षा हेतु तारबंदी की गई तथा सिंचाई सुविधाओं के लिए ड्रिप इरीगेशन सोलर पंप के माध्यम से कार्य किए गए। आज अनुपयोगी एवं बंजर भूमि की उपयोगिता चारागाह विकास कार्य से परिलक्षित हो रही है। निकट भविष्य में ग्राम पंचायत को इस चारागाह से निजी आय प्रारंभ हो जाएगी साथ ही पशुओं के लिए उन्नत किस्म का चारा भी उपलब्ध होगा। रामप्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद अजमेर ने विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए की हरियालो राजस्थान के अंतर्गत अधिक से अधिक पौधारोपण के कार्य कराए जावे तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रगति की कैप्चर की जाए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://awazrajasthanki.com/archives/7159

Tuesday, 1 July 2025

महाराजपुरा में चारागाह भूमि के आवंटन पर विवाद:धरने पर बैठे; कहा- जमीदार को गलत तरीके से दी जमीन, विधायक ने समझाइश कर मामला शांत किया

लालसोट क्षेत्र के महाराजपुरा गांव में चारागाह भूमि के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को गलत तरीके से जमीन आवंटन का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत के बाहर धरना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने बताया - विवादित भूमि खसरा संख्या 436/193 पर स्थित चारागाह और सिवायचक भूमि है। आरोप है कि जिस व्यक्ति को यह जमीन आवंटित की गई है, वह पहले से ही बड़ा जमींदार है। प्रशासन ने रात के समय आवंटी की जमीन का सीमा ज्ञान करवाया।


इस जमीन पर पहले से तीन एनीकट बने हुए थे और हरे पेड़-पौधे भी थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में एनीकट और वृक्षों को नष्ट कर दिया गया। साथ ही जमीन की चारों तरफ तारबंदी कर दी गई, जिससे गांव का रास्ता और पशुओं के चरने का स्थान बंद हो गया।

ग्रामीणों ने बताया कि जब वे समझाने गए तो आवंटी पक्ष ने फायरिंग की और धारदार हथियार दिखाए। विरोध में ग्रामीणों ने पंचायत भवन का लोकार्पण और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का बहिष्कार किया है। उपखंड अधिकारी विजेंद्र मीणा ने कहा कि अगर आवंटन नियम विरुद्ध हुआ है तो ग्रामीण अपील कर सकते हैं। गलत आवंटन पाए जाने पर उसे रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन ग्रामीणों से बातचीत कर रहा है।


ग्राम पंचायत के नए भवन का उद्घाटन करने पहुंचे विधायक रामबिलास मीणा ने ग्रामीणों से समझाइस की। विधायक व एसडीएम विजेंद्र मीणा के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया। उसके बाद पंचायत भवन का विधिवत उद्घाटन किया और पंचायत में आयोजित होने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर का भी आयोजन किया गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/dispute-over-allotment-of-pasture-land-in-maharajpura-135343287.html

सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का विरोध:पगारिया में चारागाह और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, शिविर प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रीय किसान संघ ने मंगलवार को भवानीमंडी उपखंड के पगारिया गांव में शिविर प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें चारागाह भूमि, सरकारी भूमि, गोचर और पीडब्ल्यूडी विभाग की जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।

किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने बताया कि पगारिया में सरकारी जमीनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला-तहसील प्रशासन से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीमों के गठन की मांग की है।

संगठन ने गोचर भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर दिया है। उनकी मांग है कि गायों के चरने के लिए इन जमीनों को खाली कराया जाए। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/bhawani-mandi/news/opposition-to-encroachment-on-government-lands-135350732.html