This blog is aimed at documenting the initiatives undertaken for the conservation of the pastures by communities across Rajasthan as well as efforts by Government of Rajasthan and Civil Society Organisations across the State. Foundation for Ecological Security works in partnership with the Wasteland and Pasture Land Development Board for conservation of the commons. For views and comments write to rajasthanpastures@gmail.com
Wednesday, 5 August 2026
लक्ष्मीपुरा में चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण से ग्रामीण व्यथित, शिक्षक दंपति एवं अन्य पर अतिक्रमण का आरोप
Friday, 17 July 2026
प्रशासन ने चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमणः आसींद के करणगढ़ में हुई कार्रवाई, पुलिस बल रहा तैनात
आसीन्द 15/07/26
आसींद के ग्राम करणगढ़ में बुधवार को प्रशासन ने चारागाह भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।
पटवार हल्का तिलोली स्थित इस भूमि से जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम करणगढ़ की चारागाह भूमि (खाता संख्या 340, आराजी संख्या 1769, रकबा 13.26) पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था।
ग्रामीणों ने लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें और ज्ञापन देकर पंचायत प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माणों को छोड़कर अन्य सभी अतिक्रमण हटा दिए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत के पनघट स्थित बोर को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद चारागाह भूमि को साफ कर दिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान ग्राम विकास अधिकारी जसविंदर सिंह, गिरदावर भगवत सिंह, पटवारी हरलाल बुगालिया, सहायक सचिव सुरेश चंद्र खटीक सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/asind-karangarh-administration-encroachment-removal-drive-police-138450326.html
चारागाह भूमि पर फिर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
किशनगंज 16/07/26
किशनगंज | ब्लॉक क्षेत्र की घट्टी ग्राम पंचायत के रामनगर पीपल्दा गांव में चारागाह भूमि पर फिर से अतिक्रमण होने का मामला सामने आया है। भंवरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने पहले हटाए गए अतिक्रमण वाली चारागाह पर दोबारा अतिक्रमण कर लिया। जिसके विरोध में बुधवार को ग्रामीण पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे और बीडीओ के नाम अतिरिक्त विकास अधिकारी नवलकिशोर मीणा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि प्रशासन ने 15 मई 2024 को करीब 250 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद फिर अतिक्रमण कर लिया गया।
प्रशासन ने 21 अप्रैल 2025 को दोबारा अतिक्रमण हटाया। इसके बाद ग्राम पंचायत घट्टी ने वर्ष चारागाह भूमि की नीलामी की। इसके बावजूद अतिक्रमियों ने अब तक पत्थर नहीं हटाए। भंवरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर फसल की बुआई कर दी। ग्रामीणों के अनुसार इसी चारागाह भूमि पर उन्होंने पौधारोपण किया था। अतिक्रमी ने सभी पौधे नष्ट कर दिए। ग्रामीणों ने मांग की कि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। नीलामी की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा।
https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/news/encroachment-on-pasture-land-again-villagers-submitted-memorandum-to-bdo-dbp-138452846.html
चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की जांच के निर्देश
बालघाट ग्रामीण | 16/07/26
तहसील क्षेत्र के गांव कमालपुरा में गोचर भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद एसडीएम अमन चौधरी ने बालघाट तहसीलदार को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिएहैं।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री बबलू राम की शिकायत के आधार पर एसडीएम ने तहसीलदार को गांव में स्थित 389 बीघा गोचर भूमि पर अतिक्रमण के मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि गोचर भूमि पर कब्जे की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/news/instructions-for-investigation-of-encroachment-on-pasture-land-dbp-138453321.html
Friday, 10 July 2026
चारागाह भूमि पर अतिक्रमण पर 19 गिरफ्तारी वारंट जारी:आदतन अतिक्रमियों को 60 दिन का सिविल कारावास, आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं की
बीजेपी MLA की बिना गाय वाली गौशाला? बिजली कनेक्शन गुल होने के बाद शाहपुरा विधायक ने दी सफाई
Contributed By: प्रमोद तिवारी|Lipi•
राजस्थान में शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर बिना गाय की 'देव गौशाला' के नाम पर 20 बीघा चारागाह भूमि पर कथित कब्जे के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। मामला गरमाने के बाद बिजली विभाग ने परिसर का कनेक्शन काट दिया है। इस पर बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा ने सफाई देते हुए कहा कि इससे उनका कोई संबंध नहीं है।
| शाहपुरा देव गौशाला विवाद (NBT) |
भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. लालाराम बैरवा से जुड़ा एक बड़ा मामला इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर एक गौशाला के नाम पर करीब 20 बीघा चरागाह भूमि को कथित तौर पर कब्जे में लेने के आरोपों के बाद अब इस मामले में एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। मामला मीडिया में आने के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के शाहपुरा कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त गौशाला परिसर का बिजली कनेक्शन काट दिया है।
बिना गाय की गौशाला और नियमों की अनदेखी के आरोप
शुरुआती जानकारी के अनुसार, शाहपुरा तहसील के आराजी नंबर 2543 में से 5 हेक्टेयर भूमि पर देव गौशाला सेवा संस्थान के नाम से तारबंदी कर शेड का निर्माण कराया गया था। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि इस पूरी गौशाला में कथित तौर पर एक भी गाय मौजूद नहीं थी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ था। भीलवाड़ा जिला कलेक्टर के 25 फरवरी 2026 के आदेश के मुताबिक, गौशाला अधिनियम 1960 के तहत किसी भी भूमि आवंटन के लिए संस्थान का कम से कम 3 वर्ष से संचालित होना अनिवार्य है।
यह शर्त पूरी नहीं होने के कारण राजस्व विभाग ने आवंटन का प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर गत 20 मई 2026 को इस अनाधिकृत परिसर को स्थाई बिजली कनेक्शन दे दिया गया, जो विधायक के पुत्र चिनार के नाम पर था। इस कनेक्शन को जारी करने में रोड़ा बने तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र मित्तल को एपीओ भी कर दिया गया था, जिससे विधायक के रसूख को लेकर सवाल उठने लगे।
रजिस्ट्रेशन में सामने आया था पारिवारिक कनेक्शन
सहकारिता विभाग के 21 अगस्त 2025 के पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार, इस देव गौशाला सेवा संस्थान की कमान पूरी तरह विधायक के परिवार के हाथों में थी। इसमें स्वयं विधायक डॉ. लालाराम बैरवा सचिव, उनके बेटे चिनार देवातवाल अध्यक्ष, दूसरे बेटे जतिन देवातवाल कोषाध्यक्ष और नजदीकी रिश्तेदार कुंदन देवातवाल सह-सचिव के पद पर दर्ज थे।
बिजली कटने के बाद विधायक बैरवा ने दी सफाई
इस पूरे घटनाक्रम और बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी सफाई पेश की है। विधायक ने आरोपों को भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा-
राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का आरोप
विधायक बैरवा ने अपने परिवार का बचाव करते हुए दावा किया कि वर्तमान में उनके परिवार का कोई भी सदस्य या ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति इस संस्था से किसी भी रूप में जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने विपक्षी या विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उनके सेवाकाल के पुराने दस्तावेजों का आधार बनाकर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले विधायक ने यह भी स्पष्ट किया था कि वे कोई जमीन हड़पना नहीं चाहते, बल्कि वहां 8 लाख रुपये खर्च कर पशुओं के लिए एक अस्पताल और गोवंश के लिए अच्छी सुविधाएं बनाना चाहते थे और गायों को अस्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। फिलहाल, बिजली कटने और विधायक की इस सफाई के बाद क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है।
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/bhilwara/bjp-mla-lalaram-bairwa-gaushala-encroachment-controversy-shahpura-bhilwara-news/articleshow/132309035.cms
भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप
| भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप |
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ और लालाराम बैरवा एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए गौशाला के नाम पर 20 बीघा सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यह खुलासा हुआ कि जिस ट्रस्ट के नाम पर जमीन मांगी गई थी, उसमें विधायक के परिवार के सदस्य ही प्रमुख पदों पर काबिज हैं। जिला प्रशासन द्वारा जमीन आवंटन के आवेदन को खारिज किए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य और तारबंदी किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
ट्रस्ट में परिवार का दबदबा और जमीन का विवरण
यह पूरा विवाद शाहपुरा-केकड़ी मार्ग पर स्थित आराजी नंबर 2543 की चारागाह भूमि से जुड़ा है। इस भूमि का कुल रकबा 78 दशमलव 68 हेक्टेयर है। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के पारिवारिक ट्रस्ट 'देव गौशाला सेवा संस्थान' ने इसमें से 5 हेक्टेयर यानी लगभग 20 बीघा जमीन गौशाला के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव रखा था। जांच में सामने आया है कि इस संस्थान में विधायक स्वयं सचिव थे। उनके छोटे बेटे चिनार देवतवाल संस्थान के अध्यक्ष हैं, जबकि बड़े बेटे जतिन देवतवाल कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। विधायक के निजी सहायक हुकमचंद कुमावत को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा दिशांक गर्ग और राहुल बोहरा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
नियमों की अनदेखी और आवंटन निरस्त
सरकारी जमीन के आवंटन के लिए राजस्थान भू राजस्व नियम 1957 के तहत कड़ी शर्तें निर्धारित हैं। इनमें राजस्थान सोसाइटी पंजीयन अधिनियम 1958 के तहत पंजीकरण, राजस्थान गौशाला अधिनियम 1960 के तहत विधिवत पंजीयन और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि गौशाला का संचालन पिछले 3 सालों से होना अनिवार्य है। चूंकि देव गौशाला सेवा संस्थान इन शर्तों को पूरा नहीं कर पाया, इसलिए भीलवाड़ा कलेक्टर ने 25 फरवरी 2026 को ही आवंटन की प्रक्रिया को बंद कर दिया था। इसके बावजूद, जमीन पर संस्थान का बोर्ड लगा दिया गया और तारबंदी कर अतिक्रमण कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि 20 मई 2026 को इस विवादित जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी ले लिया गया।
मामले का घटनाक्रम और प्रशासनिक फाइल
दस्तावेजों के अनुसार, देव गौशाला सेवा संस्थान को सहकारिता विभाग ने 21 अगस्त 2025 को पंजीकृत किया था। इसके बाद फाइल बहुत तेजी से आगे बढ़ी। 11 सितंबर 2025 को शाहपुरा तहसीलदार ने एसडीओ को प्रस्ताव भेजा। 15 सितंबर 2025 को यह प्रस्ताव कलेक्टर के पास पहुंचा और 8 दिसंबर 2025 को इसे राजस्व विभाग को भेज दिया गया। इस दौरान आमलीकला में आराजी नंबर 485 और 3734/473 की जमीन का भी जिक्र आया था, जिसका रकबा 1 दशमलव 4720 और 6 दशमलव 05 बताया गया था। हालांकि, अंततः नियमों की पूर्ति न होने पर कलेक्टर ने आवंटन से इनकार कर दिया।
विधायक की सफाई और अधिकारियों का पक्ष
इन गंभीर आरोपों पर सफाई देते हुए विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि इस मामले से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है और उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2025 में ही इस संस्थान से इस्तीफा दे दिया था और पुराने दस्तावेजों के आधार पर उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विधायक ने कहा, "प्रक्रिया चल रही है, मौके पर कुछ तो करना ही पड़ेगा। " दूसरी ओर, शाहपुरा के एसडीओ सुनील मीणा ने कहा कि उन्हें फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी याद नहीं है और वे मौका देखकर ही कुछ कह पाएंगे। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, क्योंकि सरकारी चारागाह भूमि पर बिना आवंटन के कब्जा और बिजली कनेक्शन मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
https://www.zoomnews.in/amp/hi/news-detail/bjp-mla-lalaram-bairwa-land-encroachment-allegation-bhilwara.html
Sunday, 2 November 2025
महवा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों ने विधायक से की शिकायत, बोले-तहसीलदार के बेदखली आदेश के बावजूद निर्माण जारी
महवा उपखंड क्षेत्र के पाड़ली गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने विधायक राजेंद्र मीना से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा बेदखली के आदेश जारी होने के बावजूद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण जारी है, जिससे उनमें आक्रोश है।
ग्रामीण खोहरा मुल्ला स्थित जनसुनवाई केंद्र पहुंचे और विधायक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पाड़ली गांव में करीब 2 बीघा चारागाह भूमि पर कुछ लोग कच्चा और पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रहे हैं। पहले अस्थायी झोपड़ियां बनाई गईं, अब पुख्ता निर्माण कर चारागाह को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि इस मामले में पूर्व में तहसीलदार ने अतिक्रमियों को चारागाह भूमि से बेदखल करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति से ग्रामीणों और अतिक्रमणकारियों के बीच विवाद की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक राजेंद्र मीना ने एसडीएम मनीषा रेशम और तहसीलदार महवा को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण पर किए जा रहे निर्माण को तुरंत रोका जाए और चारागाह भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं।
मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/mahwa/news/encroachment-on-pasture-land-in-mahwa-136317626.html
Wednesday, 29 October 2025
हिंडौली में चारागाह भूमि से अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश:उपखंड अधिकारी ने कहा- प्रभावित किसानों की समस्या को दे प्राथमिकता
हिण्डौली में उपखंड अधिकारी शिवराज मीणा की अध्यक्षता में उपखंड कार्यालय में साप्ताहिक ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं की प्रगति और आमजन की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिक्रमणों की समीक्षा
उपखंड अधिकारी मीणा ने तहसीलदार हिण्डौली और पंचायत समिति विकास अधिकारी से सिवायचक और चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों की समीक्षा की। उन्होंने इन अतिक्रमणों को तत्काल चिह्नित करने और उन्हें स्थायी स्वरूप लेने से रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
अतिक्रमणों को चिह्नित करने के निर्देश
इसके साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अतिक्रमित भूमि पर विद्युत कनेक्शन जारी करने से पहले भूमि का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। बैठक में पंचायत समिति के विकास अधिकारी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा करने तथा लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा योजना के 1100 से अधिक लंबित आवेदनों की गहन जांच कर रिपोर्ट जल्द भेजने को भी कहा गया।
किसानों को राहत देने को बताया प्राथमिकता
उपखंड अधिकारी मीणा ने आपदा प्रबंधन (एसडीआरएफ) के लंबित मामलों, डी आईएमएस पोर्टल पर सहायता से जुड़े प्रकरणों और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की स्थिति पर भी जानकारी ली। उन्होंने हाल ही में हुई वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए कृषि विभाग को प्रभावित किसानों के फसल बीमा दावे और राज्य सरकार से राहत सहायता के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
राजस्व, पंचायतीराज, कृषि और अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में आगामी बूंदी उत्सव 2025 के सफल आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान तहसीलदार रतनलाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/hindoli/news/to-mark-encroachment-from-siwaychak-pasture-land-in-hindauli-136282602.html
Tuesday, 14 October 2025
बांध बारैठा में 68 बीघा चारागाह भूमि पर कब्जा
भास्कर न्यूज | भरतपुर
बयाना उपखंड की ग्राम पंचायत बंध बरेठा की 68 बीघा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे के विरोध में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलक्टर कमर चौधरी, संभागीय आयुक्त, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि वर्षों से गांव के पशुओं के चराने के लिए उपयोग में लाई जा रही है। इसी स्थान पर ग्रामवासी भैरो बाबा की पूजा-अर्चना भी करते हैं, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पास के गांव मडपुरिया के कुछ लोग इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका इस भूमि से कोई संबंध नहीं है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण रोकने की कार्रवाई करे और चारागाह भूमि को मूल स्वरूप में सुरक्षित रखे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर पशुओं के चरने और धार्मिक गतिविधियों के लिए इस भूमि की सुरक्षा की मांग की।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/occupation-of-68-bigha-pasture-land-in-bandh-baraitha-136165832.html
Wednesday, 8 October 2025
रामचंद्रपुरा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
Thursday, 25 September 2025
79 दिन बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण, धरना जारी
Monday, 15 September 2025
सांचौर के हरियाली गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण:ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, नाड़ियों और चारागाह पर कब्जे की शिकायत
सांचौर की हरियाली ग्राम पंचायत के निवासियों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर रोष जताया है। सोमवार को ग्रामीणों ने सांचौर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया-हरियाली गांव के सरकारी खाता संख्या 1 में दर्ज भूमि पर लोग अवैध रूप से मकान, दुकान और खेत बना रहे हैं। इस जमीन में गोचर, आगोर, आबादी, रास्ता, पायतान और मंदिर की भूमि शामिल है।
स्थानीय जल स्रोतों पर भी अतिक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इनमें सगड़ेतर, मडेतर, बुडलाई, मयारिया, पाचकेरा, ढाकणी नाड़ी और खडियाला तालाब शामिल हैं। अतिक्रमण के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मवेशियों के लिए चारागाह भी कम होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित खसरा नंबरों की पैमाइश की मांग की है। उन्होंने पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की भी मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति को नुकसान होगा और सामाजिक टकराव की स्थिति बन सकती है।
ज्ञापन देने वालों में गोरधन राम खिलेरी, वरधाराम मेघवाल, गणेशाराम देवासी, विरमा राम कलबी, भगवानाराम जाणी, नेनाराम विश्नोई समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jalore/sanchore/news/encroachment-on-government-land-in-hariyali-village-of-sanchore-135927949.html
Thursday, 11 September 2025
कपासन के रूपाखेड़ी में अतिक्रमण से ग्रामीण परेशान:तहसीलदार से मिले, बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे भूख हड़ताल
कपासन क्षेत्र में रूपाखेड़ी के ग्रामीण चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर तहसीलदार के पास पहुंचे। ग्रामीणों ने तहसीलदार मोहम्मद नासिर बेग मिर्जा को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि रूपाखेड़ी पटवार हल्का के बेरूनी क्षेत्र में स्थित चारागाह भूमि खाता संख्या 305 में 63.56 हेक्टेयर जमीन है। यह भूमि सरकार द्वारा आवारा पशुओं और बेसहारा गायों के चरने के लिए आवंटित की गई है। कुछ लोगों ने इस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इससे पशुओं के चरने की जगह नहीं बची है।
ऐसे में आवारा पशु किसानों की निजी भूमि में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन आपके द्वार कैंप में इस मुद्दे को उठाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बता दें, 17 अगस्त को ग्रामीणों ने पंचायत भवन पर धरना दिया था। तब तहसीलदार ने 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे धरना देंगे और भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/kapasan/news/villagers-are-troubled-by-encroachment-in-rupakhedi-of-kapasan-135893732.html?media=1
Saturday, 23 August 2025
जनसुनवाई में आम रास्तों, चरागाह भूमि, जमीन व नालों पर अतिक्रमण सहित कई शिकायतें आई
- जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं संपर्क समाधान शिविर, कलेक्टर ने जन समस्याएं सुनकर मौके पर ही समाधान किया
भास्कर संवाददाता|दौसा
कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने गुरुवार को यहां डीओआईटी केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में आमजन के अभाव-अभियोग सुने और परिवादियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर राहत दी। उन्होंने अधिकारियों को शेष रहे परिवादों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से लोग अपनी समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे।
कलेक्टर ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को व्यक्तिगत सुना, समझा और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समाधान कराया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, आम रास्तों, चरागाह भूमि, खातेदारी एवं आबादी जमीन तथा नाले पर अतिक्रमण से जुड़ी समस्याओं की सबसे अधिक परिवेदनाएं आईं। इस पर कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े एसडीएम को प्रकरणों की वास्तविक जानकारी लेकर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पानी निकासी, मृत्यु प्रमाण पत्रा जारी कराने, बिजली कनेक्शन दिलाने, राशन कार्ड चालू कराने, स्कूल एवं छात्रावास के लिए भूमि आवंटित कराने, शौचालय बनवाने, नामान्तकरण खुलाने, खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा दिलाने जैसे परिवाद प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इन प्रकरणों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली और त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि जो गांव नगरीय निकाय क्षेत्र में शामिल हो गए हैं, वहां आमजन को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनवाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यह कार्य नगरीय निकाय को करने हैं। पंचायत राज उन गांवों का रिकॉर्ड शीघ्र नगरीय निकायों को उपलब्ध कराएं, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़े। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि परिवादी को वास्तव में राहत मिले। इस अवसर पर एडीएम दौसा रामस्वरूप चौहान, एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा, एएसपी गुरुशरण राव, एसडीएम दौसा मूलचंद लूणिया, एसडीएम सैंथल अमृता खंडेलवाल, जिला परिषद के एसीईओ राजेश कुमार मीणा सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे एवं उपखंड स्तर से ब्लॉक अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/many-complaints-came-in-the-public-hearing-including-encroachment-on-public-roads-grazing-land-land-and-drains-135730069.html
Friday, 22 August 2025
मानखंड में 500 बीघा चारागाह पर अतिक्रमण:पशुओं को चराने की जगह नहीं, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
केकड़ी के मानखंड गांव के ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी सुभाष चंद्र हेमानी और प्रधान होनहार सिंह को ज्ञापन सौंपा।
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मानखंड गांव में चारागाह भूमि पर गांव के अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर रखा है। करीब 500 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लोगों ने बाड़े व खेत बना लिए हैं। जिसके चलते मानखंड गांव के पशुपालकों को अपने जानवरों को चराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया कि चारागाह के अभाव में गांव के जानवर भूखे मर रहे हैं। अतिक्रमियों को अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार कहा लेकिन अतिक्रमी लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होने से गांव का चारागाह ही समाप्त होने के कगार पर है। चारागाह भूमि पर दिनों दिन अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। किसानों का एकमात्र आजीविका का साधन पशुपालन है। चारागाह के अभाव में पशुओं पर संकट आ गया है।
ग्रामीणों ने अतिक्रमियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है।ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासक और सचिव को ग्रामीणों ने कई बार अतिक्रमण की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनराज, रामदेव बैरवा, नाथूलाल, लालाराम, कालू, कैलाश, पप्पू राम, मोहनलाल, भैरुलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/kekri/news/encroachment-on-500-bigha-pasture-in-mankhand-135735698.html
Monday, 18 August 2025
तामखेड़ा में चारागाह भूमि मुक्ति के लिए धरना:43 दिन से तहसील कार्यालय पर जारी है आंदोलन, गौवंश को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग
अंता तहसील कार्यालय पर ग्राम विकास सेवा समिति तामखेड़ा के नेतृत्व में चारागाह भूमि को दबंगों से मुक्त कराने का धरना 43वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल लोगों ने सर्वसम्मति से गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। धरने में शामिल लोगों ने गौमाता के समर्थन में नारे लगाए। कई गांवों के लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया और स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।
धरने में समिति अध्यक्ष भेरूलाल सुमन, कालूलाल सुमन, छीतर लाल, बसंती लाल मीना, हरिओम, कपिल शर्मा, सुदामा बाबा, राजेंद्र नागर, हेमराज गौड़, बाबूलाल, दिलकुश सुमन, अमृत लाल राठी, चंद्र प्रकाश सुमन सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सौरखंड कला से दुर्गाशंकर नागर, बालाखेड़ा से रामचंद्र दुगारी, कोटा से अशोक शर्मा, राधेश्याम मीना, रामेश्वर चतुर्वेदी, रामचंद्र शाक्यवाल, भेरू लाल मेहरा और अंता से रेवड़ी लाल मेघवाल तथा दरोगा तामखेड़ा भी धरने में शामिल हुए।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/anta/news/dharna-for-liberation-of-pasture-land-in-tamkheda-135705112.html
Thursday, 7 August 2025
ग्रामीणों की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत:ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र, मुक्त करवाने की मांग की
कुम्भलगढ़ तहसील के कोलपीपली, कैलवाड़ा और गंगलाया गांव के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इसमें ग्राम केलवाड़ा की चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला उठाया गया है।
शिकायत में बताया-यह 12.6090 हेक्टेयर की चरागाह भूमि कोलपीपली के पास स्थित है। इस भूमि का उपयोग कोलपीपली, केलवाड़ा और गंगलाया गांव के पशुओं के चरने के लिए किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और होटल मालिकों ने इस चरागाह भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।
ग्रामवासियों का कहना है कि इन लोगों ने चरागाह भूमि में अनधिकृत रूप से रास्ता निकाल दिया है, जबकि पहले वहां कोई रास्ता नहीं था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अब ये लोग पक्का रास्ता भी बनाना शुरू कर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर इस अतिक्रमण को जल्द नहीं रोका गया तो पूरी चरागाह भूमि पर कब्जा हो जाएगा। इससे उनके पशुओं के चरने की जगह नहीं बचेगी। ग्रामीणों उपखंड अधिकारी से कहा कि चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाया जाए और अवैध रूप से बनाए गए रास्ते को बंद करवाया जाए।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/rajsamand/kumbhalgarh/news/complaint-of-encroachment-on-pasture-land-of-villagers-135624429.html
Wednesday, 30 July 2025
राजस्थान के गांवों में बनेगी समितियां, चारागाह जमीन से हटेगा दबंगों का अतिक्रमण; पंचायत राज ने दिए निर्देश
राजस्थान के गांवों में चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण करने वाले की अब खैर नहीं है।
Friday, 25 July 2025
चरागाह भूमि पर अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त, समितियों को किया जाएगा सक्रिय
ग्राम पंचायतों को निर्देश: अतिक्रमण हटाएं, चरागाह विकास को दें गति अब हर पंचायत में बनेगी चरागाह समिति, सर्वे कर अतिक्रमण हटाया जाएगा
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चरागाह भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और संबंधित समितियों को सक्रिय करें। भीलवाड़ा जिले में कई ग्राम पंचायते ऐसी है जहां चरागाह पर अतिक्रमण होने के साथ उस क्षेत्र में खनन तक हो रहा है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे हुए है। पंचायत राज विभाग के उपायुक्त एवं उपशासन सचिव प्रथम इंद्रजीत सिंह ने आदेश में बताया गया है कि कई ग्राम पंचायतें अभी भी चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
समितियों का गठन अनिवार्य
राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अनुसार, हर ग्राम पंचायत में चरागाह विकास के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन अनिवार्य है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित वार्ड पंच करेगा, जबकि चार सदस्य ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे। यह समिति चरागाह भूमि के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण रोकने के लिए उत्तरदायी होगी।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट
विभाग ने नियम 165 का हवाला देते हुए पंचायतों को जनवरी और जुलाई में चरागाह, आबादी भूमि व तालाबों पर अतिक्रमण सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए नोटिस, निषेधाज्ञा, बेदखली और पुलिस सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला स्तर पर बनेगी निगरानी समिति
चरागाह विकास योजनाओं की समीक्षा और समन्वयन के लिए जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समिति का गठन किया गया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस समिति के नोडल अधिकारी होंगे।
10 सर्वाधिक अतिक्रमित पंचायतों की सूची मांगी
विभाग ने सभी जिलों से सबसे अधिक चरागाह अतिक्रमण वाली 10 ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है। इसमें खसरा संख्या, अतिक्रमित क्षेत्रफल और अन्य विवरण शामिल हों।
शपथ पत्र लेना अनिवार्य
यदि किसी ग्राम पंचायत की ओर से अभी तक समिति गठित नहीं की गई है तो तत्काल गठन कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी से शपथ पत्र लेकर यह भी दर्ज किया जाए कि अतिक्रमण सर्वे किया गया है तथा कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है।
विभाग करेगा निगरानी
पूर्व में 3 जनवरी 2025 को भी इस आशय का निर्देश जारी किया जा चुका है। लेकिन इसकी पालना नहीं हो पाई थी। अब यह आदेश जारी कर सुनिश्चित करने के साथ विभाग को नियमित रूप से कार्यवाही से अवगत कराने के लिए कहा गया है।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/encroachment-on-pasture-land-will-not-be-tolerated-committees-will-be-activated-19806124
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