Wednesday, 25 June 2025

बाली के बेड़ा में सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण:10 हजार पशुओं के चारागाह पर संकट, पशुपालकों ने सौंपा ज्ञापन


बाली के ग्राम पंचायत बेड़ा में सिवाय चक भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। जिसे लेकर पशुपालकों ने नायब तहसीलदार फतेह सिंह को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

पशुपालकों का कहना है कि ग्राम पंचायत बेड़ा के अधीन सिवाय चक भूमि खसरा नंबर 38 में फिर से अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने बताया कि बेड़ा में करीब दस हजार पशु हैं। इनमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट शामिल हैं। यहां के निवासियों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। ग्रामीणों ने बताया कि पशुओं के चरने के लिए ये भूमि बेहद जरूरी है। अतिक्रमण की वजह से पशुओं को चरने की जगह नहीं मिल पा रही है।

पहले भी इस जमीन पर अतिक्रमण हुआ था। तब प्रशासन ने नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कार्रवाई कर इसे हटवाया था। अब फिर से अतिक्रमण होने से पशुपालक परेशान हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की है कि बेड़ा में सभी सिवाय चक भूमि से पट्टा नंबर 91 को निरस्त किया जाए।

पशुपालकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/pali/bali/news/encroachment-on-chak-land-except-in-balis-beda-135308925.html

Tuesday, 24 June 2025

धामंचा में चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप:बेगूं में एसडीएम से मिले ग्रामीण, आंदोलन की दी चेतावनी

 

बेगूं क्षेत्र के धामंचा पंचायत में चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कुछ स्थानीय लोगों ने पंचायत भवन के पास कुलाटिया रोड और पानी की टंकी के निकट सरकारी चारागाह भूमि पर कब्जा कर लिया है।

अतिक्रमणकारियों ने इस भूमि पर बाड़े बनाकर निर्माण कार्य कर दिया है। कुछ स्थानों पर अवैध मिट्टी खनन भी किया जा रहा है। इस कारण गांव के मवेशियों के लिए चरने की जगह नहीं बची है।

मंगलवार को भेरुलाल, प्रभूलाल, देवी लाल, शिवलाल, कैलाश समेत कई ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने और अवैध खनन रोकने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 दिन का समय दिया है। समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/begun/news/allegation-of-illegal-occupation-of-pasture-land-in-dhamancha-135303025.html

Monday, 23 June 2025

चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे से परेशान ग्रामीण:एसडीएम से की हटाने की मांग, पशुओं के चरने के लिए नहीं बची जगह

 

पुंवारखेड़ी गांव के ग्रामीणों ने चारागाह और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

झालावाड़ के गंगधार क्षेत्र में स्थित पुंवारखेड़ी गांव के ग्रामीणों ने चारागाह और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने चारागाह और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। इन जमीनों पर फसल की बुवाई कर दी गई है। इससे गांव के मवेशियों के लिए चरने की कोई जगह नहीं बची है। मवेशी अब सड़कों पर आ जाते हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार अतिक्रमणकारियों से कब्जा छोड़ने को कहा, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। उल्टे ग्रामीणों से झगड़ा करने लगते हैं। बरखेड़ा से तलाई की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग भी अतिक्रमण के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/news/villagers-troubled-by-illegal-occupation-of-pasture-land-135296451.html

Sunday, 22 June 2025

Rajasthan: 800 बीघा चरागाह भूमि पर गरजी JCB, कच्चे-पक्के अतिक्रमण ध्वस्त, खड़ी फसलें भी रौंदी

दस्ते ने चरागाह और बांध क्षेत्र के भराव क्षेत्र में बोई गई फसलों को उखाड़ दिया तथा जेसीबी की सहायता से कई कच्चे और पक्के मकान तोड़ कर मलबे में तब्दील कर दिया।

चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाती जेसीबी। फोटो- पत्रिका
राजस्थान में आंतेला में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत विराटनगर एसडीएम अमिता मान के निर्देशन में तहसीलदार लालाराम यादव, नायब तहसीलदार मेनका चौधरी के सुपरविजन में दस्ते ने कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत आंतेला क्षेत्र में करीब 800 बीघा चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया।

इस दौरान नीलका बांध की पाल भराव क्षेत्र सहित आसपास की भूमि पर प्रशासन के दस्ते ने चार जेसीबी चलाकर कार्रवाई शुरू कर आंतेला इलाके में करीब 800 बीघा चरागाह भूमि से कच्चे-पक्के अवैध निर्माण ध्वस्त किए और तारबंदी व पिलर हटाकर खड़ी फसलों को रौंद कर अतिक्रमण मुक्त कराया।

वर्षों से अतिक्रमण
यहां चरागाह भूमि पर रसूखदारों और स्थानीय लोगों ने वर्षों से अतिक्रमण कर रखा था। स्थानीय विधायक कुलदीप धनखड़ की पहल पर प्रशासन दस्ते कार्रवाई को अंजाम दिया। दस्ते ने चरागाह और बांध क्षेत्र के भराव क्षेत्र में बोई गई फसलों को उखाड़ दिया तथा जेसीबी की सहायता से कई कच्चे और पक्के मकान तोड़ कर मलबे में तब्दील कर दिया। रसूखदार यहां चरागाह भूमि पर बोरिंग बनाकर कई साल से अतिक्रमण कर फसल बुवाई कर रहे थे।

वहीं स्थानीय सरपंच जयराम नागर पंचायत क्षेत्र की चरागाह और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रयासरत थे। सरपंच नागर ने विराटनगर पंचायत समिति से लेकर, एसडीएम, जिला कलक्टर और विधायक तक अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई। काफी मशक्त के बाद सरपंच की मेहनत रंग लाई और प्रशासन दस्ते ने करीब 800 बीघा चरागाह और नीलका बांध की पाल से अतिक्रमण हटवाकर ग्राम पंचायत और सिंचाई विभाग को सौंप दिया।
कार्रवाई में ये रहे मौजूद
प्रशासन दस्ते की गठित टीम में गिरदावर राजकपूर, पटवारी नीलम यादव, भाबरू पटवारी नरेश यादव, ढाणी गैसकान पटवारी देशराज, पटवारी आशीष ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लगातार तीन दिन से चरागाह भूमि की नाप जोख में जुटे रहे।

वहीं इस दौरान भाबरू थाना इंचार्ज अंकित सामरिया, हैड कास्टेबल संदीप यादव, हैड कांस्टेबल रामरतन, कांस्टेबल सतपाल सिंह सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा। प्रशासन दस्ते ने गत तीन दिन के दौरान अतिक्रमण को लेकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

इन्होंने किया सहयोग
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पंचायत कनिष्ठ सहायक विष्णु शर्मा, पूर्व सरपंच मालीराम कुमावत, राष्ट्रीय आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद मीणा, भाजपा के जिला संयोजक महेश सैनी, धनश्याम यादव, देवदत्त यादव, हंसराज सैनी, भानुप्रताप सिंह, शिवराम यादव, नरेश मीणा, रिशाल नागर सहित कई लोगों ने सहयोग दिया।

पक्का अतिक्रमण 3 माह में हटाने का अल्टीमेटम
अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन दस्ते ने कारोली की ढाणी के वाशिंदों को चरागाह से स्वयं के स्तर पर पक्के अवैध निर्माण को आगामी तीन माह में हटाने का समय दिया है। सरपंच जयराम नागर ने बताया कि कारौली के ढाणी के कई परिवार चरागाह भूमि पर कच्चे व पक्के मकान बनाकर रह रहे हैं।

जब कार्रवाई को मौका पहुंचे प्रशासन दस्ते से कारौली के स्थानीय लोगों ने चरागाह भूमि से अमिक्रमण हटाने को लेकर तीन माह की मोहलत देने की गुहार लगाई। जिस पर तहसीलदार और सरपंच सहित प्रशासन दस्ते ने तीन माह में चरागाह भूमि से स्वयं के स्तर पक्का अतिक्रमण हटाने की समय दिया है। दूसरी ओर मुजराला में भी एक परिवार को चरागाह भूमि से अतिक्रण हटाने को लेकर 4 माह का समय दिया है।

अतिक्रमी कूट रहे थे चांदी
इधर, रसूखदार चरागाह भूमि से मोटी चांदी कूट रहे हैं। चरागाह भूमि पर जिन रसूखदारों ने कब्जा कर रखा था। वे दूसरे किसानों को एक बीघा 10 हजार रुपए प्रति साल के हिसाब से किराए के तौर पर कमाई करते थे। जबकि कई जमीनों को बंटाई पर दे रखा था।

आधा दर्जन नलकूप और बिजली कनेक्शन भी
बांध के भराव क्षेत्र की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में करीब आधा दर्जन बोरिंग पर बिजली कनेक्शन लगे हुए सामने आए हैं। दस्ते ने चरागाह भूमि के बोरिंग को ग्राम पंचायत और बांध के भराव क्षेत्र के बोरिंगों को सिंचाई विभाग के सुपुर्द कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और विद्युत निगम अधिकारियों और कार्मिकों के घालमेल के खेल में बिना खातेदारी और आवासीय भूमि के चरागाह भूमि में ही विद्युत कनेक्शन कर रखा है।

भैरूजी मंदिर की भूमि से हटाया अतिक्रमण
प्रशासन ने मंदिर कमेटी और पंचायत प्रशासन की मांग पर नीमडी वाले भैरूजी मंदिर के पास करीब 5 बीघा से अधिक चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। सरपंच नागर ने बताया कि गत दिनों मंदिर कमेटी सदस्यों ने पंचायत प्रशासन को मंदिर की भूमि से अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया था। जिस पर प्रशासन दस्ते ने कार्रवाई शुरू कर सडक़ मार्ग के पास तारबंदी और पिलर आदि को हटाकर मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

इनका कहना है
चरागाह और बांध के भराव क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है। कुछ परिवारों को स्वयं के स्तर पर पक्के अवैध निर्माण को हटाने को लेकर तीन व चार माह का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद प्रशासन एक तरफा कार्रवाई कर चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
लालाराम यादव, तहसीलदार, विराटनगर

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/jaipur-news/raw-and-permanent-encroachments-were-demolished-from-800-bigha-pasture-land-in-kotaputli-19689137

Thursday, 19 June 2025

डिग्गी में 2 हजार बीघा चरागाह जमीन पर अवैध खनन:अतिक्रमण भी किया, मवेशी चराने में हो रही परेशानी, प्रशासन मौन

डिग्गी कस्बे में चरागाह जमीन पर अवैध खनन से जगह जगह खाइयो पड गई।
डिग्गी उप तहसील मुख्यालय में दो हजार बीघा से ज्यादा चरागाह भूमि पर भू माफियाओं की नजर बनी हुई है। कुरथल रोड के पास समेत कस्बे के आस पास करीब आधी जमीन पर लोगों ने अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण कर लिया है, वहीं खाली जमीन पर जेसीबी मशीनें चल रही हैं। बिना किसी रोक-टोक के ये लोग इस जमीन से धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन कर रोजाना के हजारों रुपये कमा रहे हैं। इसके चलते मवेशियों के लिए चारे का संकट आ गया है साथ ही सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस चरागाह भूमि पर जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं। प्रशासन इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है।

सबसे ज्यादा अवैध खनन डिग्गी के कुरथल रोड के पास चरागाह जमीन पर है। वहां रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, डंपरों में जेसीबी से मिट्टी भरकर लोगों को बैच रहे हैं। स्थानीय निवासी नोरत गुर्जर ने बताया कि यहां दिन-दहाड़े डंपर और ट्रैक्टर मिट्टी भरकर ले जाते हैं। माफिया खाली गोचर भूमि से जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी निकालते हैं और बाज़ार में बेचते हैं। एक डंपर मिट्टी की कीमत 2000 से 2500 रुपए तक है, जबकि एक ट्रैक्टर मिट्टी 600 से 800 रुपए में बेची जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध खनन वर्षों से जारी है और इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व और स्थानीय प्रशासन इस पर आंख मूंदे बैठे हैं या भू माफियाओं से मिलीभगत में हैं। हर दिन कई ट्रैक्टर-डंपर मिट्टी भरकर निकल जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में तहसीलदार बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

इन स्थानों पर चरागाह जमीन

डिग्गी क्षेत्र में कुल 2100 बीघा भूमि गोचर (चरागाह) के लिए आरक्षित है, जिसमें 1357.18 बीघा डिग्गी में, 333 बीघा प्रतापपुरा और 398.4 बीघा भवानीपुरा में स्थित है। ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी स्थानों पर अधिकांश जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। इनका कहना है कि प्रशासन को बार-बार सूचित करने और आंदोलन करने के बाद भी कोई अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। कन्हैयालाल गुर्जर ने बताया कि कार्रवाई को लेकर कई बार ज्ञापन देने, प्रदर्शन करने और यहां तक कि हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। डिग्गी निवासी रामनारायण मीणा बताते हैं कि वर्ष 2022 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद सिर्फ 13-14 सौ बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन वह भी दोबारा कब्जे में आ गई। ग्रामीणों ने संभागीय आयुक्त से लेकर तहसील कार्यालय तक शिकायतें कीं। 15 सितंबर 2022 को ग्रामीणों ने पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया, तो कभी तहसील कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे, लेकिन हालात जस के तस हैं।

मेरे पास शिकायत आएगी तो दिखवाया जाएगा

डिग्गी के नायब तहसीलदार हंसराज चौधरी ने बताया कि मेरे पास चारागाह जमीन पर अतिक्रमण करने या मिट्टी खोदने की कोई शिकायत नहीं आई है। इस तरह की कोई शिकायत आती हैं तो मामले को दिखवाया जाएगा।

इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/tonk/news/illegal-mining-on-two-thousand-pasture-lands-in-diggi-135268573.html

Wednesday, 18 June 2025

सरिस्का के जंगल से बिलायती बबूल हटा रहे:पहले चरण में 500 हैक्टेयर वन भूमि पर घास, दूब और पानी का क्षेत्र बढ़ाने पर जोर


सरिस्का में खरपतवार हटाने से पहले जंगल और बाद में साफ दिख रहा।

सरिस्का के जंगल से बिलायती बबूल के अलावा हानिकारक खरपतवार को हटाने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 500 हैक्टेयर वन भूमि से जूलीफ्लोरा हटाया जाएगा। इस क्षेत्र में चारागाह विकास होगा। यहां बिलायती बबूल और खरपतवार उखाड़ कर स्वदेशी घास, जैसे धामण, करड़, दूब व फूलेरा आदि प्रजातियों का रोपण किया जाएगा। ताकि जल संरक्षण, मृदा स्थिरीकरण हो सकें।

इसका मुख्य उद्देश्य चीतल, सांभर, नीलगाय व एवं अन्य वन्यजीवों के लिए उपयुक्त चारा उपलब्ध कराना एवं जैव विविधता की रक्षा करना है। इस पहल के अन्तर्गत घास युक्त क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है। पारिस्थितिक असंतुलन उत्पन्न करने वाली प्रजातियां जैसे कि लेन्टाना, पार्थेनियम (गाजर घास), कासिया टोरा एवं जूलीफ्लोरा को चिह्नित कर वैज्ञानिक विधियों से हटाया जा रहा है।
इस तरह सरिस्का के जंगल में बिलायती बबूल और खरपतवार अधिक है। इसे अभियान के तौर पर हटाने का काम जारी है। पहले फेज में 500 हैक्टेयर जमीन पर खरपतवार उन्मूलन किया जा रहा है।
इन कामों से सरिस्का की पारिस्थितिकी को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा एवं वन्यजीवों की आहार श्रृंखला सुदृढ़ होगी।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/news/foreign-acacia-is-being-removed-from-sariska-forest-135261036.html

Tuesday, 17 June 2025

नारेडा खुर्द में श्रमदान कार्यक्रम:खेमदास आश्रम के पास चारागाह भूमि पर किया वृक्षारोपण, जल संरक्षण की ली शपथ

नारेडा खुर्द में मुख्यमंत्री जन स्वावलंबन अभियान के तहत वृक्षारोपण और श्रमदान कार्यक्रम ग्राम पंचायत अकलीमपुर के खेमदास आश्रम के पीछे चारागाह भूमि पर मंगलवार को हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।

नीमराना विकास अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

           चारागाह भूमि पर वृक्षारोपण और श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

कार्यक्रम में विकास अधिकारी नरेन्द्र शर्मा, सहायक विकास अधिकारी ओमप्रकाश निर्मल और सहायक अभियंता मुकेश गुप्ता, सरपंच संघ अध्यक्ष अजीत सिंह यादव, अकलीमपुर के सरपंच संजीव कुमार यादव, कनिष्ठ तकनीकी सहायक मुकेश चौधरी और कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/neemrana/news/labor-donation-program-in-nareda-khurd-135254152.html

Monday, 16 June 2025

चरागाह भूमि में होगा पौधरोपण, बबूल हटाने का कार्य जारी: ग्राम पंचायत द्वारा इस वर्ष बरसाती मौसम में चरागाह भूमि पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।

 खटकड़. ग्राम पंचायत द्वारा इस वर्ष बरसाती मौसम में चरागाह भूमि पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत चरागाह भूमि से अंग्रेजी बबूल हटाने का कार्य जोरों पर जारी है। कार्य स्थल पर जेसीबी, ट्रैक्टर, ट्रेलर आदि साधनों के साथ दर्जनों मजदूर जुटे हुए हैं।

ग्राम पंचायत ने चरागाह भूमि की सुरक्षा के लिए चारों ओर तारबंदी (तार फेंसिंग) हेतु 1 करोड़ का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। जानकारी के अनुसार गांव में कुल 600 बीघा से अधिक चरागाह भूमि है, जो मेज नदी के दोनों ओर फैली हुई है। प्रारंभिक चरण में गौशाला की ओर स्थित भूमि को साफ कर पौधरोपण की तैयारी की जा रही है। जेसीबी से बबूल के पेड़ों को जड़ से उखाड़कर ट्रेलरों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। अब तक करीब 200 बीघा भूमि से बबूल हटाया जा चुका है। नदी के एक ओर की भूमि की पूरी सफाई होने के बाद पौधरोपण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

चारागाह भूमि में पौधरोपण किया जाएगा, जिसके लिए बबूल हटाकर सफाई करवाई जा रही है। राज्य सरकार द्वारा तारबंदी के प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसके अंतर्गत 1 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

भवानीशंकर मीना, प्रशासक

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bundi-news/plantation-will-be-done-in-pasture-land-work-of-removing-acacia-continues-19675152

Sunday, 15 June 2025

चारागाह भूमि पर अवैध खनन के विरोध में प्रदर्शन, कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा

 

उदयपुर। लोसिंग में चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खनन के विरोध में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत लोसिंग प्रशासक हेमंत श्रीमाली के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कलेक्टर से जल्द से जल्द से खनन रुकवाकर राजकीय भूमि को नुकसान पहुंचाने वाले माइंस मालिक पर कार्रवाई करने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान शिव सिंह, भेरूसिंह, प्रेमसिंह, शंकरसिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

एनीकट निर्माण का विरोध: जिले के पाणुंद के भगड़ गांव में आम रास्ते में बन रहे एनीकट निर्माण का कार्य नहीं रुक रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर, जल विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने विधायक उदयलाल डांगी से भी वार्ता की है।

सभी से काम रोकने की मांग की है। ग्रामीण लक्ष्मीलाल डूंगावत ने बताया कि जिस जगह यह एनिकट बन रहा है वहां आम रास्ता है जो आगे गांवों में जाने के लिए रास्ता बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कार्य नहीं रोका गया तो आगे उग्र प्रदर्शन करेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/udaipur/news/demonstration-against-illegal-mining-on-pasture-land-memorandum-also-submitted-to-the-collector-135230777.html



Saturday, 14 June 2025

सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया:खानपुर मीना में चारागाह और करेरुआ में आम रास्ते की भूमि से हटाया अतिक्रमण

बाड़ी उपखंड प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांवों में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया। ग्रामवासियों की बार-बार शिकायतों के बाद प्रशासन ने चारागाह व आम रास्ते की भूमि को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।

खानपुर मीणा गांव में खसरा नंबर 102, 114 और 115 की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिल रही थी। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने सदर थाना पुलिस के सहयोग से अवैध निर्माण हटाए। इस टीम में भू अभिलेख निरीक्षक हरवेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह और पटवारी नवीन कुमार, गिर्राज सिंह, महावीर सिंह शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी और अवैध निर्माण हटाने का कार्य शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

आम रास्ते की भूमि पर दूसरी कार्रवाई

दूसरी कार्रवाई करेरूआ गांव में की गई, जहां खसरा नंबर 622 की आम रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। भू अभिलेख निरीक्षक पिंकी मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पटवारी मनीषा चंदेलवाल, मनीष मित्तल और देवेंद्र मीणा ने मौके पर मौजूद रहकर कब्जा हटवाया। इस दौरान लोगों को सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई।

जनसुनवाई व चौपाल से निकला समाधान का रास्ता

बाड़ी तहसीलदार उत्तमचंद बंसल ने बताया कि ग्रामीणों ने मासिक जनसुनवाई, रात्रि चौपाल और संपर्क पोर्टल के माध्यम से अतिक्रमण की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर अभियान चलाया गया है। गर्मी के इस मौसम में भी प्रशासनिक टीम लगातार अभियान जारी रखे हुए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/government-land-freed-from-encroachment-135233403.html

Friday, 13 June 2025

मिट्टी व अभ्रक का अवैध खनन, तहसीलदार ने पकड़े मिट्टी से भरी दो ट्रॉली - मांडल तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन

भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में स्थित प्रदेश के ए श्रेणी के सबसे बड़े तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन हो रहा है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान तालाब से अभ्रक निकालने के उपकरण जब्त किए हैं। वही अवैध मिट्टी से भरी दो ट्रेक्टरट्रॉली को भी जब्त कर उन्हें मांडल थाना पुलिस के सुपुर्द किया। इस कार्रवाई से पहले ही सूचना मिलने पर तालाब में मिट्टी खोदने में लगी जेसीबी को हटा दिया गया। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका में गुरुवार के अंक में मांडल तालाब में धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का अवैध दोहन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार सुमन गुर्जर को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

तहसीलदार सुमन गुर्जर के नेतृत्व में गठित दल ने गुरुवार सुबह भीलवाड़ा मार्ग पर मांडल तालाब से अवैध मिट्टी ले जाते दो ट्रेक्टरट्रॉली को जब्त कर पुलिस को सौपा। अलसुबह कीरखेड़ा मार्ग पर ट्रेक्टर तेज गति से दौड़ रहे थे। प्रशासन की कार्रवाई को देख सब गायब हो गए। नायब तहसीलदार लक्ष्मीलाल शर्मा, गिरदावर दुर्गेश तेली व पटवारी प्रमोद कुमार ने तालाब के पेटा क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी दोहन का मौका निरीक्षण किया। मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला, लेकिन मिट्टी खनन के ताजा निशान मिले हैं।

अभ्रक का भी अवैध खनन

दल को पेटाकास्त क्षेत्र में कई गड्ढे में अभ्रक का खनन भी मिला। प्रशासन के वाहन को देखकर वहां काम कर रहे श्रमिक अपने औजार छोड़ कर भाग निकले। दल ने मौके से गेती, तगारी, पावडा, सरिए, हथोड़े जब्त किए हैं। प्रशासन की टीम के निकलने के कुछ समय बाद ही वहां फिर से खनन शुरू हो गया था।

कलक्टर व एसपी से की थी शिकायत

जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू व पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने गत 28 फरवरी को मांडल थाने में शांति समिति की बैठक ली थी। इसमें लोगों ने मांडल तालाब व चारागाह जमीन से अवैध मिट्टी खनन की शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन करने वालों के हौंसले बुलंद हो रहे थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/illegal-mining-of-soil-and-mica-tehsildar-caught-two-trolleys-full-of-soil-19666408

Thursday, 12 June 2025

एक सप्ताह पूर्व दिए थे नोटिस, समझाइश से हटाया अतिक्रमण, प्रशासन की रही अहम भूमिका

  • आमलिया की 37 बीघा चारागाह भूमि को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया

भास्कर न्यूज | मिश्रौली

ग्राम पंचायत के नवीन ग्राम आमलिया में बुधवार को कार्रवाई कर 37 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। वर्षों से इस भूमि पर 14 अतिकर्मियों ने अवैध कब्जे कर रखे थे। इनको हटाने की ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे थे। आखिरकार प्रशासनिक पहल और ग्राम पंचायत की सक्रियता से यह कार्रवाई हुई।

करीब एक सप्ताह पूर्व प्रशासन ने सभी अतिकर्मियों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर बुधवार को तहसीलदार अब्दुल हफीज व सरपंच जगमाल सिंह चौहान के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी गई। ग्रामीणों को सार्वजनिक हित समझाते हुए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित किया गया, जिस पर सभी अतिकर्मी राजी हो गए और अपना कब्जा स्वयं हटा लिया।कार्रवाई के दौरान सावल मशीन की सहायता से भूमि से बचा अतिक्रमण हटाया गया। संपूर्ण चारागाह भूमि की सीमांकन कर खाई खुदवाकर सुरक्षित किया गया। इस मौके पर तहसीलदार, कानूनगो ललित शर्मा, थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह शेखावत, पटवारी मनीषा नागर, सचिव राकेश कुमार पाटीदार और पुलिस जाब्ते के साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिक्रमण हटने के बाद आमलिया खेड़ा के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल देखा गया। सभी ने प्रशासन और पंचायत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भूमि ग्राम मवेशियों के चारे व सामूहिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। वर्षों से लंबित मांग आज पूरी होने से ग्रामीणों में संतोष है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/bhawani-mandi/news/notices-were-given-a-week-ago-encroachment-was-removed-by-persuasion-administration-played-an-important-role-135216138.html

Saturday, 7 June 2025

चारागाहों पर भू-माफियाओं के कब्जे और नकली घी, खाद, बीज की सीबीआई जांच कराएं : चौधरी

  • अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने जांच के आदेश नहीं देने पर किसान आंदोलन की चेतावनी दी

भास्कर न्यूज |अजमेर

अजमेर डेयरी अध्यक्ष व कांग्रेस नेता रामचंद्र चौधरी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार और जिले के सांसद से जिले में नकली घी, घटिया खाद, जहरीले बीज और चारागाहों पर कब्जे की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच के आदेश नही दिए गए तो प्रदेश में किसान आंदोलन होगा। चौधरी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विकास की जगह भ्रष्टाचार और लापरवाही की गति को तेज किया है। एक इंजन दिल्ली में ठहर गया है और दूसरा जयपुर में उलझ गया है, जनता बीच में पिस रही है।

बाजार में बिक रहा अधिकांश घी न शुद्ध है न सुरक्षित। वनस्पति तेल, सिंथेटिक एसेंस और हानिकारक कैमिकल मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा है जो न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उन पशुपालकों की मेहनत का भी अपमान है जो दिन-रात मेहनत कर दूध उपलब्ध कराते हैं। चौधरी ने कहा कि किसानों को घटिया और नकली खाद व बीज देकर उनकी उम्मीदों और भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई कंपनियां जैविक खाद के लाइसेंस लेकर नकली उर्वरकों और बीजों का व्यापार कर रही हैं। गेहूं, बाजरा,ज्वार, मक्का, चावल और कपास जैसे बीज तैयार करते समय उनमें चमक लाने के लिए केमिकल मिलाया जाता है लेकिन नतीजा सिर्फ नुकसान होता है। खराब बीजों के कारण फसलों की उत्पादकता घट रही है और मिट्टी की उर्वरता भी समाप्त हो रही है। चौधरी ने कहा कि कई इलाकों की ज़मीन अब बंजर हो चली है जिले के कई चारागाहों की जमीनों को भू-माफिया तारबंदी और निर्माण कर पशुपालकों को उनके पारंपरिक चारे के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और कृषि क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित हो गया है।

उन्होंने अजमेर के सांसद महोदय से आग्रह किया कि वे क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और आमजन की जमीनी सच्चाइयों पर ध्यान दें। उन्हें खुद आगे आकर इन सभी मुद्दों की CBI जांच की सिफारिश करनी चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। यदि समय रहते सरकार ने CBI जांच के आदेश नहीं दिए तो प्रदेश में किसान आंदोलन किया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/news/get-cbi-investigation-done-on-land-mafias-occupation-of-pastures-and-fake-ghee-fertilizers-seeds-chaudhary-135182892.html

Friday, 6 June 2025

वंदे गंगा – जल संरक्षण जन अभियान

111 तुलसी के पौधों का वितरण कर, प्रत्येक व्यक्ति से कि पांच पौधे लगाने की अपील धरती पर जीवन का अस्तित्व जल और हरियाली पर टिका- रामहेत सिंह यादव “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत वृक्षारोपण स्थलों का पत्रकारों ने किया निरीक्षण बंबोरा बावड़ी और नंगली ओझा के चारागाह विकास कार्यों को मिली सराहना

खैरथल-तिजारा, 6 जून। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बंबोरा बावड़ी पर वंदे गंगा – जल संरक्षण जन अभियान द्वितीय दिन भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से आमजन को जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्ति एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए प्रेरित किया गया|

कार्यक्रम की शुरुआत सरोवर जल पूजन से हुई। इसके पश्चात उपस्थित अतिथिगणों ने सरोवर की पाल पर हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण किया। तत्पश्चात विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने जल, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि धरती पर जीवन का अस्तित्व जल और हरियाली पर टिका है। जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि यह जीवन का आधार है – एक ऐसा तत्व जिसे हमें श्रद्धा और जिम्मेदारी के साथ सहेजना चाहिए। आज, जब हम जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, तो समय आ गया है कि हम सिर्फ चिंता नहीं, बल्कि ठोस कार्य करें, सरकार द्वारा इस दिशा में पर्यावरण को सहेजने हेतु इस अभियान कि शुरुआत की गई। हमें अपने आसपास के जल स्रोतों को बचाने के लिए संगठित होकर प्रयास करने होंगे – तालाब, कुएँ, नदियाँ और वर्षा जल – हर बूंद की रक्षा करनी होगी। भूजल स्तर को फिर से जीवन देना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह कार्य सरकार का ही नहीं, हम सबका साझा दायित्व है। उन्होंने सभी से अपील कर कहा कि एक संकल्प लें – कम से कम 5 पौधे अवश्य लगाएं। यह छोटा-सा प्रयास, जब हर व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, तो वह एक बड़ा परिवर्तन लाएगा। उन्होंने विशेष रूप से हमारी माताओं, बहनों और बेटियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस हरित अभियान में अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाएं, क्योंकि प्रकृति से उनका जुड़ाव सबसे गहरा होता है। उन्होंने बताया कि 78 करोड़ की परियोजना के माध्यम से किशनगढ़ बास के 32 गांव को रुंध गिदावड़ा से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।

जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति सदैव जल संरक्षण की रही है। आज की पीढ़ी को पारंपरिक जल स्रोतों की रक्षा कर भविष्य के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने आज हम पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जल पृथ्वी पर सीमित मात्रा में है जिसका हमें सदुपयोग कर भूजल स्तर को बढ़ाने हेतु जल संरक्षण के विभिन्न उपाय करने चाहिए।

इस अवसर पर 111 तुलसी पौधे वितरित किए गए और जल संकल्प शपथ दिलवाई गई। कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा एवं जागरूकता रैली को उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

जिले के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत किए गए वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंबोरा बावड़ी और नंगली ओझा की चारागाह भूमि पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रभावशाली प्रयासों को देखा और सराहा।

*बंबोरा बावड़ी: परंपरा और संरक्षण का सुंदर संगम*
बंबोरा गांव स्थित ऐतिहासिक बावड़ी, जिसका निर्माण मदनलाल गुप्ता के पूर्वज सुंढाराम द्वारा करवाया गया था, आज भी जल संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी हुई है। यह बावड़ी न केवल ग्रामीणों के लिए टहलने और शांति से समय बिताने का स्थान है, बल्कि जल-संरक्षण की परंपरा को जीवित रखने का प्रतीक भी है। यहां की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने पत्रकारों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

*नंगली ओझा: चारागाह भूमि पर हरियाली से हरित अर्थव्यवस्था की ओर*
नंगली ओझा गांव में चारागाह विकास कार्य के अंतर्गत लगभग 22 बीघा भूमि पर 2500 पौधे लगाए गए। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह क्षेत्र अब पर्यावरणीय संवर्धन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रहा है।

ड्रिप सिंचाई प्रणाली और सोलर ऊर्जा से संचालित चार बोरिंग की मदद से पौधों को नियमित जल आपूर्ति की जा रही है, जिससे अधिकांश पौधे पूरी तरह जीवित हैं और अच्छे से विकसित हो रहे हैं।

पिछले वर्ष इस विकास कार्य से ₹80,000 की आय हुई, जिसे ग्रामीणों ने सरकार के खाते में जमा कराया। भविष्य की योजना के तहत, इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग ₹10 लाख की आय होने की संभावना है, जो ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

यह परियोजनाएं सिर्फ हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक भागीदारी की मिसाल बन रही हैं। “हरियालो राजस्थान” जैसे अभियानों के माध्यम से न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान खोजा जा रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त किया जा रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख- https://bastitimes24.in/2025/06/06/vande-ganga-water-conservation-public-campaign/


चारागाह भूमि विकास समिति मिंडोलिया द्वारा पर्यावरण दिवस मनाया

मूल ऑनलाइन लेख - https://bhilwarahalchal.com/shahpur/environment-day-celebrated-by-pasture-land-development-committee-mindoliya-625248

Thursday, 5 June 2025

‘चारागाह भूमि पर अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा, विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैला रहा’, विधायक अर्जुनलाल जीनगर का बयान

विधायक अर्जुनलाल जीनगर (फोटो-@MLAARJUNLALJING)
Kapasan MLA Arjunlal Jinagar: भीलवाड़ा जिले में आकोला बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। उन्होंने भूमि पर अतिक्रमण कतई बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक जीनगर ने कहा, वर्तमान में जो बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को ई-नीलामी के जरिए बेचने की बातें कही जा रही हैं, वह सच्चाई से परे हैं। विधायक जीनगर ने बताया कि आकोला नगर पालिका नवगठित है और यहां अभी कोई बोर्ड नहीं है, केवल प्रशासक नियुक्त है।

'जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती'
उन्होंने कहा कि बिना बोर्ड के गठन के जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया। विधायक जीनगर ने कहा कि चारागाह की भूमि या अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा और अतिक्रमियों को बेदखल करने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/encroachment-on-pasture-land-will-not-be-spared-opposition-spreading-misconceptions-mla-arjunlal-jinagar-19647411