Saturday, 30 August 2025

दिलावर बोले- राजस्थान में जल संकट की समस्या गंभीर:जल संरक्षण-वृक्षारोपण की अपील की, एक दिवसीय दौर पर भीलवाड़ा पहुंचे थे


आयोजन में शिक्षकों से चर्चा करते शिक्षा मंत्री मदन दिलावर।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आज भीलवाड़ा में पर्यावरण संरक्षण, जल बचत व गोचर भूमि संरक्षण संदेश दिया। मंत्री दिलावर आज एक दिवसीय दौरे के तहत भीलवाड़ा पहुंचे। यहां वे सुरभि विकास चारागाह रक्षण अभियान के सुविचार अभियान संगोष्ठी में शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल छाया ही नहीं देते, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए ऑक्सीजन, जल रिचार्ज और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। एक पेड़ सालभर में लगभग 30 लाख रुपए की ऑक्सीजन देता है, 3500 लीटर पानी का भूजल रिचार्ज करता है और ध्वनि प्रदूषण को भी कम करता है।

उन्होंने चिंता जताई कि भारत की 16 प्रतिशत जनसंख्या के लिए विश्व का मात्र 4 प्रतिशत शुद्ध पानी उपलब्ध है। विशेषकर राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में जल संकट की समस्या और गंभीर है। यदि अभी से पानी बचाने, वृक्षारोपण करने और चारागाह भूमि को संरक्षित करने पर बल नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में मानव जीवन संकट में पड़ सकता है।

आयोजन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे ।

उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से अपील की कि वे जल संरक्षण, वृक्षारोपण और चारागाह भूमि के बचाव में सक्रिय भूमिका निभाएं। यही प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवनदायी सिद्ध होंगे।इस अवसर पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू,महापौर राकेश पाठक,भाजपा जिला अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि ओर आस-पास के गांवों के कई किसान और नागरिक भी मौजूद रहे।

सुविचार अभियान संगोष्ठी के बाद शिक्षा मंत्री दिलावर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा नगर निगम सभागार में आयोजित शिक्षा अधिकारियों के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने शिक्षकों को देश को श्रेष्ठ नागरिक देने का स्तंभ बताया | उन्होंने कहा की आने वाली पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों के हाथ में है तथा वे अपनी जिम्मेदारी को अत्यंत सजगता से निभाए। साथ ही कहा कि शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं शिक्षक अपने कर्तव्यों का अनुशासन से पालन करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आयोजन के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित अतिथि मौजूद रहे।

उन्होंने जिले में कार्यरत प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के साथ विभिन्न नवाचारों के बिंदुओं पर उनके विचार आमंत्रित करते हुए बातचीत की। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अरुणा गारू ने शिक्षा के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों के बारे में सदन को अवगत कराया साथ ही शिक्षा विभाग की अधिकारी डॉ कल्पना अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से शिक्षा विभाग के नवाचारों के जिले में क्रियान्वयन से आए गुणवत्तापूर्ण परिणामों पर चर्चा की |

इस दौरान इस दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल,भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी,शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा माण्डलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, शिक्षा विभाग के समस्त जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/water-conservation-appeal-to-save-plantation-and-pasture-land-135798914.html


चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर तहसील कार्यालय पर दिया धरना

 

अंता| चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्राम विकास सेवा समिति तामखेड़ा द्वारा तहसील कार्यालय अंता पर चलाए जा रहे धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा।

धरने पर समिति अध्यक्ष भैरूलाल सुमन, कालूलाल सुमन, छीतरलाल, पुखराज राठी, राजेंद्र नागर, बाबूलाल, हरिओम, कपिल शर्मा, सुदामा बाबा, महेंद्र सुमन, राजेश मेघवाल कवासपुरा अंता सहित अन्य कई लोगों ने धरने पर आकर समर्थन दिया। लंबे समय से चल रहे धरने को लेकर अंता तहसील क्षेत्र में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। तहसील अंता में आने वाले किसान भी धरने पर आकर समर्थन करते हुए उनके गांव से भी चरागाह भूमि को मुक्त कराने की बात कह रहे हैं। समिति अध्यक्ष भैरूलाल सुमन ने बताया कि यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया तो जन आंदोलन बनेगा। अंता तहसील क्षेत्र की पूरी चरागाह भूमि को दंबगों से मुक्त कराया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/anta/news/dharna-was-held-at-the-tehsil-office-to-remove-encroachment-from-pasture-land-135792257.html

दिलावर का चारागाह भूमि को लेकर बयान, जल्द हटाएं अतिक्रमण, नहीं तो सरकार करेगी कार्रवाई

पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी, न मानने पर सख्त कार्रवाई और किराया वसूली की बात कही.

भीलवाड़ा के एक कार्यक्रम में मौजूद मंत्री दिलावर व अन्य अतिथि. (ETV Bharat Bhilwara)

भीलवाड़ा: प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर शनिवार को जिले के प्रवास पर रहे. उन्होंने हमीरगढ़ ग्रोथ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की. उन्होंने गोचर भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि चारागाह व गोचर भूमि से अतिक्रमण जल्द हटाएं, नहीं तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.

मंत्री मदन दिलावर ने हमीरगढ़ कस्बे के निकट आरसीएम वर्ल्ड ग्रोथ सेंटर में 'रसायन मुक्त खेती- समृद्ध गांव- विकास का आधार' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में भाग लिया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वयं ही गोचर व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटा लें, नहीं तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान अतिक्रमणकारियों से किराया भी वसूल किया जाएगा. सरकार ने इस किराया वसूली के लिए धरातल पर एक कार्ययोजना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. मंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में 2 अक्टूबर को पूरे प्रदेश की सभी पंचायतों में एक साथ ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा. इन ग्रामसभाओं में चारागाह व गोचर भूमि को अतिक्रमण-मुक्त कराने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएंगे.

रसायन मुक्त खेती पर जोरः दिलावर ने कार्यक्रम के दौरान देश व प्रदेश में अधिक से अधिक रसायन मुक्त खेती करने पर जोर दिया. इस कार्यशाला में प्रदेशभर से लगभग 600 किसान, स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे.

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.etvbharat.com/hi/!state/panchayati-raj-minister-madan-dilawar-warned-to-remove-encroachment-on-pasture-land-rajasthan-news-rjs25083004092





Friday, 29 August 2025

मनरेगा के तहत चारागाह का विकास करने के साथ उसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधे एवं घास लगाएं: वर्मा

भास्कर न्यूज| जैसलमेर

जैसलमेर पंचायत समिति सभागार में आईटीसी मिशन सुनहरा कल, जिला परिषद और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें जिला परिषद सहायक अभियंता मनरेगा चम्पालाल वर्मा ने कहा कि मनरेगा में चारागाह विकसित करें। इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान बताई गई जानकारी की धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि हम सबकी जैसलमेर के विकास में अहम भूमिका है। मनरेगा के तहत चारागाह का विकास करने के साथ उसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधे एवं घास लगाए। मनरेगा में स्वीकृत सभी चारागाह को समय पर तैयार करें। साथ ही कहा कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक नर्सरी का भी विकास करना है। इस दौरान एफईएस संतोष कुमारी ने कहा कि राजस्व ग्राम में चारागाह विकास समिति का गठन राजस्थान पंचायती राज एक्ट 1996 के धारा 170 (1) के तहत किया जाना है। उन्होंने बताया कि बंजर भूमि एवं चारागाह विकास समिति का गठन जिला, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत में किया गया है। उन्होंने कमेटी के कार्यों को विस्तार से बताया।

इस अवसर पर मनरेगा के सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता, जेटीए, नोडल सहायक विकास अधिकारी, संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं राजीविका के सभी ब्लॉक प्रभारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिला परियोजना समन्वयक राजीविका अशोक गोयल ने जैसलमेर जिले के परिस्थितियों अनुसार चारागाह विकास होना चाहिए। यहां पशु बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण इस पर ध्यान देना जरुरी है। पर्यावरणविद् पार्थ जगाणी ने चारागाह एवं खड़ीन के सह संबंध व स्थानीय घास पर चर्चा की। उन्होंने चारागाह एवं खड़ीन की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर की। इसमें भी मनरेगा से कैसे विकसित करें, उस पर मंथन किया गया।

लोकल बीज के महत्व पर डाला प्रकाश एफईएस जिला प्रशिक्षण समन्वयक मघाराम कड़ेला ने सामूहिक क्षमता वर्धन कार्यक्रम के विषय में पूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने पिछले वर्षों में हुई प्रगति को भी सबके साथ साझा किया। जोधपुर से फूली देवी, बीज संग्रहण एवं पौधशाला विकास विषय पर सघन प्रशिक्षण प्रदान किया। अशोक कुमार ने प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए बीज को इकट्ठा करने की आवश्यकता, लोकल बीज के महत्व पर प्रकाश डाला। फूली देवी ने नर्सरी विकास की तकनीकी जानकारी को विस्तार से बताया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaisalmer/news/develop-pastures-under-mnrega-and-plant-local-species-of-plants-and-grass-in-them-verma-135784509.html

Thursday, 28 August 2025

सवाल: चारागाह की जमीन पर आखिर किस फसल की कटाई दिखाई

 भास्कर न्यूज | खैरागढ़

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपए का क्लेम उठाने का मामला सामने आया है। गंडई तहसील के ग्राम धोधा व कालेगोंदी के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशालियों ने मिलकर किसानों की जमीन को कूट रचना से अपने नाम बताकर बीमा कराया और फर्जी क्लेम की राशि सीधे अपने बैंक खातों में अंतरित कराई। मामले को लेकर ग्राम धोधा के सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार को खैरागढ़ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और एक ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का कहना है कि दस्तावेज लेखक अनिष सिंह गौतम, उनकी पत्नी भूमिका ठाकुर सहित खुमान लोधी, देवेंद्र लोधी और कुमार साहू ने मिलकर किसानों की जमीन, यहां तक कि ग्राम के चारागाह (मवेशी चरनोत्तर भूमि) को भी अपनी बताकर बीमा कराया। इस दौरान बीमा कंपनी और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी क्लेम की राशि लाखों में उनके खातों में पहुंच गई। ग्रामीणों ने बताया कि अनिष गौतम के नाम पर 90,685 रुपए, उनकी पत्नी भूमिका ठाकुर के खाते में 37 हजार से अधिक, सहयोगी खुमान लोधी, देवेंद्र लोधी और कुमार साहू के खातों में भी लाखों रुपए बीमा क्लेम के रूप में अंतरित हुए।

चारागाह भूमि को भी बीमा आवेदन में शामिल कर 90 हजार का क्लेम उठाया ग्रामीणों ने ज्ञापन में विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि भूमि स्वामी संतोष सिंह राजपूत और उनके पुत्र दीपक राजपूत की जमीन, राधाबाई बेवा तुकाराम सिंह की जमीन, परमानंद पिता लक्ष्मण, मांगीलाल पिता बंशीराम और लालेन्द्र सिंह राजपूत सहित कई किसानों की जमीनों का फर्जी तरीके से बीमा कराकर क्लेम लिया गया। इतना ही नहीं, ग्राम की सामुदायिक चारागाह भूमि को भी बीमा आवेदन में शामिल कर लगभग 90 हजार रुपए से अधिक की राशि का क्लेम उठाया गया।

सौंपा ज्ञापन, दोषियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई ग्रामीणों ने ज्ञापन में साफ लिखा है कि यह सुनियोजित धोखाधड़ी, कूटरचना और शासन की योजना को लूटने का मामला है। ऐसे में दोषियों के खिलाफ कठोर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन देने के दौरान लक्ष्मण राय, दिलीप, प्रकाश, मनहरण, सुशील वर्मा, चंद्रिका, सरुप, शिवलाल, दयाराम वर्मा, रामरतन साहू, संतोषी और लालाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रति स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी उपलब्ध कराई।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/rajnandgaon/khairagarh/news/question-which-crop-was-harvested-on-the-pasture-land-135776449.html


Monday, 25 August 2025

चारागाह भूमि में अवैध कोयला भट्ठियों से ग्रामीण परेशान:मिट्टी-पानी की चोरी और धमकियां देने का भी आरोप

 

ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अवैध कोयला भट्ठियों के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।

आसींद में ब्रह्मपुरी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अवैध कोयला भट्ठियों के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मोड़ का निम्बाहेड़ा निवासी जाकिर हुसैन ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है।

आरोपी ने चारागाह में करीब 20-25 कोयला भट्ठियां लगा रखी हैं। वह चारागाह से मिट्टी का अवैध दोहन कर रहा है। धर्मी नाडी से मोटर लगाकर पानी की चोरी भी कर रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी उनके साथ गाली-गलौज करता है। वह मवेशियों को चारागाह में चरने से रोकता है। शिकायत करने पर हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देता है। तांत्रिक विद्या से बर्बाद करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देता है।

ग्रामीणों ने एसडीएम से अवैध भट्ठियों और अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। मिट्टी और पानी की चोरी के लिए आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई है। गांव में तनाव का माहौल है और शांतिभंग होने की आशंका है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/villagers-are-troubled-by-illegal-coal-furnaces-in-pasture-land-135758453.html

Saturday, 23 August 2025

जनसुनवाई में आम रास्तों, चरागाह भूमि, जमीन व नालों पर अतिक्रमण सहित कई शिकायतें आई

 

  • जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं संपर्क समाधान शिविर, कलेक्टर ने जन समस्याएं सुनकर मौके पर ही समाधान किया

भास्कर संवाददाता|दौसा

कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने गुरुवार को यहां डीओआईटी केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में आमजन के अभाव-अभियोग सुने और परिवादियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर राहत दी। उन्होंने अधिकारियों को शेष रहे परिवादों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से लोग अपनी समस्याओं का समाधान कराने पहुंचे।

कलेक्टर ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को व्यक्तिगत सुना, समझा और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समाधान कराया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, आम रास्तों, चरागाह भूमि, खातेदारी एवं आबादी जमीन तथा नाले पर अतिक्रमण से जुड़ी समस्याओं की सबसे अधिक परिवेदनाएं आईं। इस पर कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े एसडीएम को प्रकरणों की वास्तविक जानकारी लेकर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पानी निकासी, मृत्यु प्रमाण पत्रा जारी कराने, बिजली कनेक्शन दिलाने, राशन कार्ड चालू कराने, स्कूल एवं छात्रावास के लिए भूमि आवंटित कराने, शौचालय बनवाने, नामान्तकरण खुलाने, खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा दिलाने जैसे परिवाद प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इन प्रकरणों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली और त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि जो गांव नगरीय निकाय क्षेत्र में शामिल हो गए हैं, वहां आमजन को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनवाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यह कार्य नगरीय निकाय को करने हैं। पंचायत राज उन गांवों का रिकॉर्ड शीघ्र नगरीय निकायों को उपलब्ध कराएं, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़े। उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि परिवादी को वास्तव में राहत मिले। इस अवसर पर एडीएम दौसा रामस्वरूप चौहान, एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा, एएसपी गुरुशरण राव, एसडीएम दौसा मूलचंद लूणिया, एसडीएम सैंथल अमृता खंडेलवाल, जिला परिषद के एसीईओ राजेश कुमार मीणा सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे एवं उपखंड स्तर से ब्लॉक अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/many-complaints-came-in-the-public-hearing-including-encroachment-on-public-roads-grazing-land-land-and-drains-135730069.html

Friday, 22 August 2025

मानखंड में 500 बीघा चारागाह पर अतिक्रमण:पशुओं को चराने की जगह नहीं, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 

केकड़ी के मानखंड गांव के ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी सुभाष चंद्र हेमानी और प्रधान होनहार सिंह को ज्ञापन सौंपा।

उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मानखंड गांव में चारागाह भूमि पर गांव के अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर रखा है। करीब 500 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लोगों ने बाड़े व खेत बना लिए हैं। जिसके चलते मानखंड गांव के पशुपालकों को अपने जानवरों को चराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में बताया कि चारागाह के अभाव में गांव के जानवर भूखे मर रहे हैं। अतिक्रमियों को अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार कहा लेकिन अतिक्रमी लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होने से गांव का चारागाह ही समाप्त होने के कगार पर है। चारागाह भूमि पर दिनों दिन अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। किसानों का एकमात्र आजीविका का साधन पशुपालन है। चारागाह के अभाव में पशुओं पर संकट आ गया है।

ग्रामीणों ने अतिक्रमियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है।ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासक और सचिव को ग्रामीणों ने कई बार अतिक्रमण की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनराज, रामदेव बैरवा, नाथूलाल, लालाराम, कालू, कैलाश, पप्पू राम, मोहनलाल, भैरुलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/kekri/news/encroachment-on-500-bigha-pasture-in-mankhand-135735698.html


Thursday, 21 August 2025

देवखेड़ा में चारागाह विकास का संकल्प:ग्रामीणों ने निकाली रैली, वृक्षारोपण कर गौ और जल संरक्षण का लिया संकल्प

 

शाहपुरा के डाबला कचरा ग्राम पंचायत के देवखेड़ा में चारागाह दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शाहपुरा के डाबला कचरा ग्राम पंचायत के देवखेड़ा में चारागाह दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपना संस्थान, एफईएस, सरोज देवी फाउंडेशन भीलवाड़ा और गोयल अनुसंधान केंद्र कोटा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया।

देवखेड़ा के महिला और पुरुषों ने ढोल के साथ गीत गाते हुए गांव में रैली निकाली। चारागाह पहुंचकर उन्होंने परिक्रमा की। सरपंच प्रतिनिधि आसाराम धाकड़ ने बताया कि चारागाह में भूमि, वृक्ष और जल पूजन किया गया। सुविचार अभियान की टोली और ग्राम के प्रमुख व्यक्तियों ने बरगद का पेड़ लगाया।

सुविचार जिला संयोजक गुदड़मल गुर्जर ने परंपरागत स्रोतों की ओर लौटने का आह्वान किया। जिला सहसंयोजक परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने भीलवाड़ा में होने वाले सम्मेलन की जानकारी दी। एफईएस के सुरेश पाराशर ने कहा कि सरकार चारागाह विकास के लिए विशेष ध्यान दे रही है।

कार्यक्रम में पर्यावरण प्रेमी दिलीप वैष्णव, रामदेव गुर्जर, भेरूलाल बेरवा, चारागाह समिति की अध्यक्ष नंदू देवी भील सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सरपंच प्रतिनिधि आसाराम धाकड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/shahpura/news/resolution-for-pasture-development-in-devkheda-135726587.html

Monday, 18 August 2025

तामखेड़ा में चारागाह भूमि मुक्ति के लिए धरना:43 दिन से तहसील कार्यालय पर जारी है आंदोलन, गौवंश को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

 

अंता तहसील कार्यालय पर ग्राम विकास सेवा समिति तामखेड़ा के नेतृत्व में चारागाह भूमि को दबंगों से मुक्त कराने का धरना 43वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल लोगों ने सर्वसम्मति से गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। धरने में शामिल लोगों ने गौमाता के समर्थन में नारे लगाए। कई गांवों के लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया और स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।

धरने में समिति अध्यक्ष भेरूलाल सुमन, कालूलाल सुमन, छीतर लाल, बसंती लाल मीना, हरिओम, कपिल शर्मा, सुदामा बाबा, राजेंद्र नागर, हेमराज गौड़, बाबूलाल, दिलकुश सुमन, अमृत लाल राठी, चंद्र प्रकाश सुमन सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सौरखंड कला से दुर्गाशंकर नागर, बालाखेड़ा से रामचंद्र दुगारी, कोटा से अशोक शर्मा, राधेश्याम मीना, रामेश्वर चतुर्वेदी, रामचंद्र शाक्यवाल, भेरू लाल मेहरा और अंता से रेवड़ी लाल मेघवाल तथा दरोगा तामखेड़ा भी धरने में शामिल हुए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/anta/news/dharna-for-liberation-of-pasture-land-in-tamkheda-135705112.html

Monday, 11 August 2025

किसान-पशुधन की समृद्धि से होगा देश विकसित: कुमावत:डोहरिया में चरागाह दर्शन कार्यक्रम आयोजित, भूमि, गौ और वृक्ष पूजन किया

 

शाहपुरा में सुविचार अभियान के तहत डोहरिया गांव में चारागाह दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में सुविचार अभियान के तहत डोहरिया गांव में चारागाह दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भूमि पूजन, गौ पूजन और वृक्ष पूजन किया गया।

सुविचार अभियान के जिला सहसंयोजक परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने बताया कि गांव का किसान वर्ग पशुधन पर निर्भर है। चारागाह के संरक्षण से ही पशुधन का विकास होगा। पशुधन के विकास से किसान समृद्ध होंगे।

कुमावत ने कहा कि वर्तमान में चारागाह विकास, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और रसायन मुक्त खेती आवश्यक है। भीलवाड़ा जिले को चारागाह के क्षेत्र में मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरोज देवी फाउंडेशन, गोयल अनुसंधान केंद्र और एफईएस मिलकर काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम में प्रशासक सत्यप्रकाश बैरवा, सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी रामनिवास जाट, सुनिल कुमार लोढ़ा, शिक्षक रामधन बैरवा, शारीरिक शिक्षक बन्नालाल बैरवा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें सोजीराम जाट, रामेश्वर गुर्जर, गोपाल जाट, ओमप्रकाश सेन, मोडूलाल माली और सुवा भील प्रमुख थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/shahpura/news/the-country-will-develop-due-to-the-prosperity-of-farmers-and-livestock-kumawat-135653856.html

Friday, 8 August 2025

ओड़ियाखेड़ी व लौटी गांव में 400 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग उठाई

 

  • अतिक्रमण से परेशान ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा

पिड़ावा| ओड़ियाखेड़ी और लौटी गांव में 400 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से परेशान ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि उनके गांवों में तकरीबन 400 बीघा चारागाह भूमि है। जिस पर ग्रामीणों और अन्य पशु विचरण करते हैं। चरागाह भूमि पर गांव के ही दबंग किस्म के लोगों ने अतिक्रमण कर फसलों की बुवाई कर तार फेंसिंग कर दी। जिससे ग्रामीणों को गोवंश सहित अन्य पशुओं के चराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पशु चराने जाते हैं तो अतिक्रमी लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। जिससे गांव ने विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में प्रेमसिंह, मांगूसिंह, सौदान सिंह, चंदर सिंह, गोविंद, नंदनी, मांगीलाल, राकेश, दुर्गलाल, धीरप सिंह, पीरूलाल, बने सिंह, सौदान सिंह, मानसिंह, गोपाल सिंह सहित ग्रामीण मोजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/pirawa/news/demand-raised-to-free-400-bigha-pasture-land-from-encroachment-in-odiakhedi-and-lauti-villages-135626831.html

Thursday, 7 August 2025

ग्रामीणों की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत:ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र, मुक्त करवाने की मांग की

कुम्भलगढ़ तहसील के कोलपीपली, कैलवाड़ा और गंगलाया गांव के निवासियों ने उपखंड अधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इसमें ग्राम केलवाड़ा की चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला उठाया गया है।

शिकायत में बताया-यह 12.6090 हेक्टेयर की चरागाह भूमि कोलपीपली के पास स्थित है। इस भूमि का उपयोग कोलपीपली, केलवाड़ा और गंगलाया गांव के पशुओं के चरने के लिए किया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और होटल मालिकों ने इस चरागाह भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।

ग्रामवासियों का कहना है कि इन लोगों ने चरागाह भूमि में अनधिकृत रूप से रास्ता निकाल दिया है, जबकि पहले वहां कोई रास्ता नहीं था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अब ये लोग पक्का रास्ता भी बनाना शुरू कर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर इस अतिक्रमण को जल्द नहीं रोका गया तो पूरी चरागाह भूमि पर कब्जा हो जाएगा। इससे उनके पशुओं के चरने की जगह नहीं बचेगी। ग्रामीणों उपखंड अधिकारी से कहा कि चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाया जाए और अवैध रूप से बनाए गए रास्ते को बंद करवाया जाए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/rajsamand/kumbhalgarh/news/complaint-of-encroachment-on-pasture-land-of-villagers-135624429.html

Sunday, 3 August 2025

चारागाह भूमि पर पौधरोपण कर पर्यावरण शुद्धि का दिया संदेश

 भास्कर न्यूज | रावतभाटा

हरियालो राजस्थान अभियान में ग्राम पंचायत गोपालपुरा के गोआश्रय स्थल के नजदीक चारागाह भूमि पर पौधरोपण किया गया। पंचायत के निरीक्षण के दौरान क्लस्टर प्रभारी सहायक विकास अधिकारी लोकेश कुमार जैन ने भी मनरेगा श्रमिकों, पंचायत प्रशासक, ग्राम विकास अधिकारी के साथ पौधरोपण किया। उन्होंने ग्रामीणों को पर्यावरण शुद्धि के लिए पेड़ों के अहम योगदान के बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति कम से कम 50 पौधे इस वर्षाकाल में अपने खेत घर बाड़े में लगाए। जिससे पर्यावरण ओर जलवायु स्वच्छ रहे।

सहायक विकास अधिकारी ने गोपालपुरा के दूरस्थ गांव नगपुरा, मलीपुरा, उमरचा में पहुंचकर स्वच्छता के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। मलीपुरा में चारभुजा मंदिर चौक पर गंदगी और कीचड़ को शीघ्र ही हटाकर समाधान करने के निर्देश प्रशासक ओर ग्राम विकास अधिकारी को दिए। खुले कुएं ओर पानी की टंकियों को नियमित क्लोरिनेशन करने, पेयजल स्तोत्र के निकट गंदगी को हटाने की आवश्यकता बताई। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रभुलाल मेघवाल, समाजसेवी बंटी मेवाड़ा, ग्राम विकास अधिकारी रोहित मीणा, देवी पुरी, श्यामपुरी, फोरूलाल राठौर साथ रहे

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/rawatbhata/news/message-of-environmental-cleanliness-given-by-planting-trees-on-pasture-land-135588315.html


Saturday, 2 August 2025

खैराना में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

 
पिड़ावा। खैराना में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से आक्रोशित ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर उपखंड कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने काफी समय तक प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया कि उनके गांव की सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमियों ने अतिक्रमण कर लिया है। जिससे पशुओं के चराने की जगह भी नहीं बची है। ऐसे में गांव के गोवंश भूखी-प्यासी घूम रही है। चारे के अभाव में गोवंश भूख के चलते काल के ग्रास में समा रहा है। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि को अतिक्रमियों से मुक्त करवाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में रामनारायण दांगी, गोपाल दांगी, प्रहलाद विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/pirawa/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-in-khairana-135573935.html

Friday, 1 August 2025

200 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए धरना-प्रदर्शन जारी

अंता। तामखेड़ा गांव की करीब 200 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर तहसील के सामने दिया जा रहा धरना गुरुवार को 25वें दिन भी जारी रहा। ग्राम विकास सेवा समिति तामखेड़ा के बैनर तले दिए जा रहे धरने में समिति के सदस्यों ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। समिति अध्यक्ष भैरुलाल सुमन ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने धोखा दिया है। अब गांव बचाने का मौका है। भैरुलाल ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय भी प्रशासन पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने तामखेड़ा पहुंचा था, लेकिन बिना कार्रवाई लौट गया। अब सरकार बदल गई है, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग ने 22 जुलाई को आदेश जारी किया था। इसमें सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि गांवों की चारागाह भूमि चिन्हित कर अतिक्रमण हटाया जाए। गांवों में ग्राम सभा के माध्यम से चार लोगों की कमेटी बनाकर अभियान चलाया जाए। धरने पर भैरुलाल, कालूलाल, बाबूलाल सुमन, राजेंद्र नागर, कपिल शर्मा, हेमराज गौड़ और आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ओम गोचर आदि मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/anta/news/protests-continue-to-free-200-bigha-pasture-land-from-encroachment-135573382.html