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Wednesday, 18 June 2025

सरिस्का के जंगल से बिलायती बबूल हटा रहे:पहले चरण में 500 हैक्टेयर वन भूमि पर घास, दूब और पानी का क्षेत्र बढ़ाने पर जोर


सरिस्का में खरपतवार हटाने से पहले जंगल और बाद में साफ दिख रहा।

सरिस्का के जंगल से बिलायती बबूल के अलावा हानिकारक खरपतवार को हटाने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 500 हैक्टेयर वन भूमि से जूलीफ्लोरा हटाया जाएगा। इस क्षेत्र में चारागाह विकास होगा। यहां बिलायती बबूल और खरपतवार उखाड़ कर स्वदेशी घास, जैसे धामण, करड़, दूब व फूलेरा आदि प्रजातियों का रोपण किया जाएगा। ताकि जल संरक्षण, मृदा स्थिरीकरण हो सकें।

इसका मुख्य उद्देश्य चीतल, सांभर, नीलगाय व एवं अन्य वन्यजीवों के लिए उपयुक्त चारा उपलब्ध कराना एवं जैव विविधता की रक्षा करना है। इस पहल के अन्तर्गत घास युक्त क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है। पारिस्थितिक असंतुलन उत्पन्न करने वाली प्रजातियां जैसे कि लेन्टाना, पार्थेनियम (गाजर घास), कासिया टोरा एवं जूलीफ्लोरा को चिह्नित कर वैज्ञानिक विधियों से हटाया जा रहा है।
इस तरह सरिस्का के जंगल में बिलायती बबूल और खरपतवार अधिक है। इसे अभियान के तौर पर हटाने का काम जारी है। पहले फेज में 500 हैक्टेयर जमीन पर खरपतवार उन्मूलन किया जा रहा है।
इन कामों से सरिस्का की पारिस्थितिकी को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा एवं वन्यजीवों की आहार श्रृंखला सुदृढ़ होगी।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/news/foreign-acacia-is-being-removed-from-sariska-forest-135261036.html

Tuesday, 27 May 2025

वन भूमि में लीज से बाहर अवैध खनन:22 खान संचालकों ने कलेक्टर, CCF, ME से की शिकायत

इस तरह पाताल तोड़ अवैध खनन।

अलवर के थानागाजी से आगे प्रतापगढ़ के झिरी में वन भूमि के अंदर और निर्धारित लीज से बाहर अवैध खनन रुक नहीं रहा। खनन संचालकों ने माइनिंग इंजीनियरिंग, सीसीएफ, एडीएम, एसडीएम को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि 22 खनन संचालक नई गाइडलाइन का शिकार हैं।

वहीं एक पर प्रशासन की मेहरबानी है। बिना 25 मीटर सरेंडर कराए खनन की अनुमति देने पर जिम्मेदार अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ गए हैं। वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस निरस्त करने की मांग की है।

झिरी मार्बल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मुकेश चौधरी ने बताया- कलसीकाला ग्वाडा में एम.एल. नम्बर 258/89 पर संचालित ओम शुभम हाउसिंग एंड कन्स्ट्रक्शन प्रा. लि. की ओर से चल रहे खनन कार्य पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग को भेजे पत्र में बताया कि कंपनी की ओर से NBWL से 12 अप्रेल 2022 को मिली वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।
झिरी के लीज संचालक सीसीएफ को ज्ञापन देते हुए।
पौधे भी नहीं लगाए और रात को ब्लास्टिंग भी
आरोप है कि खनन क्षेत्र में नियमानुसार पौधराेपण भी नहीं किया और रात को ब्लास्टिंग होती है, जिससे वन्यजीव भी सुरक्षित नहीं हैं। भारी ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। बिना सुरक्षा उपायों के 30 मीटर गहराई तक ब्लास्टिंग कर मार्बल निकाला गया है। जो पूरी तरह अवैध है।

नाले को रोक लिया, चारागाह भूमि पर कब्जा
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत खान संचालक ने पास के नाले को रोक लिया। जिस पर खान का मलबा पड़ा है। बारिश के मौसम में पानी की आवाजाही भी रोक दी है। जो कि कोर्ट की गाइडलाइन का साफ उल्लंघन है। यही नहीं दक्षिणी सीमा में अवैध फैक्ट्री लगा ली। जिसकी प्रशासन से अनुमति तक नहीं ली। मतलब जमीन का भू उपयोग परिवर्तन तक नहीं है।

खनन श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष ने कहा, “खनन पूरी तरह नियम विरुद्ध है। इससे पर्यावरण और श्रमिकों की सुरक्षा को खतरा है। प्रशासन यदि जल्द कार्रवाई नहीं करता तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे।”
माइनिंग इंजीनियर मनोज शर्मा को ज्ञापन देते हुए लीज संचालक।
शिकायतकर्ता ने वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस रद्द कर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की है, अन्यथा न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है। इस दौरान राजेंन्द्र सिंह नरूका, पृथ्वी सिंह राठौड़, राहुल मीणा, राकेश मीणा, जेपी शर्मा, राधेश्याम दीक्षित, डॉ कामिल, हनुमान नायक व विजेंद्र गुप्ता सहित कई लीज संचालक मौजूद थे।


Monday, 5 May 2025

बगड़ राजपूत में मिनी फूड पार्क की तैयारी:24.50 हेक्टेयर सरकारी चारागाह भूमि पर होगा निर्माण, अवैध कब्जा हटाया

 

रामगढ़ उपखंड क्षेत्र के बगड़ राजपूत में मिनी फूड पार्क का निर्माण किया जाएगा। अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जमीन का सीमांकन कर लिया है।

राजस्व विभाग की टीम में नायब तहसीलदार बाम्बोली, कानूनगो और हल्का पटवारी हनीफ खान शामिल थे। टीम ने बगड़ राजपूत स्थित सरकारी चारागाह भूमि का सीमांकन किया। इस भूमि पर गांव के लोगों का अवैध कब्जा था। प्रशासन ने पहले कब्जा मुक्त कराया और फिर सीमांकन की कार्रवाई की।

तहसीलदार अंकित गुप्ता ने बताया कि करीब 100 बीघा यानी 24.50 हेक्टेयर भूमि पर फूड पार्क का निर्माण होगा। सीमांकन के दौरान कुछ बाधा आई, लेकिन टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रक्रिया पूरी की।

यह फूड पार्क खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देगा। यहां किसान, प्रसंस्करणकर्ता और खुदरा विक्रेता एक साथ काम कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा। खाद्य बर्बादी कम होगी। किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/ramgarh/news/preparations-for-mini-food-park-in-bagad-rajput-134969394.html

Tuesday, 28 January 2025

लाहडोद में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग: ग्रामीणों ने तहसील घेराव की चेतावनी दी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 

हरसौली तहसील के लाहडोद गांव में चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने तीसरी बार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सात दिन में कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह भूमि पर कुछ असामाजिक तत्वों ने अवैध कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। इससे न केवल खेतों के रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं, बल्कि आने-जाने वाले लोगों को धमकाया और मारपीट तक की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति, जो राजस्थान पुलिस में कार्यरत है, अपनी नौकरी का दुरुपयोग करते हुए लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है। उनके परिवार द्वारा राहगीरों से अभद्र व्यवहार, मारपीट और एससी/एसटी एक्ट व अन्य गंभीर मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि 29 नवंबर और 19 दिसंबर को भी कलेक्टर सहित एसडीएम, विकास अधिकारी, प्रधान, और तहसीलदार को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

ज्ञापन में नामजद आरोपियों लक्ष्मीनारायण पुत्र सुगनिया, कर्मफूल पुत्र सुगनिया और उनके परिवार पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे तहसील परिसर में धरना देकर प्रदर्शन करेंगे। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोटकासिम एसडीएम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/khairthal/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-in-lahadod-134258995.html


Monday, 13 January 2025

चारागाह भूमि का कम होना चिंता का विषय अतिक्रमण से गोवंशों को खतरा बढा


लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन 

राजस्थान प्रांत कृषि प्रधान प्रांत है। अधिकांश लोग खेती एवं पशुपालन कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। एक तरफ पशुपालक समुदाय है, जिसकी आजीविका गोचर (साझा चरागाह भूमि) पर मवेशियों को चराने पर निर्भर करती है। दूसरी तरफ़, चारागाह भूमि पर प्रभावशाली लोग अतिक्रमण कर अपना अधिकार जता रहे हैं । पिछले दो दशकों से यहाँ हालात ऐसे ही हैं, चरागाह की ज़मीन पर अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। और पशुपालक अपने पशुओं और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  

उपखंड क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ सहित गाँवों में चरागाह सामुदायिक हैं । और पंचायत के हैं, इसलिए किसी व्यक्ति का उन पर दावा नहीं है। इसके विपरीत, जबकि सामुदायिक चरागाह का उपयोग जानवरों को चारा खिलाने के लिए किया जाता है, समय के साथ इन भूखंडों पर अतिक्रमण हो गया है , जिसमें लोग बस्तियाँ बनाने के लिए भूमि को साफ कर रहे हैं।

अब, दूर-दूर तक भटकने के बाद भी जानवर चरने में असमर्थ हैं। ऐसे में यहां पशुओं के लिए चारा दुर्लभ हो रहा है।

अतिक्रमणकर्ता कौन हैं?

चरागाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर उस पर निजी लाभ के लिए खेती करने वाले ज्यादातर लोग पैसे वाले और प्रभावशाली हैं। इसके अलावा, कभी-कभी भूमिहीन हाशिए के समुदाय इन जमीनों पर छोटे -छोटे कच्चे मकान बना लेते हैं।

कानून क्या कहता है?

राजस्थान भूमि काश्तकारी अधिनियम 1955, भूमि राजस्व अधिनियम 1956 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 के अनुसार, चारागाह भूमि की सुरक्षा और विकास की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत, नगर पालिका की है। पंचायती राज नियम 1996 के नियम 136, 169 और 170 के तहत, हर ग्राम पंचायत का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि चारागाह भूमि न केवल अतिक्रमण से मुक्त और सुरक्षित हो, बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि उस पर उपयुक्त प्रकार की झाड़ियाँ और पौधे उगाए जाएँ।

समय-समय पर राज्य सरकार ने इस संबंध में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हुए हैं।

लेकिन प्रशासन जमीनी स्तर पर इसका पालन करने में विफल रहा हैं।

क्षेत्र में पशुधन की अधिकता के कारण चारे की मांग उत्पादन से अधिक रहती है। लेकिन चारे का पारंपरिक स्रोत अब कम होता जा रहा है।

पर्यावरण कार्यकर्ता और गौ रक्षक सांसद केदारनाथ शर्मा समाज सेवी विक्रम सिंह नरूका ने इस संकट के परिणामों के बारे में बताया - उन्होंने कहा, क्षेत्र में गोचर भूमि अपनी जैव विविधता के कारण विशेष महत्व रखती है। इन भूखंडों से न केवल पशुओं को चारा मिलता है, बल्कि इनसे विभिन्न प्रकार के पेड़, पौधे, झाड़ियाँ, घास, जड़ी-बूटियाँ, औषधियाँ और खाना पकाने के लिए ईंधन भी मिलता है। यह वन्यजीवों की कई प्रजातियों का प्राकृतिक आवास भी है। ऐसी पारगमन भूमि का सिकुड़ना अंततः मानव जीवन के लिए हानिकारक है।

अनुचित बताया है -  चरागाह भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाना सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ़ है  । 

उपाय, अतिक्रमणों को हटाना और मनरेगा के तहत संरक्षण, राजस्व अभिलेखों में चारागाह के लिए उपयोग की जाने वाली सरकारी भूमि को चिह्नित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।  विभिन्न गौ संरक्षण संगठनों ने चरागाह भूमि को अतिक्रमण से बचाने के प्रयास में कहा कि अब हम सूचना के अधिकार के तहत हर गांव की जमीन और उस पर हुए अतिक्रमण की जानकारी जुटाएंगे। जहां भी अतिक्रमण होगा, वहां सार्वजनिक जमीन के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेंगें।

मूल ऑनलाइन लेख - https://gexpressnews.com/45290

Wednesday, 4 December 2024

चारागाह भूमि को कराया अतिक्रमण से मुक्त

लक्ष्मणगढ़ (अलवर / कमलेश जैन)  नगर पालिका क्षेत्र के खेरली लोधा मौजपुर आरजी में लगने वाली  रकबा 0.92 हेक्टर भूमि पर लोगों द्वारा चारागाह की 2256/1282 खसरा नंबर की भूमि पर प्लाटिंग व फसल कर अतिक्रमण किया हुआ था । आदेश की पालना के तहत बुधवार को भूमि के अतिक्रमण को हटाकर भूमि को कब्जे से मुक्त कराई गई।

जानकारी अनुसार अतिक्रमियों ने चारागाह भूमि पर फ्लोटिंग कर बेचान कर रहे थे। प्लाटिंग के लिए सड़क आदि बनाई हुई थी। भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर कुछ ग्रामीण वर्षो से राजस्व विभाग के अधिकारियों से मांग कर रहे थे, जिस पर राजस्व विभाग की ओर से उक्त भूमि पर अतिक्रमण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। पूर्व में ग्रामीणों द्वारा परिवाद देकर भूमि का अतिक्रमण हटाने की मांग की, जिस पर बुधवार को तहसीलदार ममता कुमारी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी समय सिंह मीणा मय टीम सहित  पुलिस थाना के जाप्ता सहित राजस्व विभाग एवं नगर पालिका के कार्मिक मौके पर पहुंचे। भूमि का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, जो शाम को करीब 6 बजे तक चली। जेसीबी की मदद से चारागाह भूमि की मेड़, निर्माण की हुई कच्ची सड़क भूमि के चारों ओर डोल लगाया गया। सभी को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

ममता कुमारी (तहसीलदार लक्ष्मणगढ़)  का कहना है कि- कुछ ग्रामीणों ने परिवाद देकर हो रहे अतिक्रमण को नहीं हटाने को लेकर राजस्व विभाग पर सरकार व उच्च अधिकारियों के निर्देशों की पालना की अवहेलना करने का आरोप लगाया था, जिस पर संबंधित अधिकारियों ने भूमि से अतिक्रमण को हटाया गया है। ग्राम मौजपुर आरजी में लगने वाली चारागाह भूमि पर अवैध प्लाटिंग व फसल के अतिक्रमण को प्रशासन की मौजूदगी में हटाया गया है। 

मूल ऑनलाइन लेख - https://gexpressnews.com/43988

Tuesday, 27 August 2024

सरकारी भूमि पर पार्क बनवाने की मांग


लक्ष्मणगढ़। लक्ष्मणगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के रौणीजा जाट, सूरजगढ़ रोड स्थित सैकडों वर्ष पुराना खेड़ा पर स्थित सरकारी चारागाह एवं मंदिर माफी भूमि पर सार्वजनिक पार्क बनाने को लेकर कस्बे वासियों ने जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका को ज्ञापन दिया।

कस्बे वासी रामचरण साहू, हीरालाल सैनी, चंद्रशेखर दीक्षित, अजीत सिंह राठौड़, लालाराम साहू, गंगा लहरी कुम्हार, प्रदीप जांगिड़, सतीश बसवाल, रामस्वरूप जांगिड़, राजेन्द्र शर्मा, अतुल विजय, हेमंत साहू, महेश शर्मा, धीरज जैन, हुकम शर्मा, आशीष कुमार सहित अनेक समाज सेवियों ने खेड़ा स्थल को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी भूमि की पैमाइश कराकर तारबंदी कराने पौधरोपण के अंतर्गत लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड उपलब्ध कराने के अतिरिक्त सार्वजनिक पार्क बनवाने की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/laxmangarh/news/demand-to-build-park-on-government-land-133549798.html

Sunday, 11 August 2024

गांव हुड़ियाखुर्द में पौधरोपण किया

काठूवास। गांव हुड़ियाखुर्द की चारागाह भूमि पर हरियालो अभियान के तहत पौधे रोपित किए गए। जैतपुर की चारागाह भूमि पर 50 पौधे रोपण किए गए। इधर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परतापुर में 50 पौधे रोपे गए। इस अवसर पर माढ़ण थाना प्रभारी बाबूलाल मीणा, ज्योति श्रीराम उर्फ भोला सरपंच, ताराचंद प्रधान, रामेश्वर दास महाराज, चौकी प्रभारी रमेशचन्द शर्मा, कर्मवीर ठेकेदार, प्राचार्य राजेश कुमार, रतनलाल, राजेश आदि उपस्थित रहे। समाधि रस्म के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/kathuwas/news/plantation-was-done-in-village-hudiyakhurd-133463437.html


Saturday, 10 August 2024

अतिक्रमण मामले में 15 लोगों को जेल भेजा

बहरोड़। तहसीलदार कोर्ट ने शुक्रवार को पहाड़ी गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने के मामले में 15 लोगों को जेल भेज दिया। तहसीलदार जयसिंह ने बताया कि पहाड़ी गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने से 91 की कार्रवाई की गई। जिसमें भूमि धारकों से 5.09 हेक्टेयर अवैध अतिक्रमण हटाया गया।

अतिक्रमी पुनः चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर लिया। जिसकी कोर्ट फैसले में अतिक्रमण होने से जेल के आदेश जारी किए। जिसके चलते पहाड़ी व जैनपुरवास निवासी धनसिंह गुर्जर, कुंदन, लक्ष्मीनारायण, रामशरण, भागीरथ, झाबर, पतराम, रामकुमार, जौहरी, भोलाराम, रतिराम, रामनिवास, अमर सिंह, माडाराम व लीलाराम को जेल भेजा गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/behror/news/15-people-sent-to-jail-in-encroachment-case-131680248.html

Thursday, 1 August 2024

नारायणपुर में अतिक्रमण पर कार्रवाई: जेसीबी से चारागाह भूमि पर बनी चारदीवारी को हटाया, किया जाएगा पौधारोपण


नारायणपुर के मुंडावरा में वन और राजस्व विभाग ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। एसडीएम ने बताया कि भू माफियाओं ने जमीन के चारों तरफ पक्की दीवार का निर्माण किया गया था। जिसके अंदर एक कच्ची झोपड़ी और अन्य पक्के निर्माण बने हुए थे। जिनको गुरुवार शाम को राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम ने जेसीबी से हटाया। अतिक्रमण से मुक्त कर चारागाह भूमि को ग्राम पंचायत मुंडावरा के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को सौंपा।

एसडीएम ने बताया कि पिछले दिनों हुई राजस्व अधिकारियों की मीटिंग में जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल की ओर से सभी राजस्व अधिकारियों को सभी शासकीय भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कर पौधारोपण करने के निर्देश दिए गए थे। जिसको लेकर नारायणपुर क्षेत्र में लगभग 160 बीघा शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर भूमि पर लगभग 5 हजार पौधे लगाए गए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/bansur/news/action-on-encroachment-in-narayanpur-133414675.html

Thursday, 27 June 2024

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा

किशोरी। गांव बामनवास चौगान के करीब एक दर्जन से अधिक लोगों ने बुधवार को थानागाजी तहसील कार्यालय पहुंचकर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग को लेकर थानागाजी तहसीलदार मोहित पंचोली को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया है कि गांव बामनवास चौगान के ही कुछ लोगों ने चारागाह भूमि पर जबरन कब्जा कर रखा है व हरे पेड़ों को काटकर खेती का कार्य किया जा रहा है।

चारागाह भूमि पर जब गांव के पशुपालक अपने मवेशियों को वहां लेकर जाते है तो प्रभावशाली व अतिक्रमी लोग मवेशियों को वहां से भगा देते है व पशुपालकों के साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते है। चारागाह भूमि से हनुमान मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते को भी इन लोगों ने बंद कर दिया है। जिसके चलते मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर जल्द से जल्द चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/kishori/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-villagers-submitted-memorandum-133231844.html

Tuesday, 4 June 2024

प्रशासन ने 45 बीघा चारागाह जमीन से अतिक्रमण हटाया

लक्ष्मणगढ़। हरसाना में राजस्व विभाग की टीम ने तहसीलदार लक्ष्मणगढ़ ममता कुमारी के नेतृत्व में 45 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की। नायब तहसीलदार मुकेश कुमार गोयल ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र की बिजली समस्या के निराकरण के लिए 220 केवी जीएसएस निर्माण के बिजली अधीक्षण अभियन्ता विश्राम मीणा अलवर ने जिला अलवर एवं उपखंड प्रशासन लक्ष्मणगढ़ से भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा था।

जिस पर जिला प्रशासन अलवर एवं उपखंड अधिकारी लक्ष्मणगढ़ मोकम सिंह सिनसिनवार के निर्देशानुसार अतिक्रमण हटाने के लिए टीम का गठन किया। टीम ने अतिक्रमणकारियों को मौके पर बुलाकर क्षेत्र के विकास के लिए अतिक्रमण छोड़ने के लिए समझाइश की। इसके बाद राजस्व टीम ने 45 बीघा सरकारी चारागाह जमीन से अतिक्रमण हटाया।

इधर नायब तहसीलदार मुकेश गोयल ने यह भी बताया कि चारागाह भूमि का राजकीय प्रयोजनार्थ आवंटन नहीं हो सकता। इसके लिए 220 केवी जीएसएस को दी जाने वाली 24 बीघा भूमि की पूर्ति ग्राम पंचायत हरसाना के ग्राम मुंण्डजोड़ी स्थित राजकीय भूमि सिवायचक से क्षतिपूर्ति की जाएगी। लक्ष्मणगढ़। अतिक्रमण हटाती जेसीबी मशीन।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/laxmangarh/news/the-administration-removed-encroachment-from-45-bigha-pasture-land-133127458.html

Thursday, 16 May 2024

चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग, ज्ञापन दिया

अस्पतालों में पेयजल का इंतजाम करने के निर्देश

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा की अध्यक्षता में मौसमी बीमारियों की समीक्षा बैठक सीएमएचओ कार्यालय में आयोजित हुई। सीएमएचओ डॉ. योगेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि संयुक्त निदेशक ने चिकित्सा संस्थानों पर पेयजल की सुचारू व्यवस्था करने और ऑपरेशन थंडर के तहत झोलाछापों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए। खामी वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई करें। लू-तापघात के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित खाद्य पदार्थों की जांच करने और मौसमी बीमारियों के चलते घर-घर जाकर सर्वे कराने को कहा है। बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. महेश बैरवा, डिप्टी सीएमएचओ (प.क.) डॉ. के के मीणा और आरसीएचओ डॉ. मंजू शर्मा मौजूद रही।

अलवर। थानागाजी के काबलीगढ़ में चारागाह जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में बताया कि गांव की चारागाह जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। इसे हटाया जाए। भास्कर न्यूज | रामगढ़ निकटवर्ती गांव गढ़ी बालोतकी के रहने वाले साइबर ठगों ने सीआरपीएफ अधिकारी बनकर मध्यप्रदेश के भोपाल सिटी की डीसीपी प्रियंका शुक्ला के पिता रमेश कुमार को ठगी का शिकार बना लिया।

उनसे 4 बार में एक लाख 83 हजार रुपए अपने खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। भोपाल पुलिस की सूचना पर रामगढ़ के पुलिस अधिकारियों ने छतों के रास्ते घरों में पहुंचकर ठगों को दबोच लिया। दो आरोपियों को शुक्रवार को रामगढ़ पुलिस ने भोपाल पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों ने ओएलएक्स पर सस्ते में सामान बेचने के नाम पर ठगी की।

ठग ने भोपाल डीसीपी के पिता रमेश कुमार से कहा कि वह सीआरपीएफ में अधिकारी है। तबादला होने के कारण कीमती घरेलू सामान सस्ते में बेच रहा है। झांसे में लेकर ठगों ने रमेश कुमार से 4 बार में 1.83 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। इस बीच ठगी का अहसास होने पर रमेश कुमार ने डीसीपी बेटी को सारी बातें बताई। इसके बाद भोपाल पुलिस ने अलवर जिले की रामगढ़ पुलिस से संपर्क किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-memorandum-given-133036540.html

Wednesday, 24 April 2024

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन

आवर। किसानसंघ समिति के तत्वावधान में बुधवार को ग्राम पंचायत आवर में किसानों ने कलेक्टर के नाम 11 सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन दिया। किसान संघ समिति के डग विधानसभा संयोजक रामगोपाल व्यास ने बताया कि गागरीन बांध के डूब में आए किसानों की समस्या, प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों को लाभ दिलवाने, चारागाह एवं सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने, लिंक रोड की मरम्मत एवं नए बनवाने सहित 11 समस्याओं का मांग पत्र दिया। इस अवसर पर किरपालसिंह, गोरधनसिंह, ईश्वर सिंह, उदयराम सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/news/raj-oth-mat-latest-dag-news-040508-391684-nor.html

Wednesday, 27 March 2024

चारागाह में चला पीला पंजा और रहे देखते…पढ़ें यह

गांव हो या शहर। सरकारी जमीन खाली नजर आते ही उस पर अतिक्रमण कर लिया जाता है। विशेषकर सिवायचक व चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की नजर रहती है। पहले कुछ घास, ईंधन डालकर या पशुओं का बाड़ा बनाकर कब्जा कर लिया जाता है। जब प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं जाता और काबिज हुए लंबा समय हो जाता है तो उस पर पक्का निर्माण भी कर लिया जाता है। ऐसा ही मामला जमालपुर में सामने आने पर वहां पर प्रशासन का पीला पंजा चलाना पड़ा़।

जमालपुर में चारागाह जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को जेसीबी से हटवा दिया।

लक्ष्मणगढ़। क्षेत्र गांव जमालपुर में चारागाह जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी की सहायता से हटवा दिया।

पुलिस के अनुसार जमालपुर स्थित लगभग 2 बीघा चारागाह जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। जिसकी लोगों ने शिकायत की थी। बुधवार को तहसीलदार ममता कुमारी के नेतृत्व में पटवारी व ग्राम विकास अधिकारियों की टीम जमालपुर पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी से चारागाह पर हो रहे निर्माण, ईंंधन सहित अन्य अतिक्रमण को हटवाया। कुछ लोगों ने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की समझाइश के बाद स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ममता कुमारी, नायब तहसीलदार मुकेश गोयल, पटवारी सिकन्दर, पटवारी भगत चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि लियाकत फौजी, ग्राम विकास अधिकारी शिवशंकर चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र मीना, पटवारी जितेश कुमार, पटवारी सतेंद्र, कानूगो गौरव कुमार, शिवराज बुंदेला के अलावा पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/alwar-news/yellow-paw-walked-in-the-pasture-and-kept-watching-read-this-news-8789006

Sunday, 24 March 2024

जमालपुर में प्रशासन ने चारागाह की जमीन से अतिक्रमण हटाया


लक्ष्मणगढ़। क्षेत्र के गांव जमालपुर में चारागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमण को बुधवार को प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से हटाया। प्रशासन ने करीब 2 बीघा जमीन पर जेसीबी की सहायता से अतिक्रमण हटाया। जानकारी के अनुसार क्षेत्र की ग्राम पंचायत सौराई के गांव जमालपुर में करीब 2 बीघा चारागाह भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया हुआ था।

जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने प्रशासन से की। इस पर तहसीलदार ममता ने बुधवार को पुलिस की मौजूदगी में वीडीओ एवं पटवारी के साथ मिलकर चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण व कब्जे को जेसीबी की मदद से हटाया। इस दौरान नायब तहसीलदार मुकेश गोयल, कानूनगो गौरव कुमार, शिवराज, भगत सिंह, सिकन्दर, जितेश व सतेन्द्र, ग्राम विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र मीना व शिवशंकर चौधरी आदि मौजूद थे। लक्ष्मणगढ़. जमालपुर में अतिक्रमण हटाती जेसीबी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/laxmangarh/news/administration-removed-encroachment-from-pasture-land-in-jamalpur-132785742.html


Tuesday, 26 December 2023

18 बीघा चारागाह पर कब्जा और अवैध खेती, कार्रवाई में टालमटोल कर रहे अफसर, पंचायत

 माजरीकलां

गंडाला उप तहसील की बूढवाल ग्राम पंचायत का मामला, पहले खुदवाई थी खाई

ग्राम पंचायत बूढवाल के अधीन गांव भूपखेड़ा राजस्व सीमा में बूढवाल, भूपखेड़ा, डवानी और बसई गांवों की राजस्व सीमा के बीच 18 बीघा की चारागाह भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस पर खेती की जा रही है। उपखंड अधिकारी इस जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश भी दे चुके हैं। जिसकी पालना में सितंबर 2020 में संयुक्त टीम ने जेसीबी से खाई खोदकर निशानदेही भी कर दी थी। इसके बाद फिर से कब्जे होने शुरू हो गए। दो साल पहले 5 जून 2021 को ग्राम पंचायत सदस्य के परिवार ने ट्रैक्टर से जुताई कर डाली।

ग्रामीणों की​ शिकायत पर तत्कालीन पटवारी ने आरोपी काश्तकारों को पाबंद किया। उसके बाद ग्राम पंचायत मनरेगा और वित्त आयोग के बजट से विकास कार्य भी करा दिए। अब फिर से अतिक्रमी कब्जे करके खेती कर रहे हैं। ठोस कार्रवाई नहीं होने से सरसों और गेहूं की फसल उगा ली है। खाई खुदवाने पर खर्च लाखों का बजट व्यर्थ चला गया। पंचायत समिति अफसर और ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मा डाल रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर मवेशियों के लिए भूमि सुरक्षित कमाने की मांग की है।

मामले में विकास अधिकारी कमल मामला संज्ञान में बताते हुए सरपंच से बात करने की कह रहे हैं। सरपंच कुलदीप यादव का कहना है की अतिक्रमियों को नोटिस देकर जमीन को खाली कराएंगे। हल्का पटवारी राजाराम का कहना है कि पिछले माह चार्ज लिया है। मामले की जानकारी नहीं है। ^चारागाह भूमि का ध्यान रखना पटवारी का काम है। शिकायत मिलती है तो कार्रवाई करेंगे। -डीपी तिवाड़ी, नायब तहसीलदार गंडाला


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/behror/news/encroachment-of-18-bigha-pasture-and-illegal-farming-officers-and-panchayat-are-procrastinating-in-taking-action-132334628.html

Saturday, 23 December 2023

18 बीघा चारागाह पर कब्जा और अवैध खेती, कार्रवाई में टालमटोल कर रहे अफसर, पंचायत

माजरीकलां


ग्राम पंचायत बूढवाल के अधीन गांव भूपखेड़ा राजस्व सीमा में बूढवाल, भूपखेड़ा, डवानी और बसई गांवों की राजस्व सीमा के बीच 18 बीघा की चारागाह भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस पर खेती की जा रही है। उपखंड अधिकारी इस जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश भी दे चुके हैं। जिसकी पालना में सितंबर 2020 में संयुक्त टीम ने जेसीबी से खाई खोदकर निशानदेही भी कर दी थी। इसके बाद फिर से कब्जे होने शुरू हो गए। दो साल पहले 5 जून 2021 को ग्राम पंचायत सदस्य के परिवार ने ट्रैक्टर से जुताई कर डाली।

ग्रामीणों की​ शिकायत पर तत्कालीन पटवारी ने आरोपी काश्तकारों को पाबंद किया। उसके बाद ग्राम पंचायत मनरेगा और वित्त आयोग के बजट से विकास कार्य भी करा दिए। अब फिर से अतिक्रमी कब्जे करके खेती कर रहे हैं। ठोस कार्रवाई नहीं होने से सरसों और गेहूं की फसल उगा ली है। खाई खुदवाने पर खर्च लाखों का बजट व्यर्थ चला गया। पंचायत समिति अफसर और ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मा डाल रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर मवेशियों के लिए भूमि सुरक्षित कमाने की मांग की है।

मामले में विकास अधिकारी कमल मामला संज्ञान में बताते हुए सरपंच से बात करने की कह रहे हैं। सरपंच कुलदीप यादव का कहना है की अतिक्रमियों को नोटिस देकर जमीन को खाली कराएंगे। हल्का पटवारी राजाराम का कहना है कि पिछले माह चार्ज लिया है। मामले की जानकारी नहीं है। 

चारागाह भूमि का ध्यान रखना पटवारी का काम है। शिकायत मिलती है तो कार्रवाई करेंगे। -डीपी तिवाड़ी, नायब तहसीलदार गंडाला

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/behror/news/encroachment-of-18-bigha-pasture-and-illegal-farming-officers-and-panchayat-are-procrastinating-in-taking-action-132334628.html

Sunday, 23 July 2023

अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

बानसूर। उपखंड के गांव भूरियावास में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी राहुल सैनी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव भूरियावास में गैरमुमकिन पहाड़ एवं चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी हैं। जिस पर तहसीलदार बानसूर ने टीम गठित कर 15 फरवरी को मौका मुआयना किया गया था। जिसमें अतिक्रमण पाया गया।

इसके बाद 19 जुलाई को जब अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की गई थी तो अतिक्रमणकारियों ने कर्मचारियों तथा ग्रामीणों के साथ धक्का मुक्की की थी। लेकिन अभी तक अतिक्रमण नहीं हटा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर ज्ञापन दिए गए थे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटवाने की मांग की। इस अवसर पर अमरसिंह, बद्री प्रसाद, सुरेश, कैलाश, प्रकाश, रामसिंह, बंशीराम, छंगाराम, बिडदीराम आदि मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/bansur/news/villagers-submitted-memorandum-to-sdm-regarding-removal-of-encroachment-131592277.html

Thursday, 4 May 2023

और नदी में ऐसा गरजा ‘पीला पंजा’ दो मीटर तक किए अतिक्रमण को किया ध्वस्त…देखे वीडियो

अलवर। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की मानवीय हरकतें थमने का नाम नहीं लेती। लालच में आकर सार्वजनिक भूमि, सिवायचक, चारागाह यहां तक पहाड़ व नदियों को भी नहीं छोड़ा जा रहा। इन पर अतिक्रमण कर न केवल इनका स्वरूप बिगाड़ रहे हैं, बल्कि जल प्रवाह का निकास भी बाधित कर देते हैं। ऐसे ही एक प्रकरण में नदी क्षेत्र में गुरुवार को पीला पंजा गरजा। जिले के नारायणपुर कस्बे के बानसूर सडक़ मार्ग पर नदी में होरे निर्माण कार्य पर गुरुवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इसे जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। नदी के खसरा नंबर 3971 में करीब दो मीटर तक अतिक्रमण किया हुआ था। जिसे मशीन से हटाया गया। कई दिनों से यह अतिक्रमण चर्चा का विषय बना हुआ था। जिसे आज तोड़ देने से लोगों ने चैन की सांस ली है।

गौरतलब है कि नदी में निर्माण रुकवाने को लेकर बुधवार को पूर्व मंत्री डॉ। रोहिताश्व शर्मा धरना पर बैठे थे। प्रशासन ने पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा को आश्वासन के बाद धरना समाप्त करवाया था। पूर्व में जो निर्माण कार्य कई दिनों से बंद पड़ा हुआ था, लेकिन बुधवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया था। निर्माण कार्य शुरू होने से कुछ लोग व जनप्रतिनिधियों ने अपराह्न साढ़े तीन बजे तहसील परिसर के सामने पूर्व मंत्री डॉ। रोहिताश्व शर्मा के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। उपसरपंच आकाश अग्रवाल, वार्ड पंच व ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन के दौरान नाराजगी जताई थी। पूर्व मन्त्री डॉ। रोहिताश्व शर्मा ने एसडीएम सुनील कुमार से मिलकर मामले से अवगत कराया। एसडीएम के समझाइश कर काम रोकने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया था। गुरुवार को नदी में दो मीटर पक्का निर्माण कार्य को जेसीबी लगाकर कर हटवाया गया है। पूर्व मंत्री डॉ। शर्मा ने कहा कि न्यायालय की शरण में जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे तथा गलत इन्द्राज को निरस्त करवाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/alwar-news/and-the-yellow-paw-thundered-in-the-river-demolished-the-encroa-8216971