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Friday, 17 July 2026

प्रशासन ने चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमणः आसींद के करणगढ़ में हुई कार्रवाई, पुलिस बल रहा तैनात

आसीन्द 15/07/26

आसींद के ग्राम करणगढ़ में बुधवार को प्रशासन ने चारागाह भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।

पटवार हल्का तिलोली स्थित इस भूमि से जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम करणगढ़ की चारागाह भूमि (खाता संख्या 340, आराजी संख्या 1769, रकबा 13.26) पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था।

ग्रामीणों ने लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें और ज्ञापन देकर पंचायत प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।

उच्च अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माणों को छोड़कर अन्य सभी अतिक्रमण हटा दिए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत के पनघट स्थित बोर को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद चारागाह भूमि को साफ कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान ग्राम विकास अधिकारी जसविंदर सिंह, गिरदावर भगवत सिंह, पटवारी हरलाल बुगालिया, सहायक सचिव सुरेश चंद्र खटीक सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/asind-karangarh-administration-encroachment-removal-drive-police-138450326.html


Friday, 10 July 2026

बीजेपी MLA की बिना गाय वाली गौशाला? बिजली कनेक्शन गुल होने के बाद शाहपुरा विधायक ने दी सफाई

Contributed By: प्रमोद तिवारी|Lipi

राजस्थान में शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर बिना गाय की 'देव गौशाला' के नाम पर 20 बीघा चारागाह भूमि पर कथित कब्जे के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। मामला गरमाने के बाद बिजली विभाग ने परिसर का कनेक्शन काट दिया है। इस पर बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा ने सफाई देते हुए कहा कि इससे उनका कोई संबंध नहीं है।

शाहपुरा देव गौशाला विवाद (NBT)

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. लालाराम बैरवा से जुड़ा एक बड़ा मामला इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर एक गौशाला के नाम पर करीब 20 बीघा चरागाह भूमि को कथित तौर पर कब्जे में लेने के आरोपों के बाद अब इस मामले में एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। मामला मीडिया में आने के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के शाहपुरा कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त गौशाला परिसर का बिजली कनेक्शन काट दिया है।

बिना गाय की गौशाला और नियमों की अनदेखी के आरोप

शुरुआती जानकारी के अनुसार, शाहपुरा तहसील के आराजी नंबर 2543 में से 5 हेक्टेयर भूमि पर देव गौशाला सेवा संस्थान के नाम से तारबंदी कर शेड का निर्माण कराया गया था। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि इस पूरी गौशाला में कथित तौर पर एक भी गाय मौजूद नहीं थी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ था। भीलवाड़ा जिला कलेक्टर के 25 फरवरी 2026 के आदेश के मुताबिक, गौशाला अधिनियम 1960 के तहत किसी भी भूमि आवंटन के लिए संस्थान का कम से कम 3 वर्ष से संचालित होना अनिवार्य है।

यह शर्त पूरी नहीं होने के कारण राजस्व विभाग ने आवंटन का प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर गत 20 मई 2026 को इस अनाधिकृत परिसर को स्थाई बिजली कनेक्शन दे दिया गया, जो विधायक के पुत्र चिनार के नाम पर था। इस कनेक्शन को जारी करने में रोड़ा बने तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र मित्तल को एपीओ भी कर दिया गया था, जिससे विधायक के रसूख को लेकर सवाल उठने लगे।

रजिस्ट्रेशन में सामने आया था पारिवारिक कनेक्शन

सहकारिता विभाग के 21 अगस्त 2025 के पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार, इस देव गौशाला सेवा संस्थान की कमान पूरी तरह विधायक के परिवार के हाथों में थी। इसमें स्वयं विधायक डॉ. लालाराम बैरवा सचिव, उनके बेटे चिनार देवातवाल अध्यक्ष, दूसरे बेटे जतिन देवातवाल कोषाध्यक्ष और नजदीकी रिश्तेदार कुंदन देवातवाल सह-सचिव के पद पर दर्ज थे।

बिजली कटने के बाद विधायक बैरवा ने दी सफाई

इस पूरे घटनाक्रम और बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी सफाई पेश की है।  विधायक ने आरोपों को भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा-

मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मेरा देव गौशाला सेवा संस्था, शाहपुरा अथवा उससे संबंधित किसी भी गतिविधि से वर्तमान में कोई संबंध नहीं है। मैंने वर्ष 2025 में ही उक्त संस्था के सचिव पद एवं सदस्यता से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया था।
लालाराम बैरवा, विधायक

राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का आरोप

विधायक बैरवा ने अपने परिवार का बचाव करते हुए दावा किया कि वर्तमान में उनके परिवार का कोई भी सदस्य या ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति इस संस्था से किसी भी रूप में जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने विपक्षी या विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उनके सेवाकाल के पुराने दस्तावेजों का आधार बनाकर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले विधायक ने यह भी स्पष्ट किया था कि वे कोई जमीन हड़पना नहीं चाहते, बल्कि वहां 8 लाख रुपये खर्च कर पशुओं के लिए एक अस्पताल और गोवंश के लिए अच्छी सुविधाएं बनाना चाहते थे और गायों को अस्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। फिलहाल, बिजली कटने और विधायक की इस सफाई के बाद क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है।

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/bhilwara/bjp-mla-lalaram-bairwa-gaushala-encroachment-controversy-shahpura-bhilwara-news/articleshow/132309035.cms


भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप

गजेन्द्र सिंह राठौड़

Updated: 10 Jul 2026

भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ और लालाराम बैरवा एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए गौशाला के नाम पर 20 बीघा सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यह खुलासा हुआ कि जिस ट्रस्ट के नाम पर जमीन मांगी गई थी, उसमें विधायक के परिवार के सदस्य ही प्रमुख पदों पर काबिज हैं। जिला प्रशासन द्वारा जमीन आवंटन के आवेदन को खारिज किए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य और तारबंदी किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

ट्रस्ट में परिवार का दबदबा और जमीन का विवरण

यह पूरा विवाद शाहपुरा-केकड़ी मार्ग पर स्थित आराजी नंबर 2543 की चारागाह भूमि से जुड़ा है। इस भूमि का कुल रकबा 78 दशमलव 68 हेक्टेयर है। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के पारिवारिक ट्रस्ट 'देव गौशाला सेवा संस्थान' ने इसमें से 5 हेक्टेयर यानी लगभग 20 बीघा जमीन गौशाला के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव रखा था। जांच में सामने आया है कि इस संस्थान में विधायक स्वयं सचिव थे। उनके छोटे बेटे चिनार देवतवाल संस्थान के अध्यक्ष हैं, जबकि बड़े बेटे जतिन देवतवाल कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। विधायक के निजी सहायक हुकमचंद कुमावत को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा दिशांक गर्ग और राहुल बोहरा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

नियमों की अनदेखी और आवंटन निरस्त

सरकारी जमीन के आवंटन के लिए राजस्थान भू राजस्व नियम 1957 के तहत कड़ी शर्तें निर्धारित हैं। इनमें राजस्थान सोसाइटी पंजीयन अधिनियम 1958 के तहत पंजीकरण, राजस्थान गौशाला अधिनियम 1960 के तहत विधिवत पंजीयन और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि गौशाला का संचालन पिछले 3 सालों से होना अनिवार्य है। चूंकि देव गौशाला सेवा संस्थान इन शर्तों को पूरा नहीं कर पाया, इसलिए भीलवाड़ा कलेक्टर ने 25 फरवरी 2026 को ही आवंटन की प्रक्रिया को बंद कर दिया था। इसके बावजूद, जमीन पर संस्थान का बोर्ड लगा दिया गया और तारबंदी कर अतिक्रमण कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि 20 मई 2026 को इस विवादित जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी ले लिया गया।

मामले का घटनाक्रम और प्रशासनिक फाइल

दस्तावेजों के अनुसार, देव गौशाला सेवा संस्थान को सहकारिता विभाग ने 21 अगस्त 2025 को पंजीकृत किया था। इसके बाद फाइल बहुत तेजी से आगे बढ़ी। 11 सितंबर 2025 को शाहपुरा तहसीलदार ने एसडीओ को प्रस्ताव भेजा। 15 सितंबर 2025 को यह प्रस्ताव कलेक्टर के पास पहुंचा और 8 दिसंबर 2025 को इसे राजस्व विभाग को भेज दिया गया। इस दौरान आमलीकला में आराजी नंबर 485 और 3734/473 की जमीन का भी जिक्र आया था, जिसका रकबा 1 दशमलव 4720 और 6 दशमलव 05 बताया गया था। हालांकि, अंततः नियमों की पूर्ति न होने पर कलेक्टर ने आवंटन से इनकार कर दिया।

विधायक की सफाई और अधिकारियों का पक्ष

इन गंभीर आरोपों पर सफाई देते हुए विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि इस मामले से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है और उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2025 में ही इस संस्थान से इस्तीफा दे दिया था और पुराने दस्तावेजों के आधार पर उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विधायक ने कहा, "प्रक्रिया चल रही है, मौके पर कुछ तो करना ही पड़ेगा। " दूसरी ओर, शाहपुरा के एसडीओ सुनील मीणा ने कहा कि उन्हें फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी याद नहीं है और वे मौका देखकर ही कुछ कह पाएंगे। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, क्योंकि सरकारी चारागाह भूमि पर बिना आवंटन के कब्जा और बिजली कनेक्शन मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।

https://www.zoomnews.in/amp/hi/news-detail/bjp-mla-lalaram-bairwa-land-encroachment-allegation-bhilwara.html

Wednesday, 12 November 2025

हरित क्रांति के लिए लीज धारक को लगाने थे 18 हजार पेड़, उसने चारागाह से उखाड़ कर फेंके 70 से ज्यादा पेड़


भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा

आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में बजरी खनन करने वाली लीज कम्पनी को हरित क्रांति लाने के 18000 पेड़ लगाने थे। उसने लगाने की जगह पर चारागाह भूमि से खेजड़ी, नीम व बबूल के 70 से ज्यादा पेड़ जड़ सहित उखाड़ दिए। इन उखाड़े हुए पेड़ों से उसने नदी में आने-जाने के लिए नए मार्ग का निर्माण किया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण राजस्थान की ओर से जारी पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) के अनुसार लीज धारक मेसर्स महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को चारागाह 25 हैक्टेयर जमीन पर 51 लाख रुपए की लागत से 18000 पेड़ लगाने थे।

पेड़ों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाने चाहिए थे। लीज धारक को चारागाह में देशी बबूल, शीशम, बांस, खजूर, गुलर, करंज, अर्जुन, जामुन, झाड़ियां, संभालू या शिवारी, कचनार, अरंडी आदि के पेड़ पौधे लगाने थे। पेड़ पौधों को पंचायत की ओर दी गई जमीन और आने-जाने वाले रास्ते के दोनों और लगाया जाना था। साथ ही घास भी लगाई जानी थी। लीज धारक ने मौके पर एक भी पेड़ नहीं लगाया। लेकिन नदी के मार्ग बनाने के लिए उसने खेजड़ी, नीम व बबूल के पेड़ जड़ समेत उखाड़ दिए। ग्रामीणों के अनुसार लीज धारक ने चारागाह से खेजड़ी और नीम के बीस-बीस और तीस बबूल के पेड़ों को जड़ समेत उखाड़ दिया। बनास नदी से बजरी भरकर ले जाता ट्रैक्टर।

टीपी प्वॉइंट तक जाने के लिए चारागाह में मोरम डालकर बनाई सड़क: आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में जाने को लिए चारागाह पर कई रास्ते बना दी गए हैं। यहां पर बड़े-बड़े वाहन डम्पर, एलएनटी, जेसीबी, टैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन निकल रहे हैं। चारागाह दो भागोें में बंटा हुआ है। इसमें से गांव में आने-जाने के लिए सड़क निकल रही है। मुख्य सड़क के एक ओर बीस हैक्टेयर और दूसरी ओर पांच हैक्टेयर जमीन पर चारागाह है। पांच हैक्टेयर जमीन पर लीज धारक ने इलेक्ट्रिक कांटा (टीपी प्वाइंट) लगा रखा है। इस टीपी प्वाइंट तक जाने के लिए उसने चारागाह में ही मोरम डालकर सड़क का निर्माण कर दिया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/the-lease-holder-was-supposed-to-plant-18000-trees-for-the-green-revolution-but-he-uprooted-and-threw-away-more-than-70-trees-from-the-pasture-136396134.html


Saturday, 30 August 2025

दिलावर का चारागाह भूमि को लेकर बयान, जल्द हटाएं अतिक्रमण, नहीं तो सरकार करेगी कार्रवाई

पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी, न मानने पर सख्त कार्रवाई और किराया वसूली की बात कही.

भीलवाड़ा के एक कार्यक्रम में मौजूद मंत्री दिलावर व अन्य अतिथि. (ETV Bharat Bhilwara)

भीलवाड़ा: प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर शनिवार को जिले के प्रवास पर रहे. उन्होंने हमीरगढ़ ग्रोथ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की. उन्होंने गोचर भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि चारागाह व गोचर भूमि से अतिक्रमण जल्द हटाएं, नहीं तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.

मंत्री मदन दिलावर ने हमीरगढ़ कस्बे के निकट आरसीएम वर्ल्ड ग्रोथ सेंटर में 'रसायन मुक्त खेती- समृद्ध गांव- विकास का आधार' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में भाग लिया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वयं ही गोचर व चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटा लें, नहीं तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान अतिक्रमणकारियों से किराया भी वसूल किया जाएगा. सरकार ने इस किराया वसूली के लिए धरातल पर एक कार्ययोजना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. मंत्री ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में 2 अक्टूबर को पूरे प्रदेश की सभी पंचायतों में एक साथ ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा. इन ग्रामसभाओं में चारागाह व गोचर भूमि को अतिक्रमण-मुक्त कराने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएंगे.

रसायन मुक्त खेती पर जोरः दिलावर ने कार्यक्रम के दौरान देश व प्रदेश में अधिक से अधिक रसायन मुक्त खेती करने पर जोर दिया. इस कार्यशाला में प्रदेशभर से लगभग 600 किसान, स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे.

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.etvbharat.com/hi/!state/panchayati-raj-minister-madan-dilawar-warned-to-remove-encroachment-on-pasture-land-rajasthan-news-rjs25083004092





Friday, 25 July 2025

चरागाह भूमि पर अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त, समितियों को किया जाएगा सक्रिय

ग्राम पंचायतों को निर्देश: अतिक्रमण हटाएं, चरागाह विकास को दें गति अब हर पंचायत में बनेगी चरागाह समिति, सर्वे कर अतिक्रमण हटाया जाएगा

 

Encroachment on pasture land will not be tolerated, committees will be activated

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में चरागाह भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर पंचायती राज विभाग सख्त हो गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायतें चरागाह भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और संबंधित समितियों को सक्रिय करें। भीलवाड़ा जिले में कई ग्राम पंचायते ऐसी है जहां चरागाह पर अतिक्रमण होने के साथ उस क्षेत्र में खनन तक हो रहा है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में लंबे समय से चुप्पी साधे हुए है। पंचायत राज विभाग के उपायुक्त एवं उपशासन सचिव प्रथम इंद्रजीत सिंह ने आदेश में बताया गया है कि कई ग्राम पंचायतें अभी भी चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है।

समितियों का गठन अनिवार्य

राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 170 के अनुसार, हर ग्राम पंचायत में चरागाह विकास के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन अनिवार्य है। इस समिति की अध्यक्षता संबंधित वार्ड पंच करेगा, जबकि चार सदस्य ग्राम सभा द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे। यह समिति चरागाह भूमि के संरक्षण, विकास और अतिक्रमण रोकने के लिए उत्तरदायी होगी।

अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट

विभाग ने नियम 165 का हवाला देते हुए पंचायतों को जनवरी और जुलाई में चरागाह, आबादी भूमि व तालाबों पर अतिक्रमण सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए नोटिस, निषेधाज्ञा, बेदखली और पुलिस सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिला स्तर पर बनेगी निगरानी समिति

चरागाह विकास योजनाओं की समीक्षा और समन्वयन के लिए जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समिति का गठन किया गया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इस समिति के नोडल अधिकारी होंगे।

10 सर्वाधिक अतिक्रमित पंचायतों की सूची मांगी

विभाग ने सभी जिलों से सबसे अधिक चरागाह अतिक्रमण वाली 10 ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है। इसमें खसरा संख्या, अतिक्रमित क्षेत्रफल और अन्य विवरण शामिल हों।

शपथ पत्र लेना अनिवार्य

यदि किसी ग्राम पंचायत की ओर से अभी तक समिति गठित नहीं की गई है तो तत्काल गठन कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी से शपथ पत्र लेकर यह भी दर्ज किया जाए कि अतिक्रमण सर्वे किया गया है तथा कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है।

विभाग करेगा निगरानी

पूर्व में 3 जनवरी 2025 को भी इस आशय का निर्देश जारी किया जा चुका है। लेकिन इसकी पालना नहीं हो पाई थी। अब यह आदेश जारी कर सुनिश्चित करने के साथ विभाग को नियमित रूप से कार्यवाही से अवगत कराने के लिए कहा गया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/encroachment-on-pasture-land-will-not-be-tolerated-committees-will-be-activated-19806124

Thursday, 24 July 2025

भीलवाड़ा में चारागाह भूमि में अवैध खनन का आरोप:पहले तहसीलदार को हटाया, अब SDM को किया गया APO


भीलवाड़ा में सुरास ग्राम में चारागाह भूमि पर अवैध खनन

भीलवाड़ा में सुरास ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों ने डांग (चारागाह भूमि) में जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा खनिज लीज की आड़ में चारागाह भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाए। जिला कलेक्टर को सुरास ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत पर मांडल के उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने निर्देश देते हुए निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मौके पर भेज जांच के लिए भेजा।

इस पर तहसीलदार सुमन गुर्जर द्वारा मौका रिपोर्ट तैयार कर उपखंड अधिकारी को सौंपी गई। रिपोर्ट में पाया गया कि कंपनी को कुल 43.1921 हेक्टेयर भूमि लीज पर आराजी संख्या 2096/1 स्वीकृत थी, लेकिन इसके अतिरिक्त लगभग 4.7677 हेक्टेयर आरक्षित चारागाह भूमि आराजी संख्या 2096 तथा आराजी संख्या 1105 किस्म रास्ता पर भी खनन गतिविधियां पाई गईं।

वैध लीज के अनुरूप कार्य नहीं हुआ

रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित स्थल पर न तो खनिज विभाग के मानक चिन्ह मौजूद थे और न ही वहां वैध लीज के अनुरूप कार्य हो रहा था। चारागाह भूमि में अवैध खनन स्पष्ट रूप से पाया गया। आरोप है कि जब उपखंड अधिकारी शर्मा ने इस अवैधता पर कार्रवाई आरंभ की, तो उन पर कई स्तरों से दबाव बनाए जाने लगे।

आरोप यह भी है कि जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा चारागाह भूमि को भी अपने लीज क्षेत्र में शामिल करवाने के लिए एक फाइल उपखंड कार्यालय में प्रस्तुत की गई थी, जिसे स्वीकृत करवाने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था। इसी दौरान छुट्टी के दिन रविवार 20 जुलाई की देर शाम को कार्मिक विभाग ने उनका एपीओ आदेश जारी कर दिया।

जांच के बाद पहले तहसीलदार को हटाया और अब एसडीएम को

मामले में पूर्व में मौके पर जांच करने गई निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मांडल से हटा कर कोटड़ी लगा दिया गया। अब मांडल एसडीएम सीएल शर्मा को एपीओ किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश ने यह स्पष्ट कारण नहीं है कि अधिकारी को किस कारण हटाया गया है।

जानकारी के अनुसार- चारागाह भूमि और पेटा काश्त भूमि पर अवैध खनन का एक मामला वर्ष 2012-13 में भी ग्रामीणों ने उठाया था। तभी भी रिपोर्ट में अवैध खनन पाया गया था।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/jindals-illegal-mining-in-pasture-land-135518405.html


Friday, 13 June 2025

मिट्टी व अभ्रक का अवैध खनन, तहसीलदार ने पकड़े मिट्टी से भरी दो ट्रॉली - मांडल तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन

भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में स्थित प्रदेश के ए श्रेणी के सबसे बड़े तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन हो रहा है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान तालाब से अभ्रक निकालने के उपकरण जब्त किए हैं। वही अवैध मिट्टी से भरी दो ट्रेक्टरट्रॉली को भी जब्त कर उन्हें मांडल थाना पुलिस के सुपुर्द किया। इस कार्रवाई से पहले ही सूचना मिलने पर तालाब में मिट्टी खोदने में लगी जेसीबी को हटा दिया गया। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका में गुरुवार के अंक में मांडल तालाब में धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का अवैध दोहन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार सुमन गुर्जर को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

तहसीलदार सुमन गुर्जर के नेतृत्व में गठित दल ने गुरुवार सुबह भीलवाड़ा मार्ग पर मांडल तालाब से अवैध मिट्टी ले जाते दो ट्रेक्टरट्रॉली को जब्त कर पुलिस को सौपा। अलसुबह कीरखेड़ा मार्ग पर ट्रेक्टर तेज गति से दौड़ रहे थे। प्रशासन की कार्रवाई को देख सब गायब हो गए। नायब तहसीलदार लक्ष्मीलाल शर्मा, गिरदावर दुर्गेश तेली व पटवारी प्रमोद कुमार ने तालाब के पेटा क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी दोहन का मौका निरीक्षण किया। मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला, लेकिन मिट्टी खनन के ताजा निशान मिले हैं।

अभ्रक का भी अवैध खनन

दल को पेटाकास्त क्षेत्र में कई गड्ढे में अभ्रक का खनन भी मिला। प्रशासन के वाहन को देखकर वहां काम कर रहे श्रमिक अपने औजार छोड़ कर भाग निकले। दल ने मौके से गेती, तगारी, पावडा, सरिए, हथोड़े जब्त किए हैं। प्रशासन की टीम के निकलने के कुछ समय बाद ही वहां फिर से खनन शुरू हो गया था।

कलक्टर व एसपी से की थी शिकायत

जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू व पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने गत 28 फरवरी को मांडल थाने में शांति समिति की बैठक ली थी। इसमें लोगों ने मांडल तालाब व चारागाह जमीन से अवैध मिट्टी खनन की शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन करने वालों के हौंसले बुलंद हो रहे थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/illegal-mining-of-soil-and-mica-tehsildar-caught-two-trolleys-full-of-soil-19666408

Thursday, 5 June 2025

‘चारागाह भूमि पर अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा, विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैला रहा’, विधायक अर्जुनलाल जीनगर का बयान

विधायक अर्जुनलाल जीनगर (फोटो-@MLAARJUNLALJING)
Kapasan MLA Arjunlal Jinagar: भीलवाड़ा जिले में आकोला बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। उन्होंने भूमि पर अतिक्रमण कतई बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक जीनगर ने कहा, वर्तमान में जो बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को ई-नीलामी के जरिए बेचने की बातें कही जा रही हैं, वह सच्चाई से परे हैं। विधायक जीनगर ने बताया कि आकोला नगर पालिका नवगठित है और यहां अभी कोई बोर्ड नहीं है, केवल प्रशासक नियुक्त है।

'जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती'
उन्होंने कहा कि बिना बोर्ड के गठन के जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया। विधायक जीनगर ने कहा कि चारागाह की भूमि या अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा और अतिक्रमियों को बेदखल करने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/encroachment-on-pasture-land-will-not-be-spared-opposition-spreading-misconceptions-mla-arjunlal-jinagar-19647411


Thursday, 22 May 2025

पिथास में बिलानाम जमीन पर क्वार्ट्स-फेल्सपार का अवैध खनन:रोजाना निकल रहे तीन से पांच ट्रक मिनरल


                        Illegal mining of quartz-feldspar on Bilanam land in Pithas

भीलवाड़ा तहसील क्षेत्र के पिथास गांव के निकट बिलानाम जमीन पर बड़ी मात्रा में फेल्सपार-क्वार्ट्स का अवैध खनन हो रहा है। यह खनन पांसल क्षेत्र के प्रभावशाली लोग कर रहे हैं। लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। पिथास से प्रतिदिन तीन से पांच ट्रक अवैध मिनरल निकाला जा रहा है। यहां तक की जमीन पर अवैध रूप से क्रेन भी लगा रखी है।

कोटड़ी व पिथास के लोगों का कहना है कि भीलवाड़ा से मात्र 15 किलोमीटर दूर पिथास क्षेत्र में सरकार की बिलानाम जमीन पर अवैध खनन हो रहा है। सुबह के समय अवैध खनन करके छोड़़ देते हैं तथा शाम को ट्रकों में मिनरल लोड कर परिवहन भी किया जा रहा है। इस मामले में कुछ दिन पहले ही खनिज विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी। अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन बिना किसी कार्रवाई के पुन: लोट गए। ग्रामीणों ने इस मामले में जिला कलक्टर को भी शिकायत दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश में अवैध खनन को लेकर सख्त हैं, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई से कतरा रहे हैं।

सुरावास की चारागाह भूमि पर अवैध खनन हो रहा है। इसे लेकर सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने जिला परिषद की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। पितलिया का कहना था कि सुरावास की चारागाह भूमि पर जहां तक नजर जाए अवैध खनन हो रहा है। करीब 400 बीघा जमीन भू माफिया ने खोद दी है। यहां से क्वार्ट्स का अवैध खनन हो रहा है।

खनिज अभियंता महेश शर्मा का कहना है कि पिथास में अवैध खनन की शिकायत जिला कलक्टर के माध्यम से मिली है। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए फोरमेन को निर्देश दिए हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/illegal-mining-of-quartz-feldspar-on-bilanam-land-in-pithas-19614560

Tuesday, 1 April 2025

हाइटेंशन-लाइन की चिंगारी से चारागाह भूमि पर लगी भीषण आग:लपटों से पशु- पक्षी झुलसे; फायर बिग्रेड ने 4 घंटे में पाया काबू

भीलवाड़ा में मंगलवार को 33केवी हाइटेंशन लाइन से चिंगारी गिरने के कारण चारागाह भूमि पर भीषण आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और करीब एक किलोमीटर तक एरिया जद में ले लिया। सूचना पर फायर बिग्रेड की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।

घटना जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के सलाइवाडी, सूरजपुर और गणेशपुर गांव में करीब एक बजे हुई। ग्रामीण सूरज माली के अनुसार- गांवों की चारागाह भूमि के ऊपर से हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। संभवतया हाइटेंशन लाइन से चिंगारी गिरने से हादसा हुआ और सूखी झाड़ियों में आग लग गई।

             फायर बिग्रेड की 2 गाड़ियों ने करीब 4 घंटे में आग पर काबू पाया।

ग्रामीणों ने आग और रेत डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन उसके विकराल रूप को देखकर फायर बिग्रेड की टीम को सूचना दी। मौके पर गंगापुर और भीलवाड़ा से पहुंची फायर बिग्रेड की एक- एक गाड़ी ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

हालांकि आग से चारागाह भूमि पर लगे पेड़- पौधे जल गए और कई पशु- पक्षी भी झुलस गए। मौके पर ग्रामीणों ने पशु- पक्षियों को संभाला और उनका प्राथमिक उपचार किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/massive-fire-in-pasture-forests-134752750.html


 

Saturday, 1 March 2025

करेड़ा:केसरपुरा में 100 बीघा चरागाह जमीन को अतिक्रमणों से मुक्त कराया गया

उपखंड क्षेत्र की दहिमथा पंचायत के केसरपुरा ग्राम में ग्रामीणों की शिकायत पर करेड़ा तहसीलदार हरेंद्रसिंह चौहान ने कार्यवाही करते हुए एक टीम गठित की जिसमें नायब तहसीलदार ओमप्रकाश शर्मा, करेड़ा भूअभिलेख निरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार टेलर, निम्बाहेड़ा भू अभिलेख निरीक्षक कैलाशचंद्र रेगर, दहीमथा पटवारी जगदीशचंद्र सालवी, पटवारी लखपत मीणा, पटवारी भगवत सिंह को केसरपुरा में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। जहां गांव की 287 बीघा चारागाह भूमि आरक्षित है। 

इसके आराजी नंबर 218, 219, 301, 2 से 9 तथा 17 से 22 एवं 27, 30 चारागाह भूमि में 200 बीघा चारागाह भूमि पर ग्रामीणों द्वारा कब्जा किया हुआ था। रेवेन्यू विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाया।

दहिमथा पटवारी जगदीश चंद्र सालवी ने बताया कि दो दिवसीय अभियान में बुधवार को 100 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान कई लोगों ने विरोध भी किया। परंतु समझाइश कर कार्रवाई जारी रखी गई। बकाया चारागाह भूमि से आज अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/100-bigha-pasture-land-in-kesarpura-freed-from-encroachment-127542178.html

Monday, 24 February 2025

गुरलां में चारागाह पर अवैध पट्टों की जांच की मांग उठी

भीलवाड़ा | गुरलां के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अवैध पट्टों की जांच की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चारागाह भूमि में अवैध पट्टों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की। आरोप लगाया कि कुछ भूमाफिया जबरन अतिक्रमण कर रहे हैं। रामचंद्र सुवालका, प्रभु माली, लक्ष्मण माली और जगदीश माली ने विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बना दी।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत गुरला में चारागाह भूमि पर अवैध तरीके से पट्टे जारी किए गए। 2002 में आबादी भूमि में परिवर्तन हुआ। 1975 से 1998 के बीच कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए पट्टे बनवाए। इन पर सचिव और सरपंच की सील तक नहीं लगी। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/demand-for-investigation-of-illegal-leases-on-pastures-in-gurlan-arose-134529592.html

Saturday, 8 February 2025

चारागाह भूमि में अब नहीं होगा मिट्टी दोहन

भीलवाड़ा | शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के इटमारिया में चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता प्रशासक राधा राजू गाडरी ने की। बैठक देवनारायण मंदिर परिसर में हुई। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी चारागाह से भूमि का दोहन शक्तिपूर्वक रोका जाएगा। चारागाह के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी।

फाउंडेशन फॉर इकोलॉजी सिक्योरिटी भीलवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश कुमार पाराशर ने कहा कि आगामी सभा 9 मार्च को होगी। चारागाह भूमि विकास के लिए सीमांकन, चारागाह भूमि में जल संकलन के लिए एनिकट निर्माण, चारागाह विकास के लिए पौधारोपण, मेड़बंदी व जलस्तर बढ़ाने के लिए नई नाड़ियों का निर्माण किया जाएगा। अंग्रेजी बबूल की सफाई करवा कर अनाधिकृत मिट्टी दोहन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/soil-exploitation-will-no-longer-happen-in-pasture-land-134433517.html

Friday, 7 February 2025

शाहपुरा के इटमारिया चारागाह भूमि के विकास के लिए फैसला:अवैध मिट्टी दोहन पर रोक, जल संरक्षण और पौधारोपण की बनी योजना

 

शाहपुरा के इटमारिया ग्राम पंचायत में चारागाह भूमि के समग्र विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रशासक राधा राजू गाडरी की अध्यक्षता में देवनारायण मंदिर परिसर में हुई इस बैठक में चारागाह भूमि के संरक्षण और विकास की व्यापक कार्य योजना पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रशासक ने स्पष्ट किया कि पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी चारागाह से अवैध मिट्टी दोहन को सख्ती से रोका जाएगा। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजी सिक्योरिटी भीलवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश कुमार पाराशर ने विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की।

योजना के तहत चारागाह भूमि का सीमांकन किया जाएगा और जल संरक्षण के लिए एनिकट का निर्माण होगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक पौधारोपण किया जाएगा। जल स्तर में सुधार के लिए नई नाड़ियों का निर्माण और मेड़बंदी की जाएगी। साथ ही, क्षेत्र से अंग्रेजी बबूल की सफाई भी कराई जाएगी।

अगली बैठक 9 मार्च को आयोजित की जाएगी, जिसमें इन सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। यह पहल न केवल चारागाह भूमि के संरक्षण में मददगार होगी, बल्कि स्थानीय पर्यावरण के संतुलन को भी बनाए रखने में सहायक होगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/shahpura/news/decision-for-the-development-of-itamaria-pasture-land-of-shahpura-134431991.html


Tuesday, 28 January 2025

अवैध सेंड स्टोन माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई: 3 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 2 लाख 15 हजार का जुर्माना लगाया


बिजौलिया के सलावटिया गांव की चारागाह भूमि में अवैध सेंड स्टोन माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 लोगों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करा 2 लाख 15 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

माइनिंग फोरमैन गिरिराज मीणा ने बताया कि सलावटिया के आराजी संख्या 579 चारागाह भूमि में अवैध खनन की जानकारी मिली। मौके पर खनन कार्य बंद पाया गया। खनिज सेंड स्टोन खनन के ताजा निशाना पाए गए। अवैध खनन पिट का लम्बाई 20 मीटर चौड़ाई 05 मीटर. गहराई 01 मीटर का खनन कार्य किया जाना पाया गया। मौके से 150 टन का अवैध खनन किया हुआ पाया गया। इस पर 2,15,000/- का जुर्माना लगाया गया।

अवैध खनन कर्ता सलावटिया निवासी राजू पुत्र कैलाश बैरागी, राजू पुत्र प्रभुलाल गुर्जर, कालू ओड पुत्र रमेश ओड़ के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट के तहत पुलिस में रिपोर्ट दी गई।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/action-against-illegal-sand-stone-mining-134224306.html

Friday, 29 November 2024

चरागाह भूमि में टोल प्लाजा के निर्माण को लेकर ग्रामीणों जताया विरोध

चरागाह भूमि में टोल प्लाजा के निर्माण को लेकर ग्रामीणों जताया विरोध। मेड़बंदी कर रहे ग्रामीणों को प्रशासन ने रोका। ग्रामीणों का प्रदर्शन, एडीएम को ज्ञापन। चरागाह भूमि में बना डाले खेल मैदान, विधुत ग्रिड, आश्रम, डामरीकरण सडके व पक्के निर्माण, प्रशासन मौन-ग्रामीणों का आरोप।

शाहपुरा। भीम-उनियारा एन एच 148 पर बने टोल प्लाजा कादीसहना की चारागाह भूमि में होने को लेकर गुरुवार को कादीसहना के ग्रामणों ने चरागाह भूमि को मुक्त करवाने को लेकर मेंडबन्दी करने लगे। इसकी सूचना पर प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार मय जाप्ते के मौक़े पर पहुंच चरागाह भूमि पर ग्रामीणों द्वारा की जा रही भूमि पर मेंडबन्दी का कार्य रुकवा दिया।

इससे नाराज होकर ग्रामीण प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेड पहुंच कर अतिरिक्त कलक्टर सुनील पुनिया को ज्ञापन देकर टोल प्लाजा को आंवटित की गई 10 बीघा कादिसहना चारागाह भूमि के बदले 10 बीघा बिलानाम भूमि से आवंटित करवाने की मांग की। साथ ही चरागाह भूमि के लगभग 50 बीघा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हो रहे अतिक्रमण को तत्काल प्रवाह से हटाने की मांग पर भी बल दिया।

वार्ड नं. 6 की सदस्या रामधनी आचार्य, वार्ड नं. 7 की सदस्या गीता देवी मीणा, वार्ड नं. 5 की माली, 8 के सदस्य सत्यनारायण शर्मा, वार्ड नं. 9 के सदस्य रामअवतार आचार्य सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि भू संरक्षण विभाग द्वारा वर्ष 1972-73 के करीब कादिसहना की चरागाह भूमि की मेडबंदी करवाई गई। उस समय पेमाईस में गड़बड़ी करके बहुत आराजियों के बिकाव नामे कर कादिसहना की कई बीघा चरागाह भूमि को नासरदा ग्राम पंचायत आमली कला में दर्शा दिया। जबकि जमाबंदी में यह भूमि कादिसहना क्षेत्र में अंकित थी।

ग्रामीणों का आरोप था कि एनएच निर्माण के दौरान बने टोल प्लाजा को सरकार ने कादिसहना चरागाह की भूमि में से 10 बीघा भूमि अवाप्त करते हुए 10 बीघा बिलानाम भूमि ग्राम पंचायत कादिसहना को आवंटित की जाने का लिखित इकरार किया। जिसके बाद भी कादिसहना ग्राम पंचायत को आज तक भूमि आवंटित नही की गई। जिसे लेकर ग्रामीणों में सरकार, प्रशासन तथा टोल प्लाजा के खिलाफ रोष व्याप्त हो गया।

चरागाह भूमि पर इन्होंने किया अतिक्रमण: ज्ञापन में बताया कि चरागाह भूमि पर टोल प्लाजा सहित, कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर एक अवैध गौशाला का निर्माण करवाया दिया। यही नही चरागाह में खेल मैदान तक बना डाला। एक व्यक्ति ने तो चरागाह में आश्रम बनाते हुए 10 बीघा भूमि पर ही कब्जा कर लिया। नासरदा ग्राम के एक दर्जन से अधिक लोगों ने कई बीघा भूमि पर पक्के निर्माण व बाड़े बना डाले। टोल से नासरदा गांव तक जाने वाला मार्ग चरागाह के बीच से निकालते हुए उस पर डामरीकरण करवा दिया। हद तो जब हो गई कि जब विधुत विभाग ने भी बिजली का ग्रिड इस चरागाह भूमि में अनाधिकृत रूप से निर्माण करवाया दिया। समय समय पर ग्राम पंचायत कादिसहना व ग्रामीणों ने प्रशासन को कई बार शिकायत कर चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नही हो पाई।

गुरूवार को ग्रामीणों का प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा और अपने चरागाह भूमि को बचाने के लिए मेंडबन्दी करने पहुंच गए। जहां मौक़े पर प्रशासन मय जाप्ते के पहुंच ग्रामीणों को रुकवा दिया।

ग्रामीण रामावतार आचार्य, ओम प्रकाश माली, कन्हैया लाल आचार्य, रतन लाल जाट, शंभू लाल आचार्य, धन्ना लाल माली, दुर्गा गुर्जर सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि 100 वर्षो से यानी रियासत काल से कादिसहना की गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नही किया गया तथा टोल प्लाजा के निर्माण के दौरान पंचायत से हुए अनुबंध के दौरान 10 बीघा भूमि तत्काल गौचर भूमि के लिए आवंटित नही की गई तो ग्रामीण आंदोलन की राह इक्तिहार करेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://awazrajasthanki.com/archives/3058

शंभूगढ़ में चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण: गांव वालों ने लीपा-पोती का लगाया नाराज, थाना प्रभारी ने हटाया जाप्ता

 

शंभूगढ़ पंचायत में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर एसडीएम के आदेशानुसार शुक्रवार को नायब तहसीलदार शंभूगढ़ के आदेश पर ग्राम शंभूगढ़ में अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्व टीम सहित शंभूगढ़ थाना प्रभारी रविंद्र सिंह सहित जाप्ता मौके पर पहुंचा। जहां ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को जेसीबी से हटाने की कार्रवाई की गई। चारागाह भूमि से थोड़ की बाड को हटाकर अतिक्रमण मुक्त किया गया।

नायब तहसीलदार गणेश रेगर ने बताया कि-बाकी अतिक्रमण को हटाते समय थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने पुलिस जाप्ता यह कहते हुए हटा दिया कि एसपी के आदेश मिलने पर ही पुलिस जाप्ता लगाया जाएगा। इस पर राजस्व टीम ने पुलिस जाप्ते के अभाव में अतिक्रमण हटाने की आगे की कार्रवाई को बंद कर दिया गया।

वही नायब तहसीलदार ने बताया- चारागाह भूमि पर अवैध रूप से पड़े खनन के रॉ मैटेरियल और कच्चे निर्माण को हटाकर कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/encroachment-removed-from-pasture-land-in-shambhugarh-134038961.html

Friday, 22 November 2024

चरागाह में होंगे भूल जल संरक्षण के कार्य श्रमदान से करेंगे शुरुआत


आकोला (रमेश चंद्र डाड) जोजवा गांव के ग्रामीणों ने जोजवा गांव की लगभग 250 बीघा चारागाह भूमि को संरक्षित कर उसमें भू जल संरक्षण के कार्य करने का निश्चय किया। जिसके लिए 13 सदस्यीय चारागाह विकास समिति का गठन किया गया। गांव के प्रत्येक परिवार से 21 रुप सदस्यता शुल्क भी रखा गया है। ग्रामीणों ने माह में एक दिन सामूहिक रूप से श्रमदान करने का भी निर्णय लिया जिससे एकता की जवना का विकास होगा। ग्रामीण यह कार्य फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी और अपना संस्थान के सानिध्य में करेंगे।

जोजवा चारागाह विकास समिति की बैठक रसीला भैरवनाथ के स्थानक पर हुई। जिसमें चारागाह विकास समिति के अध्यक्ष सरपंच चांदमल कुमावत, सचिव मदन सिंह राजपूत उपाध्यक्ष पद पर घीसू लाल धाकड़ को बनाया गया। चारागाह विकास समिति की प्रतिमाह 20 तारीख को बैठक करना सुनिश्चित किया गया। बैठक रसीला भैरुनाथ के वहां पर रखने का निर्णय हुआ।

बैठक में पंचायत समिति के सदस्य धनराज जाट, चारभुजा महाप्रबंधक समिति के संरक्षक भंवर लाल शर्मा, भारतीय किसान संघ के जिला कोषाध्यक्ष शिव कुमार पगारिया, सुरेश बाड़ाबाल, राजकुमार सुथार, टीन सुथार, जमना लाल सोनी, हर्षल, कानाराम, परमेश्वर लाल सहित कई व्यक्ति मोजूद रहे।

चारागाह विकास के लिए फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के क्षेत्रीय प्रबन्धक शांतनु सिंहा रॉय, अपना संस्थान के त्रिलोकचंद छाबड़ा एवं विनोद कुमार मेलाना भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी चारागाह का अवलोकन कर चुके है। जोजवा त्रिवेणी मार्ग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के समीप 40 एकड़ चारागाह भूमि है जिसे ग्रामीण एफ ई एस और अपना संस्थान के सानिध्य में विकसित करेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://bhilwarahalchal.com/bhilwara/-587303


Tuesday, 12 November 2024

खातेदारी भूमि में चल रही स्नो व्हाइट व क्वार्टज फेल्सपार की अवैध खदानें

 

भास्कर संवाददाता| रायपुर तहसील क्षेत्र के कोट, बागड़, पीथा का खेड़ा, रामा, लड़की, चारोट क्षेत्र की बिलानाम, चारागाह और खातेदारी भूमि से धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। इस अवैध खनन से स्नो व्हाइट, क्वार्ट्ज फेल्सपार, माइका निकाला जा रहा है। एक खनन व्यवसायी ने 5 हैक्टेयर की खनन माइंस की आड़ में 45 बीघा से अधिक सरकारी व खातेदारी जमीन पर से फेल्सफार, क्वार्ट्ज व माईका निकाल कर 50-50 फीट गहराई तक जमीन खोद दी है। यहां से एक साथ कई डंपर ट्रैक्टर भरकर दिन में निकलते हैं। यहां ओपन ब्लास्टिंग कर रोजाना 50 से अधिक डंपर व ट्रैक्टर से मिनरल बाहर भेज रहे हैं। यहां पर हो रहे बड़े पैमाने पर अवैध खनन की जानकारी अधिकारियों को दी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। खनिज विभाग ने लीज धारक को 5 हेक्टैयर जमीन 1999 में लीज पर दी। माइंस प्रबंधन ने अपनी जमीन की आड़ में पूरे पिथा का खेड़ा, कोट, बागड़ ग्राम पंचायत की जमीनों में जहां से पत्थर मिला वहीं से पत्थर खोदना शुरू कर दिया। माइंस प्रबंधन ने अपने लिए एरिया के कोई भी जगह निर्धारण नहीं कर रखी है।

इसी तरह लड़की ग्राम के पास वन विभाग की जमीन भी है वहां पर भी अवैध खनन हो रहा है। पंचायत समिति में नेता प्रतिपक्ष बसंती लाल गुर्जर ने बताया कि मैं कोट पिथा खेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र से पंचायत समिति में प्रतिनिधि हूं। मैं इस संबंध में पूर्व सरपंच विमलाबेन चेचानी व ग्रामीणों के साथ जाकर उपखंड अधिकारी को अवैध खनन के संबंध में ज्ञापन सौंपा। साधारण सभा में भी मुद्दा उठाया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कोट ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच विमलाबेन चेचाणी ने बताया कि खनन माफिया ने बिलानाम भूमि में खसरा नंबर 1541, 1465, 2763, 1038, 1049, 1475, 1456, 1457, व ग्राम छतरौल में चारागाह भूमि खसरा नंबर 118,145,147,148, व ग्राम पिथा का खेड़ा में चारागाह भूमि खसरा नंबर 408,293 वह अन्य चारागाह भूमि जहां पर खनन माफिया ने 50-50 फीट गड्ढे कर दिए जिसकी हमने पटवारी को बुलाकर रिपोर्ट बनवाई है। रायपुर क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी नहीं है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराएंगे। - ओपी काबरा , अधीक्षण खनि अभियंता रात आठ बजते ही अवैध खनन शुरू रात आठ बजते ही डंपर व ट्रैक्टर से माल बाहर भेजना शुरू कर देते हैं। इससे खनन माफिया महीने में करीब 20 लाख से अधिक कीमत का पत्थर चुरा रहे हैं। पटवारी ने बताया कि इनकी जगह कोट ग्राम पंचायत के अंतर्गत आती है लेकिन इन्होंने पिथा खेड़ा क्षेत्र में भी खनन कर रखा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/illegal-mining-of-snow-white-and-quartz-feldspar-is-going-on-in-the-khatedari-land-133953926.html