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Thursday, 24 July 2025

गांव के चारागाहों की जमीन पर कब्जा करना पड़ेगा भारी, पंचायतीराज मंत्री ने बनाई रूपरेखा

 जिला परिषद सीईओ को बनाया बंजर भूमि एवं चारागाह विकास समिति का नोडल अधिकारी गांव की चारागाह वाली जमीनों पर अगर कब्जा किया तो कब्जेधारियों की अब खैर नहीं। मंगलवार को पंचायती राज मंत्री ने इसके लिए सभी जिला परिषद के सीईओ, जिला प्रमुख, सरपंचों को कहा कि अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएं। साथ ही गांवों में चारागाह समिति को वापस एक्टिव करें।

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश की समस्त जिला परिषदों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा है कि पंचायतों के चारागाहों में उपयुक्त किस्म की घास, झाड़ियों और पौधों को विकसित किया जाए। विकास की राह में अतिक्रमण आएं तो उन्हें रोका जाए। रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके लिए पंचायत प्रत्येक गांव की चारागाह भूमि का नियंत्रण पांच व्यक्तियों की समिति को दें। जिसकी अध्यक्षता संबंधित गांव का वार्ड पंच करें और इस समिति के चार सदस्य ग्राम सभा निर्वाचित करे। चारागाह विकास, चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने, जल एवं भूमि संरक्षण किया जाए।

इसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से 31 जुलाई 2017 को जारी आदेश के तहत काम हो। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय किया जाए। चारागाह विकास की योजना की समीक्षा के लिए राजस्थान कार्य विधि नियम 55 के अंतर्गत जिला प्रमुख की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय बंजर भूमि एवं चारागाह विकास समिति का गठन किया गया है। जिसका प्रशासनिक विभाग ग्रामीण विकास विभाग है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जिला स्तर पर चारागाह भूमि विकास समिति के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाली जमीन से अतिक्रमण हटाने की ये होगी प्रक्रिया

  • पंचायत की सार्वजनिक भूमियों पर अतिक्रमण के मामलों का पता लगाने के लिए प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई माह में आबादी भूमियों तालाब-तल और चरागाहों पर अतिचारीयो का सर्वेक्षण करने के लिए तीन पंचों की एक समिति बनाई जाएगी।
  • ऐसे सभी अतिक्रमण की क्षेत्र के ब्यौरे और प्रकृति के साथ ग्राम विकास अधिकारी द्वारा एक रजिस्टर में तैयार किया जाएगा।
  • पंचायत आबादी क्षेत्र में ऐसे अतिक्रमियों को भूमि की बेदखली के लिए नोटिस जारी करेगी।
  • जब कभी पंचायत या उसके सदस्य या सचिव के ध्यान में लाया जाए कि अतिक्रमण किया जा रहा है। तो सरपंच की ओर से अतिक्रमण के विरुद्ध निषेधात्मक आज्ञा जारी करके तुरंत अतिक्रमण या निर्माण रोक दें। अन्यथा उसके खर्च व हरजाने पर ऐसा अधिग्रहण हटा दिया जाए और सुनवाई की तिथि तय कर पंचायत सुनवाई का समुचित अवसर देने के पश्चात उचित आदेश पारित करने की कार्रवाई करें।
  • चारागाह भूमि या तालाब-तल पर पाए गए अतिक्रमण के सभी ऐसे मामलों की लिखित रिपोर्ट तहसीलदार को, मामले रजिस्टर करने और अतिचारियों को बेदखली के पंचायत के संकल्प के साथ किए जाने की कार्रवाई की जाए।
  • पंचायत, पंचायत भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए सीधे ही या अपने क्षेत्र के उपखंड मजिस्ट्रेट को प्रार्थना करते हुए राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा-110 के अनुसार पुलिस की सहायता भी ले सकती है।
  • पंचायत यह भी सुनिश्चित करें कि तहसीलदार द्वारा चारागाह भूमि के अतिचारीयो पर अधिरोपित शासस्तीयो की सभी रकमे नियमानुसार पंचायत निधि में पूरी तरह जमा करा दी जाए।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bikaner/news/occupying-the-village-pasture-land-will-be-costly-panchayati-raj-minister-has-prepared-a-plan-135514925.html

Tuesday, 11 March 2025

चारागाह विकास के लिए बनी नई कमेटी:निंबाहेड़ा में ब्लॉक फेडरेशन का गठन, उदयसिंह विजयपुरा बने अध्यक्ष

निंबाहेड़ा के अम्बामाता मंदिर में चारागाह विकास समिति ब्लॉक फेडरेशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चारागाह भूमि के विकास और जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई।

सर्वसम्मति से गठित नई कमेटी में उदयसिंह विजयपुरा को अध्यक्ष चुना गया। रोहित राठौड़ बरड़ा को उपाध्यक्ष, मुकेश मेनारिया बोराखेड़ी को कोषाध्यक्ष और राजकंवर चुंडावत सतखंडा को सचिव बनाया गया। कालुराम, रवि मेनारिया, गोपाल गायरी, पंकज सेन और पृथ्वीराज भील को सदस्य मनोनीत किया गया।

बैठक में सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को चार क्लस्टर में बांटा गया। इन्हें शामलात के संरक्षण के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संस्था के सांवरलाल जाट ने फेडरेशन के उद्देश्यों और शामलात संसाधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

समिति ने तय किया कि सदस्य शामलात क्षेत्रों में मेड़बंदी करवाएंगे। स्थानीय प्रजातियों के पौधों का चयन कर वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही नदी, तालाब और एनिकट के संरक्षण पर भी काम होगा। बैठक में पशुओं की स्थिति और पर्यावरण संरक्षण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/nimbahera/news/new-committee-formed-for-pasture-development-134623964.html

Saturday, 8 February 2025

चारागाह भूमि में अब नहीं होगा मिट्टी दोहन

भीलवाड़ा | शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के इटमारिया में चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता प्रशासक राधा राजू गाडरी ने की। बैठक देवनारायण मंदिर परिसर में हुई। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी चारागाह से भूमि का दोहन शक्तिपूर्वक रोका जाएगा। चारागाह के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी।

फाउंडेशन फॉर इकोलॉजी सिक्योरिटी भीलवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश कुमार पाराशर ने कहा कि आगामी सभा 9 मार्च को होगी। चारागाह भूमि विकास के लिए सीमांकन, चारागाह भूमि में जल संकलन के लिए एनिकट निर्माण, चारागाह विकास के लिए पौधारोपण, मेड़बंदी व जलस्तर बढ़ाने के लिए नई नाड़ियों का निर्माण किया जाएगा। अंग्रेजी बबूल की सफाई करवा कर अनाधिकृत मिट्टी दोहन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/soil-exploitation-will-no-longer-happen-in-pasture-land-134433517.html