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Tuesday, 26 December 2023

18 बीघा चारागाह पर कब्जा और अवैध खेती, कार्रवाई में टालमटोल कर रहे अफसर, पंचायत

 माजरीकलां

गंडाला उप तहसील की बूढवाल ग्राम पंचायत का मामला, पहले खुदवाई थी खाई

ग्राम पंचायत बूढवाल के अधीन गांव भूपखेड़ा राजस्व सीमा में बूढवाल, भूपखेड़ा, डवानी और बसई गांवों की राजस्व सीमा के बीच 18 बीघा की चारागाह भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस पर खेती की जा रही है। उपखंड अधिकारी इस जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश भी दे चुके हैं। जिसकी पालना में सितंबर 2020 में संयुक्त टीम ने जेसीबी से खाई खोदकर निशानदेही भी कर दी थी। इसके बाद फिर से कब्जे होने शुरू हो गए। दो साल पहले 5 जून 2021 को ग्राम पंचायत सदस्य के परिवार ने ट्रैक्टर से जुताई कर डाली।

ग्रामीणों की​ शिकायत पर तत्कालीन पटवारी ने आरोपी काश्तकारों को पाबंद किया। उसके बाद ग्राम पंचायत मनरेगा और वित्त आयोग के बजट से विकास कार्य भी करा दिए। अब फिर से अतिक्रमी कब्जे करके खेती कर रहे हैं। ठोस कार्रवाई नहीं होने से सरसों और गेहूं की फसल उगा ली है। खाई खुदवाने पर खर्च लाखों का बजट व्यर्थ चला गया। पंचायत समिति अफसर और ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मा डाल रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर मवेशियों के लिए भूमि सुरक्षित कमाने की मांग की है।

मामले में विकास अधिकारी कमल मामला संज्ञान में बताते हुए सरपंच से बात करने की कह रहे हैं। सरपंच कुलदीप यादव का कहना है की अतिक्रमियों को नोटिस देकर जमीन को खाली कराएंगे। हल्का पटवारी राजाराम का कहना है कि पिछले माह चार्ज लिया है। मामले की जानकारी नहीं है। ^चारागाह भूमि का ध्यान रखना पटवारी का काम है। शिकायत मिलती है तो कार्रवाई करेंगे। -डीपी तिवाड़ी, नायब तहसीलदार गंडाला


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/behror/news/encroachment-of-18-bigha-pasture-and-illegal-farming-officers-and-panchayat-are-procrastinating-in-taking-action-132334628.html

Wednesday, 13 December 2023

चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा

 जहाजपुर


जहाजपुर| जहाजपुर उपखंड क्षेत्र के गुड्डा ग्राम पंचायत के गांव दानपुरा के ग्रामीणों ने चरागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग के लिए जहाजपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि चरागाह भूमि पर आसपास के गांवों के कुछ लोगों ने चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमियों को अतिक्रमण हटाने की कहने पर झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। 

ग्रामीणों ने पूर्व में भी उच्च अधिकारियों को इस बारे में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान दशरथ सिंह राजपूत, संपत लाल रैगर, सायर सिंह राजपूत, रंगलाल रैगर, बीरम लाल रैगर, रि​िद्धकरण सिंह, छीतर बलाई, रामकरण खाती, ओम प्रकाश, सावंत सिंह, महावीर सिंह, गिरधर सिंह आदि मौजूद रहे।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/jahazpur/news/villagers-submitted-a-memorandum-demanding-to-free-the-pasture-land-from-encroachment-132282613.html

Wednesday, 15 February 2023

3 गांवों की चारागाह भूमि पर अवैध निर्माण, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

 


करौली। 

Shantanu Roy |15 Feb 2023

करौली जिले के निंदर गांव में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है. इस मामले में ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत देकर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत वे तहसीलदार से भी कर चुके हैं. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। निंदर गांव के लोगों ने करौली कलेक्टर से गांव की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चारागाह भूमि है।

जिस पर नींदर के साथ झरीला और हरिपुरा गांव के लोग भी अपने मवेशी चराने आते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने पेंटर-चान लगा रखा है। जेसीबी चलाकर बाउंड्री का निर्माण किया गया है। अवैध निर्माण लगातार जारी है। जिससे चारागाह की जमीन खत्म होती जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मंडरायल तहसीलदार को लिखित शिकायत भी दी है. लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने के बावजूद अवैध निर्माण को नहीं रोका गया है।


https://jantaserishta.com/local/rajasthan/illegal-construction-on-pasture-land-of-3-villages-villagers-demand-action-2036455

Saturday, 10 December 2022

जिला कलेक्टर व तहसीलदार को अवमानना नोटिस

 जयपुर, 10 दिसंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में अदालती आदेश की पालना नहीं करने पर बूंदी कलेक्टर और तहसीलदार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस वीके भारवानी की खंडपीठ ने यह आदेश थडी होल्डर्स यूनियन नैनवा की अवमानना याचिका पर दिए।

याचिका में अधिवक्ता योगेश टेलर ने अदालत को बताया कि नैनवां में अतिक्रमण के संबंध में गत चार मार्च को हाईकोर्ट ने जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित पीएलपीसी को आदेश जारी कर दो माह में अतिक्रमण पर कार्रवाई करने को कहा था। अवमानना याचिका में कहा गया कि अदालती आदेश के बावजूद थी अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कलेक्टर और तहसीलदार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि पूर्व में पेश जनहित याचिका में कहा गया था कि नैनवा तहसील में स्टेट हाईवे के पास नगरपालिका की करीब 42 बीघा जमीन पर भूमाफियाओं ने अतिक्रमण कर रखा है। इसे हटाने के लिए स्थानीय प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर अदालत ने पीएलपीसी को कार्रवाई करने को कहा था।


हिन्दुस्थान समाचार/पारीक/संदीप

https://www.hindusthansamachar.in/Encyc/2022/12/10/Contempt-notice-to-District-Collector-and-Tehsildar.php

Friday, 23 September 2022

चारागाह परेशान, भूमि पर अतिक्रमण से पशुओं के चारे की समस्या



सवाई माधोपुर प्रशासन की लापरवाही के कारण चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण मवेशियों पर इसका असर पड़ रहा है. चारागाह सिकुड़ने से आवारा पशुओं के सामने चारे और पानी का संकट खड़ा हो गया है। यही वजह है कि शहर और कस्बे की सड़कों पर आवारा जानवर इधर-उधर मारने को मजबूर हैं। ऐसा ही एक मामला बौंली तहसील के कराडी गांव में सामने आया है. यहां कुछ लोगों ने नाला, तलाई और चारागाह किस्म की करीब 800 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया और खेती करने लगे। कराडी के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से इस 800 बीघा चारागाह, नाला व तलाई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की. 

न्यूज़ क्रेडिट : aapkarajasthan


https://jantaserishta.com/local/rajasthan/pasture-disturbed-encroachment-on-land-problem-of-fodder-for-animals-1597256

Monday, 8 August 2022

कार्रवाई की मांग, 100 बीघा चारागाह जमीन पर दबंगों ने किया कब्जा

 टोंक 

6 Aug 2022


अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है. टोंक जिले के सोप पंचायत क्षेत्र में दबंग लोगों ने करीब 100 बीघा चारागाह भूमि पर कब्जा कर लिया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से इस जमीन को उत्पीड़कों के कब्जे से मुक्त कराने की शिकायत भी की है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है. इससे मवेशियों के चारे की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रशासन व राजस्व विभाग की उपेक्षा से अतिक्रमणकारियों का उत्साह दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. सार्वजनिक तालाब हो या चारागाह, वन विभाग की जमीन हो या सरकारी कृषि मंडी की जमीन, दबंग लोग हर जगह अतिक्रमण कर रहे हैं। इन दिनों चावड़ माता तलाई के पास बीसलपुर पेयजल परियोजना के पंप हाउस के पास चारागाह के साथ-साथ प्रमुख लोगों ने जमीन पर फसल बोई है. कई लोगों ने अतिक्रमण कर चहारदीवारी बना ली है। उन्होंने कहा कि अगर चारागाह से अतिक्रमण हटा लिया जाए तो पशुओं के चारे की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी. चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण पशुओं को चरने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। 

अगर इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया तो मवेशियों को चरने के लिए जगह मिल जाएगी, लेकिन शिकायत के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार सोप पटवार मंडल के पास 100 बीघा चरागाह भूमि है, लेकिन वर्तमान में नाममात्र की चराई भूमि ही बची है. उन्होंने कहा कि पहले भी लोगों ने देवली-उनियारा विधायक हरीश चंद्र मीणा को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई.

https://jantaserishta.com/local/rajasthan/demand-for-action-dabangs-occupied-100-bigha-pasture-land-1450768

Saturday, 16 April 2022

अतिक्रमण:कंवरपुरा में चरागाह भूमि का सीमा ज्ञान नहीं होने से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया

हिन्डौन


ग्राम पंचायत सिंघनिया के गांव कंवरपुरा में चारागाह भूमि का प्रशासन द्वारा सीमा ज्ञान नहीं करवाने के कारण सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण खुर्द बुर्द होती नजर आ रही है,ग्रामीण गोविंद सिंह,भगवान सहाय, धुंधी राम, जयप्रकाश मीना आदि दर्जनों लोगों ने बताया कि गांव में लगभग 12 बीघा चारागाह भूमि मौजूद है जिस के संबंध में उन्होंने पिछले महीने प्रशासन से सीमा ज्ञान करवाने की मांग की थी परंतु प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक चरागाह भूमि का सीमा ज्ञान नहीं करवाया गया है जिसके कारण जगह जगह सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो रहे हैं इतना ही नहीं सरकारी भूमि से हरे वृक्षों की कटाई भी अंधा धुंध हो रही है तथा सरकारी भूमि खुर्द बुर्द होती नजर आ रही है ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा बजट घोषणा में विद्यालय उच्च माध्यमिक तक क्रमोन्नत कर दिया गया है तथा विद्यालय के लिए भूमि भी कम पड़ रही है जिस के संबंध में भी ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियों से उक्त चारागाह भूमि से ही विद्यालय के लिए आवंटन करवाने की मांग की थी ग्रामीणों ने प्रशासन एवं राजस्व अधिकारियों से गांव की तरह का भूमि का सीमा ज्ञान करवाने की मांग की है सीमाज्ञान करवाएंगे ग्रामीणों की मांग के अनुरूप चरागाह भूमि का शीघ्र ही सीमाज्ञान करवाया जायेगा। 

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/hindon/news/encroachment-on-government-land-due-to-lack-of-knowledge-of-pasture-land-in-kanwarpura-129661432.html

Saturday, 12 March 2022

Land mafia growing crops on pastureland

The look at local administration is not adopting a strict attitude, the orders of the collector are also being disregarded

 

Kabsthana| In gram panchayat Kabsthana, Agar, Majhola, Sandokra Sanbada, the land mafia is encroaching on the pasture land by growing crops. Despite the order of the Bara district collector to mark the pasture land and free it from encroachment, the local administration is not adopting a strict measures for encroachments on pasture land in many panchayats including Kabsthana, Agar, Majhola, Sandokra Sanbada. All that the panchayat has done is putting up a warning board at the same time crops are being produced by the land mafia in the pasture land. In Kabsthana 1800 bighas of land are there & even one bigha land is not freed all the land is being encroached. The grazing land allotted for the cattle to roam in the town is gradually being turned into fields. Thousands of bighas of pasture land in the town once had dense forest. They were cut down and were converted into pasturelands now people are claiming their rights and are irrigating the lands and growing crops worth lakhs of rupees in the same fields and pucca houses have also been constructed. Action is not being taken against the land mafia instead they are being protected. These days the encroachment of the mafia is increasing continuously near the National Highway 27 Munda pool of Kabsthana. People of the area have asked for taking right & strict actions against the encroachment on the government land.

Government land adjacent to the highway is being illegally occupied

The encroachment on the government land of Kabsthana has been  spread on a large scale. This encroachment is increasing instead of decreasing from here. Due to this illegal encroachment has been spread on the government land adjacent to it including the highway here. The reason for this is administrative officer sitting here. Despite repeatedly giving complaint in writing and orally concrete steps are not being taken by the administration in this regard. In such a situation due to the sluggish negligence of the administration encroachment here is increasing.

Animals falling prey to premature death due to encroachment

Due to the encroachment on the pasture land adjacent to the highway of Kabsthana do animals are coming on the highway and becoming victims of premature death. In this situation, the biggest negligence of the administration is being seen. Accidents are happening to animals every day due to encroachment on pasture land.

Illegal construction and encroachment on pasture land is increasing day by day in Kabsthana. Even after completing no action is being taken by the administration.

-          Mukesh Mali, Forest Lover

-          Kabsthana 




Wednesday, 26 January 2022

What happened to Aravalli – Decades ago there were high mountains, now there are deep gorges & mountain stubbles

All types of mining are prohibited in the Aravali mountains without environmental clearance. The govt also claims in the Assembly and in the court that this prohibition is being followed but on the ground, it is a blatant lie. Illegal mining is going on for a decade in dozens of surrounding mountains including Belni and Bhurasiddha of the Shahjahanpur area. Where once there were high mountains, now there are deep gorges & mountain stubbles left. The extent of this is that the mining mafia is still not backing down and is stealing stones from inside the ditched land from the mountain. From the police to the administration everyone is aware but according to them, illegal mining is not happening anywhere. When ‘Bhaskar’ enquired into the matter, it was seen scattered by the blasts of illegal mining. Illegal mining is done using more than 3 dozen tractors and trolleys of the villagers of Belni, Sansedi, Dhodhakari, Jaunayachkalan in Gair mumkin land located in khasra number 140 in bhuri hill of the area & Belni. According to the sources at 8 pm the tunnel is made with a compressor and gun powder is detonated in them. After the explosion, the broken rocks and stones are loaded in tractors & sent to the destination before 6 am. These stones are meant for the foundation of the units under construction in the new industrial areas like Ghiloth, Kolila, boundary wall & gravel road construction.

One dead, case suppressed

Last year in the mountains of Belni, a young man died due to being buried in a stone during mining. After the incident, the police & the mining mafia had suppressed the matter. Sundar Gurjar’s son Amich Gurjar was dependent on animal husbandry & mining for his livelihood. Sundar Gurjar was buried under the rubble during mining last year. Later he died. The villagers performed the last rites in a hurry. Due to the excessive demand, illegal mining is going on in full swing near Belni & Dodkaro.

The mountain stubble seen, police kept denying illegal mining 

On talking to the higher police officials they completely denied illegal mining. When Bhaskar reached the spot, two & a half kilometres from Shahjahanpur toll plaza the sound of explosions & the movement of tractors carrying stones after mining were heard. There were high mountains in this area a decade ago, now only the stubbles remain. Illegal miners are stopped by villagers, but they claim that the police, forest & mineral departments along with the administration are also offered bribes for this work.




Tuesday, 25 January 2022

अतिक्रमण:चरागाह पर अतिक्रमण, गायों के लिए चारे का छाया संकट

 सवाई माधोपुर

प्रशासन की अनदेखी से ग्रान पंचायत में पशुओं को चारे के लिए आवंटित सेकड़ो बीघा चारागाह भूमि धीरे धीरे अतिक्रमण की भेंट चढ़ गयी है ।जिससे गांवो में पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है और अब गोवंश सड़को ओर बाजरो में आमजन को हानि पहुँचा रहे है । गोवंश की चपेट में आने से आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं में कई लोगो की जान तक जा चुकी है ।लेकिन प्रशासन चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की बजाय अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर या फिर पैनल्टी लगाकर अपनी इतिश्री पूरी कर लेता है ।

सरकार ने ग्राम पंचायतों में गोवंश के चारे की सुविधा के लिए चारागाह भूमि आवंटित कर रखी है।जिस पर अतिक्रमण करने पर सजा ओर जुर्माने का प्रावधान भी है।लेकिन यहां सेकड़ो बीघा चारागाह भूमि पर वर्षो से प्रभावशाली लोगो ने अतिक्रमण कर रखा है। तहसील क्षेत्र के 11 पटवार मंडल में हजारो बीघा चारागाह जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है जिनमे पटवार मंडल बोरदा में 51.84 हैक्टेयर., मित्रपुरा में 84.55 हैक्टेयर,मोरन में 93.21 हैक्टेयर,मझेवला में 85.100 हैक्टेयर,उदगांव में 101.73 हैक्टेयर,कुशलपुरा में 46.100 हैक्टेयर,बपुई116.67 हैक्टेयर, दतुली 38.04 हैक्टेयर, गोतोड में 69.73 हैक्टेयर ,गोठडा में 63.57 पीपलदा में 1.28 हैक्टेयर है वही अन्य पंचायत व गांवों में भी सैकड़ों बीघा चरागाह भूमि आवंटित है। मित्रपुरा तहसील क्षेत्र में सड़कों व बाजारों में खुलेआम घूमने वाली मवेशी वाहन चालकों व पैदल यात्रियों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। मवेशी कब आक्रामक होकर आपस में लड़ना शुरू कर दे यह पास से गुजरने वाले राहगीरों को भी पता नहीं लगता है मवेशियों की चपेट में आने से बाजारों में कई लोग घायल हो चुके हैं वहीं सड़कों पर मवेशियों की वजह से हुई दुर्घटनाओं में कई लोग मौत का शिकार भी हो चुके हैं यदि मवेशियों के लिए पंचायतों में चारागाह भूमि पर गौशालाओं के इंतजाम हो तो सड़क पर बेसहारा घूमने वाली मवेशियों की समस्याओं से निजात मिल सकता है।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/sawai-madhopur/news/encroachment-on-pasture-shadow-crisis-of-fodder-for-cows-129331183.html

Monday, 24 January 2022

यहां भूख व सर्दी से दम तोड़ रहे गोवंश...

 - चरागाह में अब तक दर्जनों गोवंश की मौत

सवाई माधोपुर

Updated: January 24, 2022
बामनवास. यहां चारागाह में आवारा विचरण करने वाले गोवंश पर इन दिनों सर्दी की मार झेल रहे है। इसके चलते भूख से व्याकुल गोवंश पर शीतलहर एवं सर्दी के प्रकोप से उनकी रोजाना मौत हो रही है। चारागाह में गोवंश के खाने के लिए चारे की व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ शीतलहर के चलते उनको छिपने लायक भी जगह नहीं है। ऐसी स्थिति में कड़ाके की ठंड में गोवंश काल का शिकार हो रहा है। रविवार को गोसेवक मनीष मीणा के नेतृत्व में गौ सेवकों की एक टीम यहां चारागाह में पहुंची। दौरा करने के बाद गोसेवक मनीष मीणा ने बताया कि बामनवास पट्टीखुर्द के चरागाह में चारे-पानी के अभाव में निराश्रित घुम रहे गोवंश अकाल मृत्यु की भेंट चढ़ रहे है।

उधर, भूखे गोवंश पर शीतलहर का भी सितम जारी है। जिसके चलते अब तक दो दर्जन से भी अधिक गोवंश की अकाल मौत हो चुकी है। यहां चरागाह में चारों ओर गायों के कंकाल ही कंकाल नजऱ आ रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गायों को चारा नहीं मिलने से गोवंश तिल-तिल कर मर रहा है। गौ सेवकों को कहना है कि वे बामनवास प्रशासन, प्रदेश सरकार व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से चरागाह में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश के लिए चारा, पानी व निढाल हो चुके गौवंश के इलाज की मांग करते हैं। लेकिन उनकी मांग की अनदेखी की जा रही है। समय रहते अगर प्रशासन नहीं चेता तो हम आमजन को साथ लेकर जन आन्दोलन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

पशुपालन विभाग में नहींं दे रहा ध्यान
बामनवास क्षेत्र में सर्दी व चारे-पारे के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से गोवंश लगातार दम तोड़ रहे है लेकिन सरकार के साथ पशुपालन विभाग भी अनदेखी कर रहा है। यदि समय रहते गोवंश के लिए चारे-पारे के इंतजाम नहीं किए तो दर्जनों गोवंश की मौत हो जाएगी।

https://www.patrika.com/sawai-madhopur-news/here-the-cows-dying-of-hunger-and-cold-7294970/