This blog is aimed at documenting the initiatives undertaken for the conservation of the pastures by communities across Rajasthan as well as efforts by Government of Rajasthan and Civil Society Organisations across the State. Foundation for Ecological Security works in partnership with the Wasteland and Pasture Land Development Board for conservation of the commons. For views and comments write to rajasthanpastures@gmail.com
Sunday, 20 July 2025
Thursday, 30 January 2025
अतिक्रमित चारागाह भूमि पर प्रशासन का चला बुलडोजर - स्थानीय प्रशासन व दिहौली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचे जहां जेसीबी की मदद से चारागाह भूमि खड़ी फसल को नष्ट करवाया।
28 5 बीघा जमीन पर खड़ी फसल को कराया अतिक्रमण से मुक्त
dholpur, राजाखेड़ा.राजस्थान सरकार के चलाए जा रहे अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस अभियान अब लंबे इंतजार के बाद राजाखेड़ा में भी प्रवेश कर गया है। और क्षेत्र की ग्राम पंचायत दिहौली के पुरा पतिराम में राजाखेड़ा प्रशासन ने धौलपुर जिला कलक्टर के निर्देशन में मरेना नायब तहसीलदार हरिओम शर्मा के नेतृत्व में बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया है।
मरेना तहसील के नायब तहसीलदार हरिओम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दिहोली के गांव पुरा पतिराम में दबंगों ने चारागाह जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था। जिसकी शिकायत प्रशासन को की गई और जांच पड़ताल कर स्थानीय प्रशासन व दिहौली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचे जहां जेसीबी की मदद से चारागाह भूमि खड़ी फसल को नष्ट करवाया।
Saturday, 23 November 2024
चारागाह भूमि से युकेलिप्टिस पेड़ हटवाने की मांग: नया पौधारोपण करवाने को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कपासन क्षेत्र के गांव कल्याणपुरा की चारागाह भूमि से पुराने युकेलिप्टिस के पेड़ हटवा कर नया पौधारोपण करवाने की मांग एसडीएम से की गई हैं। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम राजेश सुहालका को ज्ञापन सौंपा हैं।
ज्ञापन में बताया-मुंगाना ग्राम पंचायत के गांव कल्याणपुरा की चारागाह भूमि (डांग) पर युकेलिप्टिस के पौधे जो कि करीब 40 साल पूर्व से लगे हुए है। जो काफी पुराने हो गये है। युकेलिप्टिस द्वारा पानी ज्यादा सोखने से हमारे गांव का जलस्तर भी नीचे गहरा चला गया है। युकेलिप्टिस पौधे के नीचे घास भी नहीं उगती है। जिसे हमारे गांव के पशुओं के चरने की भी समस्या उत्पन्न हो रही है। युकेलिप्टिस के कारण आस पास के कुंओं में भी जल स्तर सुख गया है।
इन पौधों के स्थान पर ग्राम पंचायत द्वारा पंचफल मनरेगा योजना के तहत 1000 नए छायादार भीम, शिशम आदि पौधे लगावाये जा रहे है। उनकी सुरक्षा के लिए जिला परिषद मद से चारदीवारी और विधायक मद से तार फेसिंग का काम प्रगति पर है। किसानों की समस्या व पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा उचित कार्य किया जा रहा है। कुछ लोग इसमें बाधा उत्पन्न कर रहे है। जिन्हें पाबंद करवाया जाए।
इस चारागाह पुराने पौधों को हटाकर नये छायादार नीम, शिशम आदि पौधों का प्लांटेशन (PLP) लगवाया जा रहा है। एसडीएम से पुराने पोधे हटाकर नये पौधे लगवाये जाने के लिए सहयोग प्रदान करवाने का आग्रह किया गया हैं। इस अवसर पर सरपंच संघ अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि कैलाश चंद्र अहीर सहित बड़ी संख्या में लोगों मौजूद रहे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/kapasan/news/demand-to-remove-eucalyptus-trees-from-pasture-land-134000831.html
Sunday, 17 November 2024
बहलोड़ में चारागाह जमीन की तरमीम निरस्त करने की मांग: विधायक ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र

उपखंड क्षेत्र जमवारामगढ़ की आंधी तहसील के ग्राम बहलोड़ में एक रसूखदार व्यक्ति को नक्शे में चरागाह भूमि की तरमीम का मामला सामने आने पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्रपाल मीणा ने मुख्य सचिव सुधांश पंत को पत्र लिखकर तरमीम को निरस्त करने की मांग की है। ग्राम बहलोड़ के हाल खाता संख्या 383 चरागाह खसरा नंबर 7 कुल रकबा 59.81 हेक्टेयर भूमि स्थित है।
बहलोड पंचायत की चरागाह भूमि में पेड़
उल्लेखनीय है कि पुत्र कल्याण हिस्सा 1/2 नानगराम पुत्र जगनाथ नायक भंवरलाल पुत्र जगनाथ नायक को पूर्व में भूमि आवंटित हुई थी जो गैर खातेदारी में चल रही थी। बाद में इन लोगों को खातेदारी दे दी गई। इनका कभी किसी भूमि पर कब्जा नहीं रहा है। ग्राम वासियों का कहना है कि जहां इनको भूमि आवंटित हुई थी वहां न देकर इन्होंने षड्यंत्र रचकर चरागाह भूमि में अपनी तरमीम करवा ली है। यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक है तथा इस भूमि में से सीमेंट सड़क भी निकली हुई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन से मिलीभगत कर चरागाह में अपनी भूमि की तरमीम करवा लिया, जिससे ग्राम वासियों में आक्रोश है। ग्राम वासियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक महेंद्र पाल मीना से मिलकर सारी घटना बताई। क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल मीणा ने मुख्य सचिव राजस्थान सरकार को चरागाह भूमि में की गई तरमीम को निरस्त करने की मांग की है।
न्यायालय में भी मामला विचाराधीन
जानकारी में यह भी आया कि उक्त भूमि से संबंधित अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर के न्यायालय में भी मामला विचाराधीन है जिसमें न्यायालय द्वारा मौका व रिकॉर्ड की यथास्थिति के आदेश हैं। ग्राम वासियों का कहना है कि चरागाह भूमि में हजारों सघन बबूल के पेड़ है तथा सरकार के द्वारा ही इसमें पेड़ लगाए गए हैं, जिनकों खातेदार अब चरागाह भूमि में अपना कब्जा करने के लिए इन पेड़ों को काट रहा है जिसकी शिकायत भी तहसीलदार को की जा चुकी है किंतु कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बिना सिवायचक भूमि से क्षतिपूर्ति किए ही चरागाह भूमि में तरमीम कर दी गई, जिनकों की कोई कानूनी अधिकार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से तहसीलदार पक्षकार होने के बावजूद भी तहसीलदार ने नीचे की कोर्ट में अपना पक्ष न रखकर एक पक्षकार को ही लाभ पहुंचाया गया है, जिस कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ है।
जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीणा ने बताया- बहलोड़ के खसरा नंबर 7 में सघन पेड़ हैं। यह भूमि चरागाह भूमि है। ग्राम पंचायत द्वारा इसमें पेड़ लगाए गए हैं। ग्रामीण एवं पंचायत की शिकायत के बाद मैंने चरागाह भूमि में की गई तरमीम को निरस्त करने के लिए मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा है। गैर कानूनी कार्रवाई कोई भी हो निरस्त होनी चाहिए।
इस मामले में उपखंड अधिकारी, जमवारामगढ़ ललित मीणा ने कहा- यदि किसी कास्तकार को भूमि आवंटित हुई है तो उसकी दूसरी जगह चरागाह में तरमीम किया है तो गलत पास फाइल नहीं है ज्यादा है। मेरे जानकारी मैं नहीं है इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।
पंचायत बहलोड़- सरपंच, सुदामा गुर्जर ने बताया- ग्राम पंचायत की एनओसी के बाद वन विभाग ने नर्सरी लगाई थी, जिसको बाद में ग्राम पंचायत को सुपुर्द भी कर दी गई। ग्राम पंचायत द्वारा 2 2 साल में एक बार लूम पातड़ी की नीलामी की जाती है। यह भूमि चरागाह भूमि है इसकी तरमीम करना गलत है। तरमीम को दुरुस्त को दुरुस्त कराने की कार्यवाही कर रखी है।
मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/demand-to-cancel-the-amendment-of-pasture-in-bahlod-133979090.html
Saturday, 14 September 2024
चारागाह पर अतिक्रमण की रिपोर्ट पेश नहीं, तहसीलदार हाजिर हो: हाईकोर्ट
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दौसा जिले की ग्राम पंचायत लोटवाड़ा की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बाद भी रिपोर्ट पेश नहीं करने पर बैजूपाडा तहसीलदार को आगामी सुनवाई पर व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का निर्देश दिया है।
सीजे एमएम श्रीवास्तव व आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश कैलाश चंद की पीआईएल पर दिया। अधिवक्ता प्रेमचंद देवंदा ने बताया कि लोटवाड़ा की पांच बीघा से ज्यादा चारागाह भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर दुकानें बनाई हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राजस्व विभाग के परिपत्रों के अनुसार चारागाह भूमि का उपयोग किसी अन्य काम में नहीं कर सकते। इस संबंध में जिला कलेक्टर सहित स्थानीय अफसरों को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि 2021 में तहसीलदार ने भू-राजस्व अधिनियम की धारा-91 में अतिक्रमियों को बेदखल करने का निर्देश भी दिया था।
मामले में 5 अगस्त को अदालत ने तहसीलदार को चार सप्ताह में अतिक्रमण के संबंध में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। लेकिन पेश नहीं की गई। सुनवाई के दौरान अदालत से कहा कि मामले में सरकारी वकील की जगह एएजी पैरवी करेंगे। जिस पर अदालत ने कहा कि भले ही केस से जुडे सरकारी वकील बदल गए हों, लेकिन अदालत को आदेश की पालना से मतलब है। इसलिए तहसीलदार पेश होकर स्पष्टीकरण दें।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/news/report-on-encroachment-on-pasture-not-presented-tehsildar-should-appear-high-court-133638789.html
Monday, 5 August 2024
जयसमंद के बहाव क्षेत्र की चारागाह भूमि को हरियाली का इंतजार, आंखें मूंद रहे जिम्मेदार
मनरेगा में 9 लाख 96 हजार रुपए की लागत से विकास कार्य सहित किया जाना था पौधरोपण। स्वीकृति के एक माह बाद भी नहीं हुआ काम शुरू।
मालाखेड़ा। जयसमंद बांध के बहाव क्षेत्र की चारागाह जमीन पर हरियाली नजर नहीं आ रही है। इस जमीन पर राजस्व विभाग ने अभी तक निशान देही नहीं कराई, जिसके चलते मनरेगा योजना के तहत 9 लाख 96 हजार रुपए से अधिक की लागत से चारागाह विकास एवं पौधारोपण कार्य एक महीने से अटका हुआ है।
सूत्रों के अनुसार महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत पंचायत समिति उमरैण के सहायक अभियंता ने केसरपुर पंचायत मुख्यालय में चारागाह विकास एवं पौधरोपण विकास कार्य का प्रस्ताव जिला परिषद को भेजा था। जहां पंचायत समिति के सहायक अभियंता ने जिला परिषद से स्वीकृति मिलने के साथ ही 2 जुलाई को 9 लाख 96 हजार राशि चारागाह विकास एवं पौधरोपण के लिए स्वीकृत की गई। इस स्वीकृति के अनुसार मौके पर 2000 गड्ढे़ खोदकर पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन एक महीना गुजरने के बाद भी अभी मौके पर कार्य शुरू नहीं हुआ है।
जमीन पर अतिक्रमण
सरपंच नुसरत ने बताया उक्त सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। जहां राजस्व विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक पैमाइश और निशान देही नहीं हुई। आरोप है कि अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत केसरपुर क्षेत्र में जयसमंद बांध के बहाव क्षेत्र की चारागाह भूमि पर निशान देही तथा सीमाज्ञान राजस्व विभाग की ओर से नहीं कराने से एक महीने से 9 लाख 96 हजार के फेंसिंग, पौधरोपण का कार्य अटका हुआ है। अलवर तहसील के भू अभिलेख निरीक्षक मंडल भूगोर के पटवार मंडल केसरपुर के पास 10 हैक्टेयर भूमि है, जिसमें पैमाइश कर दी जाए तो शेष तरह का भूमि पर ग्राम पंचायत केसरपुर की ओर से 3 वर्षीय चारागाह पौधरोपण विकास कार्य को सार्वजनिक हित के लिए शुरू किया जा सकता है। विशेष सूत्रों के मुताबिक राजस्व विभाग के एक कथित कर्मचारी की मिलीभगत और उदासीनता से अभी तक चारागाह भूमि की पैमाइश नहीं हो पा रही है। इस गांव के लोगों का कहना है क्षेत्र हरा-भरा बना रहे, इसके लिए चारागाह भूमि से दबंग लोगों का अतिक्रमण हटाना जरूरी है।
भूमि की पैमाइश के बाद ही कार्य संभव
मनरेगा अभियंता गोविंदसिंह का कहना है कि तीन वर्षीय चारागाह विकास एवं पौधरोपण की कार्य योजना है। यहां 2000 पौधे लगाने का लक्ष्य है। इससे पहले पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी, फेंसिंग जरूरी है, लेकिन इस सरकारी भूमि पर कई जगह लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, जिसके चलते तारबंदी, फेंसिंग नहीं हो पा रही। यह कार्य चारागाह भूमि की पैमाइश के पश्चात ही संभव होगा। इसके लिए तहसीलदार अलवर को काफी समय पहले ही पत्र प्रेषित किया जा चुका है।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/news-bulletin/the-pasture-land-of-the-jaisamand-river-is-waiting-for-greenery-the-responsible-people-are-turning-a-blind-eye-18890495
Monday, 22 July 2024
विलायती बबूल बना हर जिले में संकटकारी, करना पड़ेगा जलाकर कोयला
बारिश, पानी की उपलब्धता और पौधरोपण की जागरूकता में हजारों किस्म के पौधे पनपाए जा सकते है, लेकिन घातक विलायती बबूल 500 तरह की प्रजातियों को तो अब तक खत्म कर चुका है।

Thursday, 18 July 2024
सोइंतरा: पौधरोपण और घास बुवाई की जानकारी दी

सोइंतरा। जिला परिषद जोधपुर एवं आईटीसी मिशन सुनहरा कल, फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्यूरिटी के संयुक्त तत्वाधान में चारागाह भूमि में पौधारोपण और घास बुवाई की जानकारी दी गई। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी से केशर सिंह ने गड्डा खुदाई, सुरक्षा, थवला, बनाने के साथ 1+3 बिज पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी और फुली देवी ने शामलात की पहचान और महत्व के बारे में चर्चा करते हुई महिला किस प्रकार अपनी भूमिका निभा सकती है। सरपंच गोविंदसिंह सोइंतरा ने पर्यावरण संरक्षण की महत्ता बताई। इस मौके पिंकी जोशी, ममता शर्मा, मदनसिंह, शोभाकंवर, लीला आदि मौजूद थे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/sointra-information-given-about-plantation-and-sowing-of-grass-133341968.html
Thursday, 27 June 2024
चरागाह पर अतिक्रमण, पीएलपीसी में दर्ज हो मामला

भूपालसागर | उपखंड की पारी ग्राम पंचायत के राजस्व गांव पारी का खेड़ा (बलानो का खेड़ा) में स्थित चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने को लेकर उपखण्ड अधिकारी पुनीत कुमार गेलड़ा को चरागाह विकास समिति ने सार्वजनिक भूमि संरक्षण सेल (पीएलपीसी) में मामला दर्ज करने और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि पारी का खेड़ा में रिकॉर्ड के अनुसार खाता संख्या 217 में 13.39 हेक्टेयर चरागाह भूमि है।
इसपर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। 2019 से उपखण्ड अधिकारी भूपालसागर को रिपोर्ट देते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान चरागाह विकास समिति अध्यक्ष पप्पू लाल गुर्जर, सदस्य मदन लाल गुर्जर, भैरू लाल गाडरी आदि उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने कहा कि अब जल्द कार्रवाई नहीं होगी तो उपखण्ड कार्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/bhopalsagar/news/encroachment-on-pasture-land-case-should-be-registered-in-plpc-133243401.html
Saturday, 27 April 2024
चारागाह भूमि में बसी बस्तियां, आबादी में कन्वर्ट कर ग्रामीणों को सुविधा दी जाए
करीबी गांवों में चारागाह भूमि पर बसी बस्तियां आबादी में कन्वर्ट नहीं होने से ग्रामीणों को जरूरी सुविधाओं से मोहताज होना पड़ रहा है। बिजली कनेक्शनों, आवास योजना, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
Monday, 5 February 2024
चारागाह भूमि पर क्रेशर मशीन लगाने का विरोध:स्कूल मैदान में धूल, मिट्टी से परेशानी; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

तहसील पचपहाड़ के ग्राम गुराड़िया झाला में स्थित चारागाह भूमि पर क्रशर मशीन लगाने का विरोध करते हुए ग्राम वासियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। ग्राम गुराड़िया झाला के खसरा संख्या 425/02 चारागाह भूमि है, जिस पर पानी की तलाई बनी हुईं है। इसके पास है स्कूल का मैदान और अन्य काश्तकारों की भूमि स्थित है।
Friday, 19 January 2024
आखिर ग्रामीणों की जीत, चारागाह भूमि से काटे जाने वाले रास्ते का आदेश निरस्त
- ग्रामीणों का एक दल भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी से मिला फिर हुआ असर
- डाबला गांव के ग्रामीण शुरू से थे चारागाह भूमि से रास्ता काटने के विरोध में
- ग्रामीणों का आरोप आम रास्ते की बजाए खननकर्ताओं को मिल रहा था फायदा
- अवैध माईनिंग व भारी ब्लास्टिंग से चर्चा में है डाबला गांव
नीमकाथाना. अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग के कारण डाबला गांव चर्चा में रहा है। यहां खननकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए चारागाह भूमि से काटे जाने वाले रास्ते के विरोध में उतरे ग्रामीणों की 2011 के बाद फिर 2023 में आखिरकार जीत हुई है। मामले को लेकर ग्रामीणों का एक दल भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अलवर में राहुल गांधी से मिला था। ग्रामीणों को इसी का फायदा मिला। ग्राम पंचायत के अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में जिला कलक्टर ने आदेश को निरस्त कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले डाबला में सार्वजनिक रास्ता निकालने के लिए आरक्षित (सेट अपार्ट) एवं इसकी क्षतिपूर्ति के लिए गांव में ही बंजर भूमि से चारागाह दर्ज किए जाने के प्रस्ताव भेजकर अभिशंषा की गई थी। साथ ही रास्ते को सार्वजनिक प्रयोजनार्थ सेट अपार्ट करना नितांत्त आवश्यक बताया गया था। प्रशासन ने रकबा 0.82 हैक्टेयर भूमि चारागाह से पृथक कर 30 फीट चौड़े रास्ते के लिए आरक्षित (सेट अपार्ट) किया। वहीं चारागाह भूमि की क्षतिपूर्ति के लिए खसरा नंबर 1740/2 रकबा 2.17 हैक्टेयर किस्म बजंड में से 0.82 हैक्टेयर किस्म बंजर को चारागाह घोषित करने के आदेश जारी किए गए थे। डाबला इलाके में बड़ी मात्रा में खनिज संपदा का भंडार होने से वर्ष 2011 में भी माफिया ने क्रेशर व खनन शुरू करने के दौरान प्रशासन ने परिवहन के लिए चारागाह भूमि से रास्ता काटने के आदेश जारी किए थे, जिसका ग्रामीणों के जमकर आंदोलन करने पर तत्कालीन जिला कलक्टर धर्मेन्द्र भटनागर को काटे गए रास्ते के आदेश को निरस्त करना पड़ा था। इसके बाद आंदोनल शांत हुआ था।
एसडीएम कार्यालय के बाहर चला था धरना
वर्ष 2011 में रास्ता काटने पर ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय के सामने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन व अनशन किया था। उस दौरान कई अनशनकारियों की तबियत भी बिगड़ गई थी। अनशनकारियों के समर्थन में महिलाओं के उतरने के बाद आंदोलन ओर तेज हुआ। अंत में प्रशासन ने चारागाह भूमि से रास्ता काटने का फैसला वापस लिया।
Tuesday, 9 January 2024
सैंकड़ों बीघा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण कर लहलहा रहे फसलें खूब कमाई कर रहे दबंग, चारा पानी के लिए तरस रहे पशु

वहीं वह जगह जहां से परंपरागत रास्ते बने हुए थे। जिनके सहारे पशु चरागाह में पहुंचा करते थे। उन रास्तों को बंद कर दिया गया। जिससे पशुओं को मजबूरी बस हाइवे किनारे इधर उधर भटकना पड़ता है और दुर्घटनाएं भी ऐसे में हो जाती हैं। चरागाह भूमि की रिपोर्ट जिला कलक्टर को भेजी जा चुरकी है।
शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र में लाखों रुपए का बजट धनराशि खर्च करके चरागाह भूमि को सुरक्षित रखने के लिए बोर्ड लगाए गए थे। जिन पर लाखों रूपए खर्च हुए। उन चरागाह भूमि होने के लगे बोर्ड को उखाड़ के फेंक दिया। इनमें चरागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने के निर्देश लिखे हुए थे। बोर्ड काटकर फेंक जाने के बाद भी कोई कार्यवाही अतिक्रमण के खिलाफ नहीं की गई।
वहीं पशुओं के हिस्से की भूमि पर खेती करके प्रभावशाली लोग अतिक्रमण करने वाले लाखों रुपए की पैदावार ले रहे हैं और गौवशों के भूखे मरने की नौबत आ रही है।
Wednesday, 20 December 2023
हाईकोर्ट का जेडीए को नोटिस, चारागाह के लिए वैकल्पिक भूमि का प्रस्ताव पेश करें
जोधपुर
जोधपुर | राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर विकास प्राधिकरण को मेडिकल विश्वविद्यालय को दी जाने वाली चारागाह भूमि के बदले चारागाह प्रयोजन के लिए वैकल्पिक भूमि के संबंध में उचित प्रस्ताव अगली सुनवाई पर पेश करने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक सीजे एमएम श्रीवास्तव व जस्टिस आरपी सोनी की खंडपीठ के समक्ष हनुमान राम जांगिड़ व अन्य की ओर से अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित ने याचिका पेश की।
याचिका में कोर्ट को बताया कि संपूर्णानंद आयुर्विज्ञान महाविद्यालय को मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम बोरावास के खसरा नम्बर 1, 2 व 3 में 100 बीघा भूमि नि:शुल्क आवंटन की जा रही है जिसके लिए जेडीए ने पत्र भी जारी कर दिया। अधिवक्ता राजपुरोहित ने कहा कि जेडीए ने जो भूमि मेडिकल विश्वविद्यालय के लिए जो 100 बीघा भूमि आवंटित की है वो गोचर की है। नियमानुसार गोचर भूमि के बदले वैकल्पिक भूमि देनी पड़ती है लेकिन गोचर के बदले भूमि नहीं दी। कोर्ट ने जेडीए को नोटिस जारी करते हुए कहा कि चारागाह के लिए वैकल्पिक भूमि को लेकर प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए हैं।
https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jodhpur/news/high-courts-notice-to-jda-submit-proposal-for-alternative-land-for-pasture-132314065.html
Thursday, 3 August 2023
मडालिया जोगा में चारागाह व आम रास्तों में हो रहे अतिक्रमण, ग्रामवासियों ने ज्ञापन दिया
पंचायत समिति की ग्राम पंचायत झाड़ला के मडालिया जोगा में आम रास्तों व चारागाह भूमि पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अतिक्रमण कर रखा है जिससे गांव के लोगों को आने जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है लोगों ने कई बार अतिक्रमियों को उलाहना देने के बावजूद भी अतिक्रमण नहीं हटाया।
रास्ते में जगह नहीं होने के कारण स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे कई बार गिरकर चोट ग्रस्त हो गए। खेत में जाने वाले महिलाएं व पुरुष को गंदगी व कीचड़ में से निकलना पड़ता है। वहीं चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण पशुओं के लिए चारा संकट है मजबूरन लोगों को पशुओं के लिए चारा महंगे भाव में खरीद कर खिलाना पड़ता है। आम रास्ते में दोनों तरफ बबूल की झाड़ियां डाल रखी है तथा कहीं लोगों ने कच्चे पक्के निर्माण कर लिए हैं। जिससे आम आदमी परेशान हो रहे है। परेशान होकर चारागाह भूमि का खसरा नंबर 371 किस्म चारागाह भूमि पर फसल ही बो दिए हैं एवं खसरा नंबर 107, 181, 216, 292 किस्म गैर मुमकिन रास्ता में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
इस संदर्भ में ग्रामीणों ने तहसीलदार ममता यादव व विकास अधिकारी सागरमल समोदा माधोराजपुरा और झाड़ला सरपंच भंवर किशोर सिंह को लिखित में देखकर जल्दी ही रास्ता दूरस्त कराने की मांग की है।
ज्ञापन देने के दौरान ग्रामीण रोहिताश जाट, शिवजी राम जाट, इंद्र सिंह, भंवर लाल शर्मा, रामजीलाल शर्मा, सुर ज्ञान दरोगा, करण सिंह, श्योजीराम बैरवा, गोपाल जाट, रामकिशोर जांगिड़ ने कहा किजल्दी ही चारागाह भूमि ग्राम रास्तों का अतिक्रमण नहीं हटाया तो बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी संपूर्ण प्रशासन की होगी। तहसीलदार ममता यादव ने कहा कि जल्दी ही पटवारी व गिरदावर से जांच करवा के अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
Thursday, 30 March 2023
निरीक्षण: सीईओ ने नया सानवाड़ा में मनरेगा का किया निरीक्षण
जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. टी. शुभ मंगला बुधवार को पिंडवाड़ा पंचायत समिति के ग्राम पंचायतों के दौरे पर रही। सीईओ ने नया सानवाड़ा ग्राम पंचायत के भूरी नाड़ी में चल रहे मनरेगा कार्य का निरीक्षण किया। कार्य स्थल पर काम को देखा और काम के बारे में जेटीए रविकांत से जानकारी ली। जेटीए ने ऑनलाइन हाजिर में सरवर डाउन के बारे बताया, जिसमें हाजिर भरने में समस्या आती है। ग्राम विकास अधिकारी ईश्वरलाल रावल से 100 दिवस कितने लोगों के पूरे हुए उनकी जानकारी चाही व मुख्यमंत्री रोजगार गारंटी के कितने जॉबकार्ड जारी हुए।
लोगों को काम देकर सही समय पर दिवस पूरे करने को कहा। इस दौरान सीईओ ने चारागाह भूमि को विकसित करने को कहा। सरपंच अलका रावल से कहा कि पटवारी से भूमि की पैमाइश करवा कर भूरी नाडी के पास की चारागाह भूमि को विकसित करने को कहा। इस मौके पिंडवाड़ा बीडीओ महिपाल सिंह, सहायक अभियंता नरेंद्र कुमावत, जेटीए रविकांत मौजूद रहे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sirohi/mount-abu/news/ceo-inspected-mnrega-in-naya-sanwada-131100830.html
Friday, 17 March 2023
चारागाह जमीन पर टीचर समेत 2 लोगों ने किया कब्जा: तारबंदी करने के लिए डाले सीमेंट के पिलर, ग्रामीणों की अतिक्रमण हटाने की मांग

टोंक जिले के घाड़ पटवार हलका क्षेत्र में चारागाह जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया। ग्रामीणों ने एक टीचर समेत 2 लोगों पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। लोगों ने बताया कि 2-3 दिन में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार टोंक जिले में कुछ लोग सरकारी जमीन के साथ ही चारागाह जमीन पर अतिक्रमण करने में लगे हुए है। घाड़ पटवार क्षेत्र में भी खसरा नंबर 1843 में करीब 8 बीघा गौचर जमीन पर जेसीबी मशीन से बबूलों को निकलवाकर कब्जा किया जा रहा है। केदारा गांव के लोगों ने बुधवार को दूनी तहसीलदार रामसिंह मीणा को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि सरकारी टीचर बाबूलाल पुत्र श्योजीराम मीणा निवासी खरोई और राजेन्द्र पुत्र जगदीश मीणा निवासी केदारा ने करीब 8 बीघा चारागाह जमीन पर बबूल के पेड़ निकालकर कब्जा कर लिया है। इसे समय रहते नहीं रोका गया तो चारागाह जमीन पर पूरी तरह से अतिक्रमण कर लिया जाएगा। आरोपियों ने जमीन पर तारबंदी करने के लिए सीमेंट के पिलर डाल रखे हैं। इन पिलरों को जल्द नहीं हटाया गया तो आरोपी स्थायी अतिक्रमण कर लेंगे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/tonk/news/2-people-including-teacher-encroached-on-pasture-land-in-tonk-131041823.html
Thursday, 16 February 2023
मंत्री बोले, किस्म परिवर्तन के बिना चारागाह भूमि पर जारी नहींं होंंगे पट्टे
जयपुर
Published: Feb 16, 2023
Submitted by: Rahul Singh
राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज भूमि में किस्म का परिवर्तन हुए बिना पट्टे जारी नहीं किए जा सकते हैं।
राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज भूमि में किस्म का परिवर्तन हुए बिना पट्टे जारी नहीं किए जा सकते हैं। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने गुरूवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में ये घोषणा कीं धारीवाल ने प्रश्नकाल के दौरान अपने जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास कच्ची बस्ती में चारागाह भूमि पर पट्टों के आवेदन वर्तमान में लम्बित हैं, क्योंकि नियमानुसार इस भूमि पर पट्टे जारी नहीं कर सकते हैं।
इससे पहले स्वायत्त शासन मंत्री ने विधायक रामलाल मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि नगर परिषद प्रतापगढ में स्थित बगवास सर्वेशुदा कच्ची बस्ती है, जबकि तिलक नगर कृषि/आबादी भूमि पर स्थित कॉलोनी है। उन्होंने बताया कि बगवास कच्ची बस्ती में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे के लिए कच्ची बस्ती के कुल 571 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें आबादी भूमि के 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 41 निरस्त कर दिए गए और 48 को पट्टे जारी किए। इसी प्रकार चारागाह भूमि के 185 आवेदन तथा रीको भूमि के 297 आवेदन प्राप्त हुए, जो प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने कहा कि आबादी भूमि पर निजी खातेदारी, नाला, सार्वजनिक निर्माण विभाग की भूमि एवं एक से अधिक आवेदन होने से 41 आवेदन निरस्त किए गए हैं। राजस्व रिकार्ड में चारागाह भूमि की किस्म परिवर्तित होने एवं रीको से एनओसी प्राप्त होने पर पट्टे जारी किए जा सकेंगे। धारीवाल ने बताया कि तिलक नगर में प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के अंतर्गत पट्टे के लिए कुल 21 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिनमें से 19 प्रकरण निस्तारित किए जा चुके हैं और शेष दो प्रकरण आवेदक की ओर से राशि जमा नहीं कराने के कारण लम्बित है।
https://www.patrika.com/jaipur-news/leases-will-not-be-issued-on-pasture-land-without-variety-change-8047783/
Monday, 30 January 2023
राजस्थान: नौगावां में उपयुक्त भूमि मिलने पर ही की जाएगी नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना - उद्योग मंत्री
Wednesday, 18 January 2023
टोंक जिले में चारागाह जमीन पर अवैध खनन: मवेशियों के लिए बना चारे का संकट, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई

टोंक जिले में चारागाह जमीन पर अवैध खनन से लेकर अतिक्रमण के चलते मवेशियों के लिए चारे का संकट बनता जा रहा है। कई जगह पशुपालकों और गौसेवक संबंधित प्रशासन से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कुछ दिनों से पीपलू क्षेत्र के पासरोटिया गांव के पास चारागाह भूमि पर जेसीबी से दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है। इसकी शिकायत लोगों ने संबंधित प्रशासन से की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।
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By: Vijay | 2026-08-05 जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) तहसील के अंतर्गत बरोदा पटवार मंडल के लक्ष्मीपुरा गांव में स्थित सार्वजनिक चरागाह भूमि...







