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Monday, 16 June 2025

चरागाह भूमि में होगा पौधरोपण, बबूल हटाने का कार्य जारी: ग्राम पंचायत द्वारा इस वर्ष बरसाती मौसम में चरागाह भूमि पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा।

 खटकड़. ग्राम पंचायत द्वारा इस वर्ष बरसाती मौसम में चरागाह भूमि पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत चरागाह भूमि से अंग्रेजी बबूल हटाने का कार्य जोरों पर जारी है। कार्य स्थल पर जेसीबी, ट्रैक्टर, ट्रेलर आदि साधनों के साथ दर्जनों मजदूर जुटे हुए हैं।

ग्राम पंचायत ने चरागाह भूमि की सुरक्षा के लिए चारों ओर तारबंदी (तार फेंसिंग) हेतु 1 करोड़ का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। जानकारी के अनुसार गांव में कुल 600 बीघा से अधिक चरागाह भूमि है, जो मेज नदी के दोनों ओर फैली हुई है। प्रारंभिक चरण में गौशाला की ओर स्थित भूमि को साफ कर पौधरोपण की तैयारी की जा रही है। जेसीबी से बबूल के पेड़ों को जड़ से उखाड़कर ट्रेलरों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। अब तक करीब 200 बीघा भूमि से बबूल हटाया जा चुका है। नदी के एक ओर की भूमि की पूरी सफाई होने के बाद पौधरोपण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

चारागाह भूमि में पौधरोपण किया जाएगा, जिसके लिए बबूल हटाकर सफाई करवाई जा रही है। राज्य सरकार द्वारा तारबंदी के प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसके अंतर्गत 1 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

भवानीशंकर मीना, प्रशासक

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bundi-news/plantation-will-be-done-in-pasture-land-work-of-removing-acacia-continues-19675152

Tuesday, 25 March 2025

चारागाह भूमि का बकाया 29 तक जमा करें

 बूंदी. हिंडौली तहसील में राजस्व मद 0029 के तहत करीब 1 करोड़ रुपए की बकाया वसूली लंबित है। तहसीलदार कमलेश मीणा ने बताया कि जिन किसानों पर सिवायचक और चारागाह भूमि का बकाया है। उनकी सूची सभी पटवारियों के पास है। सभी काश्तकार अपने पटवारी हल्का से संपर्क कर 29 मार्च तक पूरी राशि जमा कर रसीद लें। तय समय तक बकाया नहीं चुकाने पर काश्तकारों के खिलाफ भौतिक बेदखली की कार्रवाई होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी काश्तकार की होगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/deposit-pasture-land-dues-by-29th-134704266.html


Monday, 24 March 2025

ढाई साल में फलदार पौधों से लहलहाई बंजर भूमि

  • पहल. एनिकट बना रहे, जिसका पानी 100 बीघा में भरा रहेगा, गर्मी में मिल सकेगा पानी

भास्कर न्यूज। बूंदी


कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को मरते हुए देखकर ग्राम पंचायत बड़ाखेड़ा ने क्षेत्र की बंजर पड़ी चारागाह भूमि को ऑक्सीजन जोन बनाने का संकल्प लिया। महज ढाई साल में ही फलदार व अन्य पौधों से बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर हरा-भरा कर दिया। 200 बीघा से अधिक भूमि को संरक्षित करते हुए यहां फलदार व अन्य छायादार पौधों लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस पहल की है। वहीं, इससे पंचायत की आमदनी बढ़ाने पर भी फोकस है। पंचायत के इस कार्य को देखने के लिए 18 राज्यों के विशेषज्ञ इस कार्य को देखने व समझने के लिए आ चुके हैं।

बूंदी में चारागाह भूमि के विकास को लेकर योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन धरातल पर नहीं उतरती। इससे अलग पहचान बनाते हुए बड़ाखेड़ा पंचायत ने पर्यावरण व चारागाह भूमि के संरक्षण की ठोस पहल की। सीमित संसाधनों से 200 बीघा चारागाह भूमि को फलदार व छायादार पौधों से हरा-भरा कर दिया। इस पहल को लेकर पंचायत प्रशासन के साथ ग्रामीण खुश हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने भी इस पहल की तारीफ की है। पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह ने बताया कि क्षेत्र का जलस्तर बनाए रखने, पौधों और जंगली जानवरों के लिए गर्मी में पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर एनीकट बनाया जा रहा है, जिसका पानी करीब 100 बीघा में भरा रहेगा। इससे गर्मी में जंगली जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा, ताकि वे पानी की तलाश में गर्मी में आबादी क्षेत्र में नहीं आए।

ऑक्सीजन जोन और इको टूरिज्म पर फोकस पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह बताते हैं कि इस पहल के पीछे ग्रामीणों को चारागाह के संरक्षण से जोड़ना है। साथ ही ग्रामीण स्तर पर एक ऐसा क्षेत्र विकसित करना था, जो पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी हो और ग्रामीण इसके प्रति जवाबदेह बने। कोरोनाकाल में ऑक्सीजन जोन खूब चर्चा में आए, इसलिए भी इस पहल को लेकर रुझान बढ़ा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/in-two-and-a-half-years-the-barren-land-was-filled-with-fruit-trees-134696856.html

Monday, 3 February 2025

ग्रामीणों की जीवन रेखा है चारागाह समितियां मजबूत हों, अतिक्रमण हटे


भास्कर न्यूज| बूंदी

ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कार्यक्रम हुआ। एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा की ओर से नैनवां रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में शामलात भूमि की पुनर्स्थापना, चारागाह संरक्षण पर सेमिनार रखी। इसमें ग्रामीण समुदायों का एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यक्रम हुआ।

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) बीआर जाट और पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह मुख्य अतिथि रहे। एफईएस संस्था के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि बीआर जाट ने कहा कि चारागाह ग्रामीणों की जीवन रेखा है और इनके संरक्षण, विकास के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चारागाह विकास समितियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को वर्षभर पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान चारागाह विकास में बेहतर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों हिंडौली की सथूर, पेच की बावड़ी, नैनवां की दुगारी, केशवरायपाटन ब्लॉक से बड़ाखेड़ा, गुढ़ा गांव, बूंदी ब्लॉक से नमाना, अजेता, तालेड़ा ब्लॉक से डाबी, बुधपुरा, गोपालपुरा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों एफईएस संस्था से रीजनल कोऑर्डिनेटर कैलाश शर्मा, द नाहर संस्था बूंदी सचिव संजय खान, पीपल फॉर एनीमल्स संस्था से बिट्ठल सनाढ्य, हेल्प इन रिस्क संस्थान, बूंदी सचिव मनोज कुमार, सदस्य लाइकुद्दीन पठान, युवा सेवा साथी संस्थान प्रदेशाध्यक्ष विकास पांचाल, सदस्य तुलसीराम सैनी, प्रेम समृद्धि फाउंडेशन अध्यक्ष पदम जैन, आईटीसी-एफईएस संस्थान से अनिल जैन, सुरेश वैष्णव, मंजू शर्मा ने भाग लिया।

ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य पर सम्मानित किया

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/pastures-are-the-lifeline-of-the-villagers-committees-should-be-strengthened-encroachment-should-be-removed-134404494.html

Friday, 31 January 2025

ग्रामीण समुदायों के लिए क्षमतावर्धन कार्यक्रम:चारागाह विकास पर विशेष फोकस, अतिक्रमण रोकने पर जोर

                            उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारागाह विकास समिति सदस्यों को​किया सम्मानित।

बूंदी में शुक्रवार को महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नैनवां रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शामलात भूमि की पुनर्स्थापना और चारागाह विकास को लेकर ग्रामीण समुदायों का क्षमतावर्धन करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.आर. जाट ने चारागाहों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चारागाह ग्रामीणों की जीवन रेखा हैं और इनके विकास के लिए हर गांव में विशेष समितियां गठित की जा रही हैं। उन्होंने चारागाहों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल, जंगल और चारागाह पर सभी का समान अधिकार है।

बूंदी के पूर्व राज परिवार के सदस्य और नाहर फाउंडेशन के संरक्षक वंशवर्धन सिंह ने चारागाह विकास समितियों के कार्यों की सराहना करते हुए इन्हें और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चारागाह संरक्षण के प्रावधानों और लाभों के बारे में ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने की वकालत की।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चारागाह विकास समिति सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर एफईएस संस्था के रीजनल कोऑर्डिनेटर कैलाश शर्मा, नाहर फाउंडेशन के अध्यक्ष पृथ्वी सिंह राजावत, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और ग्राम पंचायतों के चारागाह विकास समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/capacity-building-programmes-for-rural-communities-bundi-rajasthan-134390227.html


Wednesday, 29 January 2025

चारागाह विकास के लिए बूंदी में अनूठी पहल: शामलात जागरूकता रथयात्रा शुरू, 9 गांवों में नुक्कड़ नाटक; कठपुतली से देंगे जानकारी

चारागाह विकास के लिए शामलात जागरूकता रथयात्रा शुरू।

बूंदी में चारागाह विकास और जागरूकता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। जिला प्रमुख श्रीमती चन्द्रावती कंवर ने मंगलवार को जिला परिषद परिसर से तीन दिवसीय शामलात जागरूकता शोध रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा के अनुसार, यह रथयात्रा महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा कल की पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य बंजर और चारागाह भूमि के विकास के बारे में लोगों को जागरूक करना है। यह अभियान 28 से 30 जनवरी तक चलेगा।

रथयात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है

पहले दिन सथूर, पेच की बावड़ी और फुलेता में, दूसरे दिन आंतरदा, गुढा, अरनेठा में, और अंतिम दिन लक्ष्मीपुरा, रामगंज और हट्टीपुरा में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जागरूकता फैलाने के लिए कठपुतली नृत्य और नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही आईईसी सामग्री का वितरण भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.आर. जाट, एक्सईएन प्रियव्रत सिंह, लेखाधिकारी रविन्द्र कुमार जिंदल, एईएन खुशाल मीणा, एफईएस संस्था से कैलाश शर्मा और मंजू शर्मा तथा पीएफए संस्था से विट्ठल सनाढ्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/unique-initiative-in-bundi-for-pasture-development-bundi-rajasthan-134370568.html

Tuesday, 28 January 2025

बटवाड़ी की चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग

बूंदी. बटवाड़ीकी चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इसमें लिखा कि बटवाड़ी में आबादी भूमि के पास ही चारागाह भूमि स्थित है जिस पर बरसों से गांव के जानवर चारा चरते हैं, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने चारागाह भूमि पर जेसीबी मशीन से खाई लगाकर कांटों की बाड़ बना ली है और फसलें पैदा करने लगे हैं। ऐसे में जानवरों को चराने का संकट खड़ा हो गया है। बटवाड़ी के ग्रामीणों ने ही एक अन्य ज्ञापन अवैध खनन रुकवाने की मांग को लेकर कलेक्टर को दिया। इसमें लिखा की बटवाड़ी, उमर में अवैध खनन का काम चल रहा है। ब्लास्टिंग किए जाने से भवनों को नुकसान हो रहा है। कई बार आबादी के समीप पत्थर आकर गिरते हैं। वहीं धूल, मिट्टी उड़ने से बीमारियां फैलने का अंदेशा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-bundi-news-030014-2777860-nor.html

Thursday, 26 December 2024

बंबूली में चारागाह और सिवायचक भूमि से अतिक्रमण हटाया


भास्कर न्यूज | नैनवां

राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ता के साथ बंबूली गांव में पहुंची, जहां बंबूली से लालगंज रोड की दोनों साइडों पर चारागाह व सिवायचक भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया।

अतिक्रमण हटाने के दौरान तहसीलदार रामराय मीणा, नायब तहसीलदार रामदेव खरेड़िया, ग्राम विकास अधिकारी लक्ष्मणसिंह, पंचायत सहायक लोकेश नागर, रजलावता कानूनगो जानकीलाल मीणा, पटवारी परमानंद गुर्जर, पटवार मंडल देई, बुद्धिप्रकाश शर्मा पटवार मंडल रजलावता, कैलाशचंद नागर पटवार मंडल कैथूदा, ज्ञानचंद चौधरी पटवार मंडल जजावर, दिलीप गोयल पटवार मंडल बंबूली, थानाधिकारी महेंद्र यादव, एएसआई रमेशकुमार, देवलाल मय जाब्ता आरएसी के जवान शामिल रहे। चारागाह भूमि में खड़ी चने की फसल को जेसीबी से हटाया, जिसका कुछ लोगों ने विरोध भी किया, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने का आदेश दिखाकर अतिक्रमण हटाया।

नायब तहसीलदार रामदेव खरेडिया ने बताया कि बंबूूली से लालगंज रोड की दोनों साइडों पर चारागाह व सिवायचक भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/nainwa/news/encroachment-removed-from-pasture-and-vacant-land-in-bambuli-134183385.html

Monday, 23 December 2024

धोकड़े के पेड़ों पर चल रही है कुल्हाड़ी

सर्दियों के मौसम में जलाऊ लकड़ियों व कुल्हाड़ी के बांसे आदि बनाने के लिए इन दिनों बूंदी के जंगलों व अन्य सरकारी जमीनों पर धोक के पेड़ों की कटाई बड़े पैमाने पर हो रही है।

गुढ़ानाथावतान. वन विभाग के गश्ती दल द्वारा पकड़ी गई धोक की गीली लकड़ियों से भरी मेटाडोर।

गुढ़ानाथावतान. सर्दियों के मौसम में जलाऊ लकड़ियों व कुल्हाड़ी के बांसे आदि बनाने के लिए इन दिनों बूंदी के जंगलों व अन्य सरकारी जमीनों पर धोक के पेड़ों की कटाई बड़े पैमाने पर हो रही है। जिले में धोक के जंगलों की बहुतायत है तथा इस अमूल्य वनस्पति को इस तरह काटा जाना जैव विविधता के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।

जानकारी के अनुसार हिंडोली व बूंदी वन क्षेत्र के साथ सरकारी व चारागाह भूमियों पर उगे धोक के पेड़ों पर इन दिनों लकड़ी माफिया की नजर है। सर्दियों का फायदा उठाते हुए आरा मशीन संचालक धोक के पेड़ों की कटाई में लगे हैं। हिंडोली क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेड़ों की कटाई हो रही है। शनिवार को वन विभाग के बूंदी रेंज के सथूर नाका स्टाफ़ ने धोक की लकड़ियों से भरी एक मेटाडोर को जब्त किया।

जानकारी करने पर पता चला कि हिंडोली क्षेत्र से धोक की लकड़ी काटी गई है। वन विभाग ने जिले के सथूर के पास गीली लकड़ियों से भरी इस मेटाडोर को पकड़ा जिसमें धोक की लकड़ियां भरी हुई थी। गौरतलब है कि वन अधिनियम के तहत धोक की कटाई एवं परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। जिले में अवैध रूप से हो रहे धोक के हरे पेड़ों के परिवहन ने पूरे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।

इनका कहना है

धोक से भरी मेटाडोर हमने पकड़ी है जिसकी जांच पड़ताल कर रहे हैं की पेड़ कोनसी भूमि से काटे गए हैं तथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

डॉ. दीपक जासु, क्षेत्रीय वन अधिकारी,बूंदी

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bundi-news/axe-is-being-used-on-the-trees-of-dhokda-19257571

 

Monday, 18 November 2024

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण जिला कलेक्टर से शिकायत

हिंडौली। बटवाड़ी के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाने और अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इसमें बताया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने मुक्तिधाम की जमीन, चारागाह भूमि पर जबरन अतिक्रमण कर रखा है। साथ ही मुक्तिधाम तक जाने के रास्ते पर भी कब्जा कर रखा है। मन्नीदेवी प लाडू सिंह ने कब्जा करने के लिए पुराने पेड़ों की कटाई भी कर दी है। इससे पहले भी तहसीलदार और एसडीएम को भी अतिक्रमण हटाने को लेकर ज्ञापन दे चुके हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमी के खिलाफ कार्रवाई कर पाबंद करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जगदीश, अनिता मीणा, सीताराम, लक्ष्मण, रामपाल, महावीर मीणा, ईश्वरसिंह, जगदीश, रामप्रसाद मीणा, कैलाशचंद मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/rajasthan/bundi/rajasthan-news-complaint-to-encroachment-on-grassland-land-district-collector-034646-3722044.html

Tuesday, 27 August 2024

अतिक्रमण को लेकर गणपतपुरा के ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन


बूंदी। गणपतपुरा गांव के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बाद में कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सरकारी चारागाह की भूमि है। इस पर भूमाफिया कब्जा कर खेती कर रहे हैं। पूरी जमीन पर ही कब्जा होने से गांव के ग्रामीणों के सामने समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि वर्तमान में खेतों में फसलें हैं, जानवरों को चराने की भारी परेशानी है। अगर चारागाह की भूमि से कब्जा हटता है तो जानवरों को चारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

वहीं, अन्य खेतों को भी नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। वर्तमान में पालतू और बेसहारा गोवंश खेतों में नुकसान कर रहे हैं। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान गांव के रसीराम मीणा, प्रभुलाल, बुद्धिप्रकाश, खेमराज, रामनाथ, कृष्ण गोपाल, लक्ष्मण मीणा, कालूलाल, रामप्रसाद, ओमप्रकाश मीणा, विशाल मीणा, धर्मेंद्र मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/villagers-of-ganpatpura-demonstrated-at-the-collectorate-over-encroachment-133559459.html

Sunday, 18 August 2024

दो साल में फलदार पौधों से लहलहाई बंजर भूमि: बड़ाखेड़ा पंचायत पहल, 2 सौ बीघा चारागाह भूमि को किया हरा भरा


बूंदी की बड़ाखेड़ा पंचायत की एक पहल ने सालों से बंजर पड़ी चारागाह भूमि को महज दो साल में ही फलदार व अन्य पौधों से हरा भरा बना दिया। दो सौ बीघा से अधिक भूमि को संरक्षित करते हुए यहां फलदार व अन्य छायादार पौधों लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस पहल की है। वहीं, इससे पंचायत की आमदनी बढ़ाने पर भी फोकस है।

बूंदी में चारागाह भूमि के विकास को लेकर योजनाएं तो बनती है, लेकिन धरातल पर नहीं उतरती हैं। इससे अलग जिले की बड़ाखेड़ा पंचायत ने पर्यावरण व चारागाह भूमि के संरक्षण की ठोस पहल करते हुए सीमित संसाधनों से दौ सो बीघा चारागाह भूमि को फलदार व छायादार पौधों से हरा भरा कर दिया। इस पहल को लेकर पंचायत प्रशासन के साथ ग्रामीण खुश हैं। वहीं, जिला कलेक्टर ने भी इस पहल की तारीफ की है।

पर्यावरण व चारागाह भूमि के संरक्षण का प्रयास

बड़ाखेड़ा पंचायत क्षेत्र में दो हजार बीघा चारागाह भूमि स्थित है। जिस पर अक्सर अतिक्रमियों की निगाह लगी रहती है। ऐसे में पंचायत ने इस भूमि को संरक्षित करने की पहल करते हुए फल व छायादार पौधे लगाकर एक सार्थक पहल की है। इससे चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की रोकथाम हो सकेगी। वहीं, ग्रामीणों का रुझान चारागाह विकास की ओर बढ़ेगा। फलदार पौधे भविष्य में पंचायत के लिए आमदनी का जरिया बन सकेंगे।

सीमित संसाधनों से लगाए एक हजार पौधे

इस काम की मॉनिटरिंग करने वाले पंचायत कार्मिक गजेंद्र सिंह बताते है कि एक साथ पूरी चारागाह भूमि को विकसित करना संभव नहीं था। इसलिए दो सौ बीघा को चिह्नित कर सबसे पहले मनरेगा में भूमि को समतल व पौधारोपण योग्य बनाया। इसके बाद आम, अमरूद, अनार, आंवला, लहसोड़ा, पीपल, नीम, नीबू सहित अन्य प्रकार के एक हजार से अधिक पौधे लगाकर मनरेगा की लेबर को ही देखभाल का टास्क दिया। इसकी प्रोपर रूप से दो साल तक मॉनिटरिंग की गई। समय-समय पर खरपतवार नष्ट करने से लेकर सिंचाई के लिए साधन विकसित किए। इसी का नतीजा है कि अब यहां दो साल में पौधे वृक्षों का आकार लेने लगे हैं।

आक्सीजन जोन और ईको टूरिज्म पर फोकस

पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह बताते है कि इस पहल के पीछे ग्रामीणों को चारागाह के संरक्षण के लिए जोड़ने के साथ ग्रामीण स्तर पर एक ऐसा क्षेत्र विकसित करना था। जो पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी हो और ग्रामीण इसके प्रति जवाबदेह बने। कोरोना काल में आक्सीजन जोन खूब चर्चा में आए, इसलिए भी इस पहल को लेकर रुझान बढ़ा। फलदार पेड़ पंचायत के लिए भविष्य में आमदनी का जरिया बन सकते हैं। वहीं, हरियाली वाला क्षेत्र विकसित होने से ईको टूरिज्म की भी संभावना बन सकती है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/in-two-years-the-barren-land-was-filled-with-fruit-trees-bundi-rajasthan-133490172.html

2700 बीघा चारागाह भूमि देख रही मुक्ति की राह

बड़ाखेड़ा में आजादी बाद पशुओं के लिए दान में दी गई थी भूमि। लबान बूंदी रियायत में बड़े ओहदे का ठिकाना होने से बड़ाखेड़ा कस्बे की पहचान पुरानी है। ठिकानेदार कर्णसिंह हाड़ा ने देश आजाद होते ही जागीरदारी की जमीन में से 2700 बीघा जमीन चारागाह के नाम कर दी, लेकिन धीरे-धीरे चारागाह भूमि अतिक्रमण की चपेट में आने लगी। चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होते देख ग्राम पंचायत ने मनरेगा के अन्तर्गत पौधरोपण अभियान चलाकर विलायती बंबूलों के जंगल को कटवाकर साफ-सफाई करके पौधे रोपे, ताकि हरियाली बनी रहे। अब चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे कर खुर्द-बुर्द करने व उजाड़ने की शिकायते आ रही है।

ग्राम पंचायत के सरपंच प्रदीपसिंह हाड़ा ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चारागाह में पौधरोपण शुरू कराया, जिसके चलते कुछ पौधों ने पेड़ का आकार लेना शुरू कर दिया है। पौधों की सुरक्षा के लिए चारागाह भूमि के चारों ओर खाई खुदाई गई है, ताकि आगे अतिक्रमण नहीं हो सके। इसको लेकर ग्रामीणो का कहना है कि अगर चारागाह भूमि पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्त हो जाए तो मवेशियों के लिए चारा पानी की सुविधा मिल जाएगी।

ग्रामीण विनोद रायका और मुकेश राईका ने बताया कि सड़क पर आवारा मवेशियों का जमघट लगा रहता है, जिसके चलते वाहन चलाने-पैदल निकलने में परेशान होती है, आए दिन दुपहिया सवार चोटिल हो रहे हैं। पशुओं के लिए चारागाह भूमि में सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। हमारे लिए यह गर्व करने वाली बात है कि हमारे पूर्वजों ने पशुपालकों के हित में इतना बड़ा फैसला लिया था। इस फैसले की सुरक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। -चन्द्र विजयसिंह हाड़ा, पूर्व राजपरिवार सदस्य, बड़ाखेड़ा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/2700-bigha-pasture-land-is-waiting-for-liberation-133518306.html

Thursday, 25 July 2024

नमाना में 501 के पौधे रोपे गए



नमाना. राजस्थान भील समाज विकास समिति जिलाध्यक्ष व पूर्व सरपंच धनातरी मांगीलाल भील के नेतृत्व में कस्बे के सार्वजनिक स्थलों पर 501 पौधे लगाकर सुरक्षा का संकल्प लिय। मीडिया प्रभारी देवलाल भील ने बताया कि चित्तौड़िया स्कूल, मुक्तिधाम, चारागाह भूमि, देवनारायण मंदिर, सोध्या की झोपड़ियां व अन्य स्थलों पर लालचंद भील, महावीर भील, मुकेश, देवलाल, शांतिबाई, आकाश, प्रिया, राधा, निशा भील, रामा भील व कार्यकर्ताओं ने पौधे लगाए।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/namana/news/501-saplings-were-planted-in-namana-133383988.html

Thursday, 20 June 2024

चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

करवर। पंचायत के अरियाली गांव के इर्द गिर्द चारागाह भूमि से शुक्रवार को पुलिस व प्रशासन के लवाजमे के बीच अतिक्रमण हटाना शाम 6 बजे तक चला। मामूली विरोध दिखा, लेकिन पुलिस व प्रशासन की सतर्कता से अतिक्रमियों के विरोध की कोशिशें नाकाम रही। अधिकारियों ने आदेश का हवाला देकर चारागाह से अतिक्रमण हटाना बताया।

सुबह 10 बजे मौका मजिस्ट्रेट करवर नायब तहसीलदार पृथ्वीसिंह सोलंकी, करवर थानाधिकारी राजाराम जाट, देई व नैनवां थाना जाब्ता, महिला कांस्टेबल, ग्राम विकास अधिकारी रामप्रकाश नागर, कानूनगो, पटवारी राजस्व कार्मिक अरियाली की देखरेख में 2 जेसीबी व 4 ट्रैक्टरों की मदद से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया। चारागाह सीमा तक खाई पेसिंग की। अरियाली के इर्द गिर्द करीब 1124 बीघा में चारागाह भूमि है। जिसमें कुछ खाली और कुछ पर अतिक्रमियों का कब्जा है। लोकायुक्त में शिकायत व आदेश की पालना में 10 अक्टूबर 2021 को भी प्रशासन ने करीब 367 बीघा का अतिक्रमण हटाकर खाई पेसिंग की थी, लेकिन वापस अतिक्रमण हो गया। परिवादी द्वारा लोकायुक्त में दुबारा शिकायत करने पर अप्रैल 23 में भी 1100 बीघा चारागाह का अतिक्रमण हटाया था, लेकिन परिवादी ने वापस चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होने व प्रशासन से भौतिक रूप से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी थी। ऐसे में राजस्व प्रशासन ने 82 अतिक्रमियों को चिन्हित कर रिपोर्ट पेश की, और 27 मार्च 24 को बेदखली का निर्णय पारित किया था। राजस्व विभाग ने टीम बनाकर भौतिक रूप से अतिक्रमण हटाने के लिए 19 जून निर्धारित किया, लेकिन जरूरी संसाधन नहीं होने से काम नहीं हो पाया। ऐसे में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाया गया।

राजस्व नक्शे के मुताबिक समूची चारागाह 1124 बीघा से अतिक्रमण हटाया गया है। चारागाह सीमा तक खाई पेसिंग करवा दी है। अतिक्रमणमुक्त कर चारागाह पंचायत को सुपुर्द कर दी है।

-पृथ्वीसिंह सोलंकी, मौका मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार करवर

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/encroachment-removed-from-grazing-land-133207623.html

Wednesday, 12 June 2024

चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

पंचायत के भंवरदा गांव में राजस्व रिकॉर्ड की 60.38 हेक्येयर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जानकारी अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की पालना में उपखंड अधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार की मौजूदगी में चारागाह भूमि का अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की गई।

रामगंजबालाजी क्षेत्र के भंवरदा गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान उपस्थित अधिकारी व कर्मचारी।

रामगंजबालाजी. पंचायत के भंवरदा गांव में राजस्व रिकॉर्ड की 60.38 हेक्येयर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जानकारी अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की पालना में उपखंड अधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार की मौजूदगी में चारागाह भूमि का अतिक्रमण हटाने की शुरुआत की गई। राजस्व गांव भवरदा की 60 हेक्टेयर से अधिक चरागाह भूमि का जेसीबी की मदद से दिनभर अतिक्रमण हटाया गया।

अतिक्रमण हटाने के दौरान बूंदी तहसीलदार अर्जुन लाल मीणा, कानूनगो राजेंद्र कछोटिया, लक्ष्मण सिंह गुर्जर, हल्का पटवारी रमेश सोमाणी,दोलाडा पटवारी राजेश मीणा, माटुंदा पटवारी बंटी कुमार मीणा, रामगंज बालाजी सरपंच रामलाल सैनी, ग्राम विकास अधिकारी फूंदी लाल सैनी सहित लाइन पुलिस से लगभग एक दर्जन अधिक से महिला पुरूष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यहां पर दिनभर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही। गांव की राजस्व चारागाह भूमि पर दर्जनों अतिकर्मी पिछले कई वर्षों से खेती करते चले आ रहे थे। खेती करने के साथ-साथ कई अतिक्रमण करने वालों ने भूमि से लाखों रुपए की मिट्टी खोदकर बेचने के बाद में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद में यहां पर प्रशासन का पीला पंजा चला। जिससे अतिकर्मियों में दशहथ का माहौल बना रहा।

चारागाह में लगा दिया ईंट भट्टा
रामगंजबालाजी की चरागाह भूमि की सीमा में एक अतिकर्मी ने मागली नदी के किनारे ईंट भट्टा शुरू कर दिया।कुछ दिनों पूर्व यहां पर ईट भट्टा शुरू होने की शिकायत पंचायत के द्वारा जिला प्रशासन को दी थी, लेकिन प्रशासन ने इस को हटाना मुनासिब नहीं समझा

मूल ऑनलाइन लेख  - https://www.patrika.com/special-news/encroachment-removed-from-grazing-land-18766421

Wednesday, 22 May 2024

प्रशासन ने 1124 बीघा चारागाह की भूमि से हटाया अतिक्रमण

ग्राम पंचायत करवर के अरियाली गांव में करीब 82 लोगों द्वारा चारागाह की 1124 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। लोकायुक्त के आदेश की पालना के तहत शुक्रवार को भूमि के अतिक्रमण को हटाकर भूमि ग्राम पंचायत के सुपुर्द की गई 

करवर. ग्राम पंचायत करवर के अरियाली गांव में करीब 82 लोगों द्वारा चारागाह की 1124 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। लोकायुक्त के आदेश की पालना के तहत शुक्रवार को भूमि के अतिक्रमण को हटाकर भूमि ग्राम पंचायत के सुपुर्द की गई।

जानकारी अनुसार अतिक्रमियों ने भूमि के पत्थर के पिलर लगाकर तार बंदी कर रखी थी। भूमि का अतिक्रमण हटाने को लेकर कुछ ग्रामीण कई वर्षो से राजस्व विभाग के अधिकारियों से मांग कर रहे थे, जिस पर राजस्व विभाग की ओर से उक्त भूमि पर वर्ष 2023 में अतिक्रमण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, लेकिन अतिक्रमियों द्वारा भूमि पर वापस अतिक्रमण कर लिया, जिसका लोकायुक्त में परिवाद देकर भूमि का अतिक्रमण हटाने की मांग की, जिस पर शुक्रवार को नायब तहसीलदार पृथ्वीङ्क्षसह, कानूनगो लीलाधर चौहान, रघुवीर कारपेन्टर, हलका पटवारी सर्वोत्तम यादव, करवर थानाधिकारी राजाराम जाट, आरएसी के जवान, नैनवा व देई पुलिस थाना का जाप्ता सहित राजस्व विभाग के कार्मिक सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंचे। भूमि का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, जो शाम को करीब 7 बजे तक चली। जेसीबी की मदद से चारागाह भूमि की मेड़, तारबंदी व पत्थरों के पिलर हटाए तथा भूमि के चारों ओर डोल लगाया गया। वहीं भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर ग्राम पंचायत के सुपुर्द की गई।

4 साल में तीसरी बार हटाया
अरियाली गांव में 58 अतिक्रमियों ने सार्वजनिक चारागाह की 367 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था, भूमि का अतिक्रमण हटाने को लेकर कुछ ग्रामीणों ने लोकायुक्त में परिवाद देकर हो रहे अतिक्रमण को नहीं हटाने को लेकर राजस्व विभाग पर सरकार व न्यायालय के निर्देशों की पालना की अवहेलना करने का आरोप लगाया था, जिस पर संबंधित अधिकारियों ने 10 अक्टूबर 2021 को 367 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाया था, लेकिन इस और ध्यान नहीं देने से भूमि पर फिर से अतिक्रमण कर लिया गया। बाद में स्थानीय कुछ लोगों ने लोकायुक्त में परिवार देकर चारागाह की 1124 बीघा भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग रखी। जिस पर 18 अप्रैल 2023 को 1124 बीघा भूमि का अतिक्रमण हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, लेकिन फिर करीब 82 लोगों ने उक्त भूमि पर अतिक्रमण कर लिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bundi-news/the-administration-removed-encroachment-from-1124-bigha-pasture-land-18788852

Thursday, 16 May 2024

दौलतपुरा की चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर नोटिस

इंद्रगढ़। क्षेत्र की दौलतपुरा ग्राम पंचायत की ओर से एक व्यक्ति को नोटिस देते हुए चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने को कहा है। इसमें लिखा कि चारागाह भूमि खसरा नंबर 297/ 2 पर जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है। इस भूमि पर ग्राम पंचायत की ओर से सामुदायिक भवन निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। पंचायत की ओर से नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/notice-regarding-removal-of-illegal-occupation-from-pasture-land-of-daulatpura-133030179.html

Wednesday, 15 May 2024

दौलतपुरा की चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर नोटिस

इंद्रगढ़। क्षेत्र की दौलतपुरा ग्राम पंचायत की ओर से एक व्यक्ति को नोटिस देते हुए चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाने को कहा है। इसमें लिखा कि चारागाह भूमि खसरा नंबर 297/ 2 पर जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है। इस भूमि पर ग्राम पंचायत की ओर से सामुदायिक भवन निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। पंचायत की ओर से नोटिस के बाद भी कब्जा नहीं हटाया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/notice-regarding-removal-of-illegal-occupation-from-pasture-land-of-daulatpura-133030179.html

Thursday, 9 May 2024

उपखण्ड प्रशासन ने 480 बीघा चरागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई

उपखण्ड प्रशासन ने बुधवार को गुढ़ादेवजी ग्राम पंचायत की चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। पुलिस जाप्ते के साथ दो कानूनगो व आधा दर्जन पटवारियों की टीम ने पहले चरागाह भूमि का सीमाज्ञान किया।

नैनवां. उपखण्ड प्रशासन ने बुधवार को गुढ़ादेवजी ग्राम पंचायत की चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। पुलिस जाप्ते के साथ दो कानूनगो व आधा दर्जन पटवारियों की टीम ने पहले चरागाह भूमि का सीमाज्ञान किया। पंचायत के चरागाह की 480 बीघा भूमि पर पांच दशकों से अतिक्रमण चला आ रहा था।

बुधवार को ग्राम पंचायत प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में 6 जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। पंचायत सरपंच पुष्पेन्द्र कुमार मीणा, नैनवां थाने के एएसआई लादु ङ्क्षसह, राजस्व विभाग से गुढ़ादेवजी के कानूनगो जानकी लाल मीणा, देई के कानूनगो बाबूलाल मीणा, गुढ़ादेवजी पटवारी अभिनव गोचर, रेठोदा के पटवारी दीपक राठौर देई पटवारी परमानन्द गोचर, फूलेता के पटवारी बुद्धिप्रकाश शर्मा, मोतीपुरा पटवारी मायाराम मीणा, खेरुणा के पटवारी लोकेश प्रजापत व पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाकर शाम तक डोलबंदी कराने का कार्य जारी है।

गुढ़ादेवजी के सरपंच पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायत की चारागाह की करीब 480 बीघा भूमि पर 50 सालों से अतिक्रमियों ने कब्जा अतिक्रमण कर रखा था। चरागाह को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ग्राम पंचायत 11 माह से जिला कलक्टर को पत्र लिखती आ रही थी। जिला कलक्टर के आदेश पर बुधवार को चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाकर सीमाज्ञान के अनुसार डोलबंदी करवाई जा रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bundi-news/the-subdivision-administration-freed-480-bigha-grazing-land-from-encroachment-18680238