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Tuesday, 27 May 2025

वन भूमि में लीज से बाहर अवैध खनन:22 खान संचालकों ने कलेक्टर, CCF, ME से की शिकायत

इस तरह पाताल तोड़ अवैध खनन।

अलवर के थानागाजी से आगे प्रतापगढ़ के झिरी में वन भूमि के अंदर और निर्धारित लीज से बाहर अवैध खनन रुक नहीं रहा। खनन संचालकों ने माइनिंग इंजीनियरिंग, सीसीएफ, एडीएम, एसडीएम को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि 22 खनन संचालक नई गाइडलाइन का शिकार हैं।

वहीं एक पर प्रशासन की मेहरबानी है। बिना 25 मीटर सरेंडर कराए खनन की अनुमति देने पर जिम्मेदार अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ गए हैं। वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस निरस्त करने की मांग की है।

झिरी मार्बल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मुकेश चौधरी ने बताया- कलसीकाला ग्वाडा में एम.एल. नम्बर 258/89 पर संचालित ओम शुभम हाउसिंग एंड कन्स्ट्रक्शन प्रा. लि. की ओर से चल रहे खनन कार्य पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग को भेजे पत्र में बताया कि कंपनी की ओर से NBWL से 12 अप्रेल 2022 को मिली वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।
झिरी के लीज संचालक सीसीएफ को ज्ञापन देते हुए।
पौधे भी नहीं लगाए और रात को ब्लास्टिंग भी
आरोप है कि खनन क्षेत्र में नियमानुसार पौधराेपण भी नहीं किया और रात को ब्लास्टिंग होती है, जिससे वन्यजीव भी सुरक्षित नहीं हैं। भारी ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। बिना सुरक्षा उपायों के 30 मीटर गहराई तक ब्लास्टिंग कर मार्बल निकाला गया है। जो पूरी तरह अवैध है।

नाले को रोक लिया, चारागाह भूमि पर कब्जा
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत खान संचालक ने पास के नाले को रोक लिया। जिस पर खान का मलबा पड़ा है। बारिश के मौसम में पानी की आवाजाही भी रोक दी है। जो कि कोर्ट की गाइडलाइन का साफ उल्लंघन है। यही नहीं दक्षिणी सीमा में अवैध फैक्ट्री लगा ली। जिसकी प्रशासन से अनुमति तक नहीं ली। मतलब जमीन का भू उपयोग परिवर्तन तक नहीं है।

खनन श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष ने कहा, “खनन पूरी तरह नियम विरुद्ध है। इससे पर्यावरण और श्रमिकों की सुरक्षा को खतरा है। प्रशासन यदि जल्द कार्रवाई नहीं करता तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे।”
माइनिंग इंजीनियर मनोज शर्मा को ज्ञापन देते हुए लीज संचालक।
शिकायतकर्ता ने वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस रद्द कर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की है, अन्यथा न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है। इस दौरान राजेंन्द्र सिंह नरूका, पृथ्वी सिंह राठौड़, राहुल मीणा, राकेश मीणा, जेपी शर्मा, राधेश्याम दीक्षित, डॉ कामिल, हनुमान नायक व विजेंद्र गुप्ता सहित कई लीज संचालक मौजूद थे।