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Wednesday, 12 November 2025

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है: चतुर्वेदी

भासकर न्यूज। भरतपुर

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए स्ववित्त पोषित योजनाओं और जनसहभागिता आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की जरूरत है। ये बात मंगलवार को सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने भरतपुर संभाग की पंचायती राज संस्थाओं के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण विकास, योजनाओं, नवीन आय स्रोतों, नवाचारों और सुझावों पर मंथन के उद्देश्य से नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने ​के लिए जिला सूचना सहायक कार्मिकों की नियुक्ति, निजी संपत्तियों के रखरखाव के लिए पृथक मद सृजित करने और सामुदायिक भवनों, सुलभ शौचालयों, नालियों की सफाई एवं ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देने की बात कही। धौलपुर जिले में डिजिटल लाइब्रेरी संचालन जैसे नवाचारों का व्यापक प्रचार करने पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आर्थिक सुदृढ़ता से ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, जिससे आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, सड़क, नाली एवं स्वच्छता बेहतर रूप में मिलेंगी। करौली जिले में मदन मोहन जी मंदिर मेले के विकास एवं आय स्रोतों के विस्तार की योजना बनाने तथा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु निर्धारित 2 प्रतिशत निधि में वृद्धि की अनुशंसा की जाएगी।

उन्होंने भरतपुर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलों को पृथक फंड प्रावधान देने की बात कही। साथ ही जल संसाधन सुधार, तालाबों, नालों, बावडिय़ों और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष अनुदान देने का सुझाव दिया। आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को अपना स्वयं का बजट तैयार करने और व्यय योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। बैठक में जिला प्रमुख सवाई माधोपुर सुदामा मीणा, संभाग के सभी प्रधान, भरतपुर सीईओ मृदुल सिंह, धौलपुर सीईओ निवृत्ति सोमनाथ, सवाईमाधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया, करौली सीईओ शिवचरण मीणा, एसीईओ रेखा रानी, ब्लॉक विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायती राज प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में आए ये प्रमुख सुझाव...

भरतपुर के सीईओ मृदुल सिंह ने नए डीग जिले में आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए अतिरिक्त अनुदान, डीग जिला परिषद के लिए सभागार निर्माण, पंचायत संपत्तियों के रखरखाव और आय वृद्धि उपायों पर बल दिया। करौली जिले के सीईओ शिवचरण मीणा ने सिवायचक भूमि, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक एडीएम और एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठन, मत्स्य पालन को आय स्रोत के रूप में बढ़ावा देने, तकनीकी कार्मिकों की नियुक्ति और आपदा प्रबंधन व रखरखाव कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड प्रावधान की अनुशंसा की। सवाई माधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया ने पंचायती राज के विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग की जा सके, इसके लिए लेखा कार्मिकों की उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/there-is-a-need-to-make-panchayati-raj-institutions-self-reliant-and-strong-chaturvedi-136396708.html

Tuesday, 11 November 2025

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर हुआ मंथन


-राज्य वित्त आयोग की कार्यशाला सम्पन्न भरतपुर। भरतपुर संभाग की पंचायती राज संस्थाओं के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण विकास, योजनाओं, नवीन आय स्रोतों, नवाचारों और सुझावों पर मंथन के उद्देश्य से मंगलवार को नगर निगम सभागार में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्ववित्त पोषित योजनाओं और जनसहभागिता आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु सूचना सहायक कार्मिकों की नियुक्ति, निजी संपत्तियों के रखरखाव के लिए पृथक मद सृजित करने और सामुदायिक भवनों, सुलभ शौचालयों, नालियों की सफाई एवं ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा कर ग्राम पंचायतों को मॉडल पंचायतों के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। धौलपुर जिले में डिजिटल लाइब्रेरी संचालन जैसे नवाचारों का व्यापक प्रचार करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आर्थिक सुदृढ़ता से ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, जिससे आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, सड़क, नाली एवं स्वच्छता बेहतर रूप में मिलेंगी। करौली जिले में मदन मोहन जी मंदिर मेले के विकास एवं आय स्त्रोतों के विस्तार की योजना बनाने तथा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए।

सम्भागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु निर्धारित 2 प्रतिशत निधि में वृद्धि की अनुशंसा की जाएगी। उन्होंने भरतपुर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलों को पृथक फंड प्रावधान देने की बात कही। साथ ही जल संसाधन सुधार, तालाबों, नालों, बावड़ियों और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष अनुदान देने का सुझाव दिया। आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को अपना स्वयं का बजट तैयार करने और व्यय योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यशालाओं की जानकारी दी और कहा कि सभी पंचायतें प्रश्नावलियों से संबंधित सूचना आयोग की वेबसाइट पर भेजें।

कार्यशाला में आए प्रमुख सुझाव

भरतपुर के सीईओ मृदुल सिंह ने नए डीग जिले में आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए अतिरिक्त अनुदान, डीग जिला परिषद के लिए सभागार निर्माण, पंचायत संपत्तियों के रखरखाव और आय वृद्धि उपायों पर बल दिया। करौली जिले के सीईओ ने सिवायचक भूमि, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रशासनिक एडीएम और एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठन, मत्स्य पालन को आय स्रोत के रूप में बढ़ावा देने, तकनीकी कार्मिकों की नियुक्ति, और आपदा प्रबंधन व रखरखाव कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड प्रावधान की अनुशंसा की। सवाई माधोपुर सीईओ ने पंचायती राज के विकास कार्यों के लिये आने वाली राशि की बेहतर तरीके से मॉनिटंिरंग की जा सके इसके लिये लेखा कार्मिकों की उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

बैठक में जिला प्रमुख सवाई माधोपुर सुदामा मीणा, संभाग के सभी प्रधान , धौलपुर सीईओ निवृत्ति सोमनाथ, सवाईमाधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया, करौली सीईओ शिवचरण मीणा, एसीईओ रेखा रानी, ब्लॉक विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-discussion-on-making-panchayati-raj-institutions-self-reliant-and-empowered-news-hindi-1-767052-KKN.html

Tuesday, 14 October 2025

बांध बारैठा में 68 बीघा चारागाह भूमि पर कब्जा

 भास्कर न्यूज | भरतपुर

बयाना उपखंड की ग्राम पंचायत बंध बरेठा की 68 बीघा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे के विरोध में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलक्टर कमर चौधरी, संभागीय आयुक्त, पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि संबंधित भूमि वर्षों से गांव के पशुओं के चराने के लिए उपयोग में लाई जा रही है। इसी स्थान पर ग्रामवासी भैरो बाबा की पूजा-अर्चना भी करते हैं, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पास के गांव मडपुरिया के कुछ लोग इस चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका इस भूमि से कोई संबंध नहीं है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण रोकने की कार्रवाई करे और चारागाह भूमि को मूल स्वरूप में सुरक्षित रखे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर पशुओं के चरने और धार्मिक गतिविधियों के लिए इस भूमि की सुरक्षा की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/occupation-of-68-bigha-pasture-land-in-bandh-baraitha-136165832.html

Saturday, 3 May 2025

कालोहार में दबंगों ने काटे पेड़, चारागाह पर बना दी सड़क

  • ग्रामीणों का आरोप: प्रशासन की मिलीभगत से रात में हो रहा निर्माण, कानूनी कार्रवाई की मांग की 

पशुओं को चारे का संकट होगा उत्पन्न... ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क निर्माण से न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा होगा, बल्कि आसपास के गांवों के पशुओं को चारा देने के लिए जो चारागाह और बीहड़ का इस्तेमाल किया जाता है, वह भी नष्ट हो जाएगा। इनमें से कुछ लोग पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस में कई मामले दर्ज हैं।

ग्रामीण बोले: पर्यावरण को भी होगा नुकसान... ग्रामीणों का कहना है कि कि इन दबंगों के द्वारा यह निर्माण कार्य अवैध रूप से किया जा रहा है और इससे न केवल उनका आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि यह जमीन केवल खेती-बाड़ी के लिए है और इसका कोई भी गैरकानूनी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

भास्कर न्यूज। भरतपुर तहसील भुसावर के कालोहार गांव में कुछ दबंगों द्वारा कृषि भूमि पर जबरन अवैध सड़क निर्माण किया जा रहा है। इस मामले में निर्देश गुर्जर समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मामला आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि उन्होंने हाल ही में खसरा नंबर 113 में स्थित कृषि भूमि खरीदी थी, जो कि पहले से ही एक चारागाह और बीहड़ क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी।

यह भूमि उन्होंने एक रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिए खरीदी थी, जो 15 अप्रैल 2025 को हुआ था। वे कहते हैं कि जब से उन्होंने भूमि का कब्जा लिया है, कुछ दबंग लोग अवैध रूप से सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं। इन दबंगों ने न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा करने की कोशिश की बल्कि इसके लिए भारी वाहन भी इस्तेमाल किए हैं। 16 अप्रैल को इन दबंगों ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उनकी भूमि पर मोरम डाला और कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।

यह सब कार्य उनके बिना किसी अनुमति के किया गया। दबंग इस भूमि पर अवैध रूप से एक पक्की सड़क बनाना चाहते हैं जो उनकी कृषि भूमि को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और उच्चाधिकारियों से गुहार लगाएंगे।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/in-kalohar-the-bullies-cut-down-trees-and-built-a-road-on-the-pasture-134954463.html

Thursday, 27 March 2025

भरतपुर : चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग, ग्रामीण पहुंचे जिला कलेक्ट्रेट

 

भरतपुर। बयाना पंचायत समिति के गांव पुरावाई खेड़ा के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर चारागाह भूमि पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि पर गौशाला, पशु चिकित्सालय और खेल मैदान बनाए जाने चाहिए, लेकिन कुछ दबंगों ने इस पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी है और कुछ जगहों पर निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत ने लिया था चारागाह भूमि को संरक्षित करने का निर्णय ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पुरावाई खेड़ा द्वारा गांव के गणमान्य लोगों और आम जनता से विचार-विमर्श कर चारागाह भूमि को आवारा पशुओं के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया था। लेकिन कुछ दबंग लोगों ने इस भूमि पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी और निर्माण कार्य भी कर रहे हैं, जिससे गांव के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की मांग – अवैध निर्माण हटे, चारागाह भूमि की हो बाउंड्री गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि – चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया जाए। पक्के निर्माण को ध्वस्त किया जाए। चारागाह भूमि के चारों ओर बाउंड्री कराई जाए। गौशाला, पशु चिकित्सालय और खेल मैदान का निर्माण किया जाए।

जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बाइट: उत्तम सिंह, स्थानीय निवासी "गांव के लोगों की यही मांग है कि चारागाह भूमि को संरक्षित रखा जाए। यह भूमि आवारा पशुओं के लिए सुरक्षित थी, लेकिन दबंगों ने इसे नष्ट करने की ठान ली है। प्रशासन को जल्द से जल्द अवैध कब्जा हटाकर यहां गौशाला और पशु चिकित्सालय का निर्माण करवाना चाहिए।"

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-bharatpur-demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-villagers-reached-district-collectorate-news-hindi-1-711381-KKN.html

Monday, 3 March 2025

लखनपुर थाने को मिली अतिरिक्त जमीन:कलेक्टर ने जारी किए आदेश, 0.28 हेक्टेयर चारागाह भूमि का किया सीमांकन

नदबई की उप तहसील मुख्यालय लखनपुर स्थित पुलिस थाने को आवंटित अतिरिक्त भूमि का सीमाज्ञान कर प्रशासन द्वारा थाने को सुपुर्द किया गया। उपखंड अधिकारी नदबई गंगाधर मीणा के निर्देश पर नायब तहसीलदार दीपा यादव ने टीम गठित कर सीमाज्ञान की प्रक्रिया पूरी करवाई। इस दौरान गिरदावल मुनेंद्र सिंह, पटवारी धर्मेंद्र सिंह, एवं लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने थानाधिकारी शैलेन्द्र कुमार की उपस्थिति में अतरिक्त भूमि थाने को सुपर्द किया।

जिला कलेक्टर के आदेश पर हुआ निशुल्क आवंटन
बता दें कि जिला कलेक्टर अमित यादव द्वारा खसरा नंबर 2314/925, रकबा 0.44 हेक्टेयर में से 0.28 हेक्टेयर चारागाह भूमि पुलिस थाने के लिए निशुल्क आवंटित की गई थी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीमाज्ञान कर उक्त भूमि को थाने को सुपुर्द कर दिया गया।

सीमाज्ञान की प्रक्रिया में अधिकारी व पुलिसकर्मी रहे मौजूद
इस मौके पर थानाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, एएसआई श्रीलाल मीणा, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, पतराम, गोपाल सिंह, भगवान सिंह, एवं संवेदक नरेश कुशवाह सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/nadbai/news/lakhanpur-police-station-got-additional-land-134576042.html

Monday, 24 February 2025

रूपवास के चैंकोरा में नहीं बनेगा रीको औद्योगिक क्षेत्र, सरकार ने विधानसभा में किया साफ इनकार

 

विधानसभा संवाददाता भरतपुर। रूपवास तहसील के चैंकोरा गांव में रीको (राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन) औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई है। राजस्थान सरकार ने विधानसभा में एक लिखित जवाब में स्पष्ट रूप से कहा है कि चैंकोरा में औद्योगिक क्षेत्र नहीं बनेगा। राजस्थान विधानसभा में बयाना की विधायक ऋतु बनावत निर्दलीय हैं, लेकिन रीको औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा सवाल विधायक देवी सिंह शेखावत द्वारा पूछा गया था। इस सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि ग्राम चैंकोरा की 11.31 हेक्टेयर चारागाह भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई थी, लेकिन भूमि के वर्तमान उपयोग और सरकारी नियमों के तहत इसे औद्योगिक क्षेत्र में तब्दील नहीं किया जा सकता।

सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के रीजनल प्लान 2021 और राजस्थान सब-रीजनल प्लान 2021 के तहत इस जमीन का भू-उपयोग "प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र" के रूप में दर्शाया गया है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए यहां रीको औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना संभव नहीं है।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी साफ किया कि रीको औद्योगिक क्षेत्र के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं की गई है। इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर पहले भी चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन सरकार के इस बयान के बाद अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि चैंकोरा में रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद रूपवास और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की उम्मीद रखने वाले व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को बड़ा झटका लगा है।

लोगों को उम्मीद थी कि यह औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब यह संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है। अगर चैंकोरा में रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित होता, तो यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करता, छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को प्रोत्साहित करता और पूरे रूपवास क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देता।

कई व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र के विकास की मांग की थी, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस स्थान पर औद्योगिक परियोजना को आगे नहीं बढ़ाएगी। विधानसभा में यह सवाल विधायक देवी सिंह शेखावत द्वारा सरकार से पूछा गया था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए कोई योजना बना रही है।

इसके जवाब में सरकार ने साफ कहा कि न तो भूमि का अधिग्रहण किया गया है और न ही औद्योगिक उपयोग के लिए इसे बदला जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए कोई वैकल्पिक स्थान खोजा जाएगा? इस पर सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सरकार को नए स्थानों पर विचार करना पड़ सकता है, लेकिन चैंकोरा में ऐसी कोई योजना नहीं है।

भरतपुर जिले के रूपवास तहसील के चैंकोरा गांव में रीको औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की संभावनाओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। सरकार ने साफ किया कि इस भूमि का उपयोग औद्योगिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता और यहां रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से जहां स्थानीय निवासियों और उद्यमियों को निराशा हुई है, वहीं औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर अब सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। - खासखबर नेटवर्क

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-riico-industrial-area-will-not-be-built-in-chankora-of-rupwas-government-clearly-denied-it-in-the-assembly-news-hindi-1-704881-KKN.html

Monday, 17 February 2025

भौंडा गांव में अवैध खनन को बंद कराने की मांग, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मिलकर दिया ज्ञापन

 

भरतपुर। वैर थाना क्षेत्र के गांव भौंडा अवैध खनन को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों को ढाई माह से धरना प्रदर्शन जारी है. इसी के चलते धौलपुर सांसद भजन लाल जाटव ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया.जिला प्रशासन के साथ करौली सांसद और ग्रामीणों की एक बैठक हुई.बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि एक कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी.लेकिन ग्रामीणों ने अभी कमेटी की बात को लेकर विचार विमर्श कर जवाब देने को कहा है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति द्वारा चारागाह भूमि पर कब्जा कर अवैध खनन किया जा रहा है.जिससे ग्रामीणों की फसल नष्ट होने के साथ मकानों में दरारें आ चुकी हैं.

धौलपुर सांसद भजन लाल जाटव ने बताया की वैर इलाके भौंडा गांव में चारागाह भूमि है.जिस पर कुछ लोगों के द्वारा कब्जा कर अवैध खनन किया जा रहा है. लीज पर दिन रात ब्लास्ट किए जाते हैं। जिससे वनक्षेत्र की वाईलट-लाइफ के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। खनन का कमा करने वाले कर्मचारी जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं। खनन की सामग्री को ले जाते उड़ने वाली धूल से किसानों की फसल को नुकसान हो रहा है। खनन की सामग्री ले जाते समय ओवरलोड वाहनों से भारी नुकसान हो रहा है। खनन की वजह से उड़ने वाली धूल से लोगों को सांस की बीमारियां हो रहीं हैं। खनन क्षेत्र में हो रहे धमाकों की वजह से रात के समय में ग्रामीण सो नहीं पाते। .इस अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों के द्वारा ढाई माह से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. लेकिन प्रशासन की ओर से जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन दिया है.

जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने ग्रामीणों के साथ एक बैठक की.जिस बैठक में जिला प्रशासन की ओर से जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने की बात कही. जिसमें वन विभाग, खनिज विभाग,प्रदूषण विभाग आदि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे.लेकिन इस कमेटी को लेकर अभी ग्रामीणों ने वार्ता कर सहमति देने की बात कही है. वहीं जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कमेटी बनने तक धरना को स्थगित कर दे इसी बात को लेकर एक ग्रामीण ने कहा कि धरना स्थगित तक अवैध खनन को स्थगित किया जाएगा.

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-demand-to-stop-illegal-mining-in-bhaunda-village-villagers-met-the-district-collector-and-submitted-a-memorandum-news-hindi-1-703570-KKN.html


Tuesday, 28 January 2025

रात्रि चौपाल में खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

ग्रामपंचायत भैंसा में आयोजित रात्रि चौपाल में एसडीएम परशराम मीणा ने जनसुनवाई कर ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होकर बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा, पेंशन, रसद सामग्री वितरण आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्रामीणों ने स्कूल के खेल मैदान चारागाह जमीन अतिक्रमण हटाने, चारागाह जमीन का सीमांकन कराने, बीपीएल खाद्य सूची में नाम जोड़ने की मांग रखी। ग्रामीणों ने पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी से संबंधित परिवाद दिए। जिस पर एसडीएम ने परिवादों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही नायब तहसीलदार को खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने चारागाह जमीन का सीमांकन कराने के निर्देश दिए। रात्रि चौपाल में एसडीएम ने ग्रामीणों को शौचालय का निर्माण करवाने की अपील की। इस मौके पर केशवदेव, लोकेश, रेखादेवी आदि मौजूद थे।

रुदावल। गांव भैंसा में रात्रि चौपाल में समस्या सुनते एसडीएम।

जनसुनवाई

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-kumher-news-060505-3119183-nor.html

Saturday, 25 January 2025

चारागाह भूमि से अवैध खनन की रोकथाम सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर भौडा गांव में महापंचायत हुई आयोजित

वैर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भौडा गांव की चारागाह भूमि से अवैध खनन की रोकथाम सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को सर्व समाज की महापंचायत आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने की। वैर थाना इलाके के भौडा गांव की चारागाह भूमि से अवैध खनन की रोकथाम सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिसंबर से धरना जारी है। प्रशासन द्वारा एक महीने से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी सुनवाई नहीं किए जाने पर महापंचायत आयोजित की गई।

महा पंचायत की अध्यक्षता कर रहे पंडित रामकिशन ने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा व गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम को अवगत कराना चाहिए। हो सकता है अधिकारी सही रिपोर्ट नहीं बता रहे हो। सांसद संजना जाटव ने  सड़क से लेकर संसद तक मांगों को उठाने का आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री व सांसद भजनलाल जाटव ने कहा कि एसी में बैठने वाले लोग आपकी बातों को नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस सरकार में सबकी बात सुनी जाती थी। दिन में लाइट आती थी। रात में किसान खेतों में खड़ा हुआ है और इस इतने बड़े आंदोलन में बीजेपी से कोई नेता नहीं आया यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस आंदोलन को राजनीतिक रूप नहीं देना चाहता।

इसलिए इतने दिनों के बाद आया। हमें भड़ाना से कोई दिक्कत नहीं है । सरकार सीमा ज्ञान कर चारागाह भूमि को अलग करें। जिससे हमारी फसले बर्बाद ना हो और पानी खराब ना हो। संविधान में हमें आंदोलन का हक दिया है। हम गांधी वादी विचारधारा से आंदोलन कर रहे हैं  भजनलाल जाटव हमेशा लोगों के साथ है । सरकार यहां आकर  हमसे वार्ता करें ।समाधान वार्ता से ही निकलेगा । प्रदेश में पहले भी कई बड़े-बड़े आंदोलन हुए हैं । उनका भी समाधान वार्ता से ही निकला था। आंदोलन की शुरुआत में क्षेत्रीय विधायक में आक्रोश था लेकिन 10 दिन के बाद वो स्विच ऑफ हो गए।।महापंचायत को नैमसिंह फौजदार, इंदल जाट, राजू गुर्जर, प्रहलाद खटाना, तोताराम झाला टाला, विजेन्द्र आजादपुरा, मानसिंह सैनी सहित दो दर्जन से अधिक वक्ताओं ने महापंचायत को संबोधित किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://gexpressnews.com/45685

पूर्व विधायक कर रहे अवैध खनन, ग्रामीण दे रहा धरना: चारागाह की जमीन से निकल रहे अवैध खनन के वाहन, अवैध ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारें


चरागाह की जमीन पर कब्ज़ा और अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीण दे रहे धरना।

भरतपुर के वैर इलाके में चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा और खनन के लिए हो रही ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीण धरना दे रहे हैं लेकिन अभी तक ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हुई है। खनन के लिए हो रही ब्लास्टिंग की वजह से ग्रामीणों के मकान में दरारें आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है की लीज की आड़ में अवैध खनन किया जा रहा है।

भौडा गांव के रहने वाले बलवीर सिंह ने बताया कि बयाना विधानसभा से विधायक रहे अतर सिंह भड़ाना की भौडा गांव के पहाड़ पर 124 हेक्टेयर की लीज है। लीज पर जाने के लिए उन्होंने चारागाह की जमीन काटकर रास्ता बना लिया है। पूर्व विधायक अपनी लीज की जगह दूसरी जगह अवैध खनन कर रहे हैं। खनन के लिए हो रही ब्लास्टिंग की वजह से उनके मकानों में दरारें आ रही है। जिससे ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीण 17 दिसंबर से चारागाह की जमीन पर कब्जा और अवैध खनन के खिलाफ धरना दे रहे हैं लेकिन, पूर्व विधायक की अधिकारियों से सांठगांठ की वजह से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

17 दिसंबर से ग्रामीण दे रहे अनिश्चितकालीन धरना।

बलवीर सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की लीज पर जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है इसलिए उन्होंने चारागाह की जमीन काटकर रास्ता बना लिया है। जिसके कारण ग्रामीण अपने पशुओं का रखरखाव भी नहीं कर पा रहे। इस धरने में सांसद संजना जाटव, सांसद भजन लाल जाटव, भरतपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिनेश सूपा भी शामिल हो चुके हैं। यह लीज पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके एक पार्टनर के नाम से है। जिस चारागाह की जमीन से पूर्व विधायक अवैध खनन के वाहन आ जा रहे हैं वह रास्ता सरकार की तरफ से कभी बनाया ही नहीं गया है।

पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना ने कर रहे अवैध खनन के खिलाफ हो चुकी है कई बार पंचायत।

इस मामले पर पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना ने बताया कि लीज पर नियमानुसार काम किया जा रहा है। बेवजह दबाव बनाने के लिए ग्रामीण धरना दे रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/former-mla-is-doing-illegal-mining-villagers-are-protesting-134354792.html

Thursday, 23 January 2025

चारागाह भूमि से अवैध खनन रोकने के लिए महापंचायत: पूर्व सांसद समेत कई नेताओं ने किया समर्थन, 17 दिसंबर से वैर के भौडा गांव में चल रहा है धरना


भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र के भौडा गांव में चारागाह भूमि से हो रहे अवैध खनन को रोकने समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को सर्व समाज की महापंचायत का आयोजन किया गया। पूर्व सांसद पंडित रामकिशन की अध्यक्षता में हुई इस महापंचायत में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

गौरतलब है कि 17 दिसंबर से इन मांगों को लेकर धरना जारी है, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। महापंचायत में सांसद संजना जाटव ने आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए सड़क से संसद तक मुद्दा उठाने का आश्वासन दिया।

वैर थाना क्षेत्र के भौडा गांव में शुक्रवार को सर्व समाज की महापंचायत का आयोजन किया गया।

पूर्व मंत्री एवं सांसद भजनलाल जाटव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एसी में बैठे अधिकारी लोगों की समस्याएं नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने चारागाह भूमि की सीमा निर्धारित करने की मांग की, जिससे फसलें और जल स्रोत प्रभावित न हों। उन्होंने वार्ता के माध्यम से समस्या के समाधान पर जोर दिया।

महापंचायत को नेमसिंह फौजदार, इंदल जाट, राजू गुर्जर, प्रह्लाद खटाना समेत दो दर्जन से अधिक नेताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने गांधीवादी विचारधारा से चल रहे इस आंदोलन का समर्थन किया और जल्द से जल्द समाधान की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/bhusawar/news/mahapanchayat-to-stop-illegal-mining-from-pasture-land-134351080.html

Thursday, 9 January 2025

अवैध खनन की रोकथाम सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

लोगों ने चारागाह भूमि की पैमाइश कराने की मांग की

भौडागांव के पहाड़ में विवादास्पद खनन कार्य के समाधान को लेकर धरना स्थल पर सर्व समाज की पंचायत हुई। 23 दिन से चल रहे धरने को लेकर पंचायत में विचार व्यक्त किए। पंचायत में शामिल सैकड़ों लोगों ने रैली निकाल कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम सचिन यादव को 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर 23 को महापंचायत करने की चेतावनी दी है।

बुधवार को वैर थाना इलाके के गांव भौडागांव में चारागाह भूमि से अवैध खनन की रोकथाम , खनन लीज को निरस्त करने, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व समाज की पंचायत हुई। जिसमे क्षेत्र में खनन कार्य से होने वाली समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। ज्ञापन में लोगों ने कहा यदि हमारी समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो महापंचायत की जाएगी । इस दौरान ज्ञापन में 14 सूत्रीय मांगों को लेकर महापंचायत के बारे में भी कहा। धरना स्थल से लेकर एसडीएम कार्यालय तक सर्व समाज के लोगों ने रैली निकाल कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम सचिन यादव को 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर 23 जनवरी को महापंचायत आयोजित करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों को लेकर 17 दिसंबर से धरना भी दिया जा रहा है। 23 दिन गुजर जाने के बाद धरना जारी है। सर्व समाज की पंचायत में वैर, रायपुर, भौडागांव, सीता, हाथोडी, नरहरपुर, जगजीवनपुर, नावर, गोठरा, नगला गोठरा, लखनपुर, समराया, गुठाकर ,भगोरा सहित दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों ने भाग लिया।

14 सूत्रीय मांगों में उल्लेख किया है की लीज से लगाते हुए 252 बीघा चरागाह भूमि से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ ना हो। चारागाह की पैमाइश होनी चाहिए तथा चारागाह में होकर माल ढुलाई के लिए वाहनों का रास्ता भी नहीं होना चाहिए। खनन कर्ता द्वारा चारागाह में 8 हेक्टेयर ग्रेजिंग लैंड के बोर्ड का प्रशासन द्वारा जांच कर स्पष्टीकरण दे। लीज से सटे हुए भैरव मंदिर के पास खनन कार्य नहीं किया जाए। भौडा गांव बांध व वैर की प्रताप नहर फुलवाड़ी के लिए पानी की सप्लाई के बरसाती नाले के बहाव क्षेत्र को चालू किया जाए। चारागाह की पोखर को नष्ट कर दिया है उसे दुरुस्त करवाया जाए। खनन कार्य का जब तक स्थाई हल न निकले तब तक खनन पर प्रशासन रोक लगाए।

शांतिपूर्ण धरने पर बैठे नागरिकों पर दर्ज मुकदमे में एफआर लगाई जाए। ब्लास्टिंग से खराब हुए नलकूप की नुकसान की भरपाई की जाए। गौचर भूमि पर नष्ट हुए पेड़ पौधों व अवैध रास्ते बनाए जाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। अतर सिंह भड़ाना ने बाबू से किराया नामा लिखवाकर मकान कांटा और ऑफिस का निर्माण किया तब तक वह वैध था। अब उसे प्रशासन ने बिना पैमाइश के अवैध बताकर गलत तरीके से सील कर दिया है उसे रिलीज करने की मांग सहित 14 सूत्रीय मांग की समस्याओं के निस्तारण करवाए जाने की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/a-memorandum-was-submitted-to-the-sdm-regarding-14-point-demands-including-prevention-of-illegal-mining-134260659.html

Wednesday, 1 January 2025

भौडा गांव चारागाह भूमि से अवैध खनन की रोकथाम को लेकर करीब 15 दिन से ग्रामीणों द्वारा दिया जा रहा धरना

धरने में समर्थन देने के लिए रायपुर के ग्रामीण भी होने लगे है शामिल

वैर विधानसभा के गांव भौंडा गांव में खनन लीज के पास स्थित चारागाह भूमि पर पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना द्वारा अवैध खनन किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने धरना देना शुरू किया था। ग्रामीणों का आरोप है । कि अतर सिंह भड़ाना द्वारा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर खनन कार्य किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। तीन दिन पहले, ग्रामीणों ने उपखंडाधिकारी सचिन यादव को ज्ञापन सौंपते हुए अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर रोकथाम लगाने की मांग की थी, साथ ही धरना देने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद, गुरुवार से ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना द्वारा अवैध खनन से आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं, खासकर रायपुर गांव के सरकारी स्कूल के छात्र/छात्राऐं। सरकारी विधालय की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, प्राचीन भैरव बाबा के मंदिर की दीवारों में भी दरारें आई हैं और मंदिर के पास पत्थरों के टुकड़े गिरने की घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खनन के कारण आसपास के गांवों के किसानों को अपनी भेड़ों, बकरियों और अन्य जानवरों को चारागाह भूमि पर चराने में भारी परेशानी हो रही है। कई बार पशुओं को इस भूमि पर घूमने नहीं दिया जाता, जिससे उनके जीवन यापन में कठिनाई हो रही है।

कौशलेन्द्र दत्तात्रेय 

मूल ऑनलाइन लेख - https://gexpressnews.com/44826


Thursday, 19 December 2024

अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का धरना: पूर्व विधायक पर चारागाह भूमि पर कब्जा करने का आरोप

वैर विधानसभा के भौंडा गांव में खनन लीज के पास स्थित चारागाह भूमि पर पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना द्वारा अवैध खनन किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने धरना देना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अतर सिंह भड़ाना द्वारा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर खनन किया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

तीन दिन पहले, ग्रामीणों ने एसडीएम सचिन यादव को ज्ञापन सौंपते हुए अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर रोकथाम लगाने की मांग की थी, साथ ही धरना देने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद, गुरुवार से ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर की वैर तहसील के भौंडा गांव में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। इस खनन से आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं, खासकर रायपुर गांव के सरकारी स्कूल के छात्र। स्कूल की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, प्राचीन भैरव बाबा के मंदिर की दीवारों में भी दरारें आई हैं और मंदिर के पास पत्थरों के टुकड़े गिरने की घटनाएं हो रही हैं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खनन के कारण आसपास के गांवों के किसानों को अपनी भेड़ों, बकरियों और अन्य जानवरों को चारागाह भूमि पर चराने में भारी परेशानी हो रही है। कई बार पशुओं को इस भूमि पर घूमने नहीं दिया जाता, जिससे उनके जीवन यापन में कठिनाई हो रही है।

धरने पर बलराम, दिनेश, गजराज, जगत सिंह, कपिल, राजवीर, सुरेश, चंद्रभान, औतारी पहलवान, अमित, विश्राम, विक्रम, राधा कृष्ण आदि ग्रामीण मौजूद रहे। वे सरकार से अवैध खनन पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/bhusawar/news/villagers-protest-against-illegal-mining-134148061.html

Saturday, 20 July 2024

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

क्षेत्रके गांव सज्जनवास में आराजी खसरा नंबर 332 रकवा 1.34 हेक्टेयर किस्म में बारानी ने तृतीय है। उक्त जगह पर वित्तीय वर्ष2324 में उप स्वास्थ्य केंद्र सेंशन हुआ था। जिसके लिए भूमिआवंटन की जा चुकी है। इस भूमि पर नामजद लोगों के अतिक्रमणकर लेने को लेकर ग्राम पंचायतसरपंच सुशील चौधरी नेतहसीलदार अमित शर्मा को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि 19 जुलाई को नामजद लोगों ने इसभूमि पर कब्जा करने की नीयत सेथान का निर्माण शुरू कर दिया।

मौके पर जाकर मैंने समझाइश करके काम रुकवा दिया। ग्रामपंचायत द्वारा 19 जुलाई कोनोटिस देकर कब्जा न करने की हिदायत देते हुए वहां चस्पा करवा दिया। लेकिन रात्रि मेंनामजद लोगों में रामकुवर, राकेश, विनोद, दिगंबर, राजेश, अर्जुन, महेंद्र, भरत सिंह, रोहनसिंह निवासी सज्जनवास द्वाराअवैध कब्जा व राजकाज में बाधा डालने एवं बलवा फैलाने की नीयत से थान का निर्माण कर दिया है। उक्त लोगों से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सख्त कार्रवाई की जाने की मांग की गई।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/rupbas/news/villagers-submitted-a-memorandum-to-the-tehsildar-regarding-encroachment-on-pasture-land-133359219.html

Wednesday, 17 July 2024

चारागाह की भूमि पर अवैध कब्जे करने की शिकायत

कस्बे वासियों ने राज्य केमुख्य सचिव को एक ज्ञापन भेज कर लोगों के द्वारा चारागाह की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाने एंव उनके द्वारा इनमें खड़े हरे वृक्षों को काटने सहित इसमें हो रहे मिट्टीके दोहन को रुकवाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि लोगों ने हल्का पटवारियों से सांठगांठ कर चारागाह की भूमि के खाता संख्या 832 में दर्ज खसरा नम्बर पर करीब 9.25 हैक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे कर लिया है और हरे वृक्षों को काटकर बेचान कर दिया गया है।

साथ ही जेसीबी मशीन की सहायतासे मिट्टी की खुदाई कर दोहन कर बेचान किया जा रहा है। जिसकी तहसीलदार व पटवारी से कईबार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नही की जा रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/kaman/news/complaint-regarding-illegal-occupation-of-pasture-land-133344051.html

Saturday, 15 June 2024

एसडीएम के आदेश के चार माह बाद भी कार्रवाई फाइलों में सि​म​टी, ग्रामीणों में रोष

जमवारामगढ़ उपखंड में 30 हजार बीघा चरागाह पर कब्जा, ग्रामीणों में आक्रोश

भास्कर न्यूज। रूपवास जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते गोवंशों के लिए आ​रक्षित चरागाह क्षेत्र का दायरा अतिक्रमण के चलते लगातार घटता जा रहा हैं। जयपुर ग्रामीण जिले के उपखंड क्षेत्र जमवारामगढ़ की बात करें तो यहां करीब 30 हजार बीघा चरागाह भूमि में अतिक्रमण की बाड़ाबंदी हो गई। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। ऐसे में पेट की आग बुझाने के लिए गोवंश इधर-उधर भटकते है और मृत जानवर तक खाने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि 15 फरवरी 2024 को उपखंड अधिकारी जमवारामगढ़ के समक्ष चरागाह में अतिक्रमण की शिकायत की गई। उपखंड अधिकारी ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में दर्ज कर आंधी व जमवारामगढ़ तहसीलदार को चरागाह से अतिक्रमण पर कार्रवाई कर जांच रिपोर्ट के निर्देश दिए थे। लेकिन शिकायत कागजों में दफन होकर रह गई। धरातल पर जिम्मेदार प्रशासन की कार्रवाई का असर नहीं दिखा। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने की कार्रवाई करने की मांग की हैं। जमवारामगढ़ तहसील में 3800 हेक्टेयर भूमि में से अधिकांश भूमि चरागाह है, जो विभिन्न गांवों में आरक्षित है। इसी प्रकार तहसील आंधी के विभिन्न ग्रामों में 3380 हैक्टेयर भूमि से भी अधिक भूमि चारागाह में आरक्षित है। विगत कई वर्षों से चारागाह भूमिका राज्य सरकार एवं तहसीलदार की ओर से कोई विशेष पुख्ता प्रबंध एवं देखभाल नहीं होने के कारण चरागाह भूमियों पर ग्रामीणों ने एवं भूमाफिया लोगों द्वारा अतिक्रमण कर काश्त की जा रही हैं।

कई जगह लोगों ने बाड़े व पक्के निर्माण कर चार दीवारी या मकान बना लिए हैं। चरागाह में अतिक्रमण के चलते अब गैर-पालतू गोवंश को चरने के लिए जगह नहीं बची। ऐसे में सड़कों पर या शहर कस्बे की गलियों में भटकने को मजबूर है। कई बार गोवंश की वजह से सड़क हादसे भी हो जाते है। चारा नहीं मिलने की वजह से भूख के मारे गोवंश पॉलिथीन, कचरा, डिस्पोजल गिलास, कागज खाते है। जिसके चलते गोवंश अकाल मौत के ग्रास भी बन रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/rupbas/news/even-after-four-months-of-sdms-order-action-is-confined-to-files-villagers-are-angry-133182666.html

Wednesday, 24 April 2024

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के विरोध में ज्ञापन

ग्रामपंचायत पाहुआ की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पाहुआ की चारागाह भूमि में कुछ लोगों ने सरसों एवं गेहूं की फसल बोई हुई है। इसे उक्त व्यक्ति काटने की फिराक में है। जबकि हाइकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दे रखे हैं। लेकिन नायब तहसीलदार की ओर से 91 की रिपोर्ट पर लंबी तारीख पेशी दे दी गई है। इससे अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हैं जो कि शीघ्र ही फसल को काटने पर उतारू हैं। इसलिए उक्त फसल को अपनी कस्टडी में लेकर चारागाह से अतिक्रमण हटाया जाए। अन्यथा 13 फरवरी से ग्रामीणों को धरने के मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन पर जवाहर सिंह, राजेंद्र, उदयसिंह, विजय सिंह सैन, करनसिंह रामवीर आदि के हस्ताक्षर हैं।

भरतपुर। चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को सौंपा ज्ञापन।


मूल ऑनलाइन लेख -  https://www.bhaskar.com/raj-btpr-mat-latest-bharatpur-news-034010-1964169-nor.html/

Friday, 2 February 2024

गांव अजरोंदा में 161 बीघा चारागाह भूमि पर दबंगो ने किया अवैध कब्जा, ग्रामीणों में रोष


शशिकांत शर्मा - स्मार्ट हलचल/वैर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सुहास के गांव अजरोंदा की लगभग 161 बीघा चरागाह भूमि पर दबंग लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर गेहूं व सरसों की फसल की बुवाई कर दी है। हे ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने कई वर्षों से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है। इस बारे में प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की लम्बे समय से मांग की जा रही है लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। यहां तक की गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम, तहसीलदार एवं प्रशासन के खिलाफ मौके पर जम कर नारे बाजी की ओर भ्रष्टाचार के भी आरोपी लगाए। स्थानीय निवासी लाखनसिंह, गिर्राज सिंह, आदि ने बताया कि हमारे गांव अजरोंदा में 161 बीघा चरागाह भूमि है जो कि गांव के पशुओं को चराने के काम आती है एवं किसानों की फसलों को आवारा जानवरो से बचाने को लेकर इस चरागाह भूमि को काम में लिया जाता है जिससे आवारा जानवर किसान की खेती में नुकसान नहीं कर सके लेकिन गांव के ही कुछ दबंग लोगों द्वारा उक्त चरागाह भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर उस में फ़सल बुवाई का कार्य किया गया है। इस को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार तहसीलदार को लिखित में शिकायत दी। तहसीलदार ने गिरदावर एवं पटवारी भेजकर नाप कराने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई। उपखण्ड अधिकारी को भी ज्ञापन देकर चारागाह भूमि से दबंग लोगों का कब्जा हटाने की मांग की लेकिन आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। जिसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। गुस्साये ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन एसडीएम, तहसीलदार एवं पटवारी के खिलाफ जम कर नारे बाजी की एवं भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाये हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही का खामयाजा समस्त ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। तहसीलदार सुरेंद्र आर्य ने बताया कि मेरी जानकारी में मामला आया है 91 के नोटिस बनवा दिए गए हैं शीघ्र ही तामील कराकर कार्रवाई की जायेगी।

मूल ऑनलाइन लेख  - https://smarthalchal.com/vair-panchayat-samiti/