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Friday, 10 July 2026

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण पर 19 गिरफ्तारी वारंट जारी:आदतन अतिक्रमियों को 60 दिन का सिविल कारावास, आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं की

 


लालसोट क्षेत्र में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में निर्झरना न्यायालय तहसीलदार ने सख्त कार्रवाई की है। कोर्ट ने 19 आदतन अतिक्रमियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें 60 दिन के सिविल कारावास की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई ग्राम रामसिंहपुरा, पटवार हल्का नालावास स्थित लगभग 12 हेक्टेयर चरागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर की गई है।

कोर्ट के आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं की

न्यायालय के अनुसार, इन अतिक्रमियों को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत संवत 2081, 2082 और 2083 में बेदखल करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने चरागाह भूमि खाली नहीं की। लगातार आदेशों की अवहेलना के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है।

19 लोगों के खिलाफ सुनाया फैसला

न्यायालय ने जिन 19 व्यक्तियों के खिलाफ फैसला सुनाया है, उनमें बिहारी, सीताराम पुत्र पांचू महावर; किशनलाल, गिर्राज पुत्र मोहरपाल; कन्हैया पुत्र मेवाराम; दयाराम, सीयाराम पुत्र कजोड; ग्यारसीलाल, रामफुल, भौरीलाल, छोटेलाल पुत्र मंगलाराम; गिर्राज पुत्र नारायण; रामचन्द्र पुत्र नाथू; कजोड, कालु पुत्र दल्ला; शिवराम, रामकरण पुत्र मनफुल; रेवड पुत्र कल्याण; कमल पुत्र नारायण; जगदीश पुत्र कल्याण; गिर्राज पुत्र मूलचंद; रामराज पुत्र मांगीलाल; छीतर पुत्र देवा; रामकरण पुत्र मनफूल; बृजमोहन पुत्र अम्बालाल; प्रताप पुत्र हजारी और हरिनारायण पुत्र रामनाथ शामिल हैं। ये सभी रामसिंहपुरा निवासी हैं।

निर्झरना तहसीलदार सीमा गुणावत ने इस संबंध में कहा कि चरागाह भूमि गोवंश के संरक्षण और चराई के लिए आरक्षित एक सार्वजनिक संपत्ति है। इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।

https://www.bhaskar.com/amp/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/rajasthan-encroachers-civil-jail-pasture-land-138410083.html




Thursday, 23 October 2025

दौसा के चरागाह भूमि आवंटन के विरोध में धरना जारी:मशाल जुलूस और काली दीपावली से जताया नाराजगी, आवंटन को रद्द करने की मांग

दौसा के कुतकपुर गांव में ग्रामीणों का एक माह से धरना प्रदर्शन जारी है।

दौसा के महवा उपखंड क्षेत्र के कुतकपुर गांव में चरागाह भूमि को बिजली जीएसएस के लिए आवंटित करने के विरोध में ग्रामीणों का धरना पिछले एक माह से जारी है। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

मशाल जुलूस और काली दीपावली से जताया विरोध

पिछले दिनों ग्रामीणों ने मशाल जुलूस निकालकर नारेबाजी की थी और काली दीपावली मनाकर प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जब तक आवंटन रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्राम सभा की सहमति के बिना आवंटन का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने ग्राम सभा की सहमति के बिना चारागाह भूमि को बिजली जीएसएस के लिए आवंटित कर दिया। जबकि नियमानुसार ग्राम सभा की सहमति जरूरी होती है। इस आवंटन से किसानों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में जब तक भूमि का आवंटन रद्द नहीं होगा, तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

संघर्ष समिति की मांग

मामले को लेकर 5 दिन पहले ग्रामीणों ने मशाल जुलूस निकाला था। जुलूस गांव से शुरू होकर हिंडौन रोड़ से होते हुए विधायक सेवा केंद्र तक पहुंचा, जहां से वापस चरागाह भूमि पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में शामिल युवाओं ने चरागाह आवंटन को रद्द करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। यहां के लोगों की मुख्य मांग है कि चरागाह आवंटन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

धरने में शामिल ग्रामीण

धरने में एडवोकेट भंवर सिंह, शीशराम पटेल, चतरे पटेल, गिलाहड़ी पटेल, रामभान गुर्जर, रणजीत बैंसला, विजय सिंह पटेल, बच्चू सिंह और गोविंद पटेल समेत 33 पंच-पटेल लगातार भाग ले रहे हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/protest-in-dausa-for-a-month-136235625.html

Friday, 10 October 2025

दौसा की ग्राम पंचायतों में विकसित होंगे चारागाह:कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए रोल मॉडल बनाने के निर्देश

 

दौसा कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने चारागाह विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

दौसा कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने शुक्रवार को लवाण पंचायत समिति क्षेत्र में चरागाह विकास कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए। ग्राम पंचायत नांगल गोविंद में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत नवाचार करते हुए 8.58 लाख रुपए की स्वीकृति से किए गए चारागाह विकास कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि यह ग्राम पंचायत वर्तमान परिदृश्य में पौधारोपण कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रही है, जो जिले में एक रोल मॉडल की तरह है।

मनरेगा अधिशासी अभियंता सीताराम मीणा ने चरागाह विकास कार्य के संबंध में बताया कि यहां चरागाह की 8 बीघा भूमि में नेपियर घास व 1 बीघा धामण घास, 1200 फलदार पौधे, 2000 मोरिंगा के पौधे, 500 छायादार पौधे इस वर्ष में लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत द्वारा चरागाह में पूर्व के वर्षों में भी लगभग 6000 पौधे लगाये जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि चारागाह की गुणवत्ता में सुधार होने से पेड़ों की पत्तियां व छाया पशुओं के लिए उपयोगी होगी। साथ ही, पेड़ों से भूमि की नमी बनी रहेगी, जिससे पशुओं के लिए बेहतर घास तैयार होगी। फलदार पौधों से ग्राम पंचायत की निजी आय बढ़ेगी।

यहां चरागाह विकास के तहत मानसून के दौरान आंवला, जामुन, आम, बैर, अमरूद एवं अन्य छायादार-फलदार पौधे लगाए गए थे। इन पौधों की पुख्ता सुरक्षा, देखभाल एवं अच्छी वृद्धि देखकर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के प्रयास की सराहना की। साथ ही, उन्होंने ऐसे कार्यों का विस्तार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्राम पंचायत की निजी आय का स्रोत विकसित हो सके।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/pastures-of-dausas-gram-panchayats-will-be-developed-136139010.html

Saturday, 28 June 2025

लालसोट में चारागह भूमि में पौधारोपण का विरोध:ग्रामीणों ने रुकवाया काम, तैयार किए गड्ढों को किया खराब

लालसोट की राहुवास तहसील क्षेत्र के गांव शाहजहांनपुरा में हरियालो राजस्थान कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत ढोलावास द्वारा चारागाह भूमि पर शुरु किए गए पौधारोपण को ग्रामीणों ने रोक दिया।

योजना के तहत 27 हेक्टेयर चारागाह भूमि में से एक हेक्टेयर में 2,500 पौधे लगाने का लक्ष्य था। इस पर 10 लाख रुपए खर्च किए जाने थे। मनरेगा के तहत पौधरोपण के साथ जालीदार तार से सुरक्षा की व्यवस्था की जानी थी। पांच साल तक पेड़-पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी जानी थी। सिंचाई के लिए सोलर सिस्टम और एक बड़ी पानी की टंकी का निर्माण प्रस्तावित था।

विकास अधिकारी योगेश मीणा ने बताया-ढोलावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में 104 बीघा चारागाह भूमि है। जिसमें 20 बीघा भूमि पर ग्रामीणों के द्वारा अतिक्रमण करके खेती कर रखी है। वहीं हरियालो राजस्थान अभियान के तहत ग्राम पंचायत की ओर से प्लांटेशन का कार्य करवाया जा रहा था, जिसमें 1 हैक्टेयर जमीन को समतलीकरण करवा दी थी और गड्ढे भी खुदवा दिए थे। मगर ग्रामीणों ने विरोध करते हुए गड्ढे को वापस खुर्द बुर्द कर दिया। इस दौरान मौके पर आए ग्रामीणों ने कहा कि इस भूमि पर हमारे पशु चारा चरेंगे। ऐसे में हम पौधारोपण नहीं करने देंगे। विकास अधिकारी ने बताया कि संपूर्ण 104 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए उपखंड अधिकारी को लेटर लिख दिया गया है।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/opposition-to-plantation-of-trees-in-pasture-land-in-lalsot-135329975.html

Thursday, 22 May 2025

चरागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

दौसा| ग्राम निकटपुरी में चरागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महेश सैनी व रघुराम मीणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर देवेंद्र कुमार को दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम निकटपुरी में चरागाह भूमि खसरा नंबर 193, 194, 438 व 439 गांव के ही कुछ लोगों ने पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने बताया कि चरागाह पर बोरवेल भी लगा रखा है। जिस पर बिजली कनेक्शन भी ले रखा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत, तहसीलदार, एसडीएम को कई बार चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कलेक्टर से मामले में दोषी अधिकारियों व अतिकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/a-memorandum-was-submitted-to-the-collector-demanding-removal-of-encroachment-from-the-pasture-135074787.html

Thursday, 1 May 2025

चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग

दौसा|ग्राम श्यालावास में चारागाह पर अतिक्रमण की शिकायत लोगों ने प्रशासन से की है। लोगों ने बताया कि अतिक्रमण से रास्ता बंद है। इस संबंध में कई बार 181 पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अतिक्रमण के चलते रास्ता बंद होने से कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।


Sunday, 27 April 2025

ग्राम मुंडघिस्या में चरागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण

भांडारेज | ग्राम पंचायत नांगल चांपा के ग्राम मूंड़घिस्या में कई वर्षों से चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को हटाया। धारासिंह गुर्जर ने इसकी शिकायत कलेक्टर और तहसीलदार से की थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। भांडारेज तहसीलदार सुरेंद्र सिंह आर्य, हल्का पटवारी महेंद्र दातोनिया, राजस्व विभाग के नेमीचंद बैरवा, गिरदावर अनीता मीणा और राधेश्याम गुर्जर मौके पर पहुंचे। टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण कर रखे जाल, तार और पिलर हटाए। इस दौरान पापड़दा थाना पुलिस का जाब्ता और नांगल चांपा ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश गुर्जर भी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/encroachment-removed-from-pasture-land-in-village-mundghisya-134915076.html

Saturday, 26 April 2025

दौसा : चारागाह भूमि पर अवैध रूप से काटे गए प्लाट की नीलामी, अब खरीददार को नहीं मिल रहा कब्जा

                          

दौसा। दौसा जिले में एक किसान को बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत कर दी गई, लेकिन बाद में प्लाट के कब्जे को लेकर उत्पन्न हुई परेशानी ने उसे भटकने पर मजबूर कर दिया है। मामला उस समय सामने आया जब बैंक ने अवैध रूप से काटे गए एक चारागाह भूमि के प्लाट पर ऋण स्वीकृत किया और फिर उस प्लाट को नीलाम कर दिया। नीलामी के बाद पीड़ित दीपक शर्मा ने 6.30 लाख रुपए में प्लॉट छुड़वाया, लेकिन अब तक उसे कब्जा नहीं मिल रहा है। दीपक शर्मा का कहना है कि 18 दिसंबर 2023 को बैंक ने पुष्पा शर्मा के नाम पर संपत्ति को कुर्क किया था। दीपक शर्मा ने पूरी रकम जमा कर दी और रजिस्ट्री के लिए केनरा बैंक ने डिविजनल मैनेजर, कोटा, बीएल मीणा को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया। बैंक ने उन्हें यह बताया कि प्लॉट 275 वर्ग गज का है और इसकी बाउंड्री में ईंटें लगी हुई हैं। लेकिन जब दीपक शर्मा ने रजिस्ट्री से पहले प्लॉट का निरीक्षण किया तो वहां नींव खुदी हुई मिली और बाउंड्री पर अनीता पत्नी पवन शर्मा का नाम लिखा हुआ था। बैंक द्वारा दिखाए गए प्लॉट में यह बदलाव था। जब दीपक शर्मा ने बैंक मैनेजर विजेंद्र मीणा और गोकुल हाडा से इसकी जानकारी ली, तो पता चला कि नींव हनुमान प्रसाद शर्मा के छोटे भाई पवन शर्मा ने खुदवाई थी। पवन शर्मा का कहना था कि यह प्लॉट उनका है और यह गलत तरीके से बैंक को दिखाकर लोन लिया गया था।

बैंक ने इस मामले को अपनी गलती मानते हुए स्थिति को स्वीकार किया, लेकिन फिर भी दीपक को न तो प्लॉट का कब्जा मिला और न ही जमा कराई गई रकम वापस की गई। पीड़ित दीपक शर्मा का कहना है कि वह पिछले डेढ़ साल से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन किसी अधिकारी ने उनका मदद नहीं की।

इस पूरे मामले में, नए बैंक मैनेजर स्वाति जुत्सी ने बताया कि उन्हें इस मुद्दे के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उन्होंने इस मामले को उच्च अधिकारियों को मेल द्वारा अवगत करा दिया है। डिविजनल मैनेजर, कोटा बीएल मीणा का कहना था कि उनका ट्रांसफर हो चुका है और यह बैंक की गलती है।

पीड़ित दीपक शर्मा की मांग है कि उसे प्लॉट का कब्जा और उसकी जमा राशि वापस की जाए, ताकि वह इस कागजी और प्रशासनिक उलझन से बाहर निकल सके।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/dausa-news/news-dausa-auction-of-plot-illegally-cut-on-pasture-land-now-the-buyer-is-not-getting-possession-news-hindi-1-718172-KKN.html


Sunday, 16 March 2025

बनियाना में रात्रि चौपाल में चारागाह से अतिक्रमण हटाने के डीएम ने दिए निर्देश

दौसा (ग्रामीण). रात्रिचौपाल में समस्याएं सुनते विधायक कलेक्टर।

भास्कर न्यूज| दौसा (ग्रामीण)

बनियानाग्राम पंचायत पर आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारी कर्मचारी तालमेल के साथ विकास कार्यों का पूर्ण ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में व्याप्त बिजली पानी की समस्या का अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराएं। उन्होंने खराब हैंडपंपों की शिकायत पर सहायक अभियंता को टीम भेेजकर ठीक कराने के निर्देश दिए। वहीं बिजली निगम के एक्सईएन को दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत कनेक्शनों से वंचितों को तुरंत कनेक्शन करने को कहा। रामसिंह गुर्जर, सीताराम गुर्जर, रामजीलाल योगी ने पशुओं मे फैल रही बीमारीयों के बारे में शिकायत कर पशु चिकित्सकों की टीम बुलाने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार का कोताही नहीं बरती जाए। जनसुनवाई में भवनहीन लोगों ने पट्टे जारी कराने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को भूमि को आबादी में परिवर्तन करने के प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। वहीं चरागाह से अतिक्रमण के लिए तहसीलदार को मामले की जांचकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला श्रम कल्याण अधिकारी को शुभ शक्ति योजना के लाभाथियों को शीघ्र भुगतान कर अन्य योजनाओं में भी लाभाविन्त करने की बात कही। सीएमएचओ को पी.आर. मीणा को मौसमी बीमारियों के बारे में विशेष सर्तकता बरतने, जिला रसद अधिकारी को राशन वितरण समय पर सुनिश्चत कराने, विकास अधिकारी लवाण हरीसिंह चारण को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं बनाए आवासों की जांचकर भुगतान करने, स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत निर्माण कराए शौचालयों की जांचकर तुरत भुगतान कराने के निद्रेश दिए बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पा सिंह को आंगनबाडी केंद्रों पर पोषाहार वितरण कराने के निर्देश दिए।

100 वर्षीय सुरजन खंडेलवाल ने शौचालय निर्माण कराने के लिए कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर कलेक्टर ने मौके पर ही विकास अधिकारी हरिसिंह चारण से स्वीकृति जारी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

विधायकने की 15 लाख की घोषणा

विधायकशंकर शर्मा ने पानी की समस्या के लिए तीन हैंडपंप 15 लाख रुपए विधायक कोटे से दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने जनसुनवाई करते हुए कहा कि क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं का प्राथमिकता के आधार पर बिना भेदभाव विकास कार्य कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के साथ कर्मचारियों का भी दायित्व है कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आमजन तक लाभ पहुचाएं। इस दौरान एसीईईओ सुरेंद्र सिंह, एसडीएम संतोष गोयल, सीएमएचओ, उपनिदेशक राकेश अटल, सरपंच सीमा बैरवा, सचिव लज्जाराम, सहित अनेकों अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-dau-mat-latest-dausa-news-025503-442105-nor.html

Tuesday, 28 January 2025

चारागाह भूमि पर बनी 54 दुकान और दो मकान ध्वस्त: हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, कलेक्टर को शपथ पत्र के साथ हाजिर होने के दिए थे निर्देश

                     दौसा के लोटवाडा गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाती जेसीबी।

दौसा जिले के बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के लोटवाड़ा गांव में चारागाह भूमि पर बनी 54 दुकानों और दो मकानों को सोमवार को बुलडोजर से ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंडावर उपखंड प्रशासन द्वारा भारी भरकम पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जहां अतिक्रमणकारियों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद शांत हो गए।

दरअसल, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा कलेक्टर से शपथ पत्र देने के निर्देश दिए थे, अन्यथा 10 जनवरी को कलेक्टर को व्यक्तिशः कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया।

इस दौरान मंडावर एसडीएम अमित वर्मा, बैजूपाड़ा तहसीलदार प्रकाश चंद्र मीणा सहित चार पुलिस थानों का जाप्ता और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाप्ता मौके पर पहुंचा। जहां चारागाह भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बोई हुई फसल को भी ट्रैक्टरों से नष्ट किया गया। साथ ही जेसीबी द्वारा दुकानों और मकानों को जमीदोज कर हाईकोर्ट के आदेश की पालना की गई।

                    कार्रवाई के दौरान विरोध जताती महिलाओं को मौके से हटाती पुलिस।

यहां चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों का पिछले लंबे समय से अवैध कब्जा था और दुकानें बनाकर कारोबार कर रहे थे। जिसकी शिकायत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती पर सोमवार को प्रशासन द्वारा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। इससे पूर्व में भी प्रशासन द्वारा तीन बार अतिक्रमण हटाने की कोशिश की, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका था।

कलेक्टर को तलब करने के आदेश दिए थे

स्थानीय लोग चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। लेकिन प्रशासन द्वारा सुनवाई नहीं होने पर लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट द्वारा वर्ष 2021 में तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। इस पर कोर्ट में फिर से मामले की सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चारागाह जमीन से अतिक्रमण हटाकर कार्रवाई का ब्यौरा कलेक्टर शपथ पत्र सहित पेश करे। यदि ऐसा नहीं होता है कलेक्टर 10 जनवरी को कोर्ट में पेश होकर यह बताए किए उन्होंने आदेशों की पालना क्यों नहीं करवाई। इस बार हाईकोर्ट की नाराजगी व सख्ती के बाद बैजूपाड़ा तहसील प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार ने तीन दिन पहले चारागाह पर बनी इन 54 दुकानों पर चोटिस चस्पा कर 29 दिसंबर की शाम तक दुकानों को खाली कर स्वयं ही अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। इसके बाद 30 दिसंबर को प्रशासन यहां से अतिक्रमण हटा देगा। इसके बाद सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/54-shops-and-two-houses-built-on-pasture-land-were-demolished-134209134.html

Friday, 24 January 2025

चरागाह भूमि से फुले दंपती की प्रतिमाओं को बदमाशों ने हटाया

डिगो। ग्राम श्योनंदा में चरागाह भूमि पर महात्मा ज्योतिबा फुले व सावित्री बाई फुले की प्रतिमाओं को लेकर एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। दरअसल, 19 जनवरी की रात्रि को बदमाशों के द्वारा फुले दंपती की प्रतिमा लगाई गई। प्रतिमाओं को गुरुवार रात्रि को एक बार फिर से बदमाशों ने हटा दिया है।

श्योनंदा में चारागाह भूमि पर 3 साल पहले प्रतिमाओं को स्थापित किया गया था। इन प्रतिमाओं को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जहां प्रशासन लंबे समय से इन प्रतिमाओं को हटाने का प्रयास कर रहा था। जब प्रतिमाएं नहीं हटीं, तो अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई। इसके बाद 17 जनवरी को प्रशासन ने दोनों प्रतिमाओं को हटाकर थाने में रखवा दिया। इसके विरोध में सैनी समाज की ओर से ज्ञापन सौंपे गए। प्रतिमाओं को किसी सरकारी स्थल पर नहीं लगाने के निर्देश थे। प्रशासन समझाइश कर रहा रहा था कि प्रतिमाएं नहीं लगाए, लेकिन 19 जनवरी की रात को अज्ञात लोगों ने प्रतिमाओं को फिर से उसी चारागाह भूमि पर स्थापित कर दिया। इसके बाद गुरुवार रात बदमाशों ने दोनों प्रतिमाओं को फिर से हटा दिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/miscreants-removed-the-statues-of-phule-couple-from-pasture-land-134352491.html

Friday, 17 January 2025

लालसोट में हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई: चारागाह भूमि से हटाई मूर्तियां, थाने में किया स्थानांतरित

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद लालसोट में प्रशासन ने चारागाह भूमि से मूर्तियों को हटाया है। तहसीलदार अमितेश मीणा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। श्योनन्दा गांव की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में बत्तीलाल मीणा ने तत्कालीन जिला कलेक्टर पियूष समारिया के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

न्यायालय ने पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था, लेकिन जब मूर्तियां नहीं हटाई गईं, तो परिवादी ने अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद न्यायालय ने दो महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। इसी आदेश के तहत प्रशासन ने मूर्तियों को सम्मानपूर्वक हटाकर थाने में स्थानांतरित कर दिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/action-on-high-court-order-in-lalsot-134309772.html

Tuesday, 31 December 2024

चरागाह पर अतिक्रमण, जांच में निकले इंद्रा आवास के मकान

बांदीकुई ग्रामीण। पीचूपाड़ाखुर्द में चारागाह पर हो रहे अतिक्रमण के मामले में बसवा तहसीलदार पिंकी गुर्जर मौके पर पहुंची। इस दौरान जांच में यहां अतिक्रमण कर बनाए गए मकान इंद्रा आवास के निकले। फिर भी तहसीलदार ने इनमें रह रहे लोगों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। यहां चारागाह पर अतिक्रमण कर कुछ लोगों ने मकान बना लिए।

इस मामले की शिकायत लोगों द्वारा उच्चाधिकारियों लोकायुक्त के पास की गई। मामले की जांच के लिए बुधवार को बसवा तहसीलदार पिंकी गुर्जर यहां मौके पर पहुंची। इस दौरान चरागाह पर करीब 5-6 मकान बने हुए है। जिनमें करीब 3 मकान पक्के बने हुए है। इन मकानों में रहे लोगों को बुलाकर मामले की जांच की गई जिसमें सामने आया कि इनके मकान इंद्रा आवास के तहत बने हुए है। और वे लंबे समय से यहां रहे है। इस पर तहसीलदार ने करीब एक घंटे तक जांच करने के बाद सभी अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

बांदीकुई। पीचूपाडाखुर्द में चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण की जांच करती बसवा तहसीलदार पिंकी गुर्जर।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-bandikui-news-021503-544431-nor.html


Sunday, 15 December 2024

चरागाह की जमीन से 4 सप्ताह में अतिक्रमण हटाएं जिला कलेक्टर

चरागाह की जमीन से 4 सप्ताह में अतिक्रमण हटाएं जिला कलेक्टर

जयपुर| हाई कोर्ट ने दौसा जिले के बसवा के निहालपुरा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण मामले में जिला कलेक्टर को चार सप्ताह में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का निर्देश दिया है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व गोवर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश पदम चन्द मीणा की अवमानना याचिका पर दिए। याचिका में कहा कि हाई कोर्ट ने 28 नवंबर 2016 को कलेक्टर को आदेश जारी कर चरागाह भूमि पर अतिक्रमण पाए जाने पर उसे हटाने को कहा था। भूमि पर अतिक्रमण मिलने के बावजूद भी प्रशासन उसे नहीं हटा रहा है। जिस पर एएजी धर्मवीर ठाेलिया व अधिवक्ता हिमांशु ठोलिया ने अदालत को बताया कि मौके पर 13 लोगों का कब्जा है और दो धार्मिक स्थल बने हुए हैं। यदि अदालत अनुमति दे तो दूसरी जमीन को चारागाह घोषित कर कब्जाधारियों को आवंटन किया जा सकता है। कब्जाधारियों ने कहा कि वे भूमि की डीएलसी दर देने को तैयार हैं। लेकिन अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जिला कलेक्टर को चार सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/rajasthan/dausa/latest-dausa-news-023059-2615177.html

Friday, 27 September 2024

चारागाह से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित: सीईटी परीक्षा में ड्यूटी होने से नहीं मिला पुलिस जाप्ता; कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट ने दिया है आदेश


लोटवाड़ा में 5 बीघा चारागाह पर 54 दुकानें और दो मकान बनाकर किया गया अतिक्रमण शुक्रवार को भी नहीं हट पाया। तहसीलदार प्रकाशचंद मीणा ने अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी कर शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था और पुलिस जाप्ता मांगा था, लेकिन पुलिस के सीईटी परीक्षा में व्यस्त होने के कारण कार्रवाई टालनी पड़ी।

अवैध कब्जे का मामला

चारागाह पर 10 साल पहले कुछ लोगों ने अवैध रूप से 54 दुकानें और दो मकान बनाकर कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए कुछ लोगों ने प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तहसीलदार ने अतिक्रमण कारियों को 27 सितंबर से पहले अपनी दुकानें खाली करने के निर्देश दिए थे।

पुलिस जाप्ता न मिलने से रुकावट

तहसीलदार ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने के लिए मंडावर एसडीएम से पुलिस जाप्ता की मांग की थी। एसडीएम ने बैजूपाड़ा थाने को पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन सीईटी परीक्षा होने के कारण पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो सका। बैजूपाड़ा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस परीक्षा में व्यस्त थी, इसलिए जाप्ता नहीं भेजा जा सका।

तहसीलदार प्रकाशचंद मीणा ने बताया कि पुलिस बल नहीं मिलने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है, और आगे की कार्रवाई जल्द ही तय की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/bandikui/news/action-to-remove-encroachment-from-pastures-postponed-133710874.html

Friday, 30 August 2024

लोटवाड़ा में चरागाह भूमि पर बनाई 54 दुकानें, प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित, लोगों में आक्रोश

लोटवाड़ा में सरकारी चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने 54 दुकानों का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया। लोग कई बार इसकी शिकायत प्रशासन को कर चुके है। लेकिन अतिक्रमण हटाने से कतरा रहा प्रशासन सिर्फ नोटिस की कार्रवाई ही कर रहा है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि लोटवाड़ा में चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने नियमों को ताक में रखकर दुकानें व मकान बना लिए।

लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन से शिकायत करने के बाद तहसीलदार बैजूपाड़ा ने वर्ष 2021 में 36 लोगों के खिलाफ तहसील कोर्ट में मुकदमा दायर किया। 4 मई 2021 को बेदखली के आदेश जारी कर दिए। लेकिन इसके बाद भी यहां से अतिक्रमण नहीं हटा।

13 अगस्त 2024 को तहसीलदार ने नोटिस जारी कर 28 अगस्त तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। लेकिन इसके बाद भी आज तक यहां से अतिक्रमण नहीं हटे। लोगों ने बताया कि इस प्रकार सरकारी भूमि पर धडल्ले से अतिक्रमण करने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो रहे है। बार-बार शिकायतों के बाद भी प्रशासन सिर्फ नोटिस की कार्रवाई कर रहा है। जबकि तीन साल पहले ही इन्हे बेदखली के आदेश जारी कर दिए।

लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन ने जल्दी ही यहां से अतिक्रमण नहीं हटाया तो आंदोलन करना पड़ेगा। इस संबंध में बैजूपाड़ा नायब तहसीलदार प्रकाशचंद मीणा ने बताया कि जल्दी ही इस अतिक्रमण को हटाया जाएगा। पंचायत समिति अधिकारी को जेसीबी व ट्रेक्टर सहित अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/54-shops-built-on-pasture-land-in-lotwara-administrations-action-limited-to-notice-only-people-angry-133560023.html

Sunday, 4 August 2024

लालसोट में एक पेड़ मां के नाम अभियान: चारागाह भूमि और जिला अस्पताल कैंपस में किया पौधारोपण, देखभाल और सुरक्षा की दी जिम्मेदारी


लालसोट के महाराजपुरा गांव में बुधवार को "वृक्षारोपण अमृत महोत्सव" में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत भाजपा नेता हरकेश मटलाना ने वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान चारागाह भूमि पर ट्रैक्टर मशीन से खड्डे खुदवाकर सैकड़ो पौधे लगाए गए। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाकर उनकी देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लें। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे।

वहीं हरियाली तीज पर बुधवार को वृक्षारोपण महा अभियान के दौरान श्यामपुरा रोड़ पर स्थित नव निर्मित राजकीय जिला हॉस्पिटल परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान हॉस्पिटल के समस्त डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर ने वृक्षारोपण किया गया।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजकुमार सेहरा और डॉक्टर रविन्द्र चौहान ,डॉक्टर इंद्रजीत नरूका ,डॉक्टर अनुराग देमन ने पेड़ लगाकर हरित एवं स्वच्छ भारत का संदेश देकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने के लिए जनता को जागरूक किया गया। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत दौसा जिला अध्यक्ष हरिसिंह कसाना ने पर्यावरण के वर्तमान हालातो को देखते हुए और भविष्य की पीढ़ी के लिए स्वच्छ और निरोगी वातावरण मिले पेड़ो को अधिक से अधिक बढ़ावा देने का सन्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण राजस्थान मे हरियालो राजस्थान एक पेड़ मां के नाम हरियाली तीज अवसर पर पेड़ लगाए गए। इस अवसर पर नर्सिंग ऑफिसर उमाशंकर मीना, दुर्गेश अग्रवाल, रेडियोग्राफर लोकेश सैनी, केशव मिश्रा ने पौधा रोपण किया। साथ ही मिश्रा ने बताया की वृक्षारोपण प्रकृति के लिए बहुत ही जरूरी हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/one-tree-in-mothers-name-campaign-in-lalsot-133445146.html

Wednesday, 3 July 2024

कलेक्टर ने पौधरोपण किया


लालसोट ग्रामीण। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लालसोट के ग्राम समेल में विकसित किए जा रहे चारागाह कार्य का कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने अवलोकन कर पौधरोपण किया। इस दौरान कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ग्राम समेल में 40 हैक्टेयर चारागाह भूमि पर विकसित किए जा रहे चारागाह का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को चरागाह में नर्सरी विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारागाह में लगाए 3 हजार 500 विभिन्न प्रकार के पौधों जिसमें नींबू, लहसवा एवं अन्य फलदार पौधारोपण कार्य का अवलोकन करते हुए कार्य की सराहना की।

उन्होंने चारागाह में कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पौधरोपण भी किया एवं स्थानीय जन से योजनाओं के तहत पर्यावरणीय लाभ एवं भूजल रिचार्ज के लिए मानसून के दौरान पौधारोपण करने एवं फॉर्म पॉन्ड निर्माण करने की अपील की। इस दौरान एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा, एसडीएम लालसोट नरेंद्र कुमार मीणा, वॉटर रिसोर्स विभाग अधिशासी अभियंता मोहनलाल मीणा सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/the-collector-planted-a-sapling-133272413.html

Monday, 1 July 2024

ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत, भूमाफिया ने कृषि भूमि का रूपांतरण कराए बिना प्लाॅट काटकर बनाई सड़कें


दौसा। सूरजपुरा ग्राम पंचायत के खेड़ली के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर गांव में भूमाफिया द्वारा कृषि भूमि का रूपांतरण कराए बिना ही प्लाॅट काटकर सड़कें बनाने की शिकायत की है। पीडित घनश्याम रैसवाल व ग्रामीणों ने बताया कि भूमाफिया ने लगती हुई चारागाह भूमि में भी प्लॉट काट दिये।

उन्होंने बताया कि खेड़ली गांव की नर्सरी के पास बने वर्षों पुराने तालाब की जमीन पर स्थित अनुसूचित जाति के किसानों की खातेदारी भूमि को भूमाफिया ने औने-पौने दामों में खरीद कर तालाब को खुर्द-बुर्द कर बिना रुपांतरण के ही अवैध आवासीय कॉलोनी काट दी। भूमाफिया ने पटवारी की मिलीभगत से इस तालाब की जमीन में सभी खसरों पर कोर्ट का स्टे होने के बावजूद अवैध आवासीय कॉलोनी काट दी और ग्रेवल सड़क बना दी। साथ ही तालाब की गैर मुमकिन पाल व लगती हुई चारागाह भूमि के कुछ हिस्से को भी अवैध आवासीय कॉलोनी में शामिल कर भोले भाले लोगों को प्लॉट बेचना शुरू कर दिया। जब इस पूरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने पटवारी से की तो पटवारी ग्रामीणों को कॉलोनी का काम रुकवाने का आश्वासन देते रहे और भूमाफिया रोड़ रोलर चलाकर ग्रेवल सड़क तैयार करते रहे। ग्रामीणों की बार-बार शिकायत के बाद मौके पर जाकर पटवारी ने अवैध आवासीय कॉलोनी में मौके पर चल रहे रोड रोलर को जब्त किए बिना और भूमाफिया को पाबंद किए बिना ही आश्वासन देकर वापस लौट गए। ग्रामीणों ने पटवारी के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन देने वालों में रामजीलाल बैरवा, बाबूलाल बैरवा, चौथमल बैरवा, नारायण बैरवा, बिहारीलाल बैरवा, गोपाल बैरवा उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.m.khaskhabar.com/news/news-villagers-complained-to-the-collector-that-land-mafia-built-roads-by-cutting-plots-without-converting-agricultural-land-news-hindi-1-650013-KKN.html

Monday, 27 May 2024

जिम्मेदारों की मिलीभगत से दौसा में बेरोकटोक फल-फूल रहा अवैध खनन कारोबार, आदेशों को भी ठेंगा दिखाए

राजस्थान में करीब पांच महीने पहले जब भजनलाल सरकार सत्ता में आई तो अवैध खनन पर बड़ा चाबुक चलाते हुए रोकने के आदेश जारी किए। लेकिन जिम्मेदारों को यह भी पता था कि राज बदला है, रिवाज नहीं। इसलिए सीएम के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए हवा-हवाई कर दिया।

दौसा जिले में हजारों बीघा बेशकीमती सरकारी चारागाह भूमि पर जिम्मेदारों की मिलीभगत और अनदेखी के चलते अतिक्रमण हो चुका है। जिम्मेदारों ने इसकी एवज में महज एक कागजी खानापूर्ति कार्रवाई करते हुए उसको हटाने के प्रयास के नाम पर उच्च अधिकारियों को हमेशा अंधेरे में रखा।

नांगल उपखंड के अंतर्गत आलूदा ग्राम पंचायत में सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि अवैध रूप से अतिक्रमणकर्ताओं की भेंट चढ़ चुकी है। अब उसमें से निरंतर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जो बिल्कुल निचले स्तर के जिम्मेदारों की सीधी मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकता है। आलूदा ग्राम पंचायत के ग्राम आलूदा से छारेड़ा और लाहडी का बास की तरफ जाने वाली सड़कों के बीच में स्थित सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि है, जो गायों और अन्य जानवरों के चरने के काम आती रही है। लेकिन पिछले दिनों से निचले जिम्मेदारों के द्वारा जेब भरते हुए सरकार के मंसूबे पर निरंतर पानी फेरा जा रहा है।
इधर, बाग की ढाणी और ढाणी नागोरी में अवैध रूप से काफी मिट्टी का अवैध कारोबार किया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि जब ग्रामीणों के द्वारा इसकी शिकायत होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी उस शिकायत के पुलंदों को ही अवैध खननकर्ताओं तक पहुंच कर थोड़ी कार्रवाई करने का दम भर रहे हैं, जिसके चलते अब सरकार की किरकिरी भी ये जिम्मेदार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि करीब पांच महीने पहले जब भजनलाल सरकार सत्ता में आ रही थी, तब भी यह अवैध खनन जोरों पर था। ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित तहसीलदार ने सारा भेद खोलते हुए सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए उपस्थिति तो दर्ज कराई, लेकिन उस पर क्या कार्रवाई की गई, यह कागजों में ही दफन हो चुका है। जबकि यहां के तहसीलदार सोहनलाल मीणा के पास में वर्तमान में नांगल राजावतान, लवाण और पापडदा तहसील का चार्ज चल रहा है। फिर ऐसी स्थिति में अवैध खनन की बात करना बेमानी भी साबित हो जाती है। खैर यह सब सरकारों का काम है, किसको कैसे और कहां प्रतिस्थापन करना है।

अब तो दिन में ही सड़कों पर मिट्टी बजरी और पत्थरों की ट्रालियों दिखने को मिलना आम बात हो गई है। इसमें मजे की बात तो यह है कि इसी बीच सरकार की बेशकीमती चारागाह भूमि पर भी लगातार अतिक्रमण भी बढ़ गए। उधर, जनता के साथ जीरो टॉलरेंस नीति की बातें करके अस्तित्व में आते ही राजस्थान की भजनलाल सरकार ने सबसे पहले राजस्थान में बेरोकटोक चल रहे अवैध खनन कारोबार की कमर तोड़ने के आदेश जारी करते हुए अवैध खान को पूरी तरह प्रतिबंधित किया था।

अवैध खनन को रोकने के लिए प्रदेश और जिला स्तर पर विभिन्न तरह की विभागों को सम्मिलित करते हुए एसआईटी का गठन किया हुआ था, जिसका मकसद संयुक्त कार्रवाई करना था। लेकिन सरकार के दिशा-निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए कुछ सरकारी नुमाइंदे ऐसे भी हैं, जो खुद ही अवैध खनन माफिया के साथ कंधे से कंधा मिलाने लग गए। इससे अवैध खनन बेरोकटोक होने लगा है, जिसमें मजे की बात तो यह है कि सरकार की बेशकीमती चारागाह भूमि पर भी इसी बीच लगातार अतिक्रमण भी बढ़ गया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.amarujala.com/rajasthan/dausa/rajasthan-illegal-mining-business-is-increasing-in-dausa-with-connivance-of-responsible-people-2024-05-30