बिजौलिया में मकरेडी पंचायत के आंट गांव में अवैध खनन की समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक नदी और चारागाह भूमि पर माफिया लंबे समय से अवैध खनन कर रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
नदी का स्वरूप बिगड़ा, चारागाह खत्म होने से गौवंश पर संकट
अवैध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे जल स्रोतों पर संकट गहरा रहा है। चारागाह भूमि नष्ट होने से गौवंश के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। भू-माफिया की मनमानी से गांव में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों को मिल रही धमकियां, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इस अवैध गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। इससे गांव में डर का माहौल बन गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि खनन माफिया पर लगाम लगाई जा सके।
प्रशासन का आश्वासन – जांच के बाद होगी कार्रवाई
माइनिंग विभाग के फोरमैन गिरिराज मीणा ने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
तहसीलदार बोले-शिकायत की जांच की जाएगी
तहसीलदार ललित डिडवानिया ने बताया कि कार्यालय में पिछले तीन दिनों की छुट्टियां थीं, लेकिन अब अवैध खनन की शिकायतों की जांच की जाएगी। यदि चारागाह क्षेत्र और नदी-नालों के पास अवैध खनन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/villagers-angry-over-mining-on-pasture-land-134699441.html

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