भीलवाड़ा में सुरास ग्राम में चारागाह भूमि पर अवैध खनन
भीलवाड़ा में सुरास ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों ने डांग (चारागाह भूमि) में जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा खनिज लीज की आड़ में चारागाह भूमि पर अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाए। जिला कलेक्टर को सुरास ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत पर मांडल के उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने निर्देश देते हुए निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मौके पर भेज जांच के लिए भेजा।
इस पर तहसीलदार सुमन गुर्जर द्वारा मौका रिपोर्ट तैयार कर उपखंड अधिकारी को सौंपी गई। रिपोर्ट में पाया गया कि कंपनी को कुल 43.1921 हेक्टेयर भूमि लीज पर आराजी संख्या 2096/1 स्वीकृत थी, लेकिन इसके अतिरिक्त लगभग 4.7677 हेक्टेयर आरक्षित चारागाह भूमि आराजी संख्या 2096 तथा आराजी संख्या 1105 किस्म रास्ता पर भी खनन गतिविधियां पाई गईं।
वैध लीज के अनुरूप कार्य नहीं हुआ
रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित स्थल पर न तो खनिज विभाग के मानक चिन्ह मौजूद थे और न ही वहां वैध लीज के अनुरूप कार्य हो रहा था। चारागाह भूमि में अवैध खनन स्पष्ट रूप से पाया गया। आरोप है कि जब उपखंड अधिकारी शर्मा ने इस अवैधता पर कार्रवाई आरंभ की, तो उन पर कई स्तरों से दबाव बनाए जाने लगे।
आरोप यह भी है कि जिंदल शॉ लिमिटेड द्वारा चारागाह भूमि को भी अपने लीज क्षेत्र में शामिल करवाने के लिए एक फाइल उपखंड कार्यालय में प्रस्तुत की गई थी, जिसे स्वीकृत करवाने के लिए भी दबाव डाला जा रहा था। इसी दौरान छुट्टी के दिन रविवार 20 जुलाई की देर शाम को कार्मिक विभाग ने उनका एपीओ आदेश जारी कर दिया।
जांच के बाद पहले तहसीलदार को हटाया और अब एसडीएम को
मामले में पूर्व में मौके पर जांच करने गई निवर्तमान तहसीलदार सुमन गुर्जर को मांडल से हटा कर कोटड़ी लगा दिया गया। अब मांडल एसडीएम सीएल शर्मा को एपीओ किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश ने यह स्पष्ट कारण नहीं है कि अधिकारी को किस कारण हटाया गया है।
जानकारी के अनुसार- चारागाह भूमि और पेटा काश्त भूमि पर अवैध खनन का एक मामला वर्ष 2012-13 में भी ग्रामीणों ने उठाया था। तभी भी रिपोर्ट में अवैध खनन पाया गया था।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/jindals-illegal-mining-in-pasture-land-135518405.html
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