Monday, 21 July 2025

चारागाह की पथरीली भूमि को समतल किया, अब हरा-भरा करने में जुटे ग्रामीण


  • शाहपुरा में पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठा लगाए छायादार पौधे

भास्कर न्यूज।ब्यावर

ग्राम पंचायत शाहपुरा में एक अभिनव पहल की जा रही है जिसके अंतर्गत गांव की बंजर और पथरीली चरागाह भूमि को हरे-भरे वन में तब्दील किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, बल्कि ग्रामीणों के लिए एक स्वच्छ और शुद्ध वातावरण तैयार करना भी है। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य चारागाह की बंजर और पहाड़ी भूमि को समतल करना था।

ग्रामीणों ने इसका बीड़ा उठाया और मनरेगा तथा जन सहयोग से पथरीली जमीन को समतल करने का कार्य किया गया। पथरीले इलाके और पत्थरों से भरी जमीन को मनरेगा कर्मियों और जेसीबी की सहायता से समतल किया गया। इस कठिन कार्य के बाद भूमि को बीजारोपण के लिए तैयार किया गया। श्री उपवन में नीम, बरगद, पीपल, अर्जुन, नींबू, शीशम, अशोक, आम, करौंदा, नारंगी, आंवला और इमली जैसे विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे रोपे गए हैं। विभिन्न प्रकार के फूलों के पौधे भी लगाए गए हैं जो इस उपवन की सुंदरता को बढ़ाएंगे।

ग्राम पंचायत के प्रयासों से इस उपवन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। मवेशियों से पौधों को बचाने के लिए 8 बीघा भूमि के चारों ओर मजबूत तारबंदी की गई है। उपवन में प्रवेश का एक मुख्य द्वार भी बनाया गया है। वर्तमान में मनरेगा श्रमिकों और अन्य कर्मचारियों को लगाकर इन पौधों की नियमित देखभाल की जा रही है जिसमें पानी की समुचित व्यवस्था भी शामिल है।

ग्राम पंचायत शाहपुरा में इस की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी है। पौधों को पानी देने के लिए जल संरक्षण का कार्य भी किया जा रहा है जिससे वर्षा जल का संरक्षण कर पौधों को हरा भरा रखा जा सके।

जैव विविधता को बढ़ावा देगी यह पहल ग्रामीणों ने इस उपवन की देखरेख और इसे सफल बनाने की जिम्मेदारी स्वयं ली है जो इस परियोजना को दीर्घकालिक सफलता की ओर अग्रसर करेगी। समय के साथ ये पौधे बड़े होकर शाहपुरा गांव के लिए एक शुद्ध और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे। यह उपवन न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनेगा कि कैसे बंजर भूमि को एक उपयोगी और सुंदर संसाधन में बदला जा सकता है। यह परियोजना निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/bayavar/news/the-rocky-land-of-the-pasture-was-leveled-now-the-villagers-are-busy-making-it-green-135494059.html

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