Saturday, 12 July 2025

दो जिलों के चारागाहों में वन विभाग उगाएगा घास:बबूल की झाड़ियां हटाकर 2.10 करोड़ से वन विभाग 4375 बीघा जमीन पर विकसित कर रहा है चारागाह

 वन विभाग बाड़मेर व बालोतरा जिले में पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली बबूल व कीकर की झाड़ियों को हटाते हुए 4375 बीघा जमीन पर 2 करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से चारागाह विकसित कर रहा है। जिले में ऐसा पहली बार हो रहा है जब शुष्क वन अनुसंधान संस्थान आफरी जोधपुर की रिपोर्ट के आधार पर बबूल हटाने के साथ घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं।

विभाग की ओर से पशुपालकों को ग्राम समितियों की निर्धारित कीमत पर एक साल बाद घास उपलब्ध करवाई जाएगी।बहुतायत से उगने वाले विलायती बबूल व कीकर को हटाते हुए वन विभाग कुमट, रोहिड़ा, बेर, खेजड़ी, गूंदा, गूंदी, जाल सहित चौड़ी पत्ती व कांटेदार पौधे लगा रहा है, जो यहां के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल हैं।आफरी के वैज्ञानिकों का कहना है कि विलायती बबूल व कीकर जिन स्थानों पर पनपते हैं, वहां अन्य वनस्पति नहीं पनपती।

ऐसे में हमारे परंपरागत घास के मैदान नष्ट हो रहे हैं। विभाग की ओर से बारिश के शुरू होने के साथ सेवण, धामण और करड़ घास के चारागाह विकसित किए जा रहे हैं।अब जिले में पशुओं के लिए घास की कमी नहीं होगी। विभाग का दावा है कि अब पशुपालकों को चारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।बाड़मेर व बालोतरा जिले की चौहटन रेंज, शिव, बायतु, बालोतरा व सिवाना रेंज में करीब एक साल बाद पशुपालकों को घास उपलब्ध होगी।

मूल ऑनलाइन लेख- https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/barmer/news/the-forest-department-is-developing-pastures-on-4375-bighas-of-land-by-removing-acacia-bushes-at-a-cost-of-rs-210-crore-135419991.html


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