ग्राम पंचायत बिचपुरी के ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां सार्वजनिक चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिला कलेक्टर कानाराम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर अतिक्रमण हटाने की मांग की।
चारागाह भूमि पर किया निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 1861/1869, 1841, 1837 सहित अन्य भूमि पर कुछ लोगों ने कच्चा-पक्का निर्माण, बोरिंग और खेती कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। यह भूमि पशुओं की चराई के लिए आरक्षित है, जिस पर अतिक्रमण के कारण गांव के पशुपालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1912 से चारागाह के रूप में चिन्हित है और वन विभाग की ओर से भी इसकी पुष्टि की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों ने इस पर कब्जा कर लिया है और निजी उपयोग में ले रहे हैं। इससे गांव की सार्वजनिक व्यवस्था और पशुधन की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए और चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। ज्ञापन देने वालों में राजाराम देवी मोती, फतेहसिंह गुर्जर, पवन गुर्जर, मोहन गौरीशंकर, सीता देवी, किशनलाल, रिंकु गुर्जर, कैलाश गुर्जर, बलराम गुर्जर, मौहरसिंह गुर्जर, तारा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sawai-madhopur/news/the-bullies-encroached-upon-bichpuri-village-135520275.html
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