Friday, 29 August 2025

मनरेगा के तहत चारागाह का विकास करने के साथ उसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधे एवं घास लगाएं: वर्मा

भास्कर न्यूज| जैसलमेर

जैसलमेर पंचायत समिति सभागार में आईटीसी मिशन सुनहरा कल, जिला परिषद और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें जिला परिषद सहायक अभियंता मनरेगा चम्पालाल वर्मा ने कहा कि मनरेगा में चारागाह विकसित करें। इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान बताई गई जानकारी की धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने कहा कि हम सबकी जैसलमेर के विकास में अहम भूमिका है। मनरेगा के तहत चारागाह का विकास करने के साथ उसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधे एवं घास लगाए। मनरेगा में स्वीकृत सभी चारागाह को समय पर तैयार करें। साथ ही कहा कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर एक नर्सरी का भी विकास करना है। इस दौरान एफईएस संतोष कुमारी ने कहा कि राजस्व ग्राम में चारागाह विकास समिति का गठन राजस्थान पंचायती राज एक्ट 1996 के धारा 170 (1) के तहत किया जाना है। उन्होंने बताया कि बंजर भूमि एवं चारागाह विकास समिति का गठन जिला, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत में किया गया है। उन्होंने कमेटी के कार्यों को विस्तार से बताया।

इस अवसर पर मनरेगा के सहायक एवं कनिष्ठ अभियंता, जेटीए, नोडल सहायक विकास अधिकारी, संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं राजीविका के सभी ब्लॉक प्रभारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिला परियोजना समन्वयक राजीविका अशोक गोयल ने जैसलमेर जिले के परिस्थितियों अनुसार चारागाह विकास होना चाहिए। यहां पशु बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण इस पर ध्यान देना जरुरी है। पर्यावरणविद् पार्थ जगाणी ने चारागाह एवं खड़ीन के सह संबंध व स्थानीय घास पर चर्चा की। उन्होंने चारागाह एवं खड़ीन की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर की। इसमें भी मनरेगा से कैसे विकसित करें, उस पर मंथन किया गया।

लोकल बीज के महत्व पर डाला प्रकाश एफईएस जिला प्रशिक्षण समन्वयक मघाराम कड़ेला ने सामूहिक क्षमता वर्धन कार्यक्रम के विषय में पूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने पिछले वर्षों में हुई प्रगति को भी सबके साथ साझा किया। जोधपुर से फूली देवी, बीज संग्रहण एवं पौधशाला विकास विषय पर सघन प्रशिक्षण प्रदान किया। अशोक कुमार ने प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए बीज को इकट्ठा करने की आवश्यकता, लोकल बीज के महत्व पर प्रकाश डाला। फूली देवी ने नर्सरी विकास की तकनीकी जानकारी को विस्तार से बताया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaisalmer/news/develop-pastures-under-mnrega-and-plant-local-species-of-plants-and-grass-in-them-verma-135784509.html

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