अंता तहसील कार्यालय पर ग्राम विकास सेवा समिति तामखेड़ा के नेतृत्व में चारागाह भूमि को दबंगों से मुक्त कराने का धरना 43वें दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल लोगों ने सर्वसम्मति से गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। धरने में शामिल लोगों ने गौमाता के समर्थन में नारे लगाए। कई गांवों के लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया और स्थानीय भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।
धरने में समिति अध्यक्ष भेरूलाल सुमन, कालूलाल सुमन, छीतर लाल, बसंती लाल मीना, हरिओम, कपिल शर्मा, सुदामा बाबा, राजेंद्र नागर, हेमराज गौड़, बाबूलाल, दिलकुश सुमन, अमृत लाल राठी, चंद्र प्रकाश सुमन सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सौरखंड कला से दुर्गाशंकर नागर, बालाखेड़ा से रामचंद्र दुगारी, कोटा से अशोक शर्मा, राधेश्याम मीना, रामेश्वर चतुर्वेदी, रामचंद्र शाक्यवाल, भेरू लाल मेहरा और अंता से रेवड़ी लाल मेघवाल तथा दरोगा तामखेड़ा भी धरने में शामिल हुए।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/anta/news/dharna-for-liberation-of-pasture-land-in-tamkheda-135705112.html
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