केकड़ी के मानखंड गांव के ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी सुभाष चंद्र हेमानी और प्रधान होनहार सिंह को ज्ञापन सौंपा।
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि मानखंड गांव में चारागाह भूमि पर गांव के अतिक्रमियों द्वारा अतिक्रमण कर रखा है। करीब 500 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लोगों ने बाड़े व खेत बना लिए हैं। जिसके चलते मानखंड गांव के पशुपालकों को अपने जानवरों को चराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया कि चारागाह के अभाव में गांव के जानवर भूखे मर रहे हैं। अतिक्रमियों को अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार कहा लेकिन अतिक्रमी लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। चारागाह भूमि पर अतिक्रमण होने से गांव का चारागाह ही समाप्त होने के कगार पर है। चारागाह भूमि पर दिनों दिन अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। किसानों का एकमात्र आजीविका का साधन पशुपालन है। चारागाह के अभाव में पशुओं पर संकट आ गया है।
ग्रामीणों ने अतिक्रमियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है।ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासक और सचिव को ग्रामीणों ने कई बार अतिक्रमण की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन सौंपने के दौरान मनराज, रामदेव बैरवा, नाथूलाल, लालाराम, कालू, कैलाश, पप्पू राम, मोहनलाल, भैरुलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/kekri/news/encroachment-on-500-bigha-pasture-in-mankhand-135735698.html
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