Tuesday, 28 October 2025

खटवा गांव में चारागाह भूमि पर जेसीबी चलने से भड़के ग्रामीण — गौसेवकों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग


लालसोट । उपखंड क्षेत्र के खटवा गांव में यज्ञशाला के पास स्थित चारागाह भूमि पर जेसीबी चलाकर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए जाने से ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से गौमाता के चारा-पानी के लिए उपयोग में ली जाती रही है, लेकिन अब कुछ लोगों ने अवैध रूप से इस भूमि को क्षतिग्रस्त कर दिया है। गौसेवा स्थल पर जेसीबी चलने से भड़के ग्रामीण: गौसेवकों ने बताया कि यह चारागाह भूमि हमेशा से खाली रही है और लंबी वायरस (कोविड काल) के दौरान इस भूमि को गौमाता के संरक्षण स्थल के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उस समय गौसेवक प्रतिदिन गायों के लिए चारा और पानी की व्यवस्था करते थे।उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कुछ भू-माफिया तत्वों ने इस भूमि पर जेसीबी चलाकर गहरे गड्ढे खोद दिए, जिससे भूमि बर्बाद हो गई और अब वहां पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।

ऑनलाइन शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई:

ग्रामवासियों ने बताया कि इस अवैध गतिविधि की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की गई।इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और इस पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या तोड़फोड़ असहनीय है।

माली महासभा के पदाधिकारियों और गौसेवकों ने किया विरोध प्रदर्शन:

मौके पर माली महासभा लालसोट के महासचिव कांजी सैनी, नानूराम, कमलेश भाई, आशाराम सैनी, जीतू सैनी, धनुष राज, गोतम सैनी सहित अन्य गौसेवक और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

गौसेवकों की मांग — चारागाह भूमि का सीमांकन और संरक्षण:

गौसेवकों ने कहा कि चारागाह भूमि सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि गौसेवा की आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस भूमि का सीमांकन कर बाड़बंदी करवाई जाए, ताकि भविष्य में कोई इस पवित्र स्थल को नुकसान न पहुंचा सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे गांव स्तर पर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करेंगे।गौसेवकों ने कहा कि यह लड़ाई केवल चारागाह भूमि की नहीं, बल्कि गौमाता की सेवा और संरक्षण की भावना की रक्षा के लिए है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/dausa-news/news-villagers-in-khatwa-village-are-enraged-by-the-use-of-a-jcb-on-pasture-land%E2%80%94cow-protectors-are-angry-demanding-strict-action-from-the-administration-news-hindi-1-763237-KKN.html

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