बालघाट तहसील के खिलचीपुर गांव में चारागाह भूमि से हरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग 200 बीघा चारागाह भूमि है, जिस पर कीकर के वृक्ष हैं। गांव के ही कुछ लोगों ने पेड़ों की कटाई की। सरकारी भूमि में बिना प्रशासन की अनुमति के पेड़ों की कटाई से पशु चारे पर भी संकट पैदा हो गया है।
हरे पेड़ों की कटाई रोकने की मांग
ग्रामीण संतराम, तेज सिंह और रामदयाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है। इस बारे में प्रशासन को अवगत करवाया गया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को शिकायत भेजकर हरे पेड़ों की कटाई रुकवाने की मांग की है।
गुरुवार को ग्रामीणों को जंगल में पेड़ कटाई की सूचना मिली, जिस पर कई लोग मौके पर पहुंचे और विरोध व्यक्त किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चारागाह भूमि पर हो रही पेड़ों की कटाई को तुरंत रुकवाकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
पटवारी बोले- पेड़ों की कटाई बंद करवा दी गई
हल्का पटवारी राजेश मीणा ने बताया कि ग्रामीणों के माध्यम से चारागाह भूमि पर पेड़ों की कटाई की जानकारी मिली थी। तहसीलदार के निर्देश पर मौके पर जाकर पेड़ों की कटाई बंद करवा दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/balghat/news/cutting-of-green-trees-from-pasture-land-in-khilchipur-136188077.html
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