तहसील क्षेत्र में अधिकतर गांवों में चारागाह भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण हो रहा है। जिससे गोवंश चराने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे खफा समरोल के ग्रामीण गुरुवार को एकत्र होकर मनोहरथाना- समरोल मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि वह प्रशासन से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण मुक्त करने की कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार सुबह 7 बजे गांव के पास सड़क पर जाम लगा दिया। जावर थानाप्रभारी के साथ तहसीलदार माधोलाल मौके पहुंचे। ग्रामीणों को समझाया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब 3 घंटे प्रदर्शन चला।
मनोहरथाना एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह में 15-16 तारीख को चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। आश्वासन पर ग्रामीण मान गए। 10 बजे करीब प्रदर्शन खत्म कर जाम हटा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 60 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण है। तहसील क्षेत्र में 303 हैक्टेयर चारागाह भूमि पर कब्जा मनोहरथाना तहसील क्षेत्र में कुल 195 राजस्व गांव है। कुल 7120 हैक्टेयर चारागाह भूमि है। इन गांव में 303.24 हैक्टेयर चारागाह भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई लोग वर्षों से भूमि पर काबिज हैं। तहसीलदार माधोलाल ने बताया कि लोग चारागाह भूमि पर काबिज हैं प्रतिवर्ष इनकी बेदखली के लिए राजस्व धारा 91 की कार्रवाई की जाती है।
मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/manoharthana/news/villagers-adamant-on-removing-encroachment-from-pasture-land-protest-for-3-hours-135896836.html
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