Friday, 17 July 2026

प्रशासन ने चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमणः आसींद के करणगढ़ में हुई कार्रवाई, पुलिस बल रहा तैनात

आसीन्द 15/07/26

आसींद के ग्राम करणगढ़ में बुधवार को प्रशासन ने चारागाह भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।

पटवार हल्का तिलोली स्थित इस भूमि से जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम करणगढ़ की चारागाह भूमि (खाता संख्या 340, आराजी संख्या 1769, रकबा 13.26) पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था।

ग्रामीणों ने लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें और ज्ञापन देकर पंचायत प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।

उच्च अधिकारियों के निर्देश पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माणों को छोड़कर अन्य सभी अतिक्रमण हटा दिए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत के पनघट स्थित बोर को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद चारागाह भूमि को साफ कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान ग्राम विकास अधिकारी जसविंदर सिंह, गिरदावर भगवत सिंह, पटवारी हरलाल बुगालिया, सहायक सचिव सुरेश चंद्र खटीक सहित अन्य अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/asind-karangarh-administration-encroachment-removal-drive-police-138450326.html


चारागाह भूमि पर फिर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

किशनगंज 16/07/26

किशनगंज | ब्लॉक क्षेत्र की घट्टी ग्राम पंचायत के रामनगर पीपल्दा गांव में चारागाह भूमि पर फिर से अतिक्रमण होने का मामला सामने आया है। भंवरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने पहले हटाए गए अतिक्रमण वाली चारागाह पर दोबारा अतिक्रमण कर लिया। जिसके विरोध में बुधवार को ग्रामीण पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे और बीडीओ के नाम अतिरिक्त विकास अधिकारी नवलकिशोर मीणा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया कि प्रशासन ने 15 मई 2024 को करीब 250 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद फिर अतिक्रमण कर लिया गया।

प्रशासन ने 21 अप्रैल 2025 को दोबारा अतिक्रमण हटाया। इसके बाद ग्राम पंचायत घट्टी ने वर्ष चारागाह भूमि की नीलामी की। इसके बावजूद अतिक्रमियों ने अब तक पत्थर नहीं हटाए। भंवरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर फसल की बुआई कर दी। ग्रामीणों के अनुसार इसी चारागाह भूमि पर उन्होंने पौधारोपण किया था। अतिक्रमी ने सभी पौधे नष्ट कर दिए। ग्रामीणों ने मांग की कि चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए। नीलामी की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा।

https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/news/encroachment-on-pasture-land-again-villagers-submitted-memorandum-to-bdo-dbp-138452846.html

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की जांच के निर्देश

बालघाट ग्रामीण | 16/07/26


तहसील क्षेत्र के गांव कमालपुरा में गोचर भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद एसडीएम अमन चौधरी ने बालघाट तहसीलदार को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिएहैं। 

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री बबलू राम की शिकायत के आधार पर एसडीएम ने तहसीलदार को गांव में स्थित 389 बीघा गोचर भूमि पर अतिक्रमण के मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। 

गौरतलब है कि गोचर भूमि पर कब्जे की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।


https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/news/instructions-for-investigation-of-encroachment-on-pasture-land-dbp-138453321.html

Friday, 10 July 2026

चारागाह भूमि पर अतिक्रमण पर 19 गिरफ्तारी वारंट जारी:आदतन अतिक्रमियों को 60 दिन का सिविल कारावास, आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं की

 


लालसोट क्षेत्र में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में निर्झरना न्यायालय तहसीलदार ने सख्त कार्रवाई की है। कोर्ट ने 19 आदतन अतिक्रमियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें 60 दिन के सिविल कारावास की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई ग्राम रामसिंहपुरा, पटवार हल्का नालावास स्थित लगभग 12 हेक्टेयर चरागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर की गई है।

कोर्ट के आदेश के बाद भी जमीन खाली नहीं की

न्यायालय के अनुसार, इन अतिक्रमियों को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत संवत 2081, 2082 और 2083 में बेदखल करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने चरागाह भूमि खाली नहीं की। लगातार आदेशों की अवहेलना के कारण यह सख्त कदम उठाया गया है।

19 लोगों के खिलाफ सुनाया फैसला

न्यायालय ने जिन 19 व्यक्तियों के खिलाफ फैसला सुनाया है, उनमें बिहारी, सीताराम पुत्र पांचू महावर; किशनलाल, गिर्राज पुत्र मोहरपाल; कन्हैया पुत्र मेवाराम; दयाराम, सीयाराम पुत्र कजोड; ग्यारसीलाल, रामफुल, भौरीलाल, छोटेलाल पुत्र मंगलाराम; गिर्राज पुत्र नारायण; रामचन्द्र पुत्र नाथू; कजोड, कालु पुत्र दल्ला; शिवराम, रामकरण पुत्र मनफुल; रेवड पुत्र कल्याण; कमल पुत्र नारायण; जगदीश पुत्र कल्याण; गिर्राज पुत्र मूलचंद; रामराज पुत्र मांगीलाल; छीतर पुत्र देवा; रामकरण पुत्र मनफूल; बृजमोहन पुत्र अम्बालाल; प्रताप पुत्र हजारी और हरिनारायण पुत्र रामनाथ शामिल हैं। ये सभी रामसिंहपुरा निवासी हैं।

निर्झरना तहसीलदार सीमा गुणावत ने इस संबंध में कहा कि चरागाह भूमि गोवंश के संरक्षण और चराई के लिए आरक्षित एक सार्वजनिक संपत्ति है। इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी चरागाह भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।

https://www.bhaskar.com/amp/local/rajasthan/dausa/lalsot/news/rajasthan-encroachers-civil-jail-pasture-land-138410083.html




बीजेपी MLA की बिना गाय वाली गौशाला? बिजली कनेक्शन गुल होने के बाद शाहपुरा विधायक ने दी सफाई

Contributed By: प्रमोद तिवारी|Lipi

राजस्थान में शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर बिना गाय की 'देव गौशाला' के नाम पर 20 बीघा चारागाह भूमि पर कथित कब्जे के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। मामला गरमाने के बाद बिजली विभाग ने परिसर का कनेक्शन काट दिया है। इस पर बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा ने सफाई देते हुए कहा कि इससे उनका कोई संबंध नहीं है।

शाहपुरा देव गौशाला विवाद (NBT)

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. लालाराम बैरवा से जुड़ा एक बड़ा मामला इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाहपुरा-केकड़ी मेगा हाईवे पर एक गौशाला के नाम पर करीब 20 बीघा चरागाह भूमि को कथित तौर पर कब्जे में लेने के आरोपों के बाद अब इस मामले में एक बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। मामला मीडिया में आने के बाद अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के शाहपुरा कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त गौशाला परिसर का बिजली कनेक्शन काट दिया है।

बिना गाय की गौशाला और नियमों की अनदेखी के आरोप

शुरुआती जानकारी के अनुसार, शाहपुरा तहसील के आराजी नंबर 2543 में से 5 हेक्टेयर भूमि पर देव गौशाला सेवा संस्थान के नाम से तारबंदी कर शेड का निर्माण कराया गया था। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि इस पूरी गौशाला में कथित तौर पर एक भी गाय मौजूद नहीं थी। प्रशासनिक स्तर पर भी इस जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ था। भीलवाड़ा जिला कलेक्टर के 25 फरवरी 2026 के आदेश के मुताबिक, गौशाला अधिनियम 1960 के तहत किसी भी भूमि आवंटन के लिए संस्थान का कम से कम 3 वर्ष से संचालित होना अनिवार्य है।

यह शर्त पूरी नहीं होने के कारण राजस्व विभाग ने आवंटन का प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर गत 20 मई 2026 को इस अनाधिकृत परिसर को स्थाई बिजली कनेक्शन दे दिया गया, जो विधायक के पुत्र चिनार के नाम पर था। इस कनेक्शन को जारी करने में रोड़ा बने तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र मित्तल को एपीओ भी कर दिया गया था, जिससे विधायक के रसूख को लेकर सवाल उठने लगे।

रजिस्ट्रेशन में सामने आया था पारिवारिक कनेक्शन

सहकारिता विभाग के 21 अगस्त 2025 के पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार, इस देव गौशाला सेवा संस्थान की कमान पूरी तरह विधायक के परिवार के हाथों में थी। इसमें स्वयं विधायक डॉ. लालाराम बैरवा सचिव, उनके बेटे चिनार देवातवाल अध्यक्ष, दूसरे बेटे जतिन देवातवाल कोषाध्यक्ष और नजदीकी रिश्तेदार कुंदन देवातवाल सह-सचिव के पद पर दर्ज थे।

बिजली कटने के बाद विधायक बैरवा ने दी सफाई

इस पूरे घटनाक्रम और बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी सफाई पेश की है।  विधायक ने आरोपों को भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा-

मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मेरा देव गौशाला सेवा संस्था, शाहपुरा अथवा उससे संबंधित किसी भी गतिविधि से वर्तमान में कोई संबंध नहीं है। मैंने वर्ष 2025 में ही उक्त संस्था के सचिव पद एवं सदस्यता से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दिया था।
लालाराम बैरवा, विधायक

राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का आरोप

विधायक बैरवा ने अपने परिवार का बचाव करते हुए दावा किया कि वर्तमान में उनके परिवार का कोई भी सदस्य या ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति इस संस्था से किसी भी रूप में जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने विपक्षी या विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उनके सेवाकाल के पुराने दस्तावेजों का आधार बनाकर उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले विधायक ने यह भी स्पष्ट किया था कि वे कोई जमीन हड़पना नहीं चाहते, बल्कि वहां 8 लाख रुपये खर्च कर पशुओं के लिए एक अस्पताल और गोवंश के लिए अच्छी सुविधाएं बनाना चाहते थे और गायों को अस्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। फिलहाल, बिजली कटने और विधायक की इस सफाई के बाद क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है।

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/bhilwara/bjp-mla-lalaram-bairwa-gaushala-encroachment-controversy-shahpura-bhilwara-news/articleshow/132309035.cms


भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप

गजेन्द्र सिंह राठौड़

Updated: 10 Jul 2026

भीलवाड़ा: बीजेपी विधायक लालाराम बैरवा पर 20 बीघा चारागाह जमीन हड़पने का आरोप

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ और लालाराम बैरवा एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए गौशाला के नाम पर 20 बीघा सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब यह खुलासा हुआ कि जिस ट्रस्ट के नाम पर जमीन मांगी गई थी, उसमें विधायक के परिवार के सदस्य ही प्रमुख पदों पर काबिज हैं। जिला प्रशासन द्वारा जमीन आवंटन के आवेदन को खारिज किए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य और तारबंदी किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

ट्रस्ट में परिवार का दबदबा और जमीन का विवरण

यह पूरा विवाद शाहपुरा-केकड़ी मार्ग पर स्थित आराजी नंबर 2543 की चारागाह भूमि से जुड़ा है। इस भूमि का कुल रकबा 78 दशमलव 68 हेक्टेयर है। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा के पारिवारिक ट्रस्ट 'देव गौशाला सेवा संस्थान' ने इसमें से 5 हेक्टेयर यानी लगभग 20 बीघा जमीन गौशाला के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव रखा था। जांच में सामने आया है कि इस संस्थान में विधायक स्वयं सचिव थे। उनके छोटे बेटे चिनार देवतवाल संस्थान के अध्यक्ष हैं, जबकि बड़े बेटे जतिन देवतवाल कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। विधायक के निजी सहायक हुकमचंद कुमावत को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा दिशांक गर्ग और राहुल बोहरा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

नियमों की अनदेखी और आवंटन निरस्त

सरकारी जमीन के आवंटन के लिए राजस्थान भू राजस्व नियम 1957 के तहत कड़ी शर्तें निर्धारित हैं। इनमें राजस्थान सोसाइटी पंजीयन अधिनियम 1958 के तहत पंजीकरण, राजस्थान गौशाला अधिनियम 1960 के तहत विधिवत पंजीयन और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि गौशाला का संचालन पिछले 3 सालों से होना अनिवार्य है। चूंकि देव गौशाला सेवा संस्थान इन शर्तों को पूरा नहीं कर पाया, इसलिए भीलवाड़ा कलेक्टर ने 25 फरवरी 2026 को ही आवंटन की प्रक्रिया को बंद कर दिया था। इसके बावजूद, जमीन पर संस्थान का बोर्ड लगा दिया गया और तारबंदी कर अतिक्रमण कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि 20 मई 2026 को इस विवादित जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी ले लिया गया।

मामले का घटनाक्रम और प्रशासनिक फाइल

दस्तावेजों के अनुसार, देव गौशाला सेवा संस्थान को सहकारिता विभाग ने 21 अगस्त 2025 को पंजीकृत किया था। इसके बाद फाइल बहुत तेजी से आगे बढ़ी। 11 सितंबर 2025 को शाहपुरा तहसीलदार ने एसडीओ को प्रस्ताव भेजा। 15 सितंबर 2025 को यह प्रस्ताव कलेक्टर के पास पहुंचा और 8 दिसंबर 2025 को इसे राजस्व विभाग को भेज दिया गया। इस दौरान आमलीकला में आराजी नंबर 485 और 3734/473 की जमीन का भी जिक्र आया था, जिसका रकबा 1 दशमलव 4720 और 6 दशमलव 05 बताया गया था। हालांकि, अंततः नियमों की पूर्ति न होने पर कलेक्टर ने आवंटन से इनकार कर दिया।

विधायक की सफाई और अधिकारियों का पक्ष

इन गंभीर आरोपों पर सफाई देते हुए विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि इस मामले से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है और उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2025 में ही इस संस्थान से इस्तीफा दे दिया था और पुराने दस्तावेजों के आधार पर उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विधायक ने कहा, "प्रक्रिया चल रही है, मौके पर कुछ तो करना ही पड़ेगा। " दूसरी ओर, शाहपुरा के एसडीओ सुनील मीणा ने कहा कि उन्हें फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी याद नहीं है और वे मौका देखकर ही कुछ कह पाएंगे। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, क्योंकि सरकारी चारागाह भूमि पर बिना आवंटन के कब्जा और बिजली कनेक्शन मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।

https://www.zoomnews.in/amp/hi/news-detail/bjp-mla-lalaram-bairwa-land-encroachment-allegation-bhilwara.html

Thursday, 9 July 2026

हाईकोर्ट की सख्ती: राजाखेड़ा में चारागाह व वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश, अफसरों को दी FIR की छूट

 जयपुर :

राजस्थान हाईकोर्ट ने धौलपुर जिले के राजाखेड़ा की ग्राम पंचायत बाजना में चारागाह व वन भूमि पर हो रखे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्ती दिखाई है. इसके साथ ही अदालत ने संबंधित अफसरों को कहा है कि वे चाहे तो अतिक्रमियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे और उनकी गिरफ्तारी करें, लेकिन अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए. वहीं खंडपीठ ने अतिक्रमण हटाकर दो सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है. एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश रामनिवास की जनहित याचिका पर दिए.

सुनवाई के दौरान राजाखेड़ा, धौलपुर की उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा ने अदालत में उपस्थित होकर माना कि जमीन के बडे हिस्से पर अतिक्रमण किया गया है. इसमें से कुछ अतिक्रमण हटा दिए हैं, लेकिन बाकी अतिक्रमण को भी हटाना है.

https://www.etvbharat.com/amp/hi/state/rajasthan-high-court-orders-file-fir-and-arrest-encroachers-but-ensure-land-is-cleared-rjs26070900512

Tuesday, 7 July 2026

गांव की चारागाह भूमि पर निर्माणाधीन मकान हटाने की मांग

 चित्तौड़गढ़। 

ग्रामवासी खेडा अहीरान ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गांव की चारागाह भूमि पर निर्माणाधीन मकान हटाने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया कि भंवरलाल अहीर द्वारा चारागाह भूमि पर पक्का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो की गांव के समक्ष व गुमानखेड़ी जाने का आम रास्ता है, जिसकी मंत्री ने डामरीकरण रास्ता की घोषणा कर रखी है एवं समस्त समाज का होलीका दहन भी यहा होता है, वही श्मशान का रास्ता भी यही एवं एलीराम द्वारा आम रास्ता पर दीवार बना कर अतिक्रमण कर दिया है, जिस पर गांव में भारी वाहन एवं अग्निश्मन वाहन गांव में नहीं आ सकते है। इस सम्बन्ध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया गया है जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। 

अतिक्रमण जल्द से जल्द हटा कर समस्त ग्रामवासियो को राहत प्रदान कराने की मांग की गई। ज्ञापन के दौरान भेरुलाल, किशनलाल, रामलाल, दयाराम, देवीलाल, भेरुलाल, घासीलाल, उंकार लाल, मोहनलाल, वरदीचंद, प्रेमचंद, रामेश्वर लाल, नारायणलाल, गोवर्धन लाल, परसराम, किशनलाल, शंकर लाल, मिट्ठू लाल, शंकरलाल भेरुलाल, कालुलाल, विष्णु, मनीष अहीर, शंकर लाल आदि ग्राम वासियान मौजूद थे।

https://bhilwarahalchal.com/amp/rajasthan/chittaurgarh/--700144

Sunday, 5 July 2026

चरागाह के अतिक्रमणों पर चला बुलडोजर

 




Jaisalmer: सेवण घास चारागाह में भीषण आग, बारिश बनी राहत, बड़ा नुकसान टला

लाठी के मरुस्थलीय क्षेत्र में सेवण घास से विकसित चारागाह शनिवार देर रात अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया। हाइटेंशन लाइन में स्पार्किंग से निकली चिंगारी और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। करीब 7–8 बीघा क्षेत्र में फैली आग से वनस्पति व पौधों को भारी नुकसान हुआ, ग्रामीणों और पुलिस ने आग बुझाने के प्रयास किए।

जैसलमेर | Deepak Vyas | Jul 05, 2026



लाठी ( जैसलमेर ). लाठी कस्बे में मरुस्थलीय वानस्पतिक संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के उद्देश्य से ग्राम पंचायत की ओर से विकसित सेवण घास चारागाह शनिवार देर रात भीषण आग की चपेट में आ गया। रात करीब नौ बजे अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चारागाह के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन विद्युत लाइन में हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी सूखी सेवण घास पर गिर गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते करीब सात से आठ बीघा क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया।

आग की लपटों ने चारागाह में उगी सेवण घास, वानस्पतिक झाड़ियों तथा अनेक पौधों को अपनी चपेट में लेकर भारी नुकसान पहुंचाया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दिखाई देने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्राम पंचायत लाठी के प्रशासक महेंद्र चावला, निवर्तमान उपसरपंच भारस खां, वार्ड पंच मजीद खां, रामसिंह सिसोदिया, खेतनाथ, जसनाथ, खेताराम भील, ललित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने टहनियों, मिट्टी और अन्य साधनों की मदद से आग को फैलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग लगातार विकराल होती चली गई। कुछ ही देर में चारागाह का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही लाठी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। थानाधिकारी ईशराराम परिहार, कांस्टेबल भींयाराम चौधरी, कैलाश चौधरी, नेनाराम, सुरेंद्र साऊ तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए। साथ ही अग्निशमन वाहन को भी तत्काल सूचना दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही मौसम ने अचानक करवट ले ली।

... और टल गया बड़ा हादसा

आग लगातार फैल रही थी और उसके आसपास के क्षेत्र तक पहुंचने की आशंका बढ़ती जा रही थी। इस दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश ने कुछ ही देर में आग की तीव्रता कम कर दी और धीरे-धीरे आग पूरी तरह बुझ गई। यदि समय पर बारिश नहीं होती तो आग चारागाह के साथ आसपास के क्षेत्र में भी फैल सकती थी, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ जाता। बारिश के कारण बड़ा हादसा टल गया और ग्रामीणों के साथ पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

पर्यावरण और जैव विविधता को भारी क्षति

आग से सेवण घास चारागाह को व्यापक नुकसान पहुंचा है। सेवण घास मरुस्थलीय क्षेत्र की महत्वपूर्ण वनस्पति मानी जाती है और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का प्रमुख स्रोत भी है। इसके अलावा यह मरुस्थलीय पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आग की वजह से बड़ी मात्रा में सेवण घास, प्राकृतिक झाड़ियां और नव विकसित पौधे जलकर नष्ट हो गए। इससे चारागाह की जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी गहरा झटका लगा है।

स्थायी अग्निशमन केंद्र की उठी मांग

घटना के बाद ग्राम पंचायत लाठी के प्रशासक महेंद्र चावला ने क्षेत्र में दमकल सुविधा की कमी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि लाठी क्षेत्र पहले भी कई बार आग लगने की घटनाओं का सामना कर चुका है, लेकिन हर बार अग्निशमन वाहन के समय पर नहीं पहुंचने से नुकसान बढ़ने का खतरा बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की कि लाठी क्षेत्र में स्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में आग जैसी घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर दमकल सुविधा उपलब्ध होने से पर्यावरण, वनस्पतियों और जन-धन की सुरक्षा बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी।


Thursday, 13 November 2025

देवमगरी की चरागाह भूमि में किए जा रहे खनन को ग्रामीणों ने रुकवाया

भास्कर न्यूज | मसूदा

ग्राम देवमगरी की चारागाह भूमि में किए जा रहे खनन को मौके पर जाकर ग्रामीणों ने रुकवाया। जानकारी के अनुसार देवमगरी में स्थित चरागाह भूमि पर कुछ व्यक्ति जेसीबी लेकर खनन कार्य करने लगे।

इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिलने पर ग्रामीणों ने खनन कर्ताओं से जानकारी चाही तो उन्होंने प्रतिष्ठित नेताओं के नाम से लीज होने की जानकारी दी, लेकिन ग्राम वासियों के विरोध के चलते खनन कार्य को बंद कर दिया गया। ग्राम वासियों का कहना है कि यह चारागाह भूमि हमारे जानवरों के चरने के लिए है लेकिन इसमें पत्थर होने से आए दिन खनन कर्ताओं द्वारा आकर खनन किया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि लीज हो जाने पर भी ग्रामवासी किसी हालत में खनन नहीं करने देंगे। मौके पर सांवरलाल गुर्जर, समाजसेवी रामदेव, रामराज गुर्जर, रामलाल गुर्जर, प्रभु लाल गुर्जर आदि ने मौके पर जाकर खनन को बंद करवाया। इस संदर्भ में पटवारी गणेश गुर्जर से जानकारी जाने पर बताया कि इस संदर्भ में किसी को लीज आवंटन होने की जानकारी नहीं है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/masuda/news/villagers-stopped-mining-in-the-pasture-land-of-devmagri-136403118.html

Wednesday, 12 November 2025

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है: चतुर्वेदी

भासकर न्यूज। भरतपुर

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए स्ववित्त पोषित योजनाओं और जनसहभागिता आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की जरूरत है। ये बात मंगलवार को सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने भरतपुर संभाग की पंचायती राज संस्थाओं के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण विकास, योजनाओं, नवीन आय स्रोतों, नवाचारों और सुझावों पर मंथन के उद्देश्य से नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने ​के लिए जिला सूचना सहायक कार्मिकों की नियुक्ति, निजी संपत्तियों के रखरखाव के लिए पृथक मद सृजित करने और सामुदायिक भवनों, सुलभ शौचालयों, नालियों की सफाई एवं ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देने की बात कही। धौलपुर जिले में डिजिटल लाइब्रेरी संचालन जैसे नवाचारों का व्यापक प्रचार करने पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आर्थिक सुदृढ़ता से ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, जिससे आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, सड़क, नाली एवं स्वच्छता बेहतर रूप में मिलेंगी। करौली जिले में मदन मोहन जी मंदिर मेले के विकास एवं आय स्रोतों के विस्तार की योजना बनाने तथा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु निर्धारित 2 प्रतिशत निधि में वृद्धि की अनुशंसा की जाएगी।

उन्होंने भरतपुर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलों को पृथक फंड प्रावधान देने की बात कही। साथ ही जल संसाधन सुधार, तालाबों, नालों, बावडिय़ों और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष अनुदान देने का सुझाव दिया। आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को अपना स्वयं का बजट तैयार करने और व्यय योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। बैठक में जिला प्रमुख सवाई माधोपुर सुदामा मीणा, संभाग के सभी प्रधान, भरतपुर सीईओ मृदुल सिंह, धौलपुर सीईओ निवृत्ति सोमनाथ, सवाईमाधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया, करौली सीईओ शिवचरण मीणा, एसीईओ रेखा रानी, ब्लॉक विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायती राज प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक में आए ये प्रमुख सुझाव...

भरतपुर के सीईओ मृदुल सिंह ने नए डीग जिले में आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए अतिरिक्त अनुदान, डीग जिला परिषद के लिए सभागार निर्माण, पंचायत संपत्तियों के रखरखाव और आय वृद्धि उपायों पर बल दिया। करौली जिले के सीईओ शिवचरण मीणा ने सिवायचक भूमि, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक एडीएम और एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठन, मत्स्य पालन को आय स्रोत के रूप में बढ़ावा देने, तकनीकी कार्मिकों की नियुक्ति और आपदा प्रबंधन व रखरखाव कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड प्रावधान की अनुशंसा की। सवाई माधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया ने पंचायती राज के विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग की जा सके, इसके लिए लेखा कार्मिकों की उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/there-is-a-need-to-make-panchayati-raj-institutions-self-reliant-and-strong-chaturvedi-136396708.html

हरित क्रांति के लिए लीज धारक को लगाने थे 18 हजार पेड़, उसने चारागाह से उखाड़ कर फेंके 70 से ज्यादा पेड़


भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा

आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में बजरी खनन करने वाली लीज कम्पनी को हरित क्रांति लाने के 18000 पेड़ लगाने थे। उसने लगाने की जगह पर चारागाह भूमि से खेजड़ी, नीम व बबूल के 70 से ज्यादा पेड़ जड़ सहित उखाड़ दिए। इन उखाड़े हुए पेड़ों से उसने नदी में आने-जाने के लिए नए मार्ग का निर्माण किया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण राजस्थान की ओर से जारी पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) के अनुसार लीज धारक मेसर्स महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को चारागाह 25 हैक्टेयर जमीन पर 51 लाख रुपए की लागत से 18000 पेड़ लगाने थे।

पेड़ों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाए जाने चाहिए थे। लीज धारक को चारागाह में देशी बबूल, शीशम, बांस, खजूर, गुलर, करंज, अर्जुन, जामुन, झाड़ियां, संभालू या शिवारी, कचनार, अरंडी आदि के पेड़ पौधे लगाने थे। पेड़ पौधों को पंचायत की ओर दी गई जमीन और आने-जाने वाले रास्ते के दोनों और लगाया जाना था। साथ ही घास भी लगाई जानी थी। लीज धारक ने मौके पर एक भी पेड़ नहीं लगाया। लेकिन नदी के मार्ग बनाने के लिए उसने खेजड़ी, नीम व बबूल के पेड़ जड़ समेत उखाड़ दिए। ग्रामीणों के अनुसार लीज धारक ने चारागाह से खेजड़ी और नीम के बीस-बीस और तीस बबूल के पेड़ों को जड़ समेत उखाड़ दिया। बनास नदी से बजरी भरकर ले जाता ट्रैक्टर।

टीपी प्वॉइंट तक जाने के लिए चारागाह में मोरम डालकर बनाई सड़क: आकोला एरिया के चांदगढ़ में बनास नदी में जाने को लिए चारागाह पर कई रास्ते बना दी गए हैं। यहां पर बड़े-बड़े वाहन डम्पर, एलएनटी, जेसीबी, टैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन निकल रहे हैं। चारागाह दो भागोें में बंटा हुआ है। इसमें से गांव में आने-जाने के लिए सड़क निकल रही है। मुख्य सड़क के एक ओर बीस हैक्टेयर और दूसरी ओर पांच हैक्टेयर जमीन पर चारागाह है। पांच हैक्टेयर जमीन पर लीज धारक ने इलेक्ट्रिक कांटा (टीपी प्वाइंट) लगा रखा है। इस टीपी प्वाइंट तक जाने के लिए उसने चारागाह में ही मोरम डालकर सड़क का निर्माण कर दिया है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/the-lease-holder-was-supposed-to-plant-18000-trees-for-the-green-revolution-but-he-uprooted-and-threw-away-more-than-70-trees-from-the-pasture-136396134.html


Tuesday, 11 November 2025

पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने पर हुआ मंथन


-राज्य वित्त आयोग की कार्यशाला सम्पन्न भरतपुर। भरतपुर संभाग की पंचायती राज संस्थाओं के ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण विकास, योजनाओं, नवीन आय स्रोतों, नवाचारों और सुझावों पर मंथन के उद्देश्य से मंगलवार को नगर निगम सभागार में सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्ववित्त पोषित योजनाओं और जनसहभागिता आधारित आय के नए स्रोत विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु सूचना सहायक कार्मिकों की नियुक्ति, निजी संपत्तियों के रखरखाव के लिए पृथक मद सृजित करने और सामुदायिक भवनों, सुलभ शौचालयों, नालियों की सफाई एवं ड्रेनेज सिस्टम को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को पारदर्शिता से पूरा कर ग्राम पंचायतों को मॉडल पंचायतों के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। धौलपुर जिले में डिजिटल लाइब्रेरी संचालन जैसे नवाचारों का व्यापक प्रचार करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं की आर्थिक सुदृढ़ता से ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, जिससे आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, सड़क, नाली एवं स्वच्छता बेहतर रूप में मिलेंगी। करौली जिले में मदन मोहन जी मंदिर मेले के विकास एवं आय स्त्रोतों के विस्तार की योजना बनाने तथा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठन के निर्देश दिए।

सम्भागीय आयुक्त डॉ. टीना सोनी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण हेतु निर्धारित 2 प्रतिशत निधि में वृद्धि की अनुशंसा की जाएगी। उन्होंने भरतपुर संभाग की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिलों को पृथक फंड प्रावधान देने की बात कही। साथ ही जल संसाधन सुधार, तालाबों, नालों, बावड़ियों और हेरिटेज स्थलों के संरक्षण हेतु विशेष अनुदान देने का सुझाव दिया। आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को अपना स्वयं का बजट तैयार करने और व्यय योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यशालाओं की जानकारी दी और कहा कि सभी पंचायतें प्रश्नावलियों से संबंधित सूचना आयोग की वेबसाइट पर भेजें।

कार्यशाला में आए प्रमुख सुझाव

भरतपुर के सीईओ मृदुल सिंह ने नए डीग जिले में आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए अतिरिक्त अनुदान, डीग जिला परिषद के लिए सभागार निर्माण, पंचायत संपत्तियों के रखरखाव और आय वृद्धि उपायों पर बल दिया। करौली जिले के सीईओ ने सिवायचक भूमि, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु प्रशासनिक एडीएम और एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठन, मत्स्य पालन को आय स्रोत के रूप में बढ़ावा देने, तकनीकी कार्मिकों की नियुक्ति, और आपदा प्रबंधन व रखरखाव कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड प्रावधान की अनुशंसा की। सवाई माधोपुर सीईओ ने पंचायती राज के विकास कार्यों के लिये आने वाली राशि की बेहतर तरीके से मॉनिटंिरंग की जा सके इसके लिये लेखा कार्मिकों की उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

बैठक में जिला प्रमुख सवाई माधोपुर सुदामा मीणा, संभाग के सभी प्रधान , धौलपुर सीईओ निवृत्ति सोमनाथ, सवाईमाधोपुर सीईओ गौरव बुडानिया, करौली सीईओ शिवचरण मीणा, एसीईओ रेखा रानी, ब्लॉक विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-discussion-on-making-panchayati-raj-institutions-self-reliant-and-empowered-news-hindi-1-767052-KKN.html

मकसूदनपुरा में 120 बीघा चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण:जिला कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, गिरदावर धर्म सिंह रहे मौजूद

मलारना डूंगर उपखंड की मकसूदनपुरा ग्राम पंचायत में 120 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई हुई।

उप जिला कलेक्टर और तहसीलदार मलारना डूंगर के आदेशानुसार गिरदावर धर्मसिंह गुर्जर, रूपसिंह मीणा, पटवारी प्रेमराज गुर्जर और नीरज शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

मलारना स्टेशन चौकी इंचार्ज कमलेश शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासक पति मोहरसिंह गुर्जर की उपस्थिति में चार जेसीबी मशीनों की मदद से भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 150 बीघा अन्य भूमि को भी आगामी आदेशों पर अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। स्थानीय लोगों ने कुल 300 बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sawai-madhopur/malarna-doongar/news/encroachment-removed-from-120-bigha-pasture-land-in-maksudanpura-136393678.html




Saturday, 8 November 2025

बस्सी में 50 करोड़ की सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त, जेडीए का चला पंजा


जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गुरुवार को जोन-13 क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आगरा रोड मुख्य हाइवे के पास बस्सी रीको के पास करीब 12 बीघा सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई।

– जेडीए की कार्रवाई, अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास नाकाम

– तीन किमी क्षेत्र में सड़क सीमा भी कराई खाली

बस्सी. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गुरुवार को जोन-13 क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आगरा रोड मुख्य हाइवे के पास बस्सी रीको के पास करीब 12 बीघा सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई। इस भूमि की कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए आंकी गई है। साथ ही जोन-8 में रीको कांटा से डिग्गी मालपुरा रोड तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में सड़क सीमा से अतिक्रमण हटाया गया है।

यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक पुलिस राहुल कोटोकी के निर्देशन में प्रवर्तन दस्ते ने की है। बस्सी में जेडीए स्वामित्व की चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने फार्महाउस, चारदीवारी और तारबंदी कर कब्जा कर लिया था। टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से सभी निर्माण ध्वस्त कर भूमि खाली कराई है।

इसी तरह बस्सी क्षेत्र में एक अन्य स्थान पर निजी खातेदारी भूमि में नाले की सरकारी भूमि मिलाकर अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था। वहां मिट्टी-ग्रेवल सड़कों और चार दीवारी को तोड़कर अवैध निर्माण हटाए गए। जोन-8 क्षेत्र में रीको कांटा से डिग्गी मालपुरा रोड तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में सड़क सीमा पर बने चबूतरों, टीनशेड, झुग्गियों, ठेलों और बैनरों को भी हटाया गया।

डीआईजी राहुल कोटोकी ने बताया कि जेडीए प्रवर्तन शाखा अब तक वर्ष 2024 में 817 बीघा और 2025 में 611 बीघा यानी कुल 1428 बीघा सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त करा चुकी है। अब तक 710 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त की जा चुकी हैं। जेडीए की कार्रवाई – बस्सी में 12 बीघा सरकारी भूमि मुक्त – कीमत लगभग 50 करोड़ रुपए – अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास नाकाम दो वर्ष की कार्रवाई – 2024 में 817 बीघा भूमि मुक्त – 2025 में 611 बीघा भूमि मुक्त – कुल 710 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त।

मूल ऑनलाइन लेख- https://www.patrika.com/videos/bassi-news/government-land-worth-rs-50-crore-in-bassi-freed-from-encroachment-jda-takes-action-20086784


Sunday, 2 November 2025

महवा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों ने विधायक से की शिकायत, बोले-तहसीलदार के बेदखली आदेश के बावजूद निर्माण जारी


महवा उपखंड क्षेत्र के पाड़ली गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने विधायक राजेंद्र मीना से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा बेदखली के आदेश जारी होने के बावजूद सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण जारी है, जिससे उनमें आक्रोश है।

ग्रामीण खोहरा मुल्ला स्थित जनसुनवाई केंद्र पहुंचे और विधायक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पाड़ली गांव में करीब 2 बीघा चारागाह भूमि पर कुछ लोग कच्चा और पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रहे हैं। पहले अस्थायी झोपड़ियां बनाई गईं, अब पुख्ता निर्माण कर चारागाह को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि इस मामले में पूर्व में तहसीलदार ने अतिक्रमियों को चारागाह भूमि से बेदखल करने के आदेश जारी किए थे। हालांकि, प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति से ग्रामीणों और अतिक्रमणकारियों के बीच विवाद की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक राजेंद्र मीना ने एसडीएम मनीषा रेशम और तहसीलदार महवा को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण पर किए जा रहे निर्माण को तुरंत रोका जाए और चारागाह भूमि से अवैध कब्जे हटाए जाएं।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/mahwa/news/encroachment-on-pasture-land-in-mahwa-136317626.html

Friday, 31 October 2025

खेड़ी में चरागाह भूमि पर कब्जा, लोगों में आक्रोश

 ग्राम पंचायत खेड़ी में चरागाह भूमि पर खनन माफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा।

उन्होंने चरागाह भूमि से अवैध क्रेशर व झोपड़ियों को हटवाने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि खसरा नंबर 2796 से लेकर आबादी क्षेत्र खसरा नंबर 2296 तक फैली चारागाह भूमि पर कुछ बाहरी लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इन लोगों ने न केवल चारागाह भूमि पर झोपड़ियों और क्रेशर लगा लिए हैं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को इस क्षेत्र में अपने पशु चराने से रोक भी दिया है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कब्जाधारियों ने दबंगई दिखाते हुए पशु चराने वाले ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि खनन माफियाओं ने गांव के कुछ पशुपालकों की बकरियों पर डंडों से हमला किया, जिससे कई बकरियों घायल हो गईं। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय और रोष का माहौल बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि गांव की सार्वजनिक चारागाह भूमि है, जिस पर पूरे गांव के पशु निर्भर हैं। यदि यह भूमि अवैध कब्जे में चली गई तो पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए चारे की भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीण प्रतिनिधियों ने तहसीलदार से मांग की कि इस चरागाह भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए और खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ने हल्का पटवारी को मौके पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।शिकायत देने वाले ग्रामीणों में ओ.पी. खेड़ी, सुनील खेड़ी, गणेश मीना, हरिशंकर मीना, धारा सादपुरा, तुलसी मीना, हेमराज मेरेड़ा सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि चरागाह भूमि को बचाने के लिए स्थायी सीमांकन कर चिह्निकरण पत्थर लगवाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस भूमि पर दोबारा कब्जा न कर सके।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/todabhim/news/occupation-of-pasture-land-in-khedi-anger-among-people-136294521.html

Wednesday, 29 October 2025

हिंडौली में चारागाह भूमि से अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश:उपखंड अधिकारी ने कहा- प्रभावित किसानों की समस्या को दे प्राथमिकता

 

हिण्डौली में उपखंड अधिकारी शिवराज मीणा की अध्यक्षता में उपखंड कार्यालय में साप्ताहिक ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, योजनाओं की प्रगति और आमजन की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अतिक्रमणों की समीक्षा

उपखंड अधिकारी मीणा ने तहसीलदार हिण्डौली और पंचायत समिति विकास अधिकारी से सिवायचक और चारागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों की समीक्षा की। उन्होंने इन अतिक्रमणों को तत्काल चिह्नित करने और उन्हें स्थायी स्वरूप लेने से रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

अतिक्रमणों को चिह्नित करने के निर्देश

इसके साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अतिक्रमित भूमि पर विद्युत कनेक्शन जारी करने से पहले भूमि का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। बैठक में पंचायत समिति के विकास अधिकारी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा करने तथा लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा योजना के 1100 से अधिक लंबित आवेदनों की गहन जांच कर रिपोर्ट जल्द भेजने को भी कहा गया।

किसानों को राहत देने को बताया प्राथमिकता

उपखंड अधिकारी मीणा ने आपदा प्रबंधन (एसडीआरएफ) के लंबित मामलों, डी आईएमएस पोर्टल पर सहायता से जुड़े प्रकरणों और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की स्थिति पर भी जानकारी ली। उन्होंने हाल ही में हुई वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए कृषि विभाग को प्रभावित किसानों के फसल बीमा दावे और राज्य सरकार से राहत सहायता के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

राजस्व, पंचायतीराज, कृषि और अन्य विभागों के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में आगामी बूंदी उत्सव 2025 के सफल आयोजन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान तहसीलदार रतनलाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/hindoli/news/to-mark-encroachment-from-siwaychak-pasture-land-in-hindauli-136282602.html

केलाकाबास में चारागाह भूमि से अतिक्रमण चला पीला पंजा:चारागाह भूमि पर बने कच्चे-पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया

 

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में शिकायत के बाद प्रशासन ने बुधवार 29 अक्टूबर को आंधी तहसील के केलाकाबास ग्राम पंचायत स्थित चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर के नेतृत्व में की गई। ग्राम पंचायत केलाकाबास की चारागाह भूमि पर कई वर्षों से कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे किए गए थे।

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन को बार-बार दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंततः ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

इस दौरान लगभग दो जेसीबी मशीनों और कई ट्रैक्टरों की मदद से चारागाह भूमि पर बने कच्चे-पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायसर थाना प्रभारी हरदयाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर तैनात रहे। आंधी तहसीलदार प्रांजल कंवर ने बताया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश और मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान के बाद की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे उसके मूल स्वरूप में लाना है।

ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम काफी समय से लंबित था और अब उम्मीद है कि चारागाह भूमि का उपयोग पशुओं के हित में किया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सरकारी भूमि पर दोबारा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान आंधी नायब तहसीलदार श्रवण कुमार मीणा, रायसर गिरधावर पूजा मीणा, बहलोड़ पटवारी दीनदयाल मीणा, रायसर चंदा बुनकर, माथासुला पटवारी कालूराम मीणा, अतिरिक्त विकास अधिकारी बाबूलाल मीणा, वीडीओ देशराज बैरवा, आंधी टीआरडी बीरबल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/aandhi/news/yellow-claw-moves-to-encroach-pasture-land-in-kelakabas-136282864.html