Friday, 28 March 2025

कोटपूतली-बहरोड़ में प्रशासन ने सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण, 11 बीघा जमीन से खड़ी गेहूं की फसल को किया साफ

राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना क्षेत्र के कायसा गांव में प्रशासन ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की. इस दौरान लगभग 11 बीघा भूमि पर खड़ी फसल नष्ट की गई. पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई. 

                                                    जमीन से अतिक्रमण हटाते हुए प्रशासन.
Rajasthan News: राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांव कायसा में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया. इस दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जाई गई सैकड़ों बीघा भूमि में से करीब 11 बीघा भूमि से खड़ी गेहूं की फसल को ट्रैक्टरों से नष्ट किया गया. प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया, जिससे कार्रवाई बिना किसी रुकावट के पूरी हो सकी.

चारागाह भूमि पर था अतिक्रमण
यह कार्रवाई नीमराना थाना क्षेत्र के कायसा गांव में की गई. जहां चारागाह भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू किया. अधिकारियों के आदेश पर मौके पर ट्रैक्टर मंगवाकर लगभग 11 बीघा भूमि से खड़ी फसल को नष्ट कर दिया गया.

कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात
अतिक्रमण हटाने के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी सतर्कता से तैनात रहा. नीमराना तहसीलदार और थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था को संभाला. कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई, हालांकि प्रशासन और पुलिस के कड़े रुख को देखते हुए लोग शांत बने रहे.

हत्या से जुड़ा हो सकता है भूमि विवाद
सूत्रों के अनुसार, इस अतिक्रमण को लेकर कुछ दिन पहले गांव के एक व्यक्ति देशराज की हत्या हुई थी. इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और विवादित जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की योजना बनाई. हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

11 बीघा जमीन से हटाई खड़ी फसल
नीमराना डीएसपी सचिन शर्मा ने बताया कि "गांव कायसा में कुछ अतिक्रमणकारियों ने चारागाह भूमि पर कब्जा कर रखा था. आज प्रशासन और पुलिस ने ट्रैक्टरों की मदद से लगभग 11 बीघा जमीन से गेहूं की फसल हटाकर भूमि को मुक्त कर दिया है. आगे की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाएगी."

स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया. जबकि स्थानीय लोग इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं. कुछ ग्रामीण इसे प्रशासन का सही कदम बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि इससे गरीब किसानों को नुकसान हुआ है.

मूल ऑनलाइन लेख - https://rajasthan.ndtv.in/rajasthan-news/kotputli-baharod-administration-removed-encroachment-from-hundreds-bighas-pasture-land-and-cleared-standing-wheat-crop-from-11-bighas-land-8034055


Thursday, 27 March 2025

भरतपुर : चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग, ग्रामीण पहुंचे जिला कलेक्ट्रेट

 

भरतपुर। बयाना पंचायत समिति के गांव पुरावाई खेड़ा के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर चारागाह भूमि पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस भूमि पर गौशाला, पशु चिकित्सालय और खेल मैदान बनाए जाने चाहिए, लेकिन कुछ दबंगों ने इस पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी है और कुछ जगहों पर निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत ने लिया था चारागाह भूमि को संरक्षित करने का निर्णय ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत पुरावाई खेड़ा द्वारा गांव के गणमान्य लोगों और आम जनता से विचार-विमर्श कर चारागाह भूमि को आवारा पशुओं के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया था। लेकिन कुछ दबंग लोगों ने इस भूमि पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी और निर्माण कार्य भी कर रहे हैं, जिससे गांव के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की मांग – अवैध निर्माण हटे, चारागाह भूमि की हो बाउंड्री गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि – चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया जाए। पक्के निर्माण को ध्वस्त किया जाए। चारागाह भूमि के चारों ओर बाउंड्री कराई जाए। गौशाला, पशु चिकित्सालय और खेल मैदान का निर्माण किया जाए।

जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बाइट: उत्तम सिंह, स्थानीय निवासी "गांव के लोगों की यही मांग है कि चारागाह भूमि को संरक्षित रखा जाए। यह भूमि आवारा पशुओं के लिए सुरक्षित थी, लेकिन दबंगों ने इसे नष्ट करने की ठान ली है। प्रशासन को जल्द से जल्द अवैध कब्जा हटाकर यहां गौशाला और पशु चिकित्सालय का निर्माण करवाना चाहिए।"

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-bharatpur-demand-to-remove-encroachment-from-pasture-land-villagers-reached-district-collectorate-news-hindi-1-711381-KKN.html

Wednesday, 26 March 2025

सरपंच, वीडीओ की नकली मोहर व साइन से बनाए फर्जी पट्टे, बैंकों से लोन भी ले लिया

जो पट्टे बनवाए गए हैं उसमें सरपंच, वीडीओ व तत्कालीन वीडीओ ममता मीणा की नकली मोहर और फर्जी साइन मिले है।

मोगरा पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी राहुल व सरपंच रणजीत सिंह को जब फर्जी पट्टों की जानकारी मिली तो उन्होंने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू की। इसके लिए तहसील कार्यालय से मोगरा पंचायत के जनवरी 2024 से लेकर अक्टूबर तक बनाए पट्टों की सूची लेकर पंचायत के रेकार्ड से मिलान किया गया। तहसील कार्यालय की सूची देखने पर पट्टे फर्जी जारी होने की जानकारी सामने आई। इस दौरान करीब 32 पट्टे फर्जी मिले हैं।

भवानीमंडी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मोगरा में फर्जी दस्तावेजों और सरपंच-वीडीओ की नकली मोहर-साइन से लगभग तीन दर्जन से अधिक फर्जी पट्टे बनवा लिए गए। इन पट्टों से बैंकों से लोन भी ले लिया और मकान तक बनवा लिए। करीब पांच माह पहले इसको लेकर मामला दर्ज हुआ। जांच में अब तक 32 पट्टे फर्जी पाए गए हैं लेकिन दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मोगरा गांव में अज्ञात जनों द्वारा सरकारी, चारागाह व आबादी भूमि पर फर्जी पट्टे बनाकर पट्टेधारियों से करीब 60 से 70 हजार रुपए लिए गए। पट्टे तो फर्जी बनाकर बेचे ही है, साथ ही इन्हें लोन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई। एक पट्टेधारी को बैंक से करीब 5 से 6 लाख रुपए का लोन भी दिलवाया गया।

रेकार्ड से नहीं हुआ मिलान

मोगरा पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी राहुल व सरपंच रणजीत सिंह को जब फर्जी पट्टों की जानकारी मिली तो उन्होंने इस मामले में जांच पड़ताल शुरू की। इसके लिए तहसील कार्यालय से मोगरा पंचायत के जनवरी 2024 से लेकर अक्टूबर तक बनाए पट्टों की सूची लेकर पंचायत के रेकार्ड से मिलान किया गया। तहसील कार्यालय की सूची देखने पर पट्टे फर्जी जारी होने की जानकारी सामने आई। इस दौरान करीब 32 पट्टे फर्जी मिले हैं। तहसील से रेकार्ड लेने के बाद जांच में सामने आया कि जो पट्टे बनवाए गए हैं उसमें सरपंच, वीडीओ व तत्कालीन वीडीओ ममता मीणा की नकली मोहर और फर्जी साइन मिले है।

रिपोर्ट देने के बाद भी बन रहे फर्जी पट्टे

वीडीओ राहुल ने बताया कि उनके द्वारा दिसंबर माह में ही पुलिस थाने में फर्जी पट्टों को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई थी। फिर भी एक माह पूर्व एक फर्जी पट्टेधारी द्वारा एक पट्टा तहसील में पंजीकृत करवाया जा रहा था। जिस पर नायब तहसीलदार शंभु चरण ने सूचना दी। हमने मौके पर जाकर जांच की तो पट्टा फर्जी मिला। अगर इन फर्जी पट्टे बनाने वाले के खिलाफ समय पर कार्रवाई होती तो यह खेल उसी समय खत्म हो जाता।

इनका कहना है....

हमारे द्वारा इन पट्टों का मिलान कर लिया गया जिसमे मेरे व सरपंच के साइन व मोहर नकली है। इन पट्टों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

राहुल भटनागर, वीडीओ, ग्राम पंचायत मोगरा

पंचायत द्वारा अज्ञात जनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है। फिर भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

रणजीत सिंह, सरपंच मोगरा

मोगरा पंचायत से जो भी पट्टा आएगा, उसकी पूर्ण जांच करके ही पंजीयन किया जाएगा।

अब्दुल हफ़ीज़, तहसीलदार पचपहाड़

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.patrika.com/jhalawar-news/fake-leases-were-made-with-fake-seals-and-signatures-of-sarpanch-and-vdo-and-loans-were-also-taken-from-banks-19485833

Tuesday, 25 March 2025

चारागाह व ओरण भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

जैसलमेर।  ग्राम पंचायत देवीकोट के ग्रामीणों ने संभागीय आयुक्त के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया कि ग्राम पंचायत देवीकोट में कुछ भू माफियाओं द्वारा ग्राम की आबादी भूमि, सरकारी भूमि, चारागाह भूमि व ओरण भूमि पर अवैध रुप से अतिक्रमण कर अवैध रुप से प्लाट आवंटित कर पट्‌टे जारी किए जा रहे है। ज्ञापन में बताया कि ग्राम की आबादी से कई गुणा अधिक अवैध रुप से आबादी भूमि का आवंटन कर दिया गया है।

जिसकी उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाई जाएं। ज्ञापन में बताया कि इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी व तहसील प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में बताया कि कार्रवाई के अभाव में देवीकोट में भू माफियाओं के हौंसले बुलंद है। ज्ञापन में देवीकोट में हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन देते समय प्रवीणसिंह, सवाईराम, पदमसिंह, महेंद्रसिंह, नरेश कुमार, प्रागाराम, महेंद्र कुमार, महिपालसिंह, शाहरुख खान, स्वरुपाराम, भवानी कुमार, सुजानाराम, सवाई गिरी, चंद्रप्रकाश, जगदीश, दिलीप शेरा, आसूराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। 

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaisalmer/news/demand-to-remove-encroachment-from-pasture-and-forest-land-134702463.html


चारागाह भूमि का बकाया 29 तक जमा करें

 बूंदी. हिंडौली तहसील में राजस्व मद 0029 के तहत करीब 1 करोड़ रुपए की बकाया वसूली लंबित है। तहसीलदार कमलेश मीणा ने बताया कि जिन किसानों पर सिवायचक और चारागाह भूमि का बकाया है। उनकी सूची सभी पटवारियों के पास है। सभी काश्तकार अपने पटवारी हल्का से संपर्क कर 29 मार्च तक पूरी राशि जमा कर रसीद लें। तय समय तक बकाया नहीं चुकाने पर काश्तकारों के खिलाफ भौतिक बेदखली की कार्रवाई होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी काश्तकार की होगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/deposit-pasture-land-dues-by-29th-134704266.html


Monday, 24 March 2025

ढाई साल में फलदार पौधों से लहलहाई बंजर भूमि

  • पहल. एनिकट बना रहे, जिसका पानी 100 बीघा में भरा रहेगा, गर्मी में मिल सकेगा पानी

भास्कर न्यूज। बूंदी


कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की कमी से लोगों को मरते हुए देखकर ग्राम पंचायत बड़ाखेड़ा ने क्षेत्र की बंजर पड़ी चारागाह भूमि को ऑक्सीजन जोन बनाने का संकल्प लिया। महज ढाई साल में ही फलदार व अन्य पौधों से बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर हरा-भरा कर दिया। 200 बीघा से अधिक भूमि को संरक्षित करते हुए यहां फलदार व अन्य छायादार पौधों लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस पहल की है। वहीं, इससे पंचायत की आमदनी बढ़ाने पर भी फोकस है। पंचायत के इस कार्य को देखने के लिए 18 राज्यों के विशेषज्ञ इस कार्य को देखने व समझने के लिए आ चुके हैं।

बूंदी में चारागाह भूमि के विकास को लेकर योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन धरातल पर नहीं उतरती। इससे अलग पहचान बनाते हुए बड़ाखेड़ा पंचायत ने पर्यावरण व चारागाह भूमि के संरक्षण की ठोस पहल की। सीमित संसाधनों से 200 बीघा चारागाह भूमि को फलदार व छायादार पौधों से हरा-भरा कर दिया। इस पहल को लेकर पंचायत प्रशासन के साथ ग्रामीण खुश हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने भी इस पहल की तारीफ की है। पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह ने बताया कि क्षेत्र का जलस्तर बनाए रखने, पौधों और जंगली जानवरों के लिए गर्मी में पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर एनीकट बनाया जा रहा है, जिसका पानी करीब 100 बीघा में भरा रहेगा। इससे गर्मी में जंगली जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा, ताकि वे पानी की तलाश में गर्मी में आबादी क्षेत्र में नहीं आए।

ऑक्सीजन जोन और इको टूरिज्म पर फोकस पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह बताते हैं कि इस पहल के पीछे ग्रामीणों को चारागाह के संरक्षण से जोड़ना है। साथ ही ग्रामीण स्तर पर एक ऐसा क्षेत्र विकसित करना था, जो पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी हो और ग्रामीण इसके प्रति जवाबदेह बने। कोरोनाकाल में ऑक्सीजन जोन खूब चर्चा में आए, इसलिए भी इस पहल को लेकर रुझान बढ़ा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/in-two-and-a-half-years-the-barren-land-was-filled-with-fruit-trees-134696856.html

चारागाह भूमि पर माइनिंग से ग्रामीणों में रोष:बेखबर जिम्मेदारों को शिकायत का इंतजार, बोले-जांच करवाएंगे

 

बिजौलिया में मकरेडी पंचायत के आंट गांव में अवैध खनन की समस्या गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक नदी और चारागाह भूमि पर माफिया लंबे समय से अवैध खनन कर रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

नदी का स्वरूप बिगड़ा, चारागाह खत्म होने से गौवंश पर संकट

अवैध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे जल स्रोतों पर संकट गहरा रहा है। चारागाह भूमि नष्ट होने से गौवंश के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। भू-माफिया की मनमानी से गांव में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।

ग्रामीणों को मिल रही धमकियां, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे इस अवैध गतिविधि के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। इससे गांव में डर का माहौल बन गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि खनन माफिया पर लगाम लगाई जा सके।

प्रशासन का आश्वासन – जांच के बाद होगी कार्रवाई

माइनिंग विभाग के फोरमैन गिरिराज मीणा ने कहा कि अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

तहसीलदार बोले-शिकायत की जांच की जाएगी

तहसीलदार ललित डिडवानिया ने बताया कि कार्यालय में पिछले तीन दिनों की छुट्टियां थीं, लेकिन अब अवैध खनन की शिकायतों की जांच की जाएगी। यदि चारागाह क्षेत्र और नदी-नालों के पास अवैध खनन पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/villagers-angry-over-mining-on-pasture-land-134699441.html

Friday, 21 March 2025

गोसेवकों ने उच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना की मांग की, जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

नवलगढ़ : शहर के कृषि उपज मंडी के पास स्थित ढेढ़ाणा जोहड़ की भूमि पर उच्च न्यायालय द्वारा 7 फरवरी 2014 को दिए गए आदेश की पालना की मांग को लेकर शुक्रवार को नवलगढ़ के गोसेवकों ने जिला कलक्टर रामावतार मीणा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि ढेढ़ाणा जोहड़ की भूमि चारागाह (गोचर) और गैर मुमकिन जोहड़ है, जहां गोवंश अपना जीवन यापन करते हैं। इस भूमि पर नगरपालिका नवलगढ़ और रूडीप द्वारा ड्रेनेज (सीवरेज) के गंदे पानी का ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण प्रस्तावित है, जो गोचर भूमि के संरक्षण में बाधा डाल सकता है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि इससे पहले भी नवलगढ़ नगरपालिका द्वारा कचरा और मृत पशु इस भूमि पर डाले जाते थे, जिससे रोकथाम के लिए रिछपाल सैनी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर उच्च न्यायालय ने 7 फरवरी 2014 को आदेश जारी किया था, जिसमें कचरा और मृत पशु डालने पर रोक लगाई गई थी। गोसेवकों ने मांग की है कि उच्च न्यायालय के आदेश की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित की जाए, और जो कार्यालय इसके आदेश का उल्लंघन करेगा, वह स्वयं उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का जिम्मेदार होगा।

ज्ञापन के साथ चारागाह गैर मुमकिन जोहड़ की जमाबंदी और उच्च न्यायालय के 2014 में रिछपाल सैनी की याचिका पर जारी किए गए आदेश की प्रति भी पेश की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में गो विधायक शंकरलाल शर्मा, कमलकांत सारस्वत, नवलगढ़ गोरक्षा दल अध्यक्ष भैरोंसिंह राठौड़, नंदलाल दायमा, रमेश दीक्षित, कैलाश, संजय चोटिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://janmanasshekhawati.com/news/137461

Thursday, 20 March 2025

100 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण:ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत, अतिक्रमण हटाने की मांग

 

बिजौलिया के लक्ष्मीखेड़ा गांव में पशुओं के लिए आरक्षित चारागाह भूमि पर दबंगों के कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

मंडोल डेम के पास स्थित करीब 100 बीघा चारागाह भूमि पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इस जमीन का खाता संख्या 287 और खसरा संख्या 527 है, जिसका रकबा 28.8298 हैक्टेयर है। यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह के रूप में दर्ज है। दबंगों ने इस जमीन पर पत्थर की चारदीवारी बनाकर खेती शुरू कर दी है। उन्होंने करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और सिर्फ रास्ता ही छोड़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे बरसों से इस जमीन का उपयोग पशुओं को चारा-पानी के लिए करते आ रहे हैं। गांव में चारागाह के लिए यही एकमात्र आरक्षित भूमि है। विरोध करने पर दबंग गाली-गलौच पर उतर आते हैं। इस कब्जे से पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।

एसडीएम अजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने तहसीलदार को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/encroachment-on-100-bigha-grazing-land-134674922.html

मैंगरा खुर्द में चरागाह से हटाए कब्जे

मासलपुर। मासलपुर तहसील के गांव मैंगरा खुर्द में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। नायब तहसीलदार दिनेश चंद शर्मा ने बताया कि मैंगरा खुर्द में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इस पर बुधवार को पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन से चरागाह भूमि पर किए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस टीम के साथ थाना प्रभारी नीरज कुमार शर्मा, गिरदावर और हल्का पटवारी भी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/masalpur/news/occupation-removed-from-pasture-in-mangra-khurd-134672070.html

Tuesday, 18 March 2025

नयावास चरागाह के 350 बीघा पर कब्जा

लालसोट। नयावासगांवमें पशुओं के लिए आरक्षित चरागाह भूमि ग्राम प्रशासन की अनदेखी के कारण अतिक्रमणियों के भेंट चढ़ी हुई है। डाक्टर रामनाथ मीना ने प्रशासन को जानकारी देते हुए कहा है कि आवारा पशु चारा पानी के लिए भटक रहे है जबकी चरागाह भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने चरागाह भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है यहां तक कि बिजली के कनेक्शन करा रखे है मगर प्रशासन का इस और ध्यान नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कुछ समाज कंटकों ने आवारा गाय पर केरोसिन डाल की जलाने का प्रयास किया है। इस कारण गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। गाय को गौशाला में उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर सहित राज्य सरकार से मामले की जांच कर चरागाह भूमि को अतिक्रमियों से मुक्त कराने की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-lalsot-news-052142-3528660-nor.html

Sunday, 16 March 2025

बनियाना में रात्रि चौपाल में चारागाह से अतिक्रमण हटाने के डीएम ने दिए निर्देश

दौसा (ग्रामीण). रात्रिचौपाल में समस्याएं सुनते विधायक कलेक्टर।

भास्कर न्यूज| दौसा (ग्रामीण)

बनियानाग्राम पंचायत पर आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारी कर्मचारी तालमेल के साथ विकास कार्यों का पूर्ण ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में व्याप्त बिजली पानी की समस्या का अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराएं। उन्होंने खराब हैंडपंपों की शिकायत पर सहायक अभियंता को टीम भेेजकर ठीक कराने के निर्देश दिए। वहीं बिजली निगम के एक्सईएन को दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना के तहत कनेक्शनों से वंचितों को तुरंत कनेक्शन करने को कहा। रामसिंह गुर्जर, सीताराम गुर्जर, रामजीलाल योगी ने पशुओं मे फैल रही बीमारीयों के बारे में शिकायत कर पशु चिकित्सकों की टीम बुलाने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार का कोताही नहीं बरती जाए। जनसुनवाई में भवनहीन लोगों ने पट्टे जारी कराने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को भूमि को आबादी में परिवर्तन करने के प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। वहीं चरागाह से अतिक्रमण के लिए तहसीलदार को मामले की जांचकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला श्रम कल्याण अधिकारी को शुभ शक्ति योजना के लाभाथियों को शीघ्र भुगतान कर अन्य योजनाओं में भी लाभाविन्त करने की बात कही। सीएमएचओ को पी.आर. मीणा को मौसमी बीमारियों के बारे में विशेष सर्तकता बरतने, जिला रसद अधिकारी को राशन वितरण समय पर सुनिश्चत कराने, विकास अधिकारी लवाण हरीसिंह चारण को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं बनाए आवासों की जांचकर भुगतान करने, स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत निर्माण कराए शौचालयों की जांचकर तुरत भुगतान कराने के निद्रेश दिए बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पा सिंह को आंगनबाडी केंद्रों पर पोषाहार वितरण कराने के निर्देश दिए।

100 वर्षीय सुरजन खंडेलवाल ने शौचालय निर्माण कराने के लिए कलेक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर कलेक्टर ने मौके पर ही विकास अधिकारी हरिसिंह चारण से स्वीकृति जारी कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

विधायकने की 15 लाख की घोषणा

विधायकशंकर शर्मा ने पानी की समस्या के लिए तीन हैंडपंप 15 लाख रुपए विधायक कोटे से दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने जनसुनवाई करते हुए कहा कि क्षेत्र में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं का प्राथमिकता के आधार पर बिना भेदभाव विकास कार्य कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के साथ कर्मचारियों का भी दायित्व है कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर आमजन तक लाभ पहुचाएं। इस दौरान एसीईईओ सुरेंद्र सिंह, एसडीएम संतोष गोयल, सीएमएचओ, उपनिदेशक राकेश अटल, सरपंच सीमा बैरवा, सचिव लज्जाराम, सहित अनेकों अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-dau-mat-latest-dausa-news-025503-442105-nor.html

Saturday, 15 March 2025

नीमराना में चारागाह भूमि को आबादी विस्तार के लिए सेट अपार्ट करने की प्रक्रिया शुरू


नीमराना। नीमराना के उपखंड अधिकारी ने ग्राम पंचायत बीचपुरी, तहसील नीमराना के खसरा नंबर 1035, रकबा 22.38 हैक्टेयर चारागाह भूमि में से 6.00 हैक्टेयर भूमि को आबादी विस्तार के लिए सेट अपार्ट करने को लेकर आवश्यक रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इससे पहले अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजस्व शाखा की ओर से जारी परिपत्र में नीमराना एसडीएम से कहा है कि 26 बिंदुओं वाली चेकलिस्ट के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाए। इस प्रस्ताव में क्षतिपूर्ति योजना को भी शामिल किया जाए। चूंकि यह भूमि चारागाह श्रेणी की है, इसलिए ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी संलग्न किया जाए। परिपत्र में कहा गया है कि राजस्थान सरकार की नीति के तहत चारागाह भूमि पर बसे परिवारों को नियमित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। 1 जनवरी 2021 तक जो व्यक्ति 35 वर्षों से चारागाह भूमि पर रह रहे हैं, उनकी सूची तहसीलदार द्वारा तैयार की जाए। पात्र परिवारों को पहचानने के लिए राशन कार्ड, मतदाता सूची, बिजली/पानी/टेलीफोन बिल आदि दस्तावेज संलग्न किए जाएं। प्रस्तावित भूमि यदि किसी सड़क से सटी हुई है तो भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार रिपोर्ट दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन परिवारों को भूमि दी जानी है, उनके पास पहले से कोई आवासीय भूखंड नहीं है।

आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उचित लेआउट प्लान और रास्तों को चिह्नित किया जाए। प्रस्तावित भूमि की ग्राम की मुख्य आबादी से दूरी भी रिपोर्ट में शामिल की जाए। नीमराना एसडीएम को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर, पार्क, बाड़ा आदि के लिए कोई भूमि प्रस्तावित नहीं की जानी चाहिए। भूमि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 90-ए के तहत आती है या नहीं, इसका उल्लेख किया जाए।

भूमि किसी नदी, तालाब, नाले या जल प्रवाह क्षेत्र में आती है या नहीं, इस पर रिपोर्ट दी जाए। डीबी सिविल रिट पेटीशन 1536/2003 (अब्दुल रहमान बनाम सरकार) के तहत किसी भी कानूनी बाधा का अध्ययन किया जाए। यदि इस प्रक्रिया में कोई अतिरिक्त मुद्दा सामने आता है, तो उसे स्पष्ट किया जाए। नीमराना प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारागाह भूमि पर बसे पात्र परिवारों के लिए यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत की जाएगी। इस मामले में संबंधित विभागों को रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।..

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/kotputli-behrore-news/news-the-process-of-setting-apart-pasture-land-for-population-expansion-has-started-in-neemrana-news-hindi-1-709000-KKN.html

मोगाना में 25 बीघा चरागाह से हटाया अतिक्रमण

नाथद्वारा | मोगानागांव में मंगलवार को चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाया गया। नायब तहसीलदार ओमप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि जिला सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरण को लेकर आराजी नं 1129, 1261, 1439, 1450, 1586, 1612,943 1680 किस्म चरागाह से अतिक्रमण हटाया गया। 25 बीघा चरागाह भूमि पर ग्रामीणों ने कच्चे पत्थरों और कंटीली झाडिय़ां लगाकर कब्जा कर रखा था। टीम ने पत्थरों को जब्त किया। जिनकी नीलामी होगी।

नाथद्वारा. अतिक्रमणहटाती जेसीबी मशीन।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/raj-oth-mat-latest-nathdwara-news-060508-1816156-nor.html

Friday, 14 March 2025

भुसावर में धरने पर बैठे गांव वालों ने मनाई होली:88 दिन से चल रहा धरना, पारंपरिक अंदाज में मनाया त्योहार

धौलपुर में 31 गांवों में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया:4 महीने में 367 हैक्टेयर जमीन अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कराई

धौलपुर में गत 4 माह में जिला प्रशासन ने 31 गांव में 367 हैक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कराया है।

धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने पहली बार जिले से चारागाह भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त करने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की है। गत 4 माह में जिला प्रशासन की टीम 31 गांव में 367 हैक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कर चुकी है।

जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने बताया कि धौलपुर जिले की अलग-अलग ग्राम पंचायत में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत दिए जाने के बाद एक्शन प्लान तैयार किया गया। जिसके बाद सबसे पहले कर उन चारागाह भूमि को चिह्नित किया गया। जिन पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने फसल खड़ी कर रखी थी। जिला कलेक्टर ने बताया कि एक्शन प्लान के तहत प्रशासन की टीम में पुलिस के साथ मिलकर पिछले चार माह में करीब 367 हैक्टेयर चारागाह भूमि को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कर लिया है।

जिला प्रशासन ने बसई नबाब तहसील के इंदौली, मालोनी पंवार, भदियाना, बसेड़ी तहसील के बौरेली, सलेमपुर, नादनपुर, नौनेरा पृथ्वी सिंह, मनियां तहसील के शाहपुरा, विचोला, परसोंदा, राधेपुरा, सियापुरा, बीलपुर, बिरजापुरा, कृपा पूरा, सैमरा का पूरा, राजाखेड़ा तहसील के मढई, लालपुर, पुरापतीराम, भगवानपुर, सरमथुरा तहसील के दुर्गशी, चंद्रावली, नयागांव, बाड़ी तहसील के बदरैठा, महदपुरा, बटेश्वर कलां, सिंगौरई, पिदावली, गडरपुरा और सैंपऊ तहसील के कांकोली और मढा गांव से चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/news/encroachment-removed-from-pasture-land-in-31-villages-in-dholpur-134643026.html

Thursday, 13 March 2025

नाथद्वारा विधायक ने होटल और रिसॉर्ट के नाम पर जंगलों की कटाई का मुद्दा उठाया

 नाथद्वारा, कुंभलगढ़, उदयपुर और माउंट आबू में पर्यटन विस्तार के नाम पर खत्म हो रहे जंगल :विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़

जयपुर / राजसमंद 13 मार्च 2025 । नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने राजस्थान विधानसभा में पर्यटन को विस्तार देने के नाम पर जंगलों की अंधाधुन कटाई पर विधानसभा में गंभीर मुद्दा उठाया है।

उन्होंने कहा है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर प्रकृति का विनाश किया जा रहा है। पर्यटन के बाजार में पर्यावरण, इतिहास और शहर नीलाम हो रहे हैं। सिद्धांतों को ताक पर रख कर उदयपुर, नाथद्वारा, कुंभलगढ़ आदि क्षेत्र में जंगलों की कटाई होकर होटल और रिजॉर्ट बनाए जा रहे हैं। मगरे, जंगल, पर्यावरण और वनीकरण के सिद्धांतों को ताक पर रख कर किया जा रहा विकास कहां तक स्वीकार्य है। विश्व में सिर्फ 31 वेटलैंड शहर हैं जिनमें एक उदयपुर भी है, लेकिन यहां भी वेटलैंड से जुड़े नियमों का पालन होता दिखाई नहीं देता।

एक महत्वपूर्ण प्रकरण का जिक्र करते हुए विधायक मेवाड़ ने कहा कि वर्ष 1970 में उदयपुर कलक्टर के आदेश से 50 बीघा भूमि चारगाह से बिलानाम दर्ज करने की स्वीकृति दी गई। आदेश से यह भूमि नाथद्वारा नगरपालिका को सुपुर्द कर दी गई। 1973 में 765 बीघा 16 बिस्वा चारागाह भूमि को वन विभाग को हस्तांतरण कर दी। यह नामांतरण तहसीलदार द्वारा दस साल बाद 1983 को ही किया गया और उल्लेखनीय है कि इस नामांतरण में नगरपालिका को आबादी विस्तार हेतु वर्णित 50 बीघा भूमि भी शामिल की गई। वन भूमि में से 1993 को 286 बीघा और 18 बिस्वा को अनाधिकृत क़ब्ज़ा माना गया और न्यायालय वन बंदोबस्त अधिकारी उदयपुर के 2006 निर्णय में इस 286 बीघा 18 बिस्वा को भी वन क्षेत्र में गिना गया। राजस्व मंडल न्यायालय ने 22 अगस्त 2019 को निर्णय दिया कि भूमि आबादी विस्तार की या वन क्षेत्र की भूमि है, इसका प्रकरण राजस्थान सरकार के दो विभागों के मध्य का है एवं प्रकरण को नियमानुसार निस्तारण के लिए मुख्य सचिव राजस्थान सरकार जयपुर को भिजवाया जाए।

इन सभी गतिविधिर्यो का परिणाम यह हुआ कि अतिक्रमण तो है ही लेकिन जिस जगह के लिए निवासियों को नगरपालिका ने पट्टे जारी किए, वे वन क्षेत्र में गिने जा रहे है। प्रशासन के कार्य और शासन की अनदेखी के कारण इन प्रभावित लोगों को नुक़सान पहुँचा है। दोहरी नीति भी यहाँ स्पष्ट है, बिना कोई ठोस कारण के सरकारी इ‌मारत ग्रीन बेल्ट में बन सकती है, होटल भी फारेस्ट, ग्रीन बेल्ट, तालाबों किनारे बन सकते हैं, लेकिन पट्टा शुदा निवासियों को 55 साल भी न्याय के लिए काफी नहीं हैं।

सरकार से आग्रह है कि शासन की संवेदशीलता से प्रशासन से, प्रशासन के कार्य को सुधारें ताकि लोगों को अपना हक मिल सके 1970 से 2025, यह कोई कम समय नहीं है।

विधानसभा में संबोधित करते हुए मेवाड़ ने कहा कि 1961 में राजस्थान का वन क्षेत्र 39,420 वर्ग किमी था जो कि 2019 - 20 में 32,845.3 वर्ग किमी रह गया। जिस तरह से वन क्षेत्र लगातार घट रहे हैं यह वन विभाग की कार्यशैली बताता है लेकिन वन क्षेत्र घटना केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है सभी विभागों की जिम्मेदारी है जिनके माध्यम से अलग-अलग कार्य होते हैं।

उन्होंने आगे पर्यावरण पर चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया भर में पर्यावरण के लिए नीतियां हैं जो दुनियाभर मानती है खास तौर से यह कि हमको पर्यावरण के प्रति सावधानी रखनी चाहिए जहां नुकसान हो रहा है वहां नुकसान बंद करना चाहिए जो नुकसान कर रहा है उसे भरपाई करनी चाहिए। पर्यावरण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं सब विभागों को साथ मिलकर पर्यावरण संभालना चाहिए।

वनीकरण भी पर्यावरण का ही भाग है और इसके भी कुछ सिद्धांत है जो दुनिया भर में माने गए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि राजस्थान सरकार की जो बजट है यह पहला ग्रीन बजट है और ग्रीन बजट का उद्देश्य ही पर्यावरण को संभालना है और जो लोग पर्यावरण के प्रति काम करते हैं उनके लिए भी लाभदायक पहल है। अगर हम यह सब सिद्धांत ध्यान में रखते हुए कम करें तो सफलता क्यों न प्राप्त हो। लेकिन पिछले कुछ दशकों में देखा जाए तो जहां ज्यादा हरियाली है वहां सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।

उन्होंने पर्यटन उद्योग पर चर्चा करते हुए कहा कि जहां पर्यटन उद्योग से जंगलों को नुकसान पहुंचा है, अगर जंगल ही नहीं बचेंगे तो पर्यटक देखेंगे क्या? उन्होंने बताया कि जिस तरह उदयपुर को झीलों और बगीचों के लिए जाना जाता था वहां आज एक भी तालाब और बगीचा साफ नहीं दिखाई देते हैं। जिस तरह से तालाबों के किनारे होटल, रेस्टोरेंट और मगरे पर सरकारी भवन बना रहे हैं, और जहां हरियाली बची हुई है वहां और होटल बन रही है, उनकी सहूलियत के लिए और रास्ते बना रहे हैं इसे मैं हरियाली तो कहीं रही ही नहीं है।

दुनिया में कई शहर जिन्हें वेटलैंड घोषित किया गया है और हाल ही में उदयपुर को भी वेटलैंड घोषित किया गया, लेकिन वेटलैंड के कानून मानने के लिए कोई तैयार ही नहीं है। पर्यटन के बाजार में नीलाम हो गया है। माउंट आबू की दुर्दशा की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कुंभलगढ़ की दशा बताते हुए कहा कि कुंभलगढ़ जो जंगलों से उभरा हुआ है किला था बहुत जल्द से होटल से उभरा हुआ नजर आएगा। हल्दीघाटी जो एक रण क्षेत्र है वहां इमारत बनाई जाएगी तो वहां का वातावरण खराब हो जाएगा जिन्होंने बलिदान दिया उनका निरादर होगा।

नाथद्वारा का आप देखेंगे तो अब हर पहाड़ हर मगरे पर रास्ते बन रहे हैं, मार्ट बन रहे हैं, हम स्कूल में तो पेड़ लगाते हैं बच्चों को सिखाते हैं लेकिन उनको अपनी नजर ऊपर घुमानी है वह देखेंगे मगरों का तो कत्ल हो रहा है। इन सब चीजों पर ध्यान देना चाहिए और अगर आवश्यकता हो तो नीतियों को भी बदलना चाहिए।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://udaipurtimes.com/news/raised-issue-of-deforestation/cid16362064.htm

Wednesday, 12 March 2025

Jaipur: व्यापक जनहित में होने पर चारागाह भूमि का वर्गीकरण– राजस्व मंत्री

Jaipur जयपुर । राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि गौशाला के लिए भूमि का आवंटन राजस्थान भू-राजस्व नियम 1957 के तहत सिवायचक भूमि उपलब्‍ध नही होने तथा संबंधित गांव में पशुओ की चराई के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध रहने की स्थिति में चारागाह भूमि का आवंटन गौशाला हेतु किये जाने के प्रावधान है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार चारागाह भूमि का वर्गीकरण व्यापक जनहित में होने पर किया जा सकता है।

राजस्व मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भू-राजस्व नियम 1957 के तहत सिवायचक भूमि के आंवटन के लिए जिला कलेक्टर को प्राधिकृत किया गया हैं। चारागाह भूमि को गाय के साथ साथ अन्य पशुओं के लिए भी संरक्षित किया जाना आवश्यक है। श्री मीणा ने कहा कि 24 फरवरी 2022 को अतिरिक्त महाधिवक्ता द्वारा गौशाला के लिए चारागाह भूमि का आंवटन व्यापक जनहित में नहीं माने जाने की राय दी गई थी। इसलिए वर्तमान में चारागाह भूमि का आवंटन गौशाला हेतु नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि गौशाला हेतु चारागाह भूमि आवंटन के सम्बन्ध में प्रस्ताव का पुनः परीक्षण करवाकर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

इससे पहले विधायक श्री गोरधन के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की किस्म गैर मुमकिन गौचर में दर्ज की जाती है। गौशाला हेतु चारागाह भूमि का वर्गीकरण परिवर्तन कर आवंटन किये जाने के संबंध में गुलाब कोठारी प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय के ऑब्जरवेशन के दृष्टिगत गौशाला प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन को व्यापक जनहित की श्रेणी में शामिल नही माना गया है। न्यायालय के आदेशो के दृष्टिगत वर्तमान में चारागाह भूमि का वर्गीकरण व परिवर्तन गौशाला प्रयोजनार्थ नही किया जा रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://jantaserishta.com/local/rajasthan/jaipur-classification-of-pasture-land-if-it-is-in-wider-public-interest-revenue-minister-3886362



Tuesday, 11 March 2025

चारागाह विकास के लिए बनी नई कमेटी:निंबाहेड़ा में ब्लॉक फेडरेशन का गठन, उदयसिंह विजयपुरा बने अध्यक्ष

निंबाहेड़ा के अम्बामाता मंदिर में चारागाह विकास समिति ब्लॉक फेडरेशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चारागाह भूमि के विकास और जल, जंगल एवं जमीन के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई।

सर्वसम्मति से गठित नई कमेटी में उदयसिंह विजयपुरा को अध्यक्ष चुना गया। रोहित राठौड़ बरड़ा को उपाध्यक्ष, मुकेश मेनारिया बोराखेड़ी को कोषाध्यक्ष और राजकंवर चुंडावत सतखंडा को सचिव बनाया गया। कालुराम, रवि मेनारिया, गोपाल गायरी, पंकज सेन और पृथ्वीराज भील को सदस्य मनोनीत किया गया।

बैठक में सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को चार क्लस्टर में बांटा गया। इन्हें शामलात के संरक्षण के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संस्था के सांवरलाल जाट ने फेडरेशन के उद्देश्यों और शामलात संसाधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

समिति ने तय किया कि सदस्य शामलात क्षेत्रों में मेड़बंदी करवाएंगे। स्थानीय प्रजातियों के पौधों का चयन कर वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही नदी, तालाब और एनिकट के संरक्षण पर भी काम होगा। बैठक में पशुओं की स्थिति और पर्यावरण संरक्षण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/nimbahera/news/new-committee-formed-for-pasture-development-134623964.html

Friday, 7 March 2025

सिवायचक और चारागाह भूमि पर अवैध कटाई रोकने को थाने पर प्रदर्शन

कापरेन। रोटेदा ग्राम पंचायत के झरन्या की झोपडिया के ग्रामीणों ने गुरुवार को थाने पर प्रदर्शन किया। कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर सिवायचक और चारागाह भूमि पर हो रही अवैध पेड़ कटाई रोकने की मांग रखी गई। गुरुवार सुबह ग्रामीण थाने के सामने एकत्र हुए। थानाधिकारी सुरजीतसिंह को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि देवली और ढीकोली में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई कर कुट्टी बनाकर बेचने का धंधा कई दिनों से चल रहा है। अब यह माफिया झरन्या की झोपडिया की ओर बढ़ रहे हैं। जब इन्हें रोकने की कोशिश की गई तो मारपीट पर उतारू हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि इस वन और चारागाह भूमि पर देवली, ढीकोली और झरन्या की झोपडिया के मवेशी और वन्यजीव चरते हैं। अवैध कटाई के कारण मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो गई है। वन्यजीव आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध कटाई नहीं रोकी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीण बद्रीलाल गुर्जर और देवप्रकाश गुर्जर ने बताया कि इसी सप्ताह रायथल थाना क्षेत्र में वन विभाग के कर्मियों और अधिकारियों पर माफियाओं ने हमला किया। इसके बावजूद प्रशासन और वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इससे बड़ी घटना होने की आशंका बनी हुई है। पहले भी इस क्षेत्र में अवैध खनन और पेड़ कटाई माफियाओं के हमले में वन कर्मियों की मौत हो चुकी है।

 मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/kapren/news/demonstration-at-the-police-station-to-stop-illegal-felling-of-grazing-land-134597290.html

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगरपरिषद की टीम ने की बड़ी कार्यवाही।

 
धौलपुर राजस्थान। प्रशासन  द्वारा दिल्ली मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के सर्विस रोड़ पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ नगरपरिषद ने बड़ी कार्यवाही की है। नगरपरिषद की टीम दस्ते के साथ राजाखेड़ा बाईपास, सुंदर कॉलोनी जीरौली फाटक सहित अन्य जगहों पर पहुंची। जहां से दस्ते ने जेसीबी की मदद से हाइवे के किनारे सर्विस रोड़ पर किए गए स्थाई अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की गई। इस दौरान लोगों के द्वारा विरोध भी किया गया। गौरतलब है कि सर्विस रोड पर लोगों के द्वारा स्थाई अतिक्रमण किया गया था। जिसके कारण सर्विस रोड़ पर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। जिसके कारण वाहनो को निकलने में दिक्कत होती थी। कार्यवाही के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://jaipurtimes.org/the-municipal-council-team-took-major-action-against-illegal-encroachment

Thursday, 6 March 2025

सागवाड़ा, साबला व आसपुर में चारागाह भूमि पर दिन में विस्फोट कर निकालते हैं क्वार्ट्ज, फिर रात को ट्रकों से गुजरात भेज रहे

सागवाड़ा-आसपुर की पहाड़ियों को अब खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं। बेशकीमती क्वार्ट्ज के इस गढ़ में इसका दोहन दिन-रात चल रहा है। ग्राम पंचायतों की मौन स्वीकृति और खनन व राजस्व विभाग की मिलीभगत से पत्थरोें के यह माफिया अब चारागाह भूमि को भी नहीं छोड़ रहे हैं। क्षेत्र की चारागाह भूमि पर ऊंची पहाड़ियों पर अवैध खनन को लेकर मशीनें लगी हुई हैं।

सागवाड़ा, साबला और आसपुर क्षेत्र में आने वाले मलापा, काब्जा, बोड़ीगामा बड़ा, बोड़ीगामा छोटा, झरियाणा, कराड़ा, दामड़ी पूंजपुर गांवों में सबसे ज्यादा खनन हो रहा है। साथ ही फलौज, दामड़ी व कोलखंडा की कई जगहों पर लोग हर रोज पहाड़ियों में ब्लास्टिंग कर के कीमती पत्थर निकाल रहे हैं। कई जगह तो पहाड़ियों का अस्तित्व ही खत्म हो गया है।

आसपुर और साबला उपखंड क्षेत्र में खनन माफिया अन्य क्षेत्रों में क्वार्ट्ज पत्थर का अवैध खनन कर लीजधारी ठेकेदारों से मिलकर उनकी माइंस पर अवैध क्वार्ट्ज पत्थर पहुंचाकर उसे वैध बना रहे हैं। इस पत्थर की डिमांड गुजरात में सबसे ज्यादा है।

क्वार्ट्ज पत्थर यहां से कम दाम में ट्रकों में भरकर महंगे दामों पर गुजरात की फैक्ट्री में बेचा जा रहा है। खनन माफिया दिहाड़ी मजदूरी में ग्रामीण खुदाई करके एक ट्रक भर देते हैं। ट्रैक्टर और डंपर रात के समय में भर दिए जाते हैं। पत्थर निकालने में 2 से 5 हजार तक खर्चा और परिवहन में 5 से 8 हजार का खर्चा होता है। गुजरात में एक ट्रक की कीमत 30 से 40 हजार तक मिलती है।

वागड़ क्षेत्र में निकलने वाला यह पत्थर स्नो वाइट कहलाता है, जो सी ग्रेड का पत्थर है। वागड़ का यह पत्थर ज्यादातर गुजरात की फैक्ट्रियों में जाता है। इस पत्थर का उपयोग कांच बनाने और टाइल्स फैक्ट्री में होता है। जहां पर उत्पाद की चमक बढ़ाने, शुद्धता लाने और पत्थर से शाइनिंग के क्रिस्टल होने से लाभकारी होता है। इस स्नो वाइट पत्थर का उपयोग कलर फैक्ट्री में भी होता है।

सूत्रों की माने तो माफियाओं ने क्वार्ट्ज पत्थर का गुजरात तक अवैध परिवहन करने और कार्रवाई से बचने के लिए नया रास्ता निकाला है। खनन माफिया उस क्षेत्र में लीजधारी ठेकेदारों से मिलकर अवैध खनन किए क्वार्ट्ज पत्थरों को माइंस में पहुंचाकर वैध कर रहे हैं।

अवैध खनन को रोकने और कार्रवाई करने का जिम्मा खनन विभाग का है। उनको निगरानी रखनी चाहिए। राजस्व जमीन और चारागाह भूमि पर खनन हो रहा है तो गलत है। हम पटवारियों का पाबंद करेंगे। वहीं क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद पुलिस और खनन विभाग से मिलकर कार्रवाई की जाएगी। -योगेश वैष्णव, तहसीलदार, आसपुर

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dungarpur/news/quartz-is-extracted-by-blasting-pasture-land-in-sagwara-sabla-and-aspur-during-the-day-and-then-sent-to-gujarat-by-trucks-at-night-134590337.html

Monday, 3 March 2025

लखनपुर थाने को मिली अतिरिक्त जमीन:कलेक्टर ने जारी किए आदेश, 0.28 हेक्टेयर चारागाह भूमि का किया सीमांकन

नदबई की उप तहसील मुख्यालय लखनपुर स्थित पुलिस थाने को आवंटित अतिरिक्त भूमि का सीमाज्ञान कर प्रशासन द्वारा थाने को सुपुर्द किया गया। उपखंड अधिकारी नदबई गंगाधर मीणा के निर्देश पर नायब तहसीलदार दीपा यादव ने टीम गठित कर सीमाज्ञान की प्रक्रिया पूरी करवाई। इस दौरान गिरदावल मुनेंद्र सिंह, पटवारी धर्मेंद्र सिंह, एवं लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने थानाधिकारी शैलेन्द्र कुमार की उपस्थिति में अतरिक्त भूमि थाने को सुपर्द किया।

जिला कलेक्टर के आदेश पर हुआ निशुल्क आवंटन
बता दें कि जिला कलेक्टर अमित यादव द्वारा खसरा नंबर 2314/925, रकबा 0.44 हेक्टेयर में से 0.28 हेक्टेयर चारागाह भूमि पुलिस थाने के लिए निशुल्क आवंटित की गई थी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीमाज्ञान कर उक्त भूमि को थाने को सुपुर्द कर दिया गया।

सीमाज्ञान की प्रक्रिया में अधिकारी व पुलिसकर्मी रहे मौजूद
इस मौके पर थानाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, एएसआई श्रीलाल मीणा, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, पतराम, गोपाल सिंह, भगवान सिंह, एवं संवेदक नरेश कुशवाह सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/nadbai/news/lakhanpur-police-station-got-additional-land-134576042.html

सोलर प्लांट के लिए चरागाह भूमि के आवंटन का विरोध:कैलाश नगर के ग्रामीणों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 
सोलर प्लांट के लिए चरागाह भूमि के आवंटन के विरोध में कैलाश नगर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

मनोहर थाना क्षेत्र के कैलाश नगर ग्राम पंचायत के भागली खेड़ा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की अनुमति के बिना सोलर प्लांट के लिए चरागाह भूमि का आवंटन किया गया है। वे इसका विरोध करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि कैलाश नगर चक प्रथम में खसरा संख्या 522 और भागली खेड़ा के खसरा संख्या 555 में करीब 900 बीघा बंजर भूमि है। इस भूमि को सोलर 365 जीएसएस प्लांट के लिए बिना पंचायत की अनुमति के स्थानांतरित कर दिया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि गांव के पशुओं के चरने और चारागाह के लिए उपयोग की जाती है। सोलर प्लांट बनने से मवेशियों के चरने में गंभीर समस्या होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में भूमि आवंटन निरस्त नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल करेंगे।

कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान कैलाश नगर सरपंच तेजराम मीणा, गंगा सिंह, बिशन सिंह, उका राम दत्ता, विक्रम सिंह, राव मोहन सिंह, मोहनलाल, गणपत सिंह देवड़ा, प्रवीण पुरोहित और भारत सिंह देवड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sirohi/news/villagers-of-submitted-a-memorandum-to-the-collector-in-protest-against-the-allocation-of-pasture-land-for-the-solar-plant-sirohi-rajasthan-134576440.html

हाईकोर्ट के आदेश पर तहसील व पालिका प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण

 राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर के आदेश पर शुक्रवार को नगर पालिका व तहसील प्रशासन ने वार्ड एक व भोपतपुरा ग्राम सहित अनेक स्थानों पर नपती व सीमाज्ञान के तहत गैर मुमकिन रास्तों पर पाए गए करीब 20 परिवारों के मकान आदि कच्चा व पक्का निर्माण कार्य तोड़कर करीब 60 वर्ष पुराना रास्ता खुलवाया।

मौका मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुमन चौधरी ने बताया कि लाखनी निवासी गणपतराम कुड़ी ने राजस्थान उच्च न्यायालय में चारागाह भूमि व सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर रिट दायर की थी। न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश पर नगर पालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्यालय, खेल मैदान, भाेपतपुरा ग्राम आदि क्षेत्र में आने वाले खसरा नंबरों की नपती के तहत अतिक्रमण पाया गया। इस पर रास्ता खाली करवाने के लिए 20 अतिक्रमियों को नोटिस दिए गए थे। नोटिस के बाद भी रास्ता खाली नहीं करने पर जेसीबी चलाकर मकान, चारदीवारी सहित कच्चा व पक्का निर्माण कार्य तोड़कर रास्ता खुलवाया गया। इस अवसर पर तहसीलदार चौधरी सहित उपखंड अधिकारी ब्रह्मलाल जाट, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी देवीलाल बोचल्या, पटवारी जितेंद्र सिंह राठौड़, सरगोठ हल्का पटवारी सुरेंद्र सिंह बाजिया, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ताराचंद सैनी, एआरआई मेवाराम जाट, एएसआई जगदीश प्रसाद, पुलिस थाना जाब्ता सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी व क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।

रींगस में 20 व भोपतपुरा में एक अतिक्रमण हटाया

नगर पालिका अधिशासी अधिकारी देवीलाल बोचल्या ने बताया कि गैर मुमकिन रास्ते पर नाथूराम जाट, छीतरमल, गुलाब सिंह राठौड़, गिरधारी सिंह राठौड़, भागीरथ कुमावत, सुरजाराम, नजरुद्दीन मोहम्मद, मजीद कुरेशी, अमराराम जाट, बिहारी लाल, जैसाराम निठारवाल, गोपाल सिंह, घासीराम वर्मा, दीपाराम वर्मा, जयप्रकाश श्रीवास्तव, भंवरलाल कुमावत, कर्मवीर सिंह, एडवोकेट भागीरथ सिंह कुड़ी, मालीराम जाट, गणपत राम सहित 20 जनों का अतिक्रमण था।भोपतपुरा ग्राम में जितेंद्र सिंह ने तीन दुकान व करीब 250 वर्गगज में मकान बना रखा था। उसे तोड़ा गया।

साहब हमने तो कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी : मकानों पर जेसीबी चलते ही कुछ लोग रोने लग। परिवार के मुखियाओं ने बताया कि साहब हमने तो वर्षों पूर्व रुपए देकर जमीन खरीदकर मकान बनाए थे। अभी तो खरीदी गई जमीन व मकानों बनाने के लिए लिया गया कर्ज भी नहीं चूक पाया है। एक ओर तो हमारा कर्ज नहीं चूक पाया, दूसरी ओर हम अब कहां पर निवास करेंगे। जिसने जमीन बेची है उससे हमें ब्याज सहित रुपए दिलवाएं तो हम कर्ज चुकाएं और कर्ज लेकर फिर से मकान बनाएं, लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनी।

रींगस. नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड एक में जेसीबी चलाकर गैर मुमकिन रास्ते से अतिक्रमण हटाता प्रशासन।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/latest-ringus-news-063046-2313709.html

Saturday, 1 March 2025

सरकारी गौचर जमीन पर हो रहा कब्जा

नगर सहित आसपास के शासकीय गौचर जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। इसे रोकने राजस्व अमला कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे कई पक्के भवन बन गए हैं। सरगांव के आसपास रोड किनारे बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। कई लोगों ने तो सरकारी जमीन पर पक्के निर्माण के साथ ही बोर खनन तक करा लिया है। तार कांटे से फिनिशिंग भी करवा रखे हैं। कुछ महीने पहले सरगांव की तात्कालीन तहसीलदार लता उर्वसा ने अतिक्रमणकारियों की जांच कर पटवारी से रिपोर्ट मांगी थी। जो बाद में ठंडे बस्ते में चली गई। अतिक्रमण से मवेशियों के लिए चारागाह तक नहीं बचा है। ग्रामीणों को निस्तारी की जरूरतें पूरी करने में दिक्कत हो रही है।

जांच कर रिपोर्ट दूंगा

सरगांव तहसीलदार ने मौखिक आदेश दिया है। लिखित आदेश मिलने के बाद जांच कर रिपोर्ट दूंगा। -रमेश कौशिक, पटवारी हल्का नंबर 34

रिपोर्ट मांगी गई है

सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर हल्के के पटवारी से प्रतिवेदन मांगा गया है। -भारत सिंह, नायब तहसीलदार सरगांव

शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी

इतने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे की शिकायत अब तक नहीं मिली है। जैसे ही शिकायत आएगी, जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -किरण कौशल, कलेक्टर मुंगेली

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/chh-mat-latest-mungeli-news-042003-1273056-nor.html


करेड़ा:केसरपुरा में 100 बीघा चरागाह जमीन को अतिक्रमणों से मुक्त कराया गया

उपखंड क्षेत्र की दहिमथा पंचायत के केसरपुरा ग्राम में ग्रामीणों की शिकायत पर करेड़ा तहसीलदार हरेंद्रसिंह चौहान ने कार्यवाही करते हुए एक टीम गठित की जिसमें नायब तहसीलदार ओमप्रकाश शर्मा, करेड़ा भूअभिलेख निरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार टेलर, निम्बाहेड़ा भू अभिलेख निरीक्षक कैलाशचंद्र रेगर, दहीमथा पटवारी जगदीशचंद्र सालवी, पटवारी लखपत मीणा, पटवारी भगवत सिंह को केसरपुरा में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। जहां गांव की 287 बीघा चारागाह भूमि आरक्षित है। 

इसके आराजी नंबर 218, 219, 301, 2 से 9 तथा 17 से 22 एवं 27, 30 चारागाह भूमि में 200 बीघा चारागाह भूमि पर ग्रामीणों द्वारा कब्जा किया हुआ था। रेवेन्यू विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाया।

दहिमथा पटवारी जगदीश चंद्र सालवी ने बताया कि दो दिवसीय अभियान में बुधवार को 100 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान कई लोगों ने विरोध भी किया। परंतु समझाइश कर कार्रवाई जारी रखी गई। बकाया चारागाह भूमि से आज अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/100-bigha-pasture-land-in-kesarpura-freed-from-encroachment-127542178.html