Friday, 30 May 2025

चारागाह भूमि पर किए अतिक्रमण को हटाने की मांग

ब्यावर| ग्राम देवाता के ग्रामीणों ने गांव की चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि गांव के ही निवासियों ने चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण को हटाकर सीमा ज्ञान करवाने की मांग की है। साथ ही भविष्य में भी किसी प्रकार का अतिक्रमण ना हो इसको लेकर पाबंद किया जाए। ज्ञापन देने वालों में छीतर सिंह, ओम, लादूराम, सुरेन्द्र, कुशाल, अभिमन्यू, दिलीप, अलादीन, अंकित सहित अन्य उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/bayavar/news/demand-to-remove-encroachment-on-pasture-land-135128589.html

Thursday, 29 May 2025

चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया:कोटकासिम के नीमलाका गांव में 50 बीघा जमीन खाली कराई, पक्के-कच्चे मकान तोड़े

कोटकासिम तहसील के ग्राम नीमलाका में प्रशासन ने चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। जिला कलेक्टर किशोर कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई बुधवार को दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक चली।
कोटकासिम तहसीलदार धर्मेंद्र मीणा के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन और ग्राम पंचायत की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान 10 से 15 वर्ष पुराने पक्के और कच्चे अस्थाई निर्माणों को जेसीबी मशीन से हटाया गया। कुल 50 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत किया। अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में सरकारी जमीन पर कब्जा करने पर कार्रवाई की जाएगी। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/bhiwadi/news/encroachment-removed-from-grazing-land-135125150.html




Wednesday, 28 May 2025

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: ग्राम नीमलाका में 50 बीघा चारागाह भूमि से 10-15 साल पुराने अतिक्रमण हटाए गए

जयबीर सिंह ब्यूरो चीफ (खैरथल-तिजारा)राजस्थान।
खैरथल-तिजारा, 28 मई। जिला कलेक्टर किशोर कुमार के निर्देशन में प्रशासन द्वारा तहसील कोटकासिम के ग्राम नीमलाका में चारागाह भूमि पर किए गए 10 से 15 वर्ष पुराने पक्के और कच्चे अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने की बड़ी कार्रवाई कि गई। इस सख्त कार्रवाई का नेतृत्व तहसीलदार धर्मेंद्र मीणा ने किया, जिसमें राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन एवं ग्राम पंचायत के सहयोग से कुल 50 बीघा भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया।
कार्रवाई के दौरान चारागाह भूमि पर बने पक्के मकानों के साथ-साथ कच्चे निर्माणों को भी जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। मौके पर प्रशासन की पूरी टीम मुस्तैद रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया।






मूल ऑनलाइन लेख - https://bastitimes24.in/2025/05/28/major-action-by-administration/

Tuesday, 27 May 2025

वन भूमि में लीज से बाहर अवैध खनन:22 खान संचालकों ने कलेक्टर, CCF, ME से की शिकायत

इस तरह पाताल तोड़ अवैध खनन।

अलवर के थानागाजी से आगे प्रतापगढ़ के झिरी में वन भूमि के अंदर और निर्धारित लीज से बाहर अवैध खनन रुक नहीं रहा। खनन संचालकों ने माइनिंग इंजीनियरिंग, सीसीएफ, एडीएम, एसडीएम को ज्ञापन देकर शिकायत की है कि 22 खनन संचालक नई गाइडलाइन का शिकार हैं।

वहीं एक पर प्रशासन की मेहरबानी है। बिना 25 मीटर सरेंडर कराए खनन की अनुमति देने पर जिम्मेदार अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ गए हैं। वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस निरस्त करने की मांग की है।

झिरी मार्बल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मुकेश चौधरी ने बताया- कलसीकाला ग्वाडा में एम.एल. नम्बर 258/89 पर संचालित ओम शुभम हाउसिंग एंड कन्स्ट्रक्शन प्रा. लि. की ओर से चल रहे खनन कार्य पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग को भेजे पत्र में बताया कि कंपनी की ओर से NBWL से 12 अप्रेल 2022 को मिली वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।
झिरी के लीज संचालक सीसीएफ को ज्ञापन देते हुए।
पौधे भी नहीं लगाए और रात को ब्लास्टिंग भी
आरोप है कि खनन क्षेत्र में नियमानुसार पौधराेपण भी नहीं किया और रात को ब्लास्टिंग होती है, जिससे वन्यजीव भी सुरक्षित नहीं हैं। भारी ध्वनि एवं वायु प्रदूषण से स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। बिना सुरक्षा उपायों के 30 मीटर गहराई तक ब्लास्टिंग कर मार्बल निकाला गया है। जो पूरी तरह अवैध है।

नाले को रोक लिया, चारागाह भूमि पर कब्जा
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के विपरीत खान संचालक ने पास के नाले को रोक लिया। जिस पर खान का मलबा पड़ा है। बारिश के मौसम में पानी की आवाजाही भी रोक दी है। जो कि कोर्ट की गाइडलाइन का साफ उल्लंघन है। यही नहीं दक्षिणी सीमा में अवैध फैक्ट्री लगा ली। जिसकी प्रशासन से अनुमति तक नहीं ली। मतलब जमीन का भू उपयोग परिवर्तन तक नहीं है।

खनन श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष ने कहा, “खनन पूरी तरह नियम विरुद्ध है। इससे पर्यावरण और श्रमिकों की सुरक्षा को खतरा है। प्रशासन यदि जल्द कार्रवाई नहीं करता तो हम आंदोलन को बाध्य होंगे।”
माइनिंग इंजीनियर मनोज शर्मा को ज्ञापन देते हुए लीज संचालक।
शिकायतकर्ता ने वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस रद्द कर खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की है, अन्यथा न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है। इस दौरान राजेंन्द्र सिंह नरूका, पृथ्वी सिंह राठौड़, राहुल मीणा, राकेश मीणा, जेपी शर्मा, राधेश्याम दीक्षित, डॉ कामिल, हनुमान नायक व विजेंद्र गुप्ता सहित कई लीज संचालक मौजूद थे।


Monday, 26 May 2025

मानपुरा में भू-माफिया कर रहे गोचर जमीन पर कब्जा:ग्रामीणों ने जताई नाराजगी-कार्रवाई की मांग, कहा- परंपरागत चारागाह भूमि संकट में आई

 गोपालनगर में अतिक्रमियों ने बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर लिया है, जिसकी ग्रामीणों ने शिकायत की है।

चित्तौड़गढ़ के पास स्थित ग्राम पंचायत मानपुरा में एक बार फिर गोचर भूमि (गौ-चरण की जमीन) पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया लगातार इस जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिससे गांव की परंपरागत चारागाह भूमि संकट में आ गई है।

यह मामला खसरा नंबर 913 की जमीन से जुड़ा है, जो लगभग 10.300 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। यह जमीन सालों से गायों और अन्य पशुओं के चरने के लिए आरक्षित है। लेकिन अब कुछ लोगों ने इस पर अवैध रूप से कब्जा करना शुरू कर दिया है।

गोपालनगर निवासी गोपाल कुमावत ने बताया कि यह जमीन पूरी तरह से गौचर के लिए है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इस पर धीरे-धीरे अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए ताकि भविष्य में कोई और भू-माफिया इस तरह की हरकत न कर सके।

एक अन्य ग्रामीण राकेश ने बताया कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि कुछ राजनैतिक प्रभाव वाले लोग भी इस जमीन पर कब्जा करने में लगे हुए हैं। चारागाह की जमीन पर कब्जा करना न केवल गलत है, बल्कि इससे पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। गांव की परंपरा और पर्यावरण दोनों पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

जब इस संबंध में मानपुरा ग्राम पंचायत के सचिव निलेश कुमार सोनगरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास इस संबंध में कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ग्रामीण शिकायत करता है तो पहले मामले की जांच करवाई जाएगी और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है धीरे धीरे सभी गौ चरनोट जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है।
पंचायत सचिव ने आगे बताया कि वे इस संबंध में संबंधित पटवारी कन्हैयालाल जाट को भी सूचित करेंगे ताकि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें। अगर मौके पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और मौके पर जाकर जांच करे। साथ ही, ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आने वाले समय में कोई और व्यक्ति या समूह सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।

मानपुरा गांव की यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि अभी भी कई ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक उपयोग की जमीनें भू-माफियाओं के निशाने पर हैं, जिनकी रक्षा के लिए प्रशासन को सख्त और तत्पर रहना होगा।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/chittorgarh/news/case-of-encroachment-on-gauchar-land-in-manpura-village-135107143.html

फौलाई में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए

बूंदी| फौलाई गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि यह भूमि वर्षों से चारागाह के रूप में उपयोग में ली जा रही थी। जमाबंदी में भी यह भूमि चारागाह के रूप में दर्ज है। कुछ वर्ष पहले गांव के अलग-अलग लोगों ने इस भूमि पर कब्जा कर लिया। स्थाई और अस्थाई निर्माण करवा दिए। कुछ लोगों ने बीच की भूमि पर अवैध रूप से खेती भी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में जानवरों के चरने के लिए कोई जगह नहीं बची है। अतिक्रमण की सूचना पटवारी और तहसीलदार रायथल को दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/encroachment-should-be-removed-from-pasture-land-in-faulai-135103139.html

Saturday, 24 May 2025

आसींद के पड़ासोली में चारागाह भूमि पर अवैध खनन:ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

आसींद के पड़ासोली पंचायत क्षेत्र में चारागाह भूमि पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने शनिवार को इसके विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में अवैध खनन करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी तहसीलदार जयसिंह को ज्ञापन सौंपा गया था। कुछ दिनों के लिए खनन रुका, लेकिन फिर शुरू हो गया। पटवारी और तहसीलदार को कई बार इस बारे में बताया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सरपंच गोपाल कुमावत ने बताया कि अवैध खनन के कारण चारागाह भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। खनन करने वाले रात के समय में लाखों रुपए के सोडा फेल्सपार पत्थर निकालकर ले जाते हैं। इस अवैध गतिविधि से चारागाह भूमि लगातार नष्ट हो रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/asind/news/illegal-mining-on-pasture-land-in-padasoli-of-asind-135093973.html

Thursday, 22 May 2025

चरागाह भूमि ग्रामहित में सुरक्षित रखने की मांग को लेकर ज्ञापन

राजसमंद | जिला मुख्यालय के समीपवर्ती भाणा ग्राम पंचायत मुख्यालय के ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं विधायक को ज्ञापन देकर हाल ही राजकीय आवासीय विद्यालय के लिए 20 बीघा चारागाह भूमि आवंटन का प्रस्ताव निरस्त कर ग्रामहित में चारागाह भूमि सुरक्षित रखने की मांग की है। उप सरपंच एवं भाजपा नेता रामलाल लोहार, कैलाश सिटी, बूथ अध्यक्ष रमेश पालीवाल, मनोहर लाल, देवकिशन, मुकेश, मोहनलाल, अर्जुन लाल, शक्ति केन्द्र संयोजक श्यामलाल कुमावत सहित ग्रामवासी बुधवार को यहां कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने जिला कलेक्टर बालमुकुन्द असावा को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया कि पूर्व में भाणा पंचायत मुख्यालय पर 80 बीघा भूमि खेल स्टेडियम के लिए आवंटित की गई थी वहीं राजकीय माध्यमिक विद्यालय के लिए 20 बीघा भूमि वहीं अन्य योजना में भी इसी भूमि में से आवंटन किया गया है। इस प्रकार गांव की इतनी भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है तथा हाल ही में निष्क्रमणीय पशुुपालकों के बच्चों के लिए आवासीय विद्यरलय के लिए भाणा में 20 बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव लिया जा रहा है। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह गांव की चारागाह भूमि दे दिए जाने से काफी कम भूमि बची है जिससे स्थानीय पशुओं को चराने को लेकर समस्या बढ़ती जा रही है।

बताया गया कि गांव की 80 प्रतिशत कृषि भूमि रूण राजसमन्द अर्थात राजसमन्द झील के पेटा क्षेत्र में है तथा झील भरी रहने के कारण उसमें न खेती हो पाती है एवं न ही पशुओं के लिए चारा मिल पाता है। ऐसे में सरकारी चरनोट भूमि ही पशुओं को चराने का मुख्य सहारा है लेकिन लगातार विभिन्न सरकारी कार्यो के लिए चारागाह भूमि देते जाने से विकट समस्या उत्पन्न हो गई है जिससे ग्रामीणों में चिंता एवं आक्रोश व्याप्त हो रहा है। ज्ञापन में ग्रामवासियों ने प्रशासन से भूमि आवंटन का उक्त प्रस्ताव तत्काल निरस्त कर भूमि ग्रामहित में पूर्ववत कायम रखने की मांग की है। ग्रामवासियो ंने विधायक दीप्ति माहेश्वरी से भी मिलकर समस्या से अवगत कराया वहीं पंचायत समिति प्रधान अरविन्द सिंह राठौड़ को भी ज्ञापन देकर जानकारी दी।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/rajsamand/news/memorandum-demanding-to-keep-pasture-land-safe-in-village-interest-135075267.html

चरागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

दौसा| ग्राम निकटपुरी में चरागाह भूमि पर हो रहे अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महेश सैनी व रघुराम मीणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर देवेंद्र कुमार को दिए ज्ञापन में बताया कि ग्राम निकटपुरी में चरागाह भूमि खसरा नंबर 193, 194, 438 व 439 गांव के ही कुछ लोगों ने पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने बताया कि चरागाह पर बोरवेल भी लगा रखा है। जिस पर बिजली कनेक्शन भी ले रखा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत, तहसीलदार, एसडीएम को कई बार चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कलेक्टर से मामले में दोषी अधिकारियों व अतिकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/a-memorandum-was-submitted-to-the-collector-demanding-removal-of-encroachment-from-the-pasture-135074787.html

बैठक में किया निर्णय, पंचायत हटवाएगी चरागाह से अतिक्रमण

 

चकेरी | रावल गांव में बुधवार को गांव की पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें होटल मालिक द्वारा चरागाह भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने, अतिक्रमण हटाने पर सर्व सम्मति से निर्णय कर ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई।

पंचायत में शामिल रामसिंह मीणा पूर्व सरपंच, लाखन सिंह मीणा एडवोकेट, प्रेमराज मीना, हेमराज मीणा आदि ने बताया कि होटल मालिक अनिल पर चरागाह भूमि पर कब्जा करने की बात कही। पंच-पटेलों द्वारा निर्णय करने के बाद सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, हल्का पटवारी को जिम्मेदारी दी गई। ग्राम पंचायत द्वारा सीमा ज्ञान कराकर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। रावल गांव में हुई पंचायत में राजस्व विभाग से उपस्थित हल्का पटवारी द्वारा पंचायत की मांग पर सरकारी भूमिका सीमा ज्ञान किया जाएगा, उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरपंच बजरंगी देवी ने बताया कि गांव की पंचायत में हुए निर्णय के आधार पर उप जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार से ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की जाएगी। सीमा ज्ञान होने के बाद प्रशासन का सहयोग लेकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sawai-madhopur/news/decision-taken-in-the-meeting-panchayat-will-remove-encroachment-from-pasture-135075107.html

पिथास में बिलानाम जमीन पर क्वार्ट्स-फेल्सपार का अवैध खनन:रोजाना निकल रहे तीन से पांच ट्रक मिनरल


                        Illegal mining of quartz-feldspar on Bilanam land in Pithas

भीलवाड़ा तहसील क्षेत्र के पिथास गांव के निकट बिलानाम जमीन पर बड़ी मात्रा में फेल्सपार-क्वार्ट्स का अवैध खनन हो रहा है। यह खनन पांसल क्षेत्र के प्रभावशाली लोग कर रहे हैं। लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। पिथास से प्रतिदिन तीन से पांच ट्रक अवैध मिनरल निकाला जा रहा है। यहां तक की जमीन पर अवैध रूप से क्रेन भी लगा रखी है।

कोटड़ी व पिथास के लोगों का कहना है कि भीलवाड़ा से मात्र 15 किलोमीटर दूर पिथास क्षेत्र में सरकार की बिलानाम जमीन पर अवैध खनन हो रहा है। सुबह के समय अवैध खनन करके छोड़़ देते हैं तथा शाम को ट्रकों में मिनरल लोड कर परिवहन भी किया जा रहा है। इस मामले में कुछ दिन पहले ही खनिज विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी। अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन बिना किसी कार्रवाई के पुन: लोट गए। ग्रामीणों ने इस मामले में जिला कलक्टर को भी शिकायत दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश में अवैध खनन को लेकर सख्त हैं, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई से कतरा रहे हैं।

सुरावास की चारागाह भूमि पर अवैध खनन हो रहा है। इसे लेकर सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने जिला परिषद की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। पितलिया का कहना था कि सुरावास की चारागाह भूमि पर जहां तक नजर जाए अवैध खनन हो रहा है। करीब 400 बीघा जमीन भू माफिया ने खोद दी है। यहां से क्वार्ट्स का अवैध खनन हो रहा है।

खनिज अभियंता महेश शर्मा का कहना है कि पिथास में अवैध खनन की शिकायत जिला कलक्टर के माध्यम से मिली है। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए फोरमेन को निर्देश दिए हैं।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/illegal-mining-of-quartz-feldspar-on-bilanam-land-in-pithas-19614560

ग्राम मुकंदपुरा में 40 बीघा सिवायचक और चरागाह भूमि को करवाया अतिक्रमण मुक्त

 

भास्कर न्यूज | बोरदा

मित्रपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुशलपुरा के ग्राम मुकंदपुरा में बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण पर कार्यवाही की। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय पर परिवाद दर्ज करवाया गया था। जिसमें सरकारी जमीन को खाली करवाने के संबंध में परिवाद की हल्का पटवारी कुशलपुरा से जांच करवाई गई। इसके बाद जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम मुकंदपुरा के खसरा नंबर 7,8,9 गैर मुमकिन नाला और ग्राम कुशलपुरा के खसरा नंबर 356 में चरागाह भूमि पर तार फेंसिंग कर अतिक्रमण कर रखा है।

जिस पर कार्यवाही के लिए बसंत कुमार शर्मा तहसीलदार मित्रपुरा ने आदेश जारी कर टीम का गठन किया। जिसमें गिरदावर छोटेलाल को टीम प्रभारी नियुक्त कर हल्का पटवारी गोतोड़, कुशलपुरा, पीपलदा और मोरन की टीम का गठन किया। और बुधवार को पुलिस प्रशासन के साथ मौके से जेसीबी सहित अन्य संसाधनों की सहायता से करीब 40 बीघा चारागाह और सिवायचक भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/kota/news/40-bigha-of-vacant-and-pasture-land-in-village-mukandpura-was-freed-from-encroachment-135075146.html


Friday, 16 May 2025

मंदिर और चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण:तहसीलदार ने बंद किया रास्ता, रात में फिर खोला; कलेक्टर से की शिकायत

 

कोटपूतली के ग्राम शुक्लावास में खनन माफिया पर मंदिर और चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए लोगों ने कलेक्टर को शिकायत दी। तहसीलदार रामधन गुर्जर ने 13 मई को पुलिस बल के साथ इस अवैध रास्ते को बंद करवाया था। लेकिन उसी रात खनन और क्रेशर माफिया ने पोकलेन और डंपर की मदद से जबरन रास्ता फिर से खोल लिया।

इस मामले में ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यchकर्ता राधेश्याम शुक्लावास के नेतृत्व में जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि माफिया इस रास्ते का उपयोग खनन सामग्री के परिवहन के लिए कर रहा है। यह जमीन ग्राम पंचायत की मंदिर भूमि और चारागाह है, जो ग्रामवासियों और मवेशियों की सामूहिक संपत्ति है।

जनसुनवाई में एडीएम ओमप्रकाश सहारण, एसडीएम बृजेश चौधरी और तहसीलदार रामधन गुर्जर समेत पुलिस और माइनिंग विभाग के अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान दलीप पहलवान, रंगलाल आर्य, सतवीर यादव, ग्यारसी लाल आर्य, रोहिताश यादव और सुरेश जाजड़िया सहित कई ग्रामीण भी उपस्थित थे।

मूल ऑनलाइन लेख:- https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jaipur/kotputli/news/encroachment-on-temple-and-pasture-land-135037674.html

चारागाह भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग:रामपुर धावाई के ग्रामीणों ने एसपी से की मुलाकात, पशुओं के चरने की जगह हो रही कम

करौली के रामपुर धावाई गांव में चारागाह भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गांव के लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने झोपड़ियां बना ली हैं। इससे पशुओं के चरने की जगह कम होती जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस अतिक्रमण की शिकायत कई बार प्रशासन से की है। प्रशासन मौके पर भी पहुंचा, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने के कारण अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन देने वालों में रामसिंह, गोपाल, ज्ञान सिंह, प्यार सिंह, भगवान सिंह और मुकेश सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/news/demand-to-remove-illegal-encroachment-from-pasture-land-135039161.html

Wednesday, 14 May 2025

राजस्थान: सरमथुरा में बड़ी कार्रवाई मोरीपुरा और सुनकई में 55 बीघा चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त

 

राजस्थान: 14 मई 2025 सरमथुरा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत वटीकरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोरीपुरा और सुनकई में आज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। तहसीलदार अजय मीना के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाया।

राजस्थान: 14 मई 2025 सरमथुरा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत वटीकरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोरीपुरा और सुनकई में आज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। तहसीलदार अजय मीना के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाया।  जानकारी के अनुसार, ग्राम मोरीपुरा के समीप स्थित 42 बीघा और ग्राम सुनकई में 13 बीघा चारागाह भूमि पर लंबे समय से कुछ दबंगों ने अतिक्रमण कर रखा था, जिससे ग्रामीणों को पशुओं के चारे के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरमथुरा तहसीलदार अजय मीना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठित की। इस टीम में गिरदावर ऋषिराम, पटवारी प्रेमप्रकाश, राम प्रकाश और दौलत सहित अन्य राजस्व अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।  

आज सुबह राजस्व विभाग की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। टीम ने बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक 55 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा लिया।तहसीलदार अजय मीना ने बताया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार की गई है और भविष्य में भी सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। अब उन्हें अपने पशुओं के लिए पर्याप्त चारागाह भूमि उपलब्ध हो सकेगी।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://ncrsamacharlive.in/newsdetails/latest_Post/rajasthan-major-action-in-sarmathura-55-bigha-pasture-land-encroachment-free-in-moripura-and-sunkai

2 बीघा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा:अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर विधायक को ज्ञापन, प्रशासन को दिए कार्रवाई के निर्देश

महवा विधायक राजेंद्र मीणा को ज्ञापन देते पाडली के ग्रामीण।
महवा उपखंड क्षेत्र के पाड़ली गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के विरोध को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण खोहरा मुल्ला स्थित जनसुनवाई केंद्र पहुंचे और विधायक राजेंद्र मीना से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। जिसे लेकर विधायक ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में जनसुनवाई केंद्र पहुंचकर विधायक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया कि पाड़ली गांव में करीब 2 बीघा चारागाह भूमि पर कच्चा व पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहे हैं। पहले उक्त सभी चारागाह में अस्थायी तौर से झोपडी तान कर रहने लगे और अब पिछले कुछ दिन से पुख्ता निर्माण कर चारागाह पर कब्जा कर लिया। जिससे ग्रामीण और अतिक्रमणकारियों में विवाद की स्थित बनी हुई है।

ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि उक्त प्रकरण को लेकर पूर्व में तहसीलदार द्वारा अतिक्रमियों को चारागाह भूमि से बेदखल करने के भी आदेश जारी किए हुए है। लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जिससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के हौसले बुलंद है।

ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक ने एसडीएम मनीषा रेशम और तहसीलदार महवा को अतिक्रमण पर किए जा रहे निर्माण को तुरंत रोकने और समस्त चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश दिए।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dausa/news/illegal-occupation-of-2-bigha-grazing-land-135026641.html

 

Tuesday, 13 May 2025

कंचनपुर में 25 बीघा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया:चरागाह भूमि पर कर रखी थी खेती, ग्रामीणों की शिकायत पर की कार्रवाई

 

बाड़ी के कंचनपुर थाना क्षेत्र के पूरा उलावटी गांव में प्रशासन ने कलेक्टर के निर्देश पर बाड़ी उपखंड प्रशासन और कंचनपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान 25 बीघा सरकारी चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

बाड़ी तहसीलदार उत्तम चंद्र बंसल ने बताया कि यह कार्रवाई जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर की गई। एसडीएम भगवत शरण त्यागी ने इस अभियान का सुपरविजन किया। राजस्व विभाग की टीम में भू अभिलेख निरीक्षक सुनील कुमार और मोहम्मद सईद शामिल थे। साथ ही हल्का पटवारी दयाराम गुर्जर,विश्वेंद्र गुर्जर और महावीर सिंह भी मौजूद रहे।

प्रशासन ने दो जेसीबी मशीन और छह ट्रैक्टरों की मदद से अतिक्रमण हटाया। यह जमीन गांव के पास जंगल में स्थित चरागाह भूमि है। यहां पशु चरते हैं। गांव और आसपास के कुछ लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर रखा था। उनके द्वारा पत्थर की मेढ़बंदी कर उक्त भूमि पर खेती की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/encroachment-removed-from-25-bigha-government-land-in-kanchanpur-135019951.html

Thursday, 8 May 2025

खानपुर में सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण:जेसीबी से ढहाई पत्थर की दीवार, 2.7 हेक्टेयर चारागाह भूमि कराई खाली

         

बाड़ी के खानपुर गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया। यह कार्रवाई तहसीलदार उत्तमचंद बंसल की मौजूदगी में पुलिस जाप्ते के साथ की गई।

खसरा नंबर 2060/1816 की करीब 2.7316 हेक्टेयर चारागाह भूमि पर कुछ लोगों ने पत्थर की दीवार बनाकर कब्जा कर रखा था। इस पर खेती भी की जा रही थी। ग्रामीणों ने उपखंड की मासिक जनसुनवाई में शिकायत की थी। साथ ही जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन दिया था।

जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर एसडीएम भगवत शरण त्यागी के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। ऑफिस कानूनगो जितेंद्र मीणा की निगरानी में टीम बनाई गई। इसमें भू अभिलेख निरीक्षक और पटवारी शामिल थे। सदर पुलिस का भी सहयोग लिया गया।

कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमणकारियों को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/encroachment-removed-from-government-land-in-khanpur-134987567.html

Wednesday, 7 May 2025

ईआरसीपी योजना में भूमि अधिग्रहण का विरोध:किसानों ने अतिरिक्त कलेक्टर और एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, पुराने सर्वे की मांग

                     

देवली के पनवाड़ में ईआरसीपी योजना के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने विरोध जताया है। बुधवार को सूरजमल माली, रणजीत माली, महावीर प्रसाद माली और त्रिलोकचंद माली सहित कई ग्रामीणों ने बीसलपुर ईआरसीपी परियोजना के अतिरिक्त कलेक्टर और उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

किसानों का कहना है कि नए सर्वे में गरीब किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया जा रहा है। पहले किए गए सर्वे में चारागाह भूमि और राज्य सरकार की भूमि अधिक थी। कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में दोबारा कराए गए सर्वे में गरीब किसानों की जमीन नहर के अधीन आ गई है।

ग्रामीणों ने नए सर्वे को रद्द करने की मांग की है। उनकी मांग है कि पहले किए गए सर्वे के अनुसार ही भूमि अधिग्रहण किया जाए। इससे किसानों की आजीविका पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/tonk/deoli/news/opposition-to-land-acquisition-in-ercp-scheme-134982094.html


Monday, 5 May 2025

बगड़ राजपूत में मिनी फूड पार्क की तैयारी:24.50 हेक्टेयर सरकारी चारागाह भूमि पर होगा निर्माण, अवैध कब्जा हटाया

 

रामगढ़ उपखंड क्षेत्र के बगड़ राजपूत में मिनी फूड पार्क का निर्माण किया जाएगा। अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जमीन का सीमांकन कर लिया है।

राजस्व विभाग की टीम में नायब तहसीलदार बाम्बोली, कानूनगो और हल्का पटवारी हनीफ खान शामिल थे। टीम ने बगड़ राजपूत स्थित सरकारी चारागाह भूमि का सीमांकन किया। इस भूमि पर गांव के लोगों का अवैध कब्जा था। प्रशासन ने पहले कब्जा मुक्त कराया और फिर सीमांकन की कार्रवाई की।

तहसीलदार अंकित गुप्ता ने बताया कि करीब 100 बीघा यानी 24.50 हेक्टेयर भूमि पर फूड पार्क का निर्माण होगा। सीमांकन के दौरान कुछ बाधा आई, लेकिन टीम ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रक्रिया पूरी की।

यह फूड पार्क खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देगा। यहां किसान, प्रसंस्करणकर्ता और खुदरा विक्रेता एक साथ काम कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन होगा। खाद्य बर्बादी कम होगी। किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/alwar/ramgarh/news/preparations-for-mini-food-park-in-bagad-rajput-134969394.html

Saturday, 3 May 2025

कालोहार में दबंगों ने काटे पेड़, चारागाह पर बना दी सड़क

  • ग्रामीणों का आरोप: प्रशासन की मिलीभगत से रात में हो रहा निर्माण, कानूनी कार्रवाई की मांग की 

पशुओं को चारे का संकट होगा उत्पन्न... ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क निर्माण से न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा होगा, बल्कि आसपास के गांवों के पशुओं को चारा देने के लिए जो चारागाह और बीहड़ का इस्तेमाल किया जाता है, वह भी नष्ट हो जाएगा। इनमें से कुछ लोग पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस में कई मामले दर्ज हैं।

ग्रामीण बोले: पर्यावरण को भी होगा नुकसान... ग्रामीणों का कहना है कि कि इन दबंगों के द्वारा यह निर्माण कार्य अवैध रूप से किया जा रहा है और इससे न केवल उनका आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना है कि यह जमीन केवल खेती-बाड़ी के लिए है और इसका कोई भी गैरकानूनी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

भास्कर न्यूज। भरतपुर तहसील भुसावर के कालोहार गांव में कुछ दबंगों द्वारा कृषि भूमि पर जबरन अवैध सड़क निर्माण किया जा रहा है। इस मामले में निर्देश गुर्जर समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मामला आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि उन्होंने हाल ही में खसरा नंबर 113 में स्थित कृषि भूमि खरीदी थी, जो कि पहले से ही एक चारागाह और बीहड़ क्षेत्र के रूप में जानी जाती थी।

यह भूमि उन्होंने एक रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के जरिए खरीदी थी, जो 15 अप्रैल 2025 को हुआ था। वे कहते हैं कि जब से उन्होंने भूमि का कब्जा लिया है, कुछ दबंग लोग अवैध रूप से सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं। इन दबंगों ने न केवल उनकी भूमि का क़ब्ज़ा करने की कोशिश की बल्कि इसके लिए भारी वाहन भी इस्तेमाल किए हैं। 16 अप्रैल को इन दबंगों ने रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उनकी भूमि पर मोरम डाला और कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।

यह सब कार्य उनके बिना किसी अनुमति के किया गया। दबंग इस भूमि पर अवैध रूप से एक पक्की सड़क बनाना चाहते हैं जो उनकी कृषि भूमि को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और उच्चाधिकारियों से गुहार लगाएंगे।

मूल ऑनलाइन लेख:-https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bharatpur/news/in-kalohar-the-bullies-cut-down-trees-and-built-a-road-on-the-pasture-134954463.html

Thursday, 1 May 2025

चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग

दौसा|ग्राम श्यालावास में चारागाह पर अतिक्रमण की शिकायत लोगों ने प्रशासन से की है। लोगों ने बताया कि अतिक्रमण से रास्ता बंद है। इस संबंध में कई बार 181 पर शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अतिक्रमण के चलते रास्ता बंद होने से कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चारागाह से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।