Friday, 28 February 2025

उच्च न्यायालय का अहम आदेश: एसडीएम को चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटवाने और पुलिस जाब्ता मुहैया कराने का निर्देश

 प्रशासन की लापरवाही के कारण बेशकीमती सरकारी जमीन और गांवों की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में आखिरकार उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया।

कुंभलगढ़: प्रशासन की लापरवाही के कारण बेशकीमती सरकारी जमीन और गांवों की चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में आखिरकार उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया। क्षेत्र की ग्राम पंचायत आंतरी के राजस्व गांव संदूको का गुड़ा में स्थित 500 बीघा गोचर भूमि पर कुछ लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटवाने के लिए न्यायालय ने कड़ा आदेश दिया।

ग्रामीणों का संघर्ष और अदालत की शरण
संदूको का गुड़ा की इस गोचर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर गांववासियों ने वर्ष 2020 से लगातार शिकायतें की थीं, लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने पंचायत, पंचायत समिति और उपखंड अधिकारी से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। तब, न्याय की उम्मीद में ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

उच्च न्यायालय ने दिया एसडीएम को आदेश
ग्राम वासियों की ओर से वकील ऋतुराज सिंह राठौड़ ने न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें यह बताया गया कि संदूको का गुड़ा की गोचर भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, और इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए 24 फरवरी को कुंभलगढ़ के उपखंड अधिकारी को आदेश दिया कि गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए और इसके लिए पंचायत को पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराया जाए ताकि मौके पर कार्रवाई की जा सके।

अतिक्रमण की रिपोर्ट और कार्रवाई का आग्रह
याचिका में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायत आंतरी की ओर से अतिक्रमियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी गई थी कि गोचर भूमि पर किए जा रहे निर्माण कार्य अवैध हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा, नवंबर 2024 में पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल के अध्यक्ष कलक्टर राजसमंद को भी इस मामले की सूचना दी गई, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

मूल ऑनलाइन लेख: -https://www.patrika.com/rajsamand-news/important-order-of-the-high-court-instructions-to-sdm-to-remove-encroachment-from-pasture-land-and-provide-police-force-19429228

Tuesday, 25 February 2025

चारागाह भूमि पर दबंगों का कब्जा:खानाका गांव में ग्रामीणों ने किया विरोध, एडीएम को सौंपा ज्ञापन


     चारागाह भूमि पर दबंगों का कब्जा हटाने की मांग को लेकर खानाका के ग्रामीणों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन।

करौली के सूरौठ तहसील स्थित खानाका गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। इससे मवेशियों को चराने में परेशानी हो रही है। दबंगों ने खेतों तक जाने के रास्ते भी बंद कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से इस भूमि का उपयोग मवेशियों को चराने और आवाजाही के लिए किया जाता था। दबंगों ने न केवल जमीन पर कब्जा किया है, बल्कि चारागाह क्षेत्र के हरे पेड़ों को भी काट दिया है।

ग्रामीणों ने एडीएम के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि चारागाह भूमि को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/karauli/news/villagers-of-khanaka-submitted-a-memorandum-to-adm-demanding-removal-of-encroachment-of-bullies-on-pasture-land-karauli-134539616.html

Monday, 24 February 2025

रूपवास के चैंकोरा में नहीं बनेगा रीको औद्योगिक क्षेत्र, सरकार ने विधानसभा में किया साफ इनकार

 

विधानसभा संवाददाता भरतपुर। रूपवास तहसील के चैंकोरा गांव में रीको (राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन) औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई है। राजस्थान सरकार ने विधानसभा में एक लिखित जवाब में स्पष्ट रूप से कहा है कि चैंकोरा में औद्योगिक क्षेत्र नहीं बनेगा। राजस्थान विधानसभा में बयाना की विधायक ऋतु बनावत निर्दलीय हैं, लेकिन रीको औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा सवाल विधायक देवी सिंह शेखावत द्वारा पूछा गया था। इस सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि ग्राम चैंकोरा की 11.31 हेक्टेयर चारागाह भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई थी, लेकिन भूमि के वर्तमान उपयोग और सरकारी नियमों के तहत इसे औद्योगिक क्षेत्र में तब्दील नहीं किया जा सकता।

सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के रीजनल प्लान 2021 और राजस्थान सब-रीजनल प्लान 2021 के तहत इस जमीन का भू-उपयोग "प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र" के रूप में दर्शाया गया है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए यहां रीको औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना संभव नहीं है।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी साफ किया कि रीको औद्योगिक क्षेत्र के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया नहीं की गई है। इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर पहले भी चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन सरकार के इस बयान के बाद अब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि चैंकोरा में रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद रूपवास और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने की उम्मीद रखने वाले व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को बड़ा झटका लगा है।

लोगों को उम्मीद थी कि यह औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होने से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब यह संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है। अगर चैंकोरा में रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित होता, तो यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करता, छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को प्रोत्साहित करता और पूरे रूपवास क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देता।

कई व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों ने इस क्षेत्र के विकास की मांग की थी, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस स्थान पर औद्योगिक परियोजना को आगे नहीं बढ़ाएगी। विधानसभा में यह सवाल विधायक देवी सिंह शेखावत द्वारा सरकार से पूछा गया था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या सरकार इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए कोई योजना बना रही है।

इसके जवाब में सरकार ने साफ कहा कि न तो भूमि का अधिग्रहण किया गया है और न ही औद्योगिक उपयोग के लिए इसे बदला जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए कोई वैकल्पिक स्थान खोजा जाएगा? इस पर सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सरकार को नए स्थानों पर विचार करना पड़ सकता है, लेकिन चैंकोरा में ऐसी कोई योजना नहीं है।

भरतपुर जिले के रूपवास तहसील के चैंकोरा गांव में रीको औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की संभावनाओं पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। सरकार ने साफ किया कि इस भूमि का उपयोग औद्योगिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता और यहां रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से जहां स्थानीय निवासियों और उद्यमियों को निराशा हुई है, वहीं औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर अब सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। - खासखबर नेटवर्क

मूल ऑनलाइन लेख -https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-riico-industrial-area-will-not-be-built-in-chankora-of-rupwas-government-clearly-denied-it-in-the-assembly-news-hindi-1-704881-KKN.html

गुरलां में चारागाह पर अवैध पट्टों की जांच की मांग उठी

भीलवाड़ा | गुरलां के ग्रामीणों ने चारागाह भूमि पर अवैध पट्टों की जांच की मांग को लेकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चारागाह भूमि में अवैध पट्टों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की। आरोप लगाया कि कुछ भूमाफिया जबरन अतिक्रमण कर रहे हैं। रामचंद्र सुवालका, प्रभु माली, लक्ष्मण माली और जगदीश माली ने विरोध करने पर झगड़े की स्थिति बना दी।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत गुरला में चारागाह भूमि पर अवैध तरीके से पट्टे जारी किए गए। 2002 में आबादी भूमि में परिवर्तन हुआ। 1975 से 1998 के बीच कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए पट्टे बनवाए। इन पर सचिव और सरपंच की सील तक नहीं लगी। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/demand-for-investigation-of-illegal-leases-on-pastures-in-gurlan-arose-134529592.html

Saturday, 22 February 2025

जिले में कई जगह सरकारी जमीनों पर अतिक्रमियों का बोलबाला, माफियाओं ने चारागाह, ग्रामसभा तालाब और पोखरों पर किया अतिक्रमण

  •  500 हैक्टेयर सरकारी जमीनों पर दबंगों का कब्जा, प्रशासन ने अभियान चला एक महीने में 366 हैक्टेयर भूमि को कराया मुक्त

भास्कर न्यूज | धौलपुर

जिले में अवैध कब्जेदारों का बोलबाला है। भू-मफिया चारागाह, ग्राम सभा, तालाब और पोखरों की सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर रहे है। पिछले दिनों आई शिकायतें के अनुसार करीब 500 हैक्टेयर जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। अधिकांश जमीन चारागाह की है और उसके खेती की जा रही है। पिछले महीने में प्रशासन ने करीब 366 हैक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त कराया है।

प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन शिकायतकर्ता धीमी कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। तहसीलदार और एसडीएम के स्तर से शिकायतों का समय पर निस्तरण नहीं होने से मामले जनसुनवाई में जिला कलक्टर तक पहुंच रहे हैं। बीते गुरुवार को जनसुनवाई में चारागाह भूमि और विभागीय संपत्ति पर कब्जे से जुड़े 6 प्रकरण सामने आए थे।

जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने बताया कि शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन ने चारागाह, ग्राम सभा,तालाब और पोखरों की सरकारी जमीनों से अवैध कब्जेदारों को खदेड़ने के लिए अभियान चला रखा है।

{जिला प्रशासन ने कहां कितनी सरकारी भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त- शाहपुरा 51.16, विचौला 32.1562, परसौदा 16.4890, राधेपुरा 27.6926, सीयपुरा 4.0338, बीलपुर 1.3151, विरजापुरा 2.1874, कृपापुरा 6.2526, सैमरा का पुरा 1.6944, बसई नबाब इंदौली 59.9121, मालोनी पंवार 0.8599, भदियाना 6.9419, बाड़ी पिदावली 62, बदरैठा 09, महदपुरा 05, बटेश्वरकंला 05, सिंगौरई 06, गडरपुरा 09, राजाखेड़ा मढई 1.50, लालपुर 0.50, पुरापतिराम 1.39, भगवानपुर 4.00, बसेड़ी बौरेली 14.00, सलेमपुर 07.00, नादनपुर 07.08, नौनेरा पृथ्वीसिंह 6.42, सरमथुरा दुर्गशी 0.80, चन्द्रावली 0.27, नयागांव 0.18, सैंपऊ कांकौली 10, मढा 07

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/news/in-many-places-in-the-district-encroachers-dominate-government-lands-mafias-encroach-on-pastures-gram-sabha-ponds-and-ponds-134517549.html

केड ग्राम पंचायत की एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि जल्दी ही होगी अतिक्रमण मुक्त


मुख्यमंत्री के आदेश से जिला प्रशासन आया एक्शन मोड़ में

सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर झुंझुनूं के पास 14 दिसम्बर 2022 से दर्ज था प्रकरण

सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने जिला कलेक्टर को दर्ज करवाया था प्रकरण

जिला कलेक्टर द्वारा कार्यवाही को गति दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से दो बार भेंट कर सुभाष कश्यप ने अतिक्रमण मुक्त कार्यवाही बाबत किया था आग्रह

20 फरवरी को कश्यप ने मुख्यमंत्री को पुनः स्मरण पत्र देकर कार्यवाही का किया था आग्रह

21 फरवरी को जिला कलेक्टर झुंझुनूं ने केड ग्राम पंचायत के राजस्व गाँव खटकड़, कीरपुरा, केड व नंगली निर्बाण में प्रशासन को भेज कर सर्वे करवाना आरम्भ किया

अतिक्रमण मुक्त होने के पश्चात चारागाह भूमि को वन्य जीव एवम गौ अभ्यारण्य बनाने की है माँग

झुंझुनूं, झुंझुनूं जिले की गुढ़ागौड़जी तहसील अंतर्गत केड पटवार मण्डल अंतर्गत राजस्व ग्राम खटकड़ की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1166, 1173, 1176,1183, 1184, 1187, 1190,1199,1207/179 व 676, राजस्व ग्राम नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि खसरा संख्या 1228, 1229, 1231, 1238, 1239,1242,1245,1295,1305,1361,1441 राजस्व ग्राम कीरपुरा की चारागाह भूमि खसरा संख्या 562, 568, 569 एवम राजस्व ग्राम केड की चारागाह भूमि खसरा संख्या 550/15 एवम 9 इत्यादि का सर्वे कर अतिक्रमण को चिन्हित करने की कार्यवाही 21 फरवरी शुक्रवार से आरम्भ की गई। सामाजिक कार्यकर्ता एवम भाजपा नेता सुभाष कश्यप ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिनांक 30 जनवरी 2019 को जन हित याचिका संख्या 10819/2018 जगदीश प्रसाद मीणा राजस्थान एवम अन्य में निर्णय पारित कर सार्वजनिक भूमि संरक्षण हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रकोष्ठ गठित कर प्राप्त प्रकरणों में अविलम्ब अतिक्रमण मुक्त करवाने का आदेश दिया है । उक्त निर्णय के आधार पर कश्यप ने अध्यक्ष सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ झुंझुनूं के अध्यक्ष एवम जिला कलेक्टर को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर केड, खटकड़, कीरपुरा व नंगली निर्बाण की चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर उक्त भूमि पर वन्य जीव जंतुओं के संरक्षण हेतु गौ अभ्यारण बनाने की मांग की थी । सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ द्वारा कोई प्रभावी कार्यवाही अमल में न लाने से क्षुब्ध हो कर कश्यप ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 21 नवम्बर 2024 को कार्यवाही करने का आग्रह किया था, मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 25 नवम्बर को अपने आदेश क्रमांक मु.म.-उ स(एमके)/कले.झुन./झुन/24/73165 भेज कर झुंझुनूं जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया था । उक्त आदेश पर शिथिलता के चलते कश्यप ने गुरुवार 20 फ़रवरी को पुनः मुख्यमंत्री से भेंट कर कार्यवाही का आग्रह किया था, सवेंदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए जिला कलेक्टर को कार्यवाही का निर्देश दिया । जिसकी पालना में शुक्रवार को स्थानीय पटवारी, गिरदावर आदि चारागाह भूमि में अतिक्रमणों को चिन्हित कर रहे है।

सामाजिक कार्यकर्ता कश्यप ने अपने पत्र में सरकार को बताया कि एक हजार बीघा से अधिक चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण पशु पक्षियों का आश्रय स्थल छीन गया है, नीलगाय, खरगोश, शियार, जंगली बिल्ली, तीतर, मोर, गौरया, बेसहारा गौवंश, नन्दी, बेसहारा पशु पक्षियों एवम पालतू भेड़, बकरी, ऊँट इत्यादि के लिए उक्त चारागाह भूमि के साथ साथ नदी पेटा एवम राजकीय बंजड भूमि पर अतिक्रमण हो जाने से इन जीव जंतुओं के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है तथा वानिकी एवम पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बिगड़ गया है, असंख्य पशु पक्षियों के लिए भोजन व पानी का संकट खड़ा हो गया है वही पास ही में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में रह रहे एक हजार से अधिक बेसहारा गौवंश के लिए भी भूमि नही रही है । कश्यप ने उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा कर जीव जंतुओं हेतु अभ्यारण बनाने की मांग की है।
मूल ऑनलाइन लेख: - https://shekhawatilive.com/jhunjhunu/more-than-one-thousand-bighas-of-pasture-land-of-ked-gram-panchayat-will-soon-be-free-from-encroachment.html/

Friday, 21 February 2025

प्रशासन ने चारागाह भूमि से हटाया अतिक्रमण:65 बीघा सरकारी जमीन पर उगाई गई फसल को किया नष्ट

 
                                प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

धौलपुर में प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनियां तहसील की ग्राम पंचायत बीलपुर के कृपापुरा गांव में एसडीएम साधना शर्मा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने 65 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

तहसीलदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने का विशेष अभियान चल रहा है। भू-माफियाओं ने चारागाह जमीन पर कब्जा कर सरसों, गेहूं और आलू की फसल लगा रखी थी।

प्रशासन को इसकी शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पहचान की। टीम ने ट्रैक्टर और हल चलाकर अवैध फसल को नष्ट कर दिया। अब इस जमीन की निगरानी स्थानीय पंचायत और हल्का पटवारी को सौंपी गई है।

तहसीलदार तिवारी ने बताया कि पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन किसी ने भी जमीन खाली नहीं की। कार्रवाई के दौरान गिरदावर नितेश शर्मा, पटवारी शबनम खान और पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन का यह अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/news/administration-removed-encroachment-from-pasture-land-134515809.html

Tuesday, 18 February 2025

100 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाया:फसल को जेसीबी और ट्रैक्टरों से किया नष्ट, बटेश्वर कला में कार्रवाई

 
बाड़ी प्रशासन ने बटेश्वर कला गांव में नदी किनारे अवैध रूप से कब्जाई गई चारागाह भूमि को मुक्त करा लिया है। यह कार्रवाई जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद की गई। बाड़ी तहसीलदार उत्तमचंद बंसल के नेतृत्व में कंचनपुर पुलिस और धौलपुर से आए अतिरिक्त पुलिस बल ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रही।












तहसीलदार बंसल ने बताया कि 2 जनवरी को ग्राम पंचायत कुहावनी में हुई जनसुनवाई में ग्रामीणों ने बामनी नदी के किनारे चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। जिला कलेक्टर निधि बीटी के निर्देश पर मौका जांच की गई। राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण चिन्हित किया।

अतिक्रमणकारियों ने इस भूमि पर तारबंदी कर सरसो की फसल बो रखी थी। प्रशासन ने जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से फसल को नष्ट कर दिया। पिछले तीन दिनों से राजस्व विभाग की टीम इस कार्रवाई में जुटी थी। भू अभिलेख निरीक्षक सुनील परमार,खगेश सप्तानुज और कई पटवारियों की टीम ने अतिक्रमण चिन्हित करने का काम किया।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/encroachment-removed-from-100-bigha-pasture-land-134497812.html


Monday, 17 February 2025

भौंडा गांव में अवैध खनन को बंद कराने की मांग, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मिलकर दिया ज्ञापन

 

भरतपुर। वैर थाना क्षेत्र के गांव भौंडा अवैध खनन को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों को ढाई माह से धरना प्रदर्शन जारी है. इसी के चलते धौलपुर सांसद भजन लाल जाटव ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन दिया.जिला प्रशासन के साथ करौली सांसद और ग्रामीणों की एक बैठक हुई.बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि एक कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी.लेकिन ग्रामीणों ने अभी कमेटी की बात को लेकर विचार विमर्श कर जवाब देने को कहा है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक व्यक्ति द्वारा चारागाह भूमि पर कब्जा कर अवैध खनन किया जा रहा है.जिससे ग्रामीणों की फसल नष्ट होने के साथ मकानों में दरारें आ चुकी हैं.

धौलपुर सांसद भजन लाल जाटव ने बताया की वैर इलाके भौंडा गांव में चारागाह भूमि है.जिस पर कुछ लोगों के द्वारा कब्जा कर अवैध खनन किया जा रहा है. लीज पर दिन रात ब्लास्ट किए जाते हैं। जिससे वनक्षेत्र की वाईलट-लाइफ के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। खनन का कमा करने वाले कर्मचारी जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं। खनन की सामग्री को ले जाते उड़ने वाली धूल से किसानों की फसल को नुकसान हो रहा है। खनन की सामग्री ले जाते समय ओवरलोड वाहनों से भारी नुकसान हो रहा है। खनन की वजह से उड़ने वाली धूल से लोगों को सांस की बीमारियां हो रहीं हैं। खनन क्षेत्र में हो रहे धमाकों की वजह से रात के समय में ग्रामीण सो नहीं पाते। .इस अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों के द्वारा ढाई माह से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. लेकिन प्रशासन की ओर से जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन दिया है.

जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने ग्रामीणों के साथ एक बैठक की.जिस बैठक में जिला प्रशासन की ओर से जांच के लिए एक कमेटी का गठन करने की बात कही. जिसमें वन विभाग, खनिज विभाग,प्रदूषण विभाग आदि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे.लेकिन इस कमेटी को लेकर अभी ग्रामीणों ने वार्ता कर सहमति देने की बात कही है. वहीं जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कमेटी बनने तक धरना को स्थगित कर दे इसी बात को लेकर एक ग्रामीण ने कहा कि धरना स्थगित तक अवैध खनन को स्थगित किया जाएगा.

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/bharatpur-news/news-demand-to-stop-illegal-mining-in-bhaunda-village-villagers-met-the-district-collector-and-submitted-a-memorandum-news-hindi-1-703570-KKN.html


मियाड़ा की चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग

 बारां| मियाड़ा निवासी हंसराज यादव ने मियाड़ा तहसील स्थित चारागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में हंसराज यादव ने बताया कि बारां तहसील के मियाड़ा गांव में चरागाह भूमि स्थित है। करीब 25-30 बीघा भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। कब्जा करीब 15 वर्षों से चला आ रहा है। दबंगों ने चारागाह भूमि पर अवैध रूप से एक बोरवेल भी कर रखा है और बिजली कनेक्शन ले रखा है। कब्जा हटाने की मांग को लेकर पूर्व में नायब तहसीलदार उप तहसील कोयला को ज्ञापन दिया था। मामले में कार्रवाई नहीं की गई।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/baran/news/demand-to-remove-encroachment-from-miyadas-pasture-land-134486842.html


Sunday, 16 February 2025

प्रशासन ने सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा:5 हेक्टेयर चारागाह भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, सरसों की फसल को जेसीबी से किया नष्ट

 

बाड़ी के बसई डांग क्षेत्र में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया। तहसीलदार उत्तम चंद बंसल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में करीब 5 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

मामला मेंहदपुरा गांव का है, जहां खसरा नंबर 124, 125, 126, 127 और 128 की चारागाह भूमि पर लाखन पुत्र श्रेया और उसके पुत्र आशीष, अनूप सहित कुछ अन्य लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। आरोपियों ने न केवल भूमि पर चारदीवारी बना ली थी, बल्कि उस पर सरसों की फसल की बुवाई कर दी थी।

ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से मामला सामने आया। जिला कलेक्टर निधि बीटी के निर्देश पर बाड़ी एसडीएम की निगरानी में कार्रवाई की गई। सुबह 10 बजे भू अभिलेख निरीक्षक बिजेंदर गोयल और हरविंदर सिंह के नेतृत्व में पटवारियों की टीम मौके पर पहुंची। बसई डांग थाना पुलिस की मौजूदगी में दोपहर 12 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम तक चली, जिसमें JCB की मदद से अतिक्रमण हटाया गया और आरोपियों को भविष्य में ऐसी कार्रवाई न करने की चेतावनी दी गई।

मूल ऑनलाइन लेख: - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/badi/news/administration-removed-illegal-occupation-from-government-land-134484262.html


Saturday, 15 February 2025

पर्यावरण संरक्षण पर कार्यशाला, चारागाह विकास पर दिया जोर

 

जालोर | जन चेतना संस्थान व एफईएस के तत्वावधान में जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जालोर जिले के आहोर, जालोर, जसवंतपुरा और भीनमाल ब्लॉक में पर्यावरण संरक्षण और चारागाह भूमि के विकास पर चर्चा हुई। संस्थान की निदेशक रिचा यादव ने संस्थान व एफईएस की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गांवों का चयन कर चारागाह विकास और जल संग्रहण पर जोर दिया।

जिला प्रमुख राजेश राणा ने अधिक से अधिक पौधारोपण और चारागाह भूमि के संरक्षण की जरूरत बताई। कार्यशाला में जालोर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष भंवर सिंह बालावत, बीडीओ भीनमाल राजकुमार, बीडीओ पृथ्वीसिंह, एडीओ जालोर दिनेश कुमार गहलोत, सहायक अभियंता कुलवंत कालमा आदि मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jalore/news/workshop-on-environmental-protection-emphasis-on-pasture-development-134477657.html



Wednesday, 12 February 2025

एसीबी ने झालावाड़ में पटवारी को किया गिरफ्तार:चारागाह भूमि का जुर्माना चालू करने के लिए 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

 

मनोहर थाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मनोहरथाना तहसील के पिण्डोला हल्का के पटवारी रामनिवास बैरवा को 4,000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया।

एसीबी महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि शिकायतकर्ता पिछले 10 वर्षों से लगभग 2.5 बीघा चारागाह भूमि पर खेती कर रहा था और नियमित रूप से जुर्माना जमा करवाता था। पिछले दो वर्षों से जुर्माना बंद हो जाने पर जब वह पटवारी से मिला। पटवारी ने जुर्माना चालू करने के लिए 5,000 रुपए की रिश्वत मांगी। इसमें से 1,000 रुपए पहले ही ले चुका था और शेष 4,000 रुपए की मांग कर रहा था।

11 फरवरी को शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन किया। अगले दिन कोटा रेंज के डीआईजी शिवराज मीना के पर्यवेक्षण में और झालावाड़ चौकी के एएसपी जगराम मीना के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/akrela/news/acb-arrested-patwari-in-jhalawar-134461829.html


Saturday, 8 February 2025

चारागाह भूमि में अब नहीं होगा मिट्टी दोहन

भीलवाड़ा | शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के इटमारिया में चारागाह भूमि विकास समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता प्रशासक राधा राजू गाडरी ने की। बैठक देवनारायण मंदिर परिसर में हुई। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी चारागाह से भूमि का दोहन शक्तिपूर्वक रोका जाएगा। चारागाह के विकास की कार्य योजना बनाई जाएगी।

फाउंडेशन फॉर इकोलॉजी सिक्योरिटी भीलवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश कुमार पाराशर ने कहा कि आगामी सभा 9 मार्च को होगी। चारागाह भूमि विकास के लिए सीमांकन, चारागाह भूमि में जल संकलन के लिए एनिकट निर्माण, चारागाह विकास के लिए पौधारोपण, मेड़बंदी व जलस्तर बढ़ाने के लिए नई नाड़ियों का निर्माण किया जाएगा। अंग्रेजी बबूल की सफाई करवा कर अनाधिकृत मिट्टी दोहन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/news/soil-exploitation-will-no-longer-happen-in-pasture-land-134433517.html

Friday, 7 February 2025

शाहपुरा के इटमारिया चारागाह भूमि के विकास के लिए फैसला:अवैध मिट्टी दोहन पर रोक, जल संरक्षण और पौधारोपण की बनी योजना

 

शाहपुरा के इटमारिया ग्राम पंचायत में चारागाह भूमि के समग्र विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रशासक राधा राजू गाडरी की अध्यक्षता में देवनारायण मंदिर परिसर में हुई इस बैठक में चारागाह भूमि के संरक्षण और विकास की व्यापक कार्य योजना पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रशासक ने स्पष्ट किया कि पंचायत समिति क्षेत्र के किसी भी चारागाह से अवैध मिट्टी दोहन को सख्ती से रोका जाएगा। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजी सिक्योरिटी भीलवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी सुरेश कुमार पाराशर ने विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की।

योजना के तहत चारागाह भूमि का सीमांकन किया जाएगा और जल संरक्षण के लिए एनिकट का निर्माण होगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए व्यापक पौधारोपण किया जाएगा। जल स्तर में सुधार के लिए नई नाड़ियों का निर्माण और मेड़बंदी की जाएगी। साथ ही, क्षेत्र से अंग्रेजी बबूल की सफाई भी कराई जाएगी।

अगली बैठक 9 मार्च को आयोजित की जाएगी, जिसमें इन सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। यह पहल न केवल चारागाह भूमि के संरक्षण में मददगार होगी, बल्कि स्थानीय पर्यावरण के संतुलन को भी बनाए रखने में सहायक होगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/shahpura/news/decision-for-the-development-of-itamaria-pasture-land-of-shahpura-134431991.html


Thursday, 6 February 2025

बिजौलिया में चारागाह भूमि से अवैध खनन के आरोप:ग्रामीण बोले- एक महीने से सेंड स्टोन का अवैध खनन हो रहा; खनिज विभाग ने किया निरीक्षण


बिजौलिया के खड़ीपुर खनन क्षेत्र में अवैध सेंड स्टोन खनन का मामला सामने आया है। मांगीलाल जी का झोपड़ा गांव के लोगों ने अवैध खनन को लेकर शिकायत की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चारागाह भूमि में अवैध खनन किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक महीने से इस चारागाह भूमि से अवैध रूप से सेंड स्टोन निकाला जा रहा है। खनिज विभाग के फोरमैन गिरिराज मीणा ने बताया कि इस क्षेत्र के नजदीक सेंड स्टोन खनन की एक वैध लीज है, जिसका सीमांकन पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि चारागाह में अवैध खनन की जानकारी उनके पास नहीं थी।

फोरमैन ने बताया कि पूर्व में लीजधारकों के बीच सीमांकन को लेकर कुछ विवाद हुआ था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद खनिज विभाग ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। विभाग ने आश्वासन दिया है कि अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bhilwara/bijoliya/news/allegations-of-illegal-mining-from-pasture-land-in-bijolia-134424527.html


Wednesday, 5 February 2025

जन-जन को जल, जंगल और जमीन बचाने का संदेश देती प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जलग्रहण यात्रा का भव्य शुभारंभ

खैरथल-तिजारा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (वाटरशेड विकास घटक) के तहत जलग्रहण यात्रा का भव्य शुभारंभ खैरथल-तिजारा जिले में जिला कलक्टर किशोर कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। यह यात्रा वर्षा जल संग्रहण, मिट्टी बचाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। जिला स्तर पर खैरथल-तिजारा में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 2000 ग्रामीणों, विद्यार्थियों, एनएसएस और स्काउट सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जल योद्धा बनने और गांव को जल संकट से मुक्त करने की शपथ, जल संरक्षण और भूमि सुधार में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 कार्यकर्ताओं और भामाशाहों का सम्मान, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी और इब्तिदा संस्था के कृषि तकनीक मॉडल का अवलोकन, राष्ट्रीय स्तर के शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया।
ग्राम नंगली ओझा में जोहड़ जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन किया गया। इसके साथ ही बड़े जोहड़ जीर्णोद्धार कार्य का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जल एवं भूमि संरक्षण पर निबंध और स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। ग्रामवासियों ने चारागाह भूमि में पौधारोपण और जोहड़ में श्रमदान कर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
यात्रा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ
जिला कलक्टर किशोर कुमार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वाटरशेड यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 5 फरवरी 2025 से शुरू होकर 8 अप्रैल 2025 तक चलेगी।
खैरथल-तिजारा जिले की पंचायत समिति तिजारा व मुण्डावर के 34 गांवों में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना संचालित है। योजना के तहत वर्षा जल संग्रहण के लिए एनीकट, अमृत सरोवर, जोहड़, फार्म पोंड और मिट्टी के बांध बनाए जा रहे हैं। भूमि कटाव रोकने और चारागाह विकास के लिए पौधारोपण किया जा रहा है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर शिवपाल जाट, संयुक्त निदेशक जलग्रहण विकास विभाग जयपुर सुशीला यादव, अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह मौथू, अधिशासी अभियंता क्षत्रपाल सहित कई जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
मूल ऑनलाइन लेख - https://jaipurtimes.org/grand-inauguration-of-the-watershed-yatra-of-pradhan-mantri-krishi-sinchai-yojana-giving-the-message-of-saving-water-forest-and-land-to-the-people


Monday, 3 February 2025

ग्रामीणों की जीवन रेखा है चारागाह समितियां मजबूत हों, अतिक्रमण हटे


भास्कर न्यूज| बूंदी

ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कार्यक्रम हुआ। एफईएस और आईटीसी मिशन सुनहरा की ओर से नैनवां रोड स्थित एक निजी रिसॉर्ट में शामलात भूमि की पुनर्स्थापना, चारागाह संरक्षण पर सेमिनार रखी। इसमें ग्रामीण समुदायों का एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यक्रम हुआ।

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) बीआर जाट और पूर्व राजपरिवार के सदस्य वंशवर्धन सिंह मुख्य अतिथि रहे। एफईएस संस्था के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि बीआर जाट ने कहा कि चारागाह ग्रामीणों की जीवन रेखा है और इनके संरक्षण, विकास के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चारागाह विकास समितियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को वर्षभर पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान चारागाह विकास में बेहतर योगदान देने वाली ग्राम पंचायतों हिंडौली की सथूर, पेच की बावड़ी, नैनवां की दुगारी, केशवरायपाटन ब्लॉक से बड़ाखेड़ा, गुढ़ा गांव, बूंदी ब्लॉक से नमाना, अजेता, तालेड़ा ब्लॉक से डाबी, बुधपुरा, गोपालपुरा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों एफईएस संस्था से रीजनल कोऑर्डिनेटर कैलाश शर्मा, द नाहर संस्था बूंदी सचिव संजय खान, पीपल फॉर एनीमल्स संस्था से बिट्ठल सनाढ्य, हेल्प इन रिस्क संस्थान, बूंदी सचिव मनोज कुमार, सदस्य लाइकुद्दीन पठान, युवा सेवा साथी संस्थान प्रदेशाध्यक्ष विकास पांचाल, सदस्य तुलसीराम सैनी, प्रेम समृद्धि फाउंडेशन अध्यक्ष पदम जैन, आईटीसी-एफईएस संस्थान से अनिल जैन, सुरेश वैष्णव, मंजू शर्मा ने भाग लिया।

ग्राम पंचायतों को बेहतर कार्य पर सम्मानित किया

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/bundi/news/pastures-are-the-lifeline-of-the-villagers-committees-should-be-strengthened-encroachment-should-be-removed-134404494.html

25 बीघा चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया:जेसीबी से नष्ट की फसल, कलेक्टर के निर्देश पर भदियाना गांव में हुई कार्रवाई

                                भदियाना गांव में 25 बीघा चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया।

धौलपुर के कौलारी थाना क्षेत्र के भदियाना गांव में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के साथ प्रशासन की टीम ने गांव में पहुंचकर 25 बीघा चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की हैं। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को भविष्य में अतिक्रमण ना करने की चेतावनी दी गई हैं।

कौलारी थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के भदियाना गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जिस शिकायत पर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के निर्देश पर तहसीलदार मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस की टीम को भी बुलाया गया। मौके पर चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण किया हुआ मिला। जिसमें अतिक्रमणकारियों ने फसल बो रखी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को बुलाकर फसल को खुर्द बुर्द कर चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया हैं।

थाना प्रभारी ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले लोगों को भविष्य में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण ना करने की चेतावनी दी गई हैं। भविष्य में अगर फिर से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया गया तो आरोपियों के खिलाफ ठोस रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/dholpur/news/illegal-occupation-removed-from-25-bigha-pasture-land-dholpur-rajasthan-134407947.html

Sunday, 2 February 2025

गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

 गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाय: डीएम

कहा— चारागाह की जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को खाली कराकर हरे चारे की बुवाई करायी जाय

तेजस टूडे ब्यूरो

संदीप सिंह

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में जनपद स्तरीय निराश्रित गोवंश की समीक्षा बैठक हुई जहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 प्रदीप कुमार ने बताया कि जनपद में 59 अस्थायी गौशाला है जिनमें 12397 गोवंश, 6 वृहद गो-संरक्षण केन्द्र जिनमें 1623 गोवंश, 5 कान्हा गौशला जिनमें 1132 गोवंश, 8 कांजी हाउस जिनमें 303 गोवंश संरक्षित किये गये है तथा 5 पंजीकृत गौशाला में 185 गोवंश संरक्षित है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अन्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 2065 के सापेक्ष कुल 2254 गोवंश कृषकों/पशुपालकों को सुपुर्द किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन 4 वृहद संरक्षण केन्द्र क्रमशः अमांवा (विकास खण्ड लालगंज), नरायनपुर (लक्ष्मणपुर), पहाड़पुर (लालगंज) व ढिंगौसी (रामपुर संग्रामगढ़) है जिनमें से अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र का निर्माण पूर्ण हो गया है लेकिन अभी तक हैण्डओवर नहीं हुआ है जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 15 दिन के अन्दर अमांवा वृहद संरक्षण केन्द्र को हैण्डओवर किया जाय तथा अन्य निर्माणाधीन वृहद संरक्षण केन्द्रों को गुणवत्तायुक्त ढंग से पूर्ण कराया जाये।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन तहसील/विकास खण्डों में वृहद गो-संरक्षण केन्द्र का निर्माण नहीं कराया गया है, वह तत्काल भूमि का चिन्हांकन/सीमांकन कराते हुये निर्माण कार्य कराना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित समस्त गांजी हाउस को माडल रूप में विकसित करें। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त तहसीलों/विकास खण्डों/नगर पंचायतों में कैटल कैचर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

बैठक में जिलाधिकारी ने अस्थायी गौशाला, वृहद गो-संरक्षण केन्द्र, कान्हा गौशाला, कांजी हाउस की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक विकास खण्डों में कम से कम 4-4 अस्थायी गोवंश आश्रय होना आवश्यक है जिन ब्लाकों में 4 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल नहीं है, वहां पर अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की संख्या बढ़ायी जाय।

जिलाधिकारी ने कान्हा गौशाला के सम्बन्ध में मुख्य राजस्व अधिकारी से कहा कि जिन नगर पंचायतों में कान्हा गौशाला का निर्माण नहीं कराया गया है, वहां तत्काल भूमि का चिन्हांकन करते हुये कान्हा गौशाला का निर्माण कार्य कराया जाय। निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित/संचालित गोवंश आश्रय स्थलों में मनरेगा योजना द्वारा बायोफेन्सिंग का कार्य पूर्ण कराया जाये। निराश्रित गोवंश की समीक्षा में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग न करने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देशित किया कि अगली बैठक में बिन्दुवार पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित हो। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि जिन चारागाहों की जमीनों पर अतिक्रमण किया गया है, उसे खाली कराने के लिये सम्बन्धित उपजिलाधिकारियों को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार कर चारागाह की जमीनों को खाली करायें तथा वहां पर हरे चारे की बुवाई करायी जाये।

उन्होंने कहा कि चारागाह की जमीनों पर यदि किसी गरीब की झोपड़ी है तो जब तक उसके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था न करा दी जाये तब तक उसे न हटाया जाये इसका विशेष ध्यान दें। जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि चारागाहों की जमीनों के मिट्टी की जांच करायी जाय जिससे पता चल सके कि किस हरे चारे की बुवाई की जा सकती है और उसके अनुरूप ही जई, नेपियर, सरसो आदि की बुवाई करायी जाये। गौशालाओं के लिये जनसहयोग भी लिया जाये जिसके लिये बड़े व्यापारियों, समाजसेवियों की सूची बनाकर उसकी बैठक करायी जाये तथा गाय के महत्व के बारे में बताया जाय।

खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गाइडलाइन के अनुसार अपने क्षेत्र की गौशालाओं का प्रत्येक माह निरीक्षण अवश्य करें। गौशालाओं में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही गोवंशों को संरक्षित किया जाये, क्षमता से अधिक गोवंशों को गो आश्रय स्थलों में न रखा जाये, इस पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन गौशालाओं में गोवंश कम है, वहां पर अधिक गोवंश वाली गौशालाओं से गोवंशों को लाकर रखा जाय। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने कार्यों एवं दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं लगन के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए दयाराम यादव सहित खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://tejastoday.com/cows-should-be-protected-in-cow-sheds-only-as-per-the-prescribed-capacity-dm/


Saturday, 1 February 2025

मंढोली की चारागाह भूमि में खनन पट्‌टा देने की प्रक्रिया शुरू, नियम, ऐसा नहीं कर सकते

  • चारागाह भूमि में पट्‌टे देना कोर्ट की अवहेलना

पर्यावरणविद कैलाश मीणा का कहना है कि खनन विभाग चारागाह भूमि में खनन पट्टे जारी कर कोर्ट के निर्णय की अवहेलना कर रहा है। विभाग ने संबधित ग्राम पंचायतों से एनओसी भी नहीं ली है। अवैध कारोबार के साथ पर्यावरण को नुकसान होगा। मंढोली में मेसेनरी स्टोन का प्लॉट खनन के लिए देने को लेकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंढोली ग्राम पंचायत की प्रशासक विमला देवी ने भी विभाग के एमई को पत्र लिखा है। इसमें आरोप लगाया है कि चारागाह भूमि पंचायत के अधीन आती है। इसकी मंजूरी के बिना पट्टों की नीलामी करना नियम विरूद्ध है।

ई-नीलामी प्रक्रिया को रोका जाए। ग्रामीणों ने भी विरोध में ज्ञापन सौंपा है। जिसमें बताया गया है कि खनन पट्टे वाले क्षेत्र में आबादी और मंदिर भी है। तहसीलदार को भी शिकायत दी है। भास्कर संवाददाता | सीकर खनन विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में खनन पट्टे एवं गैप के आवंटन की खुली ई-नीलामी शुरू की है। इसमें नीमकाथाना के मंढोली के दो खनन पट्टे भी शामिल हैं। बुधवार को मंढोली की चारागाह भूमि में एक खनन पट्‌टे की ई-नीलामी 5.22 लाख रुपए से शुरू हुई जो 9.10 करोड़ पर पूरी हुई। मंढोली में खनन विभाग ने प्लॉट नंबर 59 की नीलामी की। इसका दायरा 2.60 हेक्टेयर है। इसी पंचायत में दूसरे खनन पट्टे की नीलामी 12 फरवरी को होगी। यह पट्टा 2.76 हैक्टेयर क्षेत्र का है। हैरानी तो यह है दोनों ही खनन पट्टे चारागाह भूमि में है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 35 से अधिक जगहों पर चारागाह भूमि में पट्टे आवंटित किए जा रहे हैं। खनन के लिए एनओसी जरूरी : खनन विभाग के रिटायर्ड एमई अनिल गुप्ता के अनुसार खनिज दोहन के लिए चारागाह भूमि में खनन पट्‌टे जारी कर सकते हैं, लेकिन पहले पंचायत की एनओसी लेनी होती है।

हालांकि पट्टों के आवंटन के बाद भी एनओसी ले सकते हैं। इधर, खनिज विभाग की निविदा में बताया है कि कोई प्लॉट की भूमि पूर्ण या आंशिक चारागाह भूमि है, तो बोलीदाता को उस प्लॉट में आने वाली चारागाह भूमि के बराबर खातेदारी भूमि राज्य सरकार के अधीन करनी होगी। विकास शुल्क भी जमा कराना होगा। इसके बाद ही खनन की अनुमति दी जाएगी।

मंढोली की चारागाह भूमि में खनन पट्‌टों का आवंटन किया जा रहा है। इसमें नियमों की पालना की जा रही है। पट्टा आवंटन के बाद पंचायत की एनओसी लेकर ही खनन शुरू कराया जाएगा। एनओसी नहीं मिलने पर आवंटन निरस्त भी हो सकता है। -अशोक वर्मा, एमई नीमकाथाना

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/sikar/news/the-process-of-giving-mining-lease-in-mandholis-pasture-land-has-started-rules-say-this-cannot-be-done-134391580.html