Friday, 13 June 2025

मिट्टी व अभ्रक का अवैध खनन, तहसीलदार ने पकड़े मिट्टी से भरी दो ट्रॉली - मांडल तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन

भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे में स्थित प्रदेश के ए श्रेणी के सबसे बड़े तालाब में मिट्टी के साथ अभ्रक का भी अवैध खनन हो रहा है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान तालाब से अभ्रक निकालने के उपकरण जब्त किए हैं। वही अवैध मिट्टी से भरी दो ट्रेक्टरट्रॉली को भी जब्त कर उन्हें मांडल थाना पुलिस के सुपुर्द किया। इस कार्रवाई से पहले ही सूचना मिलने पर तालाब में मिट्टी खोदने में लगी जेसीबी को हटा दिया गया। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका में गुरुवार के अंक में मांडल तालाब में धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का अवैध दोहन शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार सुमन गुर्जर को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

तहसीलदार सुमन गुर्जर के नेतृत्व में गठित दल ने गुरुवार सुबह भीलवाड़ा मार्ग पर मांडल तालाब से अवैध मिट्टी ले जाते दो ट्रेक्टरट्रॉली को जब्त कर पुलिस को सौपा। अलसुबह कीरखेड़ा मार्ग पर ट्रेक्टर तेज गति से दौड़ रहे थे। प्रशासन की कार्रवाई को देख सब गायब हो गए। नायब तहसीलदार लक्ष्मीलाल शर्मा, गिरदावर दुर्गेश तेली व पटवारी प्रमोद कुमार ने तालाब के पेटा क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी दोहन का मौका निरीक्षण किया। मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला, लेकिन मिट्टी खनन के ताजा निशान मिले हैं।

अभ्रक का भी अवैध खनन

दल को पेटाकास्त क्षेत्र में कई गड्ढे में अभ्रक का खनन भी मिला। प्रशासन के वाहन को देखकर वहां काम कर रहे श्रमिक अपने औजार छोड़ कर भाग निकले। दल ने मौके से गेती, तगारी, पावडा, सरिए, हथोड़े जब्त किए हैं। प्रशासन की टीम के निकलने के कुछ समय बाद ही वहां फिर से खनन शुरू हो गया था।

कलक्टर व एसपी से की थी शिकायत

जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू व पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने गत 28 फरवरी को मांडल थाने में शांति समिति की बैठक ली थी। इसमें लोगों ने मांडल तालाब व चारागाह जमीन से अवैध मिट्टी खनन की शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध खनन करने वालों के हौंसले बुलंद हो रहे थे।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/illegal-mining-of-soil-and-mica-tehsildar-caught-two-trolleys-full-of-soil-19666408

Thursday, 12 June 2025

एक सप्ताह पूर्व दिए थे नोटिस, समझाइश से हटाया अतिक्रमण, प्रशासन की रही अहम भूमिका

  • आमलिया की 37 बीघा चारागाह भूमि को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया

भास्कर न्यूज | मिश्रौली

ग्राम पंचायत के नवीन ग्राम आमलिया में बुधवार को कार्रवाई कर 37 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। वर्षों से इस भूमि पर 14 अतिकर्मियों ने अवैध कब्जे कर रखे थे। इनको हटाने की ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे थे। आखिरकार प्रशासनिक पहल और ग्राम पंचायत की सक्रियता से यह कार्रवाई हुई।

करीब एक सप्ताह पूर्व प्रशासन ने सभी अतिकर्मियों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने पर बुधवार को तहसीलदार अब्दुल हफीज व सरपंच जगमाल सिंह चौहान के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी गई। ग्रामीणों को सार्वजनिक हित समझाते हुए स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित किया गया, जिस पर सभी अतिकर्मी राजी हो गए और अपना कब्जा स्वयं हटा लिया।कार्रवाई के दौरान सावल मशीन की सहायता से भूमि से बचा अतिक्रमण हटाया गया। संपूर्ण चारागाह भूमि की सीमांकन कर खाई खुदवाकर सुरक्षित किया गया। इस मौके पर तहसीलदार, कानूनगो ललित शर्मा, थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह शेखावत, पटवारी मनीषा नागर, सचिव राकेश कुमार पाटीदार और पुलिस जाब्ते के साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। अतिक्रमण हटने के बाद आमलिया खेड़ा के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल देखा गया। सभी ने प्रशासन और पंचायत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भूमि ग्राम मवेशियों के चारे व सामूहिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। वर्षों से लंबित मांग आज पूरी होने से ग्रामीणों में संतोष है।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/jhalawar/bhawani-mandi/news/notices-were-given-a-week-ago-encroachment-was-removed-by-persuasion-administration-played-an-important-role-135216138.html

Saturday, 7 June 2025

चारागाहों पर भू-माफियाओं के कब्जे और नकली घी, खाद, बीज की सीबीआई जांच कराएं : चौधरी

  • अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने जांच के आदेश नहीं देने पर किसान आंदोलन की चेतावनी दी

भास्कर न्यूज |अजमेर

अजमेर डेयरी अध्यक्ष व कांग्रेस नेता रामचंद्र चौधरी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार और जिले के सांसद से जिले में नकली घी, घटिया खाद, जहरीले बीज और चारागाहों पर कब्जे की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच के आदेश नही दिए गए तो प्रदेश में किसान आंदोलन होगा। चौधरी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विकास की जगह भ्रष्टाचार और लापरवाही की गति को तेज किया है। एक इंजन दिल्ली में ठहर गया है और दूसरा जयपुर में उलझ गया है, जनता बीच में पिस रही है।

बाजार में बिक रहा अधिकांश घी न शुद्ध है न सुरक्षित। वनस्पति तेल, सिंथेटिक एसेंस और हानिकारक कैमिकल मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा है जो न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि उन पशुपालकों की मेहनत का भी अपमान है जो दिन-रात मेहनत कर दूध उपलब्ध कराते हैं। चौधरी ने कहा कि किसानों को घटिया और नकली खाद व बीज देकर उनकी उम्मीदों और भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई कंपनियां जैविक खाद के लाइसेंस लेकर नकली उर्वरकों और बीजों का व्यापार कर रही हैं। गेहूं, बाजरा,ज्वार, मक्का, चावल और कपास जैसे बीज तैयार करते समय उनमें चमक लाने के लिए केमिकल मिलाया जाता है लेकिन नतीजा सिर्फ नुकसान होता है। खराब बीजों के कारण फसलों की उत्पादकता घट रही है और मिट्टी की उर्वरता भी समाप्त हो रही है। चौधरी ने कहा कि कई इलाकों की ज़मीन अब बंजर हो चली है जिले के कई चारागाहों की जमीनों को भू-माफिया तारबंदी और निर्माण कर पशुपालकों को उनके पारंपरिक चारे के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और कृषि क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित हो गया है।

उन्होंने अजमेर के सांसद महोदय से आग्रह किया कि वे क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और आमजन की जमीनी सच्चाइयों पर ध्यान दें। उन्हें खुद आगे आकर इन सभी मुद्दों की CBI जांच की सिफारिश करनी चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। यदि समय रहते सरकार ने CBI जांच के आदेश नहीं दिए तो प्रदेश में किसान आंदोलन किया जाएगा।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.bhaskar.com/local/rajasthan/ajmer/news/get-cbi-investigation-done-on-land-mafias-occupation-of-pastures-and-fake-ghee-fertilizers-seeds-chaudhary-135182892.html

Friday, 6 June 2025

वंदे गंगा – जल संरक्षण जन अभियान

111 तुलसी के पौधों का वितरण कर, प्रत्येक व्यक्ति से कि पांच पौधे लगाने की अपील धरती पर जीवन का अस्तित्व जल और हरियाली पर टिका- रामहेत सिंह यादव “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत वृक्षारोपण स्थलों का पत्रकारों ने किया निरीक्षण बंबोरा बावड़ी और नंगली ओझा के चारागाह विकास कार्यों को मिली सराहना

खैरथल-तिजारा, 6 जून। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बंबोरा बावड़ी पर वंदे गंगा – जल संरक्षण जन अभियान द्वितीय दिन भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से आमजन को जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्ति एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए प्रेरित किया गया|

कार्यक्रम की शुरुआत सरोवर जल पूजन से हुई। इसके पश्चात उपस्थित अतिथिगणों ने सरोवर की पाल पर हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण किया। तत्पश्चात विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने जल, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि धरती पर जीवन का अस्तित्व जल और हरियाली पर टिका है। जल केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि यह जीवन का आधार है – एक ऐसा तत्व जिसे हमें श्रद्धा और जिम्मेदारी के साथ सहेजना चाहिए। आज, जब हम जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, तो समय आ गया है कि हम सिर्फ चिंता नहीं, बल्कि ठोस कार्य करें, सरकार द्वारा इस दिशा में पर्यावरण को सहेजने हेतु इस अभियान कि शुरुआत की गई। हमें अपने आसपास के जल स्रोतों को बचाने के लिए संगठित होकर प्रयास करने होंगे – तालाब, कुएँ, नदियाँ और वर्षा जल – हर बूंद की रक्षा करनी होगी। भूजल स्तर को फिर से जीवन देना और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह कार्य सरकार का ही नहीं, हम सबका साझा दायित्व है। उन्होंने सभी से अपील कर कहा कि एक संकल्प लें – कम से कम 5 पौधे अवश्य लगाएं। यह छोटा-सा प्रयास, जब हर व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, तो वह एक बड़ा परिवर्तन लाएगा। उन्होंने विशेष रूप से हमारी माताओं, बहनों और बेटियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस हरित अभियान में अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाएं, क्योंकि प्रकृति से उनका जुड़ाव सबसे गहरा होता है। उन्होंने बताया कि 78 करोड़ की परियोजना के माध्यम से किशनगढ़ बास के 32 गांव को रुंध गिदावड़ा से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।

जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति सदैव जल संरक्षण की रही है। आज की पीढ़ी को पारंपरिक जल स्रोतों की रक्षा कर भविष्य के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने आज हम पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जल पृथ्वी पर सीमित मात्रा में है जिसका हमें सदुपयोग कर भूजल स्तर को बढ़ाने हेतु जल संरक्षण के विभिन्न उपाय करने चाहिए।

इस अवसर पर 111 तुलसी पौधे वितरित किए गए और जल संकल्प शपथ दिलवाई गई। कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा एवं जागरूकता रैली को उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

जिले के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत किए गए वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंबोरा बावड़ी और नंगली ओझा की चारागाह भूमि पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रभावशाली प्रयासों को देखा और सराहा।

*बंबोरा बावड़ी: परंपरा और संरक्षण का सुंदर संगम*
बंबोरा गांव स्थित ऐतिहासिक बावड़ी, जिसका निर्माण मदनलाल गुप्ता के पूर्वज सुंढाराम द्वारा करवाया गया था, आज भी जल संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनी हुई है। यह बावड़ी न केवल ग्रामीणों के लिए टहलने और शांति से समय बिताने का स्थान है, बल्कि जल-संरक्षण की परंपरा को जीवित रखने का प्रतीक भी है। यहां की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने पत्रकारों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

*नंगली ओझा: चारागाह भूमि पर हरियाली से हरित अर्थव्यवस्था की ओर*
नंगली ओझा गांव में चारागाह विकास कार्य के अंतर्गत लगभग 22 बीघा भूमि पर 2500 पौधे लगाए गए। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह क्षेत्र अब पर्यावरणीय संवर्धन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रहा है।

ड्रिप सिंचाई प्रणाली और सोलर ऊर्जा से संचालित चार बोरिंग की मदद से पौधों को नियमित जल आपूर्ति की जा रही है, जिससे अधिकांश पौधे पूरी तरह जीवित हैं और अच्छे से विकसित हो रहे हैं।

पिछले वर्ष इस विकास कार्य से ₹80,000 की आय हुई, जिसे ग्रामीणों ने सरकार के खाते में जमा कराया। भविष्य की योजना के तहत, इस परियोजना से प्रति वर्ष लगभग ₹10 लाख की आय होने की संभावना है, जो ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

यह परियोजनाएं सिर्फ हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक भागीदारी की मिसाल बन रही हैं। “हरियालो राजस्थान” जैसे अभियानों के माध्यम से न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान खोजा जा रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त किया जा रहा है।

मूल ऑनलाइन लेख- https://bastitimes24.in/2025/06/06/vande-ganga-water-conservation-public-campaign/


चारागाह भूमि विकास समिति मिंडोलिया द्वारा पर्यावरण दिवस मनाया

मूल ऑनलाइन लेख - https://bhilwarahalchal.com/shahpur/environment-day-celebrated-by-pasture-land-development-committee-mindoliya-625248

Thursday, 5 June 2025

‘चारागाह भूमि पर अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा, विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैला रहा’, विधायक अर्जुनलाल जीनगर का बयान

विधायक अर्जुनलाल जीनगर (फोटो-@MLAARJUNLALJING)
Kapasan MLA Arjunlal Jinagar: भीलवाड़ा जिले में आकोला बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। उन्होंने भूमि पर अतिक्रमण कतई बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक जीनगर ने कहा, वर्तमान में जो बस स्टैंड के लिए स्वीकृत जमीन को ई-नीलामी के जरिए बेचने की बातें कही जा रही हैं, वह सच्चाई से परे हैं। विधायक जीनगर ने बताया कि आकोला नगर पालिका नवगठित है और यहां अभी कोई बोर्ड नहीं है, केवल प्रशासक नियुक्त है।

'जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती'
उन्होंने कहा कि बिना बोर्ड के गठन के जमीनों को बेचने की प्रक्रिया हो ही नहीं सकती है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रांतियां फैलाने का आरोप लगाया। विधायक जीनगर ने कहा कि चारागाह की भूमि या अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण नहीं बख्शा जाएगा और अतिक्रमियों को बेदखल करने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

मूल ऑनलाइन लेख - https://www.patrika.com/bhilwara-news/encroachment-on-pasture-land-will-not-be-spared-opposition-spreading-misconceptions-mla-arjunlal-jinagar-19647411